राजनीति

अमितेश शुक्ल को कैबिनेट में शामिल करने की अटकलें तेज , जाने किस वजह से अमितेश हो सकते है भूपेश मंत्रिमंडल में शामिल..पढ़े पूरी खबर

 

रायपुर - लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र सरकार के कैबिनेट का गठन भी हो चुका है। इस बीच छत्तीसगढ़ प्रदेश में भूपेश सरकार के कैबिनेट में भी फेरबदेल की संभावना है। सियासी गलियारों में आजकल इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि भूपेश सरकार में नया मंत्री कौन होगा। चर्चा तो यहाँ तक है कि एक-दो नाम वर्तमान कैबिनेट से काटे भी जा सकते हैं। वैसे भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपनी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं, इसलिए कयास यही लगाए जा रहे हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार में कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे। 


इस वजह से अमितेश हो सकते हैं मंत्रिमंडल में शामिल - 
चुनाव जीतने के बाद भूपेश बघेल ने सबसे पहले स्वयं मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली साथ ही टीएस बाबा तथा ताम्रध्वज साहू को मंत्री के रूप में शामिल किया. इसके बाद उन्होंने अपनी टीम में 9 अन्य विधायकों को मंत्री के रूप में शामिल किया. लेकिन इस लिस्ट में एक सीट खाली रखी गई थी जिस पर अमितेश शुक्ल के नाम पर अटकलें लगाई जा रही थी। 

अमितेश शुक्ल- रिकार्ड वोटों से दर्ज की अपनी जीत- 
राजिम विधानसभा में कुल 2 लाख 11 हजार 908 मतदाता हैं और विधानसभा चुनाव में 74.79% मतदान हुआ था। इस चुनाव में 58 हजार 132 वोटों से चुनाव जीतने का रिकार्ड अमितेश शुक्ल के नाम दर्ज हुआ । राजिम से उन्हें 56.42%  वोट शेयर प्राप्त हुआ। जबकि उनके प्रतिद्वंदी भाजपा के संतोष उपाध्याय को 23.30% वोट शेयर मिले। इस लिहाज से 33.12% के सर्वाधिक वोट डिफरेंस के साथ जीतने का रिकॉर्ड उन्होंने अपने नाम किया है। अमितेश शुक्ल की रिकार्ड जीत ये संभावना बनाती है कि उन्हें कैबिनेट में जगह मिले।    

राष्ट्रीय नेताओं ने किया था मंत्री बनने का एलान- 
उनके चुनाव अभियान के वक्त कांग्रेस के बड़े राष्ट्रीय नेताओं ने मंच से ऐलान किया था कि राजिम की जनता विधायक नहीं मंत्री चुन रही है। कांग्रेस के स्टार प्रचारक, वरिष्ठ नेता राज बब्बर, युवा नेता जयवीर शेरगिल ने विधानसभा चुनाव के दौरान राजिम में आम सभा को संबोधित करते हुए ये एलान किया था कि अमितेश को जीताकर राजिम की जनता एक मंत्री का चुनाव करने जा रही है। 
साथ ही कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता जतिन प्रसाद ने गरियाबंद की सभा में यही एलान किया था कि अमितेश शुक्ल के जीत जाने पर उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। 
राजिम की जनता को इसकी पूरी उम्मीद थी कि अमितेश शुक्ल जीतने के बाद कैबिनेट मंत्री बनेंगे ही. शपथ ग्रहण के दौरान उन्हें मंत्री नहीं बनाने से जनता को आश्चर्य हुआ। लेकिन वहां की जनता को आज भी उम्मीद है कि अमितेश कैबिनेट में शामिल होंगे. 

गांधी परिवार से है गहरा नाता- 
वैसे ते शुक्ल परिवार का राजनैतिक कद शुरू से ही बड़ा रहा है। लेकिन यह बात उतनी ही महत्वपूर्ण है कि अमितेश को राजनीति में लाने का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को जाता है। राजीव गांधी से प्रभावित होकर अमितेश ‘सेवा दल’ से जुड़े थे। और 7 दिनों तक रायपुर के महादेव घाट में  सेवादल के कैंप में सक्रिय योगदान देने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा ने अपने हाथों से सर्टिफिकेट दिया था। अमितेश खुद को राजीव गांधी के फुट सोल्जर मानते हैं। गांधी परिवार से आज भी उनका गहरा रिश्ता है। 

नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा में की थी तारीफ- 
 एक ईमानदार और स्वच्छ छवि के राजनेता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले अमितेश शुक्ल की तारीफ उनके विरोधी भी करते हैं।  जोगी शासन में अमितेश पंचायत एवं ग्रामीण मंत्री थे. उस समय भाजपा के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा के सदन में खुल कर अमितेश शुक्ल की तारीफ करते हुए कहा था कि जोगी सरकार में केवल एक मंत्री ही ईमानदार है, जो कि किसी भी तरह के भ्रष्टाचार में लिप्त नहीं है. यह तारीफ आज भी विधानसभा की आर्काइव में आज भी मौजूद है।

शुक्ल परिवार का छत्तीसगढ़ में प्रभाव - 
पंडित रविशंकर शुक्ल मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री रहे। उनके सुपुत्र श्यामाचरण औऱ विद्याचरण भी देश  के बड़े नेता के रूप में जाने जाते रहे। दोनों ने अपनी कर्मभूमि छत्तीसगढ़ को चुना और राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश की पहचान बनाई। श्यामाचरण शुक्ल राजिम विधानसभा से विधायक रहते हुए मुख्यमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ नें नहरों का जाल बिछाया, जिसके चलते आज भी प्रदेश के लोग उन्हें याद करते हैं। वहीं कांग्रेस के कद्दावर नेता के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले शहीद विद्याचरण शुक्ल भी बहुत प्रभावशाली रहे। राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारियाँ निभाने के बावजूद उन्होंने अपनी जड़ें छत्तीसगढ़ में ही जमाए रखी और झीरम घाटी हमले में अपने प्राणों की आहूति देकर इस प्रदेश के लिए शहीद हो गए। प्रदेश की जनता चाहे वह किसी भी जाति या समुदाय के हों उनका भावनात्मक लगाव शुक्ल परिवार से रहा है। इसके चलते भी अमितेश शुक्ल की कैबिनेट एंट्री मजबूत मानी जाती है।  
शिक्षित और अनुभवी- कॉमर्स से स्नातक और पॉलिटिकल साइंस से मास्टर्स करने वाले अमितेश ने एलएलबी की पढ़ाई की है। प्रदेश निर्माण के वक्त कांग्रेस की सरकार में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय संभाल चुके अमितेश के पास अच्छा खासा अनुभव है। 

जातिगत समीकरण से अलग है छत्तीसगढ़ की तासीर- 
भूपेश सरकार के मंत्रीमंडल को देखकर यह कयास लगाए गए थे कि जातिगत समीकरण के आधार पर मंत्रीमंडल में जगह की गई है। लेकिन प्रदेश के विधानसभा और लोकसभा के परिणाम देखे जाएं तो यह पता चलता है कि प्रदेश की जनता जातिगत समीकरण के हिसाब से नहीं बल्की लोकप्रिय और योग्य उन्मीदवार को चुनती है। वर्तमान विधानसभा चुनाव में 90 सीटों में से कांग्रेस के 7 ब्राह्मण विधायक हैं। जबकि वो सभी उन क्षेत्रों से चुनाव जीतकर आए हैं, जहां पर ब्राह्मण मतदाता बाहुलता में नहीं हैं। लोकसभा के परिणाम में भी साहू और ओबीसी वोटर की बाहुलता वाले  राजनांदगांव सीट से कांग्रेस ने जातिगत कार्ड खेलकर भोलाराम साहू को मैदान में उतारा जबकि भाजपा ने संतोष पांडे पर दाँव खेला और इस चुनाव में भाजपा ने बाजी मार ली। 
ये उम्मीद की जा रही है कि भूपेश बघेल की सरकार में मंत्रिमंडल में फेर बदल होगा और इसमें अमितेश शुक्ल को शामिल किए जाने की प्रबल संभावना है।

कांग्रेस सरकार के लोकहितकारी फैसलों से बौखलाकर झूठ और भ्रम फैलाने में लगे है भाजपा और भाजपा के सहयोगी दल : कांग्रेस

 

BBN24NEWS.COM- भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों के द्वारा की जा रही स्तरहीन राजनैतिक बयानबाजी पर कड़ा ऐतराज जताते हुये कांग्रेस ने और नफरत फैलाने वाली शब्दावली का उपयोग करने की जा रही बयानबाजी को कांग्रेस सरकार के खिलाफ सुनियोजित साजिश का हिस्सा बताया है। 


भाजपा और उसके सहयोगी दलो पर कड़ा प्रहार करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि बैलाडीला के 13वें निक्षेप के आबंटन में लगातार भाजपा की केन्द्र सरकार और राज्य की पूर्व रमन सरकार की भूमिका के दस्तावेजी सबूतो उजागर हो जाने के बावजूद भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों ने कांग्रेस सरकार पर पेड़ काटने की अनुमति देने का झूठा आरोप लगाया है। 11 जनवरी 2018 को छत्तीसगढ़ शासन के प्रधान मुख्य वन संरक्षक के कार्यालय के पं. क्रमांक 14/उत्पा.1/74 की प्रति जारी करते हुये प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि दूसरी बार दस्तावेजी सबूतों से यह प्रभावित हो गया है कि शीर्ष भाजपा नेताओं और रमन सिंह द्वारा भी सच्चाई के खिलाफ गलतबयानी की जा रही है। इसके पहले कांग्रेस ने पत्रकारवार्ता लेकर एनसीएल की क्रोनोलाजी आफ इवेट का दस्तावेज 8 जून 2019 को जारी किया था। 


रमन सिंह सरकार के द्वारा दी गयी 315.813 हेक्टेयर में से 83.503 हेक्टेयर में स्थित 25000 नग पेड़ काटने की अनुमति को कांग्रेस सरकार में माथे पर मढ़ने की कोशिशों का कड़ा प्रतिवाद करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अडानी बैलाडीला में लोहा खदान देने में पग-पग में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली रमन सिंह जी कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाकर  “सुपा बोले तो बोले चलनी भी बोले जिसमें बहत्तर छेद” की कहावत को चरितार्थ कर रहे है। भाजपा के सहयोगी दल एक सोची समझी साजिश के तहत कांग्रेस सरकार के खिलाफ इस साजिश में भाजपा के शीर्ष नेताओं के सुर में सुर मिला रहे हैं। कन्यादान योजना में राशि बढ़ाकर 15000 रू. से 25000 रू. करने और आबंटन के दोहराव और वित्तीय अनियमितताओं और घोटाले को रोकने के लिये एक ही विभाग महिला एवं बाल विकास से राशि दिये जाने के फैसले को भाजपा और भाजपा के सहयोगीयों द्वारा इस तरह से प्रचारित किया गया जिससे ऐसा लगा कि मानो यह योजना बंद कर दी गयी है। जबकि हकीकत यह है कि कन्यादान योजना में कांग्रेस की भूपेश बघेल की सरकार द्वारा राशि बढ़ाकर 15000 रू. से 25000 रू. की गयी है। 


प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि इसी तरह से घटिया क्वालिटी के ट्रांसफार्मर और अन्य विद्युत उपकरणों की रमन सिंह सरकार में की गयी खरीदी के कारण इनके जलने खराब होने और ओवरलोड के कारण ट्रिप होने और प्रीमानसून मेंटेंनेस को पूरी भाजपा सुनियोजित रूप से पावर कट के रूप में प्रचारित करने में जुट गयी है। परिस्थितियो को बिगाड़ने के लिये प्रीमानसून मेंटेंनेन्स, ओवरलोड ट्रिपिंग या घटिया क्वालिटी विद्युत के उपकरणों के बार-बार खराब होने के कारण बिजली चले जाने को रमन सिंह जी के 15 वर्षो के शासनकाल में विद्युत मंडल में घुसाये गये संघी अधिकारी झूठमूठ में पावर कट कहकर विद्युत मंडल ही के खिलाफ दुष्प्रचार में लगे हुये है। कांग्रेस सरकार ने तो प्रदेश में बिजली की मांग से ज्यादा उत्पादन के द्वारा कीर्तिमान स्थापित किया है जिससे बौखलाकर जनविरोधी रवैय्ये के उजागर होने से डूबती हुयी भाजपा द्वारा हर मामले में झूठ के तिनके को सहारा बनाया जा रहा है। 

 

करन अजगल्ले यूथ इंटक के बने प्रदेश मीडिया प्रभारी

हेमन्त जायसवाल@BBN24 - राष्ट्रिय मजदूर कांग्रेस यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष श्री संतोष सोनवानी जी ने ग्राम पंचायत बड़े रबेली,तहसील मालखरौदा जिला जाँजगीर चापा के निवासी करन अजगल्ले पिता रामचरण अजगल्ले को यूथ इंटक के प्रती सराहनिए कार्य को देखते हुये उन्हे राष्ट्रिय मजदूर कांग्रेस यूथ इंटक के जिला मीडिया प्रभारी जाँजगीर चापा से पदोन्नति करके छत्तीसगढ के प्रदेश मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया और मुबारक किये। प्रदेश मीडिया प्रभारी बनने पर पूरे यूथ इंटक के टीम ने उन्हे मुबारक बार दिया, करन अजगल्ले के प्रदेश मीडिया प्रभारी बनने से पूरे गांव मेऔर उनके दोस्तो मे खुशी के लहर है ,गांव के सभी लोगो ने भी उन्हे मुबारक बार दीये।

पर्यावरण दिवस के अवसर पर सीएम ने किया ट्वीट कहा...

5 जून पर्यावरण दिवस के अवसर पर सीएम ने ट्वीट कर कहा, “आइये! आज इस विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मिलकर जल, जंगल और जमीन को सुरक्षित कर पर्यावरण को बचाने की शपथ लें. जिससे कि वर्तमान पीढ़ी के लिए हम स्वस्थ एवं सुरक्षित परिवेश सुनिश्चित कर सकें तथा आने वाली पीढ़ी के लिए एक बेहतर धरती का निर्माण कर सकें.”

Chhattisgarh : अमित जोगी ने किया बड़ा ख़ुलासा पढ़े पूरी खबर

अमित जोगी ने किया बड़ा ख़ुलासा: स्वास्थ विभाग को प्राप्त पेयजल की जाँच रिपोर्ट के अनुसार मरवाही में मलेरिया-टाईफ़ाइड महामारी का एकमात्र और मूल कारण दूषित पेयजल है; साथ ही PHE विभाग द्वारा पेयजल की करी गई जाँच की तथाकथित रिपोर्ट पूरी तरह फ़र्ज़ी है। ●अमित जोगी ने सरकार से 6 माँग करी:● 1. सरकार मरवाही के महामारी प्रभावित ग्रामों में ‘मेडिकल इमर्जन्सी’ घोषित करे: अमित जोगी 2. सरकार युद्ध स्तर पर नागरिकों को स्वच्छ पेयजल देने की व्यवस्था करने हेतु स्पेशल फ़ण्ड उपलब्ध कराके सर्वसंसाधन युक्त विशेषज्ञों की टीम तत्काल मरवाही भेजें: अमित जोगी 3. जब तक स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं स्थापित हो जाती, तब तक सभी प्रभावित क्षेत्रों में परिवहन के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था सरकार करे: अमित जोगी 4. पेयजल को मानक बताने वाली झूठी जाँच रिपोर्ट और लू के कारण लोगों के बीमार होने की बात करने वाले अधिकारियों को सरकार बर्खास्त करे तथा संक्रमण की स्वतंत्र (ग़ैर-सरकारी) रूप से जाँच कराए: अमित जोगी 5. राज्य शासन के वित्तीय दिवालियापन के परिपेक्ष में वो केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की माँग करे: अमित जोगी 6. सरकार पेयजल की जाँच रिपोर्ट सार्वजनिक करे: अमित जोगी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) अध्यक्ष ने बड़ा ख़ुलासा करते हुए कहा कि “अभी कुछ देर पहले मेरी बिलासपुर के ज़िला स्वास्थ अधिकारी (CHMO) से बात हुई है। जैसे कि मैंने कल कहा था, मरवाही में मलेरिया-टाईफ़ाइड की महामारी की समस्या का समाधान स्वास्थ विभाग के पास ज़रूर हो सकता है लेकिन समस्या का जो मूल कारण है, वो लोक स्वास्थ यांत्रिकी (PHE) विभाग की घोर लापरवाही और सरकार का व्यापक भ्रष्टाचार है: महामारी से ग्रसित बस्तियों- विशेषकर मरवाही ब्लाक में टाइफाइड एवं मलेरिया से प्रभावित मरवाही, सेमरदर्री, बहुटाडोल, बेलझिरिया, गनया, कटरा, देवरीडांड, कुम्हारी, टिक्ठी, मटियाडांड, परासी, रटगा, मालाडांड, लोहारी- के जो पानी के सैम्पल्ज़ टेस्टिंग के लिए स्वास्थ विभाग द्वारा भेजे गए थे, उनकी आज प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार सब में E. कोलाई नामक बैक्टीरीया की मात्रा मानक स्तर से 10 से 20 गुणा अधिक पाई गई है।” अमित जोगी ने कहा कि “ऐसी स्थिति में तत्काल सरकार को इस रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाहिए और मरवाही के सभी प्रभावित क्षेत्रों में “मेडिकल आपातकाल” (Medical इमर्जन्सी) घोषित कर युद्ध स्तर पर नागरिकों को स्वच्छ पेयजल देने की व्यवस्था करने हेतु स्पेशल फ़ण्ड उपलब्ध कराके सर्वसंसाधन युक्त विशेषज्ञों की टीम भेजनी की मैं माँग करता हूँ। साथ ही जब तक स्वच्छ पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं स्थापित हो जाती है, तब तक सभी प्रभावित क्षेत्रों में परिवहन के माध्यम से पर्याप्त मात्रा में पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था करी जाए।” इसके अतिरिक्त अमित जोगी ने जिन अधिकारियों ने ‘लू लग जाने’ जैसी ग़लत जानकारी देकर ख़ुद को बचाने का दुशप्रयास करा था, उनके विरुद्ध सख़्त से सख़्त कार्यवाही की माँग करी है और स्वास्थ विभाग को वास्तविकता को स्वीकारने और उसे उजागर करने की बधाई भी दी है। अमित जोगी ने कहा कि मरवाही में फैले संक्रमण की स्वतंत्र (ग़ैर-सरकारी) रूप से जाँच भी होनी चाहिए। साथ ही, राज्य शासन के वित्तीय दिवालियापन के परिपेक्ष में वो केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने की माँग करे। अब जब समस्या का कारण पता चल गया है, तो शासन को उसे स्वीकार करने और उसका समाधान करने में राजनीति से ऊपर उठकर लोकहित में कार्य करने में किसी प्रकार का कष्ट नहीं होना चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक शुरु

रायपुर । प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक शुरु हो चुकी है। जहां पीसीसी चीफ भूपेश बघेल, प्रभारी पीएल पुनिया सहित आला नेता इस बैठक में मौजूद है। आपको बता दें कि राजीव भवन में आयोजित इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी, लोकसभा प्रत्याशी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष भी शामिल है। प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक के बाद लोकसभा प्रत्याशियों की बैठक होगी। तो वही दोपहर 2 बजे जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की बैठक रखी गई है। इन सभी बैठकों में लोकसभा चुनाव में मिली हार की समीक्षा की जाएगी और आगामी नगरीय निकाय व उप चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा होगी। इस बैठक में AICC के सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी डॉ. चंदन यादव और डॉ. अरूण उरांव समेत समस्त मंत्री और विधायक भी मौजूद रहेंगे

सोनिया गांधी को कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुने जाने पर कांग्रेसियों ने दी बधाई 

रायपुर/ सोनिया गांधी को कांग्रेस संसदीय दल का नेता चुने जाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने शुभकामनायें दी और कहा हमें विश्वास है कि सोनिया जी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की संविधान की रक्षा और विचारधारा की प्रभावी लड़ाई जारी रहेगी।  अखिल भारतीय कांग्रेस के महासचिव मोतीलाल वोरा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, मंत्री मो. अकबर, आबकारी मंत्री कवासी लखमा, प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष एवं नगरीय निकाय मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, मंत्री प्रेमसाय सिंह, मंत्री जयसिंह अग्रवाल, मंत्री अनिला भेड़िया, मंत्री उमेश पटेल, मंत्री रूद्र कुमार गुरू, सहित सभी मंत्री मंडल के सदस्यों, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, लोकसभा सदस्य ज्योत्सना मंहत और दीपक बैज, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री एवं विधायक सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री एवं विधायक अमितेष शुक्ल, प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री गिरीश देवांगन, प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी,  *प्रदेश कांग्रेस समन्वय समिति के सदस्य राजेन्द्र तिवारी, कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, महामंत्री रमेश वर्ल्यानी, वरिष्ठ नेता सुरेन्द्र शर्मा*  सहित मोर्चा संगठनों, विभागो, प्रकोष्ठों, प्रदेश प्रमुखों ने भी सोनिया गांधी को कांग्रेस संसदीय दल के नेता चुने जाने पर बधाई दी। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला एवं प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी, धनजंय सिंह ठाकुर, मो. असलम,एम.ए. इकबाल, विकास तिवारी जे.पी. श्रीवास्तव, अभयनारायण राय, आलोक दुबे, कमलजीत सिंह पिंटू ने सोनिया गांधी को कांग्रेस संसदीय दल के नेता चुने जाने पर बधाई दी।

मोदी सरकार में देश की आर्थिक बदहाली फिर से उजागर - कांग्रेस ...।

रायपुर/ देश की वित्तीय व्यवस्था पर ताजातरीन आंकड़ों पर निराशा व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 2017-18 में बेरोजगारी की दर 6.1 प्रतिशत हो गयी है जो 5 साल में सर्वाधिक है। पुरूषों में बेरोजगारी की दर 6.2 प्रतिशत हो गयी है। 2018-19 की चौथी तिमाही में आर्थिक विकास दर 6 प्रतिशत से नीचे जा चुकी है। जनवरी-मार्च की तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी की वृद्धि महज 5.8 प्रतिशत हुयी है जो कि 2017 में 7.2 प्रतिशत थी। चीन की 6.4 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि के सामने भारत की अर्थव्यवस्था के सुस्त पड़ जाने के लिये मोदी सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन को प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने उत्तरदायी ठहराया है। जीएसटी के व्यापार विरोधी स्वरूप का विरोध सरलीकरण और राज्यों का हिस्सा बढ़ाने की मांग जीएसटी के सरलीकरण की मांग करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने व्यापारियों की गिरफ्तारी और सजा के प्रावधानों का विरोध किया है। पंजाब के कांग्रेस मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह जी द्वारा दिये गये 101 सुझावों का उल्लेख करते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने राज्यों को जीएसटी में ज्यादा हिस्सा दिये जाने की मांग करते हुये कहा है कि राज्य सरकारों का हिस्सा बढ़ाकर राज्यों के राजकोषीय घाटे को कम किया जाना चाहिये। जटिल जीएसटी को न समझ पाने के कारण चूक कर बैठनों वालों को गलती सुधारने का मौका मिलना चाहिये न कि जेल। छोटे व्यापारियों और काम धंधा चलाने वालों को निशाना बनाने वाली नीतियों और फैसलों का कांग्रेस पार्टी कड़ा विरोध करती है। भारत को मोदी सरकार ने विश्व के पांच उन देशों में ला खड़ा किया है जहां चार या चार से अधिक जीएसटी के स्लेब है। एक देश एक टेक्स की नीति को लागू करने और टेक्स की दरों कमो कम करने और कर ढांचे को आसान बनाने की कांग्रेस ने मांग की है। व्यापारियों को आंतकित कर जीएसटी की वसूली को प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने भविष्य में एक बड़े औद्योगिक घराने को खुदरा व्यापार में भी एकाधिकार देने की तैयारी बताया है।

महाधिवक्ता कनक तिवारी के तथाकथित इस्तीफ़े पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी का बयान आया सामने कहा .....

कुछ समय पहले बिलासपुर के एक वरिष्ट पत्रकार ने दूरभाष पर प्रदेश के महाधिवक्ता कनक तिवारी पर उनकी सहमति से उनके इस्तीफ़े पर साक्षात्कार करा। जिसकी रिकॉर्डिंग मैं आपके साथ साझा कर रहा हूँ: तिवारी का स्पष्ट कहना है कि जब उन्होंने इस्तीफ़ा दिया ही नहीं तो माननीय मुख्यमंत्री ने उसे न केवल मंज़ूर कर दिया बल्कि नए महाधिवक्ता की नियुक्ति भी रातोंरात कर दी। महाधिवक्ता का पद अत्यंत महत्वपूर्ण और गरिमामई संवैधानिक पद है और उसके साथ इस प्रकार का खिलवाड़ करना मुख्यमंत्री को बिलकुल शोभा नहीं देता है। आख़िर क्या कारण है कि तिवारी जैसे वरिष्ट अधिवक्ता को इस तरह ज़लील करके बर्खास्त किया गया? क्या इसका कारण यह तो नहीं कि उन्होंने मुख्यमंत्री के कहने पर उनके अनैतिक और अवैधानिक कार्यों में भाग नहीं लिया? इस अत्यंत ही गम्भीर मामले की उच्च न्यायालय को स्वयं संज्ञान लेते हुए जाँच करनी चाहिए क्योंकि सर्वप्रथम, संवैधानिक तौर पर महाधिवक्ता कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होता है।

भाजपा के दिवंगत विधायक भीमा मंडावी के परिवार को शपथ ग्रहण में निमंत्रण नहीं, भाजपा की संवेदनहीनता उजागर : शहीदों के प्रति संवेदनहीनता भाजपा के लिये कोई नयी बात नहीं - कांग्रेस

BBN24NEWS.COM। भाजपा के दिवंगत विधायक भीमा मंडावी के परिवार को मोदी के द्वारा शपथ ग्रहण में नहीं बुलाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि जिन राज्यो में अभी विधानसभा चुनाव होने बांकी है उन राज्यो में भाजपा कार्यकर्ताओ की मौत का राजनीतिक लाभ लेने उनके परिवारों को शपथ ग्रहण में बुलाकर संवेदना बटोरने का असफल प्रयास मोदी और शाह ने किया। बस्तर की जनता ने भाजपा को लोकसभा चुनावों में नकार दिया है। भीमा मंडावी के परिवार के प्रति मोदी-शाह की और भाजपा नेतृत्व की संवेदना नही रही तभी उनको शपथ ग्रहण में निमंत्रण भी नही दिया। पूरी तरह से यह फैसला तो केन्द्र की भाजपा सरकार ने लिया है कि शपथ ग्रहण में किसे बुलाना है और किसे नहीं बुलाना है। लेकिन यह तो तय है कि दिवंगत विधायक के परिवार के प्रति भाजपा नेतृत्व संवेदनहीन है। शहीद परिवारों के प्रति संवेदनहीनता भाजपा के लिये कोई नई बात भी नहीं है। जीरम घाटी में माओवादी हमले में शहीद हुये कांग्रेस नेताओं के परिजनों ने जीरम की साजिश की जांच के लिये तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह से, केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलाने का आग्रह किया था। रमन सिंह तीन बरस में भी अपना वादा नहीं निभाया और जीरम के शहीदों के परिजनों को राजनाथ सिंह से नहीं मिलवाया। दिवंगत विधायक भीमा मंडावी के परिवार को शपथ ग्रहण में नही बुलाने के लिए भाजपा को माफी मांगना चाहिये। मोदी-अमित शाह के लिए भाजपा के नेता और कार्यकर्ता मात्र वोट बटोरने की मशीन है। इसके पहले भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी जी को श्रद्धांजलि देने के लिये निकाली गई यात्रा में भाजपा नेताओं की असंवेदनशीलता की झलक छत्तीसगढ़ की जनता ने देखी है, जब भाजपा के नेता श्रद्धांजलि यात्रा में हंसी-ठिठौली करते नजर आये थे। लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रचार-प्रसार के दौरान ही नक्सलियों ने भाजपा विधायक भीमा मंडावी की हत्या कर दी थी। लोकसभा चुनाव मतदान संपन्न होने के बाद भाजपा विधायक दल का दिवंगत भीमा मंडावी के परिवार से सहानुभूति जताने पहुंचना भी राजनीति से प्रेरित ही था। यह साबित हो गया कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा करने दंतेवाड़ा में होने वाले उपचुनाव को ध्यान में रखते हुये संवेदना बटोरने की नियत से ही भाजपा के नेता दंतेवाड़ा गए थे। अब लोकसभा चुनाव परिणामों में भारी सफलता मिलने के बाद भाजपा दिवंगत भीमा मंडावी के परिवार को भूल गई। मोदी-शाह ने दिवंगत भाजपा विधायक के परिवार को शपथ ग्रहण में आमंत्रित न कर अपने पुराने चरित्र को ही उजागर किया है। पूर्व में सत्ता मिलते ही जैसे मोदी-शाह ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को किनारे कर निरंतर उनका अपमान किया है, उसी को अब दोहरा रहे हैं। भाजपा में जीत का श्रेय मोदी-शाह लेते हैं, तो हार के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया जाता है जैसा 2018 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के बाद रमन सिंह जी और धरमलाल कौशिक जी जैसे नेताओं ने किया भी है। भाजपा की वरिष्ठ दोनों नेताओं मोदी और शाह की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और घमंड चरम पर है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा लिये गये फैसले बस्तर के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे - कांग्रेस

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बस्तर दौरे में तथा बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में लिये गये फैसलों का कांग्रेस ने स्वागत किया है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलतापूर्वक ऐतिहासिक फैसले लेकर बस्तर के लोगों को बड़ी राहत पहुंचाई है। बस्तर में बच्चे के जन्म के समय जन्म प्रमाण पत्र के साथ ही जाति प्रमाण पत्र बनवाने का आदेश देकर अंचल के लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी से निजात दिला दी। इसके साथ ही इंद्रवाती नदी प्राधिकरण आदिवासी संग्रहालय, युवाओं के रोजगार के लिये कनिष्ठ चयन बोर्ड के गठन का निर्णय बस्तर क्षेत्र के विकास और बस्तर के लोगों के जीवन स्तर में उन्नति के लिये मील का पत्थर साबित होंगे। बस्तर की जीवनदायिनी नदी इन्द्रावती नदी है। उसके लिए इन्द्रावती प्राधिकरण की घोषणा की है। उड़ीसा सरकार के साथ जो बातचीत करनी है और कानूनी प्रक्रिया है वो अलग चलती रहेगी लेकिन इन्द्रावती के लिए प्राधिकरण बनाया जाएगा। बैंक लोन मामले में जो भी गड़बड़ी हुई है और आदिवासियों के साथ छल किया गया है उसे गंभीरता से लिया जाएगा इस मामले में बारीकी से छानबीन करके जो भी दोषी लोग है उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। सीएम भूपेश ने जाति प्रमाणपत्र मामले में कहा कि अनुसूचित जाति, जन जाति और पिछड़ा वर्ग प्रमाणपत्र के लिए भटकते रहते है इस पर फैसला लिया गया है कि यदि किसी के पास जाति प्रमाण पत्र है तो बच्चे के जन्म प्रमाणपत्र के साथ-साथ ही जाति प्रमाणपत्र बनाया जाएगा और अगले 3 महीने में इसका सरलीकरण कर दिया जाएगा। वही उन्होंने बस्तर की जनता और जवानों को नई सौगात उन्होंने कहा कि बस्तर में आदिवासियों के लिए संग्रहालय बनाया जाएगा और नौजवानों के लिए कनिष्ठ चयन बोर्ड का गठन किया जाएगा। जिससे यहाँ के छात्र-छात्राओं को परीक्षा देने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने आउटसोर्सिंग मामले में कहा कि प्रदेश में आउटसोर्सिंग किया जा रहा था उसे बंद किया जाएगा। जो शिक्षक विद्या मितान में भर्ती हुए थे उसे अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति की जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छडक्ब् मुख्यालय को हैदराबाद से जगदलपुर लाने के लिए भारत सरकार के समक्ष आवश्यक पहल करने की बात बस्तर प्राधिकरण की बैठक में कही।

1 जून को मंत्रिमंडल के सदस्यों और कांग्रेस विधायक दल की बैठक, वही 2 जून को प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी, लोकसभा प्रत्याशियों और जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक ....

1 जून को मंत्रिमंडल के सदस्यों और कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री निवास में, 2 जून को प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी, लोकसभा प्रत्याशियों और जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय राजीव भवन में होगी। सभी बैठकों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ-साथ एआईसीसी के प्रभारी सचिव द्वय डॉ. चंदन यादव और डॉ. अरूण उरांव भाग लेंगे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी डॉ. चंदन यादव और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी डॉ. अरूण उरांव 01 जून 2019 शनिवार को दोपहर 2.30 बजे नई दिल्ली से रायपुर पहुंचकर कांग्रेसजनों से भेंट एवं चर्चा करेंगे। रात्रि 8 बजे मुख्यमंत्री निवास में मंत्रियों एवं कांग्रेस विधायक दल की बैठक में भाग लेंगे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी डॉ. चंदन यादव और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी डॉ. अरूण उरांव 2 जून 2019 रविवार को सुबह 11 बजे राजीव भवन में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक, दोपहर 12 बजे लोकसभा प्रत्याशियों की बैठक एवं दोपहर 2 बजे जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की बैठक में भाग लेंगे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी डॉ. चंदन यादव 3 जून 2019 सोमवार को दोपहर 2.50 बजे इंडिगों की नियमित विमान सेवा द्वारा रायपुर से नई दिल्ली के लिये रवाना होंगे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी डॉ. अरूण उरांव 3 जून 2019 सोमवार को ही शाम 4.55 बजे इंडिगों की नियमित विमान सेवा द्वारा रायपुर से रांची झारखंड के लिये रवाना होंगे।

पूर्ववर्ती रमन सरकार का एक और काला कारनामा, डेढ़ करोड़ के विद्युत उपकेन्द्र के उद्घाटन समारोह में बहा दिये 59 लाख- कांग्रेस

छत्तीसगढ़ में पूर्व की रमन सिंह सरकार के फिजूलखर्ची को लेकर कांग्रेस ने हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि रमन सिंह सरकार ने राज्य सरकार के पैसों की जमकर बर्बादी की है। रमन सिंह अपने कार्यकाल में भले ही प्रोजेक्ट छोटा हो लेकिन उद्घाटनों में पैसे लूटाने में कोई कसर नहीं छोड़ते थे। राजनांदगांव जिले के बोरी में बनाए गए 33/11 केवी उपकेंद्र का लोकार्पण में 59 लाख रुपये फूंक दिए। जबकि ये प्रोजेक्ट ही 1.5 करोड़ था, यानि प्रोजेक्ट के कुल बजट की एक तिहाई से ज़्यादा राशि केवल उद्घाटन के नाम पर रचे गए प्रपंच में लुटा दी। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने इस सब स्टेशन के लोकार्पण के खर्च का पूरा ब्यौरा पेश करते हुए बताया कि राजनांदगांव जिले में इस सब स्टेशन के लोकार्पण कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और उनके सांसद बेटे अभिषेक सिंह के आतिथ्य में गाड़ियों में लाखों रुपये के डीज़ल भरवाए गए, ये कार्यक्रम करीब एक घंटे का था। डीजल का भुगतान छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के खाते से किया गया ,जिले के खाद्य अधिकारी, डीएएफओ, फूड कंट्रोलर जैसे अधिकारियों के नाम से जारी लगभग 10 लाख रूपये डीजल बिल का भुगतान बिजली कंपनी के खाते से किया गया। जिन पेट्रोल पंप को ये भुतान किया गया, उनमें राजनांदगांव के बसंतपुर स्थिति तीर्थ फ्यूल को 3.05 लाख रुपये, सीटी फ्यूल मठपारा को 3.90 लाख, दवे एण्ड कंपनी दुर्ग को 1.23 लाख, राजनांदगांव में पदुमतरा के अशोक फ्यूल को 1.53 लाख रुपये और छुरिया के भैयाजी फ्यूल को 70 हज़ार रुपये का भुगतान किया गया है। लोकार्पण के कार्यक्रम में मंच और टेंट हाऊस के भुगतान का भी ब्यौरा देते हुये प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने बताया है कि छोटे से उपकेन्द्र के लोकार्पण समारोह की आड़ में रमन सिंह और अभिषेक ने स्वयं का प्रचार-.प्रसार करने में किया है। भारी भरकम वॉटर प्रूफ पण्डाल और विशालकाय मंच के लिए करीब साढ़े तीरालिस लाख रुपये खर्च किया गया है, इसमें एक नहीं तीन-.तीन टेंट हाऊस को काम देकर भुगतान किया गया। इस कार्यक्रम के आयोजन के एवज में 29 लाख हरिहंत किराया भण्डार को, 10.35 लाख भारत किराया भण्डार तथा 4.3 लाख सुरेश फ्रेब्रिकेटर्स का भुगतान किया गया है। इस कार्यक्रम में अनेक छोटे मोटे कार्य का बोझ भी शासकीय विभागों पर डाला गया है। ये एक बानगी है कि रमन सिंह ने अपनी ब्रांडिग करने में अपने निजी राजनैतिक फायदे के लिये प्रदेश के खजाने का कैसे बेजा इस्तेमाल किया।

प्रदेश को नशे में डुबाने के गुनाहगार रमन एंड कंपनी लोगों को गुमराह कर रही है - कांग्रेस

शराब दुकानों के खुलने के समय में कमी के आदेश को जिलाधीश रायपुर द्वारा निरस्त किए जाने पर भाजपा द्वारा की जा रही स्तरहीन राजनीति और अमर्यादित बयानबाजी पर कड़ा प्रहार करते हुए प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि “सूप बोले तो बोले चलनी क्या बोले जिसमें 72 छेद!” रमन सिंह को एकदम नहीं भूलना चाहिए कि 15 वर्ष के उनके मुख्यमंत्रित्व काल में प्रदेश ने शराब खपत में देश के सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया। प्रदेश में नशे का प्रचार-प्रसार करने के गुनाहगार रमन सिंह जी और उनके साथी नेताओं में थोड़ी भी नैतिकता नहीं रह गयी है। थोड़ा सा आईना भी तो देखते चलें। शराब की खपत और बिक्री का आंकड़ा भी तो देख लें। 2001-02 में शराब से होने वाली आय 362.48 करोड़ रुपए थी, 130.04 लाख लीटर विदेशी शराब खपती थी और साल 2018-19 में लगभग 4700 करोड़ रुपए हुई है। वहां अब यह खपत बढ़कर 592.89 लाख लीटर से भी ज्यादा हो गयी हो गई है। देशी शराब की खपत 2002-03 में जहां 188.12 लाख प्रूफ लीटर थी,वह 10 साल बाद 2012-13 में 395.19 लाख प्रूफ लीटर हो गई। यह नशे पर खर्च के राष्ट्रीय औसत से बहुत ज्यादा है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि एक ऐसी पार्टी के नेता जिन्होंने 15 साल में अपनी सरकार में पूरे प्रदेश को, युवाओं को नशे की आग में झोंकने का काम किया है, वे अब कांग्रेस सरकार पर ऊँगली उठा रहें हैं जबकि ये निर्णय विशुद्ध रूप से रायपुर कलेक्टर का है। रायपुर कलेक्टर ने रायपुर लोकसभा के निर्वाचन अधिकारी के रूप में अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए शराब दुकानों के खुलने के समय में तब्दीली की थी जिसे चुनाव समाप्त होने के बाद उन्होंने ही पूर्ववत कर दिया है। समय को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में कलेक्टर रायपुर द्वारा किए गए इस फैसले से ना तो सरकार का और ना ही कांग्रेस पार्टी का कोई संबंध है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा द्वारा इस मामले में राजनीतिक फायदा उठाने की और कांग्रेस सरकार पर आरोप मढ़ने का कुचक्र चला रही है। भाजपा द्वारा शराब दुकानों के खुलने के समय बदलने पर अपराध बढ़ने को लेकर दिए जा रहे बयानों और प्रतिक्रियाओं पर कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा शासनकाल में इसी समय तक दुकानें खुलती थी और वास्तव में तो इससे ज्यादा समय तक खुली रहती थी। घर-घर शराब बिकवाने वाले लोग आज आरोप लगा रहें हैं। भाजपा शासनकाल में इतने ही समय बल्कि इससे ज्यादा समय तक दुकानें खुले रहने पर क्या अपराध कम होते थे? भाजपा द्वारा गैर जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने और लगातार झूठ फरेब और धोखाधड़ी की राजनीति किए जाने पर प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि इन निम्न स्तरीय हरकतों के लिए प्रदेश की जनता कभी भाजपा को माफ नहीं करेगी। थोड़ा समय निकाल कर रमन सिंह बीबीसी को दिए अपने बयान को भी देख लेते तो याद आ जाता कि उन्होंने किस तरह स्वयं ने छत्तीसगढ़ को ठगा है। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में हुई जीत के घमंड और अभिमान के चलते भाजपा कहीं अगर यह समझ बैठी है कि कुछ भी झूठ बोलकर जनता को गुमराह किया जा सकता है तो यह भाजपा की बहुत बड़ी भूल है। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार में 15 वर्ष तक लगातार शराब की खपत बढ़ती रही और भाजपा की रमन सिंह सरकार ने निरंतर शराब की बिक्री को प्रोत्साहन दिया। शराब की सरकारी दुकानों से बिक्री की नीति को लागू करने वाली रमन सिंह सरकार और भाजपा के नुमाइंदे आज यदि शराब नीति को लेकर कांग्रेस पर आक्षेप लगा रहे हैं तो उन्हें यह याद रखना चाहिए कि एक उंगली सामने की ओर वे उठा रहे हैं तो चार उंगली खुद भाजपा और रमन सिंह की ओर भी तो उठती है।

भाटापारा में मोदी लहर नही चली: माहेश्वरी

 

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भाटापारा: भाटापारा विधानसभा के चुनाव संयोजक सुनील माहेश्वरी ने  मोदी लहर एवं उनकी भाटापारा में सभा के बाद भी कांग्रेस की स्थिति बराबरी की बनाये रखने के लिए भाटापारा विधानसभा की जनता का आभार व्यक्त किया।श्री माहेश्वरी ने आगे कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद दुबे जी बहुत ही मजबूती के सांथ चुनाव लड़े है  । भाटापारा के विकास में उनका सहयोग और मार्गदर्शन हमेशा मिलता रहेगा।

माहेश्वरी ने विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस के अधिकांश परम्परागत मतदाताओ ने जोगी कांग्रेस पर विश्वाश व्यक्त किया था ।बुथ स्तर पर चुनाव परिणाम से स्पस्ट है कि  वे इस बार पुनःअपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस का सांथ दिया ,जिसके लिए उनका भी आभार व्यक्त करते है।


 
 माहेश्वरी ने भाटापारा विधानसभा के पूरे 281 मतदान केंद्र में ब्लाक,ज़ोन,सेक्टर और बुथ कांग्रेस के माध्यम से चुनाव संयोजक के रूप में संचालन किया है।लेकिन माहेश्वरी का कहना है की जिस बुथ को भी कांग्रेस जीती है उसका श्रेय उस बुथ के कार्यकर्ताओं का है।लेकिन जिन बुथ पर हम पीछे रहगये उसकी जवाबदारी चुनाव संयोजक के रूप में मेरी है। जिन बूथों में हार  हुई है वहाँ हार के कारणों की समीक्षा कर वहाँ सुधार किया जाएगा।

इसी प्रकार भाटापारा विधानसभा में हमने अच्छा प्रदर्शन किया है  जिसका प्रमुख कारण भुपेश बघेल की सरकार द्वारा किसानों के हित मे लिए गए निर्णय,  ब्लॉक ,जोन सेक्टर,मोर्चा संगठन,शक्ति कार्यकर्ताओं के सांथ सांथ विधानसभा के वरिष्ठ नेताओं से लेकर जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओ द्वारा टीम भावना से कार्य करना है।जिसके चलते भाटापारा विधानसभा मे भाजपा के वरिष्ठ विधायक होने   के बाद भी मोदी लहर नही चल पाई। अब नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनाव के लिए पार्टी पूरी  दृढ़ता के साथ अपनी तैयारी में जुट जाएगी।