राजधानी

श्रम मंत्री डहरिया के निर्देश पर ’शक्ति पल्प एंड पेपर लिमिटेड’ रायगढ़ के संचालक को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

 रायपुर, 07 मई 2020 श्रम मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया के निर्देश पर रायगढ़ स्थित शक्ति पल्प  एंड पेपर लिमिटेड, ग्राम तेताला, जिला रायगढ़ के संचालक को नोटिस जारी कर क्यों न लायसेंस निरस्त किया जाय के संबंध में तीन दिवस के भीतर जवाब मांगा गया है। ज्ञात हो कि 06 मई को कारखाने स्थित बैक वाटर टैंक की सफाई के दौरान गैस रिसाव के कारण 7 श्रमिक घायल हो गए हैं। जिनका इलाज जारी है। 

    औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा रायगढ़ के उपसंचालक द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि 6 मई को आपके कारखाने में स्थापित बैक वाटर टैंक की सफाई कार्य में 7 श्रमिकों को नियोजित किया गया था। कारखाने में निर्माण प्रक्रिया में क्लोरीन गैस का प्रयोग किया जाता है। बैक वाटर टैंक में मशीन चेस्ट से फाइन फाइबर स्लरी फार्म में आकर एकत्रित होता है। निरीक्षण के दौरान जानकारी प्राप्त हुई है कि 20 मार्च 2020 से कारखाने में निर्माण प्रक्रिया बंद थी, जिससे बैक वाटर टैंक जो की एक कन्फाईद स्पेस है में खतरनाक गैस एकत्रित होने की पूर्ण संभावना विद्यमान थी, लेकिन सफाई कार्य प्रारंभ करने के पूर्व आपके द्वारा इस टैंक की जहरीली गैस की उपस्थिति हेतु जांच नहीं कराई गई, टैंक में कार्यरत श्रमिकों को आवश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण सेल्फ कंटेंड ब्रीदीग ऑपरेट प्रदान कर उपयोग नहीं कराया गया और ना ही उक्त कार्य किसी प्रशिक्षित सुपरवाइजर की उपस्थिति में कराया गया, जिससे सफाई कार्य के दौरान छह मई को दोपहर लगभग 3.15 बजे 7 श्रमिक जहरीली गैस की चपेट में आकर दुर्घटनाग्रस्त हो गए। जिनमें से तीन श्रमिकों की स्थिति अभी गंभीर हैं। आपके द्वारा इस दुर्घटना की जानकारी कारखाना निरीक्षक को नहीं दी गई। कारखाना अनुज्ञप्ति जारी करते समय आप से यह अपेक्षा की जाती हैं की आपके द्वारा कारखाने में कार्यरत श्रमिकों की स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय सुनिश्चित किए जाएंगे, जिसका अनुपालन आपके द्वारा नहीं किया गया है। अतः आपके द्वारा किए गए कारखाना अधिनियम प्रावधानों के गंभीर उल्लंघनो को दृष्टिगत रखते हुए आप को निर्देशित किया जाता है कि पत्र प्राप्ति से तीन दिवस की अवधि में अधोहस्ताक्षरकर्ता को अपना जवाब प्रस्तुत कर बतावें की क्यों न आपके कारखाने को जारी कारखाना अनुज्ञप्ति निरस्त की जावे। 

जीते जी माँ भी करती थी दान ..... इसलिए उनकी बरसी में बेटा और बहू ने किया 210 किलो आटे का दान

 

कहा लॉक डाउन में फंसे गरीब और जरूरतमंद करेंगे उपयोग तो माँ की आत्मा को मिलेगी शांति..

 

 

 

 

 

 

 

 

BBN24NEWS रायपुर 26 अप्रैल2020/ कहते हैं दान से बड़ा कोई पुण्य नहीं होता..खास मौके में दान का महत्व और भी बढ़ जाता है। ऐसा ही मौका आज था, अक्षय तृतीया का। देवेंद्र नगर में रहने वाले नवीन पाठक की माँ स्वर्गीय श्रीमती प्रतिमा पाठक की आज बरसी थी। बेटे को याद है कि जब मां जीवित थी तब आज के दिन वह अपने हाथों से अन्न, जल सहित अन्य सामग्रियों की दान किया करती थी। अपनी माँ की इस परंपरा को बेटे ने भी जारी रखा है। चूंकि अभी लॉक डाउन है ऐसे में बेटे को  वर्तमान में ऐसे बहुत से गरीब, बेसहारा है जो फसे हुए है और राहत कैम्पों में है और जिन्हें सहायता की सख्त जरूरत है, की कठिनाईयाँ भी जेहन में आईं । उन्हे    रायपुर जिला में कलेक्टर की पहल पर संचालित डोनेशन ऑन व्हील्स की जानकारी भी थी, जिससे जरूरमंद परिवारों तल राशन पहुचाई जा सके। नवीन पाठक ने जरा भी देरी नहीं की। अपनी माँ की बरसी को यादगार बनाने और उनकी आत्मा को सुकून देने डोनेशन ऑन व्हील्स को घर बुलाया और अपनी पत्नी श्रीमती विनिता पाठक के साथ मिलकर 210 किलो आटा दान किया।

