राजनीति

लंबे समय बाद अब दुर्ग और भिलाई कांग्रेस कमिटी के बीच का सीमा विवाद सुलझा, जारी हुआ कार्यालयीन आदेश ।

भिलाई, (प्रवीण मिर्जे) 2-6-2020,

कांग्रेस के संघात्मक गतिविधियों में कसावट के लिए दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस को विभाजित कर नया भिलाई शहर जिला बनाया गया है । कांग्रेस के प्रदेश आलाकमान द्वारा अपने इन जिला इकाइयों के कार्यक्षेत्र का बंटवारा भी कर दिया गया है । इसके तहत दुर्ग ग्रामीण जिला कांग्रेस और भिलाई शहर जिला कांग्रेस के बीच 14 ब्लॉकों में से 7-7 ब्लॉको का बटवारा किया गया हैं। जिला इकाइयों के बीच ब्लॉकों के बंटवारे के संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से पत्र जारी किया गया है। प्रदेश आलाकमान द्वारा लंबे समय की मांग को देखते हुए करीब 6 माह पहले की जिला कांग्रेसी इकाई का विभाजन करते हुए नए भिलाई शहर कांग्रेस का निर्माण का ऐलान कर दिया था। करीब ढाई माह पहले भी विभाजन के अनुसार दोनों इकाइयों के लिए अलग-अलग अध्यक्षों की नियुक्ति भी कर दी गई थी।

इसके तहत पुराने दुर्ग जिला अध्यक्ष तुलसी साहू को नवगठित भिलाई शहर जिला कांग्रेस का कमान दिया गया। ग्रामीण के अध्यक्ष निर्मल को बनाया गया है। तब किसी किस जिले में कौन-कौन से ब्लॉक आएंगे यह तय नहीं किया गया था। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण

दुर्ग ग्रामीण, धमधा, पाटन, भिलाई चरोदा, कुम्हारी , अहिवारा और जामुल को शामिल किया गया।

शहर जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई

भिलाई ब्लॉक 1, भिलाई ब्लॉक 2 भिलाई ब्लॉक 3, भिलाई ब्लॉक-4, भिलाई ब्लॉक-5, भिलाई ब्लॉक 6 (रिसाली), कोसा नाला सुपेला रिसाली शहर को भिलाई नगर में शामिल किया गया।

पूर्व में प्रदेश आलाकमान की ओर से जारी ब्लॉकों के बंटवारे से संबंधित परिपत्र में भिलाई शहर का हिस्सा भिलाई ब्लॉक नंबर 6 रिसाली को दुर्ग ग्रामीण में रखा गया था। मगर आज दोबारा प्रदेश आलाकमान के द्वारा परिपत्र जारी कर अपने पूर्व के आदेश को बदल कर रिसाली शहर के सभी 40 वार्डों को भिलाई नगर शहर कांग्रेस कमेटी भिलाई में शामिल किया गया।

क्षेत्रीय विधायक के सौजन्य से थाना भैरमगढ़ में आवश्यक सामग्री वितरित- बीजापुर

बीजापुर : क्षेत्रीय विधायक एवं बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम मंडावी के सौजन्य से आज बीजापुर जिले के थाना भैरमगढ़ के लिए पंखा एवं मनोरंजन के लिए एल ई डी दिया गया। ज्ञात हो कि इससे पहले भी विधायक के सौजन्य से पुलिस आवासीय परिसर में सी. सी. रोड का निर्माण तथा पानी की समस्या को देखते हुए बोर की व्यवस्था भी करवाया गया था। वही इस अवसर पर भैरमगढ़ पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने क्षेत्रीय विधायक को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने लगाया आरोप कहा : मोदी जी की घोषणा के पैसे किसी को मिलते नहीं

Danteshwar kumar ( chintu)

