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जोगी जाति मामले में हाईकोर्ट में एक और अपील। आदिवासी नेता संत कुमार नेताम ने की हस्तक्षेप अपील। 4 सितंबर को हस्तक्षेप अपील खारिज कर दी गई थी। अब चीफ जस्टिस ने रीडर अपील स्वीकार किया है। ......पढ़े पूरी खबर

A REPORT BY - अजीत मिश्रा

. छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी की मुसीबतें बढ़ने वाली है। दरअसल बिलासपुर हाईकोर्ट में उनके खिलाफ एक और याचिका दाखिल की गई है । इस हस्तक्षेप याचिका को आदिवासी नेता संत कुमार नेताम ने लगाया है। संत कुमार नेताम के वकील सुदीप श्रीवास्तव से मिली जानकारी के अनुसार 4 सितंबर को जस्टिस को कोशी ने इस हस्तक्षेप अपील को खारिज कर दिया था। और इसी आधार पर एक बार फिर चीफ जस्टिस के डीबी बेंच में रीड अपील दायर की गई। जिसे स्वीकार कर लिया गया है । संत कुमार नेताम का कहना है की जोगी के जाति मामले को लेकर बीते 18 सालों से वे संघर्ष कर रहे हैं। और उन्होंने कई शिकायतें की है, इस पूरे मामले में मुख्य शिकायतकर्ता रहे हैं। लिहाजा उनके हस्तक्षेप याचिका को कोर्ट को स्वीकार करना ही था। हस्तक्षेप याचिका को दाखिल करते वक्त उन्होंने तर्क दिया है कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की याचिका में उन्हें पार्टी नहीं बनाया गया तो हो सकता है कि कोर्ट से जीत जाने के बाद उन पर मानहानि का दावा किया जाए वहीं मुख्य शिकायतकर्ता होने की हैसियत से उनका इस मामले की सुनवाई में शामिल होना अधिकार है।

दिल्ली जाने से पहले सीएम भूपेश बघेल ने कहा, विदेश नीति में हम केंद्र सरकार ...पढ़े पूरी खबर

रायपुर– मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले पाक पीएम इमरान खान के कांग्रेस को लेकर UN में दिए भाषण पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, कि देश में हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते रहेंगे, लेकिन देश के बाहर हम सरकार के साथ हैं। दिल्ली दौरे पर मुख्यमंत्री के साथ पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम भी रवाना हुए हैं। उन्होंने हनी ट्रैप मामले में कहा, कि 15 सालों में भाजपा ने शराब और शबाब पर ही ध्यान दिया है, जिसकी वजह से अब छत्तीसगढ़ की बदनामी हो रही है। चित्रकोट उपचुनाव में उम्मीदवार के नाम को लेकर मरकाम ने कहा, कि पार्टी के पास 13 नाम हैं, जो दिल्ली में होने वाली बैठक में तय होंगे।

सोशल मीडिया का दुरुपयोग बहुत खतरनाक, सख्त नियम बनाए सरकार : सुप्रीम कोर्ट

मिडिया रिपोर्ट में अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि तकनीक खासकर सोशल मीडिया का दुरुपयोग खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है और अब सरकार को इसमें दखल देना ही चाहिए। कोर्ट ने केंद्र से कहा कि वह उसे सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर रोक संबंधी दिशा-निर्देश बनाने की समय-सीमा बताए।

छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री नहीं जानते क्या है हनी ट्रैप। ,  देशभर में हनीट्रैप को लेकर बवाल मचा हुआ है। ,  वहीं छत्तीसगढ़ के मंत्री को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसा। ,गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू असक्षम हैं- नेता प्रतिपक्ष। 

A REPORT BY : अजीत मिश्रा

. छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू नही जानते "हनी ट्रैप" क्या होता है।  हनी ट्रैप किस बला का नाम है..?  मंत्री जी को यह भी नहीं पता कि आखिरकार इसके शिकार कौन लोग होते हैं।  इतनी अनभिज्ञता और अज्ञानता को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने मंत्री जी के सामान्य ज्ञान और विवेक पर ही टिप्पणी कर डाली है।  इनकी मानें तो गृह मंत्री के ऐसी अनभिज्ञता और गंभीर विषयों से अनजान होने पर भला क्या कहा जाए... नेता प्रतिपक्ष के नजरों में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू  असक्षम गृह मंत्री हैं।  और इसका यह जीता-जागता प्रमाण है कि,  इन सबसे परे जो कुछ भी छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू जो बोल रहे हैं वो तो और भी  हास्यास्पद है । क्योंकि मंत्रीजी की मानें तो हनीट्रैप उनकी सरकार नहीं करती... इतना ही नहीं , अगर कोई व्यक्तिगत रूप से हनीट्रैप करता है तो भला उनसे मंत्री जी और उनकी सरकार क्या सरोकार...!

