विश्व

विक्रम लैंडर की लोकेशन मिली, इसरो चीफ ने दी जानकारी ।

आपको बता दे कि 7 सितम्बर को विक्रम लैंडर के चाँद पर लैंड होने से पहले गायब हो जाने पर पूरा देश निराश हो गया था । हालांकि इसरो के वैज्ञानिकों ने भरोसा जताया था कि विक्रम लैंडर को ढूंढ लेंगे, क्योंकि विक्रम लैंडर पर नजर रखने वाला ऑर्बिटर पूरी तरह से सुरक्षित है ।

अब खुशी की बात ये है कि ऑर्बिटर द्वारा विक्रम लैंडर की लोकेशन को खोजा जा चुका है । हाल ही में ऑर्बिटर द्वारा भेजी गई तस्वीरों में लैंडर दिखाई दे रहा है । ये जानकारी इसरो प्रमुख डॉ के सिवान ने खुद दी है ।

वही गौरतलब है कि 7 सितम्बर की रात को पूरा देश जगा हुआ था ताकि चाँद पर भारत को कदम रखते हुए देख सकें । और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी भी इसरो में ही बैठकर वैज्ञानिकों की हौसला अफजाई करते रहे ।

चन्द्रयान का इसरो से संपर्क टूटते,,दुबई से आया बड़ा बयान, कहा- भारत ने.....

BBN24NEWS.COM

अंतरिक्ष में अपनी अलग जगह बनाने वाला भारत एक और ऐतिहासिक सफलता से चूक गया। मिशन चन्द्रयान को लेकर उस वक्त इसरो सेंटर में सन्नाटा छा गया जब पता चला कि चन्द्रमा पर उतरने से ठीक पहले चन्द्रयान के विक्रम लैंडर का इसरो से संपर्क टूट गया है। हालांकि पको बतादे कि  चन्द्रयान का ऑर्बिटर अभी भी पूरी तरह से काम कर रहा है।

दुबई से आया ये बयान....


संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) स्पेस एजेंसी ने इसरो की जमकर तारीफ की और कहा, "" हम उनके अंतरिक्ष यान चंद्रयान-2 के साथ संपर्क खत्म होने के बाद इसरो को अपना पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन देते हैं, जिसे चंद्रमा पर उतारा गया था। भारत ने साबित कर दिया कि वह अंतरिक्ष क्षेत्र में एक रणनीतिक खिलाड़ी है और इसके विकास और उपलब्धियों में भागीदार है।""

अगर हमारी ये पोस्ट आपको सच मे पसंद आया हो तो अपने दोस्तो को भी शेअर करना ना भूले  ! साथ मे अगर आप ऐसी ही और पोस्ट पढ़ना चाहते है तो हमे फॉलो करना बिलकुल न भूले !!!!!

(सोर्स- ANI official Twitter account)

 

सऊदी अरब के हवाई हमले में 60 लोगों की मौत

मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक यमन के धमार प्रांत में सऊदी अरब नीत सैन्य गठबंधन द्वारा किए गए हवाई हमले में 60 लोग मारे गए है। यमन के अधिकारियों ने बताया कि एक विश्वविद्यालय को निशाना बनाकर हमला किया गया। हूती विद्रोही इस विश्वविद्यालय का इस्तेमाल हिरासत केंद्र के रूप में कर रहे थे। वहीं, सऊदी अरब नीत सैन्य गठबंधन का कहना है कि धमार में हूती सैन्य शिविर को निशाना बनाया है, जहां ड्रोन और मिसाइल रखे जाते हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने दी भारत को चेतावनी

  वाशिंगटन : डोनाल्ड ट्रंप ने दी भारत को चेतावनी. ट्रंप ने उत्पादों पर ज्यादा शुल्क को लेकर भारत को चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को उत्पादों पर ज्यादा शुल्क को लेकर भारत को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि इसे अब स्वीकार नहीं किया जाएगा। जापान के ओसाका में 28 जून को जी 20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात के बाद ट्रंप का यह बयान

भारत की अहम कूटनीतिक जीत, एशिया प्रशांत समूह ने किया सुरक्षा परिषद की सदस्यता के लिए समर्थन

पंद्रह सदस्यीय परिषद में 2021-2022 के कार्यकाल के लिए पांच अस्थायी सदस्यों का चुनाव जून 2020 के आस-पास में होना है।
संयुक्त राष्ट्र। एशिया-प्रशांत समूह (Asia Pacific Group ) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दो साल की अस्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी का समर्थन किया है। यह भारत के लिए महत्वपूर्ण कूटनीतिक जीत है 15 सदस्यीय परिषद में 2021-2022 के कार्यकाल के लिए पांच अस्थायी सदस्यों का चुनाव जून 2020 में होना है।

भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने वाले 55 देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, जापान, कुवैत, किर्गिस्तान, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, सीरिया, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और वियतनाम शामिल हैं।

इन सदस्यों का कार्यकाल जनवरी 2021 से शुरू होगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने मंगलवार को ट्वीट किया, 'सर्वसम्मति से लिया गया फैसला। सभी 55 सदस्यों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद।'

महासभा दो साल के कार्यकाल के लिए यूएनएससी के पांच अस्थायी सदस्यों का चुनाव करती है। यूएनएससी के पांच स्थायी सदस्य हैं चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका। अफ्रीका और एशिया के हिस्से में पांच जबकि पूर्वी यूरोप के हिस्से में एक, लातिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों के हिस्से में दो, पश्चिमी यूरोप के हिस्से में दो सीटें हैं।

पहले भी रह चुका है भारत अस्थायी सदस्य

इससे पहले भारत 1950-51, 1967-68, 1972-73, 1977-78, 1984-85, 1991-92 और हाल ही में 2011-12 में यूएनएससी का अस्थायी सदस्य रह चुका है।
साभार 

शपथ ग्रहण से पहले मोदी ने महात्मा गांधी, अटल जी और शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि

 

 नई दिल्ली।   आज शाम 7 बजे नरेंद्र दामोदर दास मोदी लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण से पहले मोदी का कार्यक्रम सुबह 7 बजे से ही शुरू हो गया।
प्रधानमंत्री मोदी आजादी के बाद शहीद हुए जवानों के लिए बने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचे जहां उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इससे पहले मोदी ने अपने दिन की शुरुआत सबसे पहले महात्मा गांधी की समाधि पहुंचकर की और यहां श्रद्धासुमन अर्पित किए।

मोदी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में 14 देशों के प्रमुखों व 8000 लोगों की मौजूद होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाएंगे। उनके बाद भाजपा नीत राजग के मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। यह चौथा मौका होगा जब शपथ समारोह दरबार हॉल की बजाए राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में होगा। समारोह के लिए कोलकाता से 54 परिवारों के खास मेहमानों को बुलाया गया है। ये उन भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवार हैं, जिनके मुखियाओं की बंगाल में हिंसा में मौतें हुई हैं।

अब तक का सबसे बड़ा समारोह

मोदी की दूसरी पारी के औपचारिक आगाज के मौके पर राष्ट्रपति भवन में होने वाले समारोह अब तक का सबसे बड़ा होगा। इसमें हाई टी (अल्पाहार) की भी व्यवस्था की गई है। हालांकि समारोह में शरीक होने वाले बिम्स्टेक देशों के प्रमुखों को राष्ट्रपति कोविंद निजी रूप से रात्रिभोज देंगे। राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने बताया कि समारोह का आकार मोदी सरकार को दोबारा मिले जनादेश का प्रतिबिंब होगा। 2014 में भी मोदी ने खुले प्रांगण में ही शपथ ली थी।

सबसे पहले चंद्रशेखर ने 1990 में खुले प्रांगण में शपथ ली थी। फिर 1998 में अटलजी ने और 2014 में नरेंद्र मोदी ने खुले में शपथ ग्रहण की थी। पिछली बार करीब 4000 मेहमान शरीक हुए थे। शाह से मिले नीतीशबुधवार को जदयू प्रमुख नीतीश कुमार ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। माना जा रहा है कि उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले जदयू नेताओं के नामों को लेकर चर्चा की। जदयू कोटे से दो मंत्री बनाए जाने की संभावना है।
 
 नई दिल्ली मोदी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में 14 देशों के प्रमुखों व 8000 लोगों की मौजूद होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद उन्हें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाएंगे। उनके बाद भाजपा नीत राजग के मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी। यह चौथा मौका होगा जब शपथ समारोह दरबार हॉल की बजाए राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में होगा। समारोह के लिए कोलकाता से 54 परिवारों के खास मेहमानों को बुलाया गया है। ये उन भाजपा कार्यकर्ताओं के परिवार हैं, जिनके मुखियाओं की बंगाल में हिंसा में मौतें हुई हैं।

अब तक का सबसे बड़ा समारोह
मोदी की दूसरी पारी के औपचारिक आगाज के मौके पर राष्ट्रपति भवन में होने वाले समारोह अब तक का सबसे बड़ा होगा। इसमें हाई टी (अल्पाहार) की भी व्यवस्था की गई है। हालांकि समारोह में शरीक होने वाले बिम्स्टेक देशों के प्रमुखों को राष्ट्रपति कोविंद निजी रूप से रात्रिभोज देंगे। राष्ट्रपति के प्रेस सचिव अशोक मलिक ने बताया कि समारोह का आकार मोदी सरकार को दोबारा मिले जनादेश का प्रतिबिंब होगा। 2014 में भी मोदी ने खुले प्रांगण में ही शपथ ली थी।

सबसे पहले चंद्रशेखर ने 1990 में खुले प्रांगण में शपथ ली थी। फिर 1998 में अटलजी ने और 2014 में नरेंद्र मोदी ने खुले में शपथ ग्रहण की थी। पिछली बार करीब 4000 मेहमान शरीक हुए थे। शाह से मिले नीतीशबुधवार को जदयू प्रमुख नीतीश कुमार ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। माना जा रहा है कि उन्होंने मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले जदयू नेताओं के नामों को लेकर चर्चा की। जदयू कोटे से दो मंत्री बनाए जाने की संभावना है। 
साभार 

