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केन्द्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने की छत्तीसगढ़ में खाद्यान्न वितरण

रायपुर, 23 मई 2020  केन्द्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में खाद्यान्न व्यवस्था की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। पासवान ने लॉकडाउन के दौरान कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ में किए गए प्रभावी उपायों और खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की सराहना की।  पासवान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ में पहुंचने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए परिवहन, भोजन और स्वास्थ्य की समुचित व्यवस्था प्रशंसनीय है।
    खाद्य मंत्री   अमरजीत भगत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ से 24 लाख मीट्रिक टन चावल सेंट्रल पूल में लेने की अनुमति मिली है। इसे बढ़ाकर 32 लाख मीट्रिक टन करने का अनुरोध केन्द्रीय खाद्य मंत्री से किया। पासवान ने सेंट्रेल पूल में चावल 8 लाख मीट्रिक टन बढ़ाने के संबंध में सकारात्मक जवाब दिए हैं। एफसीआई ने भी अतिरिक्त चावल लेने पर सहमति जतायी है। भगत ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत गरीब परिवारों को दी जा रही प्रति सदस्य 5 किलो निःशुल्क चावल को तीन महीने और बढ़ाने का आग्रह किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के बीपीएल कार्डधारी परिवारों के समान ही एपीएल कार्डधारी सामान्य परिवारों को भी सस्ता चावल देने का आग्रह किया। भगत ने कहा कि लॉकडाउन के बाद राज्य में लगभग 40 हजार नये राशन कार्ड बने हैं, जो अन्य राज्यों से वापस आये प्रवासियों के थे। इन राशनकार्डो पर भी प्रवासी मजदूरों को भारत सरकार की योजना का लाभ दिया जाए। श्री भगत ने छत्तीसगढ़ की शक्कर कारखानों से राज्य के लिए शक्कर का कोटा पीडीएस के माध्यम से वितरण के लिए अलग से देने का अनुरोध किया है। श्री भगत ने बताया कि छत्तीसगढ़ में चने का वितरण माह अप्रैल के लिए हो गया है और मई का वितरण किया जा रहा है। प्रदेश में देश के अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासी श्रमिकों को भी खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश में कही भी खाद्यान्न की कमी नही है।  भगत ने केन्द्रीय मंत्री को छत्तीसगढ़ के लिए किए गए सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, विशेष सचिव   मनोज कुमार सोनी, एमडी नान  निरंजन दास सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।  

भारतीय रेलवे ने 24 घंटे में बुक किया 13 लाख टिकट 230 ट्रेनों की सभी श्रेणियों में बुकिंग शुरू,

भारतीय रेलवे ने 1 जून से 230 पैसेंजर ट्रेनों को चलाने की घोषणा पहले ही कर दी है। गुरुवार को इसके लिए टिकटों की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है। आश्चर्य की बात ये है कि इन ट्रेनों के लिए पिछले 24 घंटे में 13 लाख से ज्यादा टिकटों की बुकिंग हो चुकी है। रेलवे ने 21 मई से सभी पैसेंजर ट्रेनों के लिए सभी श्रेणियों में बुकिंग शुरू कर दी है। इन रेलगाड़ियों में एसी, स्लीपर और जनरल डिब्बे भी होंगे। 

रेलवे अधिकारियों ने आज बताया, 'देश के विभिन्न स्टेशनों को जोड़ने वाली 230 पैसेंजर ट्रेनों में सभी प्रकार के श्रेणियों के लिए रेलवे टिकटों की बुकिंग को खोल दिया गया है। रिजर्वेशन टिकट ऑनलाइन बुकिंग और रेलवे आरक्षण काउंटरों के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं। कल से अब तक 13 लाख से अधिक यात्रियों ने टिकट बुक की है।' 
 
इन 230 ट्रेनों के लिए रेलवे ने टिकट काउंटर खोल दिए हैं। इसके अलावा यात्री IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक करवा सकते हैं। यही नहीं, पोस्ट ऑफिस, यात्री टिकट सुविधा केंद्र, पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम और कॉमन सर्विस सेंटर्स से भी टिकट बुक करवा सकते हैं।

ये ट्रेनें मौजूदा समय में प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह प्रदेश पहुंचाने के लिए चलाई जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेनों और दिल्ली से 15 शहरों के लिए चलाई जा रही एसी स्पेशल ट्रेनों से अलग होंगी। इससे पहले रेलवे ने 30 जून तक के लिए सभी नियमित यात्री रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया था।

रेलवे ने कहा कि इन 230 रेलगाड़ियों को चलाने से उन प्रवासियों को भी मदद मिलेगी जो किसी कारण श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों की सुविधा नहीं ले पा रहे हैं। रेलवे ने कहा कि इस बात की कोशिश की जाएगी कि वे (प्रवासी) जहां पर हैं वहीं पर नजदीक के रेलवे स्टेशन से रेलगाड़ी में सवार हो सकें।

दो महीने के बाद सरकार घरेलू उड़ानें फिर से शुरू करने का लिया फैसला ग्रीन स्टेटस के साथ ही कर सकेंगे यात्रा, देखे नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दिशा निर्देश

नई दिल्लीः पूरे देश में 25 मार्च से लॉकडाउन है और इसका चैथा चरण 31 मई तक जारी रहेगा। करीब दो महीने के बाद सरकार घरेलू उड़ानें फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। इसकी जानकारी बुधवार को नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट करके दी। उन्होंने कहा कि 25 मई से चरणबद्ध तरीके से देश में विमान सेवाएं शुरू की जाएंगी। हवाईअड्डों और विमानन कंपनियों को तैयार रहने को कहा गया है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (एएआई) ने गुरुवार को मानक संचालक प्रक्रियाएं (SOP) जारी कर दिया है। इसके अंतर्गत यात्रियों के लिए एयरपोर्ट टर्मिनल की इमारत में प्रवेश करने से पहले थर्मल जांच क्षेत्र से गुजरना अनिवार्य होगा। बिना मास्क के किसी को भी एयरपोर्ट पर घुसने नहीं दिया जाएगा।