 पाठक परिवार की इस सहयोग का कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन  और अन्य अधिकारियों ने खूब प्रशंसा की।

"डोनेशन ऑन व्हील्स"कार्यक्रम को शहरवासियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। सभी अपने अपने स्तर पर सहयोग कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस पहल में बड़ों के साथ बच्चे भी भागीदार बन रहे हैं। इस अभियान का नेतृत्व कर रहे नोडल अधिकारी डॉ गौरव कुमार सिंह ने बताया कि एक ओर जहां बच्चे अपने जन्मदिन को यादगार बनाने दान कर रहे है वही कुछ बच्चे गुल्लक में जमा किए अपने पैसे भी दान कर रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने की गई लॉक डाउन की वजह से संकट में फसे गरीबों, बेसहारों और जरूरतमंदों को दान देकर पुण्य कमाने के इस घड़ी में सभी भागीदार बनना चाहते है।

भारतीय संस्कृति में अक्षय तृतीया  दिन का अपना अलग ही महत्व है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार मान्यता है कि इस दिन जो भी व्यक्ति किसी प्रकार का  दान करता है,वह अक्षय बना रहता है।  नवीन पाठक का मानना है कि हमारे इस दान से माँ की आत्मा को जरूर शान्ति मिलेगी।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो: मुख्यमंत्री भूपेश

 
 
मुख्यमंत्री ने की लोक निर्माण विभाग के काम-काज की समीक्षा
 
सड़क किनारे विभागीय जमीनों का हो व्यावासयिक उपयोग
 
रायपुर, 26 अप्रैल 2020/ मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में लोक निर्माण विभाग के काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण, जल संसाधन, पंचायत सहित सभी निर्माण विभागों द्वारा संपादित कार्यो की गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता नही किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्यों में थर्ड पार्टी निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने नक्सल प्रभवित क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी के कार्यो की भी समीक्षा की और इन्हें प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।  
 
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समीक्षा के दौरान सड़कों के किनारे जहां लोक निर्माण विभाग की पर्याप्त जगह है उनका व्यावसायिक उपयोग करने के निर्देश दिए। इन स्थानों में होटल, ढाबा आदि के लिए सुविधाएं विकसित करने कहा को ताकि स्थानीय निवासियों को रोजगार उपलब्ध हो सके और राहगीरों को भी सुविधाएं मिल सके।  भूपेश बघेल ने कहा कि भविष्य में सड़कों के लिए जमीन अधिग्रहण करते समय भी इन सुविधाओं को विकसित करने का ध्यान रखा जाए और इनके लिए जमीन आरक्षित रखी जाए। 
 
मुख्यमंत्री ने भवन, सड़क, पुल-पुलियों सहित सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए प्रगतिरत कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में लोक निर्माण मंत्री  ताम्रध्वज साहू ने बताया कि सड़कों और पुलों के वार्षिक संधारण कार्य के लिए निर्धारित अवधि 3 वर्ष को बढ़ाकर 5 वर्ष कर दिया गया है। इस अवसर पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे, वन मंत्री  मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव  सुब्रत साहू, अपर मुख्य सचिव  अमिताभ जैन, सचिव लोक निर्माण  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी सहित अन्य विभागों के वरष्ठि अधिकारी उपस्थित थे। 
 
समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव लोक निर्माण  जैन ने प्रस्तुतिकरण के जरिए वित्तीय एवं भौतिक कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम के तहत 36 कार्य स्वीकृत हैं इनमें से 18 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। पूर्ण कार्यो में 1049 किमी सड़क 5 पुल और एक रेल्वे ओव्हर ब्रिज शामिल हैं। छत्तीसगढ़ सड़क विकास निगम के 767 किमी लम्बाई के 26 सड़कों में से 615 किमी की 11 सड़कें पूर्ण हो चुकी हैं, शेष कार्य दिसंबर 2020 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे। 
 
        जैन ने वर्ष 2020-21 के बजट में किए गए मुख्य प्रावधानों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 723 विभिन्न कार्यों के लिए 659 करोड़ की राशि प्रावधानित हैं। इनमें चालू वित्तीय वर्ष में 39़25 किलोमीटर लम्बाई की 603 सड़कों के लिए 480 करोड़ रूपए, 97 वृहद पुलों के लिए 90 करोड़ रूपए, 08 अंडर और ओव्हर ब्रिज के लिए 30 करोड़ रूपए, संभागीय मुख्यालयों दुर्ग, जगदलपुर एवं अंबिकापुर में इंडोर स्टेडियम के लिए 33 करोड़ रूपए, ग्यारह जिला मुख्यालयों धमतरी, कोरबा, कांकेर, गरियाबंद, बालोद, बेमेतरा, मुंगेली, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर और बीजापुर में आडिटोरियम के लिए 22 करोड़ रूपए के प्रावधान किए गए हैं। 
 
