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9 साल की बेटी को बचाने के लिए भालू के सामने लेट गई मां

कांकेर। नौ वर्षीय बिटिया को बचाने मां भालू के सामने लेट गई। हमला कर भालू ने उसे घायल कर दिया, इसके बाद गांव के एक अन्य घर में घुसकर दूसरी महिला पर हमला बोल दिया। हो-हल्ला मचने पर जब लोग दौड़े तो भालू पहाड़ी की ओर भाग गया। घायल महिलाओं का जिला चिकित्सालय में इलाज किया गया।

मिली जानकारी के अनुसार शहर के भंडारीपारा निवासी अनिता यादव पति रूपेश यादव 30 बेटी गौरवी के साथ शनिवार सुबह छह बजे शौच के लिए नदी की ओर गई थी। इसी दौरान अनिता की नजर सामने आ रहे भालू पर पड़ी जो गौरवी की ओर बढ़ रहा था। अनिता दौड़कर बेटी के पास पहुंची और साथ लेकर भागने लगी।

गौरवी तेजी से भाग नहीं पा रही थी और भालू उसके बहुत करीब आ गया था। इस पर अनिता भालू के सामने लेट गई ताकि गौरवी को भागने का मौका मिल जाए। भालू ने अनिता पर हमला कर घायल कर दिया। तब तक गौरवी दूर निकल गई थी।

इसके बाद भालू भंडारीपारा के एक घर में घुसा और राधा निषाद पति बिरसुराम निषाद 40 पर हमला कर दिया। शोर मचाने पर भालू गढ़िया पहाड़ी की ओर भाग गया। अनिता ने बताया कि बेटी को बचाने उसे कुछ नहीं सूझा इसलिए भालू के सामने लेट गई।(नई दुनिया से )

कश्मीर के एक्सपर्ट को पाकिस्तान ने बनाया नया आर्मी चीफ, जानिए ले. जनरल कमर जावेद बाजवा का प्रोफाइल

लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा को पाकिस्तान आर्मी का नया चीफ बनाया गया है।
लेफ्टिनेंट जनरल कमर जावेद बाजवा को पाकिस्तान आर्मी का नया चीफ बनाया गया है। वह मंगलवार (29 नवंबर) से चार्ज लेंगे। उस दिन जनरल राहिल शरीफ अपनी सर्विस से रिटायर हो जाएंगे। जावेद बाजवा बलूच रेजिमेंट के हैं और फिलहाल रावलपिंडी के जनरल हेडक्वाटर में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ ट्रेंनिंग एंड एवेल्यूशन के पद पर काम कर रहे थे। बाजवा को कश्मीर एक्सपर्ट के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कश्मीर बॉर्डर के आस-पास के इलाकों में उनकी काफी बार तैनाती हुई है। उन्होंने 10 कोर का भी नेतृत्व किया है जो नियंत्रण रेखा के क्षेत्रों का जिम्मा संभालती है। मेजर जनरल के तौर पर बाजवा ने सेना की उत्तरी कमान का नेतृत्व किया। 10 कोर में लेफ्टिनेंट कर्नल के तौर पर भी सेवा दी। 10 कोर शियाचिन ग्लेशियर और उत्तरी कश्मीर पर नजर रखने का काम करती थी। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने शनिवार (26 नवंबर) को चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल जुबैर हयात को फोर-स्टार जनरल के रूप में पदोन्नति देकर सीजेसीएससी नियुक्त किया। वह सबसे वरिष्ठ सेवारत सैन्य अधिकारी हैं।

माना जा रहा है कि बाजवा की न्युक्ति से शायद ही भारत को कोई खास फर्क पड़े। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स को मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल बाजवा अतिवाद को भारत से ज्यादा पाकिस्तान के लिए खतरा मानते हैं। पाकिस्तानी आर्मी के एक सीनियर अधिकारी जो लेफ्टिनेंट जनरल बाजवा के साथ 10 कोर में तैनात थे उन्होंने कहा कि बाजवा चर्चाओं में रहना पसंद नहीं करते और अपने सैनिको के साथ काफी अच्छे से जुड़े हुए हैं। बाजवा का एक और भारतीय भी कनेक्शन है। ब्रिगेडियर के तौर पर उन्होंने यूएन के शांति बनाने के कांगो मिशन में हिस्सा लिया था। वह कांगो में पूर्व भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह के साथ संयुक्त राष्ट्र के मिशन में ब्रिगेड कमांडर भी रहे। सिंह ने वहां एक डिवीजन कमांडर के तौर पर सेवा दी थी। वहीं बाजवा ब्रिगेड कामंडर थे।

जनरल शरीफ को 2014 में आर्मी चीफ बनाया गया था। पिछले 20 सालों में शरीफ पहले ऐसे पाकिस्तानी कमांडर बने जो समय पर अपने पद से हट गए। उनसे पहले के लगभग सभी आर्मी चीफ ने तीन साल के बाद एक्सटेंशन ले लिया था।

न्यूयॉर्क में 1960 में फिडेल कास्त्रो को होटलों ने नहीं दिया था कमरा, यूएन कैंपस में ही तंबू गाड़ने की धमकी के बाद महासचिव ने कराया था इंतजाम

भारत के पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जब मैं कास्त्रो से मिला तो उन्होंने मुझसे कहा, "क्या आप को पता है कि जब मैं न्यूयार्क के उस होटल में रुका तो सबसे पहले मुझसे मिलने कौन आया?