जगदलपुर। मोदी सरकार के 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा पर भाजपा नेताओं की बड़ी बड़ी घोषणाओं पर तीखा प्रहार करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि मोदी जी की 20 लाख करोड़ की घोषणा और वित्तमंत्री  निर्मला सीतारमण की पांच पांच धारावाहिक सीरियल पत्रकार वार्ताओं के बाद भी देश के किसी भी वर्ग किसान, मजदूर,छोटे व्यापारी को पता नहीं चल पाया है कि उसे मिला क्या है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि  5-5  पत्रकार वार्ताओं के बाद देश को एक अनुवादक मंत्री और एक लोन मंत्री के अलावा कुछ नहीं मिला है। कांग्रेस, डॉक्टर रमन सिंह को चुनौती देती है कि वह एक पत्रकार वार्ता और ले और यह बताएं कि छत्तीसगढ़ में 20 लाख करोड़ में किसको कितना मिलेगा। मोदी जी घोषणा तो लाखों, करोड़ों और अरबों की करते हैं लेकिन पैसे किसी को मिलते नहीं । किसान सम्मान निधि की हकीकत को भी बेनकाब करते हुए कांग्रेस ने कहा है कि देश में 44% किसान सम्मान निधि के दायरे से बाहर है यह किसानों का सम्मान है या अपमान यह रमन सिंह जी को बताना चाहिए। कोरोना से निपटने से लेकर अर्थव्यवस्था तक हर मामले में मोदी सरकार विफल साबित हुयी है। पूरा देश आज नोटबंदी एवं गलत तरीके से जीएसटी लागू करने की गलती को भुगत रहा है और अर्थव्यवस्था मांग की बड़ी भारी कमी से जूझ रही है और जिस तरह से सरकार ने 20 लाख करोड़ के जुमले की घोषणा की है, उससे मांग की सृजन की कोई उम्मीद भी नहीं है। आंकड़ों से ये बात स्पष्ट हो गई है कि कोरोना संक्रमण के फैलने के पूर्व ही अर्थव्यवस्था स्लोडाउन फेज में थी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने केंद्र सरकार से इनसवालों का जवाब मांगा हैपिछले 4 साल से लगातार गिरती जीडीपी का जिम्मेवार कौन है? बड़े विज्ञापनों के बावजूद मेक* इन इंडिया स्कीम धराशायी क्यों हुई?20 लाख करोड़ के पैकेज गरीबों, मध्यमवर्ग, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी, निजी नौकरी करने वालों किसी को भी क्यों कुछ नहीं मिला?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि कोरोना की गंभीर चुनौती के लिए समय पर तैयारी कर पाने में भी मोदी सरकार विफल रही। समय पर विमानतलों में स्क्रीनिंग नहीं की गयी जिसका परिणाम पूरा देश भुगत रहा है।

कांग्रेस ने लगाया आरोप : मोदी सरकार 2.0 का पहला एक साल विफलता और नाकामी का काला अध्याय पिछले 11 सालों की न्यूनतम और पिछले 44 तिमाही की न्यूनतम जीडीपी विकास दर

रायपुर/BBN24NEWS। मोदी सरकार के 2.0 के पहले एक साल को विफलता और नाकामी का काला अध्याय निरूपित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि कोरोना से निपटने से लेकर अर्थव्यवस्था तक हर मामले में मोदी सरकार विफल साबित हुयी है। मोहन मरकाम ने कहा है कि 40 करोड़ भारतीयों के गरीबी रेखा के नीचे जाने की स्थिति बनने के लिए मोदी सरकार 2.0 का पहला साल जिम्मेदार है। साम्प्रदायिक दंगे भड़कने और नागरिकता के काले कानून के लिए मोदी जी के इस एक वर्ष को याद किया जायेगा। महाराष्ट्र बंद दिल्ली और हरियाणा के चुनावों में भाजपा की हार हुयी। हरियाणा में भाजपा अनैतिक गठबंधन करके सरकार बना पायी। यातायात का काला कानून लाया गया जिसमें भारी भरकम जुर्माने का प्रावधान है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि पूरा देश आज नोटबंदी एवं गलत तरीके से जीएसटी लागू करने की गलती को भुगत रहा है और अर्थव्यवस्था मांग की बड़ी भारी कमी से जूझ रही है और जिस तरह से सरकार ने 20 लाख करोड़ के जुमले की घोषणा की है, उससे मांग की सृजन की कोई उम्मीद भी नहीं है। आंकड़ों से ये बात स्पष्ट हो गई है कि कोरोना संक्रमण के फैलने के पूर्व ही अर्थव्यवस्था स्लोडाउन फेज में थी। जिस तिमाही के आंकड़े आये हैं उसमें लाकडाउन सिर्फ एक हफ्ता ही था।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने केंद्र सरकार से इन सवालों का जवाब मांगा है।

-पिछले 4 साल से लगातार गिरती जीडीपी का जिम्मेवार कौन है?

-बड़े विज्ञापनों के बावजूद मेक इन इंडिया स्कीम धराशायी क्यों हुई?

-20 लाख करोड़ के पैकेज गरीबों, मध्यमवर्ग, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी, निजी नौकरी करने वालों किसी को भी क्यों कुछ नहीं मिला?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने मांग की है कि अब मोदी सरकार अपनी नोटबंदी और गलत तरीके से जीएसटी लागू करने की विफलता को देश के सामने स्वीकार करे। मोहन मरकाम ने कहा है कि कोरोना की गंभीर चुनौती के लिए समय पर तैयारी कर पाने में भी मोदी सरकार विफल रही। समय पर विमानतलों में स्क्रीनिंग नहीं की गयी जिसका परिणाम पूरा देश भुगत रहा है। 30 जनवरी को पहला कोरोना का मामला आने के बाद भी 24 फरवरी को गुजरात में लाखों लोगों को इकट्ठा कर नमस्ते ट्रम्प किया गया परिणामस्वरूप आज गुजरात कोरोना से बेहाल है 15500 से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं और गुजरात से पूरे देश में गये श्रमिक कोरोना संक्रमण से प्रभावित पाये जा रहे हैं। देश में भी कोरोना पर रोक लगाने में समय पर फैसला मोदी सरकार नहीं कर पायी क्योंकि भाजपा मध्यप्रदेश की निर्वाचित सरकार को गिराने में लगी रही और 23 को भाजपा के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के मध्यप्रदेश में शपथ लेने के बाद 24 मार्च से लाकडाउन किया गया। आज मध्यप्रदेश में 7500 से अधिक कोरोना मरीज हैं। थाली बजाकर, घंटा बजाकर, लाइट बुझाकर, दिया जलाकर कोरोना महामारी से लड़ने जैसे मोदी सरकार के खोखले उपायों का ही परिणाम है कि आज देश में कोरोना प्रभावितों की संख्या एक लाख सत्तर हजार से अधिक होने जा रही है।

