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दिल्ली में CM से पहले LG :-सुप्रीम कोर्ट ...केजरीवाल को लगा झटका

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल के मामले में दिल्ली सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों के संविधान पीठ ने दिल्ली सरकार से अपने प्रारम्भिक विचार बताए। कोर्ट ने कहा कि प्रावधान के मुताबिक उपराज्यपाल को संविधान ने प्रमुखता दी है। दिल्ली सरकार के लिए उपराज्यपाल की सहमति जरूरी है। बतौर केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली सरकार के अधिकारों की संविधान में व्याख्या की गई है और उसकी सीमाएं तय हैं। उपराज्यपाल के अधिकार भी चिन्हित किए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति उपराज्यपाल के माध्यम से दिल्ली में प्रशासनिक कार्य करते हैं। दिल्ली सरकार को भी संविधान के दायरे में काम करना होगा क्योंकि भूमि, पुलिस और पब्लिक आर्डर पर उसका नियंत्रण नहीं है। ऐसा लगता है दिल्ली सरकार कानून के दायरे में रहकर काम नहीं करना चाह रही। अगर दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच कोई मतभेद होगा तो मामले को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। कोर्ट ने कहा कि जब तक कोर्ट के सामने विशेष तौर पर ये नहीं बताया जाएगा कि उपराज्यपाल कहां अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर काम कर रहे हैं तब तक कोर्ट के लिए मुद्दों का परीक्षण करना संभव नहीं।

दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि संवैधानिक प्रावधानों को सौहार्दपूर्ण तरीके से बनाया जाना चाहिए। चुनी हुई सरकार की भी गरिमा बनी रहनी चाहिए। क्या उपराज्यपाल जो चाहे वो कर सकते हैं, क्या वो बिना मंत्री के अफसरों से मीटिंग कर सकते हैं। एक के बाद एक कल्याणकारी योजनाओं की फाइलें उपराज्यपाल के पास भेजी गई है लेकिन वो एक साल से ज्यादा से फाइलों को क्लियर नहीं कर रहे हैं। दिल्ली सरकार ने कहा कि मंत्रियों को काम कराने के लिए अफसरों के पैर पडना पड़ता है। सारे प्रस्ताव चीफ सेकेट्री के पास जाते हैं और वो कहते हैं कि उपराज्यपाल से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। उपराज्यपाल इस तरह कार्यपालिका के आदेश की फाइलों पर बैठे नहीं रह सकते। उन्हें वाजिब वक्त में कारण सहित अपने अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए। दिल्ली सरकार ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली सरकार के रोजाना कामकाज में दखल दे रही है।

दिल्ली सरकार की ओर से गोपाल सुब्रमण्यम बहस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हम इस बात से सहमत हैं दिल्ली राज्य नहीं बल्कि केंद्रशासित प्रदेश है। 1991 में एक्ट के जरिए इसे स्पेशल स्टेटस दिया गया। इसके दिल्ली की अपनी चुनी हुई सरकार होगी। 239 AA के तहत उपराज्यपाल को कोई भी फैसला लेने से पहले दिल्ली की सरकार की सहमति लेनी होगी। उन्होंने कहा कि 239 AA से पहले संसद दिल्ली के लिए कानून बनाती थी लेकिन इसके लागू होने के बाद भी अगर केंद्र के पास ये अधिकार रहेगा तो इसका मतलब है कि पहले के कानून की छाया अभी भी बरकरार है।

आज से शुरू हुआ छठ महापर्व

पटना। कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की षष्टी को मनाए जाने वाला ये छठ व्रत लोगों की जिंदगी में खुशियों और उनकी आस्था का प्रतीक है। आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत आज से यानि नहाय-खाय से शुरु हो गयी है। छठ महापर्व चार दिनों का होता है। पहला दिन नहाय-खाय का होता है। जब छठव्रती स्नान के बाद शुद्ध घी में बना हुआ भोजन करती हैं।  
साल में दो बार आने वाले इस महापर्व में छठी मईया और सूर्य की उपासना होती है। चैत्र मास और कार्तिक मास में छठ पर्व होता है। लेकिन कार्तिक महीने में होने वाले इस पर्व का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में किसी भी पर्व की शुरुआत स्नान के साथ ही होती है और यह पर्व भी स्नान यानी नहाय-खाय के साथ होता है।

नहाय-खाय के दिन सबसे पहले व्रती घर की पूरी साफ-सफाई करती है। सुबह में नदी, तालाब, कुआं या फिर नल के पानी से स्नान करती हैं। इसके बाद पूरी तरह साफ कपड़े पहनती है। इस दिन गंगा स्नान ज्यादा शुभ माना जाता है। लेकिन अगर गंगा नदी नहीं गये तो नहाने वाले जल में गंगाजल डालकर नहाइए। 

इसके बाद व्रती चने की दाल, लौकी की सब्जी और बासमती चावल बनाती है। भोजन में घी और सेंधा नमक का प्रयोग किया जाता है। गणेश जी और सूर्य का भोग लगाकर व्रती भोजन को ग्रहण करती हैं। इसके बाद घर के बाकी सदस्य भी यहीं खाना खाते हैं।

चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में घर में किसी भी तरह की अशुद्धी नहीं होनी चाहिए। मांस-मदिरा का सेवन पूरी तरह वर्जित होता है। 

दूसरा दिन : 25 अक्टूबर को खरना
नहाय-खाय के दूसरे दिन खरना होता है। खरना में छठ व्रती पूरे दिन निर्जला व्रत करती हैं। शाम को स्नान कर, नए कपड़े पहनकर प्रसाद बनाती हैं। मिट्टी के चूल्हे पर बना प्रसाद ज्यादा महत्व रखता है। शुद्ध दूध में खीर बनाया जाता है, इसके साथ रोटी बनायी जाती है। खीर में दूध के साथ गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है। 
फिर व्रती पहले खीर और रोटी का भगवान को भोग लगाकर और हवन करके इस प्रसाद को ग्रहण करती हैं। फिर यहीं प्रसाद घरवाले खाते हैं और जिनके घर छठ नहीं हो रहा होता है उनके घर प्रसाद को जरूर दिया जाता है। 

तीसरा दिन : 26 अक्टूबर को शाम का अर्घ्य 
खरना के बाद निर्जला व्रत शुरू होता है। तीसरे दिन शाम को व्रती पूरे परिवार के साथ घाट पर जाती है। लोकगीत के साथ पूरा माहौल भक्तिमय होता है। सभी व्रती नदी किनारे फल-फूल और पकवान बना कर सूर्य के साथ छठी मैया की पूजा करते हैं। इसके बाद डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। 

चौथा दिन : 27 अक्टूबर, भोर या सूर्य उदय को अर्घ्य 
छठ पूजा के चौथे दिन उगते हुए सूर्य को व्रती अर्घ्य देकर छठी मईया और दीनानाथ (सूर्य ) से आशीर्वाद मांगती हैं। इसके बाद घाट से लौटकर व्रती अपना 36 घंटों का उपवास तोड़ती है। 

छठ व्रत में सबसे ज्यादा सफाई की अहमियत होती है। छठ करने से पहले साफ-सफाई का ध्यान जरूर रखें। प्रसाद भी साफ तरीके से बनाएं और बच्चों से दूर रखें।

आतंकी हमला ग्वादर बंदरगाह पर 26 गंभीर रूप से घायल

क्वेटा: पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह पर ग्रेनेड हमले में 26 लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। यह हमला बंदरगाह पर श्रमिकों के रहने के लिए बनाए गए स्थान पर किया कल रात हुआ। श्रमिक जब रात का भोजन कर रहे थे तभी अचानक कुछ अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने कैंटीन पर हथगोला फेंका। इस हमले में 26 श्रमिक बुरी तरह घायल हो गए हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। पुलिस के अनुसार हमले में घायल श्रमिक ग्वादर बंदरगाह पर पाकिस्तान और चीन के बीच बन रहे आर्थिक गलियारा परियोजना के लिए काम कर रहे थे। अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन इसके पीछे बलूच विद्रोहियों का हाथ होने की आशंका जताई गई है क्योंकि ये लोग शुरु से ही पाकिस्तान -चीन आर्थिक गलियारे का विरोध यह कहते हुए कर रहे हैं कि इससे उनके क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन का रास्ता खुला जाएगा। आर्थिक गलियारे के निर्माण में व्यवधान पैदा करने वाले आतंकी हमलों में वर्ष 2014 से लेकर अबतक करीब 50 पाकिस्तानी श्रमिक मारे जा चुके हैं।

गांधी-शास्‍त्री जयंती: राष्‍ट्रपति, उप-राष्‍ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत राजनेताओं ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। आज 2 अक्टूबर है, यानी राष्ट्रपति महात्मा गांधी की 148वीं जयंती। पूरा देश बापू को याद कर रहा है।  आज ही के दिन ‘बापू’ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। आज गांधी जयंती है। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से लेकर वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति तक सभी गांधी जी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट पहुंचे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। 
बापू को सीनियर बीजेपी लीडर लाल कृष्ण आडवाणी ने राजघाट जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने भी सुबह राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। इनके अलावा उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि दी। गाधी जयंती पर यूपी के सीएम राज्यपाल राम नाईक और सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि दी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने विजयादशमी उत्सव मनाया मोहन भागवत, नितिन गडकरी, देवेंद्र फडनविस सहित लालकृष्ण आडवाणी भी रहे मौजूद

नागपुर-  नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव मनाया गया। हर साल की तरह आज भी इस अवसर पर कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया।

नागपुर के रेशिमबाग मैदान संघ प्रमुख  मोहन  भागवत, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडनविस और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। भागवत ने अपने भाषण की शुरुआत में मुंबई के एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे पर दुख जताया। मोहन भागवत ने कहा- मुंबई में जो हुआ वो दुखद है, उसको लेकर सबकी मन में वेदना हुई है। जीवन में ऐसी बातों का सामना करके आगे बढ़ना पड़ता है।' उन्होंने कहा- विजयादशमी का पर्व विजय देने वाला पर्व है। इस मौके पर उन्होंने मोदी सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा- 70 साल में पहली बार दुनिया का ध्यान भारत पर गया, आर्थिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 

पाकिस्तान में हिंदुओं की हालत पर भागवत ने चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बार बार खुराफातें करता रहता है, जिसकी वजह से सीमा पर रह रहे हिंदुओं को बार-बार वहां से बेदखल होना पड़ता है। वो यहां से आए हैं, इसके पीछे बड़ा कारण है, इसलिए सरकार को उन्हें गंभीरता से लेना चाहिए।

प्रद्युम्न मर्डर:हाईकोर्ट से पिंटो परिवार को नहीं मिली राहत

चंडीगढ़। रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को हुई प्रद्युम्न की हत्या के बाद मुश्किल में आए रेयान स्कूल के संस्थापकों की अग्रिम जमानत पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दी है। बता दें कि इससे पहले बाम्बे हाईकोर्ट भी पिंटो फैमली की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुका है।
जस्टिस  इंद्रजीत सिंह ने पिंटो परिवार की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार को नॉटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से किया इंकार कर दिया है।
बता दें कि इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की बेंच ने रेयान स्कूल मामले की सुनवाई करने से इंकार कर दिया था।  क्योंकि रेयान स्कूल के संचालक जज साहब के जानकार थे।

 

ब्लू व्हेल ने गुजरात में ली एक और युवक की जान

अहमदाबाद। खतरनाक ब्लू व्हेल चैलेंज पूरा करने के बाद 30 वर्षीय अशोक मालुना ने आत्महत्या कर ली। जान देने से पहले फेसबुक पेज पर पोस्ट किए गए वीडियो में उन्होंने इस आशय का दावा किया है।

लेकिन पुलिस का कहना है कि उसे इस बात का कोई सुबूत नहीं मिला है कि आत्महत्या करने से पहले मालुना ऑनलाइन चैलेंज में भाग ले रहे थे। मालुना ने 31 अगस्त को अहमदाबाद में नदी में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी।

पुलिस ने कहा कि 30 वर्षीय मालुना कैंसर से पीड़ित थे। कैंसर को लेकर वह गहरे अवसाद में थे। मालुना बनासकांठा जिले के पालनपुर के निवासी थे। आत्महत्या करने से पहले वह फेसबुक पर लाइव थे।

तब उन्होंने कहा था कि ब्लू व्हेल चैलेंज के अंतिम चरण में पहुंचने के बाद वह अपनी जान दे रहे हैं। वीडियो में मालुना ने कहा था कि वह जिंदगी से तंग आ चुके हैं।

अपने दोस्तों से उनके परिवार के सदस्यों को 46000 रुपये सौंप देने को कहा है। ये रुपये उनकी बैग में हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि जान देने के लिए वह मुंबई पहुंचे लेकिन भारी बरसात के कारण वह ऐसा नहीं कर सके।

पुडुचेरी में सरकार उठाएगी कदम

ब्लू व्हेल चैलेंज पर काबू पाने के लिए पुडुचेरी सरकार कानून बनाएगी। मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने शनिवार को कहा कि इसमें भाग लेने वालों के खिलाफ कठोर कदम भी उठाए जाएंगे।

ऑनलाइन गेम में हिस्सा लेने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में कई छात्र अपनी जान दे चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसपर तुरंत काबू पाया जाना चाहिए।

नईदुनिया  

अंतरिक्ष में इसरो की एक और छलांग,IRNSS-1H सेटेलाइट लॉन्च सफल लॉन्चिंग तो भारत में शुरू होगा प्राइवेट सैटेलाइट्स का युग

इसरो अंतरिक्ष में एक और छलांग लगा दी है। इसरो ने  भारतीय क्षेत्रीय दिशा सूचक उपग्रह आईआरएनएसएस -वन एच का सफल प्रक्षेपण कर दिया है
श्रीहरिकोटा से गुरुवार शाम तक नौवहन उपग्रह ‘‘आईआरएनएसएस-1एच’’ के प्रक्षेपण के लिए उल्टी गिनती शुरू की जा चुकी है और पूरी प्रक्रिया अच्छे से चल रही है। 29 घंटे की उल्टी गिनती की प्रक्रिया बुधवार दोपहर दो बजे शुरू हुई थी। फिलहाल वैज्ञानिक प्रणोदकों को भरने में व्यस्त हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उल्टी गिनती की प्रक्रिया ठीक से चल रही है। ‘‘मिशन रेडीनेस रिव्यू’’ (एमआरआर) समिति और लॉन्च ऑथराइजेशन बोर्ड (एलएबी) ने 29 अगस्त को उल्टी गिनती की मंजूरी दे दी थी। प्रक्षेपण वाहन पीएसएलवी-सी39 इस उपग्रह के प्रक्षेपण के लिए पीएसएलवी के ‘‘एक्स एल’’ प्रकार का उपयोग करेगा जिसमें छह स्ट्रैप-ऑन्‍स लगे हैं। प्रत्येक स्ट्रैप ऑन अपने साथ 12 टन प्रणोदक ले जा रहा है। कुल 44.4 मीटर लंबे पीएसएलवी-सी39 की यह 41वीं उड़ान है। यह अपने साथ आज शाम सात बजे 1,425 किग्रा वजनी उपग्रह ले कर जाएगा। इसका प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्पेस पोर्ट के दूसरे लॉन्च पैड से किया जाएगा। इसरो ने छह छोटे और मध्यम उद्योगों के एक समूह के साथ मिल कर इस उपग्रह का निर्माण और परीक्षण किया है।

 

बगदाद में कार बम धमाका, 9 की मौत

बगदाद: ईराक की राजधानी बगदाद के एक व्यस्त बाजार में एक कार बम फटने से 9 लोगों की मौत हो गई। ईराकी अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फोटक से लदी एक कार में आज सुबह बगदाद के सदर शहर में शिया जिला के जमीला थोक बाजार में विस्फोट कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इस विस्फोट में 15 अन्य लोग घायल भी हुए हैं और मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। एक चिकित्सक ने हताहत हुए लोगों की संख्या की पुष्टि की।

दोनों अधिकारियों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर जानकारी दी क्योंकि उन्हें पत्रकारों से बात करने की अनुमति नहीं थी। इस हमले की अभी तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है। ईराक की राजधानी में शिया नागरिकों को निशाना बनाने वाले इन हमलों की जिम्मेदारी अक्सर इस्लामिक स्टेट लेता है। यह हमला उस वक्त हुआ है जब अमरीका से समर्थन प्राप्त ईराकी सेना आईएस को खदेड़ ताल अफार के उतरी नगर पर कब्जा करने के अंतिम चरण में है। 

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने की इस्तीफे की पेशकश, पीएम ने इंतजार के लिए कहा

पांच दिनों में दो रेल हादसे के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। उन्होंने इस बात की जानकारी ट्विटर पर दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि रेल हादसे में मारे गए लोगों के बारे में जानकर उन्हें बहुत दुख हुआ है। 
प्रभु ने ट्वीट कर कहा- तीन साल से भी कम वक्त के दौरान मैंने मंत्री रहते हुए खून पसीने से रेलवे की बेहतरी के लिए काम किया. हाल में हुए हादसों से मैं काफी आहत हूं. पैसेंजरों की जान जाने, उनके घायल होने से मैं दुखी हूं. इससे मुझे बहुत पीड़ा है. पीएम के न्यू इंडिया विजन के तहत पीएम को ऐसे रेलवे की जरूरत है जो सक्षम हो और आधुनिक हो. मैं वादा कर सकता हूं कि हम उसी राह पर हैं, रेलवे आगे बढ़ रहा है. पीएम मोदी के नेतृत्व में सभी सेक्टर में दशकों पुराने सिस्टम और सुधारों से पार पाने की कोशिश की. मैंने पीएम मोदी से मुलाकात की. इन हादसों की मैं नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं. पीएम ने मुझे इंतजार करने को कहा.

PM ने सोशल मीडिया पर ली CMs की क्लास,कहा- विकास, सुशासन के मंत्र को करें साकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने बीजेपी शासित प्रदेशों से मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से बैठक की और इसमें विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के मंत्र को साकार करने वाली केंद्र की योजनाओं को राज्यों में लागू करने के साथ प्रदेश सरकार की अन्य पहल की समीक्षा की गई. बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इन योजनाओ के बारे में अपनी प्रस्तुति दी. सभी मुख्यमंत्रियों को पीएम नरेंद्र मोदी के ट्वीट्स को रोज सुबह 8 से 9 बजे के बीच रीट्वीट करने को कहा गया है। बैठक में सभी सीएम ने अपने ट्विटर और फेसबुक अकाउंट पर फॉलोअर्स की संख्या की जानकारी दी। इसके अलावा बीते 100 दिनों में फॉलोअर्स की संख्या बढ़ने की जानकारी भी अलग से दी गई। साथ ही सभी सीएम से उनके ट्वीट्स को पीएम द्वारा कितनी बार रीट्वीट किया गया, इसके बारे में भी जानकारी मांगी गई।
बैठक में विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के मंत्र को साकार करने वाली केंद्र की योजनाओं को राज्यों में लागू करने के साथ प्रदेश सरकार की अन्य पहल की समीक्षा की गई । साथ ही बैठक में पीएम मोदी ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का उदाहरण देते हुए सभी सीएम से कहा कि वह भी उन्हीं की तरह केंद्र सरकार की 17 योजनाओं का प्रचार-प्रसार सही तरीके से करें। बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इन योजनाओ के बारे में अपनी प्रस्तुति दी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब इस बैठक में 2019 चुनाव से जुड़ी बातों पर चर्चा हुई। बैठक ऐसे वक्त पर हुई जब केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल की संभावना जताई जा रही है इसके साथ ही साल 2019 तक कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पूर्वोत्तर के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

हवाई अड्डे पर बैठक मामले में अमित शाह पर कार्रवाई नहीं, निदेशक बोले- ऐसा दोबारा नहीं होगा

बंबई उच्च न्यायालय की पणजी पीठ ने सोमवार को गोवा हवाईअड्डे पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की सार्वजनिक बैठक के खिलाफ दायर याचिका का निपटारा किया, जिसमें भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण ने अदालत से कहा कि 1 जुलाई को जो कुछ हुआ, वह एक ‘अलग घटना’ थी और दोबारा ऐसी घटना नहीं होगी। गोवा हवाईअड्डा के निदेशक भूपेश नेगी ने एक लिखित बयान में कहा, “भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में ऐसी कोई भी घटना कभी भी किसी भी परिस्थिति में नहीं हो और हवाईअड्डा क्षेत्र व उसके परिसर का ऐसी किसी भी घटना के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाए।”

अधिवक्ता ऐरिस रॉड्रिक्स ने याचिका दायर कर उस मामले में जांच की मांग की थी, जिसमें 1 जुलाई को डबोलिम हवाईअड्डे पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की गई थी। यह हवाईअड्डा भारतीय नौसेना के आईएनएस हंस बेस द्वारा संचालित किया जाता है।
भारतीय जनता पार्टी के साथ ही एएआई ने अदालत से कहा कि यह बैठक अचानक आयोजित की गई थी, इसलिए अनुमति की मांग करने का प्रश्न ही नहीं उठता।
अदालत ने हालांकि 1 जुलाई को हुई इस बैठक के दौरान मंच, कुर्सियां, साउंड बॉक्स वगैरह पाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यह बैठक एकाएक आयोजित की गई थी, तो ये सब चीजें कैसे आईं। इससे यह संकेत मिलता है कि बैठक पूर्वनियोजित था।

स्‍वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्‍या पर राष्ट्रपति कोविंद का पहला संबोधन- न्यू इंडिया का सपना सब मिलकर करेंगे साकार

नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्‍वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्‍या पर राष्‍ट्र को संबोधित किया। बतौर राष्‍ट्रपति, अपने पहले संबोधन में राष्‍ट्रपति ने देश की आजादी में योगदान देने वाले महापुरुषों का नाम लेते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के लिए अपने जीवन का बलिदान कर देने वाले ऐसे वीर स्वतंत्रता सेनानियों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने और देश के लिए कुछ कर गुजरने की उसी भावना के साथ राष्ट्र निर्माण में सतत जुटे रहने का समय है। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, “स्वतंत्रा नैतिकता पर आधारित नीतियों और योजनाओं को लागू करने पर उनका जोर, एकता और अनुशासन में उनका दृढ़ विश्वास, विरासत और विज्ञान के समन्वय में उनकी आस्था, विधि के अनुसार शासन और शिक्षा को प्रोत्साहन, इन सभी के मूल में नागरिकों और सरकार के बीच साझेदारी की अवधारणा थी।” उन्होंने आगे कहा, “यही साझेदारी हमारे राष्ट्र-निर्माण का आधार रही है – नागरिक और सरकार के बीच साझेदारी, व्यक्ति और समाज के बीच साझेदारी, परिवार और एक बड़े समुदाय के बीच साझेदारी।” राष्‍ट्रपति ने आजादी के आंदोलन के समय देश की एकता और अखण्‍डता की याद दिलाते हुए वर्तमान में वैसी ही भावना विकसित करने की बात कही। उन्‍होंने गांव, खेत-खलिहानों का जिक्र करते हुए कम होते सरोकारों पर चिंता जताई।

राष्‍ट्रपति ने नागरिकों से कानून का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि “सरकार कानून बना सकती है और कानून लागू करने की प्रक्रिया को मजबूत कर सकती है, लेकिन कानून का पालन करने वाला नागरिक बनना, कानून का पालन करने वाले समाज का निर्माण करना – हममें से हर एक की जिम्मेदारी है। सरकार पारदर्शिता पर जोर दे रही है, सरकारी नियुक्तियों और सरकारी खरीद में भ्रष्टाचार समाप्त कर रही है, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में अपने अंत:करण को साफ रखते हुए कार्य करना, कार्य संस्कृति को पवित्र बनाए रखना – हममें से हर एक की जिम्मेदारी है।”
राष्‍ट्रपति ने कहा कि ‘2022 में हमारा देश आजादी के 75 साल पूरा करेगा, तब तक ‘न्‍यू इंडिया’ के लक्ष्‍यों को पूरा करना है। इसके बड़े स्‍पष्‍ट मापदंड हैं, हर परिवार के लिए घर, बेहतर सड़के, यातायात और निजी स्‍वतंत्रता। न्‍यू इंडिया एक ऐसा समाज होना चाहिए जहां पारंपरिक रूप से वंचित हुए लोग देश की समग्र प्रक्रिया में सहभागी हों। जो हर देशवासी को गले से लगाए।’ राष्‍ट्रपति ने तकनीक के इस्‍तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि ‘न्‍यू इंडिया’ में गरीबी के लिए कोई जगह नहीं है। उन्‍होंने कहा कि भारत विश्‍व समुदाय में अहम भूमिका निभा रहा है। भारत ने 2020 के ओलंपिक खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए अभी से तैयारी में जुटने की अपील की। उन्‍होंने इसके लिए सरकारों, व्‍यापारिक संस्‍थानों, खेल अधिकरणों से कदम उठाने को कहा।

सत्यमेव जयते ये सिर्फ मेरी जीत नहीं, बल्कि सरकारी मशीनरी के गलत इस्तेमाल, धनबल और बाहुबल की हार है अहमद पटेल

जीत के बाद अहमद पटेल ने ट्वीट करते हुए लिखा की सत्यमेव जयते  ये सिर्फ मेरी जीत नहीं, बल्कि सरकारी मशीनरी के गलत इस्तेमाल, धनबल और बाहुबल की हार है गुजरात राज्य के 3 राज्यसभा सीटों पर चुनाव आयोग ने नतीजों की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग ने गुजरात की 3 सीटों पर बीजेपी को 2 और कांग्रेस को एक सीट पर विजयी घोषित किया है। इसके साथ ही उस बड़े राजनीतिक गतिरोध का पटाक्षेप हो गया है, जिसकी बिसात पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच गुजरात से लेकर नई दिल्ली तक रस्सा-कस्सी हुई। इस क्रम में बीजेपी और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडलों ने 3-3 बार चुनाव आयोग के दफ्तर तक दौड़ लगाई, जिसमें कांग्रेस को जीत मिली। दरअसल, कांग्रेस के दो विधायकों ने बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार बलवंत सिंह को वोट दिया था और अपने वोट की नुमाइश की थी। कांग्रेस ने इन वोटों को रद्द करने की मांग की थी, जिसे चुनाव आयोग ने मान लिया। इसके बाद चुनाव आयोग ने देर रात नतीजों की घोषणा की। इस चुनाव में बीजेपी की तरफ से अमित शाह, स्मृति ईरानी और कांग्रेस के अहमद पटेल ने जीत हासिल की। अहमद पटेल को 44 वोट मिले।
 

प्रणब मुखर्जी ने शेयर किया PM मोदी का दिल छू लेने वाला खत

नई दिल्लीः पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी हाल ही में पद मुक्त हुए हैं। उन्होंने आज अपने ट्विटर अकांउट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखा उन्हें खत शेयर किया है। मुखर्जी ने खत शेयर करते हुए लिखा कि पिछले दिन मुझे पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से लिखा हुआ खत मिला। इस खत ने मेरा दिल छू लिया, इसे मैं आप सब के साथ भी साझा कर रहा हूं। वहीं पीएम मोदी ने प्रणब के ट्वीट पर लिखा कि मैं हमेशा आपके साथ काम करने को तैयार रहूंगा।

पीएम मोदी ने खत में लिखा कि अब आप अपनी जिंदगी का नया सफर शुरू करने जा रहे हैं। आपने बड़ी ही खूबी से अपने कार्यकाल के दौरान अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। मोदी ने लिखा मैं नया था और केंद्र स्तर पर मुझे कोई अनुभव नहीं था लेकिन प्रणब मुखर्जी के दिशानिर्देश के माध्यम से हम कई चीजें कर सके, जिसे हमने किया।" मेरे विदेश दौरे के दौरान यह पूछते हुए आपका एक फोन कॉल आना कि मैं उम्मीद करता हूं कि आप अपने स्वास्थ्य का ख्याल रख रहे होंगे, मुझे दिनभर चली बैठकों और प्रचार यात्रा के बाद नई ऊर्जा देने के लिए काफी था।
उन्होंने कहा कि मुखर्जी के साथ उनकी हर मुलाकात उनके जीवन में मार्गदर्शक की तरह काम करेगा। एक पिता की तरह मुखर्जी ने हर पल मार्गदर्शन किया। पीएम ने लिखा, "प्रणब दा के साथ तीन साल काम कर मैं हतप्रभ रहा कि इतने समय सरकार का हिस्सा रहने और फैसले लेने के पद पर रहने के बावजूद उन्होंने मेरी सरकार के फैसलों की न तो कभी आलोचना की और न ही अतीत की सरकारों के साथ उनकी तुलना की।"
पीएम मोदी ने कहा कि हालांकि वह और राष्ट्रपति दोनों ही बिल्कुल अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से आए हैं और दोनों ही अलग-अलग विचारधाराओं के बीच पले-बढ़े हैं, लेकिन 'प्रणब दा ने मुझे कभी इसका अहसास नहीं होने दिया। आपकी बुद्धिमानी, मार्गदर्शन और स्नेह ने मुझे काफी विश्वास और शक्ति दी। मुखर्जी के बौद्धिक कौशल ने हमेशा मदद की। मोदी ने कहा, आप नेताओं की उस पीढ़ी से ताल्लुक रखते हैं जिनके लिए राजनीति का मतलब बिना किसी स्वार्थ के समाज की सेवा करना है। आप भारत के लोगों के लिए प्रेरणा के बड़े स्रोत हैं। भारत को हमेशा आप पर गर्व रहेगा।

बता दें कि 24 जुलाई को मुखर्जी की विदाई पार्टी के समय भी मोदी ने उनकी काफी सराहना की थी।