सितंबर 1960 में संयुक्त राष्ट्र की 15वीं वर्षगांठ समारोह में जब दुनिया भर के बड़े नेताओं का न्यूयॉर्क में जमावड़ा लगा था, तब फिदेल कास्त्रो भी न्यूयार्क पहुंचे थे लेकिन उन्हें वहां के किसी भी होटल ने ठहरने के लिए कमरा नहीं दिया था। इससे उन्हें बहुत बड़ा धक्का लगा था कि वहाँ का कोई होटल उन्हें अपने यहाँ रखने के लिए तैयार नहीं है। एक दिन तो वो क्यूबा के दूतावास में रहे लेकिन अगले दिन उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव डैग हैमरशोल्ड से मुलाकात की और कहा था कि ये आप की जिम्मेदारी है कि मेरे और मेरे प्रतिनिधिमंडल के रहने की व्यवस्था करें वर्ना मैं संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के प्रांगण में ही तंबू डाल कर रहने लगूंगा। इसके बाद यूएन महासचिव की पहल पर अगले दिन न्यूयॉर्क का टेरेसा होटल ने उन्हें अपने यहाँ कमरा दिया था।

भारत के पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जब मैं कास्त्रो से मिला तो उन्होंने मुझसे कहा, “क्या आप को पता है कि जब मैं न्यूयार्क के उस होटल में रुका तो सबसे पहले मुझसे मिलने कौन आया? महान जवाहर लाल नेहरू। मेरी उम्र उस समय 34 साल थी। अंतरराष्ट्रीय राजनीति का कोई तजुर्बा नहीं था मेरे पास। नेहरू ने मेरा हौसला बढ़ाया जिसकी वजह से मुझमें गजब का आत्मविश्वास जगा। मैं ताउम्र नेहरू के उस एहसान को नहीं भूल सकता।”

नटवर सिंह ने इंडियन एक्सप्रेस में लिखे आलेख में कहा है, “फिदेल कास्त्रो और क्यूबा दोनों एक-दूसरे के पर्याय के रूप में जाने जाते थे। उनकी मौत पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी क्षति है। वो एक ऐसी शख्सियत थे जिन्हें पूरी दुनिया जानती थी। फिदेल कास्त्रो साल 1979 में हवाना में हुए 6ठे शिखर सम्मेलन के अध्यक्ष थे। 1983 में इंदिरा गांधी ने क्यूबा के इस महान नेता से पदभार संभाला थे, तब मैं 7वें शिखर सम्मेलन का महासचिव था।”

नटवर सिंह ने लिखा है, “आखिरी बार मैं उनसे सितंबर 1988 में प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ हवाना में मिला था। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात और बातचीत करीब 6 घंटे तक चली थी। कास्त्रो राजीव गांधी की शख्सियत, स्टाइल और उन पर पड़े प्रभावों के बारे में हमलोगों के सामने रख रहे थे। यह मेरे लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर एक आश्चर्यजनक ट्यूशन था। हालांकि, यह एकतरफा था लेकिन कास्त्रो के प्रभावशाली व्यक्तित्व ने इसे ठोस बना दिया था।” नटवर कहते हैं कि भारत हमेशा से फिदेल कास्त्रो को सम्मान और स्नेह के भाव से देखता रहेगा।

बैंक खाता नहीं है, फिर भी मिलेगा डेबिट कार्ड

केन्द्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से सभी बैंकों को यह निर्देश दिया गया है कि जिन लोगों के पास बैंक खाता नहीं है लेकिन उनके पास आधार कार्ड या कोई भी वैध पहचान पत्र है तो उन्हें प्री रिचार्ज डेबिट कार्ड मुहैया कराया जाय।
500 और 1000 रुपये की नोटबंदी के बाद सरकार प्लास्टिक मनी को बढ़ावा देने के सभी विकल्पों पर काम कर रही है। इसी के तहत अगर आपके पास बैंक खाता नहीं है तब भी बैंक आपको डेबिट कार्ड देगा। सरकार के निर्देश पर जल्द ही सभी बैंक यह सुविधा उपलब्ध कराएंगे। इसे प्री रिचार्ज डेबिट कार्ड सेवा का नाम दिया गया है। इस कार्ड में एक तय राशि तक ही पैसा जमा होगा। लोग इसका इस्तेमाल प्लास्टिक मनी के तौर पर कर सकेंगे।
केन्द्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से सभी बैंकों को यह निर्देश दिया गया है कि जिन लोगों के पास बैंक खाता नहीं है लेकिन उनके पास आधार कार्ड या कोई भी वैध पहचान पत्र है तो उन्हें प्री रिचार्ज डेबिट कार्ड मुहैया कराया जाय। मंत्रालय की तरफ से यह भी कहा गया है कि अगर किसी व्यक्ति के परिवार में किसी सख्स के पास बैंक खाता है तो उससे इस कार्ड को लिंक कर दिया जाय। इसके लिए कार्ड प्राप्त करने वाले व्यक्ति को एक आवेदन देना होगा। इसमें एक सीमा तक राशि तय कर दी जाएगी।
एक अधिकारी के मुताबिक, अगर किसी के पिता या माता या किसी अन्य पारिवारिक सदस्य के नाम से कोई खाता है तो उसका कार्ड उस खाते से लिंक कर दिया जाएगा। अगर इस तरह का कोई खाता नहीं है तो उसे आधार कार्ड या कोई भी वैध पहचान पत्र के साथ आवेदन करना होगा। जैसा कि बैंक क्रेडिट कार्ड देते समय प्रक्रिया का पालन करते हैं।
मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक इस योजना के तहत एक खाते पर अधिकतम पांच कार्ड ही जारी किए जा सकेंगे। इसके साथ ही नाबालिगों को भी प्री रिचार्ज डेबिट कार्ड देने की मंजूरी दी गई है। हालांकि, कार्ड के रिचार्ज की अधिकतम या न्यूनतम सीमा अबी तय नहीं की गई है लेकिन इसे बाद में तय किया जाएगा

