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अगर इंसान ने रहने के लिए नहीं खोजा दूसरा ग्रह तो 1000 साल में मिट सकता है अस्तित्व: स्टीफेन हॉकिंग

हॉकिंग ने कहा, "पिछले 50 सालों में अंतरिक्ष के बारे में हमारी समझ बहुत बदल गई है और मुझे इस बात की खुशी है कि इसमें छोटा सा योगदान मेरा भी है।"

अगर इंसान ने अगले एक हजार साल में अपने रहने के लिए कोई दूसरा ग्रह नहीं खोजा तो उसका अस्तित्व समाप्त हो सकता है। ये कहना है मशहूर वैज्ञानिक स्टीफेन हॉकिंग का।  अंतरिक्ष के रहस्यों के गिने-चुने जानकारों में शुमार किए जाने वाले हॉकिंग ने कहा है, “मुझे नहीं लगता है कि हम इस नाजुक ग्रह पर एक हजार साल और रह पाएंगे।” हॉकिंग ऑक्सफोर्ड यूनियन डिबेटिंग सोसाइटी में एक व्याख्यान के दौरान बोल रहे थे। 74 वर्षीय हॉकिंग पिछले पांच दशकों में अतंरिक्ष विज्ञान में हुई प्रगति के बारे में छात्रों को बता रहे थे। हॉकिंग ने कहा 2016 अंतरिक्ष विज्ञान के लिए बहुत अहम रहा, “ये समय थियरेटिकल फीजिक्स में शोध करने के हिसाब से बहुत ही जीवंत है। ”
द इंडिपेंडेंट में प्रकाशित खबर के अनुसार हॉकिंग ने कहा, “पिछले 50 सालों में अंतरिक्ष के बारे में हमारी समझ बहुत बदल गई है और मुझे इस बात की खुशी है कि इसमें छोटा सा योगदान मेरा भी है।” सोमवार को हॉकिंग ने कहा, “सच ये है कि हम मनुष्य प्रकृति का एक छोटा सा अंश हैं, हम उन नियमों को इस सीमा तक समझ चुके हैं जिनसे हमारा जीवन निर्धारित होता है, और ये निश्चय ही एक बड़ी जीत है।” हॉकिंग के अनुसार कॉस्मोस जैसे सुपरकम्प्यूटर की मदद से वैज्ञानिक ब्राह्मण्ड में मौजूद लाखों आकाशगंगाओं का नक्शा बनाने में सफल  हो सकते हैं। हॉकिंग ने कहा, “संभव है कि एक दिन हम गुरुत्वाकर्षण तरंगों का प्रयोग करके बिग बैंग (महाविस्फोट) के हृदय में झांक सकें। लेकिन हमें मनुष्य के लिए भी अंतरिक्ष की पड़ताल जारी रखनी होगी।”
हॉकिंग पिछले कुछ सालों से मनुष्य के भविष्य को लेकर आशंका भरे बयान देते रहे हैं। इसी साल जनवरी में विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में हुए विकास के प्रति सावधान करते हुए कहा था कि “नई चीजों गलत दिशा में भी जा सकती हैं।” हॉकिंग ने ये आशंका भी जताई थी कि अगले 100 साल तक मंगल पर मानव कॉलोनी बनाना संभव नहीं लगता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि इंसानों को इन 100 सालों तक बहुत ही सावधानी के साथ जीना होगा।

सुषमा की जान बचाने रायपुर की महिला दान देना चाहती है किडनी


नई दुनिया की रिपोर्ट
रायपुर। केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की किडनी (गुर्दा) खराब होने और उनके दिल्ली के एम्स में भर्ती होने की खबर पढ़कर राजधानी रायपुर की एक महिला आगे आई है। गुरुवार को पति के साथ नईदुनिया कार्यालय पहुंची जनता कॉलोनी गुढ़ियारी निवासी टिना अपूर्वा पति राजेश ने स्वेच्छा से अपनी एक किडनी देकर सुषमा की जान बचाने की इच्छा जताई है।निम्न मध्यम वर्ग परिवार की टिना अपूर्वा के पति राजेश बारदाना (बोरा) खरीदने और बेचने का काम करते हैं। टिना सिलाई का काम करके परिवार का भरण-पोषण में सहयोग कर रही हैं। उनके तीन बेटे हैं। टिना का कहना है कि सुषमा की एक किडनी खराब होने की खबर नईदुनिया में पढ़कर उन्हें लगा कि एक राष्ट्रीय नेता का जीवन बचाने में वे काम आ सकींतो उन्हें खुद पर गर्व होगा।टिना कहती हैं कि डॉक्टरों के मुताबिक एक किडनी ठीक होने पर व्यक्ति अपनी जिंदगी जी सकता है, इसलिए मैंने और मेरे परिवार ने यह कदम उठाने का फैसला किया। उन्होंने कहा- यदि मेरी किडनी उनके ग्रुप के मुताबिक उपयोगी साबित हो तो मैं सहज इस दान के लिए तैयार हूं।गौरतलब है कि किडनी प्रत्यारोपण के लिए एम्स में भर्ती केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के नजदीकी परिवार में कोई किडनी दानदाता नहीं है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन को दानदाता की तलाश हैं।
कोई स्वार्थ नहीं
टिना का कहना है कि किडनी देने अभी तक कोई दानदाता सामने नहीं आया है, इसलिए मैं अपनी एक किडनी देकर सुषमा की जान बचाना चाहती हूं। इसमें मेरा कोई व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं है। किडनी दान देने से मुझे कोई परेशानी नहीं है, पति भी इसके लिए तैयार हैं।