इसके अलावा लोक निर्माण विभाग के 120 भवनों में ऑनग्रिड सोलर सिस्टम स्थापित करने के लिए 4 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की अवधि में कोरोना महामारी संक्रमण की रोकथाम के तहत मेडिकल कालेजों और जिला अस्पतालों में 8 करोड़ 69 लाख रूपए की लागत से एसी, विद्युतिकरण, गैस पाइप लाइन सहित विभिन्न कार्य किए गए। इस माह की 20 तारीख  से अब तक विभाग द्वारा 104 कार्य शुरू किए गए हैं इनमें 40 सड़क, 42 भवन और 22 पुल के कार्य शामिल हैं। 
 
समीक्षा बैठक में पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 के प्रगतिरत कार्यों की जानकारी में बताया गया कि 6633 करोड़ रूपए की लागत के 844 कार्य प्रगति पर हैं। इन कार्यों पर मार्च 2020 तक 1922 करोड़ की राशि व्यय की जा चुकी है। इन कार्यों में 148 ऐसे कार्य जिनमें 75 प्रतिशत राशि व्यय हो चुकी हैं उन्हें प्रथम चरण में जून माह तक पूर्ण कर लिया जाएगा। ऐसे 161 कार्य जिनमें 50 प्रतिशत से अधिक राशि व्यय की जा चुकी है इन्हें द्वितीय चरण में तथा शेष 535 कार्यों को तृतीय चरण में पूरा किया जाएगा।

भाजपा सांसदों की समझ और बुद्धि पर तरस आता है: कांग्रेस

रायपुर के भाजपा सांसद सुनील सोनी के बयान पर कांग्रेस ने कड़ा ऐतराज़ जताते हुए कहा है कि सुनील सोनी और छत्तीसगढ़ में भाजपा के सभी सांसदों की समझ और बुद्धि पर तरस आता है. कांग्रेस ने कहा है कि भाजपा के सांसदों को कोरोना संकट के समय राजनीतिक चश्मा उतारकर देखना चाहिए कि वास्तव में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की भूमिका क्या है और उन्हें यह भी देखना चाहिए कि उनकी ख़ुद की भूमिका क्या रही है.  

कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि सांसद सुनील सोनी को यदि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बातों पर ग़ुस्सा आ रहा है तो यह उनकी नासमझी है. उन्हें समझना होगा कि कोरोना टेस्ट के लिए किट और चिकित्साकर्मियों के पीपीई (पर्सनल प्रोटक्शन इक्विपमेंट) भेजने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की थी और राज्य के बार बार अनुरोध के बाद भी इसका इंतज़ाम नहीं किया गया. उन्हें पता होना चाहिए कि करोना जांच केंद्रों की स्वीकृति भी केंद्र सरकार ही देती है. शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि यदि यह राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में होता तो अब तक कई केंद्र स्थापित कर दिए गए होते. लेकिन केंद्र की ओर से पहले एम्स रायपुर को अधिकृत किया गया और फिर जगदलपुर में एक केंद्र को स्वीकृति मोदी सरकार ने दी है. अब जाकर रायपुर मेकाहारा को स्वीकृति मिली है.  

उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री बघेल ठीक ही कह रहे हैं कि विश्व में करोना फैले होने के बावजूद विमानतल में विदेश से आने वालों की जांच की और उनको क्वेरिनटाइन करने की कोई भी व्यवस्था केंद्र सरकार ने नहीं की. केंद्र सरकार ने विदेशों से आने वाले इन लोगों के आने की कोई सूचना और जानकारी राज्य सरकारों से साझा नहीं की.  

भाजपा सांसदों ने छत्तीसगढ़ के बजाय मोदी को चुना

  शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के सांसदों को तो छत्तीसगढ़ में कोरोना पर कुछ कहने का हक़ ही नहीं है क्योंकि वे चुने तो छत्तीसगढ़ से हैं लेकिन अपनी सांसद निधि का पैसा उन्होंने छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की बजाय विवादित ‘पीएमकेयर्स’ में देना ठीक समझा.  

उन्होंने कहा है कि भाजपा के सभी नौ लोकसभा सांसदों और दो राज्यसभा सांसदों की करतूत पर छत्तीसगढ़ की जनता नज़र रख रही है. वह देख रही है कि संकट के समय भी भाजपा सांसदों ने छत्तीसगढ़ में अपनी सांसद निधि का पैसा नहीं दिया. संचार विभाग के प्रमुख ने कहा है कि भाजपा सांसदों को आइने के सामने खड़े होकर देखना चाहिए कि वे किस मुंह से छत्तीसगढ़ की उस सरकार को कोस रहे हैं जो दिन रात उनकी भलाई में लगी हुई है.