लालगढ के लाल लड़ाकों को चुनोती देकर शांतिपूर्ण मतदान सम्पन्न - दंतेवाड़ा

Danteshwar kumar ( chintu)

दंतेवाड़ा: बस्तर लोकसभा के दंतेवाड़ा में आज उपचुनाव शांति पूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। कांग्रेस प्रत्याशी देवती कर्मा ने पहले माँ दंतेश्वरी के मंदिर में आशीर्वाद लिया उसके बाद मतदान करने के लिए ग्रह ग्राम फरसपाल रवाना हुई। इसी बीच भाजपा प्रत्याशी ओजस्वी मंडावी ने मंदिर पहुंचकर आशीर्वाद लिया व ग्रह ग्राम गदापाल में उन्होंने अपना मतदान किया। । दन्तेवाड़ा जिले भर में 273 मतदानकेन्द्रों में से 157 अतिसंवेदनशील केंद्र, 85 सवेंदनशील ओर 31 सामान्य केंद्र बनाया गया था। दन्तेवाड़ा विधानसभा उपचुनाव को सफल बनाने तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। लगभग 65 कंपनियों के 15 हजार जवान दन्तेवाड़ा में तैनात किए गए है। वहीं दन्तेवाड़ा sp डॉ अभिषेक पल्लव के निर्देशन में 5 asp , 25 dsp की टीम भी तैनात की गई है। चप्पे चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात है। संदिग्धों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। साथ ही ड्रोन से भी अलग अलग क्षेत्रो में निगरानी रखी जा रही है। इस तरह से दन्तेवाड़ा विधानसभा उपचुनाव को सफल बनाने धरती से लेकर आसमान तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है। मतदान केंद्र क्रमांक 4- चेरपाल , मतदान केंद्र क्रमांक 6- पाहुरनार के मतदाता इंद्रावती नदी पार करके छिंदनार में स्थापित किए गए मतदान केंद्र में मतदान करने पहुंचे। गीदम ब्लॉक के मासोरी पोलिंग बूथ में इस बार भी अपना रिकॉर्ड कायम रखा, 2018 चुनाव में दंतेवाड़ा विधानसभा में सबसे अधिक 100 % मतदान होने वाला केंद मासोरी है, इस चुनाव में भी 2.30 बजे तक 97 % मतदान पूर्ण हो चुके हैं। मतदान दल की वोटिंग के साथ इस बार भी 100 प्रतिशत मतदान होने की संभावना।उपचुनाव के मद्देनज़र दहशत फैलाने के मंसूबे से नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी को सुरक्षा बलों ने बरामद कर डिफ्यूज कर दिया है । मिली जानकारी के मुताबिक कटेकल्याण थाना क्षेत्र के अंतर्गत परचेली मार्ग पर यह आइईडी लगाया गया था ।साथ ही जानकारी मिल रही है कि आस पास के जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी होने का अंदेशा लगाया जा रहा है । फिलहाल किसी भी अप्रिय घटना की खबर नही आयी है और शांतिपूर्ण मतदान करवाया । कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान के बाद खबर लिखे जाने तक 54 दलों की वापसी हो चुकी व 59% तक मतदान का रुझान बताया गया है बाकी दलों की वापसी के बाद ओर भी रुझान बढ़ सकता है ।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में रेल परियोजनाओं और कोल ब्लॉक से पर्यावरण को होने वाली क्षति, जन जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों के संबंध में 15 दिनों में सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश

रायपुर, 23 सितंबर 2019 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रदेश और राज्य के लोगों का हित छत्तीसगढ़ सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ मंे रेल परियोजनाओं और यात्री सुविधाओं की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि इन रेल परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ को और यहां के लोगों को क्या लाभ मिलेगा। लोगों को क्या यात्री परिवहन की सुविधा भी मिलेगी। कितने लोगों को रोजगार मिलेगा। बैठक में छत्तीसगढ़ में प्रस्तावित विभिन्न रेल परियोजनाओं पर दिए जा रहे प्रस्तुतिकरण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश की कोयला खदानों में उत्पादित होने वाले कोयले के परिवहन के लिए मुख्य रूप से इन रेल परियोजनाओं को प्रारंभ किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य रूप से कोयले की रायल्टी राज्य को प्राप्त होगी। विकसित होने वाले कोल ब्लाकों से कोयला गुजरात, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों को भेजा जाएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा कोयला हमारे छत्तीसगढ़ के उद्योगों को नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण अनेक उद्योग बंद हो गए हैं। हमारे कोयले से दूसरे राज्यों में उद्योग चलेंगे और हो सकता है हमें फिर अपना ही कोयला खरीदना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयला खदाने घने जंगलों के बीच स्थित हैं कोल ब्लॉक विकसित करने के लिए जंगल उजड़ेंगे। खदानों और रेल लाईन बनने से लोग भी विस्थापित होंगे। पर्यावरण को बड़ा नुकसान पहंुचेगा। इसकी तुलना में रायल्टी काफी कम मिलेगी। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि इन रेल परियोजनाओं और कोल ब्लॉक विकसित करने से पर्यावरण को होने वाली क्षति, जन जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों, रोजगार के अवसरों, छत्तीसगढ़ को होने वाले लाभ और जनता के हित के बारे में अगले 15 दिनों में अधिकारियों की टीम बनाकर सर्वेक्षण किया जाए और एजेंडा तय कर बैठक आयोजित की जाए। बैठक मंे ईस्ट रेल कारिडोर, ईस्ट वेस्ट रेल कारिडोर, दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना, डोंगरगढ़-खैरागढ़-कवर्धा-मुंगेली-तखतपुर-रतनपुर-बेलतरा-कटघोरा रेल लाईन और खरसिया-नया रायपुर-दुर्ग रेल परियोजनाओं पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे छत्तीसगढ़ के हितों का ध्यान रखें। प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग प्रदेश के विकास और स्थानीय लोगों के हित में सुनिश्चित किया जाए। बैठक मंे कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रवीन्द्र चौबे, आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल, मुख्य सचिव सुनील कुजूर, अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी सहित रेल, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम, छत्तीसगढ़ रेलवे कार्पोरेशन लिमिटेड और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 2 हजार करोड़ रूपए की 2 परियोजनाओं में पूंजी निवेश के लिए श्रीसीमेंट लिमिटेड कम्पनी और आर.आर. इस्पात कम्पनी ने राज्य सरकार के साथ किया एम.ओ.यू. लगभग 550 लोगों को मिलेगा रोजगार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज यहां उनके निवास कार्यालय में आयोजित राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड की बैठक में सीमेंट और फेब्रिकेटेड स्टील उत्पाद तैयार करने की दो परियोजनाओं में लगभग दो हजार करोड़ रूपए के पूंजी निवेश के दो एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए गए। इससे 550 लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार के साथ श्रीसीमेंट लिमिटेड कम्पनी तथा आर.आर. इस्पात कम्पनी ने एम.ओ.यू. किए। मुख्यमंत्री ने दोनों कम्पनियों के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए उम्मीद जतायी कि जल्द ही इन परियोजनाओं में उत्पादन शुरू होगा और लोगों को रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कम्पनियों के पदाधिकारियों से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इनमें से छत्तीसगढ़ सरकार और श्रीसीमेंट लिमिटेड कम्पनी के मध्य दो हजार करोड़ रूपए के निवेश के लिए एम.ओ.यू. किया गया। इससे लगभग 450 लोगों को रोजगार मिलेगा। इस एम.ओ.यू. के तहत श्रीसीमेंट कम्पनी की परियोजना द्वारा 8.3 मीट्रिक टन क्लिंकर, 13.5 मीट्रिक टन सीमेंट का उत्पादन किया जाएगा। इस परियोजना में 170 मेगावाट क्षमता का केप्टिव पावर प्लांट लगाया जाएगा। यह प्रस्तावित परियोजना बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील के ग्राम खपरीडीह में लगायी जाएगी। इसके लिए 400 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी, जो कम्पनी के पास उपलब्ध है। कम्पनी के पदाधिकारियों ने बताया कि लगभग डेढ़ से दो साल में इस परियोजना में उत्पाद शुरू हो जाएगा। दूसरा एम.ओ.यू. छत्तीसगढ़ सरकार और आर.आर. इस्पात कम्पनी के मध्य किया गया। इस परियोजना में लगभग 19 करोड़ 85 लाख रूपए का पूंजी निवेश किया जाएगा। इससे 100 लोगों को रोजगार मिलेगा । यह परियोजना रायपुर जिले के उरला औद्योगिक क्षेत्र के अछोली गांव में लगायी जाएगी। इस परियोजना के लिए 6.75 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता पड़ेगी, जो कम्पनी के पास उपलब्ध है। इस परियोजना में रेलवे ब्रिज के लिए स्टील स्ट्रक्चर, बिजली के खंभे जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। कम्पनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि लगभग एक साल की अवधि में उत्पाद शुरू हो जाएगा। राज्य शासन की ओर से इन एम.ओ.यू. पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रमुख सचिव मनोज कुमार पिंगुआ ने हस्ताक्षर किए। श्रीसीमेंट के साथ किए गए एम.ओ.यू. पर कम्पनी की ओर से रवि तिवारी ने और आर.आर. इस्पात कम्पनी के साथ किए गए एम.ओ.यू. पर श्री दिनेश अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजूर, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव द्विवेदी सहित संबंधित कम्पनियों के पदाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