चीनी मीडिया ने साधा मोदी पर निशाना, कहा- ‘मजाक’ बन सकता है नोटबंदी का फैसला

बीजिंग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने का ‘बड़ा फैसला’ महज ‘खराब पक्षपातपूर्ण षड्यंत्र’ या ‘महंगा राजनीतिक मजाक’ बनकर रह जाएगा। अगर वह इसके बड़े-बड़े वादों को पूरा करने में असफल रहे। यह टिप्पणी चीन की आधिकारिक मीडिया ने किया है।
सरकारी ग्लोबल टाइम्स ने एक लेख में लिखा है कि ऐसा भारी-भरकम और विस्तृत अभियान चलाने के लिए राजनीतिक साहस की जरूरत होती है, लेकिन इसे खुशनुमा अंत तक पहुंचाने में बहुत बुद्धि की जरूरत पड़ती है। उसने लिखा है कि इस तथ्य को देखते हुए कि लोगों को संभावित बदलाव के लिए बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है, यदि बीजेपी अपने बड़े-बड़े वादों को पूरा करने में असफल रही तो मोदी के लिए बहु-प्रशंसित मास्टरस्ट्रोक या बड़ा सुधार महज एक ‘खराब पक्षपातपूर्ण षड्यंत्र’ या ‘महंगा राजनीतिक मजाक’ बनकर रह जाएगा।
लेख में कहा गया है कि पुराने बड़े नोटों का चलन बंद किया जाना भारत में नई बात नहीं है। हालांकि भारत में भारी मात्रा में मौजूद कालाधन का खत्म करना कभी भी आसान मिशन नहीं रहा।
अखबार के अनुसार है कि इस तूफानी सुधार का चिरस्थाई और मूलभूत कदमों से समर्थन करने में यदि मोदी असफल रहे तो भारत के लोगों ने अभी तक जो बेहद बड़ा सामाजिक और आर्थिक मूल्य चुकाया है, उसके बावजूद इससे हुआ लाभ तुरंत खत्म हो जाएगा। लेख के अनुसार, पुराने बड़े नोटों का चलन बंद होने से बीजेपी को भी लाभ हो सकता है।
उसमें कहा गया है कि मोदी के इस कदम के पीछे यद्यपि निहित पक्षपातपूर्ण एजेंडा भी है। तुरंत नोटों का चलन बंद होने से अन्य राजनीतिक दलों को नुकसान पहुंच सकता है, जिनके पास उनकी अपनी भाजपा से ज्यादा धन था। इससे आगामी उत्तर प्रदेश तथा पंजाब विधानसभा चुनावों में बीजेपी को काफी लाभ होगा।

मोदी सरकार का गरीबों को तोहफा, ‘सबको आवास’ योजना के तहत 3 साल में बनेंगे 1 करोड़ मकान

सरकार ने आज बताया कि ‘वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास’ के उद्देश्य को पूरा करने के लिए अगले तीन साल में एक करोड़ मकान बनाने की परिकल्पना की गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को आगरा में इस योजना का शुभारंभ करेंगे।

सरकार ने गुरुवार को बताया कि ‘वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास’ के उद्देश्य को पूरा करने के लिए अगले तीन साल में एक करोड़ मकान बनाने की परिकल्पना की गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को आगरा में इस योजना का शुभारंभ करेंगे। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 20 नवंबर को उत्तर प्रदेश के आगरा में इस योजना का शुभारंभ करेंगे जिसके तहत अगले तीन वर्ष में एक करोड़ आवासों का निर्माण किया जाना है। उन्होंने साक्षी महाराज के प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘सरकार की परिकल्पना के अनुरूप ‘वर्ष 2022 तक सभी के लिए मकान’ के उद्देश्य को पूरा करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तरप्रदेश सहित पूरे देश में पूर्ववर्ती इंदिरा आवास योजना को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में पुनर्गठित करने को मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा, ‘इस योजना के अंतर्गत 2016-17 से लेकर 2018-19 तक तीन साल में एक करोड़ मकान बनाने की परिकल्पना की गई है। ’ तोमर के अनुसार योजना के अंतर्गत मैदानी क्षेत्र में 1.20 लाख रुपये और पर्वतीय क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में 33 लाख मकानों का निर्माण किया जाएगा। तोमर ने साक्षी महाराज के एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि योजना के तहत उत्तर प्रदेश में अगले तीन साल में 12 लाख मकान बनाये जाएंगे।