नोटबंदी के चलते बिकने से बची महिला, 20 लाख में भाई ने ही किया था सौदा

महिला के भाई ने एजेंट की साथ सौदा किया था कि 20 लाख रुपए कैश दिया जाएगा, लेकिन एजेंट नकदी का इंतजाम नहीं कर पाया।
केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद देशभर के लोग पैसे की किल्लत से प्रभावित हुए हैं। जहां एक धड़ा सरकार के इस फैसले के फायदे गिना रहा है, वहीं कई लोग इसके विरोध में भी हैं। लेकिन राजस्थान के अलवर में सरकार के इस फैसले का फायदा एक महिला को जरूर हुआ है। यह नोटबंदी का ही असर था कि वह बिकते-बिकते बच गई। दरअसल यहां रहने वाली 21 साल की एक महिला का भाई उसे नीलाम कर रहा था। महिला के भाई ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर अपनी बहन का सौदा तस्करी करने वाले एक दलाल के साथ कर दिया था। डील हुई थी कि इसके बदले उन्हें 20 लाख रुपए कैश में दिए जाएंगे।

बुधवार को दलाल महिला के भाई को 20 लाख रुपए कैश देता, लेकिन नोटबंदी के चलते दलाल पैसा का बंदोबस्त नहीं कर पाया। एजेंट ने कैश के बदले चेक से पेमेंट करने का ऑफर दिया, जिससे दोनों में बहस शुरू हो गई। अलवर के एडिशनल एसपी पारस जैन ने बताया, “महिला के भाई और एजेंट के बीच हुई बहस से मौका पाकर महिला वहां से भाग निकली। वह भागकर थाने आ गई और पुलिस की मदद मांगी।” जैन ने बताया कि पीड़िता को महिला कॉन्स्टेबल के साथ महिला पुलिस स्टेशन भेजा गया और बयान दर्ज कर लिया गया।

अभी निकाल सकते हैं लिमिटेड कैश:

आपको बता दें कि नोटबंदी के फैसले के बाद बैंक और एटीएम से कैश निकालने की सीमा काफी कम कर दी गई है। एटीएम से जहां एक दिन में प्रतिकार्ड 2500 रुपए निकाल सकते हैं, वहीं बैंक खाते से एक हफ्ते में 24 हजार रुपए निकाल सकते हैं। हालांकि जिन घरों में शादी है उनके लिए यह लिमिट 2.5 लाख रुपए है। लेकिन उसके लिए कुछ शर्तें दी गई हैं।

सिर कलम किए गए सैनिक के पिता ने याद दिलाया एक के बदले 10 सिर का चुनावी वादा, अफसरों के सामने बड़ा सवाल- कैसे दिखाएं शहीद का चेहरा

मंगलवार को कश्मीर के माछिल में पाकिस्तानी सैनिकों ने घात लगाकर हमला किया था। शहीद हुए तीन जवानों के शव में से एक शव के साथ बर्बरता भी की गई थी।
राजस्थान के जोधपुर में जन्मे राइफलमैन प्रभु सिंह बुधवार को 25 साल के हो जाते। लेकिन जन्मदिन से एक दिन पहले ही कश्मीर के माछिल सेक्टर में पाकिस्तानियों के हमले में वह शहीद हो गए। प्रभु सिंह के साथ दो अन्य जवान भी शहीद हुए। शहीद हुए तीन जवानों के शव में से एक शव के साथ बर्बरता भी की गई थी। सूचना मिलने के बाद से ही शेरगढ़ तहसील में प्रभु सिंह के घर मातम पसरा है। शहीद प्रभु सिंह के पिता चंद्र सिंह ने कहा कि सरकार को अब पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाना ही चाहिए, नहीं तो देश के जवान यूं ही मरते रहेंगे। उन्होंने पीएम मोदी के 2014 में एक सिर के बदले 10 सिर वाले चुनावी वादे की भी याद दिलाई। चंद्र सिंह ने कहा, “चुनावी वादे कभी पूरे नहीं होते। कुछ ना कुछ कमी रह जाती है। प्रधानमंत्री को अब कुछ करना ही चाहिए।”