एएआई ने घरेलू उड़ानें फिर से शुरू करने के लिए हवाई अड्डों को मानक संचालक प्रक्रियाएं (एसओपी) जारी की। एएआई ने कहा, 'सभी यात्रियों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा, ग्रीन स्टेटस होने पर ही व्यक्ति को यात्रा करने की इजाजत दी जाएगी। हालांकि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए यह अनिवार्य नहीं है।' आगे यह भी बताया कि हवाई अड्डा संचालकों को टर्मिनल इमारत में प्रवेश से पहले यात्रियों के सामान को संक्रमण मुक्त करने के लिए उचित प्रबंध करने होंगे।

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ज्ञात हो कि नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि कम उड़ानें हो सकती हैं, बीच की सीटों को खाली रखना व्यवहारिक नहीं  होगा, क्योंकि इससे टिकटों की कीमत बढ़ जाएगी। बता दें कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के बीच देश में 25 मार्च से सभी व्यावसायिक यात्री उड़ानें निलंबित हैं। सरकार ने कहा है कि अभी सिर्फ 30 प्रतिशत उड़ानों के साथ ही संचालन शुरू किया जाएगा। बुकिंग आॅनलाइन ही की जाएगी। जो लोग बुकिंग करवाना चाहते हैं, उनको एयरलाइंस की वेबसाइट पर नजर रखनी होगी। क्योंकि बुकिंग कभी भी शुरू हो सकती है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सफर करने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैंः-

• यात्री फिजिकल चेक-इन नहीं कर पाएंगे। जो पहले से वेब चेक-इन करके आएंगे, उन्हें ही एयरपोर्ट पर एंट्री मिलेगी।

• एक यात्री को सिर्फ एक बैग ले जाने की इजाजत दी जाएगी। वेब चेक-इन के वक्त ही ये बात साफ हो जाएगी।

• फ्लाइट के टेक आफ से कम से कम 2 घंटे पहले पहुंचना जरूरी होगा। एयरपोर्ट टर्मिनल में उन पैसेंजर को ही एंट्री मिलेगी, जिनकी फ्लाइट अगले 4 घंटे में होगी।

• सभी यात्रियों को मास्क और गलव्ज पहनना जरूरी होगा।

• 14 साल तक के बच्चों को छोड़ सभी को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना पड़ेगा। एंट्री गेट पर इसकी जांच की जाएगी। जिनके ऐप में रेड स्टेटस होगा, उन्हें एंट्री नहीं मिलेगी।

• एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग में एंट्री से पहले ही एक तय जगह पर स्क्रीनिंग जोन से गुजरना होगा। इसके लिए थर्मल स्क्रीनिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं।

• एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुताबिक राज्य सरकारों और प्रशासन से पब्लिक ट्रांसपोर्ट और प्राइवेट टैक्सी उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। ताकि यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ को कनेक्टिविटी मिल सके। आप अपनी गाड़ी से भी जा सकेंगे।

• एएआई ने यह साफ नहीं बताया है, सिर्फ इतना कहा है कि तय संख्या में ही लोगों को बैठने की इजाजत होगी। ये नियम एयरपोर्ट स्टाफ और यात्रियों के लिए लागू होगा।

• उड्डयन मंत्रालय ने सभी एयरलाइंस से कहा है कि फ्लाइट में खाना नहीं दिया जाए।

• संक्रमण से बचाव के उपायों के साथ फूड आउटलेट खुलेंगे। भीड़ नहीं हो, इसके लिए यात्रियों को पार्सल लेने के लिए कहा जाएगा। डिजिटल पेमेंट पर जोर रहेगा।

• प्रस्थान और आगमन क्षेत्र में ट्रॉली नहीं मिलेगी। जिन यात्रियों को वाकई जरूरत होगी, उन्हें मांगने पर ट्रॉली दी जाएगी। सभी ट्रॉली सैनिटाइज की जाएंगी।

• टर्मिनल बिल्डिंग में एंट्री से पहले बैगेज को सैनिटाइज किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी एयरपोर्ट ऑपरेटर की होगी।

• एंट्री गेट, स्क्रीनिंग जोन में सोशल डिस्टेंसिंग के लिए एक-एक मीटर की दूरी पर मार्किंग की जाएगी।

• जूते-चप्पलों को डिसइन्फेक्ट करने के लिए एंट्रेस पर ब्लीच में भीगे मैट या कार्पेट रखे जाएंगे।

• जरूरतमंदों को पहले से सैनिटाइज की हुई व्हील-चेयर मिलेगी। एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग या लाउंज में न्यूज पेपर या मैग्जीन नहीं मिलेगी।

छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी किसान न्याय योजना का शुभारंभ 21 मई को

छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए दूरगामी निर्णय लेते हुए राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू करने का जा रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व.श्री राजीव गांधी की पुण्यतिथि 21 मई के दिन वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए प्रदेश में इस योजना का विधिवत् शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत प्रदेश के 19 लाख किसानों को 5700 करोड़ रूपए की राशि चार किश्तों में सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जाएगी। राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों को खेती-किसानी के लिए प्रोत्साहित करने की देश में अपने तरह की एक बडी योजना है। योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और किसान वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए शामिल होंगे।        राज्य सरकार इस योजना के जरिए किसानों को खेती किसानी के लिए प्रोत्साहित करने के लिए खरीफ 2019 से धान तथा मक्का लगाने वाले किसानों को सहकारी समिति के माध्यम से उपार्जित मात्रा के आधार पर अधिकतम 10 हजार रूपए प्रति एकड़ की दर से अनुपातिक रूप से आदान सहायता राशि दी जाएगी। इस योजना में धान फसल के लिए 18 लाख 34 हजार 834 किसानो को प्रथम किश्त के रूप में 1500 करोड़ रूपए की राशि प्रदान की जाएगी।        इसी तरह गन्ना फसल के लिए पेराई वर्ष 2019-20 में सहकारी कारखाना द्वारा क्रय किए गए गन्ना की मात्रा के आधार पर एफआरपी राशि 261 रूपए प्रति क्विंटल और प्रोत्साहन एवं आदान सहायता राशि 93.75 रूपए प्रति क्विंटल अर्थात अधिकतम 355 रूपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के 34 हजार 637 किसानों को 73 करोड़ 55 लाख रूपए चार किश्तों में मिलेगा। जिसमें से प्रथम किश्त 18 करोड़ 43 लाख 21 मई को हस्तांतरित की जाएगी।        छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इसके साथ ही वर्ष 2018-19 में सहकारी शक्कर कारखानों के माध्यम से खरीदे गए गन्ना की मात्रा के आधार पर 50 रूपए प्रति क्विंटल की दर से प्रोत्साहन राशि (बकाया बोनस) भी प्रदान करने जा रही है। इसके तहत प्रदेश के 24 हजार 414 किसानों को 10 करोड़ 27 लाख रूपए दिया जाएगा।        राज्य सरकार ने इस योजना के तहत खरीफ 2019 में सहकारी समितिध्लैम्पस के माध्यम से उपार्जित मक्का फसल के किसानों को भी लाभ देने का निर्णय लिया है। मक्का फसल के आकड़े लिए जा रहे है। जिसके आधार पर आगामी किश्त में उनको भुगतान किया जाएगा।       छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गतिशील और मजबूत बनाने के लिए लॉकडाउन जैसे संकट के समय में किसानों को फसल बीमा और प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत 900 करोड़ की राशि उनके खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा इसके पहले लगभग 18 लाख किसानों का 8800 करोड़ रूपए का कर्ज माफ किया गया है साथ ही कृषि भूमि अर्जन पर चार गुना मुआवजा, सिंचाई कर माफी जैसे कदम उठाकर किसानों को राहत पहुंचाई गई है।      इस योजना में राज्य सरकार ने खरीफ 2020 से इसमें धान, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, अरहर, मूंग, उड़द, कुल्थी, रामतिल, कोदो, कोटकी तथा रबी में गन्ना फसल को शामिल किया है। सरकार ने यह भी कहा है कि अनुदान लेने वाला किसान यदि गत वर्ष धान की फसल लेता है और इस साल धान के स्थान पर योजना में शामिल अन्य फसल लेता हैं तो ऐसी स्थिति में उन्हें प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता दी जायेगी।

चक्रवात अम्फान 12 घंटों में बन जाएगा सुपर चक्रवात 185 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से मचा सकता है तबाही

दिल्ली मौसम विभाग ने भी जारी की चेतावनी
नई दिल्ली: चक्रवाती तूफान अम्फान विकराल रुप ले सकता है. दिल्ली मौसम विभाग के डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अम्फान 12 घंटों में एक सुपर चक्रवात में बदलेगा. ये अभी उत्तर-उत्तर पूर्व दिशा में गति करेगा. 20 तारीख की दोपहर या शाम को ये दीघा/हातिया द्वीपों को बीच से पार करेगा. इस दौरान इसकी गति 155-165km/hr और गंभीर होने पर 185km/hr हो सकती है. चक्रवाती तूफान ‘अम्फान' ने सोमवार को बेहद विकराल रूप ले लिया और इसके चलते अब ओडिशा के तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने के साथ ही भारी बारिश हो सकती है. इस चेतावनी के बाद राज्य सरकार 11 लाख लोगों को इन इलाकों से निकालने की तैयारी में जुट गई है.
दो दिन पूर्व ही भारत के मौसम विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में एक चक्रवाती तूफान का अलर्ट जारी किया था। अब यह चक्रवाती तूफान 'अम्फान' बंगाल की खाड़ी में एक तीव्र और भयंकर चक्रवाती तूफान का रूप ले रहा है। मौसम विभाग ने इस बात की संभावना जताई है कि अगले 24 घंटों में यह भयंकर चक्रवाती तूफान बन सकता है। जिसके कारण कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। तेज हवाएं चल सकती हैं। समुद्र में भी ऊंची लहरें उठने की संभावना है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने जाजपुर, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, गंजम, जगतसिंहपुर, गजपति, नयागढ़, कटक, केंद्रपाड़ा, खुर्दा और पुरी के जिलाधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। इधर, तमिलनाडु में भी 'अम्फान' का खतरा बढ़ गया है। रविवार को चली तेज हवाओं के कारण सैकड़ों पेड़ गिर गए और काफी नुकसान भी हुआ। कोयंबटूर समेत कई जिलों में पेड़ों के गिरने की खबरें हैं।

सूत्रों के मुताबिक, विशेष राहत आयुक्त (SRC) पीके जेना ने कहा, 'इसके अलावा, हम चार तटीय जिलों जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर पर करीबी नजर रख रहे हैं।' उन्होंने कहा कि चक्रवाती तूफान के खतरे को देखते हुए लगभग 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा ओडिशा में चक्रवात का प्रभाव कम होने के तुरंत बाद बिजली, पानी की आपूर्ति, सड़कें साफ करने, बचाव और राहत अभियान शुरू करने की व्यवस्था की गई है।

जेना ने कहा, 'हमारे पास 567 चक्रवात और बाढ़ आश्रय स्थल मौजूद हैं. संकट की घड़ी में लोगों को इन आश्रय स्थलों में रखा जा सकता है। इसके अलावा, 7,092 इमारतों की व्यवस्था की है ताकि लोगों को रखने के लिए जगह कम न पड़े.' चक्रवाती तूफान 'अम्फान' के खतरे को भांपते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अपनी 17 टीमें तैनात कर दी हैं और कई अन्य को तैयार रखा गया है। 

मौसम विभाग के अनुसार इस समय देश में पश्चिमी अशांति सक्रिय है। इसके कारण देश के पहाड़ी क्षेत्रों जैसे, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के साथ ही पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम बिगड़ सकता है।

पूरे देश मे लॉक डाउन 4 रहेगा 31 मई तक, ट्रेन और प्लेन के साथ साथ धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान रहेंगे बंद, राज्य तय करेंगे खतरे के जोन