छत्तीसगढ़ सरकार देश भर में गए हुए छत्तीसगढ़ के प्रवासी मजदूरों को राहत पहुंचाने में खाना राशन मुहैया कराने में और जहां जरूरत है वहां राशि उपलब्ध कराने में लगी हुई है अन्य राज्यों के छत्तीसगढ़ में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों को भी खाना राशन से मदद की जा रही है  

 छत्तीसगढ़ शासन द्वारा गरीबों और मजदूरों को पहुंचाई जा रही इस मदद में सहभागी बनने और सहयोग करने के बजाय भाजपा सांसद सुनील सोनी इस मामले में स्तरहीन राजनीति कर रहे हैं

भूपेश के संग जीतबो महामारी के जंग

एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के नेतृत्व में पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में एनएसयूआई द्वारा आज शाम 5:00 बजे से एक मुहिम चलाई जा रही है जिस मुहिम को "भूपेश के संग"(जीतबो महामारी के जंग) नाम दिया गया है इस मुहिम के चलते छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में एनएसयूआई के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं द्वारा चलाया जाएगा इस मुहिम में एनएसयूआई के पदाधिकारियों का काम यह रहेगा की अपने अपने क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति एवं परिवार को राशन व खाना बांटा जाएगा इस मुहिम से पदाधिकारियों को फेक न्यूज़ जैसी चीजों से लोगों को जागरूक करने का काम करेगी छत्तीसगढ़ सरकार ने पढ़ने के लिए ऑनलाइन पोर्टल की व्यवस्था की है उसमें किसी भी प्रकार की यदि कोई समस्या आती है तो उसके लिए एनएसयूआई के पदाधिकारी छात्रों की मदद करेंगे ऐसे कई कार्य घर-घर जाकर सनराइज करना इसमें शामिल है इस कार्य को छत्तीसगढ़ के हर जिले में एनएसयूआई के पदाधिकारियों द्वारा नियमित रूप से किया जाएगा प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा का कहना है की हम अपनी पूरी ताकत से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के साथ कार्य करने के लिए तैयार है हमने आज ऑनलाइन मीटिंग के जरिए सभी प्रदेश एवं जिले के पदाधिकारियों को यह कार्य सौंप दिया है की आम लोगों तक राशन एवं खाना पहुंचाना एवं छात्र रसोई के द्वारा जो लोग फुटपाथ एवं अन्य किसी जगह पर गुजर-बसर करते हैं उन तक छात्र रसोई के द्वारा खाना पहुंचाया जाएगा इसी के साथ हम लोगों को फेक न्यूज़ और ऑनलाइन पोर्टल मे के जो छात्र एवं छात्राएं पड़े हैं उनको किसी भी प्रकार की असुविधा होगी तो वह एनएसयूआई के पदाधिकारियों द्वारा समाधान किया जाएगा इस महामारी के जग में हमने "भूपेश के संग" (जीतबो महामारी के जग) की शुरुआत कर दी है मुझे पूर्ण रूप से भरोसा है कि एनएसयूआई के सभी कार्यकर्ता इस अभियान को बहुत ही सफलता पूर्ण तरीके से इसमें काम करते है उपरोक्त जानकारी तुषार गुहा प्रदेश प्रवक्ता ने दी

स्वास्थ्य मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से की संक्रमण रोकने और इलाज की व्यवस्था की समीक्षा आवश्यक सामग्रियों की जल्द आपूर्ति सुनिश्चित करने और संदिग्धों की यथाशीघ्र जांच के दिए निर्देश

रायपुर. 4 अप्रैल 2020. स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंस से वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर कोविड-19 का संक्रमण रोकने और इलाज की व्यवस्था की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अस्पतालों में सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के लिए आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति जल्द सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने राज्य में कोरोना वायरस जांच की बढ़ी सुविधाओं के मद्देनजर सभी संदिग्धों के यथाशीघ्र सैंपल लेकर जांच कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों में कोविड-19 अस्पताल की स्थापना का काम तेजी से कराया जा रहा है। प्रदेश में आज कोरोना वायरस से संक्रमित एक और मरीज के पूर्णतः स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। रायपुर की इस युवती का इलाज एम्स में चल रहा था। राज्य में अब कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या सिमट कर पांच रह गई है। इनमें से चार संक्रमितों का इलाज एम्स में और एक का राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। एम्स में भर्ती कुल सात संक्रमित मरीजों में से तीन मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो चुके हैं। बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में भर्ती एक महिला को भी 2 अप्रैल को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दे दी गई है। छत्तीसगढ़ में अब तक कोरोना वायरस के कुल एक हजार 412 संभावित लोगों की पहचान कर सैंपल जांच किया गया है। अभी तक एक हजार 234 सैंपल जांच के परिणाम निगेटिव प्राप्त हुए हैं। 169 सैंपल की जांच रिपोर्ट आना बांकी है।

NSUI के अध्यक्ष आकाश शर्मा की पहल पर तत्काल कार्यवाही हेतु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का किया आभार