माछिल सेक्टर में शहीद हुए प्रभु सिंह सिर्फ 25 साल के थे। दो साल पहले ही शादी हुई और 10 महीने की मासूम बेटी पलक है। अपने परिवार की रोजी-रोजी का एकमात्र सहारा प्रभु दिवाली के समय छुट्टी पर घर आए थे। चार बहनों के इकलौते भाई प्रभु के दो बहनों की शादी हो चुकी है जबकि 2 बहनों की शादी की जिम्मेदारी अभी उनके कंधों पर बाकी थी।

सालों से चली आ रही परंपरा:

राइफलमैन प्रभु सिंह का परिवार 100 से ज्यादा सालों से देश की सेवा कर रहा है। शहीद के पिता चंद्र सिंह ने बताया कि जब प्रभु सिंह पैदा हुआ था उन्होंने तभी फैसला कर लिया था कि इसे फौज में भेजेंगे। चंद्र सिंह ने बताया, “किसी और पेशे में जाने का सवाल ही नहीं उठता था। मेरे पिता अचल सिंह ने भी कई सालों तक देश की सेवा की थी। मैं भी 1979 से 1998 तक फौज में रहा था। मेरी पोस्टिंग भी जम्मू-कश्मीर में रही थी। मेरे तीन भाई भी सेना और पुलिस में रहे चुके हैं। देश की सेवा करना हमारी परंपरा रही है।”

आईएएस टॉपर टीना डाबी ने की पुष्टि, जल्द करने वाली हैं सेकेंड टॉपर अतहर आमिर से शादी

अतहर आमिर को टीना डाबी से पहली नजर में प्यार हो गया था। हालांकि टीना ने उनके प्रपोजल कई महीने बाद स्वीकार किया था।
आईएएस, आईएफएस और आईपीएस जैसी सेवाओं के लिए होने वाली केंद्रीय लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) 2015 की परीक्षा में पहला स्थान पाने वाली टीना डाबी और दूसरा स्थान पाने वाले अतहर आमिर-उल-शफी ख़ान जल्द ही परिणय सूत्र में बंधने वाले हैं। नौ नवंबर को फेसबुक पर टीना डाबी के नाम से बने एक फेसबुक प्रोफाइल पर स्टेटस अपडेट किया गया था कि “इन अ रिलेशिपशिप विथ अतहर आमिर खान”, उसके बाद ही दोनों की तस्वीरें इस आशय के साथ सोशल मीडिया शेयर की जाने लगी थीं। अब टीना डाबी ने खुद टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार से इस बात की पुष्टि की है कि वो अतहर आमिर से शादी करने वाली हैं और दोनों की जल्द ही सगाई होने वाली है। 22 वर्षीय टीना यूपीएससी परीक्षा में पहला स्थान प्राप्त करने वाली पहली दलित महिला हैं।
टीना और अतहर इस समय मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। टीना और अतहर पहली बार नई दिल्ली स्थित डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनोल एंड ट्रेनिंग (डीओपीटी) के नार्थ ब्लॉक स्थित दफ्तर में 11 मई को मिले थे। टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक 23 वर्षीय आमिर को उनसे पहली नजर में प्यार हो गया था। टीना ने अखबार को बताया, “हम सुबह मिले और शाम को आमिर मेरे दरवाजे पर था।” लेकिन टीना ने आमिर का प्रपोजल अगस्त में स्वीकार किया। टीना कहती हैं, “लेकिन मैं आमिर को हर रोज उसकी लगन के लिए धन्यवाद कहती हूं। वो शानदार इंसान है।”
सोशल मीडिया पर जब टीना और अतहर की तस्वीरें शेयर की जाने लगीं तो कुछ लोगों ने उन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की। इन कमेंट से टीना आहत भी हुईं। लेकिन वो मानती हैं कि सार्वजनिक जीवन में होने की ये छोटी कीमत उन्हें चुकानी पड़ रही है।  साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वो और आमिर एक-दूसरे के प्यार करते हैं और वो अपने रिश्ते से बहुत खुश हैं।
टीना मानती हैं कि एक स्वतंत्र विचार वाली आत्मनिर्भर महिला होने के नाते उन्हें अपनी जिंदगी के फैसले खुद करने का हक है। टीना ने अखबार को बताया कि उनके और अतहर के परिवार वाले भी इस रिश्ते से खुश हैं। टीना मानती हैं कि किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति के साथ प्यार या शादी करने पर कुछ लोग अंगुली उठाते ही हैं लेकिन ऐसे लोग समाज में केवल पांच प्रतिशत होते हैं। समाज का बड़ा तबका इससे खुश ही होता है। टीना के अनुसार फेसबुक पर ज्यादातर लोगों ने उनके फैसले की प्रशंसा ही की है।

 

नोटबंदी: सरकार ने दी UPI ऐप से सेकेंड्स में पैसा मंगाने-भेजने की सुविधा, ऐसे करें इस्तेमाल