अरविंद केजरीवाल के ‘घूसखोरी’ वाले आरोप के बाद नरेंद्र मोदी पर भड़के लोग, सोशल मीडिया पर बोले ‘मोदी भ्रष्ट जनता त्रस्त’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर घूसखोरी का आरोप लगाया था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार (15 नवंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर घूसखोरी का आरोप लगाया था। तब से ट्विटर पर #मोदी_भ्रष्ट_जनता_त्रस्त ट्रेंड कर रहा है। ट्रेंड पर लोग पीएम मोदी के साथ-साथ बीजेपी को भी निशाने पर ले रहे हैं। लोगों में बीजेपी और पीएम मोदी दोनों के लिए गुस्सा दिख रहा था। कोई लिख रहा था ‘हर गली मोहल्ला अब यही बोलेगा #मोदी_भ्रष्ट_जनता_त्रस्त ‘, दूसरे ने लिखा, ‘न खाउंगा न खाने दूँगा पर CM था जब …. कितना खाया’, वहीं तीसरे ने लिखा, ‘जिसने विश्वास किया, उसी को दगा दिया, वैसे अडवाणी जी का स्वास्थ्य कैसा है’ इसके अलावा लोगों ने कुछ वीडियो भी शेयर किए जिसमें नोटबंदी से परेशान लोग सरकार को कोस रहे थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को भी दिखाया गया। लोगों ने उन सभी पर बिकाऊ होने का और बीजेपी सरकार के खिलाफ ना लिखने का आरोप भी लगाया।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में आपात सत्र के दौरान बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला था और उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। केजरीवाल ने कहा था कि आदित्य बिरला ग्रुप के एक्‍जीक्‍यूटिव प्र‍ेसिडेंट के पास से बराबद 2012 के मैसेज से पता चला कि उसने गुजरात सीएम को पैसे दिए थे। केजरीवाल ने कहा, ‘आदित्य बिरला ग्रुप पर अक्टूबर 2013 में छापा पड़ा था। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सभी कागजात ले लिए थे। ग्रुप के एक्‍जीक्‍यूटिव प्र‍ेसिडेंट शुभेंन्दु अमिताभ के लेपटॉप, ब्लैकबेरी को भी लिया गया था। उसमें एक एंट्री में लिखा था गुजरात सीएम 25 करोड़। गुजरात के सीएम के आगे 25 करोड़ और ब्रेकिट में 12 दिए और बाकी ? लिखा था। गुजरात सीएम कौन थे उस वक्त….नरेंद्र मोदी जी 2012 में। ‘
केजरीवाल ने विधान सभा में आगे कहा था कि पहली बार कुर्सी पर बैठे किसी प्रधानमंत्री का नाम काले धन के किसी घोटाले में आया है। केजरीवाल ने यह भी कहा था कि ‘पनामा घोटाले में मोदी जी के कितने दोस्‍तों के नाम थे, मगर कोई एक्‍शन नहीं लिया गया। 648 लोगों के स्विस बैंक अकाउंट नंबर तक लिखे हुए थे, मगर कार्रवाई इसलिए नहीं हुई क्‍योंकि इस लिस्‍ट के अंदर प्रधानमंत्री मोदी जी के दोस्‍त हैं।’ दस्‍तावेज सामने रखते हुए सीएम ने कहा था, ‘आज मैं सबूत लेकर आया हूं। आयकर विभाग ने 15 अक्‍टूबर 2013 को आदित्‍य बिरला ग्रुप पर छापेमारी हुई। वापस आने के बाद इनकम टैक्‍स की अप्रेजल रिपोर्ट में बिरला ग्रुप के अकाउंटेंट ने कहा कि मैं हवाला का पैसा लेकर आता हूं। मेरे बॉस का नाम शुभेन्‍दु अमिताभ हैं। वे बिरला ग्रुप के एक्‍जीक्‍यूटिव प्र‍ेसिडेंट थे।’

हैदराबाद: वकील और उसके लड़के पर दलित लड़की के साथ बलात्कार का मामला दर्ज

एक वकील और उसके पुत्र के खिलाफ एक दलित लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने का मामला दर्ज किया गया।

एक वकील और उसके पुत्र के खिलाफ बुधवार (16 नंवबर) को एक दलित लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने का मामला दर्ज किया गया। वह लड़की बाद में में गर्भवती भी हो गई। पुलिस ने बताया कि लड़की की उम्र 14 -15 वर्ष के आसपास है। वह कुछ माह पहले चैतन्यपुरी इलाके के वकील एम. सुधाकर रेड्डी के यहां कार्यालय में काम करती थी। उसने आरोप लगाया है कि वकील रेड्डी और उसके 30 वर्षीय पुत्र भरत ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की। शहर के एक बाल अधिकार संगठन ने लड़की को वकील के पुत्र से बचाया। इस संबध में चैतन्यपुरी पुलिस थाने में एक मामला भी दर्ज कराया गया है।
पुलिस उपायुक्त (एल बी नगर क्षेत्र) तफसीर इकबाल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा को बताया कि शिकायत के बाद वकील और उसके पुत्र के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (बलात्कार), पॉक्सो एक्ट और एसी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। डीसीपी ने बताया कि लड़की को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। हालांकि, अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
डीएसपी ने बताया कि जल्दी ही उन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इकबाल ने बताया कि ‘‘हमने उनके स्थानों पर छानबीन की है…और उनको गिरफ्तार करने के प्रयास जारी है।’’उन्होंने बताया कि इस संबध में जांच चल रही है।

हीरा बा के बैंक पहुंचने पर उमर अब्‍दुल्‍ला ने पूछा- राहुल गांधी पर पीआर का आरोप लगाने वाले अब क्‍या कहेंगे?

कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी 11 नवंबर को 4000 रुपए के नोट बदलवाने दिल्‍ली के बैंक में पहुंचे थे।

जम्‍मू-कश्‍मीर के पूर्व मुख्‍यमंत्री उमर अब्‍दुल्‍ला ने बीतें दिनों राहुल गांधी के बैंक पहुंचने को ‘पीआर इवेंट’ करार देने वालों पर कटाक्ष किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां हीरा बा के बैंक पहुंचकर नोट बदलवाने पर टिप्‍पणी करते हुए अब्‍दुल्‍ला ने कहा कि यह ‘उनकी (हीरा बा) विनम्रता है।’ इसके बाद अब्‍दुल्‍ला ने राहुल गांधी पर निशाना साधने वालों पर तंज कसते हुए ट्वीट किया, ”ऐसा कहने के बाद क्‍या वे लोग जिन्‍होंने राहुल गांधी पर पीआर इवेंट करने का आरोप लगाया था, अपनी राय जाहिर करेंगे?” कांग्रेस उपाध्‍यक्ष राहुल गांधी 11 नवंबर को 4000 रुपए के नोट बदलवाने दिल्‍ली के बैंक में पहुंचे थे। उनकी इस विजिट पर सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उनकी खिल्‍ली उड़ाई थी और पूरे घटनाक्रम को ‘पीआर इवेंट’ बनाने का आरोप लगाया था। जब लाइन में लगे राहुल गांधी ने कहा था, ”मैं यहां अपने 4000 रुपए के पुराने नोट बदलने आया हूं। यहां पर लगी लंबी लाइन को अंदर कर दिया गया। मैं लाइन में खड़ा होना चाहता हूं। ना मीडिया को और ना ही पीएम मोदी को समझ में आएगा कि लोगों को कितनी दिक्कत हो रही है। मेरे लोगों को दर्द हो रहा है। मैं उनके दर्द के लिए यहां लाइन में खड़ा हूं।” तब एक शख्‍स ने राहुल गांधी के ट्विटर अकाउंट पर लिखा था, ”यह वही श्री नरेन्द्र मोदी जी है जिनको आपकी माता जी पानी-पी पी कर गाली देती थी,आज आपको रोड़ पर लगे ATM तक ला कर खड़ा कर दिया।”
हीरा बा के बैंक जाकर नोट बदलवाने पर दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी निशाना साधा। केजरीवाल ने ट्वीट किया, ”मोदीजी ने राजनीति के लिए माँ को लाइन में लगा ठीक नहीं किया। कभी लाइन में लगना हो तो मैं खुद लाइन में लगूंगा, मां को लाइन में नहीं लगाऊंगा।” केजरीवाल ने इसके साथ बैंक में हीरा बा की तस्‍वीर भी पोस्‍ट की।
दिल्‍ली की केजरीवाल सरकार ने मंगलवार को ही नोटबंदी पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया। केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले को जनता के लिए भारी परेशानी का सबब बताते हुए सीएम ने राष्‍ट्रपति से इसे वापस लिए जाने की अपील की। विधानसभा में बोलते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ‘नोटबंदी से देश में दहशत फैल रही हैं और शादियां टूट रही हैं।’

 

पैसे के लिए लाइन में लगी युवती ने गुस्से में उतारे कपड़े, लोग रह गए सन्न!

नई दिल्ली। दिल्ली के मयूर विहार फेज-3 में बैंक में पैसा एक्सचेंज कराने के लिए लाइन में लगी एक युवती जब इंतजार करते-करते थक गई तो उसने विरोध स्वरूप अपना टॉप ही उतार दिया। युवती की इस हरकत से वहां मौजूद लोग भौचक रह गए। फौरन मौके पर पुलिस पहुंच गई। लेडी पुलिस युवती को बैंक के अंदर ले गई, उसे समझाया गया। 10 मिनट के अंदर युवती को बैंक से पैसे दिलवाए गए।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि रविवार दोपहर को युवती एक्सिस बैंक में पैसे बदलवाने के लिए लाइन में लगी हुई थी। लाइन काफी लंबी थी और अफरातफरी भी मची हुई थी। इसी बीच उसने अचानक से टॉप उतार दिया  जिससे लोग सन्न रह गए। मौके पर तमाशबीनों की भीड़ जुट गई। कुछ ही दूरी पर मौजूद लेडी पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को कपड़े पहनाए। फिर उसे बैंक के अंदर ले गए। वहां 10 मिनट के अंदर उसे पैसे दिलवाकर रवाना किया गया।
इस संबंध में पुलिस अलग-अलग बयान दे रही। गाजीपुर थाने के एसएचओ अशोक कुमार से न्यूज18इंडिया डॉट कॉम से पहले तो कहा कि कपड़े उतारने वाली कोई युवती नहीं बल्कि एक ट्रांसजेंडर है। बाद में उन्होंने कहा कि जिस इलाके में ये घटना हुई, वो उनके इलाके में  नहीं बल्कि न्यू अशोक नगर थाने में आता है। जब न्यू अशोकनगर के एसएचओ से बात की गई तो उन्होंने ऐसी कोई भी घटना होने से इंकार कर दिया।

यहां मौजूद लोगों का कहना था कि कई घंटे लाइन में लगने के बाद भी पैसे नहीं मिल रहे। छुट्टी का पूरा दिन लाइन में लगे हुए ही बीत गया। दिल्ली में जगह-जगह एटीएम पर लोगों की लंबी कतार लगी हुई है।  लोग रुपये निकालने के लिए एटीएम, डाकघर के आगे लाइन में लगे हुए हैं। रविवार का दिन होने के चलते कुछ ज्यादा ही भीड़ रही।