परवेज मुशर्रफ के बिगड़े बोल कहा पाकिस्तान पर हमला नरेंद्र मोदी की जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित होगी

मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने पुलवामा हमले की निंदा करते हुए कहा कि ये हमला बेहद अमानवीय था. इंडिया टुडे से खास बातचीत में मुशर्रफ ने पुलवामा हमले की निंदा तो की, लेकिन उन्होंने धमकी भरे अंदाज में कहा कि अगर पाकिस्तान पर हमला किया गया तो ये मोदी की जिंदगी की सबसे बड़ी भूल होगी. मुशर्रफ ने कहा कि पाकिस्तान को धमकी देना बंद कीजिए. आप हमें सबक नहीं सिखा सकते.

पुलवामा हमला: भारत ने पाकिस्तान को दिया तगड़ा झटका, लिया ये बड़ा फैसला...!

भारत ने पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान को आर्थिक स्तर पर बड़ा झटका दिया है. एक्शन लेने की शुरुआत को आगे बढ़ाते हुए भारत ने पाकिस्तान से आयातित सभी सामान पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ाकर 200 प्रतिशत कर दिया है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्विटर पर यह जानकारी दी है.वही इससे पहले 15 फरवरी को भारत ने पाकिस्तान से सबसे पसंदीदा देश का दर्जा वापस ले लिया था. ।। भारत सरकार के इस फैसले से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ना तय है. कस्टम ड्यूटी बढ़ने के बाद पाकिस्तान के लिए भारत को सीमेंट, पेट्रोलियम पदार्थ, तैयार चमड़ा, ताजे फल और अन्य सामान का निर्यात करना काफी महंगा पड़ेगा. इससे उसकी अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा.

नेपाल में 200, 500 और 2000 के भारतीय नोटों पर प्रतिबंध, मचा हड़कंप

पूर्वी चंपारण। नेपाल सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 200, 500 और 2000 के भारतीय नोटों पर प्रतिबंध लगा दिया है। कोई भी व्यक्ति यदि इन भारतीय रुपयों के साथ पकड़ा जाएगा तो उस पर आर्थिक अपराध के तहत मामला दर्ज होगा। गिरफ्तार कर जेल भी भेजा जाएगा। इस निर्णय से दोनों देश के व्यापार पर असर पड़ेगा। नेपाल का पर्यटन उद्योग भी प्रभावित होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनकपुर आगमन के समय नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भी यह मामला उठाया था। माना जा रहा कि भारतीय सरकार की ओर से पुराने नोटों को लेकर कोई कदम नहीं उठाने के चलते भारत के नए नोटों को अवैध घोषित किया गया है।

नेपाल सरकार के प्रवक्ता और सूचना एवं प्रसारण मंत्री गोकुल प्रसाद बास्कोटा ने इन नोटों पर प्रतिबंध की पुष्टि करते हुए कहा कि मंत्री परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया। सरकार ने लोगों से कहा है कि वे 200, 500 और 2,000 रुपये के नोट न रखें। इन्हें अमान्य करार दिया जा चुका है।

बास्कोटा ने बताया कि भारत में नोटबंदी के बाद नेपाल में अब भी पुराने एक हजार और पांच सौ के भारतीय नोट पड़े हैं, जिन्हें वापस नहीं लिया गया। केंद्रीय बैंक का कहना है कि उसके पास भारत के तकरीबन आठ करोड़ रुपये मूल्य के पुराने नोट हैं। विदेशी विनिमय व्यस्थापन विभाग के कार्यकारी निदेशक भीष्मराज ढुंगाना ने बीते सितंबर में कहा था कि भारत अपने पुराने नोट को क्यों नहीं बदल रहा।

इंडोनेशिया में भूकंप से 3 की मौत

 
जर्काता (वीएनएस/आईएएनएस)| इंडोनेशिया में गुरुवार सुबह रिक्टर पैमाने पर छह तीव्रता वाले भूकंप ने बाली समुद्री क्षेत्र को हिला दिया। भूकंप के कारण हुए हादसों में तीन लोग की मौत जबकि चार घायल हो गए।
इंडोनेशिया के आपदा निवारण एजेंसी के प्रवक्ता सुतोपो पुरवो नुग्रोहो ने ट्विटर पर भूकंप के कारण ध्वस्त हुई कई इमारतों की तस्वीरें साझा कीं।
समाचार एजेंसी `एफे` के मुताबिक, अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने कहा कि भूकंप का केंद्र समुद्र से लगभग 10 किलोमीटर नीचे स्थित था। भूकंप के झटके पूर्वोत्तर जावा के पंजी और बाली के देनपसार में महसूस किए गए।
भूकंप के झटके ऐसे समय में दर्ज किए गए हैं जब इंडोनेशियाई अधिकारियों ने सुलावेसी द्वीप में दो सप्ताह पहले आए भूकंप और सुनामी पीड़ितों के लिए खोज अभियान समाप्त करने की योजना बनाई थी। 
एजेंसी