राजधानी

आजादी के अमृत महोत्सव एवं डॉ कीर्ति काले के जन्मदिन पर भव्य साहित्यिक आयोजन

नई दिल्ली - आगामी 23नवम्बर 2021को शाम 4 बजे से दिल्ली के उपनगर द्वारका क्षेत्र में स्थित सीसीआरटी सभागार में प्रेरणा दर्पण साहित्यिक एवं सांस्कृतिक मंच और सीसीआरटी के संयुक्त तत्वावधान में आजादी के अमृत महोत्सव के अन्तर्गत एक भव्य साहित्यिक समारोह आयोजित होगा। इस आयोजन में अन्तरराष्ट्रीय कवयित्री एवं प्रसिद्ध मंच संचालिका डॉ कीर्ति काले और प्रसिद्ध कवि स्वर्गीय सुरेन्द्र दुबे की पुस्तकों का लोकार्पण होगा। साथ ही भावना तिवारी को डॉ कीर्ति काले गीत गौरव सम्मान और सुन्दर कटारिया को सुरेन्द्र दुबे हास्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण अखिल भारतीय कवि सम्मेलन रहेगा। जिसमें अनेक जाने माने कवि काव्यपाठ करेंगे। हास्य कवि पद्मश्री सुरेन्द्र शर्मा,डॉ प्रवीण शुक्ल, गजेन्द्र सोलंकी, लक्ष्मीशंकर वाजपेई,मंगल नसीम, ओमप्रकाश कल्याणे,अनिल अग्रवंशी, ममता किरण, मुकेश सिन्हा,सुधा सिन्हा, कमलजीत सहरावत, राजेश गहलोत, आदि की उपस्थिति रहेगी।

गांजा एवं मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर तत्काल रोक लगाने के आदेश पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने पुलिस अधीक्षकों को समीक्षा बैठक में जारी किया ..

रायपुर 15 नवंबर । पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने आज यहां पुलिस मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी पुलिस अधीक्षकों के साथ समीक्षा बैठक की । बैठक में जुनेजा ने चिटफंड प्रकरणों, राजनैतिक एवं आदिवासियों से प्रकरणों की वापसी, गांजा एवं शराब की अवैध तस्करी, जुआ-सट्टा समेत विभिन्न विषयों पर दिशा निर्देश दिये । उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि चिटफंड के प्रकरणों पर तेजी से कार्य करें । इसके साथ ही राजनैतिक एवं आदिवासियों से प्रकरणों की वापसी पर गंभीरता से निराकरण के निर्देश दिये गये । जुनेजा ने कहा कि गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के साथ राज्य में होने वाली खपत पर भी विशेष नजर रखें । पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मैं स्वयं प्रत्येक 10 दिन में उक्त मामलों की समीक्षा करूंगा । पुलिस महानिदेशक ने कहा कि क्राईम का डेटाबेस सैदव अपडेट रखें । घटित अपराधों, उन पर हुई कार्रवाई एवं लंबित प्रकरणों की अद्यतन जानकारी रखें इससे अपराध कम करने में सहायता मिलती है । सभी रेंज आईजी और पुलिस अधीक्षक अपने स्तर पर लंबित मामलों की लगातार समीक्षा करें और उनका निराकरण करें । पुलिस महानिदेशक ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिये कि अपने जिले के हॉट स्पॉट पर विशेष ध्यान दें । शहर के ऐसे स्थान जहां पर अपराध ज्यादा घटित होते हैं या ज्यादा संभावनायें हैं ऐसी जगहों पर विशेष सतर्कता बरतें । इसके साथ ही ऐसे स्थानों को चिह्नित कर वहां प्रतिदिन शाम को पुलिस की मौजूदगी दिखनी चाहिये । सभी पुलिस अधीक्षक अपने जिलों के थानों का नियमित निरीक्षण करें । थानों में आम नागरिकों के साथ शालीन और सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिये । सभी पुलिस अधीक्षक अपने कार्यालय में पर्याप्त समय दें और नागरिकों की समस्याएं सुनकर उनका निराकरण करें । जुनेजा ने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति प्रिय राज्य है । यहां सांप्रदायिक घटनाएं किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिये । असामाजिक तत्वों की लिस्ट बनाकर रखें जो भी ऐसी घटनाओं में संलिप्त पाये जाएं उन पर सख्त कार्रवाई करें । उन्होंने कहा कि अपराधियों के संरक्षण और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी । पुलिस महानिदेशक ने कहा कि वर्ष के अंत में आंकड़े कम करना उद्देश्य नहीं होना चाहिये बल्कि प्रकरणों को शीघ्रता से निराकरण कर लोगों को न्याय दिलायें । जुनेजा ने महिला विरूद्ध अपराधों पर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिये । उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल अपराधों पर तत्काल कार्रवाई करें । इसके साथ ही धर्मांतरण से जुड़े मुद्दे, सांप्रदायिक घटनाओं , भूमि विवाद जैसे संवेदनशील मामलों पर विशेष सतर्कता के साथ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिये । उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर पुलिसकर्मियों की समस्याओं का निराकरण करें ।जुनेजा ने पुलिसकर्मियों को मिलने वाले वीकली ऑफ पर सभी जिलों को अगले 10 दिन में रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिये हैं । बैठक में एडीजी हिमांशु गुप्ता, आईजी डॉ आनंद छावड़ा, आईजी श्री एससी द्विवेदी, एआईजी एम एल कोटवानी, एआईजी मनीष शर्मा उपस्थित रहे ।

पुलिस मुख्यालय एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में 15 नवंबर को बाल सुरक्षा पर आधारित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन

रायपुर 14 नवंबर । बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण करते हुए अभिभावकों व नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से बाल दिवस के उपलक्ष्य पर "अभिव्यक्ति" कार्यक्रम अंतर्गत प्रदेशव्यापी "बाल सुरक्षा सप्ताह" प्रारंभ किया जा रहा है। बाल सुरक्षा सप्ताह का सफलतापूर्वक संचालन के लिए प्रत्येक जिले में एक राजपत्रित स्तर के पुलिस अधिकारी को नोडल अधिकारी नामांकित किया गया है एवं 4 से 5 सदस्यीय पुलिस टीम का गठन किया गया है। उक्त टीम के उपयोग हेतु पुलिस मुख्यालय द्वारा बाल सुरक्षा एवं संरक्षण पर आधारित विभिन्न विषयों के पॉम्पलेट एवं पोस्टर तैयार कर समस्त जिलों को उपलब्ध कराये गये है। इसी प्रकार जिले की पुलिस टीम द्वारा प्रत्येक दिवस की जाने वाली कार्यवाहियों के संबंध में एक दैनिक कार्ययोजना तैयार किया गया है, जिसके अनुरूप यह जगरूकता संदेश जन-जन तक पहुंचाया जावेगा। अपराध अनुसंधान विभाग, पुलिस मुख्यालय एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में 15 नवंबर को बाल सुरक्षा पर आधारित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर बाल अपराध संबंधी मार्गदर्शिका पुस्तिका का विमोचन, टोल फ्री चाईल्ड हेल्पलाईन नंबर 1800-123-6010 की शुरूआत, विधिविरुद्ध संघर्षरत बालक एवं बाल विवाह पर आधारित ऑनलाईन ट्रेनिंग मॉड्यूल को छत्तीसगढ़ पुलिस की वेबसाईट में होस्ट किया जाएगा साथ ही बाल सुरक्षा पर आधारित वीडियो को रिलीज किया जायेगा। कार्यक्रम के दौरान बाल सुरक्षा की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया जावेगा। इस अवसर पर प्रतिभागी के रूप में स्कूली छात्र-छात्राओं को आमंत्रित किया गया है। बाल सुरक्षा अभियान के दौरान समाज में व्याप्त बालश्रम व बाल भिक्षावृत्ति के विरूद्ध सघन अभियान चलाया जाएगा एवं इसके शिकार हुए बच्चों का रेस्क्यू करते हुए दोषियों के विरूद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण पर प्रारंभ किया जा रहा यह जागरूकता सप्ताह एक सामाजिक कार्यक्रम है, जिसमें सभी संबंधित हितधारक शासकीय/गैर शासकीय संस्थाओं का सहयोग लिया जावेगा। इसके अलावा जिला स्तर पर गठित टीम के साथ वहाँ के स्थानीय प्रतिष्ठित लोगों जैसे डॉक्टर, अधिवक्ता, शिक्षाविद, आगनवाड़ी कार्यकर्ता, समाज सेविका आदि को भी जोड़ा जावेगा। बच्चों के मन से पुलिस के प्रति भय को दूर करने हेतु स्कूल/कॉलेज के छात्र-छात्राओं को थाना/चौकी का भ्रमण कराया जावेगा। यह जागरूकता कार्यक्रम स्कूल/कालेज, मॉल, बस स्टैण्ड, रेल्वे स्टेशन, मेला-मड़ई, हॉट-बाजार, आवासीय एवं व्यवसायिक परिसर पर आयोजित किया जाएगा। साथ ही राज्य में संचालित विभिन्न बाल देखरेख संस्थानों में भी जाकर वहाँ निवासरत बच्चों को जागरूक किया जावेगा।

मुख्यमंत्री बघेल का दिखा एक और अंदाज: *समारोह में युवाओं के बीच अकस्मात पहुंचकर किया प्रोत्साहित