बैंकों की इस नई UPI ऐप के जरिए आप कुछ सेकेंड्स में ही भेज सकते हैं किसी दूसरे खाते में पैसा।
नोटबंदी के बाद से कारोबारियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी दौरान कारोबारियों और आम लोगों की सुविधा के लिए बैंकों की एक नई ऐप्लिकेशन गूगल प्ले स्टोर पर आ गई है। आर्थिक मामलों के वित्त सचिव शक्तिकांत दास ने इस नई ऐप की घोषणा की है। दरअसल इस ऐप के जरिए महज कुछ सेकेंड्स में ही आप अपना पैसे एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में ट्रांस्फर कर सकते हैं।
नई यूपीआई ऐप आपको गूगल प्ले स्टोर से आसानी से मिल सकती है। हर एक बैंक की अलग-अलग ऐप स्टोर पर मौजूद है। उदाहरण के लिए अगर आपका बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक में है तो आप पंजाब नेशनल बैंक की यूपीआई ऐप डाउनलोड कर उसे अपने मोबाइल फोन में इंस्टॉल कर सकते हैं। इसके बाद ऐप आपको गाइड करेगी।
सबसे पहले वह आपसे ऐप के लिए पिन नंबर सेट करने के लिए गाइड करेगा। इसके बाद आप ऐप में अपने बैंक खाते की डीटेल्स भरेंगे और जिसके खाते में आपको पैसे भेजना है उसकी डीटेल्स भरेंगे। आखिर में ट्रांस्फर करने से पहले वह एक बार और ऐप पिन नंबर मांगेगी। पिन के करेट होते ही पैसे दूसरे के बैंक खाते में चले जाएंगे और यह काम आप बस कुछ सेकेंड्स में ही पूरा कर सकते हैं।
वहीं इस ऐप से पैसा ट्रांस्फर करने की अधिकतम सीमा पर जानकारी आना अभी बाकी है। इसके अलावा शक्तिकांत दास ने आज प्रेस वार्ता में और भी कई जानकारियां दी हैं। उन्होंने बताया कि 31 दिसबंर तक फोन द्वारा किए गए किसी भी ई-बैंकिंग ट्रांसेक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।
साथ ही दास ने बताया कि RuPay कार्ड के इस्तेमाल में लगने वाले स्विचिंग चार्ज को भी खत्म कर दिया गया है और डेबिट कार्ड के इस्तेमाल पर भी सर्विस चार्ज 31 दिसंबर तक के लिए खत्म किया गया है। इसके अलावा पेटीएम ऐप के ई-वॉलेट की सीमा 10 हजार रुपये से बढ़ाकर अब 20 हजार रुपये तक कर दी है।

 

बैंक से पैसे निकालने पहुंचे ग्राहक को 10-10 रुपये के सिक्कों में दिए 20 हजार रुपये

नोटबंदी के बाद से ही बैंकों में नकद राशि की कमी हो गई है। इसी वजह से दिल्ली में एक को-ऑपरेटिव बैंक ने अपने एक ग्राहक को 20 हजार रुपये का भुगतान सिक्कों के रूप में किया।
देश भर में नोटबंदी लागू किए जाने के बाद लोगों को 2000 और 500 रुपये के नए नोट हासिल करने में काफी परेशानियों का समाना करना पड़ रहा है। बैंकों में नई करेंसी की कमी होने की वजह से लोगों को नए नोट नहीं मिल पा रहे हैं। इसी परेशानी की हकीकत को बयां कर रहा है दिल्ली का यह नया मामला।

दिल्ली में एक बैंक ने 20 हजार रुपये निकालने आए अपने ग्राहक को नकद राशि का भुगतान 10-10 रुपये के सिक्कों के रूप किया। इम्तियाज आलम पेशे से पीआर प्रोफेसर हैं और जामिया नगर इलाके के जसोला के एक को-ऑपरेटिव बैंक में उनका खाता है।

बैंक के पास 2000 या 500 रुपये के नए नोट खत्म हो चुके थे और इसीलिए उन्होंने इम्तियाज को 20 हजार रुपये 10-10 रुपये के सिक्कों के रूप में देने की बात कही। इम्तियाज के मुताबिक वह लाइन में 5 घंटे से खड़े थे और उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी।

बड़ी संख्या के नोटों के खत्म हो जाने की वजह से उनको बैंक मैनेजर ने सिक्कों के रूप में पैसे देने की बात कही। कोई और ऑपशन न होने की वजह से इम्तियाज 20 हजार रुपये सिक्कों के रूप में लेने पड़े। बैंक से दिए गए कुल सिक्कों का वजन लगभग 15 किलोग्राम का रहा।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर आधी रात से 1000 और 500 रुपये के पुराने नोटों को बंद कर 2000 और 500 रुपये के नए नोटों को जारी करने की घोषणा की थी। प्रधान मंत्री ने इसे काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ इसे एक अहम फैसला बताया था।

अगर इंसान ने रहने के लिए नहीं खोजा दूसरा ग्रह तो 1000 साल में मिट सकता है अस्तित्व: स्टीफेन हॉकिंग

