गैजेट्स

हजार-दो हजार में मिल रहे हैं खुफिया कैमरों वाले हुक

दूकानों के कपड़े बदलने के केबिन से लेकर लोगों के बेडरूम तक की रिकॉर्डिंग करने के लिए स्पाई-हुक इंटरनेट पर खुलेआम बिक रहे हैं, और खरीदे जा रहे हैं। इन्हें कहीं भी फिट किया जा सकता है और इसकी रिकॉर्डिंग को तुरंत किसी कम्प्यूटर या फोन पर ट्रांसफर करने के लिए इनके पीछे एक यूएसबी पोर्ट भी मौजूद है। अमेजान और ईबे पर यह स्पाई हुक हजार-दो हजार रुपये में मौजूद है। कुछ महंगा स्पाई हुक वीडियो के साथ-साथ आवाज भी रिकॉर्ड करता है। अगली बार किसी होटल में ठहरें, या किसी दूकान के चेंजिंग रूम में कपड़े बदले तो एक बार हुक पर नजर डाल लें कि उसके ऊपर कैमरे का ऐसा छेद तो नहीं है। 

वॉट्सऐप के डिलीट फॉर एवरीवन फीचर में है यह दिक्कत

संचिता उपाध्याय जोशी
नई दिल्ली, 1 नवम्बर । वॉट्सऐप पर बॉयफ्रेंड की जगह पापा को आई लव यू जानू लिखकर भेज दिया? या फैमिली वॉट्सऐप ग्रुप में वह जोक भेज बैठे जो दोस्तों के ग्रुप में भेजना था? तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। पांच मिनट के अंदर-अंदर आप वह मैसेज डिलीट कर सकते हैं। लेकिन, अगर आप सोच रहे हैं कि इस फीचर से आप मैसेज के सारे सबूत मिटा बैठेंगे, तो आपकी जानकारी सही नहीं है। 
इस फीचर में समस्या यह है कि आप अगर मैसेज डिलीट करते हैं, तो रिसीव करने वाले के चैट बॉक्स में लिखा दिखेगा ‘This message was deleted’और उस व्यक्ति की चैट सबसे ऊपर आ जाएगी, जैसे नया मैसेज आने पर आ जाती है। यानी, आप सिर्फ वह मिटा सकते हैं जो आपने लिखा था। लेकिन, सामने वाला यह तो जान ही जाएगा कि आपने कुछ-न-कुछ लिखा था।
वॉट्सऐप के इस फीचर का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। लेटेस्ट अपडेट में आए डिलीट फॉर एवरीवन फीचर के तहत आप अपने भेजे किसी भी मैसेज को दूसरों के फोन से भेजने के 5 मिनट के अंदर-अंदर डिलीट कर सकेंगे।
वॉट्सऐप ने अपने एक ब्लॉग पोस्ट में इस फीचर के आने की पुष्टि की है। अपने भेजे हुए मैसेज पर देर तक प्रेस करने के बाद आपको ऊपर बैंड पर कई सारे विकल्प दिखेंगे। 
इनमें से डिलीट को चुनें। इसके बाद आपको तीन और विकल्प दिखेंगे, डिलीट फॉर मी, कैंसल और डिलीट फॉर एवरीवन। 
अगर आप पहला विकल्प चुनते हैं, तो वह मैसेज सिर्फ आपके फोन से डिलीट होगा मैसेज पाने वाले के नहीं। अगर कैंसल चुनते हैं तो कहीं से भी डिलीट नहीं होगा लेकिन अगर आप डिलीट फॉर एवरीवन चुनते हैं तो वह आपके और मैसेज रिसीव करने वाले दोनों के फोन से हट जाएगा। (नवभारत टाईम्स)

सेहत /सीताफल एक ऐसा फल है जो सर्दी के मौसम में बाजारों में मिलता है । सीताफल को इंग्लिश में कस्टर्ड एप्पल कहते है और शरीफा नाम से भी ये फल जाना जाता है । सीताफल ये अनगिनत औषधियों में शामिल है ये फल पकी हुई अवस्था में बहार से सख्त और अंदर से नरम और बहुत ही मीठा होता है ।