बोलते-बोलते भावुक हुए पीएम मोदी, कहा- मैंने घर-परिवार, सब देश के लिए छोड़ दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्री मोदी गोवा में बोलते-बोलते भावुक हो गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गोवा ने मोपा ग्रीनफील्‍ड एयरपोर्ट का शिलान्‍यास करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए भावुक हो गए। पीएम ने कहा कि उन्होंने घर-परिवार, सब देश के लिए छोड़ दिया। पीएम ने आगे कहा कि उन्हें जनता से 30 दिसंबर तक का वक्त चाहिए उसके बाद देश उन्हें जो सजा देगा उन्हें मंजूर होगी।
गौरतलब है कि मोदी ने जापान दौरे पर रविवार को भी 500-1000 के मुद्दे को छेड़ा था। जापान में भारतीय समुदाय के लोगों के बीच अपने 26 मिनट के भाषण में पीएम मोदी ने काले धन के खिलाफ 31 दिसंबर के बाद भी कार्रवाई करने का संदेश दिया। मोदी ने कहा, ‘कुछ लोग सोचते हैं कि 30 दिसंबर के बाद कोई कार्रवाई नहीं होगी। तो आज में ऐलान करना चाहूंगा कि ये स्कीम पूरी होने के बाद कोई दूसरा आपको ठिकाने लगाने के लिए नहीं आएगा इसकी गारंटी मैं नहीं लेता। मैं इस बात को स्पष्ट मानता हूं कि बिना हिसाब के अगर कुछ भी आया हाथ, तो उसका देश जब से आजाद हुआ, उसका हिसाब चेक करने वाला हूं।

सालियों ने जूता चुराई में 1000-1000 के नोट लेने से किया मना, फिर जीजा ने मजबूरन उठाया यह कदम

दादरी के डेरी मच्छा गांव में गुरुवार को बरात आई थी। शादी की रस्में पूरी होने के बाद जूता चुराई की रस्म में जूता वापस करने के बदले में सालियों ने जीजा से 11 हजार रुपए देने की मांग की।

मोदी सरकार द्वारा ब्लैक मनी पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के कारण आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी शादी वाले घरों में देखने को मिल रही है। यूपी के दादरी में भी एक शादी के दौरान कुछ ऐसी ही स्थिति बन गई, जिसको लेकर वर और वधु पक्ष दोनों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गईं। यह समस्या शादी से पहले होने वाली जूता चुराई की रस्म के दौरान उतपन्न हुई।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दादरी के डेरी मच्छा गांव में गुरुवार को बरात आई थी। शादी की रस्में पूरी होने के बाद जूता चुराई की रस्म में जूता वापस करने के बदले में सालियों ने जीजा से 11 हजार रुपए देने की मांग की। बदले में जीजा ने 1000 के 21 नोट निकालकर साली के हाथों में थमा दिए। साली ने इन्हें नहीं चलने वाले नोट करार देते हुए लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद वर और वधु पक्ष दोनों के सामने समस्या खड़ी हो गई। वर पक्ष के लोगों ने सालियों को 31 हजार तक देने की पेशकश की, लेकिन वह नहीं मानी। जीजा-साली के बीच जारी मान-मुनौवल के बीच बड़े बुजुर्गों के समझाने के बाद दुल्हें ने सालियों को 21 हजार रुपए का चेक दिया। तब जाकर शादी की बाकी रस्में पूरी हो सकी।
गौरतलब है कि नवंबर महीने में शादियों की भरमार है। इस बीच बड़े नोट बंद किए जाने और नए नोट सीमित मात्रा में मिलने के चलते लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। विवाह के इस सीजन में पूरे देश में करीब 50 लाख शादियां होनी है, अकेले दिल्ली में 40 हजार से ज्यादा शादियां हैं। ऐसे में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है।
8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए ऐलान किया था कि मंगलवार रात्रि 12 बजे के बाद से 500 और 1000 रुपए के नोट अमान्य हो जाएंगे। हालांकि सरकार ने मानवीय आधार पर कुछ स्थितियों में पुराने नोट चलने की छूट दी थी। इनमें पेट्रोल पंप, सीएनजी फिलिंग स्टेशन, मेट्रो सेवा, ट्रेन और बस की टिकट, अस्पताल शामिल है, जहां पुराने नोट 14 नवंबर रात 12 बजे तक चलाए जा सकेंगे। पहले यह अवधि 11 नवंबर तक थी, बाद में इसे बढ़ाया गया।

देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार शख्स ने कहा-डीएम से सीएम तक किसी ने नहीं सुनी फ़रियाद, तब मैंने फहराया पाकिस्तानी झंडा

पुलिस ने उसके घर पर पाकिस्तानी झंडा लगे होने का नोटिस 3 नवंबर की शाम को लिया जब विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चंद्रपाल के घर के बाहर विरोध-प्रदर्शन शुरू किया।