हॉकिंग ने कहा, "पिछले 50 सालों में अंतरिक्ष के बारे में हमारी समझ बहुत बदल गई है और मुझे इस बात की खुशी है कि इसमें छोटा सा योगदान मेरा भी है।"

अगर इंसान ने अगले एक हजार साल में अपने रहने के लिए कोई दूसरा ग्रह नहीं खोजा तो उसका अस्तित्व समाप्त हो सकता है। ये कहना है मशहूर वैज्ञानिक स्टीफेन हॉकिंग का।  अंतरिक्ष के रहस्यों के गिने-चुने जानकारों में शुमार किए जाने वाले हॉकिंग ने कहा है, “मुझे नहीं लगता है कि हम इस नाजुक ग्रह पर एक हजार साल और रह पाएंगे।” हॉकिंग ऑक्सफोर्ड यूनियन डिबेटिंग सोसाइटी में एक व्याख्यान के दौरान बोल रहे थे। 74 वर्षीय हॉकिंग पिछले पांच दशकों में अतंरिक्ष विज्ञान में हुई प्रगति के बारे में छात्रों को बता रहे थे। हॉकिंग ने कहा 2016 अंतरिक्ष विज्ञान के लिए बहुत अहम रहा, “ये समय थियरेटिकल फीजिक्स में शोध करने के हिसाब से बहुत ही जीवंत है। ”
द इंडिपेंडेंट में प्रकाशित खबर के अनुसार हॉकिंग ने कहा, “पिछले 50 सालों में अंतरिक्ष के बारे में हमारी समझ बहुत बदल गई है और मुझे इस बात की खुशी है कि इसमें छोटा सा योगदान मेरा भी है।” सोमवार को हॉकिंग ने कहा, “सच ये है कि हम मनुष्य प्रकृति का एक छोटा सा अंश हैं, हम उन नियमों को इस सीमा तक समझ चुके हैं जिनसे हमारा जीवन निर्धारित होता है, और ये निश्चय ही एक बड़ी जीत है।” हॉकिंग के अनुसार कॉस्मोस जैसे सुपरकम्प्यूटर की मदद से वैज्ञानिक ब्राह्मण्ड में मौजूद लाखों आकाशगंगाओं का नक्शा बनाने में सफल  हो सकते हैं। हॉकिंग ने कहा, “संभव है कि एक दिन हम गुरुत्वाकर्षण तरंगों का प्रयोग करके बिग बैंग (महाविस्फोट) के हृदय में झांक सकें। लेकिन हमें मनुष्य के लिए भी अंतरिक्ष की पड़ताल जारी रखनी होगी।”
हॉकिंग पिछले कुछ सालों से मनुष्य के भविष्य को लेकर आशंका भरे बयान देते रहे हैं। इसी साल जनवरी में विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में हुए विकास के प्रति सावधान करते हुए कहा था कि “नई चीजों गलत दिशा में भी जा सकती हैं।” हॉकिंग ने ये आशंका भी जताई थी कि अगले 100 साल तक मंगल पर मानव कॉलोनी बनाना संभव नहीं लगता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि इंसानों को इन 100 सालों तक बहुत ही सावधानी के साथ जीना होगा।

सुषमा की जान बचाने रायपुर की महिला दान देना चाहती है किडनी


नई दुनिया की रिपोर्ट
रायपुर। केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की किडनी (गुर्दा) खराब होने और उनके दिल्ली के एम्स में भर्ती होने की खबर पढ़कर राजधानी रायपुर की एक महिला आगे आई है। गुरुवार को पति के साथ नईदुनिया कार्यालय पहुंची जनता कॉलोनी गुढ़ियारी निवासी टिना अपूर्वा पति राजेश ने स्वेच्छा से अपनी एक किडनी देकर सुषमा की जान बचाने की इच्छा जताई है।निम्न मध्यम वर्ग परिवार की टिना अपूर्वा के पति राजेश बारदाना (बोरा) खरीदने और बेचने का काम करते हैं। टिना सिलाई का काम करके परिवार का भरण-पोषण में सहयोग कर रही हैं। उनके तीन बेटे हैं। टिना का कहना है कि सुषमा की एक किडनी खराब होने की खबर नईदुनिया में पढ़कर उन्हें लगा कि एक राष्ट्रीय नेता का जीवन बचाने में वे काम आ सकींतो उन्हें खुद पर गर्व होगा।टिना कहती हैं कि डॉक्टरों के मुताबिक एक किडनी ठीक होने पर व्यक्ति अपनी जिंदगी जी सकता है, इसलिए मैंने और मेरे परिवार ने यह कदम उठाने का फैसला किया। उन्होंने कहा- यदि मेरी किडनी उनके ग्रुप के मुताबिक उपयोगी साबित हो तो मैं सहज इस दान के लिए तैयार हूं।गौरतलब है कि किडनी प्रत्यारोपण के लिए एम्स में भर्ती केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के नजदीकी परिवार में कोई किडनी दानदाता नहीं है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन को दानदाता की तलाश हैं।
कोई स्वार्थ नहीं
टिना का कहना है कि किडनी देने अभी तक कोई दानदाता सामने नहीं आया है, इसलिए मैं अपनी एक किडनी देकर सुषमा की जान बचाना चाहती हूं। इसमें मेरा कोई व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं है। किडनी दान देने से मुझे कोई परेशानी नहीं है, पति भी इसके लिए तैयार हैं।