इसका अंदर का क्रीम सफ़ेद रंग का और मलाईदार होता है । इसके बीज काले रंग के होते है । मार्किट में आजकल सीताफल की बासुंदी शेक और आइसक्रीम भी मिलते है । यह हमारे सेहत के लिए बहुत ही अच्छा होता है । इसमें विटामिन होता है इसके अलावा इसमें नियासिन विटामिन ए राइबोफ्लेविन थियामिन ये तत्व होते है इसके इस्तेमाल से हमें आयरन कैल्शियम मॅग्नीज़ मैग्नेशियम पोटैशियम और फोस्फरस मिलते है । खास बात यह है कि सीता फल में आयरन अधिक मात्रा में होता है । इसके अन्दर मौजूद पोटैशियम और मैग्नेशियम ह्रदय के लिए बहोत ही अच्छा होता है मैग्नेशियम शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता इसके फाइबर की प्रचुर मात्रा से ब्लड प्रेशर अच्छा रहता है । इससे कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है । इसमें विटामिन और आयरन खून की कमी को दूर करके हीमोग्लोबिन बढ़ता है ।

सीताफल का लाभ …
अगर आपको कब्ज की समस्या हो तो सीता फल से ये दूर हो सकती है । सीता फल में पर्याप्त मात्रा में कॉपर तथा फायबर होते होते हैं जो मल को नरम करके कब्ज की समस्या को मिटा सकते है । इसके उपयोग से पाचन तंत्र भी मजबूत होता है ।
गर्भवती महिला के लिए सीता फल खाना लाभदायक होता है इससे कमजोरी दूर होती है, उल्टी व जी घबराना ठीक होता है । सुबह की थकान में आराम मिलता है, शिशु के जन्म के बाद सीताफल खाने से ब्रेस्ट दूध में वृद्धि होती है ।
यदि आप कमजोर हो या आपको वजन बढ़ाना हो तो सीता फल का भरपूर उपयोग करना चाहिए। इसमें प्राकृतिक शक्कर अच्छी मात्रा में होती है। जो बिना किसी नुकसान के वजन बढ़ाकर व्यक्तित्व आकर्षक दे सकती है । इसके नियमित सेवन से पिचके हुए गाल और कूल्हे पुष्ट होकर सही आकार में आ जाते हैं और व्यक्तित्व में निखार आता है ।
सीता फल के पेड़ की छाल में पाए जाने वाले टैनिन के कारण इससे दांतों और मसूड़ों को लाभ मिलता है । सीता फल दांत और मसूड़ों के लिए फायदेमंद होता है । इसमें पाया जाने वाला कैल्शियम दांत मजबूत बनाता है।। इसकी छाल को बारीक पीस कर मंजन करने से मसूड़ों और दांत के दर्द में लाभ होता है । यह मुंह की बदबू भी मिटाता है ।
सीता फल में पाए जाने वाले विटामिन ‘ए’, विटामिन ‘सी’, तथा राइबोफ्लेविन के कारण यह आँखों के लिए फायदेमंद होता है। यह नेत्र शक्ति को बढ़ाता है तथा आँखों के रोगों से भी बचाव करता है । जिन लोगों का काम ज्यादा लैपटोप प्रयोग वाला होता है उनके लिये इस फल का नियमित सेवन करना बहुत ही अच्छा लाभकारी रहता है ।
यह मानसिक शांति देता है तथा डिप्रेशन तनाव आदि को दूर करता है । कच्चे सीताफल के क्रीम खाने से दस्त व पेचिश में आराम आता है। कच्चे क्रीम को सूखा कर भी रख सकते है। जरुरत पड़ने पर इसे भिगो कर खाने पर यह दस्त मिटाने में उपयोगी होता है ।