देशद्रोह के आरोप में कानपुर जेल में बंद 36 साल के चंद्रपाल सिंह का कहना है कि वह देशद्रोही नहीं है। वह एक आम आदमी है और व्यवस्था से परेशान है। चंद्रपाल ने कहा, “यही वजह है कि मैंने अपने घर की छत पर पाकिस्तानी झंडा लहरा दिया।” चार सदस्यों वाले परिवार में चंद्रपाल अकेला रोटी का जुगाड़ करने वाला सख्स है। ऊपर से बुजुर्ग पिता की जिम्मेदारी भी कंधों पर है। वह मानता है कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया है। चंद्रपाल ने कहा, “मैं एक आम आदमी हूं, जिसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। गरीबों की कोई सुनता नहीं, उन्हें जेल में डालना भी सबसे आसान है।” उसने कहा, “देखिए, जैसे ही मैंने पाकिस्तानी झंडा अपनी छत पर लहराया, अब हर कोई उसकी बात सुनने लगा है।”
कानपुर जेल की खिड़की पर बात करते हुए चंद्रपाल ने कहा, “मैंने खुद पाकिस्तान का झंडा बनाया और हरे रंग के कपड़े पर चांद और सितारे के आकार का सफेद कपड़ा चिपकाया।” उसने नजदीकी पी रोड मार्केट से कपड़े खरीदे थे। उसने कहा कि उसे इसका आइडिया एक न्यूज चैनल को देखते समय आया था।
दरअसल, चंद्रपाल का आरोप है कि अमीर और रसूखदार पड़ोसी ने अवैध तरीके से उसके घर को गिरा दिया और अपना नया घर अवैध तरीके से बनाने लगा। जब उसने पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया और उसका काम बंदा करा दिया तो वो उसे धमकी देने लगा। फिर उसे बिजली और पानी के बेतहाशा बढ़े हुए बिल मिले। जब इसकी शिकायत उसने कानपुर विकास प्राधिकरण और कानपुर नगर निगम में करनी चाही तो कोई सुनने वाला नहीं था। इसके बाद उसने डीएम, एसएसपी, सीएम और गवर्नर को भी चिट्ठी लिखी।
पुलिस ने चंद्रपाल के घर पर पाकिस्तानी झंडा लगे होने का नोटिस 3 नवंबर की शाम को तब लिया जब विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चंद्रपाल के घर के बाहर विरोध-प्रदर्शन शुरू किया। इसके बाद सिसामऊ थाने के एसएचओ ने चंद्रपाल को देशद्रोह और दंगा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया और उस पर मुकदमा कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।

डोनाल्ड ट्रंप को पाकिस्तानी बता रहा यह न्यूज चैनल

अमेरिका के अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 'पाकिस्तानी' बताया जा रहा है। पाकिस्तान के न्यूज चैनल नयो न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप का जन्म पाकिस्तान में ही हुआ था और उनका नाम दाउद इब्राहिम खान था।

अमेरिका के अगले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ‘पाकिस्तानी’ बताया जा रहा है। पाकिस्तान के न्यूज चैनल नयो न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप का जन्म पाकिस्तान में ही हुआ था और उनका नाम दाउद इब्राहिम खान था। न्यूज में एंकर ट्रंप के बचपन की कहानी और कुछ फोटोज दिखाती दिख रही है। दुनिया के लिए जैसे डोनाल्ड ट्रंप के जीतने की खबर हैरान कर देने वाली थी वैसे ही यह खबर भी सभी लोगों को चौंका रही है। खबर में बताया गया है कि ट्रंप पाकिस्तान में 14 जून 1946 को पैदा हुए। खबर के मुताबिक, पाकिस्तान के वजीरिस्तान से ट्रंप ने शुरुआती पढ़ाई की थी। न्यूज चैनल का मानना है कि ट्रंप के असली माता-पिता कार एक्सीडेंट में मारे गए थे। बताया गया है इंडो अमेरिकन सैनिक कैप्टन स्टॉकडेल उन्हें अपने साथ लंदन ले गए। वहां से ट्रंप फैमली ने ट्रंप को गोद लिया था। खबर में यह भी बताया जा रहा है पाकिस्तान में सोशल मीडिया पर भी इस बात की काफी चर्चा है।

इंडियन एक्सप्रेस को पता लगा कि यह वीडियो अभी का नहीं है। बल्कि यह रिपोर्ट पिछले महीने की है। जब ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के एक उम्मीदवार भर थे। बुधवार (9 नवंबर) को ट्रंप राष्ट्रपति चुने गए। राष्‍ट्रपति पद के चुनावों में उन्‍होंने डेमोक्रेटिक पार्टी हिलेरी क्लिंटन को मात दी। वे अमेरिका के 45वें राष्‍ट्रपति हैं। सभी न्‍यूज चैनलों और अखबारों ने हिलेरी की जीत की संभावना जताई थी। ओपिनियन पोल्‍स में भी हिलेरी की जीत दिखाई जा रही थी। लेकिन सब गलत साबित हो गए। राष्‍ट्रपति बनने के लिए 270 वोट चाहिए होते हैं। नतीजों में ट्रंप को 288 इलेक्‍टॉरल वोट मिले।
खबरों के अनुसार ट्रंप ने पेनसिल्वेनिया, फ्लोरिडा, अलास्का, यूटा, आयोवा, एरिजोना, विस्कॉन्सिन, जॉर्जिया, ओहायो, उत्तर कैरोलिना, उत्तर डकोटा, दक्षिण डकोटा, नेब्रास्का, कंसास, ओकलाहोमा, टेक्सास, व्योमिंग, इंडियाना, केंटुकी, टेनेसी, मिसीसिपी, अरकंसास, लुइसियाना, पश्चिम वर्जीनिया, अलबामा, दक्षिण कैरोलिना, मोंटाना, इडाहो और मिसौरी में जीत हासिल की।

भारतीयों ने गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किया how to convert black money to white, टॉप 10 में 6 बीजेपी शासित राज्य