राजनांदगांव : संस्कारधानी बना सेक्स रैकेट का अड्डा यहाँ के होटलों व लॉज में सैक्स रैकेट की लगातार शिकायत

राजनांदगांव-- संस्कारधानी के होटलों व लॉज में इन दिनों कई अनैतिक धंधा,सैक्स रैकेट चलने की लगातार शिकायत सामने आ रही है। होटल संचालकों द्वारा बेखौफ होकर प्रेमी जोड़ों को कमरा उपलब्ध करा कर गैर कानूनी काम कराया जा रहा है वहीं आज मुखबीर से सूचना मिली कि पुराना बस स्टैंड स्थित सुरेश लॉज में देह व्यापार चल रहा है पुलिस छापामार कार्रवाई करने सुरेश लॉज के कमरों में दबिश दी तो चौंकाने वाले नजारे सामने आए पुलिस ने लॉज से 3 युवक व 4 युवतियों को संदिग्ध अवस्था में दबोचा। पुलिस आरोपियों के खिलाफ पीटा एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में जुटी है। राजनांदगांव कोतवाली पुलिस को आज सूचना मिली थी कि शहर के पुराना बस स्टैंड स्थित सुरेश लॉज में जिस्मफरोशी का कारोबार किया जा रहा है सूचना पर कोतवाली पुलिस ने एक टीम बनाकर लाज में दबिश दी इस दौरान तीन युवक और चार युवती संदिग्ध हालत में मिले..पूछताछ करने पर लॉज संचालक के द्वारा उचित जवाब नहीं देने पर संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई पुलिस ने इस मामले में लॉज संचालक सहित 4 युवक और 4 युवती के खिलाफ पीटा एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है..कोतवाली पुलिस की गिरफ्त में आयी युवती राजनांदगांव की है तो कोई युवक राजनांदगांव जिले से बाहर जिले से हैं ऐसे में यहां एक बड़ा सेक्स रैकेट चलाए जाने का खुलासा भी हो सकता है राजनंदगांव पुलिस ने आज जिस क्षेत्र में छापामार कार्रवाई कर संदिग्ध अवस्था में युवक-युवती को पकड़ा है वहां लगभग 2 माह पूर्व भी पुलिस ने सोनु लाज, कैलाश लाज एवं चंद्रा लाज में दबिश देकर संदिग्ध 12 जोड़ों को जिस्मफरोशी के मामले में पकड़ा था अब एक बार फिर इस लाज में इसी तरह का क्रियाकलाप सामने आया है अब जरूरत है तो ऐसे लाज संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की।

के.एस.के. पावर लिमिटेड के बंद होने के लिये मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियां जिम्मेदार - छतीसगढ़ कांग्रेस