एनएसयूआई केV प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने सीएम को पत्र द्वारा अनुरोध किया था कि विद्यालयों में 3 माह की फीस को माफ करने का सरकार निर्णय ले क्योंकि इस महामारी के चलते लोगों की आर्थिक हालत बहुत ही ज्यादा खराब हो चुकी है और इससे लड़ने के लिए उन्हें आर्थिक रूप से सहायता मिले इसको देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था जिसे प्रदेश के मुखिया ने छात्रहित-जनहित हेतु महामारी कोरोना में हुए लॉकडाउन के दौरान स्कूलों में फीस वसूली स्थगित करने का आदेश दिया, इस कदम से लाखों परिवार को राहत मिली हैं इस आदेश का NSUI अध्यक्ष आकाश शर्मा ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त किया है

एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने विद्यालय की 3 माह की फीस को माफ करने के लिए मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

रायपुर एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल को पत्र लिखा और उनसे पत्र द्वारा यह अनुरोध किया की जिस प्रकार पूरे देश और पूरी दुनिया में कोरोना वायरस को लेकर मानव जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है पूरी दुनिया की आर्थिक हालत बेहद खराब है इसी को देखते हुए एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने सीएम को पत्र द्वारा यह अनुरोध किया कि विद्यालयों में 3 माह की फीस को माफ करने का सरकार निर्णय ले क्योंकि इस महामारी के चलते लोगों की आर्थिक हालत बहुत ही ज्यादा खराब हो चुकी है और इससे लड़ने के लिए उन्हें आर्थिक रूप से सहायता मिले इसको देखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री जी से अनुरोध किया है कि विद्यालयों की 3 माह की फीस को माफ कराने का आदेश छत्तीसगढ़ सरकार करें। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं छत्तीसगढ़ सरकार जिस प्रकार कोरोना वायरस से लड़ने के लिए जो योजनाएं बना रही है एवं जो भी होम एग्जाम है उसमें जनरल प्रमोशन दिया गया है उसको लेकर पूरी छत्तीसगढ़ एनएसयूआई एवं समस्त छात्र-छात्राओं द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया।

राजधानी में कलेक्टर ने लागू की धारा 144

रायपुर:-कलेक्टर एस भारतीदासन ने कोरोना से संक्रमण से बचाव के लिए रायपुर में धारा 144 लागू की है। उन्होंने कहा कि जनता यथासंभव घर पर ही रहे। मॉल और सुपर मार्केट बन्द करने का निर्णय लिया गया है। छोटी दुकान खुली रहेगी। समता कॉलोनी, गुढ़ियारी, चौबे कॉलोनी की सभी इस दौरान दुकान, मदिरा दुकान, बन्द की जाएगी। समता में जहाँ एक पॉजिटिव केस पाया गया है वहाँ ज्यादा सतर्कता है। एसएसपी आरिफ शेख ने कहा कि कर्फ्यू जैसे हालात नही है। लोगों को घबराने की भी जरूरत नही है। धार्मिक समूह जैसे मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च में बैठक से बचें। इसके पूर्व अन्य आयोजनों सहित कलेक्टर कार्यालय से जारी एनओसी को भी रद्द किया जा चुका है।