अर्थव्यवस्था की हकीकत बयान करते आंकड़े

वित्तीय वर्ष 2020 की जीडीपी विकास दर- केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020 की चौथी तिमाही एवं पूरे वर्ष की जीडीपी विकास दर की घोषणा की, वित्तीय वर्ष 2020 की जीडीपी विकास दर 4.2 प्रतिशत रही एवं चौथी तिमाही की और वित्तीय वर्ष 2020 की विकास दर 3.1 प्रतिशत रही। जिस तरह से सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020 की क्वार्टर 1, क्वार्टर 2 और क्वार्टर 3 की जीडीपी विकास दर को रिवाईज किया है, उससे तो यही लगता है कि आज घोषित चौथे क्वार्टर की विकास दर भी कुछ समय बाद रिवाईज होकर 3.1 प्रतिशत से 2.2 प्रतिशत रह जाएगी, जो कि ज्यादातर अर्थशास्त्री और एक्सपर्ट मान रहे थे। ये जीडीपी विकास दर पिछले 11 सालों की न्यूनतम और पिछले 44 तिमाही की न्यूनतम विकास दर है।

आर्थिक मामले में ट्रिलियन इकानॉमी की बात करने वाली मोदी सरकार की अर्थव्यवस्था की चिंताजनक बातों को उजागर करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि-

-1.4 (माईनस 1 प्वाइंट 4) प्रतिशत की मैन्यूफेक्चरिंग ग्रोथ ये स्पष्टतया दर्शाती है कि अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। 2020 की मैन्यूफेक्चरिंग विकास दर 0 प्रतिशत ने सरकार के मेक इन इंडिया प्रोग्राम की पूरी पोल खोल दी। फैक्ट्री आउटपुट का -16 प्रतिशत पर पहुंचना स्पष्टतया एमएसएमई सेक्टर की व्यथा को बयान करता है और किस तरह इस सेक्टर से रोजगार के अवसर खत्म हुए, उसकी कहानी बताता है।

-0.6 (माईनस 0 प्वाइंट 6) प्रतिशत की औद्योगिक विकास दर स्पष्टतया ये दर्शाती है कि समस्या इकोनॉमी के सारे सेक्टर में है।

क्वार्टर ऑन क्वार्टर जिस तरह से सर्विस सेक्टर नीचे गिरता जा रहा है, जो कि किसी समय में भारतीय अर्थव्यवस्था की शान हुआ करता था, स्पष्टतया सरकार की गलत नीतियों एवं अपेक्षा की ओर, और लगातार अपेक्षा का चिन्हित करता है। -2.2 (माईनस 2 प्वाइंट 2) प्रतिशत की विकास दर कंस्ट्रक्शन सेक्टर में स्पष्टतया ये दर्शाती है कि लॉकडाउन के अनाउंसमेंट के पहले ही प्रवासी मजदूरों एवं कामगारों के मध्य़ भयानक बेरोजगारी उपस्थित थी।

किसान न्याय योजना को लेकर विवाद..नेता प्रतिपक्ष को मिले 25 हज़ार....एक बार फिर काँग्रेस पर ओछी राजनीति का आरोप।

सीएम राहत कोष में पैसा जमा करने का सुझाव..! 
नेता प्रतिपक्ष ने पूछा-आप ही बताएं क्या करें.? 

छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक को किसान न्याय योजना के तहत ₹25000 मिले हैं। ऐसे में कांग्रेस की उस सवाल के जवाब में,  जिसमें कहा गया कि, बीजेपी के नेता अपने पैसे मुख्यमंत्री राहत कोष में दान कर सकते हैं..., नेता प्रतिपक्ष ने चुटकी लेते हुए पत्रकारों से ही पूछा है कि,  आप ही बताएं  इस पैसे का वे क्या करें..?  इतना ही नहीं नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस पार्टी पर एक बार फिर ओछी राजनीति करने का आरोप लगाया है।  साथ ही यह भी स्पष्ट किया है की, अगर भाजपा शासनकाल में इन कांग्रेसियों ने पैसे ना लिए हो तो, अपनी छाती ठोक कर इस तरह की बातें कह सकते हैं।  सूची जारी कर बीजेपी के नेताओं को पैसे मिलने की बात कहना कांग्रेस की परंपरा और ओछी राजनीति है।

सांसद रेणुका सिंह ने कहा मैं अंधेरी कोठरी में ले जाकर बेल्ट से ठोकना अच्छे से जानती हूं