रायपुर/19 सितंबर 2019। छत्तीसगढ़ के के.एस.के. पावर प्लांट के बंद होने के लिये कांग्रेस ने केन्द्र की मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि के.एस.के. पावर प्लांट का बंद होना, पिछली राज्य सरकार और केन्द्र की मोदी सरकार की गलत नीतियों का परिणाम है। के.एस.के. पावर प्लांट के बंद होने की घटना को राज्य की कांग्रेस सरकार ने पूरी गंभीरता से लिया है। कांग्रेस सरकार के.एस.के. पावर प्लांट के बंद होने से प्रभावित 10,000 परिवारों की रोजी-रोटी ने छिने यह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से काम कर रही है। के.एस.के. पावर प्लांट में हो रहे बिजली उत्पादन की भी क्षति न केवल राज्य बल्कि देश की भी क्षति है। मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों के परिणामस्वरूप देश में जो औद्योगिक वातावरण है, चारों तरफ मंदी है, जीडीपी गिर रहा है इसीलिये के.एस.के. पावर प्लांट बंद हुये है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने केन्द्र सरकार की कोयला नीति और पावर परचेस एग्रीमेंट की नीतियां को के.एस.के. पावर प्लांट के बंद होने के लिये उत्तरदायी ठहराते हुये कहा है कि के.एस.के. पावर प्लांट को षड़यंत्र करके अडानी ग्रुप को बेचने का आरोप लगाया। के.एस.के. पॉवर प्लांट वही प्लांट है जिसके लिये रमन सिंह ने खेती के सिंचाई के लिये काम आ रहा एक पूरा जिंदा बांध (रोगदा बांध) समाप्त करके प्लांट लगाने के लिए दिया था। पूर्व की रमन सरकार ने तिल्दा के पेन्ड्रावन जलाशय क्षेत्र में निजी सिमेंट कंपनी अल्ट्राटेक को माईनिंग की अनुमति दिये जाने की कोशिश की थी, जिसका कांग्रेस ने और किसानों ने डटकर विरोध किया था। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि देश की आर्थिक हालात खराब है। मंदी की मार से सभी उद्योग व्यवसाय प्रभावित हो रहे है। देश की जीडीपी 5 प्रतिशत पर पहुंच गयी है। आर्थिक प्रगति नहीं हो पा रही है। बैंकों के एनपीए बढ़ती जा रही है। आटो मोबाईल सेक्टर, टेक्सटाईल सेक्टर, पारले बिस्कुट जैसे कंपनियां बंद हो चुकी है। देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पिछले 5 वर्षो में निजी निवेश में तेजी से गिरावट आई है। आंकड़े बताते है कि यह संकट केवल वित्तीय संकट भर नहीं और इसकी जड़ें कहीं ज्यादा गहरी है। मोदी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर देश को आर्थिक मोर्चे पर लगातार बुरी खबरें मिल रही है। औद्योगिक उत्पादन कम हो गया है। देश की जीडीपी में गिरावट आई है। रुपए की कीमत नीचे गिरी है। अब एक और बुरी खबर सामने आई है, पिछले 5 साल में भारतीय परिवारों का कार्य दोगुना हो गया है और इस दौरान शुद्ध देनदारी 58 फीसदी बढ़कर 7.4 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई है। पहले साल 2017 में यह बढ़ोतरी महज 22 फ़ीसदी रही थी। ये आंकड़े देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया रिसर्च के अध्ययन में सामने आए हैं। 5 साल में परिवारों का खर्च दोगुना हुआ है जबकि इस दौरान खर्च करने वाली आमदनी महज डेढ़ गुना बढ़ी है। इसका नतीजा हुआ है कि देश का कुल बचत में 4 फ़ीसदी की बड़ी गिरावट आई है और यह 4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 34.6 किसी से गिरकर 30.5 फीसदी पर सिमट गई है। एसबीआई की ओर से साफ कर दिया कि केवल ब्याज की दर कम कर देने से काम चलने वाला नहीं है। अब मोदी सरकार को आर्थिक मोर्चे पर बड़े फैसले लेने ही होंगे। सरकार को ग्रामीण क्षेत्र में खर्चों को बढ़ाने के लिए उपाय करने होंगे। सरकार ने किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए जिस योजना को शुरू किया था उसका लाभ आधे किसानों को ही मिल पा रहा है।

मंतूराम का बड़ा खुलासा-अंतागढ़ में नाम वापिस लेने एनकाउंटर की धमकी दी गई,...कहा .....पढ़े पूरी खबर

