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पहली बार राजपथ पर गरजा हमारा तेजस, ताकत देखकर दुनिया हो गई हैरान पहली बार राजपथ पर गरजा हमारा तेजस, ताकत देखकर दुनिया हो गई हैरान

देश में बने हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस और एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निग एंड कंट्रोल सिस्टम (एईडब्ल्यू एंड सी) ने गुरुवार को गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार अपनी ताकत दिखाई। आसमान में बदली छाए रहने के बावजूद 300 मीटर की ऊंचाई पर 780 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ान भरकर तीन लड़ाकू जेट विमानों ने राजपथ पर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। इससे पहले एलसीए ने पिछले साल भारतीय वायु सेना दिवस पर भी उड़ान भरी थी। इसने आईएएफ की प्रदर्शनी आयरन फर्स्ट, एयरो इंडिया और बहरीन इंटरनैशनल एयरशो में भी अपनी ताकत दिखाई थी।
एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी द्वारा विकसित और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लि. द्वारा प्रस्तुत स्वदेशी निर्मित तेजस चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो 1,350 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से उड़ने की क्षमता रखता है और इसकी तुलना फ्रांस के मिराज 2000, अमेरिकन एफ-16 और स्वीडन के ग्रिपेन सहित विश्व के सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमानों से की जाती है। तेजस को जुलाई 2016 में भारतीय वायुसेना के 45वें स्क्वाड्रन में शामिल किया गया था। विमानों की संख्या को मौजूदा आठ से बढ़ाकर प्रतिवर्ष 16 करने की योजना है।
इसलिए खास है तेजसः
-यह विमान 50 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर सकता है। इसकी लंबाई 13.2 मीटर और ऊंचाई 4.4 मीटर है। इसका वजन 6,560 किलो है।
-भारतीय अधिकारियों के मुताबिक तेजस चीन-पाक द्वारा मिलकर बनाए गए लड़ाकू विमान जेएफ-17 थंडर से 6 मानकों पर बेहतर है।
-इस विमान को बनाने में 55000 करोड़ की लागत आई थी।
-तेजस ने ढाई हजार घंटे के सफर में 3 हजार से ज्यादा उड़ानें भरी हैं। इसकी कलाबाजी और फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम संतोषजनक है।
-तेजस का रखरखाव काफी सस्ता होगा। भारत के सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमान सुखोई 30 का रखरखाव काफी महंगा है।
-तेजस का ढांचा कार्बन फाइबर से बना है। यह धातु से हल्का और मजबूत 

डोनाल्‍ड ट्रंप बने अमेरिका के राष्‍ट्रपति, दुनिया के सबसे ताकतवर देश के 45वें राष्‍ट्राध्‍यक्ष

रिपब्लिकन डोनाल्‍ड ट्रंप अमेरिका के 45वें राष्‍ट्रपति बन गए हैं। शुक्रवार को कैपिटल हिल में हुए भव्‍य समारोह में ट्रंप ने पद की शपथ ली। चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने ट्रंप को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्‍होंने बराक ओबामा की जगह ली, जो लगातार दो कार्यकाल से राष्‍ट्रपति रहे हैं। यूएस कैपिटल की परंपरा के अनुसार ट्रंप ने ऐतिहासिक लिंकन बाइबिल पर हाथ रखकर शपथ ली। उन्‍होंने अपनी मां की बाइबिल का भी प्रयोग किया। उप राष्ट्रपति माइकल पेंस ने ‘द रीगन फैमिली बाइबल’ का इस्तेमाल किया। ट्रंप ने बतौर राष्‍ट्रपति अपने पहले संबोधन में आर्थिक सख्‍ती और राष्‍ट्रीयता पर जोर देने के संकेत दिए। उन्‍होंने लोगों से कहा, ”साल 2017 अमेरिका की अगुवाई करने वालों को बदलने का गवाह बन रहा है। हम वाशिंगटन डीसी की जगह आपको ताकत सौंप रहे हैं।” ट्रंप ने आगे वाली चुनौतियों के मुकाबले के लिए देश को तैयार रहने को कहा। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर देश को संभालेंगे। उन्‍होंने कहा, ”हमारे मध्‍य-वर्ग की संपत्ति छीन ली गई और पूरी दुनिया में बांट दी गई। ये पुरानी बात हुई और अब हम सिर्फ भविष्‍य की तरफ देख रहे हैं। हम आपकी संपत्ति वापस लाएंगे, आपका गौरव लौटाएंगे। मैं आपको निराश नहीं करूंगा। हम इसे वह देश बनाएंगे जहां अमेरिकंस रहते हैं। हम सिर्फ दो नियम मानेंगे- अमरीकी खरीदो, अमरीकियों को नियुक्‍त करो।”
ट्रंप ने साफ कहा, ”मैं सबकुछ पहले अमेरिकियों के लिए करूंगा। मैं आपको सबकुछ वापस दिलाऊंगा। हम अमेरिकी हाथों से ही अपना देश बनाएंगे। लोगों का नियंत्रण सत्ता पर होना चाहिए, देश में बदलाव अभी से शुरू होंगे।”