राजधानी रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का एक और नया अंदाज देखने को मिला। आज यहां कार्यक्रम में पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले महोत्सव स्थल पर मौजूद युवाओं के बीच पहुंचे और उनसे बाच-चीत की। उन्होंने कहा कि युवा देश के भावी कर्णधार है। उनमें असीम ऊर्जा सन्निहित है। वे इसका उपयोग कर देश तथा समाज के नव निर्माण में महती भागीदारी निभाएं। ये सभी युवा छत्तीसगढ़ यूथ आर्टिस्ट ऐसोसिएशन से थे, जो प्रदेश में संस्कृति से जुड़े ऐसे अनूठें आयोजन के लिए मुख्यमंत्री को बधाई एवं धन्यवाद देने पहुंचे थे।

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव एवं राज्योत्सव 2021: आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने आरडीए के प्रदर्शनी स्टॉल का किया अवलोकन

विक्रय योग्य संपत्तियों की भी जानकारी ली* वन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर आज 29 अक्टूबर को राजधानी रायपुर के साईस कॉलेज मैदान में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव एवं राज्योत्सव स्थल पर पहुंचे और वहां रायपुर विकास प्रधिकारण के स्टाल का अवलोकन कर विकास योजनाओं और विक्रय योग्य संपत्तियों की जानकारी ली। इस दौरान अकबर को अधोसंरचना विकास के मॉडल के बारे में जानकारी दी गई। आरडीए के अधिकारियों ने बताया कि कमल विहार योजना में विद्युत की तारें, सीवर लाईन, बारिश का पानी, आईटी केबल और उपचारित जल के लिए भूमिगत व्यवस्था की गई है। ऐसी ही भूमिगत व्यवस्था इन्द्रप्रस्थ योजना में भी लागू की गई है। विक्रय योग्य संपत्ति के संबंध में बताया गया कि वर्तमान में आवासीय संपत्तियों के अंतर्गत प्लॉट, फ्लैट, डुप्लेक्स आवास तथा व्यावसायिक संपत्तियों में दुकान, हॉल तथा भूखंडों का विक्रय किया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट नगर रावांभाठा में भी दुकानें उपलब्ध है। इसी प्रकार रायपुर शहर के मध्य में स्थित बॉम्बे मार्केट और हनुमान मंदिर मार्केट शास्त्री चौक के प्रथम व द्वितीय तल पर कार्यालय उपयोग हेतु हॉल उपलब्ध है।

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव: दूसरे दिन का आगाज, उत्तराखंड की झींझीहन्ना लोकनृत्य के साथ’*आदिवासियों के रंग बिरंगे पहनावें को देख दर्शक हुए अभिभूत’

*’पारम्परिक त्योहार, अनुष्ठान, फसल कटाई एवं अन्य पारम्परिक विधाओं पर आधारित प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों के नृत्यदलों ने दी आकर्षक प्रस्तुति’* *’लोक कलाकारों की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियों को लोगों ने सराहा’* राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में आज दूसरे दिन सुबह 9 बजें से पारम्परिक त्यौहार, अनुष्ठान, फसल कटाई एवं अन्य पारम्परिक विधाओं पर आधारित लोकनृत्य प्रतियोगिता की शुरुआत हुई। इस श्रेणी के प्रतियोगिता की शुरुआत उत्तराखंड के झींझीहन्ना लोक नृत्य के साथ हुआ। यह पारंपरिक नृत्य थारू समुदाय के लोगों द्वारा किया जाता है। नई फसल आ जाने के उपलक्ष्य में क्वांर-भादो के महीने में गांव के प्रत्येक घर-घर जाकर महिलाओं द्वारा यह नृत्य किया जाता है। झींझी नृत्य में घडे सिर पर रख कर प्रत्येक घर से आटे व चावल का दान लेते हुए और सभी घरों में झींझी खेलने के बाद उस आटे व चावल को इकट्ठा कर झींझी को एक दैवीय रूप मानकर उसे सभी महिलायें विसर्जन करने के लिए नदी में जाती है और उसे विसर्जन कर उस आटे व चावल का पकवान बना कर सभी लोग खाते हैं। उसी तरह हन्ना नृत्य भी थारू समाज के पुरुषों द्वारा किया जाता है जिसमें पुरुष वर्ग प्रत्येक घर जाकर आटे व चावल का दान लिया करते हैं। इस त्यौहार को भी क्वांर -भादों में एक व्यक्ति हन्ना बनकर गीतों के माध्यम अनुसार नृत्य करता है। हन्ना का संबंध देखा जाये तो मारिच से है। उत्तराखंड टीम द्वारा दोनों को मिलाकर सामूहिक प्रस्तुति दी गयी। उसी तरह छत्तीसगढ़ राज्य के प्रतिभागियों द्वारा करमा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। गौरतलब है कि करमा नृत्य भादों माह में एकादशी तिथि के दिन राजा करम सेन की याद में कर्मा नाच के माध्यम से कलमी (करम डाल के पेड़) के पूजा करके आंगन में उस डाली को स्थापित करते हुए करते हैं और उसमें प्राकृतिक देवता को स्थापित करते हुए पूजा अर्चना करते है और रात भर करमा नाच करते हुए अप्रत्यक्ष रूप में देवी-देवता की नृत्य के माध्यम से स्तुति करते हैं। इस नृत्य के माध्यम से पर्यावरण को बचाये रखने का संदेश देते है, ताकि हमारा पर्यावरण यथावत बना रहे। नृत्य के माध्यम से नृत्य दल भावभंगिमा, वेशभूषा, नृत्य की कला को प्रदर्शित करते हुए अत्यंत मनोरम, रमणीय प्रस्तुति देते है। इस श्रेणी में तेलांगाना द्वारा गुसाड़ी डिम्सा, झारखंड द्वारा उरांव, राजस्थान गैर घुमरा, जम्मू कश्मीर द्वारा धमाली एवं छत्तीसगढ़ द्वारा गौर सिंग नृत्य की प्रस्तुति की गई।

फ्रेशर्स पार्टी में विवाद, बदमाशों ने युवकों को ज़मकर पीटा,सैकड़ों छात्र पहुँचे थाना

रायपुर। राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित निजी होटल में आयोजित फ्रेशर्स पार्टी में विवाद हुआ। जहां बदमाशों ने युवकों को जयस्तंभ चौक बुलाकर उनकी जमकर पिटाई की। यह विवाद दुर्गा महाविद्यालय फ्रेशर्स पार्टी में हुआ। युवकों को बदमाशों ने रोड-डंडे से पिटाई की जिसमें 2 युवक घायल हो गए हैं। यह मामला मौदहापारा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक फ्रेशर्स पार्टी के दौरान हुए विवाद को छात्रों ने मौके पर शांत करवा दिया था जिसके बाद कॉलेज की पार्टी में घुसे बदमाशों ने छात्र को जयस्तंभ चौक स्थित मयूरा होटल के पास मैड बेकर्स के सामने मिलने बुलाया। जहां छात्रों पर बदमाशों ने रोड-डंडे सहित स्टिक से पिटाई कर दी और मौके से फरार हो गए। जानकारी के अनुसार 6 से 7 की संख्या में हमलावरों ने छात्रों पर हमला किया है। इस विवाद में 3 छात्रों को चोट आई है जिसमें 2 को गंभीर चोट लगी है। घायलों को अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही महाविद्यालय के अन्य छात्र बड़ी संख्या में मौदहापारा थाना पहुँच गए है। वहीं इस मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना का सीसीटीवी फुटेज हासिल कर बदमाशों को चिन्हांकित कर धरपकड़ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इसमें से एक को चिन्हांकित कर लिया गया है, बाकि फरार आरोपियों को चिन्हांकित करने में पुलिस लगी हुई है।

देश-विदेश के कलाकार छत्तीसगढ़ में आकर अपने को गौरवान्वित कर रहे महसूस

रायपुर के साईंस कॉलेज मैदान में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव मंे देश-विदेश के कलाकार पहंुचे हैं। कलाकारों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आज सुबह साईंस कॉलेज मैदान पहंुचे कलाकारों ने मंच पर पहंुचने से पहले मैदान में अपना रिहर्सल किया। कलाकारों ने बताया कि छत्तीसगढ़ आकर वे रोमांचित एवं उत्साहित हैं। यहां उन्हें अपनी कला को प्रदर्शित करने के लिए शानदार मंच है। देश के अंतिम छोर केन्द्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप से आए प्रतिभागी कलाकार मुमताज ने बताया कि हमारी टीम में 20 कलाकार है। कल देर शाम हम रायपुर पहंुचे। यहां पर हमें सभी प्रकार की सुविधाएं छत्तीसगढ़ शासन ने मुहैय्या कराई है। यहां पर किसी प्रकार की कोई तकलीफ नहीं हुई है। हम पहली बार राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं। हम रोमांचित और उत्साहित है। हमारे द्वारा बंदिया लोक नृत्य की प्रस्तुति की जाएगी। इसी तरह से हरियाणा के केथल शहर से आए मुस्कान शामी एवं कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि हमारे द्वारा हरियाणवी लोकनृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। हम कल दोपहर को रायपुर पहंुचे है। प्रशासन द्वारा यहां बेहतर व्यवस्था की गई है। यहां पुलिस प्रशासन की व्यवस्था को कलाकारों ने प्रशंसा की तथा कलाकारों के ठहरने, खाने की व्यवस्था की तारीफ की। इसी तरह से पुडुचेरी से आए कलाकार मुरगन ने कहा कि हम पहली बार इस राष्ट्रीय नृत्य महोत्सव में सम्मिलित होकर उत्साहित है। यहां की सभी व्यवस्थाएं उत्कृष्ट है। हमें किसी प्रकार की तकलीफ नहीं हुई। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने प्रतिभागियों से मुलाकात कर कलाकारों का हाल जाना। इस दौरान उन्होंने लक्षद्वीप, पुडुचेरी के कलाकारों के साथ स्वयं रू-ब-रू होकर उनके साथ फोटो सेल्फी लेते हुए उनकी संस्कृति के बारे में जानकारी प्राप्त की। प्रतिभागी कलाकारों ने उत्साह से उन्हें बताया कि हम यहां आकर रोमांचित हैं और अपने आपको गौरावान्वित महसूस कर रहे हैं। आने वाले समय में ऐसे कार्यक्रम देशभर में होना चाहिए।

राज्यपाल से संत श्री रावतपुरा सरकार ने की भेंट

रायपुर, 27 अक्टूबर 2021/ राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके से राजभवन में संत श्री रावतपुरा सरकार ने मुलाकात की। इस अवसर पर राज्यपाल ने उन्हें प्रतीक चिन्ह भेंट किया।

छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला: 28 अक्टूबर को दीपशिखा श्रीवास द्वारा लोक गाथा पर आधारित कलश नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति

राजधानी के पंडरी स्थित छत्तीसगढ़ हाट परिसर में 02 नवम्बर तक आयोजित छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला में प्रतिदिन संध्या 7 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुति दी जा रही है। इस कड़ी में 28 अक्टूबर को शाम 7 बजे दीपशिखा श्रीवास भिलाई द्वारा लोक गाथा पर आधारित कलश नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी जाएगी। गौरतलब है कि राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा 24 अक्टूबर से 02 नवम्बर तक छत्तीसगढ़ हर्बल्स दीवाली मेला का आयोजन किया गया है। मेला में छत्तीसगढ़ हर्बल्स के 130 से अधिक उत्पाद 15 प्रतिशत की छूट पर उपलब्ध है। मेला के नोडल अधिकारी अमरनाथ प्रसाद ने बताया कि 28 तथा 29 अक्टूबर को मेला दोपहर 2 बजे से प्रारंभ होकर रात्रि 10 बजे तक चलेगा। इसी तरह 30 तथा 31 अक्टूबर को मेला पूर्वान्ह 11 बजे से प्रारंभ होकर रात्रि 10 बजे तक चलेगा। मेला में बच्चों के लिए निःशुल्क झूला की व्यवस्था है और आयुर्वेदिक चिकित्सालय का स्टाल भी लगाया गया है। इसमें निःशुल्क नाड़ी परीक्षण और वैद्य परामर्श की सुविधा उपलब्ध है।

रायपुर में OPD और IPD की सुविधा फ्री:

अस्पतालों में पर्चा बनवाने नहीं देनी होगी 10 रुपए फीस, आयुष्मान या राशन कार्ड रखने वालों को मिलेगा फायदा रायपुर राज्य सरकार ने राजधानी रायपुर के सरकारी अस्पतालों में OPD (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) और IPD (इन पेशेंट डिपार्टमेंट) सुविधा को फ्री कर दिया है। आयुष्मान कार्ड अथवा राशन कार्ड रखने वाले किसी व्यक्ति को अब इलाज के लिए 10 रुपए फीस नहीं देनी होगी। मरीजों को अब केवल कुछ पैथोलॉजी जांच के लिए शुल्क अदा करना होगा। अधिकारियों ने बताया, स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर किसी भी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में फ्री इलाज कराया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर के शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की है। अगर यह प्रयोग सफल रह तो इसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसे लागू किया जाएगा। वहां भी कोई दिक्कत पेश नहीं आई तो फिर पूरे प्रदेश में लागू करने की योजना है। फिलहाल शहरी क्षेत्र के 14 लाख से अधिक लोगों को इस योजना का फायदा मिल सकता है। रायपुर के इन अस्पतालों में यह सुविधा डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल, जिला अस्पताल पंडरी, आयुर्वेदिक हॉस्पिटल, जच्चा-बच्चा केंद्र कालीबाड़ी, डीडी नगर, हीरापुर, गोगांव, भनपुरी, गुढ़ियारी, राजातालाब, मोवा, आमासिवनी, कचना, लाभांडी, बोरियाकला, देवपुरी, कांशीराम नगर, मठपुरैना, भाठागांव, चंगोराभाठा, खोखोपारा और रामनगर। इन केंद्रों में रोजाना चार हजार 500 से ज्यादा मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। ऑनलाइन पंजीयन प्रणाली ने काम करना शुरू किया सरकारी अस्पतालों में ऑनलाइन पंजीयन प्रणाली ने काम करना शुरू कर दिया है। पहले से पंजीकृत मरीजों के मोबाइल नंबर बताते ही तुरंत OPD पर्ची मुहैया हो गई। रायपुर जिला अस्पताल में कुछ देर के लिए पोर्टल में तकनीकी वजहों से थोड़ी दिक्कत हुई, लेकिन थोड़ी देर में यह ठीक कर लिया गया। अधिकारियों ने बताया, दूसरे केंद्रों से ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है।

CM हाउस में कवासी लखमा ने तली पकौड़ियां:सर्व आदिवासी समाज के प्रदेशबंद के बाद समाज प्रमुखों को भोज; मुख्यमंत्री बोले- बस्तर के अंग्रेजी स्कूलों में मिलेगी हॉस्टल की सुविधा।

रायपुर राज्य सरकार के खिलाफ सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश बंद के एक दिन बाद कांग्रेस की डिनर पॉलिटिक्स सामने आई है। मुख्यमंत्री निवास में मंगलवार रात बस्तर के आदिवासी समाज के प्रमुखों के लिए भोज का आयोजन हुआ। बस्तर के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा करीब 300 लोगों को लेकर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री ने सभी से बात की। इस दौरान उन्होंने बस्तर संभाग के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में छात्रावास की सुविधा देने की भी घोषणा की। रात के भोज में व्यवस्था का जिम्मा खुद कवासी लखमा ने संभाल लिया। उन्होंने होटल से आए रसोइए को हटाकर पकौड़े की कड़ाही खुद संभाल ली। भोज के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, मंत्री कवासी लखमा और बस्तर क्षेत्र के कांग्रेस विधायकों ने आदिवासी समाज के प्रमुखों और प्रतिनिधियों के साथ भोजन किया। इस दौरान बस्तर की समस्याओं पर चर्चा हुई। चर्चा के दौरान लोगों ने कहा कि राज्य सरकार ने इंग्लिश मीडियम स्कूल प्रारंभ कर गरीब और आदिवासी परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए एक अच्छी पहल की है। इन स्कूलों में छात्रावास हो जाए तो बस्तर के दूर-दराज के बच्चों को भी इसका फायदा मिल पाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें भरोसा दिया कि बस्तर संभाग में जहां भी स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खुले हैं वहां बच्चों के लिए हॉस्टल की भी व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार की यह मंशा है कि आदिवासी अंचलों के लोगों को भी वैसी ही सुविधाएं मिले जैसी मैदानी क्षेत्रों के लोगों को मिल रही हैं। राज्य सरकार आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर से बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह डिनर पॉलिटिक्स आदिवासी समाज की नाराजगी दूर करने में कितना कामयाब होती है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

राजपूत क्षत्रिय महासभा 1282 उपसमिति रायपुर दक्षिण महिला मंडल द्वारा तीज मिलन का कार्यक्रम का आयोजन

रायपुर राजपूत क्षत्रिय महासभा 1282 उपसमिति रायपुर दक्षिण महिला मंडल अध्यक्ष आरती राजपूत की अध्यक्षता में एवं समस्त महिला मंडल पदाधिकारी द्वारा तीज मिलन का कार्यक्रम लक्ष्मी मैरिज हॉल महादेव घाट रोड सुंदर नगर रायपुर में आयोजित किया गया। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किया गया भगवान शंकर व गणेश जी की आरती के साथ दीप प्रज्वलित। 2.महिलाओं के लिए सोलह श्रृंगार प्रतियोगिता। 3.महिलाओं द्वारा डांस प्रतियोगिता। 4. पिछले वर्ष ऑनलाइन गेम्स किए गए थे उन विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। 5.मनोरंजन गेम्स अन्य कार्यक्रम। उपस्थित सभी क्षत्राणी द्वारा कोविड का पालन करते हुए मास्क सेनिटाइजर के साथ ड्रेस कोड लाल रंग की साड़ी के साथ आयोजन को सफल बनाया गया। महिला मंडल प्रचार सचिव ने बताया कि तीज क्विन प्रतियोगिता में प्रथम रिया ठाकुर भाटा गांव तीज क्वीन बनीं द्वितीय स्थान पर रही माया ठाकुर रायपुरा तृतीय स्थान पर रही है भारती केसरी चौथे स्थान पर माया ठाकुर कुशालपुर रहे। डांस प्रतियोगिता में पहले स्थान पर श्वेता ठाकुर दूसरी दूसरे स्थान पर रिया ठाकुर तीसरे स्थान पर माया ठाकुर कुशालपुर रहीं । उक्त कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए मुख्य अतिथि कन्हैया सिंह ठाकुर महासभा के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष विशेष अतिथि रमेश सिंह उपसमिति रायपुर दक्षिण अध्यक्ष ठा. लव सिंह एवं समस्त पदाधिकारी उपस्थित हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए महिला मंडल पदाधिकारि समस्त महिला मंडल सदस्यों का योगदान रहा।

वैक्सीन ही सुरक्षा कवच है:

पहली बार 7 दिनों में 12 लाख को टीके; संक्रमण दर 0.12%, इस माह 33 लाख टीके मिलेंगे, जो 66% लोगों को लगेंगे प्रदेश में टीकाकरण ने स्पीड पकड़ ली है। पहली बार केवल सात दिनों में 11.23 लाख से अधिक टीके लगाए गए हैं। ये अपने आप में रिकॉर्ड है, क्योंकि इतना अधिक वैक्सीनेशन तो तब भी नहीं हुआ जब राज्य में टीकारण शुरू हुआ था। कोरोना की दूसरी लहर के बाद तो एक समय तो ऐसा आ गया था जब लोग वैक्सीनेशन के लिए सुबह 4-4 बजे से टीकाकरण केंद्र में लाइन लगा रहे थे। उस दौरान भी इतने लोगों को टीके नहीं लगाए गए। हालांकि उस समय टीके की कमी थी और लोग किसी भी सूरत में वैक्सीन लगवाना चाहते थे। इधर, प्रदेश में कोरोना के 28 नए संक्रमित मिले हैं, जिसमें रायपुर का एक नया केस भी शामिल है। इस दौरान कोई मौत भी नहीं हुई है। राहत की बात ये है कि प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या अब घटकर 332 पर आ गई है। वहीं 15 जिलों में एक भी नया मरीज नहीं मिला है। 100 लोगों की जांच में 0.12 फीसदी दर से मरीज मिल रहे हैं। प्रदेश को इस महीने 35 लाख टीके मिलेंगे। अभी तक 19 लाख टीके आ चुके हैं। टीके क इतनी बड़ी खेप अब तक नहीं मिली है। हालांकि 11 सितंबर के पहले तक टीकाकरण में इतनी स्पीड नहीं थी। उस समय तक रोज औसतन 60 से 70 हजार टीके ही लग रहे थे। अचानक स्पीड बढ़ी और टीकाकरण दोगुने से ज्यादा हो गया। पिछले सात दिनों से रोज करीब डेढ़ लाख टीके लगाए जा रहे हैं। राज्य के एक-एक शहर और गांव के साथ-साथ रायपुर में भी टीकाकरण तेज हो गया है। पिछले हफ्ते तक चार-पांच हजार ही टीके रोज लगाए जा रहे थे। अब यहां का आंकड़ा 20 हजार के पार चला गया है। इस महीने 35 लाख टीका लगने के बाद राज्य में 1 करोड़ 90 लाख से ज्यादा लोगों का टीकाकरण हो जाएगा और 66 फीसदी से ज्यादा आबादी काे वैक्सीन की पहली या दूसरी डोज लग जाएगी। हालांकि जानकारों के अनुसार दोनों डोज 70 फीसदी होने पर ही सुरक्षित स्थिति मानी गई है। अभी प्रदेश में 14 प्रतिशत लोगों को ही दोनों डोज लगी है, जबकि 55 फीसदी से अधिक आबादी सिंगल डोज लग चुकी है। आईसीएमआर की ताजा रिसर्च के मुताबिक सिंगल डोज से भी प्रोटेक्शन बढ़ता है। 13 जिलों में एक्टिव मरीज इकाई अंक में प्रदेश के 13 जिलों में अब एक्टिव मरीज इकाई के अंक पर आ गए हैं। चार जिले कवर्धा, मुंगेली, सूरजपुर और गौरेला में तो सक्रिय मरीजों की संख्या भी शून्य हो गई है। शनिवार को प्रदेश के 15 जिलों में एक भी नया केस नहीं मिला है। ये स्थिति अर्से बाद आई है। जानकारों के मुताबिक प्रदेश में वैक्सीनेशन के बढ़ते दायरे से कोरोना को लेकर स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। हर दिन एक दर्जन या इससे अधिक जिले ऐसे रह रहे हैं जहां एक भी नया मरीज नहीं मिल रहा है। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में सर्वाधिक एक्टिव मरीजों वाले रायपुर जिले में भी अब सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर 20 से नीचे आ गई है। सबसे अधिक केस वाले रायपुर में कोरोना अब नियंत्रण में प्रदेश में टीके की संख्या के लिहाज से रायपुर टॉप पर है। यहां अब तक 21 लाख से अधिक टीके लग चुके हैं। जिसमें साढ़े 14 लाख से अधिक पहला और 6 लाख को दूसरा डोज लगा है। रायपुर में एक्टिव मरीजों की संख्या जहां पहली लहर के पीक में 13 हजार से अधिक पहुंच गई थी वहीं दूसरी लहर में ये संख्या करीब 30 हजार के पार हो गई थी। अब यहां 20 से कम मरीज हैं। वहीं, ऐपिडेमिक कंट्रोल के डायरेक्टर डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में इस माह में 35 लाख से अधिक टीके शेड्यूल किए गए हैं। अधिक संख्या में टीका मिलने से वैक्सीनेशन की रफ्तार में स्वभाविक रूप से बड़ा बदलाव आया है। नक्सल पीड़ित जिलों में भी सुदूर इलाकों में जा रहीं टीमें स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के मुताबिक प्रदेश में बीते सात दिन से टीका पर्याप्त संख्या में मिलने के कारण सघन टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। वैक्सीनेशन टीमें लोगों के घर में भी जाकर टीके लगा रही हैं। यहां तक कि धुर नक्सल पीड़ित इलाकों में भी टीमें नाव से जा रही हैं। बीजापुर सीएमओ डॉ. आरके सिंह के मुताबिक इस हफ्ते में वो खुद टीम के साथ पामेड़ से आगे के सुदूर इलाकों में टीका लगाने के लिए गए। टीम रासपल्ली, धर्मारम जैसे इलाके में भी टीके लगाकर आई है। बीजापुर में दूसरी लहर का पीक गुजरने के बाद जून जुलाई के माह में कोरोना केस बढ़ गए थे। उसके बाद से सीमा पर टेस्टिंग ट्रेसिंग जैसी गतिविधियां चल रही है। टीका सुरक्षा कवच प्रदान कर रहा टीका सुरक्षा कवच प्रदान कर रहा है। ये अब सिद्ध हो गया है। प्रदेश में कोरोना की लगातार सुधरती स्थिति में वैक्सीनेशन का बढ़ता दायरा एक अहम वजह है। लोग टीका लगवाने के बाद सावधानी रखें। जितना कड़ाई से नियमों का पालन करेंगे उतनी ही अच्छी स्थिति बनेगी। - डॉ. नितिन एम नागरकर, डायरेक्टर, एम्स रायपुर

100 मीटर के भीतर 200 वॉट के साउंड सिस्टम पर बजेंगे डीजे, शहर के तालाबों के पास निगम ने बनाए विसर्जन कुंड।

रायपुर रविवार का दिन भगवान गणेश के विदा होने का दिन है। जिला प्रशासन ने विसर्जन को ध्यान में रखकर एक गाइडलाइन शनिवार की रात जारी की है। इसके मुताबिक, विसर्जन के दौरान 200 वाट के साउंड सिस्टम पर डीजे बजा सकेंगे। पंडाल के 100 मीटर के भीतर ही इसे बजाने की अनुमति होगी। विसर्जन के स्थल तक डीजे लेकर रैली या जुलूस की शक्ल में पहुंचने की अनुमति नहीं दी गई है। इससे पहले विसर्जन के मौके पर साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर जिला प्रशासन ने पूरी तरह से बैन लगा दिया था। धार्मिक संगठनों की मांग को ध्यान में रखकर कलेक्टर कार्यालय ने नया आदेश जारी कर 100 मीटर की परीधि में ही इसे बजाने की अनुमति दी है। दूसरी तरफ नगर निगम विसर्जन कुंड भी बना रहा है। खारून नदी महादेवघाट में अस्थाई विसर्जन कुंड को तैयार किया गया है। यहां श्रद्धालु ने सपरिवार पहुंचकर घाट पर पूजा के बाद भगवान गणेश की प्रतिमाएं विसर्जित कर सकते हैं। नदी प्रदूषित न हो इसके लिए नगर निगम ने अलग से बंदोबस्त किया गया है। इसके अलावा रायपुर के हर जोन में तालाब या सार्वजनिक चौराहों पर नगर निगम के घरों की छोटी प्रतिमाओं के लिए अस्थाई कुंड रखवाया है, जहां लोग प्रतिमा विसर्जित कर सकेंगे। 19 को सुबह 6 बजे से 22 सितम्बर को दोपहर 2 बजे तक खारुन नदी तट पर बने कुंड में प्रतिमाएं विसर्जित हो सकेंगी। इस दौरान नगर निगम के लोगों की यहां ड्यूटी लगाई गई है। शहर के कई तालाबों के किनारे नगर निगम ने अस्थाई विसर्जन कुंड रखवाए हैं। खारुन तट पर लोगों की सुरक्षा के लिहाज से SDRF, पुलिस और जिला प्रशासन के अफसरों की टीम भी तैनात रहेगी। विसर्जन को लेकर ये हैं नियम गणेश पंडाल के 100 मीटर की परिधि में 200 वॉट के साउंड सिस्टम पर डीजे, धुमाल या बैंड बजाया जा सकेगा। मूर्ति विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाने-पीने की चीजें बांटी नहीं जाएंगी। मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए सिर्फ पिकअप, टाटा एस जैसे छोटे वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। विसर्जन के लिए सिर्फ चार लोग ही जा सकेंगे, यह चारों उसी गाड़ी में होंगे जिस गाड़ी में मूर्ति होगी। किसी भी अतिरिक्त साज-सज्जा झांकी की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए नगर निगम द्वारा तय किया गए रूट का ही इस्तेमाल करना होगा। शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों से मूर्ति विसर्जन के लिए वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी, रिंगरोड का इस्तेमाल करना होगा।