मंतूराम का बड़ा खुलासा-अंतागढ़ में नाम वापिस लेने एनकाउंटर की धमकी दी गई, छह और प्रत्याशियों ने भाजपा के प्रेशर में नामंकन लिया था वापिस, रमन, जोगी, मूणत और अमन सिंह के खिलाफ थाने में रिपोर्ट रायपुर, 19 सितंबर 2019। अंतागढ़ टेप कांड में मंतूराम पवार ने आज बड़ा खुलासा करते हुए आरोप लगाया कि अंतागढ़ चुनाव से नाम वापिस लेने के लिए मुझे एनकाउंटर करने की धमकी दी गई। कहा गया कि तुम कभी भी दुर्घटना के शिकार हो जाओगे। मंतूराम ने कहा कि मेरा परिवार गांव में रहता है। लिहाजा, भयवश मैं अपना नामंकन वापिस ले लिया था। मंतूराम अपने साथ उन छह प्रत्याशियों को लेकर रायपुर प्रेस क्लब पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि धमकी में नाम वापिस लेने वाला सिर्फ मैं ही नहीं था, ये सभी छह लोग भी रमन सरकार के दबाव में नामंकन वापिस लिया था। नाम वापिस लिए प्रत्याशियों में उन्होंने देवनाथ, भीम सिंह उसेंडी, भोजराज नाग, महादेव उसेंडी, समंदर नेताम और चुरेद्र कुमार का नाम गिनाया। मंतूराम ने आरोप लगाया कि अंतागढ़ कांड में रमन सिंह के साथ अजीत जोगी और अमित जोगी का हाथ था। दोनों ने मिलकर षडयंत्र रचा। अजीत जोगी के चलते ही बीजेपी तीन बार सरकार बनाने में कामयाब हो गई। मंतूराम ने रमन सिंह पर आरोप लगाया कि उन्हें टिकिट देने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, उन्होंने न विधानसभा का टिकिट मिला और न लोकसभा का। मुझे रमन सिंह ने बुरी तरह ठग लिया। मंतूराम ने कहा कि मुझे अंतागढ़ कांड में मोहरा बनाया गया। बीजेपी ने मेरा अपमान किया। पहले पैसों का लालच दिया गया। बाद में जान से मारने की धमकी दी जाने लगी। मंतूराम ने कहा कि मैं आज भी दबाव में हूं। अजीत जोगी और रमन सिंह ने मुझे इस कांड में मुझे फंसा दिया। मंतूराम ने बताया कि इन छह प्रत्याशियों को एक-एक करोड़ दिया जाएगा। लेकिन, किसी को पचास मिला, किसी को 40 हजार मिला। सभी छह प्रत्याशियों ने मजिस्ट्रेट के सामने 164 के तहत बयान दर्ज करा दिए हैं। इनमें रमन सिंह, अजीत जोगी, अमन सिंह और राजेश मूणत का नाम से धमतरी थाने में शिकायत भी की गई है। मंतूराम ने कहा कि रमन सिंह ने मेरे साथ, आदिवासियों के साथ घोखा किया है। इसलिए दंतेवाड़ा की जनता से अपील करता हूं कि वह बीजेपी को परास्त करें।

बिलासपुर नगर सैनिकों ने खोला मोर्चा ,वेतन विसंगति के लिए उठाई आवाज ,हाईकोर्ट में किया मामला दाखिल ,कोर्ट ने शासन को दिया नोटिस

A REPORT BY - अजीत मिश्रा

0 हाई कोर्ट में 4 सप्ताह बाद होगी सुनवाई।

0 वित्त विभाग, डिजी और गृह सचिव को नोटिस।

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नगर सैनिकों ने शासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वेतन विसंगति और मूल विभाग में संविलियन जैसी मांग को लेकर नगर सैनिकों ने आखिरकार बिलासपुर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इस पर कोर्ट ने वित्त विभाग, डीजी पुलिस और छत्तीसगढ़ शासन को नोटिस भी दे दिया है। कोर्ट ने 4 सप्ताह बाद इस मामले में सुनवाई करने की व्यवस्था दी है । वही अपनी उपेक्षा और विभाग के आलाअधिकारियों से निराश इन नगर सैनिकों ने इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। यही कारण है कि उन्होंने ज्ञापन और प्रदर्शन जैसे रास्तों को ना अपनाते हुए, सीधे हाईकोर्ट से न्याय की गुहार लगाई है। याचिकाकर्ता परमेश्वर की मानें तो उन्हें उम्मीद है कि मध्य प्रदेश के तर्ज में जल्दी छत्तीसगढ़ में भी उन्हें मूल विभाग में सम्मिलित कर लिया जाएगा साथ ही वेतन विसंगति और दूसरी तमाम मांगे भी पूरी हो जाएंगे। इस बीच में नगर सैनिक बड़ी संख्या में कोर्ट परिसर में मौजूद रहे जिससे काफी समय तक कोर्ट परिसर में गहमागहमी का माहौल बना रहा इतनी ज्यादा संख्या में नगर सैनिक हो के कोर्ट परिसर में मौजूद होना यह साबित करता है कि वह शासन की नीतियों और अपनी अपेक्षाओं से कितने ज्यादा परेशान है।

नगर पालिका की आरक्षण प्रक्रिया पूरी, देखिए पूरी लिस्ट

पिछड़ा वर्ग महिला के लिए खैरागढ़, आरंग, तखतपुर, सरायपाली, भाटापारा (महिला) के लिए आरक्षित

अकलतरा नगर पालिका अनुसूचित जाति पुरुष।

रायपुर– नगर निगम के बाद अब नगर पालिकाओं के लिए भी आरक्षण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। प्रदेश के 44 नगर पालिकाओं में अनुसूचित जाति के लिए छह, अनुसूचित जनजाति के लिए पांच और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 11 नगर पालिका आरक्षित रखे गए हैं, वहीं 21 नगर पालिका में अध्यक्ष का पद अनारक्षित रखा गया है।