 

जब किसी ने नहीं खरीदी दीनदयाल उपाध्याय पर लिखी किताब तो अमित शाह ने बीजेपी मुख्यमंत्रियों को दिया ऑर्डर

भारतीय जनता पार्टी के विचारक दीनदयाल उपाध्याय की जिंदगी पर लिखी गई 15 किताबों के एक सेट को पिछले साल रिलीज किया गया था। लेकिन इस किताब को ज्यादा लोगों ने नहीं खरीदा। ऐसे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भाजपा शासित प्रदेशों को निर्देश दिए कि यह किताब खरीदी जाए। शाह ने सभी मुख्यमंत्रियों को आदेश देते हुए कहा कि उनके राज्य में पब्लिक लाइब्रेरी, स्कूलों और कॉलेजों में लाइब्रेरी किताबों के इस सेट को 6 हजार रुपए में खरीदें। किताब के प्रकाशक प्रभात प्रकाशन को 1300 कॉपियों का ऑर्डर मिला है, ये ऑर्डर मुख्यत राजस्थान और छत्तीसगढ़ से मिले हैं।
इसके अलावा प्रकाशक नानाजी देशमुख पर छह किताबों के सेट की और कॉपियों फरवरी मध्य तक प्रकाशित करने की सोच रहा है। साथ ही पांच किताबें पूर्व आरएसएस प्रचारकों पर भी प्रकाशित की जाएंगी। पब्लिक लाइब्रेरी के अलावा भाजपा लाइब्रेरी भी इन किताबों को खरीद सकती हैं।
बता दें, भाजपा सरकार दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का प्रचार-प्रसार करने में लगी है। पिछले साल खबर आई थी कि गुजरात में 11वीं कक्षा के इकॉनॉमिक्‍स के छात्र पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय के बारे में पढ़ेंगे। बदले हुए पाठ्यक्रम के तहत गुजरात बोर्ड ने ‘आर्थि‍क विचार’ नाम से नया चैप्‍टर जोड़ा गया था। इसमें चाणक्‍य और महात्‍मा गांधी के साथ ही दीनदयाल उपाध्‍याय को भी शामिल किया गया था। यह चैप्‍टर गुजरात बोर्ड से जुड़ी सभी स्‍कूलों में यह चैप्‍टर पढ़ाया जाएगा। यह चैप्‍टर 15 पन्‍नों का है। इसमें न केवल ‘पंडित दीनदयाल के मुख्‍य आर्थिक विचार’ को विस्‍तार से लिखा गया है बल्कि उनकी व्‍यक्तिगत विशेषताओं का भी जिक्र किया गया है। 11वीं कक्षा का पाठ्यक्रम लगभग एक दशक बाद बदला गया है। दीनदयाल उपाध्‍याय भारतीय जन संघ के संस्‍थापकों में से एक थे और आरएसएस प्रचारक भी थे।

 

अखिलेश यादव ने कहा, ”पिता को नीचा दिखाने वाली किसी जीत में खुशी नहीं…मगर ये लड़ाई जरूरी थी”

पिता मुलायम सिंह यादव से संघर्ष कर पार्टी और उसका चुनाव चिन्‍ह हासिल करने वाले उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी पतिक्रिया दी है। अखिलेश ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि ‘मेरे पिता को नीचा दिखाने वाली किसी जीत में खुशी नहीं… लेकिन यह लड़ाई जरूरी थी।” सोमवार को चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी की कस्‍टडी अखिलेश को सौंप दी थी। पार्टी के ज्‍यादातर जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी अखिलेश के समर्थन में थे। चुनाव आयोग ने कहा कि पार्टी के नाम और उसके चुनाव चिन्‍ह ‘साइकिल’ पर अखिलेश यादव का हक है, मुलायम सिंह का नहीं। अखिलेश ने चैनल से कहा, ”वह मेरे पिता हैं…और चुनाव आयोग का फैसला आने के बाद मैं सीधे उनसे मिलने गया। मैं उनका आशीर्वाद लेने गया था।” अखिलेश ने सोमवार को अपनी और मुलायम की आमने-सामने बैठे एक तस्‍वीर ट्वीट की थी, जिसके साथ उन्‍होंने लिखा था, ”साइकिल चलती जाएगी…आगे बढ़ती जाएगी…”
यादव परिवार में महीनों से पार्टी पर कब्‍जे की लड़ाई चल रही है। मामला गंभीर तब हो गया जब मुलायम सिंह और शिवपाल के महीनों तक मुख्‍यमंत्री को प्रत्‍याशियों का चयन करने से रोके रखा। उधर, अखिलेश ने अपने चाचा रामगोपाल के साथ मिलकर अपने उम्‍मीदवारों की सूची जारी कर दी और पार्टी की बैठक बुलाकर खुद को समाजवादी पार्टी का नया अध्‍यक्ष घोषित कर दिया। मुलायम सिंह को ‘मागदर्शक’ का पद देकर उन्‍हें संन्‍यास की तरफ ढकेल दिया गया।
मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने ऐलान किया है कि उत्‍तर प्रदेश में अखिलेश की समाजवादी पार्टी और उनके दल का गठबंधन होगा। अन्‍य दलों को शामिल कर ‘महागठबंधन’ बनाने की संभावना से फिलहाल इनकार करते हुए आजाद ने इन्‍हीं दोनों पार्टियों के मिलकर यूपी का चुनाव लड़ने की बात कही है।

 

कांग्रेस में शामिल होकर नवजोत सिंह सिद्धू ने बीजेपी को बताया कैकेयी, कहा- वे पैदायशी कांग्रेसी हैं

पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू आधिकारिक रूप से कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। दिल्‍ली कांग्रेस मुख्‍यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उनके निशाने पर अकाली दल और बादल परिवार रहा। भाजपा के खिलाफ वे नरम नजर आए। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी पर पूछे गए सवाल को टाल गए। उन्‍होंने कहा कि वे पंजाब के हित के हित के लिए कांग्रेस में आए हैं। वे पैदायशी कांग्रेसी हैं। आज वे अपने घर लौट आए हैं। सिद्धू ने अपनी पुरानी पार्टी भाजपा को कैकेयी और कांग्रेस को कौशल्‍या बताया। उन्‍होंने कहा, ”लोग कहते हैं सिद्धू पार्टी को मां कहता था। लेकिन मां तो कैकेयी भी थी। सबको पता है मंथरा कौन है पंजाब में।”
अकाली दल और प्रकाश सिंह बादल पर हमला बोलते हुए उन्‍होंने कहा, ”भाग बाबा बादल भाग, कुर्सी खाली कर, पंजाब की जनता आती है।” सिद्धू ने कहा कि पंजाब में नशेखोरी की समस्‍या राजनेताओं के कारण हैं। यहां पर पुलिस को कठपुतली बना दिया गया है। वे बोले कि पंजाब में युवाओं की जिंदगियां उजाड़ी जा रही हैं। अकाली दल पवित्र जमात था जो अब जायदाद बन गया है। बादल ने लूटकर अपना घर भरा हैं। उनकी नीयत में खराबी हैं। बादल ने पंजाब को बेच दिया। वे उनको बेनकाब कर देंगे। पंजाब की हालत पर फिल्‍म भी बन रही है बादल को यह भी नहीं दिखता।
पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के साथ अपने रिश्‍तों को लेकर सिद्धू ने कहा कि जब दो देश आमने-सामने बैठकर अपनी समस्‍याएं दूर सकते हैं तो दो लोग क्‍यों नहीं। भाजपा छोड़ने के सवाल पर उन्‍होंने जवाब दिया कि भाजपा ने गठबंधन चुना और उन्‍होंने पंजाब को। भाजपा से उनका मनमुटाव नहीं था। सारा पंजाब जानता है कि उन्‍हें दूर रखने की साजिश रची गई। जब अमृतसर से कोई लड़ने को कोई तैयार नहीं थे तब वे लड़े और जीते। उन्‍हें दिल्‍ली से लड़ने को कहा गया लेकिन वे भगौड़ा नहीं बनना चाहते थे। आम आदमी पार्टी के सवाल पर सिद्धू बोले कि ऐसी कोई बात नहीं हुई। आप से किसी तरह की मांग नहीं की गई। उन्‍होंने खुद की डिप्‍टी सीएम बता दिया। प्रेस कांफ्रेंस में उन्‍होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर पूछे गए सवाल को टाल दिया। हालांकि उन्‍होंने कहा कि राजनीति में आज विश्‍वास की कमी है।

 

केदार जाधव का तूफानी शतक, धोनी का पांच साल पुराना रिकॉर्ड भी किया ध्‍वस्‍त

केदार जाधव ने इंग्‍लैंड के खिलाफ पुणे वनडे में शतक लगा दिया है। जाधव ने तूफानी पारी खेलते हुए 65 गेंद में सैंकड़ा लगाया। उनका शतक चौके के साथ पूरा हुआ।यह एकदिवसीय क्रिकेट में उनका दूसरा शतक है। उन्‍होंने कप्‍तान विराट कोहली के साथ मिलकर टीम इंडिया को संकट से निकाला और जीत की ओर ले गए। जाधव ने 11 चौकों और दो छक्‍कों की मदद से 100 रन पूरे किए। वे 76 गेंद में 12 चौकों और चार छक्‍कों की मदद से 120 रन बनाकर जैक बॉल के दूसरे शिकार बने। शतकीय पारी के दौरान जाधव क्रैंप(मांसपेशियों में खिंचाव) से परेशान रहे। कई बार तो उन्‍हें रन लेने में भी दिक्‍कतें आईं लेकिन जाधव डटे। एक बार तो शॉट लगाने के बाद वे गिर भी गए।

लक्ष्‍य का पीछा करते हुए उन्‍होंने भारत की ओर से चौथा सबसे तेज शतक लगाया। यह रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम हैं, जिन्‍होंने 52 गेंद में सैंकड़ा लगाया था। वहीं वीरेंद्र सहवाग ने 60 और विराट कोहली ने 61 गेंद में 100 रन बनाए थे। जाधव ने अपनी पारी के दौरान केवल 29 गेंद में अर्धशतक लगाया जो कि भारत की ओर से इंग्‍लैंड के खिलाफ सबसे तेज वनडे शतक है। जाधव ने महेंद्र सिंह धोनी का पांच साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। धोनी ने पांच साल पहले साल 2011 में कार्डिफ में 26 गेंद में 50 रन बनाए थे।

केदार जाधव ने पांचवें विकेट के लिए विराट कोहली के साथ 200 रन जोड़े। यह भारत की ओर से इस विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। इससे पहले एमएस धोनी और सुरेश रैना के नाम यह रिकॉर्ड था। दोनों ने जिम्‍बाब्‍वे के खिलाफ 196 रन की साझेदारी की थी। वहीं विश्‍व क्रिकेट में जाधव-कोहली की पार्टनरशिप पांचवीं सबसे बड़ी है।

इससे पहले भारत की ओर शुरुआत खराब रही। सलामी बल्‍लेबाज शिखर धवन एक और केएल राहुल 8 रन बनाकर आउट हो गए। दोनों को डेविड विली ने आउट किया। तीन साल बाद वनडे टीम में वापसी करने वाले युवराज सिंह अच्‍छे रंग में दिखे लेकिन 15 रन बनाने के बाद वे बेन स्‍टोक्‍स की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। वहीं पूर्व कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी केवल 6 रन बनाकर वापस लौट गए। उन्‍हें जैक बॉल ने चलता किया।

 
 

आर्मी डे: सेनाध्यक्ष बिपिन रावत की जवानों को चेतावनी, शिकायत करने पर आप भी दोषी पाए जा सकते हैं

आर्मी चीफ जनरल विपिन रावत रविवार (15 जनवरी) को आर्मी डे के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। वहां उन्होंने उन जवानों को याद किया जिन्होंने देश के लिए अपनी जान की कुर्बानी दी। उन्होंने कहा, ‘मैं उन जवानों को सलाम करता हूं जिन्होंने अपनी जान की कुर्बानी दी, उन लोगों से ही हमारी वीरता मानी जाती है। हम लोग उन लोगों के परिवार और उनके कर्जदार हैं।’ विपिन रावत ने पाकिस्तान और बाकी पड़ोसी देशों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘बॉर्डर पर शांति बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है, लेकिन हम लोग सीजफायर का उल्लंघन होने पर मुंहतोड़ जवाब देने से भी नहीं चूकेंगे।’ रावत ने आगे कहा कि चीन और उत्तरी सीमा के बॉर्डर्स पर शांति बनाए रखने के लिए आपस में विश्वास बढ़ाया जा रहा है।
जवानों द्वारा सोशल मीडिया पर लगातार शेयर किए जा रहे वीडियोज के मामलों पर भी विपिन रावत ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, ‘कुछ साथी अपनी समस्या को रखने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। इसका असर उन बहादुर जवानों पर पड़ता है जो सीमा पर हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि सभी शिकायतों के लिए ठीक चैनल बनाए गए हैं। जवान असंतुष्ट होने पर उनका सहारा ले सकते हैं। रावत ने आगे कहा कि अगर जवान उससे भी संतुष्ट ना हों तो फिर सीधा उनसे भी शिकायत कर सकते हैं। लेकिन रावत ने जवानों को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, ‘आपने जो कार्यवाही की, आप उसके लिए अपराधजनक भी पाए जा सकते हैं।’
आर्मी चीफ बनने के बाद विपिन रावत इससे पहले भी पाकिस्तान को चेतावनी देते रहे हैं। कई टीवी इंटरव्यू के दौरान रावत ने साफ कहा कि जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान पर फिर से सर्जिकल स्ट्राइक हो सकती है।

 

2014 में एकमुश्त वोट देने वाले पश्चिमी यूपी के खापों और जाटों का ऐलान- दंगाई पार्टी है बीजेपी, नहीं देंगे वोट

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव आगामी 11 फरवरी से शुरू होने हैं। इसी बीच मोदी सरकार के कार्यकाल से जाट समुदाय खफा नजर आ रहा है। 8 जनवरी 2017 को उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आए लगभग 35 खाप नेताओं ने मुजफ्फरनगर के खराड़ में एक सभा आयोजित की। सभा जाट आरक्षण समिति द्वारा आयोजित कराई गई थी। सभा में खाप नेताओं ने मोदी सरकार के कार्यकाल की कड़ी आलोचना की और 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी को वोट नहीं देने का ऐलान किया। सभा में जाट आरक्षण, किसान कर्ज, फसल का उचित न्यूनतम मूल्य, गन्ना किसानों का बकाया भुगतान, नोटबंदी से रबी फसल की बुआई में हुई देरी समेत कई मुद्दों को लेकर मोदी सरकार की आलोचना की गई। खाप नेताओं ने ऐलान किया कि इस बार यूपी के चुनाव में जाट समुदाय बीजेपी को हराने के लिए वोट करेंगे।
चौधरी सुभाष बालियान सर्व खाप के महामंत्री हैं जिसमें यूपी और हरियाणा की लगभग 365 खाप पंचायत आती हैं। उन्होंने कहा “मोदी सरकार को लेकर जाटों में काफी गुस्सा है, इन्होंने जाटों को आरक्षण नहीं दिया और न ही अपने किसी विकास के वादे को पूरा किया। इस सरकार पर भरोसा कर वोट दिया था लेकिन आगे ऐसा नहीं होगा।” बालियान ने आगे कहा, “मुजफ्फरनगर दंगों ने बीजेपी को फायदा पहुंचाया लेकिन इसका अंजाम हमें भुगतना पड़ रहा है। हमारे बच्चे जेलों में बंद हैं। बीजेपी चाहती है कि हम बस बेवजह मुसलमानों से लड़ते रहें”
वहीं एक और खाप नेता चौधरी नरेश टिकैत ने कहा, “न सिर्फ जाट बल्कि पूरा किसान समुदाय इस सरकार की वजह से सभी किसान परेशान हैं। हमारे साथ धोका हुआ है, हमे उम्मीद थी कि गन्ना फसल के अच्छे दाल मिलेंगे लेकिन हमारी फसल का सही मूल्य ही नहीं मिल पा रहा है अभी। नोटबंदी ने किसानों की कमर तोड़ दी है इस सरकार को किसान की परेशानी से कोई मतलब नहीं”। इसके अलावा एक और खाप नेता चौधरी जीतेंद्र सिंह हु़ड्डा ने कहा कि इस बार के चुनाव में मुसलमान और जाट एकसाथ है और बीजेपी को अच्छा सबक सिखाया जाएगा।

 

हिमाचल में -15 डिग्री तापमान में जम गए एनआईटी के दो छात्र, 11000 फ़ीट ऊंचे मंदिर के पास मिली लाश

नेशनल स्टूडेंट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) के दो छात्रों के शव हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बर्फ से ढंके शिकारी देवी मंदिर के पास मिले। यह दोनों छात्र 6 जनवरी से लापता थे, जिनके शव शुक्रवार को तब बरामद हुए जब 40 लोगों की एक टीम और एक हेलीकॉप्टर से उन्हें खोजा जा रहा था। छात्रों के परिजनों ने मंडी जिला पुलिस को बताया था कि दोनों छात्र अक्षय कुमार और नवनीत राणा एनआईटी हमीरपुर के कैंपस से पिछले एक हफ्ते से लापता हैं, जिसके बाद शुक्रवार सुबह उनका तलाशी अभियान शुरू किया गया था।
छात्रों के शव करीब 11000 फ़ीट ऊंचे मंदिर से थोड़ी ही दूरी पर मिले। एक शव के पास मिले बैग में पहचान पत्र था, जिससे पता लगा कि वह हमीरपुर के सुजानपुर का रहने वाला अक्षय है, हालांकि दूसरे शव की पहचान नहीं हो पाई लेकिन अधिकारियों का मानना है कि वह बिलासपुर का रहने वाला नवनीत हो सकता है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश समेत उत्तरी भारत के कई राज्यों में बर्फबारी हो रही है और तापमान काफी नीचे चला गया है। शिकारी देवी मंदिर भी 20-100 सेमी की बर्फ में दबा है और यहां का तापमान – 15 डिग्री सेल्सियस बना हुआ है।
यह पता नहीं लग पाया कि यह दोनों छात्र मंदिर की ओर जा रहे थे या फिर लौटकर आ रहे थे। जनजेहली में पहाड़ी की चोटी पर स्थित इस मंदिर जाने के बारे में इन छात्रों ने अपने किसी भी परिवार या रिश्तेदार को नहीं बताया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अपने सिर्फ एक दोस्त को इसकी जानकारी दी थी। वहीं, जब परिवार वाले लगातार 5 दिन तक संपर्क नहीं कर पाए तो चिंतित होकर एनआईटी कैंपस पहुंचे व जनजेहली के एसडीएम अश्वनी कुमार से मदद के लिए गुहार लगाई।

 

शोभा डे ने सुषमा स्वराज को दी ट्वीट ना करने की सलाह, भड़के टि्वटर यूजर्स ने दिया करारा जवाब

कॉलमनिस्‍ट शोभा डे के विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज को लेकर सलाह के रूप में किए गए ट्वीट ने सोशल मीडिया यूजर्स को नाराज कर दिया। शोभा ने ट्वीट कर सुषमा को सलाह दी थी कि वे नए साल में कम ट्वीट करें। 13 जनवरी को किए गए ट्वीट में उन्‍होंने लिखा, ”सुषमा स्‍वराज: 2017 के लिए रिजॉल्‍यूशन- शांत रहिए और ट्वीट करना बंद कीजिए।” गौरतलब है कि सुषमा स्‍वराज ने विदेश मंत्री के रूप में टि्वटर का इस्‍तेमाल कर मददगार के रूप में अपनी छवि बनाई है। उन्‍होंने विदेशों में रहने वाले लोगों से भी कहा था कि अपनी समस्‍याओं को लेकर वहां मौजूद भारतीय दूतावास या उच्‍चायुक्‍तों को ट्वीट करें। साथ ही उन्‍होंने वीजा से जुड़ी समस्‍याओं का हल भी ट्वीट के जरिए किया है।

 

वीडियो: मुजफ्फरनगर के कैराना में गरजे असदुद्दीन ओवैसी- दंगों में बहा मुसलमानों का खून, मां-बहनों का हुआ बलात्कार, किसी ने नहीं की मदद

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (ऐआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पड़ोसी शामली जिले के कैराना से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार शुरू किया। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि समाजवादी पार्टी में किसी को भी 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों में बहाए गए मुसलमानों के खून की पर्वाह नहीं है। वहीं ओवैसी ने चुनौती देते हुए कहा, “किसी माई के लाल में दम है जो मुझे यूपी आने से रोक सके, यूपी किसी के बाप का नहीं है”। ओवैसी ने सपा के चुनाव के दौरान अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को न निभाने की बात कही और बीजेपी पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया। ओवैसी ने आगे कहा, “शामली में लूटा जा रहा है, दादरी में मुसलमानों को मार दिया, मुजफ्फरनगर में मां-बहनों का हुआ बलात्कार मगर किसी ने मदद नहीं की।” उन्होंने आगे कहा “इन्होंने क्या किया…? पांच लाख लेलो, 15 लाख लेलो… मुसलमानों के खून की कीमत बस इतनी है। इसलिए इस बार चुनाव में आप अपनी पार्टी को वोट करें।”

अपने विवादित बयानों के लिए जाने जाने वाले ओवैसी ने राज्य में लोकप्रिय राजनीतिक दलों, विशेष रूप से सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा कि वे ‘‘सिर्फ चुनावों के दौरान ही अल्पसंख्यकों के अधिकारों की वकालत करते हैं।’’ यहां एक चुनावी रैली में एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा, ‘‘सभी दलों ने उत्तर प्रदेश में अल्संख्यकों, पिछड़ा वर्ग और वंचित तबके के महज वोट बैंक के रूप में देखा है।’’ सत्तारूढ़ पर चुटकी लेते हुए, उन्होंने कहा, ‘‘एक पार्टी जो खुद अपने परिवार से लड़ रही है, हमसे कैसे लड़ सकती है?’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुलायम सिंह के नेतृत्व वाली पार्टी एआईएमआईएम को प्रदेश में नहीं चाहती है, जबकि हम अल्पसंख्यकों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं, और सपा उन्हें सिर्फ वोटबैंक के रूप में देख रही है।’’

हैदराबाद आधारित नेता नेता ने टिप्पणी किया, पार्टियां अल्पसंख्यकों के दिलों में ‘‘भाजपा लहर’’ का डर बैठाकर वोट पाना चाहती हैं। ओवैसी ने सवाल किया, ‘‘पार्टियां विभिन्न तरीकों से अल्पसंख्यकों का विश्वास और वोट पाना चाहती हैं। लेकिन क्या वे अल्पसंख्यकों की बेहतरी की ओर जा रही हैं?’’ ओवैसी ने लोगों ने कहा कि वह एआईएमआईएम को वोट दें और ‘‘अपनी आवाज सुनाएं।’’ पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 11 प्रत्याशियों की सूची जारी की है।

अधिकारियों के काम से नाखुश पीएम मोदी, बीच में छोड़ी मीटिंग, कहा- तुम काम को लेकर सीरियस नहीं हो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न विभागों के सचिवों के काम से खुश नहीं हैं। इस बात के दो मामले सामने आए हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, एक बार तो पीएम प्रेजेंटेशन के खत्म होने से पहले ही निकल गए। खबर के मुताबिक, पहली बार तो पीएम ने सचिवों को और ज्यादा मेहनत करने के लिए कहा और दूसरी बार यानी पिछले हफ्ते वे मीटिंग के बीच से ही उठकर चले गए। यह हैरान करने वाली बात इसलिए है क्योंकि ज्यादातर बार पीएम मोदी मीटिंग के खत्म होने तक बैठते हैं और बातचीत में हिस्सा लेते हैं। हालांकि, मोदी के नाराज होने की पूरी वजह सामने नहीं आई है। मीटिंग में किस बात का जिक्र हुआ था इसका भी पता नहीं चल पाया है।

क्या कहा मोदी ने: पीएम की तरफ से कहा गया कि उन्हें अधिकारी काम के लिए सीरियरस नहीं लगते। वहां मौजूद लोगों से और ज्यादा मेहनत करने के लिए भी कहा गया। इसके साथ ही पीएम ने सभी विभागों के सचिवों को फिर से नए तरीके से काम करके नए विचारों और आइडियाज को सामने लेकर आने को कहा।

कब-कब हुआ ऐसा: पीएम की पहली बार की नाराजगी कृषि और उससे जुड़े विभाग के सचिवों से हुई मीटिंग में सामने आई। उसके बाद दूसरी बार ऐसा पिछले हफ्ते हुआ। जब मोदी स्वास्थ्य, स्वच्छता और शहरी विकास के सचिवों की मीटिंग से उठकर चले गए थे। मोदी उस मीटिंग के खत्म होने से पहले ही निकल गए थे। दोनों मीटिंग्स में सचिवों और पीएम मोदी के अलावा नीति आयोग और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भी अधिकारी मौजूद थे।

एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया पर 3,050 करोड़ के जुर्माने को अटॉर्नी जनरल ने सही ठहराया

नई दिल्ली। दूरसंचार कंपनियों भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर पर 3,050 करोड़ रुपये के कुल जुर्माने का रास्ता साफ करते हुए समझा जाता है कि अटॉर्नी जनरल ने राय दी है कि दूरसंचार विभाग के पास सेवाप्रदाताओं पर उनकी सेवाओं में कमी के लिए जुर्माना लगाने का अधिकार है।

एक सूत्र ने कहा कि अटॉर्नी जनरल ने राय दी है कि दूरसंचार विभाग के पास सेवाओं की गुणवत्ता के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने का अधिकार है। इस घटनाक्रम पर भारती एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल ने कहा कि हमारा रुख यह है कि यह जुर्माना हड़बड़ी में लगाया गया है। हमने इस बारे में ट्राई, दूरसंचार विभाग को पत्र लिखा है। जो मुझे पता है कि दूरसंचार विभाग ने ट्राई की सिफारिशों पर विचार के लिए समिति बनाई है। हम सभी को इसके नतीजों का इंतजार है।

बता दें, भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने एयरटेल और वोडाफोन पर 1,050-1,050 करोड़ रुपये तथा आइडिया पर 950 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की थी। ट्राई ने दूरसंचार विभाग को भेजी अपनी सिफारिशों में कहा कि इन तीनों कंपनियों ने लाइसेंस शर्तों और सेवा गुणवत्ता नियमों का उल्लंघन किया। इन कंपनियों की कॉल ड्रॉप की दर काफी ऊंची रही और रिलायंस जियो के लिए इंटरकनेक्ट बिंदुओं पर ‘जाम’ की स्थिति मिली।

ट्राई की सिफारिशों के बाद दूरसंचार विभाग ने इस बारे में अटॉर्नी जनरल की राय मांगी थी। दूरसंचार विभाग ट्राई के जुर्माने के सुझाव पर आगे बढ़ने से पहले अटॉर्नी जनरल की राय का इंतजार कर रहा था।

काला हिरन शिकार मामला: जोधपुर कोर्ट ने सलमान, सैफ, तबू, सोनाली बेंद्रे को 25 जनवरी को पेश होने को कहा