दिल्ली.कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधि को पूरे देश मे 31 मई तक बढ़ाया गया है. लॉकडाउन-4 में ज्यादातर अधिकार राज्यों को दिए गए हैं.धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान बन्द रहेंगे. ट्रेन और प्लेन भी नही चलेंगे. धार्मिक स्थल, शैक्षणिक संस्थान बन्द रहेंगे, ट्रेन और प्लेन भी नही चलेंगे. घरेलू हवाई एंबुलेंस कोछोड़कर सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर 31 मई तक रोक बरकरार रहेगी.जिम रेस्टोरेंट और शॉपिंग मॉल बन्द रहेंगे.राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी रहेगा.कंटेन्मेंट एरिया को छोड़कर जिले में आ जा सकेंगे. और एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए दोनों राज्यों की सहमति लगेगी. रेड, ऑरेंज और ग्रीन ज़ोन राज्य तय कर पाएंगे. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकार (एनडीएमए) ने रविवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की अवधि 31 मई तक बढ़ाई जाती है. एनडीएमए ने एक आदेश में कहा कि कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन की अवधि को देशभर में 14 दिन के लिए बढ़ाने की जरुरत है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कोविड-19 से अभी तक देश में 2,872 लोगों की मौत हुई है वहीं रविवार सुबह तक 90,927 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. एनडीएमए के सदस्य सचिव जी.वी.वी. शर्मा ने कहा कि आपदा प्रबंधन कानून, 2005 के प्रवधान 6(2)(आई) के तहत प्राप्त अधिकार का उपयोग करते हुए एनडीएमए भारत सरकार के मंत्रालयों और विभागों, राज्य सरकारों और राज्य के प्राधिकारों को लॉकडाउन के तहत लागू नियमों को 31 मई तक जारी रखने का निर्देश देता है. आदेश के अनुसार, केन्द्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यकारी समिति को निर्देश दिया जाता है कि वह कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए ऐहतियात बरतते हुए आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए जरुरत के अनुसार आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करे. गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आह्वान किया था. उसके बाद उन्होंने 24 मार्च को अपने संबोधन में कहा कि देश में 25 मार्च से 21 दिन के लिए लॉकडाउन प्रभावी रहेगा. पहला चरण 14 अप्रैल को समाप्त होने वाला था, लेकिन उन्होंने इसे बढ़ाकर पहले तीन मई और फिर 17 मई कर दिया. आज के एनडीएमए के आदेश के साथ सोमवार से लॉकडाउन 4.0 शुरू हो जाएगा.

छत्तीसगढ़ में कोरोना के 16 नये मामले, बलौदाबाजार से 6 नए केस, इन जिलों से भी मामले आये

छत्तीसगढ़ में एक तरफ कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार कम हो रही थी, लेकिन आज अचानक 16 नए मामले सामने आने के बाद से हड़कंप मच गया है। जानकारी के मुताबिक यह नए मामलों में बालोद से 7 बलौदा बाजार से 6 कवर्धा से दो और राजिम से एक मामले हैं। इन 16 नए मामलों के सामने आने के बाद से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। एम्स रायपुर ने इस पूरी खबर की पुष्टि की है।

छत्तीसगढ़ में 2 और कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज मिले

 बालोद जिले में रविवार को 2 और कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीज मिले हैं। 21 और 32 वर्षीय ये दोनों युवक मजदूर हैं। इसके साथ ही बालोद में मिले मरीजों की संख्या 4 और प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 69 हो गई है। वहीं अभी 11 एक्टिव केस हैं। इसके पहले बालोद जिले में शनिवार को एक और कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला था। उसे एम्स भेज दिया गया है। कलेक्टर रानू साहू के मुताबिक दूसरा युवक भी मुंबई से लौटे उस दल में शामिल था, जिसमें पहला मरीज मिला। वहीं दूसरी ओर शनिवार को दो मरीजों को एम्स से छुट्टी दे दी गई। क्वारंटाइन सेंटर में युवक के संपर्क में आने वालों को सैंपल लिया गया था। जिसमें बालोद जिले का 20 वर्षीय युवक पॉजिटिव पाया गया। इधर दुर्ग के 26 वर्षीय युवक और सूरजपुर के 44 वर्षीय व्यक्ति को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी मिल गई।

छत्तीसगढ़ धीरे धीरे सामान्य कामकाज की ओर अग्रसर: मुख्यमंत्री

रायपुर, 15 मई 2020 मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गतिशील और मजबूत बनाने के लिए लॉकडाउन जैसे संकट के समय में श्रमिकों को मनरेगा, आदिवासियों को लघु वनोपज संग्रहण तथा किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से उनकी  जेब में पैसा डालने का काम कर रही है। हमारा प्रदेश धीरे धीरे सामान्य कामकाज की ओर अग्रसर हो रहा हैं। कल की कैबिनेट की बैठक में ऐसे कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं जो राज्य में आर्थिक गतिविधियों को और तेज करेंगे।

      बैठक में हमने एक निर्णय लिया जिसका क्रियान्वयन हम अपने स्वप्न दृष्टा नेता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी की पुण्य तिथि के दिन 21 मई से प्रारंभ करेंगे। राजीव गांधी किसान न्याय योजना बहुत ही दूरगामी निर्णय है और छत्तीसगढ़ के किसानों को इस संकट की घड़ी में संजीवनी प्रदान करने वाला निर्णय है। पूरे देश में कहीं भी किसानों के हित में इतना महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लिया गया है। हमने राज्य के किसानों से वादा किया था कि उन्हें उनकी उपज का पूरा दाम मिलेगा। लोगों ने इसमें कई अड़चने लगाई, अवरोध पैदा किये लेकिन हमने जो कहा था वो निभाया है।
      राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत हम राज्य में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और कृषि आदान सहायता हेतु खरीफ 2019 में पंजीकृत एवं उपार्जित रकबे के आधार पर धान, मक्का और गन्ना फसल के लिए 10 हजार रूपये प्रति एकड़ की दर से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से अनुदान राशि सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर करेंगे। इसके लिए हमने बजट में 5100 करोड़ रूपए का प्रावधान भी किया है। इस योजना के तहत राज्य के 18 लाख 75 हजार किसानों को लाभ मिलेगा। यहीं नही खरीफ 2020 से आगामी वर्षो में दलहन और तिलहन फसलों के पंजीकृत और अधिसूचित रकबे के आधार पर निर्धारित राशि प्रति एकड़ की दर से किसानों को आदान सहायता अनुदान के रूप में देंगे। अनुदान लेने वाला किसान यदि गत वर्ष धान की फसल लगाया हो और इस साल धान के स्थान पर योजना के तहत शामिल अन्य फसल लगाता हैं तो ऐसी स्थिति में किसानों को प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता दी जायेगी ।
      इसके साथ ही हमने उत्कृष्ठ हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम के शालाओं का संचालन पंजीकृत सोसायटी के माध्यम से करने का निर्णय लिया है। लगभग 40 उत्कृष्ट शालाएं प्रारंभ की जाएंगी। विकासखण्ड मुख्यालयों में 10वीं के बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए आईटीआई का रोजगारपरक सर्टिफिकेट कोर्स आरंभ करने का निर्णय लिया गया।
     मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव के उपायों के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन के फलस्वरूप बसों के दो माह और ट्रकों के एक माह के टैक्स की राशि माफ कर दिया गया है। राज्य सरकार सभी शहरी परिवारों को दो कमरों का पक्का आवास देने के लिए 40 हजार अतिरिक्त आवास बनाएगी। इसके साथ ही अब किराएदारों को भी योजना में समाहित करते हुए न्यूनतम दर पर आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
     श्री बघेल ने कहा कि लॉकडाउन की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश के सामान्य परिवारों (ए.पी.एल.) को भी रिफाइन्ड आयोडाईज्ड नमक पीडीएस की दुकानों से 10 रूपए प्रति किलो की दर से अधिकतम दो किलो नमक प्रति राशनकार्ड प्रति माह एक जून से प्रदान किया जाएगा। इससे राज्य के 9.04 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। राज्य सरकार द्वारा जमीनों की खरीदी-बिक्री की शासकीय गाइडलाईन की दरों में 30 प्रतिशत की छूट को पूरे साल के लिए बढ़ा दिया गया है।  
        छत्तीसगढ़ में वर्तमान में केवल 4 एक्टिव कोरोना पाजीटिव मरीज हैं। कुल 59 पाजीटिव मरीजों में से 55 स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। कोरोना से किसी की भी मृत्यु नहीं हुई हैं। छत्तीसगढ़ में ठीक होने वाले मरीजों का प्रतिशत 93 प्रतिशत से अधिक हैं। राज्य में अभी तक कुल 27 हजार 339 सैम्पल टेस्ट किए गए हैं। राज्य में 28 हजार 759 व्यक्तियों को क्वारेंटाइन में रखा गया है। अन्य राज्यों से लौटने वाले मजदूरों के लिए गांवों में ही 16,499 क्वारेंटाइन सेंटर बनाए गए है। सीमावर्ती क्षेत्रों में कुल 623 क्वारेंटाइन सेंटर बनाये गये हैं ।
      बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के प्रसार की जानकारी मिलते ही बचाव की तैयारियां प्रारंभ कर दी थी। 27 जनवरी को हमने सभी जिलों में रैपिड रिस्पांस टीम गठित कर दी थी।  28 जनवरी से एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग प्रारंभ कर दी थी और एक फरवरी को पहले आइसोलेशन अस्पताल ने काम करना प्रारंभ कर दिया था। हमने स्वस्फूर्त निर्णय लेते हुए किसी भी राज्य से पहले 21 मार्च को छत्तीसगढ़ राज्य की सीमाएं सील कर दी और 22 मार्च को राज्य में लाकडाउन की घोषणा की। वर्तमान में प्रतिदिन जांच क्षमता 1200 सैंपल प्रतिदिन हो गयी हैं।
        मुख्यमंत्री ने बताया कि जब कोटा से छात्रों को लाने की बात चल रही थी तभी मैंने श्रमिकों को वापस लाने की केन्द्र सरकार से मांग की थी और कहा था कि ट्रेनों की व्यवस्था की जाए अब ट्रेनें आना शुरू हो गई है। श्रमिकों की वापसी के लिए मई का महीना काफी महत्वपूर्ण है। अगले महीने से बारिश शुरू हो जाएगी तब आने वाले श्रमिकों के क्वारेंटीन में बाहर रखने के इंतजाम में दिक्कत आएगी क्योकि संसाधन सीमित है। बाहर से आने वाले श्रमिकों की बड़ी संख्या की तुलना में स्कूलों और आंगनबाड़ियों की संख्या कम है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज निवास कार्यालय में मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर लगी मुहर

रायपुर : -- राज्य में फसल उत्पादन को प्रोत्साहित करने और कृषि आदान सहायता हेतु ‘‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना‘‘ प्रारंभ करने का अनुमोदन किया गया। इस योजना का शुभारंभ आगामी 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री राजीव गांधी जी की पुण्यतिथि से किया जाएगा। खरीफ 2019 में पंजीकृत एवं उपार्जित रकबे के आधार पर धान, मक्का एवं गन्ना (रबी) फसल हेतु 10 हजार प्रति एकड़ की दर से डीबीटी के माध्यम से किसानों को आदान सहायता अनुदान की राशि उनके खातों में हस्तांतरित की जाएगी। खरीफ 2020 से आगामी वर्षो हेतु धान, मक्का, गन्ना, दलहन-तिलहन फसल के पंजीकृत /अधिसूचित रकबे के आधार पर निर्धारित राशि प्रति एकड़ की दर से किसानों को कृषि आदान सहायता अनुदान दिया जाएगा। अनुदान लेने वाला किसान यदि गत वर्ष धान की फसल लगाया था एवं इस साल धान के स्थान पर योजना के तहत शामिल अन्य फसल लगाता है तो उस स्थिति में किसानों को प्रति एकड़ अतिरिक्त सहायता अनुदान देने का निर्णय लिया गया। उत्कृष्ठ हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम के शालाओं का संचालन पंजीकृत सोसायटी के माध्यम से करने का निर्णय लिया है। उत्कृष्ट शालाएं सभी जिला मुख्यालय, नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्र में न्यूनतम एक-एक होगी। लगभग 40 उत्कृष्ट शालाएं प्रारंभ की जाएंगी। विकासखण्ड मुख्यालयों में 10वीं के बाद 11वीं और 12वीं की पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए आईटीआई का रोजगारपरक सर्टिफिकेट कोर्स आरंभ करने का निर्णय लिया गया। औद्योगिक नीति 2019-24 में Bespoke Policy के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में बायो-एथेनाल उत्पाद इकाईयों की स्थापना हेतु विशेष प्रोत्साहन पैकेज का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य में उद्योग स्थापना के लिए वांछित अनुमति-सहमति आदि प्रावधानों के सरलीकरण हेतु अध्यादेश प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए पिछड़ा वर्ग की समेकित सूची अधिसूचित करने का निर्णय लिया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के निराकरण के लिए गठित राज्य स्तरीय समिति द्वारा प्रस्तुत सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया। छत्तीसगढ़ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के कार्डो पर चना/चना दाल वितरण का अनुमोदन किया गया। राज्य में कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के उपायों के तहत चने का उपार्जन तत्काल किए जाने की आवश्यकता को देखते हुए माह अप्रैल से जून 2020 तक आवश्यक चने का उपार्जन नाफेड द्वारा प्रस्तावित दरों पर किए जाने का अनुमोदन किया गया। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत हितग्राहियों को एक माह से अधिक का खाद्यान्न वितरण एक साथ करने का अनुमोदन किया गया। खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 के लिए धान उठाव हेतु लोडिंग एवं अनलोडिंग दर पृथक से स्वीकृत करने का अनुमोदन किया गया। कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव के उपायों के तहत छ.ग. राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन के फलस्वरूप यात्री वाहनों, माल वाहनों, स्कूल व सिटी बसों एवं प्राईवेट सेवायान बसों के देय मासिक/त्रैमासिक कर में आंशिक छूट के साथ जमा करने की छूट अवधि को 30 जून तक बढ़ाने और बसों के दो माह और ट्रकों के एक माह के टैक्स की राशि माफ करने का निर्णय लिया गया। नजूल के स्थायी पट्टों की भूमि को फ्री-होल्ड किए जाने का शर्तो सहित अनुमोदन किया गया। बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना के सर्वेक्षण इन्वेस्टिगेशन और डी.पी.आर. तैयार करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य में कोविड-19 महामारी को दृष्टिगत रखते हुए देशी और विदेशी मदिरा के विक्रय पर ‘विशेष कोरोना शुल्क‘ अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया। जिसके तहत देशी मदिरा पर 10 रूपए प्रति बोतल तथा समस्त प्रकार की विदेशी मदिरा (स्प्रिट/माल्ट) के फुटकर विक्रय दर की 10 प्रतिशत की दर से विशेष कोरोना शुल्क अधिरोपित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार सभी शहरी परिवारों को दो कमरों का पक्का आवास दिलवाने हेतु प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में आज मोर जमीन-मोर मकान योजना के तहत 40 हजार अतिरिक्त आवास बनाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मोर आवास-मोर चिन्हारी योजना के तहत अब किराएदारों को भी समाहित करते हुए न्यूनतम दर पर आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में स्वयं की निधि अथवा अन्य किसी भी मद से शासकीय भूमि पर निर्मित दुकानों के आबंटन हेतु एक बार में एकमुश्त निबटान का निर्णय लिया गया। जिस शासकीय भूमि पर दुकान निर्मित है उस भूमि का आबंटन के लिए आयुक्त/मुख्य नगर पालिका अधिकारी द्वारा मांग किए जाने पर एक रूपए प्रति वर्गफूट की दर पर कलेक्टर द्वारा आबंटित की जाएगी। लॉकडाउन की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश के सामान्य परिवारों एपीएल को भी रिफाइन्ड आयोडाईज्ड नमक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित करने का निर्णय लिया गया। एपीएल राशनकार्ड पर 10 रूपए प्रति किलो की दर से अधिकतम दो किलो नमक प्रति राशनकार्ड प्रति माह एक जून से प्रदान किया जाएगा। इस योजना को लागू करने से राज्य के लगभग 9.04 लाख परिवार लाभान्वित होंगे। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राज्य के 56 लाख राशनकार्डधारकों को पात्रतानुसार रिफाइन्ड आयोडाईज्ड नमक का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा जमीनों की खरीदी-बिक्री की शासकीय गाइडलाईन की दरों में 30 प्रतिशत की छूट जो 30 जून 2020 तक दी गयी थी, जिसे अब पूरे वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है।

विकास को गति देने के लिए मोदी का आत्मनिर्भर भारत प्लान, 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाॅकडाउन के दौरान देश को 5वीं बार संबोधित करते हुए 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा की। ये ऐलान करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘‘ये पैकेज भारत की सकल घरेलु उत्पाद ;जीडीपीद्ध का करीब-करीब 10 प्रतिशत है। यह पैकेज देश की ईकोनोमी को बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। भारत को विकास के पथ पर ले जाने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस पैकेज में जमीन, नगदी, श्रमिक, कुटीर उद्योग, लघु उद्योग सभी के लिए कुछ न कुछ है। ये पैकेज देश के उस किसान के लिए है, जो दिन-रात परिश्रम कर रहा है। ये देश के मध्यम वर्ग के लिए है। ये पैकेज भारत के उद्योग के लिए है। कल से आने वाले कुछ दिनों तक वित्त मंत्री द्वारा इस आर्थिक पैकेज की विस्तार से जानकारी दी जाएगी।’’

पीएम मोदी ने कहा, ‘‘देश ने भारत के गरीब भाई-बहनों की सहनशक्ति का परिचय भी देखा. उन्होंने इस दौरान बहुत कष्ट झेले हैं। ऐसा कौन होगा जो उनकी अनुपस्थिति को महसूस नहीं किया होगा। इसे ध्यान में रखते हुए, हर तबके के लिए आर्थिक पैकेज में ऐलान किया जाएगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘साथियों सभी एक्सपर्ट बताते हैं कि कोरोना लंबे समय तक हमारे जीवन का हिस्सा बना रहेगा, लेकिन ये भी नहीं हो सकता कि ये हमारे ईर्द-गिर्द ही रहेगा। हम मास्क लगाएंगे, दो गज दूरी के नियम का पालन करेंगे। हम नियमों का पालन करेंगे, इसलिए लॉकडाउन का चैथा चरण नए नियमों वाला होगा। राज्यों से मिल रहे सुझावों से जुड़ी जानकारी 18 मई से पहले दी जाएगी। मुझे पूरा भरोसा है कि नियमों का पालन करते हुए हम कोरोना से लड़ेंगे भी और आगे बढ़ेंगे भी। आप अपने परिवार और करीबियों का जरूर ध्यान रखिएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना संक्रमण से मुकालबा करते हुए दुनिया को अब चार महीने से ज्यादा समय बीत गया है। इस दौरान तमाम देशों के 42 लाख से ज्यादा लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। पौने तीन लाख से ज्यादा लोगों की दुखद मृत्यु हुई है। भारत में भी लोगों ने अपनों को खोया है. साथियों एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है। सारी दुनिया जिंदगी बचाने में एक प्रकार से जंग में जुटी है। हमने ऐसा संकट न देखा है, न ही सुना है। निश्चित तौर पर मानव जाति के लिए ये सबकुछ अकल्पनीय है। ये अभूतपूर्व संकट है, लेकिन थकना, हारना, टूटना, बिखरना हमें मंजूर नहीं है। सतर्क रहते हुए, सभी नियमों का पालन करते हुए अब हमें बचना भी है और आगे बढ़ना भी है। आज जब दुनिया संकट में है, तब हमें अपना संकल्प और मजबूतर करना होगा, हमारा संकल्प इस संकट से भी विराट होगा। साथियों, हम पिछली शताब्दी से भी लगातार सुनते आए हैं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की है। कोरोना संकट के बाद भी दुनिया में जो स्थितियां बन रही हैं, उसे भी हम निरंतर देख रहे हैं।’’ 

पीएम मोदी ने कहा, ‘‘आज स्थिति ये है कि भारत में हर रोज 2 लाख पीपीई और 2 लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं। भारत ने आपदा को अवसर में बदल दिया. भारत की ये दृष्टि प्रभावशाली सिद्ध होने वाली है। विश्व के सामने भारत की संस्कृति उस आत्मनिर्भरता की बात करते हैं जिसकी आत्मा ‘‘वसुधैव कुटुंबकम’’ है। भारत की प्रगति में तो हमेशा विश्वव की प्रगति समाहित रही है। भारत के लक्ष्यों का प्रभाव विश्व कल्याण पर पड़ता ही है। टीबी हो, कुपोषण हो, भारत के अभियानों का असर दुनिया पर पड़ता ही है। इन कदमों से भारत की दुनियाभर में प्रशंसा होती है। दुनिया को विश्वास होने लगा है कि भारत बहुत अच्छा कर सकता है। मानव जाति के कल्याण के लिए बहुत कुछ अच्छा दे सकता है। 130 करोड़ देशवासियों का आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के कारण यह संभव हो पाया है।’’

प्रधानमंत्री ने आगे कहा आज हमारे पास साधन है, हमारे पास दुनिया की सबसे बेहतरीन टैलेंट है, हम सबसे अच्छा सामान बनाएंगे। सप्लाई चेन को और आधुनिक बनाएंगे। ये हम जरूर करेंगे। मैंने अपनी आंखों के सामने कच्छ भूकंप के वो दिन देखे हैं। सब कुछ ध्वस्त हो गया था, मानो कच्छ मौत की चादर ओढकर सो गया था। कोई सोच भी नहीं सकता था कि हालत ठीक हो पाएंगे, लेकिन देखते ही देखते कच्छ उठ खड़ा हो गया। हम ठान लें तो कोई लक्ष्य मुश्किल नहीं है। और हमारा लक्ष्य है भारत को आत्मनिर्भर बनाना। भारत की संकल्प शक्ति ऐसी है कि भारत आत्मनिर्भर बन सकता है।’’

अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों की छत्तीसगढ़ वापसी के लिए राज्य सरकार ने 4 ट्रेनें की कन्फर्म

  रायपुर, 09 मई 2020 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल और निर्देशन पर लाॅकडाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों, छात्रों, संकट में पड़े लोगों अथवा चिकित्सा की आवश्यकता वाले व्यक्तियों की छत्तीसगढ़ वापसी का रास्ता साफ हो गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने 4 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को कन्फर्म कर दिया है। इन ट्रेनों में आने के लिए इन लोगों को राज्य सरकार द्वारा जारी एप्प में एप्लाई करना होगा।
छत्तीसगढ़ सरकार ने इस एप्प का लिंक जारी कर दिया है। इन ट्रेनों में अन्य राज्यों में फंसे में छत्तीसगढ़ के श्रमिकों, छात्रों, संकट में पड़े लोगों अथवा चिकित्सा की आवश्यकता वाले व्यक्तियों को ही सफर की अनुमति होगी।
   राज्य सरकार द्वारा कहा गया है कि जो जहाँ पर हैं, वहां स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहें । जिन्होंने घर वापसी के लिये ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नही कराया है वो शीघ्र अपना रजिस्ट्रेशन कराएं। जैसे जैसे रेलवे और संबंधित राज्यों से अनुमति मिलते जायेगी ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। जहां ज्यादा लोग हैं वहां अनुमति पश्च्यात कई चरणों मे ट्रेन चलाई जाएगी।
     छत्तीसगढ़ सरकार ने जिन 4 ट्रेनों को कन्फर्म किया है उनमें पहली ट्रेन पठानकोट पंजाब से चांपा, दूसरी ट्रेन साबरमती अहमदाबाद से बिलासपुर, तीसरी ट्रेन साबरमती अहमदाबाद से बिलासपुर तथा चैथी ट्रेन विजयावाड़ा आन्ध्रप्रदेश से बिलासपुर शामिल है।
  राज्य सरकार ने इन ट्रेनों में सफर के लिए आॅनलाइन लिंक जारी किया है-http:cglabour.nic.in/covid19MigrantRegistrationService.aspx  
है। इस लिंक में एप्लाई कर लोग इन ट्रेनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ वापस आ सकेंगे। इसके अलावा 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन नम्बर 0771-2443809, 9109849992,7587821800,7587822800,9685850444,9109283986 तथा 8827773986 पर संपर्क किया जा सकता है।

रेल हादसाः मालगाड़ी की चपेट में आने से 16 मजदूरों की मौत, रेल मंत्री ने दिए जांच के आदेश

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में शुक्रवार को एक मालगाड़ी की चपेट में आने के बाद 14 मजदूरों की मौत हो गई। कर्माड पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि जालना से भुसावल की ओर पैदल जा रहे मजदूर मध्य प्रदेश लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि वे रेल की पटरियों के किनारे चल रहे थे और थकान के कारण पटरियों पर ही सो गए थे। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन ने सुबह सवा पांच बजे उन्हें कुचल दिया।

सभी मजदूर मध्य प्रदेश के थे और जालना में स्टील कंपनी में काम करते थे। औरंगाबाद से ट्रेन मिलने की उम्मीद में जालना से औरंगाबाद जा रहे थे। घटना पर रेल मंत्रालय ने कहा, ‘‘आज सुबह कुछ मजदूरों को ट्रैक पर देखकर मालगाड़ी के लोको पायलट ने ट्रेन को रोकने की कोशिश की लेकिन उन्हें परभणी-मनमाड सेक्शन के बदनपुर और कर्माड स्टेशनों के बीच उन्हें टक्कर लग गई। घायलों को औरंगाबाद सिविस अस्पताल ले जाया गया है। जांच के आदेश दे दिए गए हैं।’’

ये सभी मजदूर मध्य प्रदेश के रहने वाले थे, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतक मजदूरों के परिवार वालों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. उन्होंने रेल मंत्री से बात कर घायलों की सहायता करने को कहा है।

घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने लिखा, ‘‘महाराष्ट्र के औरंगाबाद में रेल हादसे में जानमाल के नुकसान से बेहद दुखी हूं। मैंने रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात की है और वह करीब से स्थिति पर नजर रख रहे हैं। आवश्यक हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।’’ वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है।

विशाखापट्टनम और छत्तीसगढ़ गैस लीकः 8 लोगों की मौत, लगभग 1000 से अधिक अस्पताल में भर्ती

रायपुर: गुरुवार को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक पेपर मिल में गैस रिसाव के बाद कम से कम सात मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। तीन मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह और कलेक्टर यशवंत कुमार गैस रिसाव से प्रभावित लोगों से मिले। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मील के टैंक की सफाई करते समय गैस लीक हो गई। इसके बाद 7 वर्कर्स को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 3 की हालत नाजुक बनी हुई है। साथ हीं उन्होंने यह भी कहा कि मिल के मालिक ने घटना को छिपाने की कोशिश की और पुलिस को सूचित नहीं किया। मामला दर्ज कर लिया गया।

इससे पहले आज हिन्, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में भी गैस रिसाव ने एक बच्चे सहित 10 लोगों की जान ले ली। आरआर वेंकटपुरम गांव में एलजी पॉलिमर उद्योग में गैस रिसाव के बाद स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायत के बाद 1,000 से अधिक लोगों को अस्पताल ले जाया गया।

 सूत्रों के मुताबिक करीब 1000 से अधिक लोग बीमार हैं। सरकार की तरफ से राहत और बचाव का कार्य जारी है। लोगों को अधिक से अधिक संख्या में हॉस्पिटल ले जाया जा रहा है। केमिकल गैस लीक से कई लोग सड़कों पर बेहोश हो गये। कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखो में जलन और स्किन में रेशेज जैसी शिकायतें आ रही हैं।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि स्थानीय लोगों ने गले और त्वचा में जलन और कुछ विषाक्त संक्रमण की सूचना दी, फिर पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। 

हादसे पर दुख जताते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि गैस लीक घटना के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं, मैं सभी की सलामती की प्रार्थना करता हूं। मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रशासन के साथ समन्वय में हर संभव राहत प्रदान करने का अनुरोध करता हूं।

मुख्यमंत्री बघेल ने गृह मंत्री के सुझाव को दी सहमति : छत्तीसगढ़ में अब मई महिने में सभी शनिवार और रविवार को रहेगा लाॅकडाउन सब्जी, दूध, चिकित्सा सहित अत्यावश्यक सेवाएं रहेंगी चालू

कोविड-19 से बचाव हेतु राज्य सरकार का अहम निर्णय

रायपुर,7 मई 2020कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव हेतु मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के गृहमंत्री श्री ताम्रध्वज साहू के सुझाव को सहमति प्रदान कर दी है। जिसमें उन्होंने प्रदेश में मई महिने के सभी शनिवार और रविवार को प्रदेश में लाॅकडाउन करने का सुझाव दिया है। 

चालू मई महिने के सभी शनिवार और रविवार को अब पूरे प्रदेश में लाॅकडाउन रहेगा। मुख्यमंत्री  बघेल ने इस लाॅकडाउन में सब्जी, दूध, चिकित्सा सहित अन्य अत्यावश्यक सेवाओं को चालू रखने को कहा है। कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा यह अहम कदम उठाया गया है। जिसके तहत अब पूरे मई महिने के शनिवार और रविवार के दिन प्रदेश में लाॅकडाउन