महासमुंद, तिल्दा-नेवरा, गोबरा नवापारा, गरियाबंद, बलौदा बाजार, खरसिया, चांपा, सक्ती, कटघोरा, सूरजपुर, मनेंद्रगढ़ और बैकुंठपुर सहित खरसिया, कांकेर, बेमेतरा, सक्ती, बैकुंठपुर और तिल्दा-नेवरा महिला के लिए आरक्षित रखा गया है। अनुसूचित जाति-इनमें से बागबहरा और सारंगढ़ को महिला के लिए आरक्षित रखा गया है।

अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित नगर पालिकाओं में नारायणपुर, दंतेवाड़ा शामिल हैं। इनमें से नारायणपुर और दंतेवाड़ा नगरपालिका को महिला के लिए आरक्षित रखे गए हैं। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए बड़े बचेली (महिला), कोंडागांव (महिला), खैरागढ़, आरंग, तखतपुर, शिवपुर चरचा, सरायपाली, भाटापारा महिला, अहिवारा, दीपिका (महिला) के लिए आरक्षित है।

BBN24 : ब्रेकिंग- रायपुर बिलासपुर समेत 6 निगम सामान्य वर्ग तो कोरबा, धमतरी, राजनांदगांव के लिए आरक्षित रायपुर बिलासपुर समेत 6 निगम सामान्य वर्ग तो कोरबा, धमतरी, राजनांदगांव के लिए आरक्षित

रायपुर– रायपुर, जगदलपुर, बिलासपुर सहित 6 निगमों के महापौर का पद सामान्य वर्ग के खाते में, राजनांदगांव, कोरबा और धमतरी ओबीसी के लिए आरक्षित। प्रदेश के कुल 13 नगर निगमों से सिर्फ दो सीटें अनुसूचित जाति और एक अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। रायपुर (अनारक्षित) जगदलपुर (अनारक्षित महिला) बिलासपुर (अनारक्षित) भिलाई (अनारक्षित) चिरमिरी (अनारक्षित महिला) दुर्ग (अनारक्षित) भिलाई चरौदा (अनुसूचित जाति) रायगढ़ (अनुसूचित जाति महिला) अंबिकापुर (अनुसूचित जनजाति) धमतरी (अन्य पिछड़ा वर्ग) राजनांदगाँव (अन्य पिछड़ा वर्ग महिला) कोरबा (अन्य पिछड़ा वर्ग) छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।नगरीय निकायों में महापौर और अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण बुधवार को तय हुआ। पहले नगर निगम के महापौर का आरक्षण तय हुआ, इसके बाद नगर पालिका और नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण की प्रक्रिया होगी। प्रदेश में कुल 13 नगर निगमों में से 10 में आगामी नवंबर दिसंबर माह में चुनाव होने की संभावना है। इसके तहत ही कवायद शुरू कर दी गई है।

बिलासपुर : एचआईवी पीड़ितों को किया बेघर ,विभाग ने खारिज की संस्था की मान्यता

A REPORT BY : अजीत मिश्रा  

0 15  hiv पीड़ित बच्चों को बाल संप्रेषण भेजा जाएगा? 

0  पीड़ितों ने कलेक्टर से लगाई गुहार।

0  खुद के आशियाना को बचाने की फरियाद की। 

0 संस्था के संचालक ने लगाए गंभीर आरोप ।

0 कहां-कमीशन खोरी के चक्कर में रद्द की मान्यता। 

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में संचालित "अपना घर" नाम की संस्था की मान्यता रद्द कर दी गई है।  यह वह संस्था है जहां एचआईवी पीड़ित 15 बच्चियां रहती हैं।  अब इन बच्चों को महिला बाल विकास के माध्यम से बाल संप्रेषण गृह भेजा जा रहा है । जिसका संस्था के संचालक और बच्चों का विरोध किया है।  1 से 17 वर्ष की इन बच्चियों को एचआईवी के अलावा और भी कई गंभीर बीमारियां हैं। ये बच्चियां मिर्गी, टीवी, सिफलिस और मंदबुद्धि जैसी समस्या से ग्रसित है । इतना ही नहीं उनके पास केवल अगले 2 दिनों के लिए दवाइयां उपलब्ध है। एचआईवी और ट्यूबरक्लोसिस की दवाई में अगर बीच में रोक दी जाए तो बच्चों की सेहत गंभीर हो सकती है। ऐसे में संस्था के संचालक संजीव ठाकुर ने अधिकारियों का कमीशन खोरी का आरोप लगाया है।  वहीं इनकी मानें तो उन्होंने संस्था के बेहतर संचालन के लिये एक प्रपोजल सरकार को दिया था।  जो तकरीबन 58 लाख रुपए का था । जिसका 30% बतौर कमीशन सरकारी अधिकारी मांग रहे थे। संचालक के इन आरोपों के उलटे विभागीय अधिकारी सुरेश सिंह ने  स्पष्ट किया कि जो भी कार्रवाई उन पर हुई है।  वह पूरी तरह नियम और कायदे कानून को ध्यान पर रखकर की गई है । ऐसे में इस तरह के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठे हैं।  