अम्बिकापुर. पीएम मोदी की टीम प्रदेश से शामिल एकमात्र सांसद रेणुका सिंह अपने विवादित बयानों से हमेशा सुर्खियों में रही हैं। आदिवासी मामलों के मंत्रालय की केन्द्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह अपने आपत्तिजनक बयान के कारण फिर से विवादों के घेरे में आ गई हैं। मंत्री जी ने क्वारंटाइन सेंटर के निरीक्षण के दौरान अपना आपा खो दिया और सीईओ और तहसीलदार को कोठरी में बेल्ट से पीटने की धमकी दे डाली। रेणुका सिंह ने सरगुजा में एक विवादित बयान दिया। क्वारेंटाइन सेंटर में रुके भाजपा समर्थक ने बलरामपुर के क्वारेंटाइन सेंटर में लगे अफसरों पर मारपीट का आरोप लगाया था। इसी बात को लेकर रेणुका ने अधिकारियों से कहा- मैं अंधेरी कोठरी में ले जाकर बेल्ट खोलकर अच्छे से ठोकना जानती हूं। सांसद भर रहती तो पूरे टाइम अपने क्षेत्र में रहती, लेकिन मंत्री भी हूं इसलिए दिल्ली में भी रहना पड़ता है, देश की बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में यह मत समझिए कि जनता या हमारे कार्यकर्ता यहां निरीह हो गए हैं। सरकार जिंदगी बचाने के लिए कितना पैसा खर्च कर रही है, आप लोग पढ़े लिखे अफसर कर्मचारी हैं, कभी सुने थे कि ट्रेन बंद हुई है। 

आरएसएस पर मोहन मरकाम द्वारा की गई टिप्पणी पर भाजपा, नेता प्रतिपक्ष ने कहा- माफी मांगे मरकाम

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम द्वारा की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त कर कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम का अध्ययन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में कुछ भी नहीं है, इसलिए वह इस तरह की टिप्पणी कर रहे हैं। वे प्रदेश अध्यक्ष जैसे जिम्मेदार पद पर हैं और उन्हें कई विषयों पर अध्ययन करना चाहिए। कौशिक ने कहा कि संघ का अपना गौरवमयी इतिहास है।संघ अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष पूर्ण करने जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि संघ का जुड़ाव समाज के हर वर्ग से है। इस तरह से किसी एक धर्म विशेष के लिए उनकी टिप्पणी करना सही नहीं है, जिसकी जितनी निंदा की जाये कम है।

मोदी सरकार के 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने की दावा की खुली पोल, एक माह के लाक डाउन में केंद्रीय कर्मचारी सैन्य संसाधन सांसद निधि और अन्य जनहित के राशियों में किया जा रहा है कटौती

नोटबन्दी के दौरान फेयर एंड लवली स्किम से 45% गरीबो के नाम से लेकर कालाधन को सफेद किये थे वो पैसा कहा है रायपुर/26अप्रैल 2020/मोदी सरकार के सैनिक विरोधी कर्मचारी विरोधी और पेंशनर विरोधी रवैया पर सवाल खड़े करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने पूछा है कि सैनिकों पेंशनरों और कर्मचारियों का भत्ता झटकने की नौबत क्यों और कैसे आ गयी ? एक महीने में ही आर्थिक हालत इतनी खराब कैसे हो गई ? मोदी जी छह साल से क्या कर रहे थे कि एक महीने की बन्दी से खजाना खाली हो गया? रिजर्व बैंक से ली गई 1 लाख 76 हज़ार करोड़ रु कहा है? प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा किअंतराष्ट्रीय बाजार में से सस्ते क्रूड ऑयल खरीद कर पेट्रोल डीजल पर भारी भरकम टैक्स लगाकर 20 लाख करोड़ रु मुनाफा कमाया गया कहा है?इसमें रिफाइनरी वाले अंबानी की बात तो कर ही नहीं रहे हैं । GST कलेक्शन भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार बढ़ा ही है। इनकम टैक्स में भी अभूतपूर्व वृद्धि की जानकारी मोदी जी की सरकार ने ही देश को और संसद को दी है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि अभी तो 2020 - 21 के वित्त वर्ष की शुरुआत ही हुई है।30 लाख करोड़ के बजट की सारी मदों के पैसे सरकार के पास बचे ही हैं। सभी कम्पनियों के CSR के पैसे भी केंद्र सरकार ने ले ही लिए हैं ।सांसदों के 2 साल की सांसद निधि की राशि भी जब्त कर ली है। राष्ट्रपति से लेकर सांसद तक के वेतन से भी 30 फीसदी कटौती कर ली है। टाटा और अन्य कम्पनियों ने भी हजारों करोड़ का चंदा दे ही दिया। मात्र 20 -30 हजार कोरोना मरीज मिलने पर आपकी हालत ये हो गयी कि अब सैनिकों और कर्मचारियों के वेतन और कर्मचारियों की पेंशन पर भी नजर गड़ गयी ? बुजुर्गों का महँगाई राहत का हक भी छीन लिया ? क्या इसी आर्थिक हालत के बल पर 5 ट्रिलियन का जोश मार रहे थे? पूरी दुनिया के दादा बनने के दावे कर रहे थे? करोना की स्थिति गंभीर से गंभीर होती जा रही है। किसी देश से युद्ध छिड़ जाए तो क्या कीजियेगा? इराक, ईरान, कोरिया और अनेक देश कड़े अंतराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बाद भी इतने लाचार न हुए थे।

रमन सिंह अपने 15 साल याद करें : कांग्रेस

Danteshwar kumar ( chintu) 


जगदलपुर । अर्णव पर स्याही फेंके जाने की कथित घटना पर रमन सिंह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस  के प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि रमन सिंह के 15 साल में पत्रकारों के साथ जो बर्ताव हुआ रमन सिंह को उसको याद करना चाहिए। एक नकारात्मक रिपोर्ट  पर  पत्रकारों को तरह तरह की धमकियां दी गई और खासकर नक्सली इलाकों में इसके सबूत भी मौजूद हैं कि रमन सिंह सरकार में पत्रकारों को सरकारी अधिकारियों ने हत्या तक करने की धमकियां दी। 15 साल तक बस्तर में पत्रकारों के काम करने की जो स्थिति रही और उसको लेकर जो एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की रिपोर्ट है, रमन सिंह यह बयान जारी करने के पहले उसे पढ़ लेते तो ज्यादा बेहतर होता। रमन सिंह सरकार में पत्रकारों पर जो दबाव बनाया गया और पत्रकारों को जिन परिस्थितियों में काम करना पड़ा, उस पर भी रमनसिंह को एक नजर डालनी चाहिये । रमन सिंह के 15 वर्ष के शासनकाल में पत्रकारों को जिस तरीके से धमकियां दी गई जान से मारने और झूठे मामलों में फंसाने की साजिशें की गयीं अभी इसे छत्तीसगढ़ भूला नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि आज अर्णव पर स्याही फेंके जाने की कथित घटना से रमन सिंह को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की याद आ रही है। मोदी, रमन की पोल खोलने वाले कार्यक्रम के प्रसारित होने के बाद एबीपी न्यूज़ चैनल के साथ क्या किया गया किस तरीके से एबीपी न्यूज़ के सिग्नल को डिस्टर्ब किया गया और पुण्य प्रसून बाजपाई जैसे वरिष्ठ पत्रकार को नौकरी छोड़ने के लिए किन परिस्थितियों में मजबूर होना पड़ा इसे पूरा देश जानता और समझता है।

अर्णव गोस्वामी पर दो व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से स्याही फेंके जाने पर डॉ रमन सिंह द्वारा विचलित हो कर दिए गए बयान पर कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि पूरा देश और छत्तीसगढ़ इस बात को बखूबी समझ रहा है कि पहले राहुल गांधी की 16 अप्रैल को हुई पत्रकार वार्ता  को लेकर  झूठे तथ्य प्रसारित करके और फिर सोनिया गांधी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करके, अर्णव गोस्वामी केंद्र की मोदी सरकार द्वारा करोना से निपटने में हुई लापरवाही और आपराधिक भूल से ध्यान हटाने के एजेंडे के तहत काम कर रहे हैं। जैसे-जैसे भारत में करोना प्रभावितों की संख्या बढ़ रही है वैसे-वैसे  नमस्ते ट्रंप और मध्य प्रदेश में  सत्तालोलुपता में किए गए पापों से छुटकारा पाने के लिए और केंद्र की मोदी सरकार  के द्वारा देश के सामने उपजी विकट परिस्थितियों  से ध्यान हटाने के लिए अर्णव और अर्णव के आका अपने पुराने काम में लग गए हैं।आजादी की लड़ाई के दिनों से नफरत फैलाकर यह सब यही करते और भारत की जनता को धोखा देते आ रहें हैं ।

बिलासपुर मेयर ने किया दावा..गर्मी के दिनों में नहीं होगी पानी की किल्लत।

 

नये बोरिंग और मोटर पंप लगाये गये।

टंकी की साफ-सफाई शुर-मेयर।

जोन वाइज होगी सफाई-रामचरण यादव। 

पानी की सप्लाई के लिए वैकल्पिक उपाय.

पानी सप्लाई के लिए टैंकर का उपयोग। 

बिलासपुर शहर के महापौर रामशरण यादव ने दावा किया है कि, इस बार गर्मी के दिनों में शहर के लोगों को पानी की किल्लत नहीं होगी..! इसके लिए नगर निगम ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं।  इसकी शुरुआत टंकियों की साफ-सफाई और नए बोरिंग में पंप लगाने से की जा रही है । वहीं पानी सप्लाई के वैकल्पिक उपाय जैसे कि,  पानी के टैंकर का उपयोग किया जाएगा।  मेयर रामशरण यादव की मानें तो, ऐसे क्षेत्रों को पहले  चिन्हित कर लिया गया है जहां बीते दिनों में पानी की भारी किल्लत होती थी।  लिहाजा ऐसे जगहों पर पानी के टैंकर के माध्यम से पीने का पानी पहुंचाया जाएगा। वही टंकी की साफ सफाई का काम जोन स्तर पर किया जा रहा है । इसकी शुरुआत जोन क्रमांक-1 (सकरी) से हो रही है।  वहीं जल्दी शहर के सभी क्षेत्र में पानी टंकियों की सफाई पूरी हो जाएगी।