ईओडब्ल्यू रायपुर ने दर्ज की पी.डी.एस. घोटाले में एफआईआर

खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जनवरी 2013 तक 48.39 (1815 एपीएल मिलाकर) लाख राशनकार्ड बनाये गये। 1 जनवरी 2014 तक 70.60 लाख राशनकार्ड बनाये गये। ऽ 1 जनवरी 2015 तक 64.78 लाख राशनकार्ड बनाये गये। ऽ 1 जनवरी 2016 तक 59.56 लाख राशनकार्ड बनाये गये थे। ऽ प्रदेश में वयस्क महिलाओं के नाम पर सितम्बर 2013 तक कुल 72,32 लाख राशनकार्ड बनाये गये। ऽ उपरोक्त राशन कार्ड बनाये जाने से पहले 2011 की आर्थिक सामाजिक जनगणना में 56,50,724 परिवार थे। उपरोक्त आधार पर निर्धारित 56,50,724 में से सामान्य परिवार की संख्या को घटाकर (लगभग 20 प्रतिशत) पात्रता अनुसार राशनकार्ड बनाये जाने थे जो लगभग 45 लाख राशन कार्ड होना चाहिए किंतु वर्ष 2013 के अंत तक कुल 71,30,393 राशन कार्ड बनाये गये जिससे लगभग 14.80 लाख राशनकार्ड बोगस बनाया जाना स्पष्ट परिलक्षित होता है। ऽ खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मई 2013 से दिसम्बर 2013 तक प्रदेश के 27 जिलों में 71,30,393 राशन कार्ड बनाये गये तथा जुलाई 2013 से दिसम्बर 2013 तक 41,8,47 राशन कार्ड निरस्त किये गये, वर्ष 2014 में 72,9,99 राशन कार्ड बनाये गये तथा 5,54,231 राशन कार्ड निरस्त किये गये, वर्ष 2015 में 3638 राशन कार्ड बनाये गये तथा 3,19,134 राशन कार्ड निरस्त किये गयेे, वर्ष 2016 में 19,886 राशन कार्ड बनाये गये तथा 1,36,785 राशन कार्ड निरस्त किये गये थे। ऽ खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष सितंबर 2013 एवं अक्टूबर 2013 में 72,3000 राशनकार्ड के लिये क्रमशः 2,23,968 एम.टी, 2,27,020 मेट्रिक टन चांवल का आबंटन जारी किया गया। माह नवंबर और दिसंबर 2013 में क्रमशः 70.66 लाख और 70.62 लाख राशनकार्ड के लिये क्रमशः 2,18,974 एम.टी. और 2,23,401 मेट्रिक टन चांवल जारी किया गया जो कि 2011 में दर्शित परिवारों की संख्या से 16.80 लाख एवं 14.16 लाख ज्यादा थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि यदि प्रदेश का सारे परिवारों का राशनकार्ड बना दिया जाता तो भी राशनकार्डो की संख्या 56 लाख से ज्यादा नहीं हो सकती थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि लगभग 15 लाख राशनकार्डो में जो चांवल वितरित होना दिखाया गया है वह खुले बाजार में उंची कीमत में बिकवाया गया है। ऽ खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सितम्बर 2013 से दिसम्बर 2013 तक लगभग 70 लाख से अधिक राशनकार्डों पर चांवल एवं अन्य वस्तु का आंबटन किया गया बताया गया है, जबकि इस अवधि में 62 लाख से अधिक राशनकार्ड छापे ही नहीं गये थे। 10 लाख बोगस बनाये गये राशनकार्डो पर चांवल आदि का वितरण वैध रूप से नहीं हुआ जिसकी जिम्मेदारी संचालनालय स्तर के अधिकारियों थी जिनको राशन कार्ड संख्या के आधार आबंटन जारी करना था। ऽ खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 06.10.2013 तक 62 लाख राशनकार्ड जिलों में भेजे जाने का उल्लेख है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस दिनांक तक केवल 62 लाख कार्ड ही प्रिंट हुए थे नियमतः इन्हीं राशनकार्डो पर आबंटन एवं वितरण किया जाना था किन्तु इस तिथि के पहले ही माह सितंबर और अक्टूबर में 72.03 लाख राशनकार्ड के लिये 2.23968 मेट्रिक टन चांवल आबंटित कर दिया गया है जब कि शेष 10 लाख राशनकार्ड प्रिंट भी नहीं हुए थे। ऽ खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अप्रैल 2013 से दिसबंर 2016 तक निरस्त राशनकार्डो में वितरित चांवल की सब्सिडी की गणना की गयी जिसके आधार पर वर्ष 2013 से वर्ष 2016 तक कुल 11,08,515 टन चांवल निरस्त राशनकार्डो पर वितरित किया जाना बताया गया तथा इससे राज्य शासन को 2718 करोड़ रूपयों की हानि हुई । इस प्रकार जांच पर यह पाया गया कि, प्रदाय किये गये खाद्यान्न के राशन दुकानों तक पहुचाने तथा वितरण के सत्यापन का दायित्व संचालनालय खाद्य विभाग रायपुर के साथ -साथ विभिन्न जिलो मे खाद्य विभाग के विभिन्न कर्मचारियों/ अधिकारियों का है साथ-साथ सम्पूर्ण प्रदेश मे परिवहनकर्ता एजेन्सी का है। इस प्रकार संचालनालय खाद्य विभाग रायपुर के अधिकारीगण तथा खाद्य विभाग के कर्मचारियों/अधिकारियों के द्वारा अपने-अपने पद का दुरूपयोग कर आपस में मिलकर आपराधिक षडयंत्र कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस राशनकार्ड का निर्माण किया गया तथा इन राशनकार्डो को असल बता कर इन पर खाद्यान्न का विवरण दर्शाया जाकर राशनकार्ड हितग्राहियों को राशन कार्ड वितवण किये बिना शासन के साथ छल एवं कूट रचना के प्रयोजन से धोखाधड़ी कर शासन को करोड़ों रूपयों का आर्थिक नुकसान किया गया तथा उक्त कृत्य से स्वयं तथा अन्य लोगों के द्वारा आर्थिक लाभ प्राप्त किया गया। इस प्रकार आरोपीगणों का यह कृत्य भ्र.नि.अ. 1988 यथासंशेधित भ्र.नि.अ. (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7(C) एवं धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी भादवि के अंतर्गत दण्डनीय अपराध का होना पाये जाने से अज्ञात लोकसेवकों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 13/2020 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान लोकसेवकों की भूमिका की जांच की जायेगी।