चीनी मीडिया ने साधा मोदी पर निशाना, कहा- ‘मजाक’ बन सकता है नोटबंदी का फैसला

बीजिंग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद करने का ‘बड़ा फैसला’ महज ‘खराब पक्षपातपूर्ण षड्यंत्र’ या ‘महंगा राजनीतिक मजाक’ बनकर रह जाएगा। अगर वह इसके बड़े-बड़े वादों को पूरा करने में असफल रहे। यह टिप्पणी चीन की आधिकारिक मीडिया ने किया है।
सरकारी ग्लोबल टाइम्स ने एक लेख में लिखा है कि ऐसा भारी-भरकम और विस्तृत अभियान चलाने के लिए राजनीतिक साहस की जरूरत होती है, लेकिन इसे खुशनुमा अंत तक पहुंचाने में बहुत बुद्धि की जरूरत पड़ती है। उसने लिखा है कि इस तथ्य को देखते हुए कि लोगों को संभावित बदलाव के लिए बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है, यदि बीजेपी अपने बड़े-बड़े वादों को पूरा करने में असफल रही तो मोदी के लिए बहु-प्रशंसित मास्टरस्ट्रोक या बड़ा सुधार महज एक ‘खराब पक्षपातपूर्ण षड्यंत्र’ या ‘महंगा राजनीतिक मजाक’ बनकर रह जाएगा।
लेख में कहा गया है कि पुराने बड़े नोटों का चलन बंद किया जाना भारत में नई बात नहीं है। हालांकि भारत में भारी मात्रा में मौजूद कालाधन का खत्म करना कभी भी आसान मिशन नहीं रहा।
अखबार के अनुसार है कि इस तूफानी सुधार का चिरस्थाई और मूलभूत कदमों से समर्थन करने में यदि मोदी असफल रहे तो भारत के लोगों ने अभी तक जो बेहद बड़ा सामाजिक और आर्थिक मूल्य चुकाया है, उसके बावजूद इससे हुआ लाभ तुरंत खत्म हो जाएगा। लेख के अनुसार, पुराने बड़े नोटों का चलन बंद होने से बीजेपी को भी लाभ हो सकता है।
उसमें कहा गया है कि मोदी के इस कदम के पीछे यद्यपि निहित पक्षपातपूर्ण एजेंडा भी है। तुरंत नोटों का चलन बंद होने से अन्य राजनीतिक दलों को नुकसान पहुंच सकता है, जिनके पास उनकी अपनी भाजपा से ज्यादा धन था। इससे आगामी उत्तर प्रदेश तथा पंजाब विधानसभा चुनावों में बीजेपी को काफी लाभ होगा।

मोदी सरकार का गरीबों को तोहफा, ‘सबको आवास’ योजना के तहत 3 साल में बनेंगे 1 करोड़ मकान

सरकार ने आज बताया कि ‘वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास’ के उद्देश्य को पूरा करने के लिए अगले तीन साल में एक करोड़ मकान बनाने की परिकल्पना की गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को आगरा में इस योजना का शुभारंभ करेंगे।

सरकार ने गुरुवार को बताया कि ‘वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास’ के उद्देश्य को पूरा करने के लिए अगले तीन साल में एक करोड़ मकान बनाने की परिकल्पना की गई है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को आगरा में इस योजना का शुभारंभ करेंगे। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आज लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 20 नवंबर को उत्तर प्रदेश के आगरा में इस योजना का शुभारंभ करेंगे जिसके तहत अगले तीन वर्ष में एक करोड़ आवासों का निर्माण किया जाना है। उन्होंने साक्षी महाराज के प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘सरकार की परिकल्पना के अनुरूप ‘वर्ष 2022 तक सभी के लिए मकान’ के उद्देश्य को पूरा करने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तरप्रदेश सहित पूरे देश में पूर्ववर्ती इंदिरा आवास योजना को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में पुनर्गठित करने को मंजूरी दी है।
उन्होंने कहा, ‘इस योजना के अंतर्गत 2016-17 से लेकर 2018-19 तक तीन साल में एक करोड़ मकान बनाने की परिकल्पना की गई है। ’ तोमर के अनुसार योजना के अंतर्गत मैदानी क्षेत्र में 1.20 लाख रुपये और पर्वतीय क्षेत्रों में 1.30 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में 33 लाख मकानों का निर्माण किया जाएगा। तोमर ने साक्षी महाराज के एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि योजना के तहत उत्तर प्रदेश में अगले तीन साल में 12 लाख मकान बनाये जाएंगे।