अर्णव गोस्वामी ने करोना महामारी जैसे गंभीर विषय में देश को गुमराह किया :कांग्रेस

Danteshwar kumar ( chintu)


 जगदलपुर । करोना महामारी के गंभीर विषय में 16 अप्रैल को राहुल गांधी ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा पत्रकार वार्ता की थी। इस पत्रकार वार्ता की पूरी रिकॉर्डिंग यूट्यूब पर उपलब्ध है। राहुल गांधी जी ने इस पत्रकार वार्ता में कहा था कि टेस्टिंग को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन का अनुसरण किया जाना चाहिए और सरकार को टेस्टिंग बढ़ाना चाहिए ताकि करोना के फैलाव का सही आकलन कर उसे रोका जा सके। राहुल गांधी ने अपनी पत्रकार वार्ता में यह भी कहा था कि टेस्टिंग बढ़ाए बिना किसी के लिए भी यह संभव नहीं होगा कि फैलाव किस तरह से हो रहा है, कहां हो रहा है और लॉक डाउन हटने के बाद यह महामारी फिर से फैलना शुरु कर देगी। 

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने बताया है कि राहुल गांधी जी के द्वारा करुणा से लड़ने को लेकर जो तथ्य बताए गए थे उनकी पुष्टि प्रोफेसर स्टीव हैंग जॉन हापकिंस यूनिवर्सिटी जैसे अन्य विशेषज्ञों के द्वारा भी पूरे विश्व में की गई जो कि करोना महामारी को फैलने से रोकने के काम में लगे हुए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि बिना समुचित टेस्टिंग सुविधाओं के केवल देश को लॉक डाउन करना करोना  महामारी से उत्पन्न समस्या का समाधान नहीं हो सकता। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गरीबों के खाते में सीधे धन जमा किए जाने की जरूरत पर भी बल दिया था ताकि करो ना महामारी के कारण आ रही आर्थिक कठिनाइयों का सामना गरीब मजदूर कर सकें।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि इस खबर को सही ढंग से प्रस्तुत करने के बजाए अर्णव गोस्वामी ने जानबूझकर पूरी पत्रकार वार्ता को गलत प्रस्तुत किया और करोना महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में देश को गुमराह किया। अर्णव गोस्वामी ने देश को यह बताया कि राहुल गांधी का टेस्ट बढ़ाने का सुझाव पूरी तरीके से गलत है। यह एक बेहद खतरनाक स्थिति है और यदि लोग अर्णव गोस्वामी और उनके टीवी चैनलों पर भरोसा करके  टेस्टिंग को अनावश्यक समझ लेंगे तो इससे देश के करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। पूरे देश में अपनी जान जोखिम में डालकर करोना की टेस्टिंग में लगे चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों पर हमले की घटनायें अर्णव गोस्वामी और उनके टीवी चैनल जैसे गलत प्रचार करने वालों के कारण हो रही है। अर्णव गोस्वामी ने यह भी रिपोर्टिंग की कि राहुल गांधी लाॅक डाउन के खिलाफ हैं जो कि पूरी तरीके से आधारहीन और असत्य है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि तदनुसार आज  पूरे छत्तीसगढ़ में और पूरे देश में अर्णव गोस्वामी के विरुद्ध कार्यवाही की मांग को लेकर कांग्रेसजनों द्वारा रिपोर्ट लिखाई गई है।

सरकार द्वारा सही समय पर कड़ाई से लिए गए निर्णयों का करोना महामारी से लड़ने में महत्वपूर्ण स्थान : कांग्रेस

 

Danteshwar kumar ( chintu)

 
जगदलपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संबोधन पर, कांग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि कोरोना से लड़ाई में छत्तीसगढ़ देश के अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में है। जो कि छत्तीसगढ़   की जनता का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल में अटूट विश्वास, सबके सहयोग और करोना महामारी के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सही समय पर लिए गए सही फैसलों  के कारण ही बन पाई है।

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा समय पर लिये गये फैसले चाहे होली मिलन नहीं आयोजित  करना, 13 मार्च से ही छत्तीसगढ़ के स्कूल कालेजो को बंद करना हो, 17 मार्च को पहला केस सामने आते ही पूरे राज्य में 18 मार्च से ही धारा 144 लागू करना हो, समय पर जनहित में लिये गये  कड़े फैसलो से भी राज्य को कोरोना से लड़ने में बेहतर स्थिति में लाने में मदद मिली है। करोना के खिलाफ लड़ाई में छत्तीसगढ़ की अग्रणी स्थिति आगे भी बनी रहे यही आज की परिस्थितियों में  प्रदेशवासियो  की जरूरत है।  करोना के खिलाफ लड़ाई में सफलता के लिये प्रदेश के जनजन के साथ साथ इस लड़ाई के अग्रिम पंक्ति के योद्धा और जनता के साथ खड़े  सभी चिकित्सको, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जिला और पुलिस प्रशासन, खाद्य महिला बाल विकास, नगर निगमो, नगर पालिकाओं, जनसंपर्क विभाग के समस्त कर्मचारियों ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सबने 24 घंटे इस संकट से निपटने के लिये कार्य किया। राशन बांटने से लेकर राहत पंहुचाने तक और जनजागरण  का अभूतपूर्व काम किया है। मीडिया के साथियों और निस्वार्थ काम कर रहे स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों के  निस्वार्थ और सराहनीययोगदान को भी भुलाया नहीं जा सकता है।छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के नियंत्रण में एक एक ग्रामीण जन ने काम किया है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीणों ने भी स्वेच्छा से अपने गांव में  फिजिकल डिस्टेसिंग, साफ-सफाई का पालन कर करोना को रोकने के अपने कर्तव्य का पालन किया है।

प्रदेश के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कावासी लखमा निजी प्रवास पर पहुचे रायगढ़ । 

रायगढ़ - छत्तीसगढ़ के मंत्री का कहना है कि रायपुर में बैठे-बैठे  कुछ काम नहीं होने की वजह से बोर हो रहे थे। इस वजह से रायगढ़ घूमने आ गए उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा केंद्र सरकार  के बहुत लेट से लॉक डाउन लागू करने के कारण छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों में करोना के अधिक मरीज मिले हैं  । उसके उलट छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने 19 तारीख को है छत्तीसगढ़ में लॉक डाउन घोषित कर दिया था जिस वजह से छत्तीसगढ़ में कम कोरोना के मरीज मिले हैं ।छत्तीसगढ़ में अवैध शराब बिक्री को लेकर पूछे जाने पर कवासी लखमा जी ने कहा के पड़ोसी राज्यों से अवैध शराब की खेप पहुंच रही है जिस वजह से लगातार शिकायतें आ रही लेकिन लॉक डाउन होने की वजह से शिकायतें कम है अवैध शराब की बिक्री में  किसी कांग्रेसी नेता सामने आता है तो उसे जेल भेजा जाएगा ।शराब दुकान खोलने को लेकर मंत्री जी ने कहा 31 मई के बाद ही इसका फैसला लिया जाएगा साथ ही ऑनलाइन शराब बिक्री पर भी सरकार सोच रही है।

मुख्यमंत्री की फोटो वाला थैला, या नेताओ द्वारा जरूरत मंदो को सामग्री वितरित करते हुए फोटो लेना उन जरूरत मंद व्यक्तियों का मजाक उड़ाने के समान है शिवरतन

भाटापारा:- कोरोना वैश्विक महामारी के चलते 25 मार्च से लगातार छत्तीसगढ़ में लॉक डाउन है ऐसी विषम परिस्थितियो में भाटापारा क्षेत्र की विभिन समाज सेवी संस्थाओ द्वारा जैसे शीतला माता मंदिर मातादेवालय समिति,मयूर क्लब,प्रेम प्रकाश मंडल,गुरुद्वारा प्रबंधन समिति(मिक्कू सचदेव),श्री नारायणी सेवा समिति,मावली माता मंदिर समिति सिंगारपुर,पूर्व पार्षद सुनंद मिश्रा व उनके सहयोगीगण, ज्वाइन हैंड समिति,द्वारा जरूरत मंदो को चावल दाल, व कुछ संस्थाओं द्वारा दोनो समय का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है,ऐसी सभी समितियों को इस परोपकारी कार्य के लिए धन्यवाद देता हूं । पूरे छत्तीसगढ़ में लगभग सभी शहरों व कस्बो में इस प्रकार की सामाजिक संस्थाओं द्वारा यह परोपकारी कार्य किया जा रहा है किंतु दुर्भाग्य की बात यह है कि प्रदेश शासन द्वारा ऐसी संस्थाओं को इस परोपकारी कार्य से रोकने का आदेश प्रसारित करना तथा यह आदेश देना की संस्था को जो भी देना हो शासन को दे और शासन इसकी वितरण की व्यवस्था करेगा यह सही नही है। प्रदेश की स्थिति ये है कि नीचे जरूरत मंदो को पहचानने व उन तक समान पहुचाने में शासकीय अमला पूर्ण रूप से सफल नही होगा क्योंकि शासकीय अमले के पास इसके अतिरिक्त और भी बहुत से कार्य है। शासन द्वारा जो सामग्री वितरीत की जा रही है उसमें मुख्यमंत्री की फोटो वाला थैला, या नेताओ द्वारा जरूरत मंदो को सामग्री वितरित करते हुए फोटो लेना उन जरूरत मंद व्यक्तियों का मजाक उड़ाने के समान है.। प्रदेश शासन अपने इस तुगलीकी आदेश को वापस ले और समाज सेवी संस्थाओं को इस परोपकारी कार्य को करने की स्वतंत्रता दे। एक आदेश जरूर शासन को करना चाहिए कि सामग्री वितरित करते हुऐ लोगो की फोटो ना ले।

