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प्रणब मुखर्जी का राहुल गांधी को संदेश- फैसले लीजिए, अमल कीजिए, इंदिरा ने तीन महीने में ही कर दिया था कांग्रेस का कायाकल्प

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इंदिरा गांधी को लोकतांत्रिक देश की अब तक की ‘‘सबसे स्वीकार्य’’ प्रधानमंत्री बताते हुए उनकी निर्णायक क्षमता को याद किया। मुखर्जी ने कांग्रेस पार्टी नेतृत्व को सांगठनिक मामलों में तेजी से निर्णय लेने का परोक्ष संदेश देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री के काम करने के निर्णायक तरीके को याद किया जिस कारण 1978 में कांग्रेस में दूसरा विभाजन होने के कुछ महीने बाद ही राज्य चुनावों में पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की। राष्ट्रपति ने विशिष्ट अतिथियों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा कि वह 20वीं सदी की महत्वपूर्ण हस्ती थीं। और भारत के लोगों के लिए अभी भी वह सर्वाधिक स्वीकार्य शासक या प्रधानमंत्री हैं।’’
मुखर्जी ने अतीत को याद करते हुए कहा, ‘‘1977 में कांग्रेस हार गयी थी। मैं उस समय कनिष्ठ मंत्री था। उन्होंने मुझसे कहा था कि प्रणब, हार से हतोत्साहित मत हो। यह काम करने का वक्त है और उन्होंने काम किया।’’ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मंच पर मौजूद थे। मुखर्जी ने इस अवसर पर इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन और कार्यों पर एक पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने अंसारी द्वारा विमोचित ‘इंडियाज इंदिरा – ए सेंटेनियल ट्रिब्यूट’ की पहली प्रति ग्रहण की। कांग्रेस इंदिरा गांधी की शताब्दी जयंती मना रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा द्वारा संपादित इस पुस्तक में इंदिरा गांधी के कार्यों और उनके जीवन की घटनाओं का संकलन है तथा इसकी प्रस्तावना सोनिया गांधी ने लिखी है जो खराब स्वास्थ्य के कारण इस कार्यक्रम में शमिल नहीं हो सकीं। राहुल गांधी ने सोनिया गांधी की ओर से उनका भाषण पढ़ा। भाषण में कहा गया, ‘‘मैने इंदिरा गांधी में देशभक्ति का जो जज्बा देखा वह श्रेष्ठ था जो उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से आत्मसात किया था।’’ सोनिया ने कहा कि इंदिरा गांधी एक मित्र और सलाहकार थीं और ‘‘अपनी इच्छाएं मेरे उच्च्पर नहीं थोपें, इसको लेकर वह बेहद सतर्क थीं।’’
राहुल ने कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से कहा, ‘‘इंदिरा गांधी पद, जाति और संप्रदाय जैसे भेदभाव को नापसंद करती थीं। उनके पास दंभ या आडंबर के लिए कोई वक्त नहीं था। वह पाखंड अथवा धोखेबाजी को तत्काल पहचान जाती थीं। उन्हें भारतीय होने का गर्व था, साथ ही वह वृहद एंव सहिष्णु विचारों वाली एक वैश्विक नागरिक थीं। ’’
कांग्रेस में 1978 में दूसरे विभाजन को याद करते हुए राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि इंदिरा गांधी को दो जनवरी 1978 को पार्टी अध्यक्ष चुना गया और 20 जनवरी तक कुछ दिनों के अंदर उन्होंने कार्य समिति के गठन को पूरा कर लिया, संसदीय बोर्ड, पीसीसी और एआईसीसी का गठन किया और पार्टी को महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, असम और नेफा विधानसभा चुनावों का सामना करने के लिए तैयार किया।
उन्होंने कहा कि इसके तुरंत बाद उनके नेतृत्व में पार्टी ने आंध्रप्रदेश और कर्नाटक में दो तिहाई बहुमत से जीत दर्ज की और महाराष्ट्र में अपनी पार्टी को सबसे बड़ी पार्टी बनाया जहां पार्टी ने कांग्रेस से अलग हो चुके धड़े के साथ मिलकर सरकार बनाई। राष्ट्रपति ने कहा कि राजनीति के अपने सबसे खराब वक्त में इंदिराजी अपने आप को ज्यादा कामों में लगाए रखतीं थीं। इस दौरान उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा देश हित में लिए गए अनेक कठोर निर्णयों को भी याद किया। मुखर्जी ने स्वर्ण मंदिर को आतंकवादियों से मुक्त कराने के लिए उनके निर्णय का खास तौर पर जिक्र किया।
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने अपने संक्षिप्त भाषण में कहा कि वह देश, विदेश और विश्व में बदलाव और उथल पुथल के दौर में रहीं और नियति ने उन पर प्रधान नायक की भूमिका अदा करने की जिम्मेदारी अर्पित कर दी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, ‘‘इंदिरा गांधी भारत की प्रधानमंत्री भर नहीं थी बल्कि विकासशील देशों की स्वीकृत नेता भी थीं। वह वैश्विक शांति में विश्वास करतीं थीं और उनकी बात को बेहद आदर के साथ सुना जाता था।
इस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई पूर्व केन्द्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों सहित वरिष्ठ नेता मौजूद थे। अतिथियों में गुलाम नबी आजाद, अंबिका सोनी, जनार्दन द्विवेदी, पी चिदंबरम, शीला दीक्षित सहित अनेक नेता मौजूद थे।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लालू की चिंता- कहीं अखिलेश यादव की तरह मुलायम न बना दे बेटा तेजस्वी

सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटाला केस में सभी मामलों की अलग-अलग जांच करने के आदेश दिए, जिसके बाद लालू प्रसाद यादव चिंता में डूब गए। चूंकि यह मामले पांच अलग-अलग जगहों पर दर्ज हैं, ऐसे में लालू यादव को एक जगह से दूसरी जगह पर दौड़ना पड़ेगा। जब लालू 2013 में रांची जेल में रहे थे तब लालू को एक वीआईपी की तरह रखा गया था। लालू जेल में ही दरबार लगाते थे, उन्हें हर दिन घर का बना खाना मिलता था। दरअसल झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लालू के पांच विधायकों को समर्थन मिला हुआ था।
लेकिन अगर इस बार लालू को जेल होती है तो उन्हें जेल में पिछली बार की तरह सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी। इस समय झारखंड में एनडीए सरकार है, जिसके लालू धुर विरोधी रहे हैं। लालू को डर है कि कहीं तेजस्वी नितीश कुमार से प्रभावित ना हो जाएं या वह भी अखिलेश यादव की तरह ना कर बैठें। बेटा तेजस्वी यादव बिहार के उप मुख्यमंत्री के पद पर हैं, लेकिन लालू को डर है कि कहीं तेजस्वी भी नितीश कुमार से प्रभावित होकर अखिलेश यादव की तरह ना कर बैठें। बड़ा बेटा तेज प्रताप यादव को वैसे तो मंत्री पद दिया हुआ है लेकिन उन्हें राजनीति में उतना सक्रिय नहीं है।
इसके अलावा बेटी मीसा भारती एक सांसद हैं, जिन्हें पार्टी का मुखिया बनाया जा सकता है। हालांकि बिहार विधान परिषद में छह साल पूरे कर चुकी लालू की पत्नी राबड़ी देवी भी एक विकल्प हो सकती हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में लालू यादव पर इस मामले में आपराधिक साजिश का केस चलाने की इजाजत दी है। कोर्ट ने 9 महीनों में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सीबीआई को भी मामले में देरी करने पर फटकार लगाई। साथ ही झारखंड हाईकोर्ट को भी कानून के तय नियमों का पालन नहीं करने पर लताड़ लगाई।
(कूमी कपूर का लेख)

जम्मू कश्मीर: CRPF जवान ने की आत्महत्या, ट्रेनिंग कैंप में मिली लाश

जम्मू कश्मीर में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के एक जवान ने आत्महत्या कर ली। जिस जवान ने आत्महत्या की उसका नाम अनिल कुमार है। वह सीआरपीएफ की35वीं बटालियन में था। अनिल ने बडगाम जिले में ट्रेनिंग सेंटर में ही आत्महत्या की। फिलहाल ज्यादा जानकारी नहीं मिली है।

दो दिन बाद हो सकता है हैकाथॉन, चुनाव आयोग ने दो दिन बाद सभी दलों को बुलाया

नई दिल्ली: ईवीएम विवाद के बीच चुनाव आयोग ने आज सर्वदलीय बैठक की. राष्ट्रीय स्तर की 7 और राज्य स्तर की 48 छोटी-बड़ी राजनीतिक पार्टियां इस बैठक में शामिल हुईं. सभी पार्टियों के नुमाइंदे अपनी शिकायत और सुझाव लेकर पहुंचे. बीजेपी विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस पर कहा कि दो दिन हैकोथॉन हो सकता है. चुनाव आयोग ने 2 दिन बाद सबको बुलाया है. चुनाव आयोग ने बताया कि ईवीएम हैक नहीं हो सकती. चुनाव आयोग ने कहा कि दो दिन हम आपको मशीन देंगे. अपने एक्सपर्ट लेकर आइये, प्रूव योर बेस्ट.

उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, बसपा, सपा समेत कुल 16 पार्टियों ने ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद चुनाव आयोग ने यह बैठक बुलाई. चुनाव आयोग ने सभी पार्टियों को ईवीएम से छेड़छाड़ साबित करने की चुनौती दी है. इसके लिए इस महीने के आखिरी हफ्ते में हैकाथॉन की तैयारी है. आज की बैठक में हैकाथॉन की तारीख तय हो सकती है. 

इस सर्वदलीय बैठक में आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विधायक सौरभ भारद्वाज करेंगे. सौरभ भारद्वाज के साथ पार्टी के टेक्निकल टीम के सदस्य भी इस बैठक में हिस्सा लेंगे. सौरभ भारद्वाज ने मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में ईवीएम जैसी मशीन का डेमो दिखाकर टैम्पर करने का दावा किया और चुनाव आयोग को चुनौती दी कि वे औपचारिक रूप से ईवीएम टैम्पर करने के कार्यक्रम का आयोजन कर जिसमें आप आयोग की ईवीएम को हैक करके दिखाएगी. 

ईवीएम पर चर्चा के अलावा चुनाव आयोग की कोशिश ये है कि चुनावों में पैसे के लेनदेन को संज्ञेय अपराध बनाया जाए और चंदे का सिस्टम पारदर्शी हो. 

ये हैं अहम बिन्दू
चुनावों में रिश्वत संज्ञेय अपराध बने
प्रतिनिधित्व क़ानून में रिश्वत के मामलों में नई धारा जोड़ी जाए
आयोग को रिश्वतखोरी पर चुनाव रद्द करने तक का हक मिले
चुनाव में रिश्वतखोरी पर आरोप तय होते ही विधायक-सांसद अयोग्य हों 
राजनीतिक दलों के चंदे में और पारदर्शिता आए
20 करोड़ से ज्यादा कैश चंदा न हो
या साल के कुल चंदे का 20% से ज्यादा कैश न हो
2000 रुपये से ऊपर का गुमनाम चंदा न हो
चुनावी ख़र्च के लिए उम्मीदवार का अलग बैंक खाता हो
ईवीएम से VVPAT सिस्टम जोड़ा जाए

EVM और सवालों पर चुनाव आयोग  के पास हैं अपने तर्क
ईवीएम से छेड़छाड़ संभव नहीं
ईवीएम कंप्यूटर से नहीं चलता
मशीन इंटरनेट से जुड़ी नहीं
न फ्रिक्वेंसी रिसीवर है, न वायरलैस या बाहरी डेटा पोर्ट
ईवीएम बनाने वाले भी छेड़छाड़ नहीं कर सकते
बनाने वाले को नहीं पता कौन कहां से उम्मीदवार होगा
चिप में ट्रॉजन हॉर्स नहीं डाला जा सकता
2013 के बाद की ईवीएम में नई सुरक्षा प्रणाली
ओटीपी माइक्रोकंट्रोलर, डायनेमिक कोड 
छेड़छाड़ से 100% सुरक्षित
विदेशों में बनी ईवीएम इस्तेमाल नहीं
कई देशों में ईवीएम इसलिए नहीं क्योंकि वो इंटरनेट से जुड़ती थीं
स्थानीय निकाय चुनाव में चुनाव आयोग की ईवीएम इस्तेमाल नहीं
चार चरणों में छानबीन
1000 वोटों का नकली चुनाव नुमाइंदों की मौजूदगी में
विधानसभाओं में भेजने से पहले ईवीएम मिला दी जाती हैं
कड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूप में रखी जाती हैं
मतगणना केंद्रों में नुमाइंदों को मुहर दिखाई जाती है
EVM मुद्दे पर विपक्ष एकजुट नहीं दिख रहा है. एक ओर आम आदमी पार्टी ने ईवीएम में छेड़छाड़ कर दिखाने की बात कही है... वहीं ज़्यादातर विपक्षी पार्टियां ईवीएम के साथ पेपर बैक अप मशीन लगाने पर ज़ोर दे रही हैं.

(एनडीटीवी से )

कश्मीरी ने ही ली लेफ्टिनेंट उमर फय्याज की जान, हिजबुल आतंकी अब्बास था गैंग का लीडर

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उस आतंकी संगठन की पहचान कर ली है जिसने सेना के अफसर लेफ्टिनेंट उमर फय्याज की हत्या की है। सीएनएन न्यूज के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के पुलिस सूत्रों ने बताया है कि उमर की हत्या में इन्सास राइफल का इस्तेमाल किया गया है जिसे आतंकियों ने पिछले महीने पुलवामा से लूटा था। सूत्रों के मुताबिक लेफ्टिनेंट उमर फय्याज की हत्या हिजबुल के आतंकियों ने की है। पुलिस ने इस मामले में छानबीन तेज कर दी है। पुलिस ने इन्सास राइफल के दो खोखे भी बरामद किए हैं। हालांकि, अभी तक उमर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है, जिससे यह मिलान किया जा सके कि उसकी हत्या में इस्तेमाल हथियार कौन सा था।
फिलहाल मामले में पुलिस ने दक्षिणी कश्मीर में रहने वाले अब्बास नाम के शख्स की इस हत्या के मास्टमाइंड के रूप में पहचान की है। उसके साथ और भी कई आतंकी मौजूद थे जब उमर फय्याज की हत्या की गई थी।
गौरतलब है कि जम्मू एवं कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकवादियों के हमले में युवा कश्मीरी सैन्य अधिकारी शहीद हो गए। बुधवार सुबह उनका गोलियों से छलनी शव मिला था। उमर अपने मामा मोहम्मद मकबूल की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए आए थे।
लेफ्टिनेंट उमर फय्याज की पढ़ाई अनंतनाग के एक स्कूल में हुई थी। उन्होंने साल 2012 में एनडीए ज्वाइन की थी और कमीशंड ऑफिसर की परेड पास कर दिसंबर 2016 में इंडियन आर्मी में शामिल हुए थे। वो दो राजपुताना राइफल्स यूनिट की कमान संभाल रहे थे। ऐसा करने वाले वो सबसे कम उम्र के अधिकारी थे। इसी यूनिट ने करगिल की लड़ाई में तोलोलिंग पर कब्जा कर लड़ाई को निर्णायक दौर में पहुंचाया था। यूनिट ज्वाइन करने के बाद वो पहली छुट्टी पर पारिवारिक समारोह में शामिल होने आए थे, जहां से आतंकवादियों ने उन्हें अगवा कर लिया था। मंगलवार की रात उमर को आतंकियों ने अगवा किया और अगली सुबह उनका गोलियों से छलनी शव मिला था।

ऑडियो: नौ तारीख को आकर सबका हिसाब करो…नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने जारी की मायावती से बातचीत का टेप

बसपा से निष्कासित किए गए पार्टी सुप्रीमो मायावती के पुराने सिपहसलार नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मायावती के साथ बातचीत का एक टेप जारी किया है। इस क्लिप में तथाकथित रूप से मायावती कह रही हैं, “आपने जितने लोगों को टिकट दिलवाया है उनका हिसाब अभी तक नहीं हुआ है।” सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि मायावती पैसों की भूखी हैं। सिद्दीकी ने ऑडियो क्लिपिंग दिखाते हुए कहा कि मायावती अक्सर पैसों की मांग करती रहती हैं। 10 मई को जारी किए गए इस ऑडियो टेप में बातचीत कुछ इस प्रकार है-
टेलीफोन ड्यूटी : बहिन जी बात करेंगी
नसीमुद्दीन : हां दे दीजिए
मायावती : हैलो

नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर बोलीं मायावती- हिसाब नहीं दिया, चंदे का पैसा खा गया, ब्लैकमेलर को निकाल दिया
नसीमुद्दीन : जी बहिन जी आदेश
मायावती : हां भाई नोट करो तुम
ये जो चारो मंडल हैं ..ये मेरठ मंडल, सहारनपुर मंडल, ये मुरादाबाद, और बरेली मंडल
नसीमुद्दीन : जी बहिन जी
मायावती : तो जिनको आपने मेंबरशिप की किताबें दिलवाई हैं तो उनको बोलो अपना हिसाब इधर दफ्तर में जमा करें और नौ तारीख को उनको बुलाना
नसीमुद्दीन : ठीक है बहिन जी
मायावती : अपना हिसाब वो जो अमरपाल शर्मा वाली सीट वाला वो भी अपना हिसाब कंप्लीट करके लेकर आएं
नसीमुद्दीन : बहिन जी मैंने नहीं दिलवाई.. हरक सिंह राव थे, जिलाध्यक्ष थे सब लोग ने पीछे पड़कर दिलवाई
मायावती : चलो छोड़ो आप उनको बुलवाओ वो मुस्लिम समाज के लोग हैं आप अपनी जिम्मेवारी लो टिकट तो आपने दिलवाया था न
नसीमुद्दीन : बहिन जी टिकट भी मैं नहीं चाह रहा था आप पूछ लें
मायावती : चलो जो कुछ भी है आप अपनी जिम्मेवारी को निभाओ मतलब
नसीमुद्दीन : नहीं बहन जी भागकर कहां जाएंगे
मायावती : ये अच्छी बात नहीं है क्योंकि जो मैंने नए लोग लगाए हैं वो उनको कोआपरेट नहीं कर रहे हैं मैं एक्शन लूंगी इनके खिलाफ
नसीमुद्दीन : बहन जी जो आपका आदेश होगा
मायावती : मेरे से इधर ही आकर बात करना मेरे से बात नहीं करो टेलीफोन पर.. मेरा टेलीफोन टैप होता है
नसीमुद्दीन : ठीक है बहिन जी
मायावती : तो आप उनको 9 तारीख की शाम को चार बजे बुलवाओ
नसीमुद्दीन : मैं बुलाता हूं बहन जी
मायावती : रेजीडेंस पर बुलाओ सब अपना हिसाब किताब लेकर आएं
नसीमुद्दीन : मैं कहता हूं बहन जी
मायावती : हां..उनको बोलो.. क्योंकि हमें मेंबरशिप का राउंडअप करना है सारा हिसाब किताब, इधर लखनऊ लेकर आएं और दफ्तर में जमा कराएं और फिर मुझे हिसाब दें और 9 की शाम को चार बजे आप रहोगे
नसीमुद्दीन : मैं रहूंगा, मैं कर लेता हूं मुझे जाना है जहां वहां रोक देता हूं
मायावती : मुझे ये भी हिसाब राउंड अप करना है
नसीमुद्दीन : मैंने नहीं दिलवाई हैं मैं कैसे कहूं
मायावती : इधर रिकार्ड मैंने जो चेक किया है तो अब मेंबरशिप की किताबें ये गरीब और मजलूमों की पार्टी है तो हम उसका हिसाब जनता को देंगे तो ये ठीक नहीं है तो उनसे बोलों कि नौ तारीख की शाम चार बजे आएं आपका जो भी पर्सनल काम है चार बजे के बाद करना 10 तारीख की मीटिंग में रहने का है आप अपना प्रोग्राम बनाओ और नौ को फिर मुझे अपनी पूरी रिपोर्ट भी दो प्रोग्राम की ये चारो मंडल जिन-जिन को दिलवाएं हैं आपकी जिम्मेवारी है, आप वरिष्ठ आदमी थे
नसीमुद्दीन : मैं बुलाता हूं वो आपके सामने बात हो जाएगी
मायावती : बात वात नहीं मैं किसी के माध्यम से नहीं और खासतौर से जो मुस्लिम लोग हैं उनकी जिम्मेवारी टोटल आपकी होगी
नसीमुद्दीन : मैंने नहीं करवाया है
मायावती : चलो छोड़ो अभी जिम्मेवारी से, नहीं भी करवाया है तो अपनी जिम्मेवारी निभाओ। आप वरिष्ठ आदमी हैं.. आपकी मर्जी के बिना मैंने किसी का भी टिकट फाइनल नहीं किया था ये भी मानकर चलो और मैंने मेंबरशिप की किताबें उनको दी थीं कि आप मेंबर बनाओ तब मैं टिकट दूंगी कम से कम हमारी किताबें तो दें दे मेंबरशिप की कटी हुई
नसीमुद्दीन : बुलकार भाई ने बात की है सब लोगों ने बात की है
मायावती : आप वरिष्ठ आदमी हैं इतने साल से देखते रहे हैं इन लोगों का असर नहीं होगा आप वरिष्ठ आदमी थे जिस समाज से ताल्लुक रखते हैं उस समाज के लोगों को मेंबर बनाएं नहीं तो ये न हो कि सिर्फ दलितों को वोट पड़कर रह जाए। आप उनसे बात करो और अपना वो हिसाब किताब लेकर आएं मैं फिर बात करती हूं जो आपका काम है उसमें तेजी करो डिले हो रहा है ये ठीक नहीं है और उसी दिन फिर मैं बात करती हूं।

ईवीएम मुद्दे पर चुनाव आयोग ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, 55 राजनीतिक पार्टियां को EC ने दी प्रजेंटेशन

इलेक्ट्रिक वोटिंग मशीन के इस्तेमाल पर उठ रहे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने शुक्रवार को 55 राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए बुलाया है। इसमें 7 राष्ट्रीय स्तर की पार्टियां और 48 राज्य स्तर की छोटी-बड़ी पार्टियां शामिल हैं। इनमें से 16 पार्टियों की मांग है कि चुनाव के लिए फिर से बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाए। बैठक सुबह करीब 10 बजे नई दिल्ली में शुरू हुई, जिसमें चुनाव आयोग ने ईवीएम मशीन पर प्रजेंटेशन दी है।
इस बैठक में ईवीएम की विश्वसनीयता पर चर्चा की गई। माना जा रहा है इस दौरान चुनाव आयोग के ईवीएम हैकिंग चैलेंज की भी जानकारी दी जा सकती है। इस बैठक में ईवीएम हैकिंग चैलेंज की तारीख का भी ऐलान किया जा सकता है। बता दें कि आम आदमी पार्टी ने हाल ही में एक ईवीएम को हैक करके दिखाया था। हालांकि चुनाव आयोग का दावा था कि वह असली ईवीएम मशीन नहीं थी, बस उसके जैसी दिखने वाली मशीन थी।

30 बच्चियों से रेप करने वाले पादरी को चर्च ने दी माफी, पर पोकेमॉन गेम खेलने वाले ब्लॉगर को जेल

दक्षिणी मैक्सिको के ओक्साका में 5 से 10 साल की 30 बच्चियों का रेप करने वाले एक कैथोलिक पादरी को जहां वेटिकन सिटी के पोप ने माफी दे दी वहीं रूस के एक चर्च में पोकेमॉन गो गेम खेलने पर रूसी ब्लॉगर रसलन सोकोलोवास्की के खिलाफ धार्मिक घृणा फैलाने और धार्मिक भावनाओं के ठोस पहुंचाने का केस दर्ज करवा दिया। जिसमें कोर्ट ने ब्लॉगर को साढ़े तीन साल की सजा सुनाई है। ब्लॉगर पर आरोप है कि उसने धार्मिक आधार पर लोगों को उकसाने के मकसद से पारंपरिक चर्च में उसी स्थान पर पोकेमॉन गो गेम खेलते हुए एक वीडियो सोशल साइट पर पोस्ट की है, जहां साल 2012 में रूसी जार के परिवार समेत हत्या कर दी गई थी।
इससे पहले साल 2012 में भी इसी अपराध के लिए दो महिलाओं को दो साल के लिए जेल दिया जा चुका है। रूसी ब्लॉगर का वीडियो अगस्त 2016 का लिया हुआ है जिसे 19 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा है। हालांकि, वीडियो में ब्लॉगर सोकोलोवास्की यह कहते हुए दिख रहा है कि वो चर्च में वीडियो बनाने जा रहा है, इस गलत कार्य के लिए उसे गिरफ्तार भी होना पड़ सकता है।
वीडियो में सोकोलोवास्की ने पूछा कि चर्च के पास स्मार्टफोन लेकर टहलने से भला किसे परेशानी होगी लेकिन अब वो पिछले साल अक्टूबर से ही जेल में बंद है। हालांकि वो जज के सामने बार-बार कहता रहा कि वो निर्दोष है लेकिन जज ने उसे यह कहते हुए सजा सुना दी कि सोकोलोवास्की का व्यवहार और उसका धार्मिक घृणा फैलाने वाला वीडियो समाज में विखंडन औक नफरत पैदा करने वाला है, इसलिए उसे अदालत धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में सजा सुनाती है।
सोकोलोवास्की को अवैध रूप से स्पेशल टेक्निकल इक्वीपमेंट रखने का भी दोषी ठहराया गया है। उसके घर से पुलिस ने कैमरा लगा एक पेन भी बरामद किया था।

चुनाव आयोग ऑफिस के बाहर AAP का प्रदर्शन, कहा- हमें EVM दीजिए, हैक करके दिखाएंगे

आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के मुद्दे पर चुनाव आयोग ऑफिस के आगे प्रदर्शन किया है। दिल्ली लेबर मिनिस्टर और आप नेता गोपाल राय ने कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग के समक्ष अपनी तीन मांगे रखी हैं। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग कहता है कि ईवीएम मशीन टैंपर नहीं की जा सकती तो हम मांग करते हैं कि हमें मशीन दी जाए और हम उसे हैक करके दिखाएंगे। गोपाल राय ने कहा, “हम मांग करते हैं कि ईवीएम को लेकर जो सवाल उठ रहे हैं उनका जवाब दिया जाए। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और पंजाब जैसे राज्यों में यह मुद्दा उठाया गया। हम चुनाव आयोग से अपील करते हैं कि हमें मशीन दी जाए और हम उन्हें हैक करके दिखाएं। दूसरा चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के 2013 में VVPAT लगाए जाने को लेकर आए आदेश का पालन हो। और तीसरी मांग करते हैं कि वोटिंग मशीन व स्लिप का हिसाब रखा जाए।”
वहीं आम आदमी पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ईवीएम में गड़बड़ी को लेकर कई दावे किए। उन्होंने धौलपुर और भिंड में ईवीएम में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, “लोगों के दिमाग में दो तरह के सवाल हैं- क्या ईवीएम में गड़बड़ी की जा सकती है और क्या ईवीएम में गड़बड़ी की गई है? नोटबंदी के बाद जितने भी चुनाव हुए हैं उनमें से अधिकतर में भाजपा की जीत हुई है।” सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हम चुनाव आयोग से मांग करते हैं कि एक समिति का गठन किया जाए जो यूपी, उत्तराखंड और पुणे चुनाव की गड़बड़ियों की जांच करे।
गोपाल राय ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपकर यह तीन मांग की:
1. सभी चुनाव VVPAT लगी ईवीएम मशीन से ही कराए जाएं।
2. 25 फीसदी पोलिंग बूथ पर वोटिंग मशीन व स्लिप का हिसाब रखा जाए
3. गुजरात चुनाव पूरी तरह से VVPAT के द्वारा कराया जाए।

योगी आदित्य नाथ पर नहीं चलेगा 2007 गोरखपुर दंगे का मुकदमा, सरकार ने नहीं दी इजाजत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ पर 2007 में गोरखपुर में हुए दंगे के मामले में मुकदमा नहीं चलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में मुकदमा चलाने की इजाजत नहीं दी है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की ओर से गुरुवार (11 मई) को ये बयान आया है। बता दें कि हाई कोर्ट ने यूपी के मुख्य सचिव को को पिछले सप्ताह तलब किया था और गोरखपुर दंगें से जुड़े सभी दस्तावेजों को अदालत में लाने को कहा था, इस मामले में स्थानीय सांसद और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ आरोपी हैं।
बता दें कि जस्टिस रमेश सिन्हा और उमेश चन्द्र श्रीवास्तव की बेंच ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को गुरुवार (11 मई) को अदालत में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने को कहा था, और वे दस्तावेज मांगे थे जिनमें उन व्यक्तियों का नाम है जिनके खिलाफ इस मामले में मुकदमा चलाया जाना है। अदालत ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ये आदेश परवेज परवाज नाम के शख्स की याचिका पर सुनवाई के दौरान दी थी। 2007 गोरखपुर दंगों के मामले में गोरखपुर के कैंट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था, इस मामले का गवाह असद हयात भी इस मामले में याचिकाकर्ता है।  इससे पहले अदालत ने इस मुकदमे में सीएम योगी आदित्य नाथ पर मुकदमा चलाने की अनुमति ना देने के लिए राज्य सरकार को फटकार लगाई थी।
क्या है मामला?
2007 की जनवरी महीने में ही उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में दो समुदायों के बीच दंगा हुआ था। इस दंगे में कथित रूप से दो लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गये थे। इस मामले में तत्कालीन बीजेपी सांसद योगी आदित्य नाथ, स्थानीय विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल, और उस समय शहर की मेयर रही अंजू चौधरी पर आरोप है कि इन लोगों ने पुलिस के मना करने के बावजूद रेलवे स्टेशन के पास भड़काऊ भाषण दिया था इसके बाद ये दंगा भड़का था। पुलिस के मुताबिक ये विवाद मुहर्रम पर ताजिये के जुलूस के रास्ते को लेकर था। इस केस में योगी आदित्य नाथ समेत बीजेपी के कई नेताओं पर कोर्ट के आदेश के बाद मुकदमा दर्ज हुआ था।

मौत की बारात : भरतपुर में मैरिज हॉल की दीवार गिरी, 26 की मौत, 30 घायल

भरतपुर: राजस्थान के भरतपुर में शादी का माहौल उस वक्त मातम में बदल गया जब एक बारात घर की दीवार गिरने से 26 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हो गए. भरतपुर जिले के सेवर रोड के अन्नपूर्णा बारात घर में बुधवार को शादी समारोह में बारातियों के खाने-पीने का कार्यक्रम चल रहा था. शाम से वहां तेज हवा चल रही थी और रात 10 बजे अचानक आंधी के कारण दीवार गिर गई जिसकी चपेट में कई लोग आ गए. 

जानकार बताते हैं कि मैरिज होम की दीवार के पास ही खाने के स्टॉल लगाए गए थे. बारात जयपुर से आई थी. बाराती खाने का आनंद ले रहे थे, तभी तेज अंधड़ आया और मैरिज होम की दीवार हवा के दबाव को सहन नहीं कर पाई और दीवार धराशाई हो गई. दीवार के नीचे आकर बड़ी संख्या में लोग दब गए. दीवार गिरने से मैरिज होम में भगदड़ मच गई. लोगों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोग और पुलिस ने मौके पर पहुंच कर मलबे में दबे लोगों को निकालना शुरू किया. 

हादसे की सूचना मिलते ही जिला अधिकारी और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और दबे लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. मरने वालों में 4 बच्चे, 9 महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं. बारात जयपुर से भरतपुर आई थी. हादसे के समय घटनास्थल पर करीब 800 लोग मौजूद थे. पुलिस का कहना है कि कई लोगों की मौत भगदड़ में कुचल जाने से भी हुई है. पुलिस ने मैरिज होम के संचालक और प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है. 

(सीजी खबर से )

बीजेपी शासित राज्य के मंत्री कालीचरण ने कहा- रेप की घटनाएं रोकने के लिए सरकार हर घर में ताला तो नहीं लगा सकती

राजस्थान के चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने रेप की बढ़ती घटनाओं पर एक बेहद ही शर्मिंदगी भरा बयान दिया है। राजस्थान के चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा है कि ये सही है कि राज्य में बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही है, लेकिन रेप की घटनाएं रोकने के लिए सरकार हर घर में ताला नहीं लगा सकती है। कालीचरण सराफ ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ‘ सरकार एक एक घर के अंदर ताला लगाएगी क्या? कहना बड़ा आसान है, अपराध बढ़ रहा है पर इसमें क्या किया जा सकता है?’ कालीचरण सराफ चार साल की एक बच्ची के साथ उसके नौकर द्वारा रेप की घटना पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।
बता दें कि राजस्थान के माणक चौक पुलिस थाना क्षेत्र में एक नौकर ने अपने मालिक के घर में 4 साल की बच्ची को आइस्क्रीम का लालच देकर उसके साथ रेप किया था। पुलिस ने आरोपी नौकर को गिरफ़्तार कर लिया है। राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट द्वारा लगाये गये आरोप कि पुलिस के लचर रवैये की वजह से राज्य में अपराध बढ़ रहा है, उन्होंने कहा कि, हां यह सच है कि राज्य में अपराध बढ़ रहे हैं लेकिन कांग्रेस को इस मुद्दे पर सियासत नहीं करनी चाहिए, बल्कि राज्य सरकार को सुझाव देना चाहिए और उन्हें गाइड करना चाहिए।
कालीचरण सराफ ने कहा कि घटना में पीड़ित बच्ची का बेहतर इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ज्वैलर के घर उसका नौकर जाता है और अगर वो बच्ची से रेप करता है तो उसमें पुलिस और सरकार क्या कर लेगी? उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी ओर से यथासंभव आरोपी को पकड़ने की कोशिश करती है और कानून के प्रावधानों के मुताबिक दोषी को दंड दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार अपराध रोकने के लिए घर घर पुलिस तैनात नहीं कर सकती है।

 

पहली छुट्टी पर घर आए थे लेफ्टिनेंट उमर फयाज, आतंकियों ने क्‍लोज रेंज पर सिर और छाती में मारी गोलियां

जम्‍मू-कश्‍मीर में आतंकियों के दुस्‍साहस का शिकार हुए लेफ्टिनेंट उमर फयाज पहली छुट्टी पर घर आए थे। कुलगाम जिले के फयाज पुणे की नेशनल डिफेंस एकेडमी में 129वें बैच के कैडेट थे। पिछले साल दिसंबर में उन्‍होंने भारतीय सेना ज्‍वाइन की थी। दक्षिणी कश्‍मीर के अशमुकाम स्थित नवोदय विद्यालय से पढ़ाई करने वाले फयाज 2, राजपूताना रायफल्‍स में पोस्‍टेड थे। सेना के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने टाइम्‍स ऑफ इंडिया को बताया कि आर्मी ज्‍वाइन करने के बाद, यह फयाज की पहली छुट्टी थी। वह जम्‍मू के अखनूर एरिया में तैनात अपनी यूनिट के पास 25 मई को वापस लौटने वाले थे। मगर आतंकियों ने अधिकारी को अगवा कर उनकी हत्या कर दी। दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में बुधवार को उमर फैयाज का गोलियों से छलनी शव मिला। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों ने मंगलवार शाम को फयाज को अगवा कर लिया था। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने कहा, “एक कायरतापूर्ण कृत्य के तहत कुछ अज्ञात आतंकवादियों ने मंगलवार को एक निहत्थे, युवा सैन्य अधिकारी उमर फैयाज को अगवा करने के बाद उनकी हत्या कर दी।”
रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने इसे कायरतापूर्ण कृत्य कहा है और सेना ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाने की शपथ ली है। जेटली ने कहा कि सरकार दुख की इस घड़ी में फैयाज के परिवार के साथ है। उन्होंने साथ ही कहा कि फैयाज घाटी के युवाओं को प्रेरित करते रहेंगे। जेटली ने एक ट्वीट में कहा, “शोपियां में आतंकवादियों द्वारा लेफ्टिनेंट उमर फैयाज का अपहरण और उनकी हत्या एक कायरतापूर्ण कृत्य है। जम्मू एवं कश्मीर का यह युवा अधिकारी एक रोल मॉडल है।” जेटली ने कहा, “हम इस दुख की घड़ी में लेफ्टिनेंट उमर फैयाज के परिवार के साथ हैं। लेफ्टिनेंट उमर फैयाज घाटी के युवाओं को प्रेरित करते रहेंगे।”
राजपूताना राइफल्स के कर्नल और दक्षिण पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडर इन चीफ लेफ्टिनेंट अभय कृष्णा ने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। कृष्णा ने अपने शोक संदेश में कहा, “मैं परिवार को आश्वासन देता हूं कि इस घृणित अपराध और कायरतापूर्ण कृत्य के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

 

कपिल मिश्रा को मिली जान से मारने की धमकी, इंटरनेशनल नंबर से रात में आया फोन

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर 2 करोड़ रिश्वत लेने का आरोप लगाने वाले कपिल मिश्रा को जान से मारने की धमकी मिली है. कपिल मिश्रा को यह धमकी इंटरनेशनल नंबर से मिली है. कपिल मिश्रा का कहना है कि कल रात 12.30 बजे +97430783388 नंबर से कॉल और मैसेज करके उन्हें जान से मारने की धमकी दी है. उन्होंने अभी इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं करवाई है. उधर, कपिल मिश्रा आज से भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं.  उन्होंने साफ कहा कि जब तक आम आम पार्टी अपने पांच नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी पार्टी सार्वजनिक नहीं करेगी तब तक वह अनशन करेंगे. कपिल मिश्र जिन पांच आम आदमी पार्टी के नेताओं के विदेश दौरों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं वे पांच नाम हैं - संजय सिंह, राघव चढ्ढा, आशीष खेतान, अशुतोष और दुर्गे़श पाठक.

सोमवार को कपिल मिश्रा CBI को तीन शिकायतें देकर आए हैं. FIR-1 केजरीवाल के रिश्तेदार की 50 करोड़ की लैंड डील, FIR-2 AAP नेताओं के विदेशी दौरे और FIR-3 केजरीवाल द्वारा 2 करोड़ के नकद लेन-देन की शिकायत. इस मामले पर कपिल मिश्रा ने कुछ और ट्वीट किए हैं. उन्होंने लिखा है कि कुछ नेताओं द्वारा बीसियों विदेश यात्राएं, चंदे के पैसों से सरकारी पैसों से और अवैध कैश से की गई हैं. जानकारी सार्वजनिक की जाए. कहां-कहां गए, कहां रुके, किन लोगों से मिले, क्या डीलिंग हुई. कितने दिनों तक किस देश में रहे. पैसा कहां से आया? पासपोर्ट की डिटेल्स?

कपिल ने सोमवार को अरविंद केजरीवाल को संबोधित करते हुए मी़डिया के सामने एक पत्र भी पढ़ा. उन्होंने अरविंद केजरीवाल को चुनौती दी कि इस्तीफा देकर किसी भी सीट से चुनाव लड़ लें. सीट आप चुनें मैं आपके खिलाफ लड़ने को तैयार हूं. उन्होंने सीबीआई में जाने से पहले कहा कि भ्रष्टाचार के लिए लड़ना और सच के लिए अड़ना आप से ही सीखा है. जिस गुरु से धनुष-बाण सीखा आज उसी पर तीर चलाना है. मन बहुत भारी है. अरविंद केजरीवाल आप जानते हैं कि मैं किस पैसे के लेन-देन की बात कर रहा हूं. उस दिन मैंने एसीबी को खत न लिखा होता तो आप मुझे आनन-फानन में न निकालते. आपके पास धन-बल है और मैं अकेला हूं.

पीएम नरेंद्र मोदी से मिले 25 मुस्लिम नेता, कहा- कश्मीर में हालात खराब

जमियात-उलमा-ए-हिंद की छत्र-छाया में करीब 25 मुस्लिम नेताओं ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इन मुस्लिम नेताओं ने मोदी से कश्मीर में बढ़ते तनाव और तीन तलाक के मुद्दे पर बात की। इस मुलाकात में जमियात-उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना कारी सयैद मोहम्मद उस्मान मंसूरपूरी, सचिव मौलाना महम्मूद ए मदानिम के अलावा कई अन्य मुस्लिम संगठन के नेता मौजूद थे। इन नेताओं ने पीएम मोदी से कहा कि कश्मीर में दिन प्रतिदिन हालात खराब होते जा रहे है। घाटी के तनाव को केवल पीएम मोदी ही दूर कर सकते है। इसके अलावा नेताओं ने तीन तलाक के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि हम पीएम की सराहना करते है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से देखते है।
वहीं पीएमओ ने अपना जवाब देते हुए कहा कि तीन तलाक एक गंभीर मुद्दा है इसलिए किसी भी पार्टी को इसपर राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह देश के महिलाओं के हित में है कि तीन तलाक की प्रथा को खत्म किया जाए। सभी को आगे बढ़कर इस मामले पर काम करना चाहिए। इसके बाद पीएम ने कश्मीर मुद्दे पर कहा कि नई पीढ़ी भारत के निर्माण में बराबर की हिस्सेदार है। आतंकवाद एक गंभीर चुनौती है जिसे मिलकर सुलझाने की आवश्यकता है।
पीएमओ ने बयान दिया कि यह देश प्रत्येक समुदाय के लोगों का है। मुस्लिम समुदाय के लोगों को भी देश की सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी दिखाने के लिए आगे आना चाहिए। किसी भी स्थिती में देश की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया जाए। वहीं नेताओं ने केंद्र सरकार की सराहना करते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए जो नई योजनाएं लागू की गई है वह काफी अच्छी हैं। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे। डोभाल ने कहा कि आज सभी देश भारत की तरफ देखते है। यह हम सभी समुदाय के लोगों की जिम्मेदारी है कि हम भारत को विकास की ओर लेकर जाएं। नेताओं ने सहमति जताई कि देश का आगे लेकर जाने की जरूरत है इसलिए पीएम का नारा “सबका साथ, सबका विकास” बिलकुल सही है।