रायपुर प्रेस क्लब के रूबरू कार्यक्रम में मंत्री डहरिया मिले पत्रकार

रायपुर: प्रेस से मिलिये कार्यक्रम में रविवार को नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया पत्रकारों से रुबरु हुए इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के सवालों का बेबाकी से जवाब दिया और सरकार की जन हितकारी नीतियों के बारे में बताया ।

डॉ शिव डहरिया ने बताया कि नगरीय निकायों में चल रही योजनाओं को कांग्रेस सरकार आम जनता को लाभ दिलाने व गरीब आवासहीन लोगों को आवास और पेयजल की सुविधा के लिए नल लगाकर घर तक पहुंचाने का कार्य कर रही है
मंत्री शिव डहरिया का कहना है की कांग्रेस की सरकार शहरों में प्रापटी टैक्स में 50% कम किया है ।

राजधानी रायपुर की ट्रेफिक से मिलेगी मुक्ति

राजधानी में अब बढ़ते हुए भीड़भाड़ यातायात से जल्द ही आमजनों को मुक्ति मिलने वाली है । एयर पोर्ट रोड से होकर तेलीबांधा, शंकर नगर, घड़ी चौक , जय स्तम्भ होते हुए टाटी बंध तक फ्लाई ओवर बनना प्रस्तवित है ।

शहरों में नये मकान बनाने वाले को रेन वाटर हार्वेस्टिंग का सिस्टम जरूर लगाना पड़ेगा , यह नियम पहले भी था , लेकिन अब निगम के द्वारा इस नियम को कड़ाई से लिया जा रहा है । जहां भी नए मकान बनाये जाएंगे निगम के कर्मचारी द्वारा इसे चेक भी किया जाएगा ।

मंत्री डॉ शिव डहरिया ने कहा कि शहरों के अधिकांश तालाब गन्दगी के शिकार है जिसमे सीवरेज का पानी डायरेक्ट जाता है , जिसके कारण तालाबो का पानी प्रदूषित होता जा रहा है । इसके लिए सरकार योजना ला रही है जिसमे एसटीपी मशीन लगाकर पानी और कचरे को सफाई किया जाएगा  है ।

मंत्री ने ऐसे ही कांग्रेस सरकार के कई जनकल्याण कारी योजनाओ का भी जिक्र किया

एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर हुआ प्रदर्शन

 रायपुर - छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार होने के कारण हाली में सारे नगर निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत दर्ज की जिसको देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर छत्तीसगढ़ सरकार की छवि को खराब करने के लिए लगातार बेबुनियाद तरीकों से बिना कोई ठोस सबूत के पिछले 3 दिनों से हिटलर मोदी सरकार  के आदेश पर आईटी के अफसरों द्वारा छापेमारी की जा रही है।राज्य सरकार को बिना जानकारी दिए  परामिलिट्री फ़ोर्स प्रदेश में दहशत का मोहोल बनाया जा रहा है। जिसको देखते हुए आज एनएसयूआई  ने पूरे प्रदेश में मोदी-साह का पुतला दहन किया। प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के नेतृत्व में रायपुर के बूढा  पारा धरना स्थल  में उग्र प्रदर्शन किया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया और साथ ही साथ सारे कार्यकर्ताओं द्वारा नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए गए।।

एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में  मे निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी को बहुत बड़ी सफलता मिली है और प्रदेश में आम जनता बहुत ज्यादा खुश है भूपेश बघेल जी के सरकार से यही बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रास नहीं आ रही है इसी को देखते हुए वे गलत तरीकों से आयकर के छापे प्रदेश में करवा रहे हैं और इसका हम पूरे तरीके से विरोध करते हैं
इस कार्यक्रम में मुख्य तौर पर प्रदेश अध्यक्ष श्री आकाश शर्मा प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला  रायपुर जिला अध्य्क्ष अमित शर्मा, प्रदेश सचिव हनी बग्गा,रायपुर कार्यकारी अध्य्क्ष कृष्णा सोनकर , युवा नेता करण शर्मा, प्रदेश सह-सचिव  जयेश तिवारी,जिला महासचिव संकल्प मिश्रा शुभम पांडे,  महिताब,अभिनव शर्मा,भूपेन्द्र साहू, विशाल दुबे,मनीष पटेल,अभिषेक साहूसहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थिति थे।

छत्तीसगढ़ी कलेवा तिहार 2020 में डाॅ. रमन होंगे, मुख्य अतिथि

रायपुर नगर में कल दिनांक 02 मार्च से आरंभ होने वाले छत्तीसगढ़ी कलेवा तिहार 2020 के उदघाटन सत्र में पुर्व मुख्यमंत्री डाॅ. रमन सिंह, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा व नगर निगम के सभापति प्रमोद दुबे, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेवा तिहार 2020 के प्रेरक व मार्गदर्शक महामंडलेश्वर राजेश्री डाॅ. रामसुंदर दास जी करेंगे। नगर के सुंदर जोगी, अनेक पार्षद सहित गणमान्यजन उदघाटन अवसर पर उपस्थित रहेंगे। समस्त छत्तीसगढ़ वासियों से अपील है कि आयोजन को सफल बनाने के लिए अपनी सहभागिता अवश्य दर्ज करें।