कोरोना मामले में छत्तीसगढ़  में भाजपा कर रही है नकारात्मक राजनीति: मोहन मरकाम

जगदलपुर । कोरोना महामारी के मामले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा लगातार की जा रही बयानबाजी और स्तरहीन राजनीति पर कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि करोना मामले में सारे मतभेद भुलाकर  राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभा रही है । करोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में कांग्रेस  स्वयं हर कदम पर देश की सरकार के साथ खड़ी रही है। इसके ठीक विपरीत छत्तीसगढ़ में चाहे सहायता राशि देने का मामला हो या करोना टेस्टिंग किट या PPE  परसनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट किट का सवाल या करोना लैब की स्वीकृति हो,  लगातार भाजपा नेताओं ने करोना मामले में नकारात्मक राजनीति करते हुये गैरजिम्मेदाराना बात की है। केंद्र सरकार के द्वारा धान का 2500 ₹ प्रति क्विंटल दाम देने के मामले की ही तरह करोना मामले में भी भाजपा नेता लगातार  छत्तीसगढ़ के हितों के खिलाफ ही काम कर रहे है।

कोरोना महामारी के बाद पीएम मोदी द्वारा 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाया गया और 24 मार्च से लाक डाउन किया गया। देश की जीवन रेखा रेलों के बंद हो जाने के कारण पूरे देश में करोड़ों आप्रवासी मजदूर फंसे पड़े हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के लोग बड़ी संख्या में कमाने खाने जम्मू कश्मीर से लेकर देश के दक्षिणी राज्यों तक गए हुए हैं और वहां फंस गए हैं। छत्तीसगढ़ के यह मजदूर प्रदेश में खाने रहने और चिकित्सा सुविधाओं के संकट का सामना कर रहे हैं। इसी तरह देश के अन्य प्रांतों के रहने वाले अनेक लोग गरीब मजदूर छत्तीसगढ़ में आकर इन्हीं कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने ऐसे सभी मजदूर भाइयों को और जरूरतमंद लोगों को मदद पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष के दरवाजे खोल दिए है। 1 लाख 62 हजार 649 मजदूरों को छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद पहुंचाई गई है।सभी जिलों में और प्रदेश में हेल्प डेस्क बनाई गई है और राज्य के वरिष्ठ अधिकारी रात दिन मेहनत करके सब को मदद पहुंचाने का काम कर रहे हैं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री सहायता कोष में खुलकर योगदान देने के बजाय प्रदेश के भाजपा के सांसदों ने पीएम केयर फंड में राशि देना बेहतर समझा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि भाजपा के इन सांसदों को वोट छत्तीसगढ़ के मतदाताओं ने दिया लेकिन छत्तीसगढ़ के मजदूरों की मदद करने वाले मुख्यमंत्री सहायता कोष में सांसदों द्वारा राशि नहीं दिया जाना बहुत ही दुखद और चिंता का विषय है। पीएमकेयर फंड में तो बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने दान दिया उद्योगों से पैसा लेने के लिए पीएम केयर फंड में दिए गए योगदान को सीएसआर मानकर उद्योगों को बड़ी छूट दी गई है जिसके परिणाम स्वरूप उसमें बहुत राशि आ रही है। राज्यों के मुख्यमंत्री सहायता कोष को इस सुविधा से वंचित रखने का निर्णय केंद्र सरकार ने लिया ऐसे समय छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसदों द्वारा मुख्यमंत्री सहायता कोष में राशि न दिए जाने के निर्णय से छत्तीसगढ़ के सभी लोगों को दुख पहुंचा है।

कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि  छत्तीसगढ़ ने भाजपा को 9 सांसद दिए जिसमें से एक केंद्रीय मंत्री के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं दुख की बात है एक केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह और भाजपा के सांसद सभी मिलकर छत्तीसगढ़ के लिए कोरोना संकट के दौरान छत्तीसगढ़ की जनता के लिए पाई भर भी राहत पैकेज नहीं ला पाए इससे स्पष्ट हो जाता है कि भाजपा के सांसद और भाजपा के नेता छत्तीसगढ़ वासियों के जनप्रतिनिधि होने का तमगा तो लगाते हैं लेकिन जब जब छत्तीसगढ़ के हित की बात आती है चाहे वह किसानों के धान खरीदी का मसला हो चाहे वह करो ना संकट के दौरान राहत पैकेज देना हो या केंद्र सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ को मिलने वाले योजनाओं के राशि को रोकने का मामला हो हमेशा भाजपा सांसदों की भूमिका नकारात्मक और छत्तीसगढ़ के किसान मजदूर के खिलाफ ही रही है भाजपा सांसदों की तनिक भी हिम्मत नहीं है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सामने खड़े होकर दमदारी से छत्तीसगढ़ के ढाई करोड़ जनता की बात को रख सके, यह बड़ा दुर्भाग्य है। संकटकालीन दौर में भी भाजपा सांसदों का रवैया नकारात्मक और छत्तीसगढ़ विरोधी रहा है। छत्तीसगढ़ की ढाई करोड़ जनता आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ के विरोध में खड़े इन भाजपा सांसदों को सबक जरूर सिखायेगी।