अरविंद केजरीवाल के ‘घूसखोरी’ वाले आरोप के बाद नरेंद्र मोदी पर भड़के लोग, सोशल मीडिया पर बोले ‘मोदी भ्रष्ट जनता त्रस्त’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर घूसखोरी का आरोप लगाया था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार (15 नवंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर घूसखोरी का आरोप लगाया था। तब से ट्विटर पर #मोदी_भ्रष्ट_जनता_त्रस्त ट्रेंड कर रहा है। ट्रेंड पर लोग पीएम मोदी के साथ-साथ बीजेपी को भी निशाने पर ले रहे हैं। लोगों में बीजेपी और पीएम मोदी दोनों के लिए गुस्सा दिख रहा था। कोई लिख रहा था ‘हर गली मोहल्ला अब यही बोलेगा #मोदी_भ्रष्ट_जनता_त्रस्त ‘, दूसरे ने लिखा, ‘न खाउंगा न खाने दूँगा पर CM था जब …. कितना खाया’, वहीं तीसरे ने लिखा, ‘जिसने विश्वास किया, उसी को दगा दिया, वैसे अडवाणी जी का स्वास्थ्य कैसा है’ इसके अलावा लोगों ने कुछ वीडियो भी शेयर किए जिसमें नोटबंदी से परेशान लोग सरकार को कोस रहे थे। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स को भी दिखाया गया। लोगों ने उन सभी पर बिकाऊ होने का और बीजेपी सरकार के खिलाफ ना लिखने का आरोप भी लगाया।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में आपात सत्र के दौरान बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला था और उनपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। केजरीवाल ने कहा था कि आदित्य बिरला ग्रुप के एक्‍जीक्‍यूटिव प्र‍ेसिडेंट के पास से बराबद 2012 के मैसेज से पता चला कि उसने गुजरात सीएम को पैसे दिए थे। केजरीवाल ने कहा, ‘आदित्य बिरला ग्रुप पर अक्टूबर 2013 में छापा पड़ा था। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सभी कागजात ले लिए थे। ग्रुप के एक्‍जीक्‍यूटिव प्र‍ेसिडेंट शुभेंन्दु अमिताभ के लेपटॉप, ब्लैकबेरी को भी लिया गया था। उसमें एक एंट्री में लिखा था गुजरात सीएम 25 करोड़। गुजरात के सीएम के आगे 25 करोड़ और ब्रेकिट में 12 दिए और बाकी ? लिखा था। गुजरात सीएम कौन थे उस वक्त….नरेंद्र मोदी जी 2012 में। ‘
केजरीवाल ने विधान सभा में आगे कहा था कि पहली बार कुर्सी पर बैठे किसी प्रधानमंत्री का नाम काले धन के किसी घोटाले में आया है। केजरीवाल ने यह भी कहा था कि ‘पनामा घोटाले में मोदी जी के कितने दोस्‍तों के नाम थे, मगर कोई एक्‍शन नहीं लिया गया। 648 लोगों के स्विस बैंक अकाउंट नंबर तक लिखे हुए थे, मगर कार्रवाई इसलिए नहीं हुई क्‍योंकि इस लिस्‍ट के अंदर प्रधानमंत्री मोदी जी के दोस्‍त हैं।’ दस्‍तावेज सामने रखते हुए सीएम ने कहा था, ‘आज मैं सबूत लेकर आया हूं। आयकर विभाग ने 15 अक्‍टूबर 2013 को आदित्‍य बिरला ग्रुप पर छापेमारी हुई। वापस आने के बाद इनकम टैक्‍स की अप्रेजल रिपोर्ट में बिरला ग्रुप के अकाउंटेंट ने कहा कि मैं हवाला का पैसा लेकर आता हूं। मेरे बॉस का नाम शुभेन्‍दु अमिताभ हैं। वे बिरला ग्रुप के एक्‍जीक्‍यूटिव प्र‍ेसिडेंट थे।’

हैदराबाद: वकील और उसके लड़के पर दलित लड़की के साथ बलात्कार का मामला दर्ज

एक वकील और उसके पुत्र के खिलाफ एक दलित लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने का मामला दर्ज किया गया।

एक वकील और उसके पुत्र के खिलाफ बुधवार (16 नंवबर) को एक दलित लड़की के साथ कथित तौर पर बलात्कार करने का मामला दर्ज किया गया। वह लड़की बाद में में गर्भवती भी हो गई। पुलिस ने बताया कि लड़की की उम्र 14 -15 वर्ष के आसपास है। वह कुछ माह पहले चैतन्यपुरी इलाके के वकील एम. सुधाकर रेड्डी के यहां कार्यालय में काम करती थी। उसने आरोप लगाया है कि वकील रेड्डी और उसके 30 वर्षीय पुत्र भरत ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की। शहर के एक बाल अधिकार संगठन ने लड़की को वकील के पुत्र से बचाया। इस संबध में चैतन्यपुरी पुलिस थाने में एक मामला भी दर्ज कराया गया है।
पुलिस उपायुक्त (एल बी नगर क्षेत्र) तफसीर इकबाल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा को बताया कि शिकायत के बाद वकील और उसके पुत्र के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 (बलात्कार), पॉक्सो एक्ट और एसी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। डीसीपी ने बताया कि लड़की को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है। हालांकि, अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
डीएसपी ने बताया कि जल्दी ही उन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इकबाल ने बताया कि ‘‘हमने उनके स्थानों पर छानबीन की है…और उनको गिरफ्तार करने के प्रयास जारी है।’’उन्होंने बताया कि इस संबध में जांच चल रही है।