राजस्‍थान में काला हिरन शिकार मामले में जोधपुर कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी किया है। बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान, सैफ अली खान, तबू, नीलम और सोनाली बेंद्रे को 25 जनवरी को अदालत के सामने पेश होने को कहा गया है।इस केस से जुड़े दो अन्य मामलों में सलमान खान को राजस्थान हाईकोर्ट ने जुलाई 2016 में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था जिसके खिलाफ राजस्थान सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी।
साल 1998 के काला हिरण के शिकार के  केस में सलमान खान साल 2007 में करीब एक सप्ताह तक जेल में रहे थे। सलमान पर आरोप था कि उन्होंने बिना लाइसेंस वाली बंदूक से काला हिरण का शिकार किया है। निचली अदालत ने इस मामले में दोषी करार देते हुए सलमान खान को दो अलग-अलग मामलों में क्रमश: एक और पांच साल की सजा सुनाई थी।
गौरतलब है कि सलमान खान के खिलाफ 26-27 सितंबर, 1998 में भवाद गांव में दो चिंकारा और 28-29 सितंबर, 1998 में मथानिया (घोड़ा फार्म) में एक चिंकारा के शिकार के संबंध में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 51 के तहत मामले दर्ज किए गए थे। निचली अदालत (सीजेएम) ने उन्हें दोनों मामलों में दोषी ठहराते हुए 17 फरवरी 2006 को एक साल और 10 अप्रैल, 2006 को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई थी।

 

सेनाध्यक्ष बिपिन रावत बोले- पाकिस्तान पर फिर कर सकते हैं सर्जिकल स्ट्राइक

देश के नए सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने कहा है कि फिलहाल पड़ोसी देश पाकिस्तान की तरफ से युद्ध विराम का उल्लंघन नहीं हो रहा है, सीमा पार से गोलीबारी की घटनाओं में कमी आई है लेकिन भविष्य में अगर फिर से पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया तो हम दोबारा सर्जिकल स्ट्राइक करेंगे। शुक्रवार को नई दिल्ली में सेना के वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में उन्होंने ये बात कही। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में अगर युद्ध होता है तो वो लड़ाई लंबी नहीं चलेगी। उन्होंने कहा, “एक कहावत है, रक्षा के लिए आक्रमण सबसे अच्छा होता है लेकिन हम आक्रमण की नीति पर नहीं चलते हैं। हम खुद और पड़ोसियों से भी शांति और सद्भाव की अपेक्षा रखते हैं।” उन्होंने कहा कि अगर कोई हमारी शांति और सद्भाव की नीति पर हमला करेगा तो हम सर्जिकल स्ट्राइक जैसे ऑपरेशन से पीछे नहीं हटेंगे।
इसके साथ ही सेनाध्यक्ष ने देशभर के सैनिकों से अपने सभी मुद्दे आंतरिक स्‍तर पर उठाने के लिए कहा है। रावत ने सेना के सामने चुनौतियों पर भी बात की। उन्‍होंने कहा, ‘हमें नए हथियार और सिस्‍टम लाने की जरूरत है। प्रॉक्‍सी वॉर, आतंकवाद और घुसपैठ की चुनौतियां हमें आने वाले कई साल तक परेशान करेंगी।’ रावत ने सार्वजनिक माध्‍यमों के प्रयोग से बचने की हिदायत दी। उन्‍होंने कहा कि जिन्‍हें किसी भी बात से शिकायत है, वह अधिकारियों से अपनी व्‍यथा कहें। उन्होंने कहा कि ‘जिसे भी किसी भी तरह की शिकायत है वो मुझसे डायरेक्‍टली कह सकता है।’ उन्‍होंने कहा कि ‘आर्मी हेडक्‍वार्टर और बाकी कमांड्स में सजेशन एंड ग्रीवांस बॉक्‍स लगा है, जिसे भी शिकायत है वो उसमें डाल सकता है, हम उस पर ध्‍यान देंगे।” रावत ने कहा कि ‘हमारे लिए हर जवान मायने रखता है।’
रावत ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा, ”मीडिया के जरिए, मैं सेना के हर रैंक तक अपनी बात पहुंचाना चाहता हूं। उन्‍हें जो भी शिकायतें हैं, वह हमारे बेहतरीन ग्रीवांस रीड्रेसल सिस्‍टम के तहत संज्ञान में ला सकते हैं। रैंक और सेवा किनारे रखकर कोई भी मुझसे सीधे संपर्क कर सकता है। हम चाहते हैं कि वे (जवान) सोशल मीडिया की बजाय सीधे हमारे पास आएं।”
गौरतलब है कि बीएसएफ जवान का एक वीडियो सामने आने के बाद सेना के जवानों ने भी बदइंतजामी को लेकर सोशल मीडिया पर आवाज बुलंद की है। इसी के मद्देनजर सेनाध्यक्ष ने सैनिकों को अनुशासन में रहकर शालीन और संयत तरीके से अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचाने की अपील की है।