वाद- विवाद और आरोप प्रत्यारोप से दिगर एचआईवी पीड़ित इन बच्चों ने जिला कलेक्टर और दंडाधिकारी के सामने खड़े होकर अपनी फरियाद सुनाई है । इनकी मांग है कि , इन बच्चों को जहां वह पहले रह रहे थे।  वही रहने दिया जाए । वही समाजिक संगठन भी अब इन बच्चों क साथ मदद के लिए सामने आ रही हैं। 

गौरतलब है कि सभी बच्चे स्कूलों की पढ़ाई करते हैं इनकी मेडिकल स्थिति ऐसी नहीं है कि इन्हें किसी बाल संप्रेषण की में रखी जाए लिहाजा जिला प्रशासन और उनके अधिकारियों ने फिलहाल संस्थान और उनके इन फरियादी बच्चों को थोड़ी राहत दी है और अब यह अपने परीक्षा समाप्त होने तक अपने पुराने संस्थान में रह सकते हैं।

दवा व्यापारी की दंबगई ,पत्रकार को धमकी, धड़ल्ले से चल रहा ज़िले में अवैध तरीके से दवा कारोबार,अधिकारियो की पर उठ रहे सवाल

छत्तीसगढ़ (कोंडागांव) शैलेश गुप्ता । कोंडागांव ज़िला मुख्यालय में कांग्रेस भवन के सामने संचालित अरिहंत मेडिकल कोंडागांव से ग्राम कोकोड़ी के स्थानीय चिकित्सक ने बताया हैकि वे इन दवा दुकानों से हमेशा खरीदतें हैं। औषधी भण्डारण व वितरण नियमानुसार किसी डिग्रीधारक की उपस्थिति में ही दवाओं का कारोबार करने का नियम है। परंतु कोंडागांव ज़िला मुख्यालय में प्रसाशन के नाक के नीचे दूसरे किसी के नाम के लाइसेंस का इस्तेमाल कर धड़ल्ले से थोक दवा कारोबार करने का मामला सामने आया है। अरिहंत मेडिकल स्टोर्स से ले सप्लाई हेतु ले जाये जा रहै दवाओं को पुलिस ने अपने क़ब्जे में लेने के बाद ज़िला औषधी निरीक्षक सुखचैन धुर्वे को भी कोतवाली तलब किया था। वहीं इस पूरे मामलें में औषधी निरीक्षक की मिलीभगत से इंकार नही नही किया जा सकता। औषधी निरीक्षक स्वयं को व्यस्त बताते रहे परंतु शाम ढ़लते ढ़लते आखिर वे कोतवाली पहुंचे और जिसके बाद पूरे मामले में खाना पूर्ति करते नजर आए। इस घटना से यह बात सामने आई हैकि औषधी विभाग ने इन मेडिकल दुकानों को चिल्हर विक्रय लाइसेंस जारी किया है परंतु ज़िला मुख्यालय में प्रसाशन के नाक के तले उनके द्वारा धड़ल्ले से ज़िले के संवेदनशील क्षेत्रों से आये लोगों को थोक मात्रा में दवाइयों की सप्लाई कर रहे हैं। हैरत कि बात तो यह हैकि इस पीर मामले पर खाद्य एवं औषधी विभाग के अधिकारी किसी प्रकार की कोई कार्यवाहीं करते कभी भी नजर नही आये बल्कि इन सभी में उनकी मिलीभगत प्रतीत हो रही है। ग्राम कोकोड़ी के स्थानीय चिकित्सक को जांच के दौरान पूंछने पर उन्होंने अरिहंत मेडिकल के अतिरिक्त कोंडागांव के अन्य दवा दुकानों "गणेश मेडिकल, शांति मेडिकल, कुशल मेडिकल" से भी थोक में दवाइयों की खरीदी करने की बात स्वीकार किया है। इन ड्रग माफियाओं को विभागीय संरक्षण का ही नतीज़ा हैकि जब इस मामले पर प्रकाश डालने एक स्थानीय पत्रकार ने हिम्मत दिखाया तो अरिहंत मेडिकल स्टोर्स के संचालक ने उन्हें "देख लेने व जान से मरवाने तक कि धमकी दे डाली।" वही इस सारे मामले में विभागीय कार्यवाही मात्र खानापूर्ती ही नजर आ रही है, ज़िले के औषधी निरीक्षक दवा दुकानदारों पर मेहरबान हो उन्हें बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं।