राजधानी

रिटर्न दाखिला में मदद करेंगे जी.एस.टी. मित्र : राज्य में लगभग 150 जी.एस.टी.मित्र प्रशिक्षित

रायपुर - वस्तु एवं सेवा कर (जी.एस.) से संबंधित रिटर्न दाखिल करने में जी.एस.टी मित्र मदद करेंगे। राज्य कर आयुक्त द्वारा प्रदेश में लगभग 150 जीएसटी मित्र बनाए गए हैं। बी.कॉम अथवा एम.काम तक पढ़े लिखे शिक्षित बेरोजगार युवाओं को विभाग द्वारा बाकायदा प्रशिक्षित किया गया है। विभाग की शासकीय वेबसाईट में जी.एस.टी मित्र के नाम से बनाए गए लिंक से जिलेवार इसकी जानकारी ली जा सकती है। रिटर्न फाईलिंग की स्थिति को बेहतर बनाते हुए शत-प्रतिशत रिटर्न फाईलिंग का लक्ष्य प्राप्त इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है।
राज्य कर आयुक्त मुख्यालय की संयुक्त आयुक्त निमिषा झा ने आज यहां बताया कि विवरणी प्रस्तुत करने में व्यापारियों को होने वाली परेशानियों के निराकरण के लिए जी.एस.टी. मित्र बनाए गए हैं। राजधानी रायपुर और संभागीय मुख्यालयों में चयनित जी.एस.टी मित्रों को प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि ये जी.एस.टी. मित्र स्वतंत्र रूप से काम करेंगे। विभाग द्वारा इनके काम-काज पर कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। यह पूरी तरह से व्यापारियों और जी.एस.टी. मित्रों के बीच आपसी समझौते पर आधारित होगा। इन्हें विभाग द्वारा किसी प्रकार का मानदेय नहीं दिया जाएगा और न ही ये विभाग द्वारा नियोजित समझे जाएंगे। व्यापारी अपने निकटतम प्रशिक्षित जी.एस.टी मित्र से सम्पर्क कर उनसे रिटर्न दाखिल करने सहित अन्य सहायता ले सकेंगे। इस संबंध में और ज्यादा जानकारी के लिए विभाग की सरकारी वेबसाईट कॉमटैक्स डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन में सम्पर्क की जा सकती है।

गुढ़ियारी को मिली शासकीय महाविद्यालय की सौगात मूणत ने 270 सीटर कॉलेज का किया शुभारंभ

 रायपुर लोक निर्माण मंत्री  राजेश मूणत ने आज राजधानी रायपुर स्थित गुढ़ियारी में शासकीय नवीन महाविद्यालय का शुभारंभ किया। वर्तमान में इस महाविद्यालय का संचालन गुढ़ियारी के शुक्रवारी बाजार चौक स्थित शशिबाला कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में होगा।   मूणत ने मौके पर महाविद्यालय का संचालन हो रहे इस विद्यालय के रंग-रोगन और साज-सज्जा के लिए 10 लाख रूपए प्रदान करने की घोषणा भी की। इसके अलावा शासकीय नवीन महाविद्यालय गुढ़ियारी के भवन का शीघ्र निर्माण के लिए आश्वस्त किया।
    लोक निर्माण मंत्री  मूणत ने कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में हर व्यक्ति को शिक्षा सुलभ कराना सरकार की प्राथमिकता में है। इसके तहत राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता पर सुधार और शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही स्कूल सहित नये-नये कॉलेज भी निरंतर खोले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस महाविद्यालय के खुलने से राजधानी के सघन आबादी वाले गुढ़ियारी क्षेत्र के लगभग दो लाख लोगों को लाभ मिलेगा। इस विद्यालय में कला, वाणिज्य  और विज्ञान तीनों संकायों में पढ़ाई होगी।  इससे क्षेत्र के लोगों को उच्च शिक्षा के लिए अच्छी सुविधा उपलब्ध हो गई है। श्री मूणत ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने चालू वर्ष 2018-19 के बजट भाषण में गुढ़ियारी के इस नवीन महाविद्यालय को खोलने की घोषणा की थी। इस घोषणा पर तत्परतापूर्वक अमल करते हुए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा शासकीय नवीन महाविद्यालय गुढ़ियारी को प्रारंभ कर दिया गया है।
    कार्यक्रम को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव  एस.के. जायसवाल ने सम्बोधित करते हुए बताया कि शासकीय नवीन महाविद्यालय गुढ़ियारी को अभी 270 सीट के साथ प्रारंभ किया जा रहा है। इसमें कला, वाणिज्य तथा विज्ञान के तीनों संकायों में से प्रत्येक संकाय में 90-90 सीटें हैं। वर्तमान में इस महाविद्यालय के कला संकाय में 83, वाणिज्य संकाय में 61 और विज्ञान संकाय में 77 छात्र-छात्राएं दाखिला ले चुके हैं। इसमें प्रवेश के लिए दाखिले की अंतिम तिथि 31 जुलाई को 14 अगस्त तक के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इस अवसर पर नगर पालिक निगम के वार्ड पार्षद   रामदास कुर्रे, पूर्व पार्षद  दीनानाथ शर्मा,  विनोद अग्रवाल सहित गणमान्य नागरिक और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

अनुकम्पा नियुक्ति के लिए 10 प्रतिशत का सीमा बंधन 14 सितम्बर तक शिथिल किया गया राज्य सरकार ने सभी विभागों को जारी किया आदेश

रायपुर राज्य सरकार ने तृतीय श्रेणी के सीधी भर्ती के रिक्त पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति के लिए दस प्रतिशत पदों के सीमाबंधन को अगले माह की 14 तारीख तक शिथिल करने का आदेश जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में परसों 31 जुलाई को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय पर त्वरित अमल करते हुए सामान्य प्रशासन विभाग ने अगले ही दिन यहां मंत्रालय (महानदी भवन) से इस संबंध में परिपत्र के रूप में औपचारिक आदेश जारी कर दिया। विभाग द्वारा अध्यक्ष राजस्व मंडल सहित शासन के सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागीय कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों को इस संबंध में कल एक अगस्त को परिपत्र जारी कर दिया गया है। परिपत्र में कहा गया है कि शासन के ध्यान में यह आया है कि तृतीय श्रेणी के सीधी भर्ती के पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति के लिए दस प्रतिशत पदों के सीमाबंधन के फलस्वरूप कुछ विभागों और उनके अधीनस्थ कार्यालयों में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए रिक्त पद उपलब्ध नहीं होने की वजह से ऐसे प्रकरण लंबित हैं। अतः अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित मामलों का निराकरण करने के लिए राज्य शासन द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग के 14 जून 2013 के निर्देशों के बिन्दु क्रमांक 8 (1) में प्रावधानित दस प्रतिशत के सीमाबंधन को 14 सितम्बर 2018 तक के लिए शिथिल किया जा रहा है। परिपत्र में निर्देश दिए गए हैं कि अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित प्रकरणों का निराकरण 14 सितम्बर तक सुनिश्चित किया जाए और 30 सितम्बर 2018 तक सभी विभागों द्वारा सामान्य प्रशासन विभाग को इस आशय का प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से भेजा जाए कि उनके विभाग में लंबित अनुकम्पा नियुक्ति के सभी मामलों का निराकरण कर दिया गया है। पेंशनर्स फेडरेशन छत्तीसगढ़ के प्रदेश संयोजक श्री वीरेन्द्र नामदेव ने कर्मचारियों के हित में लिए गए इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के प्रति आभार प्रकट किया है

‘छत्तीसगढ़ में जलवायु अनुकूल जल प्रबंधन’ विषय पर कार्यशाला सम्पन्न


रायपुर राज्य शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण तथा जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और एक्शन ऑन क्लाइमेट टूडे के सहयोग से आज यहां ‘छत्तीसगढ़ में जलवायु अनुकूल जल प्रबंधन’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का शुभारंभ जल संसाधन विभाग के सचिव   सोनमणि बोरा ने किया।   बोरा ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और समुचित दोहन के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मानव सभ्यता के लिए जलवायु परिवर्तन बहुत बड़ा खतरा है। छत्तीसगढ़ भी जलवायु परिवर्तन से प्रभावित है। श्री बोरा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए जल संसाधन विभाग में जलवायु परिवर्तन प्रकोष्ठ गठित करने के लिए राज्य शासन के दिशा-निर्देश के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रकोष्ठ के माध्यम से समुचित जल संसाधन प्रबंधन एवं सामान्य जल आपूर्ति के लिए संस्थागत ढांचा तैयार किया जाएगा। इस प्रकोष्ठ के जरिए जलवायु अनुकूल जल संसाधन प्रबंधन की रणनीतियां बनाई जाएगी।
    कार्यशाला के दौरान जलवायु परिवर्तन प्रकोष्ठ बनाने के सिलसिले में क्वाइमेट चेंज इन्नोवेशन कार्यक्रम के सहयोग से तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया। स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के कुलपति श्री एम.के. वर्मा ने तकनीकी सत्र की अध्यक्षता की। श्री वर्मा ने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने अन्य विभागों में भी जलवायु अनुकूल नीतियां बनाने के लिए जलवायु परिवर्तन प्रकोष्ठ बनाने का आग्रह किया।
    जल संसाधन विभाग के सचिव  बोरा ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बेहतर योजनाएं बनाने पर भी जोर दिया। इस कार्यशाला में आईआईटी कानपुर, एनआईटी रायपुर, वाटर शेड ऑर्गेनाईजेशन ट्रस्ट तथा स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के तकनीकी विशेषज्ञों ने नदी घाटी प्रबंधन, राष्ट्रीय जल मिशन, जल पारिस्थिकी तंत्र, जल संसाधन प्रबंधन में समुदायिक भागीदारी तथा शहरी जल चक्र में विकेन्द्रीकरण पर प्रस्तुतिकरण दिए। सीसीआईपी के क्षेत्रीय कार्यक्रम मेनेजर डॉक्टर क्रिस्टीना रूम्बैतिस देल रियो ने देश के विभिन्न राज्यों में किए जा रहे जलवायु अनुकूल जल प्रबंधन कार्यों की जानकारी दी।
    कार्यशाला में राज्य के बजट में जलवायु संवेदशीलता के अनुसार विभिन्न योजनाओं का प्राथमिकीकरण करने एवं जलवायु अनुकूल कार्य करने के लिए भी जोर दिया गया। राज्य बजट को जलवायु अनूरूप बजट के लिए बजट संकेतिकरण करने की विधि भी बताई गई। क्वाइमेट चेंज इन्नोवेशन प्रोग्राम के इंडिया कार्यक्रम मैनेजर विद्या सौंदराजन ने बजट संकेतिकरण विधि का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि बजट संकेतिकरण के जरिए छत्तीसगढ़ में जलवायु अनुरूप विभिन्न विभागीय योजनाओं का प्राथमिकीकरण करके जलवायु के नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग के अंतर्गत गठित होने वाला जलवायु परिवर्तन प्रकोष्ठ इन कार्यों को प्लानिंग स्तर तक ले जाने का कार्य करेगा। कार्यशाला में जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता   एच.आर. कुटारे भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह रायपुर में तथा विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल बलौदाबाजार में लेंगे सलामी

रायपुर 01 अगस्त २०१८ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह रायपुर के पुलिस मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल बलौदाबाजार-भाटापारा जिला मुख्यालय में आयोजित समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। केन्द्रीय राज्य मंत्री (इस्पात एवं खान मंत्रालय)   विष्णुदेव साय रायगढ़ जिला मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। स्वतंत्रता दिवस के राज्य स्तरीय और जिला मुख्यालयों में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथियों द्वारा राष्ट्रध्वज फहराया जाएगा और इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी के संदेश का वाचन करेंगे। 
सामान्य प्रशासन विभाग की सचिव   रीता शांडिल्य ने बताया कि राज्य शासन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार रायपुर में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रायपुर के पुलिस मैदान में राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ध्वजारोहण करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष   गौरीशंकर अग्रवाल बलौदाबाजार-भाटापारा जिला मुख्यालय में आयोजित जिला स्तरीय मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। केन्द्रीय मंत्री (इस्पात एवं खान)  विष्णुदेव साय रायगढ़ में जिला मुख्यालय के मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। 
धमतरी में जिला स्तरीय समारोह में पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री  अजय चंद्राकर, बिलासपुर में वाणिज्य कर एवं नगरीय विकास मंत्री  अमर अग्रवाल, महासमुंद में समाज कल्याण तथा महिला बाल विकास मंत्री रमशीला साहू, बस्तर (जगदलपुर) में अनुसूचित जाति, जनजाति तथा शिक्षा मंत्री  केदार कश्यप, दुर्ग में राजस्व तथा उच्च शिक्षा मंत्री   प्रेमप्रकाश पाण्डेय, मुंगेली में खाद्य मंत्री  पुन्नूलाल मोहले और राजनांदगांव जिला मुख्यालय में लोक निर्माण मंत्री   राजेश मूणत ध्वजारोहण करेंगे। सरगुजा जिला मुख्यालय में गृह मंत्री   रामसेवक पैकरा, बालोद में कृषि मंत्री   बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा में सहकारिता मंत्री   दयालदास बघेल, कोरिया में श्रम मंत्री   भईयालाल राजवाड़े और बीजापुर जिला मुख्यालय में वन मंत्री श्री महेश गागड़ा ध्वजारोहण करेंगे। 
इसी तरह से जांजगीर-चांपा जिले में विधानसभा के उपाध्यक्ष  बद्रीधर दीवान ध्वजारोहण करेंगे। कोण्डागांव जिले में संसदीय सचिव रूपकुमारी चौधरी, सुकमा में संसदीय सचिव  लाभचंद बाफना, कोरबा में संसदीय सचिव   लखन देवांगन, कबीरधाम में संसदीय सचिव   मोतीराम चंद्रवंशी, गरियाबंद में संसदीय सचिव   गोवर्धन मांझी, बलरामपुर में संसदीय सचिव  शिवशंकर पैकरा और कांकेर (उत्तर बस्तर) में संसदीय सचिव  सुनीति राठिया ध्वजारोहण करेंगी। सूरजपुर में संसदीय सचिव तोखन साहू, दंतेवाड़ा में संसदीय सचिव अम्बेश जांगड़े, नारायणपुर में संसदीय सचिव   राजू सिंह क्षत्री और जशपुर में जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस के समारोह में संसदीय सचिव चंपा देवी पावले ध्वजारोहण करेंगी।

 

प्रदेश में स्पीड राडारगन युक्त वाहन के साथ मॉस्क और बॉडी वार्न कैमरे से लैस होगी यातायात पुलिस

रायपुर, 30 जुलाई 2018  पुलिस महानिदेशक ए.एन. उपाध्याय की अध्यक्षता में आज पुलिस मुख्यालय नया-रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य में सड़क सुरक्षा उपायों, यातायात गतिविधियों के संचालन और यातायात उपकरणों की व्यवस्था करने तथा जन जागरूकता अभियान चलाये जाने के लिए सड़क सुरक्षा कोष के प्रबंधन हेतु अन्तर्विभागीय समिति की बैठक आयोजित की गई। पुलिस महानिदेशक ए.एन. उपाध्याय ने बैठक में उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुये कहा कि राज्य में सड़क दुर्घटनाओं और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को रोकने के लिए कारगर प्रयास किए जाने चाहिए।
 राज्य निर्माण के पश्चात् गावों से लेकर शहरों तक सड़कों का बहुत निर्माण हुआ है और वाहनों की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है। इसको देखते हुये सड़कों पर यातायात का भारी दबाव है। अतः गति पर नियंत्रण बहुत आवश्यक है।
    बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (योजना प्रबंध एवं यातायात)   आर. के. विज ने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले में वाहनों के गति पर रोकथाम हेतु स्पीड राडार युक्त एक-एक वाहन उपलब्ध कराये जाएंगे और राज्य के बड़े शहरों रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में दो-दो स्पीड राडार युक्त वाहन होंगे। इस प्रकार कुल 30 नये वाहन क्रय किए जाएंगे। इसी प्रकार प्रत्येक पुलिस थानों में कम से कम एक-एक एल्कोहल मीटर भी प्रदाय किया जायेगा इसके लिये 300 नग एल्कोहल मीटर क्रय किये जायेंगे जिससे नशे की हालत में वाहन चलाए जाने पर लायसेंस निरस्तीकरण और जुर्माने की कार्यवाही की जायेगी।  विज ने बताया कि यातायात पुलिस द्वारा वाहन चेकिंग के दौरान की गई कार्यवाही की रिर्काडिंग हेतु 2000 नग बाडी वार्न कैमरे क्रय किये जाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रदेश भर के यातायात पुलिस कर्मचारियों को प्रदूषण से बचाव हेतु ड्यूटी के समय मॉस्क उपलब्ध कराया जायेगा। इसी प्रकार प्रदेशभर में यातायात पुलिस को प्लास्टिक स्टॉपर, प्लास्टिक कोन विथ चेन, रिफलेक्टिव जैकेट, लाईट बेेटन, फ्लोरोसंेट स्टीक और रेडियम टेप जैसे आधुनिक उपकरणों से लेस किया जायेगा। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री विज ने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अनुशासन और ट्रेफिक रूल्स के परिपालन हेतु स्कूलों को शासन स्तर पर स्पष्ट निर्देश दिया जाये कि नाबालिग छात्र मोटर सायकिल/स्कूटर से स्कूल नहीं आएं तथा 18 वर्ष से ऊपर के छात्र-छात्रायें वैध वाहन चालन लाईसेंस और हेलमेट के साथ ही वाहन चलाएं। इसी प्रकार स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाली वाहनों का सघन अभियान चलाकर जॉंच की जाए। श्री विज ने राज्य के बड़े शहरों के व्यस्ततम चौक-चौराहों को चिन्हित कर उच्च क्वालिटी के गुणवत्ता युक्त सी.सी.टी.व्ही. कैमरे लगाये जाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे वाहनों के ओव्हर स्पीड, सिग्नल जंप तथा अपराध रोकने में सहायता मिलेगी।   
  राज्य की सड़कों पर निर्धारित गति सीमा को प्रदर्शित किये जाने हेतु संकेतक लगाये जाने के निर्देश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को दिए गए।
    बैठक में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त  ओ. पी. पाल, सहायक पुलिस महानिरीक्षक यातायात   जितेन्द्र सिंह मीणा सहित स्वास्थ्य विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास, लोक निर्माण विभाग एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री ने किया दाऊ कल्याण सिंह मल्टी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण

रायपुर - स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  अजय चंद्राकर ने आज यहां दाऊ कल्याण सिंह (डी.के.एस.) मल्टी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल और पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने डीे.के.एस. मल्टी सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के जीर्णोद्धार कार्य का स्थल निरीक्षण भी किया। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को ऑडिटोरियम तथा अस्पताल के शेष कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जरूरी चिकित्सा उपकरणों की स्थापना भी शीघ्र की जाए, जिससे जनता को इन सुविधाओं का लाभ मिल सके। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की सचिव  निहारिका बारिक, संयुक्त सचिव  सुनिल कुमार जैन, कलेक्टर रायपुर ओ.पी.चौधरी, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ.ए.के.चंद्राकर, अधिष्ठाता पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय डॉ.  आभा सिंह और दाऊ कल्याण सिंह (डी.के.एस.) सुपरस्पेशलिस्टी अस्पताल के अधीक्षक डॉ. पुनीत गुप्ता सहित छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। डी.के.एस. हॉस्पिटल के पीछे ऑक्सीजोन बनाया जा रहा है। पुराने पेड़-पौधे को बिना काटे उसे संरक्षित किया जा रहा है। अस्पताल के जीर्णोद्धार का कार्य छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोेरेशन के द्वारा किया जा रहा है।

राजधानी रायपुर के सिन्धु पैलेस में 4 और 5 अगस्त,को सिंधी समागम के साथ एक कदम प्रशासन की ओर का आयोजन

रायपुर - सिंधी समाज की पुरानी और नई पीढ़ी में इन दिनों परिवर्तन की नई बयार बह रही है। एक ओर पुरानी पीढ़ी व्यवसाय-उद्योग के वर्तमान हालात से संतुष्ट नहीं है क्योंकि विदेषी कंपनियों की आन-लाइन मार्केटिंग से देष में ट्रेडवार षुरू हो गया है। अब वे उद्योग-व्यापार में आसन्न चुनौतियों का मुकाबला करने नया रास्ता तलाषना चाहते हैं। दूसरी ओर नई पीढ़ी अब अपनी ”व्यवसायी इमेज“ को तोड़कर अपनी प्रतिभा के दम पर उच्च प्रषासनिक क्षेत्रों में अपनी धमक दिखाने आतुर हैं। पुरानी और नई पीढ़ी के इस जीवन संघर्ष को नई दिषा देने की पहल छत्तीसगढ़ सिंधी समाज की सर्वोच्च प्रतिनिधि संस्था “सिंधी कल्चरल फोरम” ने राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद के सहयोग से प्रारंभ की है। सिन्धु कल्चरल फोरम के अध्यक्ष रमेष वर्ल्यानी और कार्यक्रम संयोजक कन्हैयालाल छुगानी ने इस संदर्भ में बताया कि 4 अगस्त शनिवार  को षंकर नगर स्थित सिन्धु पैलेस में छत्तीसगढ़ की सिंधी पंचायतों के मुखीजनों, सामाजिक संगठनों के प्रधान, प्रबुद्धजनों एवं प्रोफेषनल्स का ”सिंधी समागम“ कार्यक्रम षाम 5 बजे से प्रारंभ होगा। इसमें व्यवसाय-उद्योग की चुनौतियों, सिंधी भाषा एवं संस्कृति के संवर्धन तथा युवा-पीढ़ी की षिक्षा और प्रषासन में भागीदारी जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्ष होगा। इस विमर्ष में म.प्र./ छत्तीसगढ़ विधान सभा में सचिव रहे भगवान देव इसरानी, आई.आर.एस आर. के. खटवानी, सिंधी साहित्यकार ईष्वर झामनानी, डी.आर. वाधवानी षामिल होंगे।
उन्होंने आगे बताया कि 5 अगस्त रविवार को सिन्धु पैलेस में छत्तीसगढ़ सिंधी युवा सम्मेलन- “एक कदम प्रषासन की ओर” आयोजित किया गया है। सुबह 10 बजे से शाम  5 बजे तक चलने वाले इस वर्कषाप में सिंधी समाज के आई.ए.एस/आई.पी.एस/आई.आर.एस पदों पर विराजमान अफसर केंद्रीय सिविल सर्विसेज की तैयारी बाबत मार्गदर्षन देंगे और प्रष्नोत्तरी कार्यक्रम में षंकाओं का समाधान करेंगे। इस वर्कषाप में कौंसिल के डायरेक्टर डॉ. रवि प्रकाष टेकचंदानी, रतन कुमार खटवानी, एम.एल. कोटवानी, सुदेष सुन्द्रानी, राहुल ठकवानी, संदीप भाग्या, श्रीमती द्रोपदी जसवानी, गीता वाधवानी, विपिन लालवानी,  रंजना आहूजा आदि अफसर मार्गदर्षन देने उपलब्ध रहेंगे। इसके साथ ही, गत वर्ष में चयनित युवा आई.ए.एस संदीप भाग्या एवं जगदीष चेलानी अपने अनुभव साझा करेंगे।
फोरम के महासचिव हरीष वासवानी ने बताया कि नई पीढ़ी को इस बात की पीड़ा है कि उनके पूर्वज सिंध प्रांत में उच्च प्रषासनिक पदों पर विराजमान थे। लेकिन भारत में वे हाषिए पर हैं। अब वे स्वयं को आई.ए.एस, आई.पी.एस, आई.आर.एस जैसे उच्च पदों पर आसीन देखना चाहते हैं। सिंधी भाषा के माध्यम से इन प्रषासनिक परीक्षाओं में षामिल होकर कामयाबी हासिल की जा सकती है। इस वर्कषाप में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से सिंधी छात्र-छात्राएॅं बड़ी संख्या में षामिल होंगे। उन्होंने आगे बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने भारतीय सिंधु सभा, युवा विंग एवं महिला विंग भी सक्रिय हैं।

नाचा-गम्मत के जरिए ग्रामीणों को दी जाएगी आयुष्मान भारत, एचआईवी एड्स और मौसमी बीमारियों से बचाव की जानकारी

 रायपुर, 12 जुलाई २०१८ स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश के लोगों को स्वास्थ के प्रति जागरूक बनाने के लिए नाचा-गम्मत के जरिए गांव-गांव में आयुष्मान भारत योजना, एचआईवी एड्स सहित मौसमी बीमारियों से बचाव की जानकारी दी जाएगी। पकलू-भकलू खूब कमाये, बम्बई में रहिके मजा उड़ाये जैसे पंक्ति को लेकर पकलू-भकलू पर आधारित छत्तीसगढ़ी, हल्बी इत्यादि स्थानी बोली में स्क्रिप्ट तैयार किया गया है। 
प्रदेश के लगभग 537 गांव में इन योजनाओं और बीमारियों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए 100 से अधिक कलाकार स्थानीय बोली में नाचा-गम्मत का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
       अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 14 जिले के 112 कलाकारों को आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभागृह में प्रशिक्षित किया गया। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत, 40 लाख परिवारों को प्रति परिवार प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का कैशलेश उपचार की सुविधा, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, एचआईवी, एड्स के बचाव तथा नियंत्रण सहित मौसमी बीमारी उल्टी-दस्त, डायरिया आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन कलाकारों द्वारा नाचा-गम्मत और नुक्कड़-नाटकों के माध्यम से गांव-गांव जाकर  लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जागरूक करेंगे। 11 से 13 जुलाई तक तीन दिवसीय 28 कलादल के 112 कलाकारों को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपरु, राजनांदगांव, बालोद, महासमुंद, धमतरी, कोरबा, रायगढ़, बस्तर, जांजगीर-चांपा, मुंगेली तथा बलौदाबाजार जिले के कलाकार शामिल हैं

आयुष्मान भारत योजना आनलाईन पंजीयन कराने की तिथि अब 15 जुलाई तक पंजीयन के लिए 178 निजी नर्सिंग होम ने किया आवेदन

रायपुर, 12 जुलाई २०१८ आयुष्मान भारत योजना के तहत  प्रदेश की 40 लाख गरीब परिवारों को प्रति परिवार प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेश उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी। योजना के तहत निजी नर्सिंग होम से अधिक आवेदन आने के कारण पंजीयन की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2018 तक बढ़ा दी गई है। पहले यह तिथि 9 जुलाई को निर्धारित किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियो ने आज यहां बताया कि अब तक 208 निजी अस्पतालों ने पंजीयन के लिए आवेदन प्रेषित किए है। इसमें से 178 निजी अस्पतालों द्वारा प्रपोजल भी सबमिट कर दिया गया है।
    अधिकारियो ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में इन अस्पतालों को मिशन के निर्धारित वेब पोर्टल https://hospitals.abnhpm.gov.in पर ऑन-लाईन आवेदन करना अनिवार्य है। जो अस्पताल वर्तमान् में राष्ट्रीय एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना अंतर्गत् पंजीकृत हैं उनको मैसेज के माध्यम से रेफरेंस नंबर एवं पासवर्ड प्रदान किया गया है। रेफरेंस और पासवर्ड नम्बर के जरिए सभी अस्पताल अपना आवेदन/पूर्ण विवरण ऑन-लाईन पोर्टल पर भर सकते हैं। चिकित्सालयों द्वारा ऑन-लाईन पोर्टल पर आवेदन करने के उपरांत शासन द्वारा इन अस्पतालों का पंजीयन के लिए निर्णय लिया जाएगा। आयुष्मान भारत अंतर्गत् इलाज के लिए पैकेजों की दर सूची राज्य शासन के वेब पोर्टल http://rsbycg.nic.in एवं http://cghealth.nic.in पर उपलब्ध है। अधिकारियो ने बताया कि योजना के तहत राज्य के 40 लाख गरीब परिवारों को पांच लाख रूपए प्रतिवर्ष, प्रति परिवार स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का क्रियान्वयन पूर्व की तरह यथावत् जारी रहेगा। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना में चिकित्सालय पंजीयन एवं क्लेम प्रक्रिया आयुष्मान भारत मिशन के दिशा-निर्देश के अनुसार लागू की जाएगी। इन योजनाओं के लिए पंजीकृत तथा अपंजीकृत अस्पताल पंजीयन के लिए ऑन-लाईन आवेदन कर सकते हैं

राज्य में रजिस्ट्री पर कोई प्रतिबंध नहीं आम जनता की सुविधा के लिए ई-पंजीयन प्रणाली निरंतर कार्यरत

रायपुर, 11जुलाई 2018राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्री पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। वाणिज्यिक-कर (पंजीयन) विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि आम जनता की सुविधा के लिए प्रदेश में ई-पंजीयन प्रणाली फरवरी 2017 से लागू की गई है, जो निरंतर कार्यरत है। 
    रजिस्ट्रीकरण हेतु अनिवार्य बिन्दु, रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के अतिरिक्त, रजिस्ट्रीकरण नियमों में ही, विधिक रूप से निर्धारित है। विधिक रूप से सही रहने के साथ-साथ, ऑडिट के परिप्रेक्ष्य में तथा न्यायालयों में पारित आदेशों के परिपालन में, इन नियमों को कम्प्यूटरीकृत ई-पंजीयन प्रणाली का ही भाग बना लिया गया है।    रजिस्ट्रीकरण नियम 1939 के नियम 19 (ण) और 19(त) में ही जमीन की पहचान हेतु बी-1/खसरा/भू-खण्ड का लेख किया जाना अनिवार्य है। इसके साथ ही प्रत्येक भूमि का कुल रकबा में से कितना रकबा रजिस्ट्री के लिए विचार में लाया जा रहा है, का भी स्पष्ट उल्लेख एवं चिन्हाकंन होना अनिवार्य, विधिक प्रावधान है। जमीन किसके नाम पर वर्तमान में दर्ज है और उसके रकबा संबंधी जानकारी, राजस्व विभाग के अभिलेखों से ही प्राप्त होती है। पूर्व में यह मैन्युवली प्राप्त होता था। अब यह ऑनलाईन हो गया है और दोनों विभागों, पंजीयन एवं राजस्व, के साफ्टवेयर आपस में जोड़कर कार्य निष्पादन निरंतर चल रहा है। पंजीयन की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले साल 2017-18 में अप्रैल से जून तक 14 हजार 347 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ था, जबकि चालू वर्ष 2018-19 की इसी तिमाही में 16 हजार 044 दस्तावेज पंजीकृत हुए हैं। यह संख्या पिछले साल के मुकाबले 12 प्रतिशत ज्यादा है। वर्ष 2017 के जून माह में 9215 पंजीयन हुए थे, जबकि इस वर्ष जून 2018 में 16500 दस्तावेजों का पंजीयन किया गया, जो विगत वर्ष के जून माह की तुलना में 79 प्रतिशत ज्यादा है।
    अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में विशेष उल्लेखनीय है कि, दस्तावेजों के साथ रजिस्ट्रिकरण नियम-19 के तहत कृषि भूमि, भवन/भूखण्ड के दस्तावेजों के संबंध में, राजस्व विभाग द्वारा कम्प्यूटरीकृत बी-1, पांचसाला, खसरा ही मान्य होगा तथा उक्त विक्रित सम्पत्ति के खसरों एवं रकबों का राजस्व विभाग के भुइंया साफ्टवेयर से सत्यापन होना भी अनिवार्य है। उक्त साफ्टवेयर में कृषि भूमि के साथ नजूल एवं व्यपवर्तित भूमि का सत्यापन भी किया जाना अनिवार्य है। सत्यापन उपरांत ही दस्तावेज पंजीयन हेतु स्वीकार होगा। भूमि के पंजीयन के लिए भूमि संबंधित दस्तावेज के रूप में, पक्षकारों द्वारा पटवारी के हाथ से लिखा हुआ मैन्युएल नकल न ले जाकर, कम्प्यूटरीकृत नकल, प्रस्तुत किया जाना चाहिए। यह कम्प्यूटरीकृत नकल भुईयां वेबसाईट से कोई भी प्राप्त कर सकता है। यह आम जनता की सुविधा के लिए रखा गया है। पंजीयन पर किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं है। राज्य के पंजीयन कार्यालयों में विगत वर्ष 2017-18 में अप्रैल से जून तक 14,347 दस्तावेज का पंजीयन हुआ था, जबकि इस वर्ष 2018-19 में अप्रैल से जून तक 16,044 दस्तावेज पंजीबद्ध हुए है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत अधिक है। लोगों को यह भ्रांति है कि, बिना खसरा नम्बर सत्यापन के दस्तावेज पंजीयन हेतु स्वीकार होता है। यह गलत है। पक्षकार पंजीयन कराने के पहले परख लेेेे कि, उनके द्वारा खरीदी जा रही संपत्ति का भुइंया साफ्टवेयर में सत्यापन हो रहा है या नहीं। मिलान नही होने की स्थिति में पंजीयन कार्य नही हो पाएगा। भुइंया साफ्टवेयर में सुधार/अपडेशन का कार्य राजस्व विभाग से संबंधित है। किसी भी सुधार/अपडेशन के लिए संबंधित तहसीलदार से संपर्क किया जा सकता है। सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत विलेखों का, भुइंया सॉफ्टवेयर से सत्यापन पश्चात, प्रदेश के सभी उप पंजीयक कार्यालयों में ई-पंजीयन साफ्टवेयर के माध्यम से, पंजीयन सुलभता से हो रहा है। 
   वर्तमान में, नजूल संपत्ति के विषय में प्राधिकृत अधिकारी से प्रमाणित नजूल संधारण खसरा में उल्लेखित नजूल शीट क्रमांक/ब्लाक क्रमांक एवं भूखण्ड क्रमांक को पंजीयन के लिए, राजस्व विभाग द्वारा मान्य किये जाने के उपरान्त से, ई-पंजीयन साफ्टवेयर के माध्यम से भुईंयां से शीट क्रमांक/ब्लाक क्रमांक एवं भूखण्ड क्रमांक का सत्यापन होने पर, दस्तावेजो का पंजीयन हो रहा है। राजस्व विभाग द्वारा भुईयां में 1,331 नजूल शीट और उनसे जुडे सभी प्लाट संबंधित जानकारी ऑनलाईन की जा चुकी हैै।    दिनांक 05/07/2018 से 07/07/2018 तक नगरीय निकायों में नजूल भूमि की 20 रजिस्ट्री संपादित होकर पूर्ण हो चुकी है। इन 20 में से रायपुर के 02, बिलासपुर के 06, राजनांदगांव के 03, धमतरी के 03, जगदलपुर के 05 एवं बलौदाबाजार के 01 सफल नजूल रजिस्ट्री पूर्ण होना शामिल है। इसी प्रकार राजस्व विभाग द्वारा भुईयां में 1525 परिवर्तित मेन्टेनेंस खसरा के मास्टर शीट और उनसे जुडे सभी प्लाट संबंधित जानकारी ऑनलाईन की जा चुकी हैै। ऐसे पूर्ण एवं अद्यतन हो चुके नजूल और परिवर्तित, दोनों प्रकार की भूमियों के भी पंजीयन, विधिक रूप से सही तरह, ई-पंजीयन के माध्यम से निष्पादित हो रहे हैं। पंजीयन विभाग द्वारा, पंजीयन की कार्यप्रणाली को आम जनता के लिए विधिक रूप से सही एवं आनलाईन प्रणाली के सुगम उपयोग के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है, जिससे कि बिना किसी मध्यस्त के, पक्षकार स्वयं ही ई-पंजीयन प्रणाली का उपयोग कर सके।   अधिकारियों ने बताया -इन आंकड़ों से यह स्पष्ट होता है कि पंजीयन कार्य (भूमि संबंधी एवं अन्य) प्रति दिन नियमित रूप से निरंतर चल रहा है और पूर्व वर्ष की तुलना में इसमें काफी वृद्धि हुई है। 

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विधानसभा परिसर में आयोजित उत्कृष्टता अलंकरण समारोह में इलेक्ट्रानिक मीडिया से आशीष तिवारी व प्रकाश सिंह यादव को किया सम्मानित

रायपुर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विधानसभा परिसर में आयोजित उत्कृष्टता अलंकरण समारोह को सम्बोधित  करते हुए विधानसभा सचिवालय की ओर से वर्ष 2017 में चयनित उत्कृष्ट विधायकों और संसदीय रिपोर्टिंग के लिए पत्रकारों को पुरस्कृत किया।
    समारोह में विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष  टी.एस. सिंह देव ने उत्कृष्ट विधायक के लिए सत्ता पक्ष की ओर से राजमहंत  सांवलाराम डहारे विपक्ष की और से  मोहन मरकाम और जागरूक विधायक के पुरस्कार से  सत्यनारायण शर्मा को सम्मानित किया गया।
 संसदीय रिपोर्टिंग के लिए प्रिंट मीडिया के संजीत कुमार  इलेक्ट्रानिक मींडया के लिए  आशीष तिवारी और कैमरामेन  प्रकाश सिंह यादव (स्वराज एक्सप्रेस) को सम्मानित किया गया। 

समारोह में विधानसभा अध्यक्ष  गौरीशंकर अग्रवाल ने नेता प्रतिपक्ष   टी.एस. सिंहदेव और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को संसदीय कार्यमंत्री   अजय चंद्राकर सहित सभी मंत्रीगणों और विधायकों को चतुर्थ विधानसभा के लिए प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।   समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि विधानसभा लोकतंत्र का मंदिर है, जहां लोक-कल्याण के लिए सरकार की नीतियों पर मुहर लगती है। विधानसभा अध्यक्ष   गौरी शंकर अग्रवाल ने सबके साथ सामंजस्य स्थापित कर ऐसा वातावरण जिससे हर सदस्य को यहां कुछ सीखने का अवसर मिला। उन्होंने विधानसभा के सभी सदस्यों को संसदीय परम्परा के निर्वहन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। 
इस अवसर पर कार्यक्रम में गृह मंत्री   रामसेवक पैकरा, कृषि मंत्री  बृजमोहन अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री   प्रेम प्रकाश पाण्डेय, नगरीय प्रशासन मंत्री   अमर अग्रवाल, खाद्य मंत्री   पुन्नूलाल मोहले, स्कूल शिक्षा मंत्री   केदार कश्यप, लोक निर्माण मंत्री  राजेश मूणत, पर्यटन मंत्री   दयालदास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री   रमशीला साहू सहित विधायकगण, मुख्य सचिव   अजय सिंह, विधान सभा के सचिव   चंद्रशेखर गंगराडे सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 
 

संविलयन की मांग को लेकर हड़ताल पर बैठे शिक्षाकर्मी सिर मुड़वाकर किया प्रदर्शन

रायपुर: शिक्षाकर्मी संघ एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहा हैं। गुरुवार को शिक्षाकर्मियों ने रायपुर के धरना स्थल पर एक दिवसीय हड़ताल किया है
संविलियन की घोषणा के बाद शिक्षाकर्मी गुट दो धडों में बंट गया है. शिक्षाकर्मियों का एक धड़ा संविलियन का जश्न मना रहा है तो दूसरा धड़ा सिर मुंडवा कर दुःख व्यक्त कर रहा है. 
 ये शिक्षाकर्मियों का वो धड़ा है जो संविलियन में 8 साल की पाबंदी से बेहद नाराज हैं. विरोध कर रहे इन शिक्षाकर्मियों का कहना है कि संविलयन में 8 साल की पाबंदी क्यों रखा गया है.

वाहन दुर्घटना में दोषी व्यक्ति का निलंबित होगा ड्रायवरी लाइसेंस ओव्हर लोडिंग पर जप्त होगा वाहन का परमिट परिवहन मंत्री मूणत की अध्यक्षता लिया गया निर्णय

 रायपुर, 04 जुलाई २०१८ लोक निर्माण और परिवहन मंत्री  राजेश मूणत की अध्यक्षता में आज छत्तीसगढ़ विधान सभा के समिति कक्ष में राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक ली गई। बैठक में वाहन दुर्घटना पर नियंत्रण और यातायात जागरूकता के लिए विशेष अभियान चलाए जाने के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। इसमें वाहनों के फिटनेस के लिए विशेष जोर दिया गया और वाहनों मे ओव्हर लोडिंग पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। बैठक मेें निर्देशित किया गया कि वाहन दुर्घटना में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के ड्रायवरी लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई भी की जाए। इसके अलावा प्रत्येक जिले में गठित जिला सड़क सुरक्षा समिति के नियमित बैठक आयोजित करने के लिए निर्देश दिए गए।
  परिवहन मंत्री  मूणत ने राज्य में बेहतर और सुरक्षित यातायात के लिए संबंधित विभागों को हर आवश्यक उपायों पर प्रभावी अमल के लिए निर्देशित किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को वाहन दुर्घटना पर नियंत्रण के लिए वाहनों के नियमित रूप से फिटनेस चेकिंग और गति सीमा का पालन सुनिश्चत करने आवश्यक निर्देश दिए।  मूणत ने इस दौरान लोक निर्माण विभाग और शहरी क्षेत्र में नगरीय निकाय विभाग को सड़क मार्गों के गति नियंत्रकों पर संकेतक के लिए विशेष अभियान चलाए जाने भी निर्देशित किया। इसी तरह उन्होंने मुख्य मार्ग से जुड़ने वाला सहायक मार्ग के जंक्शन पर स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए निर्देश दिए। बैठक में वाहनों में ओव्हर लोडिंग पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और संबंधित वाहन का परमिट निरस्त करने तथा उसके चालक का ड्रायविंग लाइसेंस निलम्बन करने के संबंध में भी आवश्यक निर्णय लिया गया। बैठक में बताया गया कि राज्य में माल वाहनों में ओव्हर लोड पर नियंत्रण के लिए विशेष कार्य योजना बनाई गई है। इसमें परिवहन विभाग के अलावा खाद्य, खनिज, उर्जा, वन तथा लोक निर्माण विभाग को शामिल किया गया है।  
   बैठक में सुरक्षित यातायात के लिए ब्लैक-स्पॉट की पहचान तथा सुधार, सड़कों पर यातायात संकेतक, चेतावनी और फुटपाथ, पार्किंग तथा सर्विस लेन आदि से अतिक्रमण हटाने के संबंध में चर्चा हुई। इसी तरह हेलमेट तथा अन्य ट्रेफिक नियमों के पालन की कार्रवाई और खतरनाक तरीके से वाहन चालन के लिए ड्रायविंग लाइसेंस के निलंबन की कार्रवाई, स्कूलों बसों की चेकिंग तथा स्कूली बसों के सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था, दुर्घटना के शिकार हुए लोगों की तत्काल मदद तथा चिकित्सा प्रबंध आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक  ए.एन. उपाध्याय, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आर.के. विंज तथा श्री अरूण देव गौतम, परिवहन विभाग के अपर आयुक्त   ओ.पी.पाल और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

 

कांग्रेस का विधानसभा घेराव आज , छावनी में तब्दील हुआ रायपुर का लोधी पारा चौक

रायपुर. शहर कांग्रेस द्वारा आज विधानसभा घेराव का ऐलान किया गया है. जिसे देखते हुए पुलिस ने प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास की सुरक्षा बढ़ा दी है. पुलिस ने पंडरी बस स्टैंड से लेकर लोधीपारा चौक और उसके आसपास के क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है. चप्पे चप्पे पर हथियारों से लैस पुलिस बल को तैनात किया गया है. अधि​कारियों की मानें तो कांग्रेस के इस आंदोलन को देखते हुए करीब 500 जवानों की तैनाती मौके पर की गई है. इसके अलावा पुलिस प्रदर्शनकारियों पर नजर रखने पहली बार ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल करने जा रही है.

 

 

बता दें कि चुनावी साल में अब कांग्रेस नजूल पट्टे का मुद्दा उठाकर विधानसभा का घेराव करने जा रही है. मंगलवार यानी आज के दिन शहर जिला कांग्रेस आबादी की ज़मीन में पट्टा देने समेत 9 सूत्रीय मांगो को लेकर विधानसभा की ओर कुछ ही देर में कूच करने वाले हैं.

कांग्रेस का कहना है कि सरकार की दमनकारी नीतियों के विरोध में यह कदम उठाया जा रहा है. कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि सरकार गरीबों को आबादी वाली भूमि पर पट्टा दे साथ ही झुग्गी बस्तियों में अतिक्रमण के नाम पर की जा रही तोड़फोड़ को भी तत्काल बंद करे. साथ ही राशन कार्ड में बरती जा रही अनियमितता के मामले में भी सरकार को आड़े हाथों लिया है. कांग्रेस के इस विधानसभा घेराव के मुद्दों में पुलिसकर्मियों के परिवारों की मांग भी शामिल की है.