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अंतरिक्ष में इसरो की एक और छलांग,IRNSS-1H सेटेलाइट लॉन्च सफल लॉन्चिंग तो भारत में शुरू होगा प्राइवेट सैटेलाइट्स का युग

इसरो अंतरिक्ष में एक और छलांग लगा दी है। इसरो ने  भारतीय क्षेत्रीय दिशा सूचक उपग्रह आईआरएनएसएस -वन एच का सफल प्रक्षेपण कर दिया है
श्रीहरिकोटा से गुरुवार शाम तक नौवहन उपग्रह ‘‘आईआरएनएसएस-1एच’’ के प्रक्षेपण के लिए उल्टी गिनती शुरू की जा चुकी है और पूरी प्रक्रिया अच्छे से चल रही है। 29 घंटे की उल्टी गिनती की प्रक्रिया बुधवार दोपहर दो बजे शुरू हुई थी। फिलहाल वैज्ञानिक प्रणोदकों को भरने में व्यस्त हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उल्टी गिनती की प्रक्रिया ठीक से चल रही है। ‘‘मिशन रेडीनेस रिव्यू’’ (एमआरआर) समिति और लॉन्च ऑथराइजेशन बोर्ड (एलएबी) ने 29 अगस्त को उल्टी गिनती की मंजूरी दे दी थी। प्रक्षेपण वाहन पीएसएलवी-सी39 इस उपग्रह के प्रक्षेपण के लिए पीएसएलवी के ‘‘एक्स एल’’ प्रकार का उपयोग करेगा जिसमें छह स्ट्रैप-ऑन्‍स लगे हैं। प्रत्येक स्ट्रैप ऑन अपने साथ 12 टन प्रणोदक ले जा रहा है। कुल 44.4 मीटर लंबे पीएसएलवी-सी39 की यह 41वीं उड़ान है। यह अपने साथ आज शाम सात बजे 1,425 किग्रा वजनी उपग्रह ले कर जाएगा। इसका प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्पेस पोर्ट के दूसरे लॉन्च पैड से किया जाएगा। इसरो ने छह छोटे और मध्यम उद्योगों के एक समूह के साथ मिल कर इस उपग्रह का निर्माण और परीक्षण किया है।

 

बगदाद में कार बम धमाका, 9 की मौत

बगदाद: ईराक की राजधानी बगदाद के एक व्यस्त बाजार में एक कार बम फटने से 9 लोगों की मौत हो गई। ईराकी अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फोटक से लदी एक कार में आज सुबह बगदाद के सदर शहर में शिया जिला के जमीला थोक बाजार में विस्फोट कर दिया गया। उन्होंने बताया कि इस विस्फोट में 15 अन्य लोग घायल भी हुए हैं और मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है। एक चिकित्सक ने हताहत हुए लोगों की संख्या की पुष्टि की।

दोनों अधिकारियों ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर जानकारी दी क्योंकि उन्हें पत्रकारों से बात करने की अनुमति नहीं थी। इस हमले की अभी तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है। ईराक की राजधानी में शिया नागरिकों को निशाना बनाने वाले इन हमलों की जिम्मेदारी अक्सर इस्लामिक स्टेट लेता है। यह हमला उस वक्त हुआ है जब अमरीका से समर्थन प्राप्त ईराकी सेना आईएस को खदेड़ ताल अफार के उतरी नगर पर कब्जा करने के अंतिम चरण में है। 

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने की इस्तीफे की पेशकश, पीएम ने इंतजार के लिए कहा

पांच दिनों में दो रेल हादसे के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। उन्होंने इस बात की जानकारी ट्विटर पर दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि रेल हादसे में मारे गए लोगों के बारे में जानकर उन्हें बहुत दुख हुआ है। 
प्रभु ने ट्वीट कर कहा- तीन साल से भी कम वक्त के दौरान मैंने मंत्री रहते हुए खून पसीने से रेलवे की बेहतरी के लिए काम किया. हाल में हुए हादसों से मैं काफी आहत हूं. पैसेंजरों की जान जाने, उनके घायल होने से मैं दुखी हूं. इससे मुझे बहुत पीड़ा है. पीएम के न्यू इंडिया विजन के तहत पीएम को ऐसे रेलवे की जरूरत है जो सक्षम हो और आधुनिक हो. मैं वादा कर सकता हूं कि हम उसी राह पर हैं, रेलवे आगे बढ़ रहा है. पीएम मोदी के नेतृत्व में सभी सेक्टर में दशकों पुराने सिस्टम और सुधारों से पार पाने की कोशिश की. मैंने पीएम मोदी से मुलाकात की. इन हादसों की मैं नैतिक जिम्मेदारी लेता हूं. पीएम ने मुझे इंतजार करने को कहा.

