राजधानी

Rabindra Jayanti will be celebrated on 9th May

On the occasion of 156th Birth anniversary of Kavi Guru Rabindranath Tagore (25 A Boishakh) Raipur City Mahakalibadi and Vishwanath Mandir Samity situated at Govind Nagar Pandri is going to organise a special cultural program to celebrate the 156th birth anniversary of Rabindranath Tagore as said by the coordinator & spokesperson of the samity Sudipto Chatterjee. On 9th may a famous dance drama written by Rabindranath Tagore "Chandalika " will be played by the artists of Bengali community at 7 pm. Thereafter various Rabindra Song, poems and dance will be performed by the children of the bengali community . President and General Secretary of Raipur City Mahakalibadi urged people of the society to gather on that special day to mark the 156th birth anniversary of Gurudev and do puja of Maa Kali.

सिटी महाकालीबाड़ी में 9 मई को रविन्द्र जयंती उत्सव आयोजित।

रायपुर के पंडरी गोविंद नगर स्थित रायपुर सिटी महाकालीबाड़ी एवं विश्वनाथ मंदिर समिति द्वारा कवि गुरु रबिन्द्रनाथ टैगोर के 156 तम जन्मदिवस (25 ए बोईशाख) के उपलक्ष्य पर रबिन्द्र गायन, कविता एवं नृत्य नाटिका का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन 9 मई को शाम 7 बजे आयोजित किया जा रहा है। संस्था के समन्वयक एवं प्रवक्ता सुदीप्तो चटर्जी ने बताया कि 9 मई को रबिन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित चंडालिका नृत्य नाटिका का मंचन किया जाएगा साथ ही बंगाली समुदाय के बच्चों द्वारा रबिन्द्र गान, कविता तथा नृत्य का मंचन करेंगे जिसे रंजन बनर्जी द्वारा निर्देशित किया गया है साथ ही उस विशेष दिन पर माँ काली की विशेष पूजा सम्पन्न होगी। समिति के अध्यक्ष एवं महासचिव ने आग्रह किया है कि 9 मई को सभी सिटी महाकालीबाड़ी अवश्य पहुंचे और कवि गुरु रबिन्द्रनाथ टैगोर के 156 तम जयंती में सम्मिलित होकर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद उठाएं एवं माँ काली का आशीर्वाद प्राप्त करे।

लोक निर्माण मंत्री ने किया 18.45 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्यों का भूमि पूजन

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" रिपोर्ट ::- लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत ने आज राजधानी रायपुर के वार्ड नं. 12 (शहीद मनमोहन सिंह बख्शी वार्ड) में कोटा की चारों दिशाओं में सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण और डामरीकरण कार्यों के लिए भूमिपूजन और शिलान्यास किया। कोटा की चारों दिशाओं में 18.45 किलोमीटर सड़क निर्माण किया जाएगा, जिस पर लगभग पांच करोड़ 13 लाख रूपए की लागत आएगी। राजेश मूणत ने समारोह को संबोधित करते हुए राज्य शासन द्वारा रायपुर नगर निगम क्षेत्र में जनसुविधाओं के विकास के लिए किए गए प्रयासों पर प्रकाश डाला। समारोह की अध्यक्षता रायपुर नगर निगम के सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने की। निगम निगम के नेता प्रतिपक्ष सूर्यकांत राठौर सहित स्थानीय वार्ड पार्षद श्रीमती ठाकुर और बड़ी संख्या में नागरिक इस अवसर पर उपस्थित थे।

छगनलाल मूंधड़ा ने सिपेट का भ्रमण किया

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- भारत सरकार के भनपुरी स्थित सेन्ट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ प्लास्टिक एंड इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी (सिपेट) का भ्रमण किया । संस्थान में आगमन पर सिपेट के संचालक ए. के. जोशी ने पुष्प गुच्छ से स्वागत किया । सिपेट द्वारा विभिन्न संकायों में डिप्लोमा एवं डिग्री कोर्स संचालित किये जा रहे हैं जिनके माध्यम से विभिन्न जिलों के छात्र एवं छात्राएं अध्ययन कर प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर रहे है। भ्रमण के दौरान सिपेट में स्थापित तरह तरह की मशीनें एवं इनके माध्यम से छात्र छात्राओं द्वारा बनाई जा रही वस्तुओं का अवलोकन किया । इस अवसर पर सिपेट के संचालक ए. के. जोशी, प्रोजेक्ट मैनेजर जे. के. दास तथा सीएसईडीसी के मुख्य अभियंता अब्दुल शकील, कार्यपालन अभियंता एस. के. सोनी, सहायक अभियंता एच. आर. वर्मा, आर. के. जैन सहित सिपेट के अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं अध्ययनरत छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थे। सिपेट के संचालक ने सीएसआईडीसी द्वारा संस्थान को भवन उपलब्ध करने के लिए आभार प्रकट किया तथा सिपेट द्वारा संचालित कोर्स एवं अन्य गतिविधियों की जानकारी दी गई तथा अवगत कराया कि विगत 2 वर्ष की अल्पावधि में सिपेट के लगभग 3200 (80%) छात्र एवं छात्राओं को प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार प्राप्त हो चूका है। अपने संक्षिप्त उद्बोधन में छगन मूंधड़ा ने सिपेट द्वारा किये जा रहे कार्यों की प्रशंसा की एवं जिन छात्र छात्राओं को प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार प्राप्त हुवा है उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान किया तथा उन्हें शुभकामनाएं दी ।

आरआईटी नर्सिंग के विद्यार्थियों ने नर्सिंग प्रोफेशन हेतु शपथ लिए

खबरीलाल रिपोर्ट ::- मध्यभारत के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था आरआईटी ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट्स के आरआईटी कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने विगत दिनों लैंप लाइटिंग एवं ग्रेजुएशन सेरेमनी का आयोजन मंदिर हसौद स्थित कॉलेज कैंपस में किया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में समाज सेविका ललिता जैन व विशिष्ट अतिथि के रूप में महानदी शिक्षण संस्था के सचिव शैलेन्द्र जैन उपस्थित थे।  लैंप लाइटिंग का डेकोरेशन आरआईटी कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने प्राचार्य बालाकृष्णन के दिशा निर्देश में किया जो बहुत ही आकर्षक था। कार्यक्रम का शुरुवात सरस्वती वंदना व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ तत्पश्चात प्राचार्य प्रो बालाकृष्णन ने नर्सिंग के 9 वे और 10 वे बैच के विद्यार्थियों को नर्सिंग प्रोफेशन हेतु शपथ ग्रहण करवाये। इसके पश्चात सचिव शैलेन्द्र जैन ने नर्सिंग के पास आउट विद्यार्थियों को ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट प्रदान किये और उनके उज्ज्वल भविष्य हेतु कामना करते हुए कहे कि नर्सिंग का कार्य सेवा का कार्य है तथा प्रत्येक के मन मे सेवा भाव का होना बहुत जरूरी है जिससे वे अपने प्रोफेशन एवं मरीजों के साथ न्याय कर पाए। आरआईटी कॉलेज ऑफ नर्सिंग के छटवें बैच के सुमन चंद्राकर व राजकुमार वर्मा एकेडेमिक्स एवं स्पोर्ट्स में अव्वल रहे तथा पांचवें बैच के कमल नारायण एवं शकुंतला भारद्वाज अव्वल रहे।

मुख्यमंत्री डॉ रमन ने सामाजिक संस्था अवसर फाउंडेशन की वेबसाइट को लांच किया। 

खबरीलाल रिपोर्ट ::-  मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने सामाजिक संस्था अवसर फाउंडेशन की वेबसाइट को लांच किया। इस अवसर पर फाउंडेशन के अध्यक्ष  रमेश भाई मोदी,  समाज सेवी  मनोज कोठारी, य इंजीनियरिंग महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अशोक दुबे, डॉ स्मिता शर्मा  नीरज वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक शशांक शर्मा उपस्थित थे। अवसर फाउंडेशन द्वारा  अवसर एकेडमी का संचालन किया जाता है  जो प्रदेश के निर्धन अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा वर्ग तथा सामान्य वर्ग के उन विद्यार्थियों के लिए कोचिंग की सुविधा मुहैया कराती है जो ग्रामीण अंचलों से रायपुर आकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हैं। इस वर्ष अवसर अकादमी द्वारा आवासीय कोचिंग की व्यवस्था की जा रही है, जहां ग्रामीण अंचल के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ठहरने, भोजन, पुस्तक नोट्स व समस्त सुविधाएं छात्रों को अवसर अकादमी के द्वारा मुहैया कराई जाएगी। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को त्रिस्तरीय छात्रवृत्ति दी जाएगी  जिसके तहत  निशुल्क समस्त व्यवस्थाएं विद्यार्थियों के लिए  संस्था द्वारा की जाएगी। छात्रावास छात्र एवम छात्राओं के लिए प्रथक पृथक होंगे। इनके अलावा स्थानीय विद्यार्थियों के लिए डे- बोर्डिंग की सुविधा भी होगी जिसमें प्रातः 7:30 बजे छात्र कोचिंग कक्षा में आएंगे एवं शाम 7:00 बजे तक कोचिंग व स्वयं अध्ययन करेंगे। इस कोचिंग व्यवस्था में ना केवल छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग एवं यूपीएससी आईएएस परीक्षा के विषयों का अध्ययन कराया जाएगा अपितु इन परीक्षाओं के लिए आवश्यक व्यक्तित्व निर्माण जिसमें भाषा लेखन क्षमता तर्क क्षमता आदि का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षक प्रदेश के अनुभवी होंगे एवं दिल्ली के वी विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। उक्त कोचिंग में प्रवेश के लिए कुल 80 सीटें निर्धारित है। छात्रों का चयन एक प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा । यह परीक्षा 20 मई को आयोजित कैद की जाएगी इस परीक्षा में भाग लेने के लिए विद्यार्थी संस्था की वेबसाईट www.avasaracademy.in में अपना पंजीयन निशुल्क करा सकते हैं।

मन पे नियंत्रण पाना जरूरी है : सदानंद सरस्वती

खबरीलाल रिपोर्ट ::- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि तथा द्वारका पीठ के मंत्री दंडी स्वामी सदानंद सरस्वती ने आज रायपुर स्थित शंकराचार्य आश्रम व भगवती राजराजेश्वरी मंदिर में रायपुर शंकराचार्य आश्रम प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद महाराज, सलदाह धाम के ब्रह्मचारी ज्योतिर्मयानंद के उपस्थिति में उपस्थित भक्तों -  एमएल पांडेय, रविशंकर पटेल, विश्वेश्वर पटेल, कवर्धा से आनंद उपाध्याय, वेद प्रकाश उपाध्याय, दुर्गा प्रसाद हलवाई, स.लोहरा से देवदत्त शर्मा, धीरेंद्र परमार, अशोक अवस्थी, रत्नेश शुक्ला, सोनू चंद्राकर व आदि भक्तों से कहा कि अपने मन पे नियंत्रण रखना एक प्रकार का साधना है। जो अपने मन पे विजय प्राप्त कर लेता है उसके दुःख कष्ट सब खत्म हो जाते हैं। मनुष्य का मन निरंतर एक डाली से दूसरे डाली पर विचरित करते रहता है और चंचल मन से सफलता नहीं मिलती है इसलिए मन को एकाग्र करना बहुत जरूरी है। आज के समय मे प्रत्येक व्यक्ति विलासिता का जीवन जीना चाहता है तथा विलासिता की वस्तु उनके मन पर अपना प्रभाव छोड़ती है जिसके लिए व्यक्ति उस विलासिता के वास्तु को हासिल करने के लिए या तो धर्म के मार्ग पर चलकर सच्चाई के साथ हासिल करते हैं या अधर्म के रास्ते पर चलकर शॉर्ट कर्ट तरीके से हासिल करते हैं। अधर्म के रास्ते पर चलने से कुछ समय के लिए व्यक्ति सुख तो भोगता है लेकिन बाद में वही सुख उनके दुःख का कारण होता है। इसलिए व्यक्ति को चाहिए कि धर्म और सच्चाई के मार्ग पर चलते हुए अपने जीवन निर्वाहन करे और समाज के लोगों को धर्म के मार्ग पर चलने हेतु प्रेरित करे। उक्त जानकारी शंकराचार्य आश्रम के प्रवक्ता पं रिद्धीपद ने विज्ञप्ति जारी कर दी तथा यह भी जानकारी दिए कि बेमेतरा जिले में स्थित सलदाह धाम में सवा लाख शिवलिंग की स्थापना की जा रही है जिसमे श्रद्धालुगण अपने नाम या माता - पिता के नाम से स्थापित कर सकते है। इसकी जानकारी रायपुर के शंकराचार्य आश्रम के प्रमुख ब्रह्मचारी इंदुभवानंद से प्राप्त कर सकते हैं।

आध्यात्मिक शक्ति का संचय करने के लिए व्यक्ति भगवान के शरण मे जाता है : सदानंद सरस्वती

खबरीलाल रिपोर्ट ::- ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि तथा द्वारका पीठ के मंत्री दंडी स्वामी सदानंद सरस्वती 28 अप्रैल 2018 को रायपुर के दुबे कॉलोनी मोवा में नवनिर्मित भगवान बालाजी के प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य पर सम्मिलित हुए और आशीर्वचन प्रदान किये। इस उपलक्ष्य पर सर्व प्रथम डॉ देवेंद्र नायक एवं उनके परिवार के सदस्यों ने पादुका पूजन किये और माला पहनाकर उनका तथा शंकराचार्य आश्रम रायपुर के प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद, सलदाह धाम के ब्रह्मचारी ज्योतिर्मयानंद का भी स्वागत किये। तत्पश्चात दंडी स्वामी सदानंद सरस्वती ने अपने आशीर्वचन में कहा कि आध्यात्मिक शक्ति का संचय करने के लिए व्यक्ति भगवान के शरण मे जाता है। उन्होंने कहा की हमारे सनातन धर्म में, भारतीय संस्कृति में दो ही तत्त्व प्रधान है जिसमे एक धर्म है दूसरा परमात्मा। ईश्वर साध्य है और धर्म साधन है, लेकिन साधन रूपी धर्म तभी सार्थक होता है जब हम धर्म के लिए धर्म करते हैं। जैसे, धर्म का संपादन, कर्तव्य का पालन भी धर्म है, रोगी को दवा देना भी धर्म है, प्यासे को पानी पिलाना भी धर्म है, भूखे को खाना खिलाना भी धर्म है। धर्म के बहुत स्वरूप है। मंदिर में पूजा करना धर्म है लेकिन बाकी को जनाना पड़ता है। पुत्र का परम धर्म माता पिता की सेवा करना है लेकिन पुत्र यदि सोचे कि सेवा से क्या मिलेगा। डॉक्टर का धर्म है मरीजों का इलाज सेवा के रूप में करना वह धर्म का धर्म है लेकिन पैसे लेकर चिकित्सा करना वह डॉक्टर का कर्तव्य है लेकिन वह रोगी को ठीक करे बाकी जो होना है वह प्रारब्ध है। इस पावन अवसर पर रामप्रताप सिंह, चंद्रशेखर साहू, बीरेंद्र पटेल, नरसिंह चंद्राकर, जी.स्वामी, शिव दुबे, डॉ दवे, पं विकास महाराज व अनेक भक्तगण उपस्थित होकर स्वामी सदानंद सरस्वती के श्रीमुख से प्रवचन का रस पान किये और आशीर्वाद प्राप्त किये। उक्त जानकारी शंकराचार्य आश्रम के समन्वयक व प्रवक्ता पं रिद्धीपद ने विज्ञप्ति जारी कर के दी।

भगवती राजराजेश्वरी का 13 वां पाटोत्सव मनाया गया

खबरीलाल रिपोर्ट ::- जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम रायपुर में स्थापित भगवती राजराजेश्वरी ललिता प्रेमाम्बा त्रिपुर सुंदरी का गंगा सप्तमी के दिन 13 वां पाटोत्सव शंकराचार्य आश्रम परिसर में भक्तों ने बड़े भक्तिमय परिवेश में मनाया। इस विशेष दिन पर शंकराचार्य आश्रम प्रमुख व छत्तीसगढ़ प्रभारी ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद के सान्निध्य में आचार्य धर्मेंद्र व आचार्य गौतम तिवारी के मंत्रोच्चारण के बीच एमएल पांडेय, तारिणी तिवारी, ज्ञानेश तिवारी, अनुराग अग्रवाल, ज्योति नायर, सुमिता नायक, रत्नेश शुक्ला, भूपेंद्र पांडेय, रेणुबाला ब्रह्मा, अनिल पवार, खिलावन साहू, नंदकुमार देवांगन, श्रीकृष्ण तिवारी, योगेश चंद्र पांडेय व आदि भक्तों ने साथ मिलकर 1008 आम तथा किसमिस से भगवती राजराजेश्वरी का अर्चन किये तथा पुष्पांजलि अर्पित कर महाआरती किये। इस अवसर पर ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने कहा कि रायपुर में स्थापित भगवती का विग्रह पूर्ण स्फटिक मणि से बनाया गया है जो विश्व का पहला विग्रह है। साथ ही उन्होंने सभी भक्तों एवं श्रद्धालुओं के उद्देश्य से कहा कि व्यसन मुक्त स्वस्थ समाज का निर्माण करें क्यों कि जितने भी अधर्म के कार्य होते हैं वे नशा आदि के कारण होते हैं तथा व्यक्ति के अपने इंद्रियों को वश में नहीं रख पाने के कारण होते हैं। आज पाटोत्सव के दिन ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने सभी से आग्रह किया कि आप आज के विशेष दिन और तिथि में संकल्प लें कि आप स्वस्थ समाज निर्माण हेतु तथा धर्म के मार्ग पर चलने हेतु अपनी सहभागिता प्रदान करेंगे तथा सांस्कारिक समाज का निर्माण करेंगे। इसके पश्चात उन्होंने सभी भक्तों को प्रसाद ग्रहण करने हेतु आग्रह किया और वे स्वयं सभी भक्तों को बैठाकर भोजन करवाये और प्रसाद वितरित किये। उक्त जानकारी शंकराचार्य आश्रम एवं भगवती राजराजेश्वरी मंदिर के समन्वयक व प्रवक्ता पं रिद्धीपद ने विज्ञप्ति जारी कर दिए तथा यह भी उल्लेख किये की 24 अप्रैल को द्वारका पीठ के मंत्री दंडी स्वामी सदानंद सरस्वती शाम को रायपुर के शंकराचार्य आश्रम में विराजमान होंगे और भक्तों से मिलेंगे। 25 से 27 मई तक स्वामी जी अमरकंटक के प्रवास में रहेंगे तथा 27 शाम एवं 28 अप्रैल को पूरे दिन वे आश्रम में रहेंगे तथा 28 की शाम 5 बजे दुबे कॉलोनी मोवा स्थित बालाजी मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा में सम्मिलित होकर प्रवचन व आशीर्वचन प्रदान करेंगे। इस हेतु पं रिद्धीपद ने सभी भक्तों को उपस्थित रहने हेतु आग्रह किये।

भगवती राजराजेश्वरी की निकली विशाल शोभायात्रा।

खबरीलाल रिपोर्ट ::- जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम रायपुर में स्थापित भगवती राजराजेश्वरी माता का 13 वें पाटोत्सव के ठीक एक दिन पहले विशाल शोभायात्रा भक्तिमय माहौल में शंकराचार्य आश्रम परिसर से निकाला गया। शोभायात्रा के पहले आश्रम प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने पूजा एवं आरती किये तथा भगवती राजराजेश्वरी को शंकराचार्य आश्रम से बोरियाकला गांव में स्थित शीतला माता मंदिर तक लेकर गए जिनका समस्त बोरियाकला वासियों तथा ग्राम पंचायतों के पंच-सरपंच मिलकर भव्य स्वागत किये और पूजा अर्चना किये। इस अवसर पर ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने बताया कि पूज्य शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने बोरियाकला गांव में शीतला माता के मंदिर का जीर्णोद्धार कर खुद प्राण प्रतिष्ठा किये थे तथा भगवती राजराजेश्वरी के पाटोत्सव के ठीक एक दिन पहले शीतला माता से मिलने बोरियाकला गांव में भगवती राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी ललिता प्रेमाम्बा जाती हैं। आज के शोभायात्रा में शंकराचार्य आश्रम के वरिष्ठ आचार्य धर्मेंद्र महाराज, वेद वेदांग संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थी - भूपेंद्र पांडेय, गौतम मिश्रा, रत्नेश शुक्ला, रुद्राभिषेक तिवारी, मठ के पुरोहित राम कुमार शर्मा, एमएल पांडेय, ज्योति नायर, डीपी तिवारी, नरसिंह चंद्राकर, श्रीकृष्ण तिवारी, सोनू चंद्राकर, शैलू नंदा, आश्रम के समन्वयक व प्रवक्ता सुदीप्तो चटर्जी व आदि भक्तगण शोभा यात्रा में शामिल हुए। ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने सभी श्रद्धालुओं से 22 अप्रैल को सुबह 11 बजे भगवती राजराजेश्वरी के पाटोत्सव में सम्मिलित होने तथा प्रसाद ग्रहण करने हेतु आग्रह किया।

स्वामी सदानंद सरस्वती 24 को रायपुर आएंगे।

ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य तथा द्वारका पीठ के मंत्री दंडी स्वामी सदानंद सरस्वती 24 अप्रैल की शाम शंकराचार्य आश्रम में पधारेंगे तथा भक्तों से मिलेंगे। स्वामी जी 25 अप्रैल दोपहर को सड़क मार्ग द्वारा अमरकंटक जाएंगे तथा वहाँ मंदिर का उद्घाटन कर 27 अप्रैल की शाम पुनः रायपुर स्थित शंकराचार्य आश्रम पधारेंगे एवं भक्तो से मिलेंगे। 28 अप्रैल की शाम 5 बजे मोवा , दुबे कॉलोनी स्थित बालाजी मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर उपस्थित होकर प्रवचन एवं आशीर्वचन देंगे। रायपुर स्थित शंकराचार्य आश्रम के प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद महाराज, प्रवक्ता सुदीप्तो चटर्जी, नरसिंह चंद्राकर व अन्य बालाजी मंदिर के उद्घाटन अवसर पर स्वामी सदानंद सरस्वती के साथ उपस्थित रहेंगे।

एकता अखंडता के पुरोधा थे आदि शंकराचार्य : इंदुभवानंद

खबरीलाल रिपोर्ट :: जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम वे स्थित भगवती राजराजेश्वरी मंदिर में भगवान आदि शंकराचार्य के 2525 तम जयंती बड़े भक्ति मय परिवेश में मनाया गया। आज के विशेष दिन के विशेष पूजन में आचार्य धर्मेंद्र, एमएल पांडेय, एलपी वर्मा, कुसुम सिंघानिया, नरसिंह चंद्राकर, ज्योति नायर, सोनू चंद्राकर, श्रीकृष्ण तिवारी, भूपेंद्र पांडेय, गौतम मिश्रा, पुरोहित राम कुमार शर्मा, एसएस सिंह व आदि भक्तगण सम्मिलित हुए तथा आश्रम प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद के सान्निध्य में पूजा अर्चना, आरती कर प्रसाद ग्रहण किये। इस विशेष अवसर पर ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि भगवान आदि शंकराचार्य ने विधर्मियों को हटाकर धार्मिक स्वतंत्रता दिलवाई तथा सनातन धर्म को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए भारत के चारों दिशाओं में चार मठों की स्थापना की जिससे एक दूसरे मठ में जाकर परस्पर लोग क्षेत्रीय बात को भुलाकर भारत की अखंडता को अक्षुण्य बनाये रखने में अपना योगदान देंगे। मठ परंपरा भगवान आदि शंकराचार्य का ही देन है और इसी कारण हम मठ में पूजा कर सकते हैं जो पहले नहीं था। शंकराचार्य आश्रम रायपुर के प्रवक्ता रिद्धीपद ने उपस्थित भक्तों से आग्रह किया कि आगामी 22 अप्रैल भगवती राजराजेश्वरी का पाटोत्सव आश्रम में मनाया जाएगा तथा भगवती का अर्चन 1008 आम, किसमिस आदि फलों से कर पुष्पांजलि तथा महाआरती ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद महाराज के सान्निध्य में सम्पन्न होगा एवं हवन पश्चात महा भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। रिद्धीपद ने आगे बताया 21 अप्रैल की शाम 5 बजे भगवती राजराजेश्वरी की विशाल शोभायात्रा निकलेगी तथा भगवती राजराजेश्वरी बोरियाकला में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती द्वारा स्थापित मा शीतला से मिलने जाएंगी जिसका स्वागत बोरियाकला के सभी ग्राम पंचायत व गांव के लोग स्वागत कर भगवती राजराजेश्वरी का पूजन करेंगे।

Bbn24 News :: 20 अप्रैल को शंकराचार्य जयंती तथा 22 अप्रैल को भगवती राजराजेश्वरी का पाटोत्सव मनाया जाएगा।

खबरीलाल रिपोर्ट ::-  रायपुर के बोरियाकला स्थित जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम व भगवती राजराजेश्वरी मंदिर में 20 अप्रैल को आदि शंकराचार्य भगवान का 2525 तम जयंती मनाई जायगी तथा 22 अप्रैल को भगवती राजराजेश्वरी का 13 वां पाटोत्सव मनाया जाएगा। उक्त जानकारी शंकराचार्य आश्रम रायपुर के प्रमुख तथा छत्तीसगढ़ प्रभारी पूज्य ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने दी। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल को  भगवान आदि शंकराचार्य की जयंती के उपलक्ष्य पर पूजार्चना, महाआरती एवं हवन होंगे साथ ही प्रसाद वितरित किये जायेंगे। आगे ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने बताया कि वर्ष 2006 को रायपुर के शंकराचार्य आश्रम में विश्व का पहला स्फटिक मणि के भगवती के विग्रह का प्राण प्रतिष्ठा ज्योतिश एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के कर कमलों द्वारा 22 अप्रैल 2006 को हुआ था तथा प्रत्येक वर्ष 22 अप्रैल को भगवती राजराजेश्वरी का स्थापना दिवस (पाटोत्सव) बड़े धूम धाम से मनाया जा रहा है। उस दिन विशेष पूजार्चना के साथ साथ महाआरती व हवन के पश्चात महा भंडारे का आयोजन किया गया है साथ ही भगवती की रथ यात्रा भी निकाली जाएगी। शंकराचार्य आश्रम के प्रवक्ता रिद्धीपद ने सभी भक्तों एवं श्रद्धालुओं को दोनों महत्त्वपूर्ण दिवस पर शंकराचार्य आश्रम रायपुर में उपस्थित होने हेतु आग्रह किया साथ ही पूजन , आरती व पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु समस्त रायपुर एवं छत्तीसगढ़ वासियों से निवेदन किये हैं।

Bbn4 News :: खबरीलाल रिपोर्ट ::- गौ ही भारत माता है - स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने रायपुर स्थित शंकराचार्य आश्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा कि गौ माता ही भारत माता है। जब धरती पर पाप व अत्याचार बढ़ता है तब पृथ्वी देवी गो-माता का रूप धारण कर भगवान के पास जाती है। अतः भारत माता धरती माता का स्वरूप गो-माता ही है। उन्होंने आगे कहा कि आजकल भारत माता के नक्शे के सामने एक देवी का चित्र भारत माता के रूप में दिखाया जाता है जबकि इसका वर्णन किसी भी शास्त्र में नहीं है। गौ ही भारत माता का मूल स्वरूप है। इस अवसर पर शंकराचार्य आश्रम रायपुर के प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद जी महाराज, आचार्य धर्मेंद्र, एमएल पांडेय, श्रीकृष्ण तिवारी, एसएस सिंह, डीपी तिवारी, ज्योति नायर, कस्तूरी चटर्जी, रत्नेश शुक्ला, शैलू नंदा, नरसिंह चंद्राकर, मठ के पुरोहित राम कुमार शर्मा, सोनू चंद्राकर, भूपेंद्र पांडेय, रुद्राभिषेक तिवारी व अन्य भक्तगण उपस्थित थे। आगे दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि कामनाओं का कभी अंत नहीं होता है। एक कामना के पूर्ति होने पर दूसरी कामना दिल और दिमाग मे घर कर जाती है। जो व्यक्ति अपनी कामनाओं को कपट धर्म का पालन करते हुए पूर्ति करते हैं आगे चलकर उसे अपने कृत्य का फल भोगना पड़ता है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अंत मे उपस्थित सभी भक्तों तथा देश के प्रत्येक व्यक्तियों के उद्देश्य से कहा कि श्रीमद्भागवत का प्रतिदिन जीवन भर श्रवण करना चाहिए साथ ही भागवत का एक श्लोक या आधा श्लोक मनुष्य को रोजाना पढ़ना चाहिए तथा उस श्लोक के अर्थ को समझते हुए उस पर विचार करना चाहिए। एक क्षण भी सत्संग संगति भी संसार रूपी समुद्र पार करने की नैया बन जाती है।

चौबे कॉलोनी लेडीज क्लब ने दान किया एसी मोर्चरी।

चौबे कॉलोनी लेडीज क्लब ने दान किया एसी मोर्चरी। रायपुर के चौबे कॉलोनी स्थित 45 वर्ष पुराना " चौबे कॉलोनी लेडीज क्लब" की अध्यक्षा ललिता जैन व क्लब की सदस्यगणों ने मिलकर एकसाथ सामाजिक कार्य करने वाले बढ़ते कदम संस्था को एसी मोर्चरी दान किये। बढ़ते कदम संस्था की ओर से इंदर दोडवानी व सदस्य उपस्थित हुए और एसी मोर्चरी लेडीज क्लब के सदस्यों के हाथों ग्रहण किये। इस विशेष अवसर पर पूर्व विधायक स्वरूपचंद जैन, नारायण भाई जोतवानी , माया सुरजन, नीलम सिंघानिया, पद्मा अग्रवाल, नीलम कासलीवाल व अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। इस मौके पर बढ़ते कदम संस्था के इंदर दोडवानी ने चौबे कॉलोनी लेडीज क्लब के सदस्यों को जानकारी दिए कि उनके संस्था द्वारा "दरवेश योजना" विगत एक वर्षों से चलाया जा रहा है जिसमे वे रायपुर शहर के विक्षिप्त लोगों को चिन्हांकित कर उन्हें एक समय का भोजन करवाते हैं साथ ही उनके सदस्य शहरों से पुराने कपड़े इकट्ठे कर उसे ठीक करके जरूरतमंद लोगों को बांटते हैं। चौबे कॉलोनी लेडीज क्लब की ओर से दरवेश योजना हेतु एक मुश्त राशि बढ़ते कदम संस्था को अलग से प्रदान किये गए।