आठ नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा की और उसके आधे घंटे बाद से गूगल पर काला धन सफेद करने वाले भारतीयों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500 और 1000 के पुराने बैंक नोटों के विमुद्रीकरण (चलन से बाहर करने) की घोषणा की। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार के इस फैसले से देश के अंदर जमा काले धन से मुक्ति मिलेगी और आतंकवादियों को मिलने वाली आर्थिक मदद बंद होगी। घोषणा के बाद देश में कई जगहों से सार्वजनिक स्थानों पर 500 और 1000 के नोट जलाने, बहाने, फाड़कर फेंकने की खबरें आने लगीं। साथ ही ये खबरें भी लगातार आ रही हैं कि बहुत से लोग अपना काला धन सफेद करने के चोर रास्ते या तो तलाश चुके हैं या तलाश रहे हैं। इस घोषणा का असर जमीन के अलावा इंटरनेट पर भी समान रूप से देखने को मिला। जहां सोशल मीडिया पर लोग इसके फायदे-नुकसान को लेकर आपस में गुत्थमगुत्था होते रहे वहीं सर्च इंजन गूगल इंडिया पर घोषणा के अगले दिन बहुत सारे भारती सर्च कर रहे थे कि “हाऊ टू कनवर्ट ब्लैक मनी टू व्हाइट” (काले धन को सफेद कैसे करें)।

आपको ये जानकार और भी हैरत हो सकती है कि गूगल इंडिया पर “काला धन सफेद कैसे करें” सबसे ज्यादा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह प्रदेश गुजरात के लोग कर रहे हैं। “काला धन सफेद रंग कैसे सफेद करें” सर्च के मामले में गुजरात के बाद हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के लोग आगे रहे। काला धन सफेद करने के अलावा भारतीय जनता गूगल पर सरकार द्वारा जारी किए गए 2000 और 500 के नए नोटों की खूबियों और सिक्योरिटी फीचर्स के बारे में भी सर्च कर रहे हैं। हालांकि गूगल इंडिया में जब हिंदी (देवनागरी और रोमन दोनों लिपियों में) “काला धन” सर्च किया जा रहा है तो उसमें “काला धन सफेद कैसे करें” जैसा कोई विकल्प नहीं दिख रहा है।


पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को रात आठ बजे 500 और हजार के नोट बंद करने की घोषणा की और साढ़े आठ बजे से गूगल पर ‘हाऊ टू कनवर्ट ब्लैक मनी इनटू व्हाइट’ सर्च बढ़ गया। गुरुवार को रात साढ़े आठ बजे सबसे ज्यादा लोगों इस की वर्ड को सर्च कर रहे थे। इस की वर्ड के साथ पिछले तीन दिनों में जिन 10 राज्यों में सर्वाधिक प्रयोग किया गया उनमें से छह बीजेपी प्रशासित हैं। इन छह राज्यों में जम्मू-कश्मीर भी शामिल है जहां बीजेपी की गठबंधन सरकार है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने फैसले के बाद बुधवार (नौ नवंबर) को मीडिया से कहा कि “इस एक फैसले से लोगों के पैसे रखने और खर्च करने की संस्कृति बदल जाएगी।” वित्त मंत्री ने कहा कि ईमानदार लोगों को सरकार के इस फैसले से कोई दिक्कत नहीं होगी और उन्हें परेशान होने की कोई वजह नहीं है। सरकार की घोषणा के अनुसार 30 दिसंबर तक बैंकों और डाकघरों में 500 और 1000 के पुराने नोट बदले या जमा किए जा सकेंगे।

सरकारी सोटे की काट खोज रहे कालेधन के कारोबारी, गुप्त बैठकें जारी, निकाले ये तरीके

सरकारी सोटे की काट खोज रहे कालेधन के कारोबारी, गुप्त बैठकें जारी, निकाले ये तरीके

नई दिल्ली । बेशक देश भर में 500 और 1000 रुपये के नोट को लेकर हो-हल्‍ला मचा हुआ है, लेकिन हवाला और सर्राफा करोबारियों ने काले धन पर हाथ मिला लिया है। काले धन को ठिकाने लगाने का तरीका खोज लिया है। 32 हजार रुपये वाला सोना 42 हजार रुपये में खरीदा और बेचा जाएगा। इतना ही नहीं नगदी का पर्चा भी काटा जाएगा। बुधवार को पश्‍चिमी उत्‍तर प्रदेश में हुई हवाला कारोबारियों की बैठक में इस फैसले पर मुहर लग गई है।
बुधवार की दोपहर हवाला कारोबारियों और सर्राफा कारोबारियों की एक बैठक हुई थी। काफी देर तक चली बैठक में आगे तक के लिए कोई ठोस रास्‍ता बेशक नहीं निकला हो, लेकिन मौजूदा वक्‍त के लिए एक छोटा रास्‍ता जरूर निकाल लिया है। बैठक में मौजूद रहे सूत्रों की मानें तो हवाला करोबारी सोने की खरीद करेंगे। बिना किसी लिखा-पढ़ी के भुगतान करेंगे। लेकिन सर्राफा कारोबारियों ने भी मौके का फायदा उठाकर 32 हजार रुपये वाले सोने का भाव 42 हजार रुपये कर दिया।
सर्राफा बाजार के जानकार बताते हैं कि किसी भी सर्राफ के लिए यह बड़ा ही आसान है। वो तो सोने का नंबर  एक में पर्चा काट देगा। बिक्री किए गए सोने पर टैक्‍स भी दे देगा। दस किलो सोना बेचने वाला 40-40 किलो तक सोना बेच रहा है। बैठक के बाद से तो मोबाइल पर ही डीलिंग हो गई है। हवाला वालों ने रुपया सर्राफ के यहां भेज दिया है। सोना आता रहेगा। देर रात तक सर्राफ पर्चा काटने में लगे रहे। यह अलग बात है कि वो किसके नाम से और किस पैन नम्‍बर पर पर्चा काट रहे हैं, यह नहीं पता।

इतना ही नहीं कुछ सर्राफ तो बिना सोना बिक्री के भी नगद का पर्चा काट रहे हैं। यह कालेधन को नम्‍बर एक करने का यह तरीका कुछ इस तरह से है कि जिसके पास नम्‍बर एक में रकम है वो आपसे एक करोड़ रुपये लेकर 70 लाख आपके बैंक खाते में डाल देगा। यहां यह दिखाया जाता है कि आप आपस में दोस्‍त हैं और आपको रुपये की जरूरत थी, इसलिए आपने उधार लिए थे जो कुछ दिन बाद बैंक द्वारा ही आप वापस कर रहे हैं। यह तरीका अपना कर भी खूब आनलाइन लेन-देन किया जा रहा है।
इस बारे में सर्राफा बाजार, आगरा के अध्यक्ष मुरारीलाल फतेहपुरिया ने कहा कि ये सब बड़े व्यापारी कर रहे हैं जिनके पास बड़ी मात्रा में सोना है लेकिन सवाल ये उठता है कि ऐसे व्यापारियों की संख्या कितनी है। ये तो सरकारी लोगों को देखना चाहिए।
आगरा के पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडेय ने कहा कि इस मामले को मैं खुद एसएसपी से अभी दिखवा रहा हूं। ऐसी किसी भी तरह की अफरा-तफरी नहीं फैलने दी जाएगी।
गांव की ओर भी दौड़ रहे हवाला कारोबारी
धान की फसल खेतों में पक कर तैयार खड़ी है। अब किसी भी समय किसान अपने हिसाब से फसल काटने को तैयार हैं। धान की फसल खासी महंगी मानी जाती है। इसी को ध्‍यान में रखते हुए कुछ छोटे हवाला कारोबारियों ने गांवों की और दौड़ लगा दी है। कुछ सीधे तो कुछ बिचौलियों के माध्‍यम से किसानों से संपर्क कर रहे हैं। खेत में खड़ी फसल का सौदा किया जा रहा है। सौदा पटने पर किसान को हाथों-हाथ मुंह मांगे दाम दिए जा रहे हैं। ऐसे में किसान भी खुश हैं कि घर बैठे ही खड़ी फसल के दाम मिल रहे हैं।

नोट बंद करने पर मुलायम सिंह की मोदी सरकार से अपील- एक हफ्ते के लिए टाला जाए फैसला

सपा प्रमुख ने कहा कि वह भी हमेशा से कालेधन के खिलाफ रहे हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से गंभीर स्थिति पैदा हुई है और आम लोग नोट बंद होने से परेशान हैं।

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने केंद्र सरकार के 500 और 1000 रुपए को बंद करने के फैसले पर असहमती जताई है और कहा है कि इस फैसले को टाल दिया जाए। मुलायम सिंह ने कहा कि फैसले से आम लोगों को दिक्कत उठानी पड़ रही है, ऐसे में कम से कम एक हफ्ते के लिए इस फैसले को टाला जाए। उन्होंने कहा कि वह भी हमेशा से कालेधन के खिलाफ रहे हैं। लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से गंभीर स्थिति पैदा हुई है और आम लोग नोट बंद होने से परेशान हैं।
गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि राम मनोहर लोहिया के बाद अगर किसी ने कालेधन के खिलाफ सच्ची लड़ाई लड़ी है तो वह समाजवादी पार्टी ही थी। मुलायम सिंह ने कहा कि “हम भी चाहते हैं देश में कालाधन वापस आए और इसका इस्तेमाल देश के विकास में हो। हम नहीं चाहते कि चुनाव में कोई भी पार्टी कालेधन का इस्तेमाल करे। मुलायम सिंह ने कहा, “भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान कालाधन वापस लाने का फैसला किया था। लेकिन आम लोगों का कालेधन को लेकर दबाव पड़ने के बाद उन्होंने नोटों पर ही बैन लगा दिया। केंद्र सरकार ने इस फैसले से पूरे देश में अराजकता फैला दी है। आम लोग रोजमर्रा का सामान भी नहीं खरीद पा रहे।

इससे पहले बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी केंद्र सरकार के इस फैसले पर गुरुवार को एक प्रेंस कॉन्फ्रेंस की। मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि इससे सरकार ने आर्थिक आपातकाल जैसी स्थिति पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने अपने आने वाले कई सालों का इंतजाम कर लिया है और देश में नोटों की बंदी लगा दी। उन्होंने कहा कि इससे आम लोगों को ही दिक्कत होगी, क्योंकि सरकार ने धन्ना सेठों का पैसा विदेश पहुंचा दिया है। गौरतलब है कि भ्रष्टाचार, काले धन और जाली नोटों पर लगाम कसने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवंबर को ऐलान किया था कि देशभर में 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद किए जाएंगे। वहीं इनकी जगह 500 और 2000 रुपए के नए नोट जारी किए जाएंगे।