PM ने सोशल मीडिया पर ली CMs की क्लास,कहा- विकास, सुशासन के मंत्र को करें साकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने बीजेपी शासित प्रदेशों से मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री और वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से बैठक की और इसमें विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के मंत्र को साकार करने वाली केंद्र की योजनाओं को राज्यों में लागू करने के साथ प्रदेश सरकार की अन्य पहल की समीक्षा की गई. बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इन योजनाओ के बारे में अपनी प्रस्तुति दी. सभी मुख्यमंत्रियों को पीएम नरेंद्र मोदी के ट्वीट्स को रोज सुबह 8 से 9 बजे के बीच रीट्वीट करने को कहा गया है। बैठक में सभी सीएम ने अपने ट्विटर और फेसबुक अकाउंट पर फॉलोअर्स की संख्या की जानकारी दी। इसके अलावा बीते 100 दिनों में फॉलोअर्स की संख्या बढ़ने की जानकारी भी अलग से दी गई। साथ ही सभी सीएम से उनके ट्वीट्स को पीएम द्वारा कितनी बार रीट्वीट किया गया, इसके बारे में भी जानकारी मांगी गई।
बैठक में विकास, सुशासन और गरीब कल्याण के मंत्र को साकार करने वाली केंद्र की योजनाओं को राज्यों में लागू करने के साथ प्रदेश सरकार की अन्य पहल की समीक्षा की गई । साथ ही बैठक में पीएम मोदी ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह का उदाहरण देते हुए सभी सीएम से कहा कि वह भी उन्हीं की तरह केंद्र सरकार की 17 योजनाओं का प्रचार-प्रसार सही तरीके से करें। बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इन योजनाओ के बारे में अपनी प्रस्तुति दी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब इस बैठक में 2019 चुनाव से जुड़ी बातों पर चर्चा हुई। बैठक ऐसे वक्त पर हुई जब केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल की संभावना जताई जा रही है इसके साथ ही साल 2019 तक कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पूर्वोत्तर के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं।

हवाई अड्डे पर बैठक मामले में अमित शाह पर कार्रवाई नहीं, निदेशक बोले- ऐसा दोबारा नहीं होगा

बंबई उच्च न्यायालय की पणजी पीठ ने सोमवार को गोवा हवाईअड्डे पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की सार्वजनिक बैठक के खिलाफ दायर याचिका का निपटारा किया, जिसमें भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण ने अदालत से कहा कि 1 जुलाई को जो कुछ हुआ, वह एक ‘अलग घटना’ थी और दोबारा ऐसी घटना नहीं होगी। गोवा हवाईअड्डा के निदेशक भूपेश नेगी ने एक लिखित बयान में कहा, “भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में ऐसी कोई भी घटना कभी भी किसी भी परिस्थिति में नहीं हो और हवाईअड्डा क्षेत्र व उसके परिसर का ऐसी किसी भी घटना के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाए।”

अधिवक्ता ऐरिस रॉड्रिक्स ने याचिका दायर कर उस मामले में जांच की मांग की थी, जिसमें 1 जुलाई को डबोलिम हवाईअड्डे पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह द्वारा समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की गई थी। यह हवाईअड्डा भारतीय नौसेना के आईएनएस हंस बेस द्वारा संचालित किया जाता है।
भारतीय जनता पार्टी के साथ ही एएआई ने अदालत से कहा कि यह बैठक अचानक आयोजित की गई थी, इसलिए अनुमति की मांग करने का प्रश्न ही नहीं उठता।
अदालत ने हालांकि 1 जुलाई को हुई इस बैठक के दौरान मंच, कुर्सियां, साउंड बॉक्स वगैरह पाए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर यह बैठक एकाएक आयोजित की गई थी, तो ये सब चीजें कैसे आईं। इससे यह संकेत मिलता है कि बैठक पूर्वनियोजित था।

स्‍वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्‍या पर राष्ट्रपति कोविंद का पहला संबोधन- न्यू इंडिया का सपना सब मिलकर करेंगे साकार

नवनिर्वाचित राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने स्‍वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्‍या पर राष्‍ट्र को संबोधित किया। बतौर राष्‍ट्रपति, अपने पहले संबोधन में राष्‍ट्रपति ने देश की आजादी में योगदान देने वाले महापुरुषों का नाम लेते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के लिए अपने जीवन का बलिदान कर देने वाले ऐसे वीर स्वतंत्रता सेनानियों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने और देश के लिए कुछ कर गुजरने की उसी भावना के साथ राष्ट्र निर्माण में सतत जुटे रहने का समय है। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, “स्वतंत्रा नैतिकता पर आधारित नीतियों और योजनाओं को लागू करने पर उनका जोर, एकता और अनुशासन में उनका दृढ़ विश्वास, विरासत और विज्ञान के समन्वय में उनकी आस्था, विधि के अनुसार शासन और शिक्षा को प्रोत्साहन, इन सभी के मूल में नागरिकों और सरकार के बीच साझेदारी की अवधारणा थी।” उन्होंने आगे कहा, “यही साझेदारी हमारे राष्ट्र-निर्माण का आधार रही है – नागरिक और सरकार के बीच साझेदारी, व्यक्ति और समाज के बीच साझेदारी, परिवार और एक बड़े समुदाय के बीच साझेदारी।” राष्‍ट्रपति ने आजादी के आंदोलन के समय देश की एकता और अखण्‍डता की याद दिलाते हुए वर्तमान में वैसी ही भावना विकसित करने की बात कही। उन्‍होंने गांव, खेत-खलिहानों का जिक्र करते हुए कम होते सरोकारों पर चिंता जताई।

राष्‍ट्रपति ने नागरिकों से कानून का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि “सरकार कानून बना सकती है और कानून लागू करने की प्रक्रिया को मजबूत कर सकती है, लेकिन कानून का पालन करने वाला नागरिक बनना, कानून का पालन करने वाले समाज का निर्माण करना – हममें से हर एक की जिम्मेदारी है। सरकार पारदर्शिता पर जोर दे रही है, सरकारी नियुक्तियों और सरकारी खरीद में भ्रष्टाचार समाप्त कर रही है, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी में अपने अंत:करण को साफ रखते हुए कार्य करना, कार्य संस्कृति को पवित्र बनाए रखना – हममें से हर एक की जिम्मेदारी है।”
राष्‍ट्रपति ने कहा कि ‘2022 में हमारा देश आजादी के 75 साल पूरा करेगा, तब तक ‘न्‍यू इंडिया’ के लक्ष्‍यों को पूरा करना है। इसके बड़े स्‍पष्‍ट मापदंड हैं, हर परिवार के लिए घर, बेहतर सड़के, यातायात और निजी स्‍वतंत्रता। न्‍यू इंडिया एक ऐसा समाज होना चाहिए जहां पारंपरिक रूप से वंचित हुए लोग देश की समग्र प्रक्रिया में सहभागी हों। जो हर देशवासी को गले से लगाए।’ राष्‍ट्रपति ने तकनीक के इस्‍तेमाल पर जोर देते हुए कहा कि ‘न्‍यू इंडिया’ में गरीबी के लिए कोई जगह नहीं है। उन्‍होंने कहा कि भारत विश्‍व समुदाय में अहम भूमिका निभा रहा है। भारत ने 2020 के ओलंपिक खेलों में बेहतर प्रदर्शन के लिए अभी से तैयारी में जुटने की अपील की। उन्‍होंने इसके लिए सरकारों, व्‍यापारिक संस्‍थानों, खेल अधिकरणों से कदम उठाने को कहा।

सत्यमेव जयते ये सिर्फ मेरी जीत नहीं, बल्कि सरकारी मशीनरी के गलत इस्तेमाल, धनबल और बाहुबल की हार है अहमद पटेल

जीत के बाद अहमद पटेल ने ट्वीट करते हुए लिखा की सत्यमेव जयते  ये सिर्फ मेरी जीत नहीं, बल्कि सरकारी मशीनरी के गलत इस्तेमाल, धनबल और बाहुबल की हार है गुजरात राज्य के 3 राज्यसभा सीटों पर चुनाव आयोग ने नतीजों की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग ने गुजरात की 3 सीटों पर बीजेपी को 2 और कांग्रेस को एक सीट पर विजयी घोषित किया है। इसके साथ ही उस बड़े राजनीतिक गतिरोध का पटाक्षेप हो गया है, जिसकी बिसात पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच गुजरात से लेकर नई दिल्ली तक रस्सा-कस्सी हुई। इस क्रम में बीजेपी और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडलों ने 3-3 बार चुनाव आयोग के दफ्तर तक दौड़ लगाई, जिसमें कांग्रेस को जीत मिली। दरअसल, कांग्रेस के दो विधायकों ने बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार बलवंत सिंह को वोट दिया था और अपने वोट की नुमाइश की थी। कांग्रेस ने इन वोटों को रद्द करने की मांग की थी, जिसे चुनाव आयोग ने मान लिया। इसके बाद चुनाव आयोग ने देर रात नतीजों की घोषणा की। इस चुनाव में बीजेपी की तरफ से अमित शाह, स्मृति ईरानी और कांग्रेस के अहमद पटेल ने जीत हासिल की। अहमद पटेल को 44 वोट मिले।
 

प्रणब मुखर्जी ने शेयर किया PM मोदी का दिल छू लेने वाला खत

नई दिल्लीः पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी हाल ही में पद मुक्त हुए हैं। उन्होंने आज अपने ट्विटर अकांउट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिखा उन्हें खत शेयर किया है। मुखर्जी ने खत शेयर करते हुए लिखा कि पिछले दिन मुझे पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से लिखा हुआ खत मिला। इस खत ने मेरा दिल छू लिया, इसे मैं आप सब के साथ भी साझा कर रहा हूं। वहीं पीएम मोदी ने प्रणब के ट्वीट पर लिखा कि मैं हमेशा आपके साथ काम करने को तैयार रहूंगा।

पीएम मोदी ने खत में लिखा कि अब आप अपनी जिंदगी का नया सफर शुरू करने जा रहे हैं। आपने बड़ी ही खूबी से अपने कार्यकाल के दौरान अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। मोदी ने लिखा मैं नया था और केंद्र स्तर पर मुझे कोई अनुभव नहीं था लेकिन प्रणब मुखर्जी के दिशानिर्देश के माध्यम से हम कई चीजें कर सके, जिसे हमने किया।" मेरे विदेश दौरे के दौरान यह पूछते हुए आपका एक फोन कॉल आना कि मैं उम्मीद करता हूं कि आप अपने स्वास्थ्य का ख्याल रख रहे होंगे, मुझे दिनभर चली बैठकों और प्रचार यात्रा के बाद नई ऊर्जा देने के लिए काफी था।
उन्होंने कहा कि मुखर्जी के साथ उनकी हर मुलाकात उनके जीवन में मार्गदर्शक की तरह काम करेगा। एक पिता की तरह मुखर्जी ने हर पल मार्गदर्शन किया। पीएम ने लिखा, "प्रणब दा के साथ तीन साल काम कर मैं हतप्रभ रहा कि इतने समय सरकार का हिस्सा रहने और फैसले लेने के पद पर रहने के बावजूद उन्होंने मेरी सरकार के फैसलों की न तो कभी आलोचना की और न ही अतीत की सरकारों के साथ उनकी तुलना की।"
पीएम मोदी ने कहा कि हालांकि वह और राष्ट्रपति दोनों ही बिल्कुल अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से आए हैं और दोनों ही अलग-अलग विचारधाराओं के बीच पले-बढ़े हैं, लेकिन 'प्रणब दा ने मुझे कभी इसका अहसास नहीं होने दिया। आपकी बुद्धिमानी, मार्गदर्शन और स्नेह ने मुझे काफी विश्वास और शक्ति दी। मुखर्जी के बौद्धिक कौशल ने हमेशा मदद की। मोदी ने कहा, आप नेताओं की उस पीढ़ी से ताल्लुक रखते हैं जिनके लिए राजनीति का मतलब बिना किसी स्वार्थ के समाज की सेवा करना है। आप भारत के लोगों के लिए प्रेरणा के बड़े स्रोत हैं। भारत को हमेशा आप पर गर्व रहेगा।

बता दें कि 24 जुलाई को मुखर्जी की विदाई पार्टी के समय भी मोदी ने उनकी काफी सराहना की थी। 

संसद पर‍िसर में अकेले दिखे लालकृष्‍ण आडवाणी, गाड़ी के ल‍िए करना पड़ा इंतजार

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्‍ठ नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने मंगलवार (18 जुलाई) को उप-राष्‍ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल किया। उनके साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उनके प्रमुख मंत्री, लालकृष्‍ण आडवाणी समेत कई वरिष्‍ठ भाजपा नेता मौजूद थे। नामांकन के बाद सभी साथ में बाहर निकले। वेंकैया नायडू मीडिया से मिलने निकल गए। मगर आडवाणी संसद के गेट नंबर 4 पर अकेले खड़े दिखे। यहां पर सांसद व नेता अक्‍सर अपनी गाड़ी का इंतजार करते हैं। कुछ देर तक गाड़ी नहीं आई तो मीडियाकर्मियों ने उन्‍हें गेट नंबर 4 के सामने बनी जगह पर आने को कहा, जहां पत्रकारों का जमावड़ा लगता है। आडवाणी आए और एक कैमरामैन के साथ बेंच पर बैठ गए। उनके साथ कोई सुरक्षाकर्मी भी नहीं था। इतने वरिष्‍ठ नेता को बिना किसी सुरक्षा के अपने बीच पाकर खबरनवीस हैरान हुए। कुछ लोगों ने आडवाणी से बात करने की कोशिश की, मगर वह कुछ नहीं बोले। मौके का फायदा उठाते हुए कुछ ने फोन निकालकर सेल्‍फी लेनी शुरू कर दी। आडवाणी तुरंत उठे और गेट नंबर 1 की तरफ चल दिए। कुछ देर इंतजार करने के बाद उनका काफिला वहां पहुंचा, जिसके बाद वह वहां से निकल गए।

sabhar 

कपिल शर्मा के शो में कुमार विश्‍वास महिलाओं के लिए कुछ ऐसा बोल गए कि हो गया एफआईआर

 नई दिल्‍ली: आप नेता कुमार विश्वास कपिल शर्मा शो में पहुंचे थे। वहां उन्होंने कविता सुनाते-सुनाते कुछ ऐसा कह दिया जिसपर विवाद हो गया। इतना ही नहीं एक महिला ने तो उनके खिलाफ शिकायत तक दर्ज करवा दी। 1 जुलाई के एपिसोड में कवि कुमार विश्वास, प्रसिद्ध कवि डॉक्‍टर राहत इंदौरी और शायदा शबीना अदीब नजर आए. इसी शो में कुमार विश्‍वास महिलाओं के लिए कुछ ऐसा बोल गए कि कानूनी मामले में फंस गए हैं
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कुमार विश्‍वास के खिलाफ महिलाओं के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है. मामला दिल्ली के डाबरी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराया गया है. एफआईआर में कहा गया है कि कुमार  विश्वास ने शो में महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक और अभद्र टिप्पणी की है.
कुमार विश्वास ने कांग्रेसी नेता और इस शो में नजर आने वाले नवजोत सिंह सिद्धू पर टिप्‍पणी करते हुए कहा था, 'चुनाव के समय अपने मोहल्ले या स्थानीय चुनाव लड़ने में सबसे बड़ी परेशानी यह होती है कि जिस लड़की से आपका अफेयर चल रहा हो, उसके पति को भी जीजाजी कहना पड़ता है. जीजाजी वोट दे देना, सामान तो आप ले ही गए हैं.' मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शिकायतकर्ता ने कहा कि जब वह अपनी बेटी के साथ यह शो देख रहे थे तो बेटी ने अपनी मां से पूछा, 'मम्मी क्या हम शादी के बाद सामान हो जाएंगे? महिलाएं क्या वस्तु होती हैं?' इसके बाद शिकायतकर्ता ने एफआईआर दर्ज कराई.

बाबा रामदेव की कंपनी ‘पतंजलि’ के कई प्रोडक्‍ट क्‍वालिटी टेस्‍ट में फेल

योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी ‘पतंजलि’ के कई उत्‍पाद उत्‍तराखंड की एक लैब द्वारा किए गए क्‍वालिटी टेस्‍ट में फेल हो गए हैं। हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स की रिपोर्ट के अनुसार, सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिले जवाब में यह जानकारी दी गई। इसके अनुसार, हरिद्वार की आयुर्वेद और यूनानी कार्यालय में हुई जांच में करीब 40 फीसदी आयुर्वेद उत्‍पाद, जिनमें पतंजलि के उत्‍पाद भी शामिल हैं, मानक के मुताबिक नहीं पाए गए। साल 2013 से 2016 के बीच इकट्ठा किए गए 82 सैम्‍पल्‍स में से 32 उत्‍पाद क्‍वालिटी टेस्‍ट पास नहीं कर सके। पतंजलि का ‘दिव्‍य आंवला जूस’ और ‘शिवलिंगी बीज’ उन उत्‍पादों में शामिल है, जिनकी गुणवत्‍ता मानकों के अनुसार नहीं पाई गई। बता दें कि पिछले महीने सेना की कैंटीन ने भी पतंजलि के आंवला जूस पर प्रतिबंध लगा दिया था। सेना ने यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल स्‍वास्‍थ्‍य प्रयोगशाला द्वारा की गई एक गुणवत्‍ता जांच में पतंजलि के उत्‍पाद के फेल होने पर की थी।
उत्‍तराखंड सरकार की लैब रिपोर्ट के अनुसार, आंवला जूस में तय की गई सीमा से कम पीएच मात्रा मिला। पीएच की मात्रा 7 से कम होने पर एसिडिटी व अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं पैदा होती हैं। आरटीआई के जवाब से यह भी पता चला कि शिवलिंगी बीज का 31.68 फीसदी हिस्‍सा विदेशी था। हालांकि रामदेव के सहयोगी और पतंजलि के मैनेजिंग डायरेक्‍टर आचार्य बालकृष्‍ण ने लैब रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। उन्‍होंने एचटी से बातचीत में कहा, ”शिवलिंगी बीज एक प्राकृतिक बीज है। हम इसमें छेड़छाड़ कैसे कर सकते हैं?” बालकृष्‍ण ने दावा किया कि लैब रिपोर्ट पतंजलि की छवि को खराब करने की एक कोशिश है।पतंजलि के उत्‍पादों के अलावा, आयुर्वेद के अन्‍य 18 सैम्‍पल जैसे- अविपत्तिकरा चूर्ण, तलिसदया चूर्ण, पुष्‍यनूगा चूर्ण, लवण भाष्‍कर चूर्ण, योगराज गुग्‍गूलू, लक्षा गुग्‍गूलू को भी मानकों के मुताबिक नहीं पाया गया।
योग गुरु बाबा रामदेव की पंतजलि देशभर में कई एफएमसीजी प्रॉडक्ट्स बनाकर घर-घर तक पहुंचा रही है। कंपनी ने लगभग सभी तरह के प्रॉडक्ट्स बनाए हैं। साबुन से लेकर आटा तक, जूस से डिटर्जेंट पाउडर तक, ऐसे कई प्रॉडक्ट्स बनाने के लिए पंतजलि जानी जाती है।

आज से चार देशों की यात्रा पर नरेंद्र मोदी, 30 साल में पहली बार कोई भारतीय पीएम जाएगा स्पेन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (29 मई) चार देशों की यात्रा पर रवाना होंगे। पीएम इस यात्रा के दौरान जर्मनी, रूस, फ्रांस और स्पेन जाएंगे। स्पेन की यात्रा पर 30 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री जा रहा है। पीएम की यात्रा का मकसद इन देशों के साथ आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देना तथा अधिक निवेश आमंत्रित करना है। पीएम मोदी के एजेंडे में अर्थव्यवस्था, विज्ञान और न्यूक्लियर क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के अलावा यूरोपीयन यूनियन के साथ मुक्त व्यापार समझौता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई शामिल है। पीएम अपनी यात्रा की शुरूआत जर्मनी से करेंगे। वह जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल और राष्ट्रपति फ्रेंक वाल्टर स्टीनमीयर से मुलाकात करेंगे। पीएम और मर्केल व्यापार और निवेश, सुरक्षा और आतंकवाद से मुकाबला, नवोन्मेष और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कौशल विकास, शहरी बुनियादी ढांचा, रेलवे और विमानन, स्वच्छ उर्जा, विकास सहयोग, स्वास्थ्य और वैकल्पिक चिकित्सा पर जोर देते हुए सहयोग का भावी रोडमैप तैयार करेंगे। बर्लिन में, मोदी और मर्केल दोनों देशों के शीर्ष उद्योगपतियों के साथ बातचीत करेंगे ताकि व्यापार एवं निवेश संबंधों को और मजबूत बनाया जा सके।
इसके बाद 31 मई को मोदी स्पेन पहुंचेंगे और यहां राष्ट्रपति मारिआनो रजॉय से मुलाकात करेंगे। इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच संबंधों को बेहतर करने के आलावा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी। मोदी यहां स्पेन की टॉप इंडस्ट्रीज के सीईओ से भी मिलेंगे और उन्हें भारत में निवेश के लिए प्रेरित करेंगे। प्रधानमंत्री स्पेन के बाद 31 मई से दो जून के बीच रूस में सेंट पीटर्सबर्ग में रहेंगे। वह 18वें भारत-रूस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। वह राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
मोदी अक्टूबर 2016 में गोवा के शिखर सम्मेलन में हुई बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ाएंगे। दोनों नेता दोनों देशों की बड़ी कंपनियों के सीईओ से भी बातचीत करेंगे। इसके बाद मोदी दो जून को फ्रांस की यात्रा पर जाएंगे। वह राष्ट्रपति ई मैक्रॉन से मुलाकात करेंगे। मोदी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सुधार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता, विभिन्न निर्यात संगठनों में भारत की सदस्यता, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, जलवायु परिवर्तन पर सहयोग और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन आदि मुद्दों पर फ्रांस के राष्ट्रपति से चर्चा करेंगे हैं।

आतंकियों का गढ़ बना दक्षिण कश्मीर, घाटी में सक्रिय 282 में से 112 आतंकी यहीं के, हर हफ्ते हो रही नई भर्ती

रविवार (28 मई) को दक्षिणी कश्मीर के त्राल में हिज्बुल मुजाहिद्दीन के कमांडर सब्जार भट के जनाजे में प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी भारी भीड़ उभरी।  भट शनिवार (27 मई) को मारा गया था। पिछले कुछ समय में दक्षिणी कश्मीर उग्रवादियों की नर्सरी बनकर उभरा है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अनुसार घाटी में सक्रिय 282 उग्रवादियोें में से 112 दक्षिणी कश्मीर से हैं। इन 112 में से 99 उग्रवादी “स्थानीय” हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार कम से कम 20 और “स्थानीय” उग्रवादी इस इलाके में सक्रिय हैं। कई ऐसे हैं जिन्होंने अपने उग्रवादियों से जुड़ने की बात सार्वजनिक नहीं की है। इस इलाके में हर हफ्ते किसी ने किसी के “उग्रवाद” से जुड़ने की खबर आती है।
इन उग्रवादियों को मोटे तौर पर तीन वर्गों में बांटा जा सकता है – 1- वे नौजवान जिन्होंने जेल भेजे जाने के बाद हथियार उठा लिया, 2- साल 2008 में हुए उपद्रव के जेल से वापस आने वालों ने दोबारा उग्रवाद का रास्ता अपना लिया और 3- वो नौजवान वैश्विक जिहाद में भागीदारी के लिए कश्मीर में सक्रिय हैं। पहले दोनों वर्गों का मकसद राजनीतिक है। पहले दोनों वर्ग के उग्रवादी “कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा” बनाना चाहते हैं। तीसरे वर्ग में कितने नौजवान शामिल हैं इसकी सटीक जानकारी नहीं है। पुलवामा के त्राल के रहने वाले 22 वर्षीय बुरहान वानी के पिछले साल जुलाई में मारे जाने के बाद से ये तीसरा वर्ग “अदृश्य दस्ते” की तरह उभरा है।
बुरहान वानी की जगह लेने वाले हिज्बुल मुजाहिद्दीन कमांडर जाकिर राशिद उर्फ मूसा ने हाल ही में हिज्बुल से नाता तोड़ा है। जाकिर से मिले संकेतों के अनुसार इस तीसरे वर्ग ने पाकिस्तान स्थित यूनाइटेड जिहाद काउंसिल (यूजेसी) और श्रीनगर स्थित अलगाववादी संगठन हुर्रियत से अलग राह पकड़ ली है। हिज्बुल छोड़ने से पहले मूसा ने पुलवामा में उग्रवादियों से “गैर-इस्लामी” पाकिस्तानी झंडा न फहराने के लिए कहा था। उसने कश्मीर में चल रहे “संघर्ष” को “इस्लाम के लिए युद्ध” बताया था। मूसा ने गांववालों से तालिबान के समर्थन में नारे लगाने के लिए कहा था। सरकारी अधिकारियों के अनुसार मूसा श्रीनगर के उन दो नए उग्रवादियों में था जो हिज्बुल या लश्कर-ए-तैएबा से संबंधित नहीं था।
इस तीसरे वर्ग के उग्रवादियों में कई बातें साझा हैं-

अलग-अलग संगठनों से जुड़े होने के बावजूद वो आपसी तालमेल से काम करते हैं.
इन्हें हथियार चलाने की कोई औपचारिक ट्रेनिंग नहीं मिली है और इन्होंने हथियार वगैरह स्थानीय स्तर पर हासिल किए हैं।
वो ज्यादातर स्थानीय मुद्दों से प्रेरित हैं और जान देने के लिए तैयार रहते हैं।
उग्रवाद से जुड़ने की सूचना वो बंदूक के संग अपनी तस्वीर सार्वजनिक करके देते हैं।
इंडियन एक्सप्रेस ने जब इन युवाओं के घरवालों से मुलाकात की तो पता चला कि उग्रवादी बनने से पहले पुलिस इन्हें अक्सर “उठाती” रहती थी। इन नौजवानों में बहुत से ऐसे हैं जिनके करीबी रिश्तेदार या परिजन उग्रवाद या अलगाववाद से जुड़े रहे हैं और उन्हें जेल हो चुकी है या वो मारे जा चुके हैं।

मंच पर सुब्रमण्यम स्वामी के साथ खड़ा होकर असदुद्दीन ओवैसी बोले- नरेंद्र मोदी ने इन्‍हें राम मंदिर में उलझा दिया वरना उनका ही दिमाग खाते

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इंडिया टीवी के एक कार्यक्रम में भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी पर तंज कसते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामी को राम मंदिर के मुद्दे में उलझा रखा है, वरना स्वामी पीएम मोदी को ही परेशान करते । इसके अलावा ओवैसी ने पूछा कि केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार सीमा पर कुछ क्यों नहीं करती, जहां रोज-रोज हमारे जवान शहीद हो रहे हैं।
इधर, राम मंदिर पर स्वामी ने कहा कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला करेगाी हमें मान्य होगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई हो इसके लिए वो जुलाई में याचिका दाखिल करेंगे। अगर कोर्ट ने उनकी इस याचिका को मंजूर कर लिया तो दिसंबर तक फैसला आ जाएगा। स्वामी ने कहा कि उस विवादित जमीन पर कई पक्ष अपना दावा ठोक रहे हैं जबकि हमारा कहना है कि हमारी आस्था है कि वहां श्रीराम का जन्म हुआ है, इसलिए हमें वहां पूजा करने की अनुमति दी जाय।
स्वामी ने एक अन्य सवाल के जवाब में ओवैसी पर हमला बोला कि जिन इलाकों में मुसलमानों की आबादी ज्यादा होती है, वहां लोकतंत्र नहीं होता है।

नीतीश कुमार ने जिस अफसर की बचाई नौकरी वो करवाता है बाल तस्करी?

कन्हैया भेलारी

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग कॉनक्लेव में बिहार के सीएम नीतीश कुमार पटना के एक होटल में एकत्रित प्रबुद्धजनों को बता रहे थे कि कैसे मानव तस्करी एक संगठित अपराध और सामाजिक बुराई के रूप में सभ्य समाज के सामने गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि ‘‘ह्यूमन ट्रैफिकिंग रोकना हमारी प्राथमिकता है। साल 2008 में हमारी सरकार ने इसके लिए नीति और कार्यक्रम बनाए थे। समाज कल्यााण, श्रम संसाधन और पुलिस विभाग ने कार्रवाई भी की है।’’ सरकारी अधिकारियों ने बताया कि जनवरी 2013 से दिसम्बर 2016 के बीच कुल 8327 बच्चे गायब हुए, इनमें से 5256 की तलाश की गई लेकिन 3071 बच्चे अभी भी गायब हैं जिनकी खोज की जा रही है। लेकिन हकीकत यह है कि ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर सरकार द्वारा दिया गया यह आंकड़ा सच्चाई से कोसो दूर है।
7 सितम्बर 2014 को मुज्जफरपुर में मानव तस्करी पर आयोजित एक सेमिनार-कम-ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्घाटन करते हुए तिरहुत प्रक्षेत्र के डीआईजी अजय मिश्रा ने कहा था कि बिहार में हर महीने 4000 बच्चे-बच्चियों की तस्कारी होती है। उन्होने दुःख जाहिर करते हुए खुलासा किया था कि पुलिस उन लोगों को चिन्हित करने में नाकाम रही है जो इस धंधे मे सक्रिय हैं। मुज्फ्फरपुर के जिलाधिकारी अनुपम कुमार भी उस समारोह में उपस्थित थे। ‘सखी’ एनजीओ की संचालिका सुमन सिंह भी अजय मिश्रा के आंकड़े से इतेफाक रखती हैं। वो कहती हैं, ‘‘किडनैप्ड बच्चों को तलाशने या छुड़ाने में बिहार सरकार के किसी भी डिपार्टमेंट से हमलोगों को उम्मीद के मुताबिक सहयोग नहीं मिलता है। अभी एक वीक पहले हमने अपने स्तर से 250 बच्चों को मानव तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है।’’
बहरहाल, वहां मौजूद कई लोग ऐसे भी थे जो अपने-अपने एनजीओ के मार्फत राज्य में ह्यूमन ट्रैफिकिंग पर सराहनीय काम कर रहे हैं। उन्हीं में से एक ने जनसत्ता.कॉम को जानकारी दी, ‘‘मानव तस्करी का यह घिनौना खेल राज्य में कुछ चुनिंदा वरीय पुलिस अधिकारियों के संरक्षण में होता है। चुराई गई लड़कियों को छुपाकर रखने के लिए मुज्जफरपुर में बाजाप्ता कई बंकर बनाए गए हैं।’’ एक एनजीओ संचालिका ने बताया, ‘‘हमने एक बार मुज्जफरपुर में पदस्थापित एक पुलिस अधिकारी से मिलकर बंधक बनाई गई लड़कियों को छुड़ाने की गुहार की तो उसने मुझे ही धमकाया कि भागो नहीं तो तुम्हें ही उस केस में फंसा दूंगा।’’

दरअसल, यह गिरोहबाज पुलिस अफसर सुरा से तो परहेज करता है लेकिन सुन्दरियों का भंवरा बताया जाता है। अपने द्वारा की गई गलती या यूं कहें कि राजनीति का चस्का, के कारण वह एक बार ऐसे घनचक्कर में फंसा था कि उसकी नौकरी लगभग चली गई थी लेकिन ‘भक्त वत्सल’ वजीरे आला ने लाइफ सेविंग ड्रग से उसको बचा लिया। छपी खबर है कि थूक चाटकर उस अफसर ने कसम खाई कि ताजिन्दगी पॉलिटिक्स के बारे में नहीं सोचेगा।
उधर, पूछने पर श्रम विभाग का एक अधिकारी झुंझुलाकर बताता है कि ‘‘मैन पावर की कमी के कारण हमलोग सीएम के ‘सात निश्चय’ के अलावे और किसी दूसरे टास्क की तरफ नजर नहीं दौड़ा पा रहे हैं क्योंकि सावधानी हटी तो नौकरी गई।’’ उसी तरह पुलिसवाले रोना रोते हैं कि ‘‘सारा ध्यान दारू सीज करने और दारूबाजों को पकड़ने पर है, भांड़ में गई मानव तस्करी।’’
(लेखक पटना के स्वतंत्र पत्रकार हैं।