राष्ट्रीय कृषि मेला: किफायती दर पर मिलेगा दुध, घी, गौमूत्र अर्क, वर्मी कंपोस्ट सहित अनेक पशुधन उत्पाद

रायपुर, 20 फरवरी 2020 : राष्ट्रीय कृषि मेला में राज्य के प्रगतिशील किसानों और स्व-सहायता समूहों के विभिन्न उत्पादों और पशुधन उत्पादों की प्रदर्शनी लगेगी। मेले में पशुधन उत्पादों का किफायती दर पर विक्रय भी किया जाएगा। तुलसी बाराडेरा स्थित थोक फल मंडी परिसर में आगामी 23 से 25 फरवरी तक राष्ट्रीय कृषि मेले का आयोजन किया जा रहा है।

पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मेले में ए-2 दूध (बीटा केसिन, प्रोलीन) 80 रूपए प्रति लीटर, देशी घी 2 हजार रूपये लीटर, बकरे (बीटल, सिरोही, बरबरी नस्ल) 5 से 10 हजार रूपए (नस्ल एवं उम्र के हिसाब से), कड़कनाथ मुर्गा 800 रूपए किलो, बत्तख (खाकी, केम्पबेल, व्हाइट पैकिन) 400 रूपए किलो, जापानी बटेर 120 रूपए जोड़ी, खरगोश (चिनचिला कोट) 500 रूपए जोड़ी, देशी मुर्गी (बैकयार्ड) 500 रूपए किलो, देशी मुर्गी अण्डा 10 रूपए नग, बत्तख अंडा 20 रूपए नग, गोमूत्र अर्क 70 रूपए लीटर, गोनाइल 40 रूपए लीटर, गोबर की मूर्ति छोटा 30 रूपए नग और बड़ा 70 रूपए नग, गमला 10 से 20 रूपए नग, धूप बत्ती 10 रूपए पैकेट, वर्मी कंपोस्ट 500 रूपए बोरी (50 किलो), जैविक कीटनाशक 40 रूपए लीटर और जैविक खाद 7 रूपए किलो सहित अन्य उत्पाद प्रर्दशनी सह विक्रय के लिए उपलब्ध रहेंगे

राजस्व सचिव ने नजूल अधिकारियों की ली बैठक, दिए आवश्यक निर्देश

रायपुर। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव रीता शांडिल्य ने राजस्व अधिकारियों से कहा है कि नगरीय क्षेत्रों में रियायती और गैर रियायती स्थाई पट्टों पर प्राप्त नजूल भूमि को फ्री होल्ड करने के लिए नगरीय क्षेत्रों के विभिन्न वार्डो में शिविर लगाये जाएं। इसकी जानकारी हितग्राहियों को देने के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें, जिससे उन्हें शासन की इस आकर्षक योजना से उन्हें लाभान्वित किया जा सके। राजस्व सचिव ने सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में रायपुर, दुर्ग, धमतरी, बिलासपुर, बस्तर, सरगुजा, राजनांदगांव, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार सहित कबीरधाम जिले की नजूल अधिकारियों की बैठक लेकर इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिये।


राजस्व सचिव ने बैठक में अधिकारियों से जिलेवार नगरीय क्षेत्रों में नजूल भूमि के बंटन के प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने नगरीय क्षेत्र में गैर रियायती दर और रियायती दर में आवंटित भूमि के हितग्राहियों को उनकी भूमि फ्री-होल्ड करने के लिए किये जा रहे कार्यो की जानकारी लेते हुए कहा कि फ्री-होल्ड के फायदा से उन्हें अवगत कराया जाए। इसके लिए अधिकारियों को व्यापक-प्रचार करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह से राजस्व सचिव ने नगरीय क्षेत्रों में अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन करने के लिए शासन निर्देशानुसार समुचित कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने अतिक्रमित भूमि को चिन्हांकित कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों को दिये। राजस्व सचिव ने गृह निर्माण सहकारी समितियों तथा सामाजिक, शैक्षणिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थाओं को रियायती दर पर आबंटित भूमि को फ्री होल्ड किये जाने के संबंध में शासन के निर्देशों के अनुसार कार्यवाही करने के लिए निर्धारित प्रपत्र में जानकारी तैयार कर संबंधित संस्थाओं की सूची शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।  

बैठक में नजूल भूमि के डायवर्सन, व्यवस्थापन, शासकीय भूखण्डों के नियमितीकरण, विभिन्न राजस्व प्राप्तियों की प्रविष्टि, भूमि स्वामी हक सहित नजूल अधिकारियों को ई-कोर्ट के तहत कार्यवाही करने के कार्यो की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से उनके कार्यो में आने वाली समस्याओं की भी जानकारी ली। इस अवसर पर आयुक्त भू-अभिलेख रमेश शर्मा सहित राजस्व विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे।