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पामगढ़ में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को बेरोजगारी दिवस मानकर बेचा भजिया।

लोकेशन, पामगढ़ जांजगीर-चांपा जिले में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 सितंबर जन्म दिवस को बेरोजगारी दिवस मानकर जांजगीर जिले के हर चौक चौराहों में चाय भजिया बेचकर बेरोजगारी दिवस मनाया गया इसी कड़ी में पामगढ़ अंबेडकर चौक में भी कांग्रेस के जिला अध्यक्ष चौलेश्वर चंद्राकर छाया सांसद रवि भारद्वाज अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश संयोजक सरोज सारथी के उपस्थिति में एनएसयूआई के विधानसभा अध्यक्ष निखिल दिव्य विधानसभा कार्यकारी अध्यक्ष विजय यादव ब्लॉक अध्यक्ष लिंकन रात्रे के नेतृत्व में सैकड़ों एनएसयूवाई के कार्यकर्ता अम्बेडकर चौक में भजिया तल कर और चाय बेचते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को बेरोजगारी दिवस के रूप में मनाते हुए नजर आए और केंद्र सरकार नरेंद्र मोदी के मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए उन्हें पद से इस्तीफा देने की मांग की , इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अजय दिव्य कल्याण बर्मन घांसी राम चौहान प्रदीप बनर्जी बंटी थवाईत शिखर कौसिक आकाश यादव योगेंद्र साहू उदल कश्यप राहुल टंडन, कर्ण कुमार साहू जितेश कुर्रे रितिक सोनी अमन प्रदीप श्रीवास देवेन्द्र साहू राजा बंजारे अजय वर्मा राजेक मनु पटेल हिमांशु गुप्ता रितेश निर्मलकर सतकुमार पात्रे पंकज बंजारे सावन साहू महेंद्र बंजारे ध्वजराम यादव गोकुल यादव जयसिंह यादव प्रवीण पैगवार अरविंद पटेल यूसुफ खान सागर पटेल जितेन्द्र गुस रंजीत सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

भूपेन्द्र पटेल होंगे गुजरात के अगले मुख्यमंत्री, विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला

अहमदाबाद:-गुजरात के मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रहा कयासों का दौर अब खत्म हो गया है. विधायक दल की बैठक के बाद बीजेपी की ओर से भूपेन्द्र पटेल का नाम फाइनल किया गया है. भूपेन्द्र पटेल अब गुजरात के अगले मुख्यमंत्री ( Next Gujarat CM) होंगे. इससे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री पद से विजय रुपाणी के इस्तीफा देने के बाद से नए मुख्यमंत्री ( Next Gujarat CM) के नामों को लेकर चर्चा तेज हो गई थी. लेकिन अब गांधीनगर में हुई विधायक दल की बैठक में नए सीएम का नाम फाइनल हो गया है।

रायपुर : वैष्णो देवी में अचानक मिले छत्तीसगढ़ के किसान से सांसद श्री राहुल गांधी ने हालचाल पूछा : किसान ने कहा- बहुत अच्छा काम करत हे हमर सरकार उन्हें बताया कि गोबर बेचकर 85 हजार कमाए, स्कूटी भी खरीद ली

रायपुर, 9 सितंबर 2021सांसद राहुल गांधी की आज वैष्णो देवी के दर्शन के लिए पदयात्रा के दौरान छत्तीसगढ के एक किसान परिवार के साथ अचानक मुलाकात हुई। गांधी ने किसान और उसके परिवार को पास बिठाकर उनके साथ कुछ समय व्यतीत किया। उन्होंने उनसे हालचाल पूछा तो किसान ने उत्साह के साथ उन्हें छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार की किसान हितैषी योजनाओं के बारे में बताया। किसान ने कहा - "हमर सरकार बहुत अच्छा काम करत हे।" किसान ने श्री राहुल गांधी से कहा कि अभी सरकार को सिर्फ ढाई साल ही हुए हैं, भूपेश जी किसानों, वनवासियों के लिए बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को 6 हजार रुपए दे रहे हैं। किसान ने उन्हें बताया कि उसने गोधन न्याय योजना में गोबर बेच कर अब तक 85 हजार रुपए की कमाई कर ली है। इन पैसों से एक स्कूटी भी खरीदी है। किसान ने कहा कि गौठान में भी हमारे यहां बहुत अच्छे काम हो रहे हैं।

धर्मातरण कराने वाले विधर्मी अपने कुकृत्यों से बाज आये वरना सुधार देगे- रतन यादव।

*विश्वहिन्दु परिषद एवं बजरंग दल ने धर्मातरण के विरूद्ध निकाली जनआक्रोश रैली* *राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर कार्यवाही की करी मांग* बलौदाबाजार- विश्व हिन्दु परिषद एव बजरंग दल द्वारा प्रदेश मे बढ रहे धर्मांतरण का विरोध करते हुए बजरंग दल के प्रांतीय संयोजक रतन यादव के नेतृत्व मे आज जनआक्रोश रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन करते हुए विधर्मी लोगो के विरूद्ध कार्यवाही की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदेश मे भोले भाले जनता को गुमराह कर अपने समाज मे धर्मातरण करवाने वालो के विरूद्ध विश्व हिन्दु परिषद एवं बजरंग दल ने प्रांतीय संयोजक रतन यादव के नेतृत्व मे पलारी संडी गिर्रा मे विशाल जनआक्रोश रैली निकालकर आक्रोश प्रकट किया और इन विधर्मी लोगो के विरूद्ध कार्यवाही की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम पलारी तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। सौंपे गये ज्ञापन में प्रदेश सहित जिले मे हो रहे धर्मातरण को बंद करने , धर्मांतरित हुए लोगो के सूची जारी कर उनके जातिप्रमाण पत्र पर उनकी जाति एवं धर्म का उल्लेख किया जावे। चर्च भूमि एवं श्मसान भूमि आबंटित करने से पहले यह जांच की जाये कि उस ग्राम क्षेत्र मे ईसाई धर्म समुदाय के लोग है या नही । जनजाति समाज की पंरपराओ का जनजाति व्यक्ति नही मानता उनको चिन्हांकित कर उन नामो को सार्वजनिक किया जावे। गौरक्षा पर बने कानून का सख्ती से पालन किया जावे गौ तस्करी बंद करने हेतु सरकार उचित कदम उठावे एवं बिना अनुमति के खरीदी बिक्री करने पर रोक लगाई जावे साथ ही खरीदी बिक्री की सूची सार्वजनिक की जावे । हिन्दुओ की आस्था को ठेस पहुचाने वालो पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए जो कि एफआईआर के बावजुद भी नही की जा रही है। जो व्यक्ति इसाई धर्म को ग्रहण करने की बात करता है उनका नाम कलेक्टर महोदय के पास रखा धर्मातरित पंजी मे अंकित है क्या यदि नही है तो धर्म परिवर्तन कैसे माना जावेगा । रोंहिग्या एवं बंगलादेशी मुसलमानो की अवैध धुसपैठ पर सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए और इसकी जांच उन्हे जिला बलौदाबाजार भाठापारा ही नही वरन पूरे प्रदेश से बाहर करना चाहिए। गांवो मे ईसाई एवं मुस्लिम समाज की जनसंख्या नही होने के बावजुद अवैध रूप से धर्मांतरण के उददेश्य से बनाये गये प्रार्थना सभा,चर्च मस्जिद मदरसो एवं मजारो को चिन्हांकित कर नष्ट किया जाये। हिन्दु धर्म छोडकर अन्य धर्म अपनाने वालो को भारतीय संविधान के द्वारा दिये गये जातिगत आरक्षण एवं अन्य लाभो से पूर्णत विमुख किया जावे । हिन्दुओ का धर्मांतरण कराने एवं हिन्दु धर्म के विरूद्ध षडयंत्र कर अपमानित करने वालो के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाये। बजरंग दल के प्रांत संयोजक रतन यादव ने कहा कि हमने आज राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौपकर मांग की है कि हिन्दु धर्म को विधटित करने वालो के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्यवाही की जावे । साथ ही उन्होने मुख्यमंत्री को आडे हाथो लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बधेल कहते है कि धर्मातरण की शिकायत पर सख्त कार्यवाही की जायेगी । हमने ऐसे कितनो केस दिये है पर उन्होने आज तक कार्यवाही नही की है यह उनकी कथनी और करनी को दर्शाता है । मै आज साफ करना चाहता हुं कि धर्मातरण को बढावा देने वाले विघर्मी को विश्वहिन्दु परिषद और बजरंग दल कदापि बर्दाश्त नही करेगा और इनका शांतिपूर्वक पूरजोर विरोध करेगा और उसके बाद नही माने तो ठोकने से भी पीछे नही हटेगा। इस अवसर पर प्रांत प्रचार प्रमुख हेमंत वर्मा, विभाग सेवा प्रमुख डा विकास मिश्रा, विहिप जिलाध्यक्ष अभिषेक (मिकी) तिवारी, जिलामंत्री राजेश केशरवानी, जिला सुरक्षा प्रमुख दलजीत सिह चांवला, उपाध्यक्ष कृष्णकांत पांडेय, जिला संयोजक रवि वर्मा, कोषाध्यक्ष शिवप्रकाश तिवारी, सेवाप्रमुख पुलक विश्वास, सेवा सहप्रमुख लक्ष्मेंन्द्र अग्रवाल, सहसमरसता प्रमुख अमित केशरवानी, धर्माचार्य पंकज शुक्ला, अखाडा प्रमुख सुनील ठाकुर, मातृशक्ति संयोजिका तुलेश्वरी धुरंधर, दुर्गावाहिनी संयोजिका राधिका वैष्णव , वासुदेव ठाकुर, अश्वनी चंद्राकर, शंभुनाथ क्षत्रीय, प्रमोद सेन, राकेश साहू, नारायण वैष्णव , अतुल शर्मा, देव साहू, वासु वर्मा, पकंज साहू, गायत्री साहू, प्रतिक सोहेल, पारसद्वीप, दीपक साहू चंदन, सहित बडी संख्या मे विश्वहिन्दु परिषद एव बजरंग दल पलारी संडी गिर्रा के बडी संख्या मे कार्यकर्ता मौजुद थे ।

दिल्ली CM भूपेश की राहुल गांधी से मुलाकात जारी, प्रियंका से भी हो सकती है चर्चा…..उधर AICC पहुंच रहे हैं कांग्रेसी विधायक …

रायपुर 27 अगस्त 2021। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की राहुल गांधी से मुलाकात शुरू हो गयी है। अब से कुछ देर पहले ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राहुल गांधी के बंगले पर पहुंचे हैं। हालांकि बैठक में राहुल गांधी के अलावे कौन-कौन मौजूद हैं, इस बारे में किसी तरह की जानकारी सामने नहीं आयी है। इधर चर्चा ये भी है कि राहुल गांधी के बाद भूपेश बघेल की मुलाकात प्रियंका गांधी से भी हो सकती है इधर दिल्ली में ही मौजूद टीएस सिंहदेव अब से कुछ देर बाद दिल्ली में छत्तीसगढ़ सदन में पहुंचे है।

राजीव गांधी किसान न्याय योजना से किसानों के जीवन में आया नया सबेरा ।

भूपेश बघेल : किसानों को 1522 करोड़ रूपए की दूसरी किस्त का हुआ भुगतान ,किसान न्याय योजना की दो किस्तों में अब तक 3047 करोड़ रूपए का भुगतान रायपुर, 20 अगस्त 2021मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी की जयंती ’सद्भावना दिवस’ के मौके पर आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार की राजीव गांधी किसान न्याय योजना किसानों के जीवन में नया सबेरा लेकर आई है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी का नाम छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए नई आशा का भी पर्याय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना इस वित्तीय वर्ष के अंत तक अमल में आ जाएगी। वर्ष 2021-22 के राज्य के बजट में इस योजना को शामिल किया गया है। योजना के अंतर्गत ग्रामीण भूमिहीन मजदूरों को प्रतिवर्ष 6 हजार रूपए देने का निर्णय लिया गया है। इससे लगभग 10 लाख ग्रामीण भूमिहीन मजदूर लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में राज्य के धान एवं गन्ना उत्पादक करीब 21 लाख किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत 1522 करोड़ रूपए आदान सहायता के दूसरी किश्त की राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया। इस राशि में से धान उत्पादक किसानों के खाते में 1500 करोड़ रूपए और गन्ना उत्पादक किसानों के खाते में 22 करोड़ तीन लाख रूपए की राशि अंतरित की गई। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालकों एवं संग्राहकों से क्रय किए गए गोबर तथा गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को कुल 9 करोड़ 03 लाख रूपए की राशि का भी ऑनलाईन अंतरण किया। इस राशि में से गोबर खरीदी के एवज में पशु पालकों और संग्राहकों को 01 करोड़ रूपए, स्व-सहायता समूहों को लाभांश के रूप में 02 करोड़ 55 लाख रूपए तथा गौठान समितियों को 05 करोड़ 48 लाख रूपए का भुगतान शामिल है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने भिलाई निगम क्षेत्र के अंतर्गत राजीव आश्रय योजना के हितग्राहियों को पट्टे भी वितरित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक भारत के प्रणेता जन-जन के प्रिय प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी का जन्मदिवस वंचित, शोषित, पिछड़े लोगों के लिए आशा का दिन है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 21 मई को राजीव जी के शहादत दिवस पर राजीव गांधी किसान न्याय योजना की प्रथम किस्त 1525 करोड़ रूपए की राशि किसानों के खाते में अंतरित की गई थी। आज इस योजना की दूसरी किस्त की राशि अंतरित की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के हित को सर्वोपरि माना है। नई सरकार के गठन के तत्काल बाद किसानों की कर्ज माफी, सिंचाई कर की माफी, बिजली बिल हॉफ करने का निर्णय लिया गया। बीते ढाई सालांे में धान के समर्थन मूल्य के रूप में किसानों को अब तक 46 हजार 640 करोड़ रूपए तथा फसल उत्पादकता आदान सहायता रूप में 12 हजार 500 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया, जिससे किसानों का जीवन खुशहाल हुआ है। छत्तीसगढ़ में फसल का लाभदायक का मूल्य मिलने से किसानों की खेती के प्रति रूचि बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020-21 में किसानों से रिकॉर्ड 92 लाख टन धान की खरीदी गई और इस वर्ष लगभग एक करोड़ टन से अधिक धान खरीदी की तैयारी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि खरीफ वर्ष 2021-22 में धान के साथ ही खरीफ की सभी प्रमुख फसलों मक्का, सोयाबीन, गन्ना, कोदो कुटकी तथा अरहर के उत्पादकों को भी प्रतिवर्ष 9000 रू. प्रति एकड़ आदान सहायता दी जायेगी। कोदो-कुटकी का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3000 रू. प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2020-21 में जिन किसानों ने धान विक्रय एमएसपी पर किया था, वह यदि धान के बदले कोदो कुटकी, गन्ना अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगंधित धान अन्य फोर्टिफाइड धान की फसल लेते हैं, अथवा वृक्षारोपण करते हैं तो उसे प्रति एकड़ 9000 रू. के स्थान पर 10,000 रू. प्रति एकड़ इन्पुट सबसिडी दी जायेगी। वृक्षारोपण करने वालों को 3 वर्षों तक अनुदान दिये जाने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को रियायती दर पर उच्च क्वालिटी की ब्रांडेड कंपनियों की जेनेरिक मेडिसिन उपलब्ध कराने के लिए श्री धनवंतरी योजना पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी। श्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्षों से लंबित नये जिला निर्माण की मांग के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए पांच नये जिलों का गठन किया है। वर्ष 2020 में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का और 15 अगस्त 2021 को मोहला-मानपुर-चौकी, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती और मनेन्द्रगढ़ के गठन की घोषणा की गई है।

भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस के तीन अधिकारियों को उत्कृष्ट विवेचना हेतु मेडल प्रदान करने की घोषणा। डीजीपी डीएम अवस्थी ने पुलिस अधिकारियों को दी बधाई

रायपुर 12 अगस्त । भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ पुलिस के तीन अधिकारियों को उत्कृष्ट विवेचना हेतु मेडल प्रदान करने की घोषणा की गयी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा वर्ष-2021 के लिये छत्तीसगढ़ पुलिस के बेमेतरा में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक श्री राजीव शर्मा, राजनांदगांव में पदस्थ उपनिरीक्षक श्रीमती इंदिरा वैष्णव और बस्तर में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक श्रीमती इंदु शर्मा को अलग-अलग प्रकरणों में उत्कृष्ट विवेचना करने पर पुरस्कृत किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा प्रति वर्ष उत्कृष्ट विवेचना करने पुलिस अधिकारियों को मेडल प्रदान किया जाता है। पुलिस महानिदेशक श्री डीएम अवस्थी ने उक्त तीनों अधिकारियों को मेडल मिलने पर बधाई दी है। उल्लेखनीय है कि पुलिस मुख्यालय की ओर से उत्कृष्ट विवेचना हेतु पुलिस अधिकारियों की अनुशंसा केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी गयी थी। इन प्रकरणों की उत्कृष्ट विवेचना पर मिला मेडल- श्री राजीव शर्मा, एसडीओपी बेमेतरा- दिनांक 2 मार्च 2020 की रात ग्राम गर्रा में अज्ञात आरोपी द्वारा पीड़िता का अपहरण कर दुष्कर्म की रिपोर्ट पंजीबद्ध की गयी। विवेचना के दौरान आरोपी सूरज प्रजापति निवासी रायपुर को 21 जून 2020 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, 7 जुलाई को न्यायालय में चालान पेश किया गया। न्यायालय द्वारा 26 फरवरी 2021 को आरोपियों को आजीवन कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा सुनायी गयी। श्रीमती इंदिरा वैष्णव, उप निरीक्षक, राजनांदगांव- दिनांक 13 जून 2019 को प्रार्थिया की नाबालिग बेटी और उनके देवर की नाबालिग बेटी गर्मी की छुट्टी में ननद के ग्राम गयी हुईं थीं। घर वापस आते समय दोनों नाबालिगों के साथ आरोपी अशोक देवांगन द्वारा दुष्कर्म किया गया, उक्त घटना का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गयी। आरोपी को 13 जून को ही गिरफ्तार कर लिया गया । इसके बाद 8 अगस्त को न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा आरोपी के विरुद्ध अपराध सिद्ध होने पर 20 साल का सश्रम कारावास और अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। श्रीमती इन्दु शर्मा, सहायक उप निरीक्षक-बस्तर- बस्तर जिले के बोधघाट थाना में 4 वर्षीय अबोध बालिका के साथ लैंगिंक अपराध करने की रिपोर्ट पंजीबद्ध की गयी। पुलिस के द्वारा आरोपी मिथलेश पटेल को गिरफ्तार कर दिनांक 28 अक्टूबर 2020 को न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

कृषि उपज मंडियां कृषि उपजों की खरीदी-बिक्री की और अधिक पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करें : भूपेश बघेल

रायपुर, 10 अगस्त 2021 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने की जिम्मेदारी कृषि उपज मंडियों की है। किसानों की जरूरतों और समस्याओं को ध्यान में रखकर किसानों और व्यापारियों के बीच कृषि उपजों की खरीद और बिक्री की और अधिक पारदर्शी व्यवस्था करें, जिससे किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य समय पर मिल सके। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये कृषि उपज मंडी समिति दुर्ग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री अश्वनी साहू के पदभार ग्रहण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने नई जिम्मेदारी मिलने पर श्री अश्वनी साहू को बधाई और शुभकामनाएं दी। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे और वन मंत्री और दुर्ग जिले के प्रभारी श्री मोहम्मद अकबर इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में उपस्थित थे। दुर्ग में कृषि उपज मंडी समिति कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में गृह मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू, विधायक श्री अरुण वोरा, नगर पालिका निगम दुर्ग के महापौर श्री धीरज बाकलीवाल, पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर, जिला पंचायत दुर्ग की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी यादव, जिला पंचायत दुर्ग के उपाध्यक्ष अशोक साहू, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के अध्यक्ष श्री जवाहर वर्मा, दुर्ग नगर निगम के सभापति श्री राजेश यादव, छत्तीसगढ़ अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम की उपाध्यक्ष सुश्री नीता लोधी, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य आर.एन. वर्मा, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री बालम चक्रधारी सहित अनेक जनप्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्यमंत्री बघेल ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नए कृषि कानून से किसानों के हित खतरे में है। किसान अपने भविष्य को लेकर बहुत आशंकित हैं। इन कानूनों के दुष्प्रभावों से छत्तीसगढ़ के किसानों को बचाने के लिए राज्य सरकार ने मंडी अधिनियम में संशोधन कर किसानों के हितों को संरक्षित किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में 80 प्रतिशत किसान लघु और सीमान्त किसान हैं, इन किसानों की उपज के सही तौल और सही मूल्य के साथ खरीदी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मदारी मंडियों की है। बाजार में कृषि उपज के मूल्य में उतार-चढ़ाव की सूचनाएं किसानों को आधुनिक संचार साधनों का उपयोग करते हुए समय से उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए। कृषि उपज मंडी क्षेत्र में उपज के भंडारण और कृषि उत्पादों में वेल्यूएडिशन की अधिक से अधिक व्यवस्था कर हम किसानों की आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। परम्परागत धान की फसल के साथ-साथ अन्य फसलों की ओर भी किसानों का रूझान बढ़ रहा है। यह अच्छे भविष्य का सुखद संकेत है। ऐसी परिस्थितियों में किसानों को सही सलाह और सुझाव देने की आशंका है ताकि वे अधिक लाभकारी फसलों का चुनाव कर सकें। राज्य सरकार राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान, गन्ना, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलों में किसानों को आदान सहायता देकर उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। इससे आने वाले समय में इन फसलों का उत्पादन भी बढ़ेगा, हमें उसी के अनुरूप आंकलन कर विपणन की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी। कृषि उपज मंडियों का यह प्रयास होना चाहिए कि छत्तीसगढ़ में ऐसी बाजार व्यवस्था का निर्माण किया जाए, जिसमें उत्पादक किसानों के लिए जोखिम कम से कम हो और उन्हें मोलभाव करने की ताकत मिले, समय पर उन्हें भुगतान प्राप्त हो। बघेल ने कहा कि कृषि उपज मंडी और धान खरीदी केंद्रों में लगभग 4000 चबूतरों का निर्माण किया गया है, जिसमें इस वर्ष लाखों टन धान को खराब होने से बचाया गया। इन चबूतरों पर शेड का निर्माण भी मंडियों को करना है, ताकि फसलें बचाई जा सकें। उन्होंने आशा जताई कि मंडियों के जागरूक एवं अनुभवी पदाधिकारी यह काम तेजी से आगे बढ़ाएंगे। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि सी-मार्ट की स्थापना का कार्य दुर्ग से प्रारंभ होगा। गौठानों में महिला स्व-सहायता समूहों और बिहान की महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के मार्केटिंग की व्यवस्था भी मंडी में की जानी चाहिए। कृषि उपज मंडियों कोल्ड स्टोरेज, प्रोसेसिंग इकाईयों की स्थापना, कोल्ड चेन और मार्केटिंग की व्यवस्था करने की दिशा में काम करें। उन्होंने कहा कि दुर्ग कृषि उपज मंडी परिसर 50 एकड़ में फैला है जहां इन व्यवस्थाओं को विकसित करने की काफी संभावनाएं हैं। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने अश्वनी साहू को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें राज्य शासन द्वारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। कृषि उपज मंडी के अध्यक्ष को बहुत से अधिकार प्राप्त हैं जिनका उपयोग वे किसानों के हित में कर सकते हैं। उन्होेंने कहा कि मंडी अधिनियम में संशोधन कर राज्य सरकार ने कृषि उपज मंडियों को सशक्त बनाने का काम किया है। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू और विधायक अरूण वोरा ने भी नवनियुक्त अध्यक्ष अश्वनी साहू को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कुशलतापूर्वक करते हुए किसानों के हित में कार्य करेंगे। स्वागत भाषण बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई ने दिया। कार्यक्रम का संचालन निर्मल कोसरे ने किया।

छत्तीसगढ़ में गौठान समितियों के गठन में पंचायताें की अनदेखी पर भाटापारा विधायक शिवरतन शर्मा ने कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे से पूछा सवाल

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन गुरुवार को भी हंगामेदार रहा। विपक्ष ने सरकार को गोबर खरीदी के मामले में घेर लिया। बात गोबर के चोरी होने और बह जाने से जुड़े सवालों से शुरू होकर गोठान संचालन समितियों के गठन तक पहुंची। भाटापारा विधायक शिवरतन शर्मा ने आरोप लगाया कि इन समितियों के गठन में पंचायत के अधिकारों का हनन किया गया है। इस मुद्दे पर कृषि मंत्री के बयान से नाराज विपक्ष ने वॉकआउट किया। प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने गोठानों से गोबर के चोरी होने और बह जाने की सूचनाओं से जुड़े सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि इन सूचनाओं पर सरकार ने क्या कार्रवाई की है। जवाब में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया, प्रदेश भर में 4 गोबर खरीदी केंद्रों से गोबर चोरी होने और पानी में बह जाने की शिकायत मिली थी। उन्होंने बताया, दुर्ग में अगस्त 2020 में भारी बरसात से गोबर बह जाने की शिकायत मिली थी, इसकी वसूली के लिए नोटिस जारी हुआ है। कोरबा से गोबर चोरी की रिपोर्ट मिली है। घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। इस जवाब में विपक्ष ने इन घटनाओं को घोटाला बताया। भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने पूछा कि गोबर की खरीदी और सुरक्षा कौन करता है। कृषि मंत्री ने बताया, गोठान पंचायतों की संपत्ति है। वहां गोबर गोठान संचालन समितियां बनाई गई हैं, ये गोबर खरीदी और गोठान की गतिविधियों का संचालन करती है। पंचायत और कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इसमें उनकी मदद करते हैं। भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने पूछा कि क्या गोठान समितियों की नियुक्ति पंचायतों ने की है। जवाब में मंत्री ने कहा, पंचायतों की सलाह पर बनी हैं। इसपर विपक्ष भड़क उठा। भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा, पंचायतों से 50-50 नाम मांगे गए थे, लेकिन उनमें से किसी को भी समिति में नहीं लिया गया। प्रभारी मंत्री ने अपने हिसाब से समितियां बनाई हैं। यह पंचायताें के अधिकार का अतिक्रमण है। उसके बाद भाजपा के विधायको ने अपनी सीट पर खड़े होकर हंगामा करने लगे। सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।

छत्तीसगढ़ विधान सभा मानसून सत्र का आज होगा सत्रावसान….आखिरी दिन मंत्री जयसिंह अग्रवाल व प्रेमसाय करेंगे सवालों का सामना….

रायपुर 30 जुलाई 2021। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का आज सत्रावसान हो जायेगा। सत्र के आखिरी दिन आज कार्यसूची में कई महत्वपूर्ण कार्य दर्ज है। आज ध्यानाकर्षण में 27 सवाल है। बेमेतरा विधायक आशीष छाबड़ा बेमेतरा DEO की तरफ से फर्नीचर खरीदी में हुई गड़बड़ी का मामला उठाएंगे, वहीं बलौदाबाजार सीमेंट प्लांट में हुए हादसे का मुद्दा आज ध्यानाकर्षण में सौरभ सिंह, प्रमोद शर्मा और नारायण चंदेल उठाएंगे, वहीं बगैर सकैनिंग के शराब और कोविद वार्ड में आग लगने से मौत, कवर्धा में 8 बैगाओं की मौत सहित कई महत्वपूर्ण सवाल आज ध्यानाकर्षण में दर्ज है।

 आज शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल सवालों का सामना करेंगे। प्रश्नकाल में आज शिक्षा और शिक्षकों से जुड़ी कई अहम खबरें हैं, वहीं किसानों को मुआवजा राशि सहित अन्य महत्वपूर्ण सवाल पूछे जायेंगे। पूरा सत्र हंगामेदार रहा है, लिहाजा आखिरी दिन भी प्रश्नकाल में कई सवालों को लेकर विपक्ष के आक्रामक तेवर देखने को मिल सकता है।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग (अधिग्रहण) विधेयक 2021 ध्वनिमत से पारित

दुर्ग लोकसभा क्षेत्र में शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए पिछले ढाई सालों से चल रहा था प्रयास

रायपुर, 30 जुलाई 2021 छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज छत्तीसगढ़ चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग (अधिग्रहण) विधेयक 2021 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार जनहित में इस चिकित्सा महाविद्यालय के अधिग्रहण का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि दुर्ग में शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलना राज्य सरकार की प्राथमिकता में रहा है।

श्री सिंहदेव ने कहा कि नई राज्य सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के सभी लोकसभा क्षेत्रों में एक-एक मेडिकल कॉलेज खोलने के प्रस्ताव पर सहमति देते हुए इसके लिए प्रयास करने को कहा था। दो वर्ष पहले केन्द्र सरकार द्वारा पूरे देश में 75 मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रावधान बजट में किया था और राज्य सरकार से इसके लिए प्रस्ताव मांगे थे। छत्तीसगढ़ में तीन मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव था, जिस पर राज्य सरकार ने कांकेर, कोरबा और महासमुंद में मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भेजा था, जिनकी सहमति केन्द्र से मिली। छत्तीसगढ़ के संचालित 6 मेडिकल कॉलेजों को और इन 3 मेडिकल कॉलेज को मिलाकर प्रदेश के 9 लोकसभा क्षेत्रों में एक-एक मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। दुर्ग में मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव केन्द्र को इसलिए नहीं भेजा जा सका, क्योंकि केन्द्र सरकार ने यह शर्त रखी थी, कि जहां पूर्व में शासकीय या निजी मेडिकल कॉलेज खोले गए हो, वहां के लिए प्रस्ताव नहीं भेजा जाना चाहिए। केन्द्र की इस नीति के हिसाब से दुर्ग में शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए छत्तीसगढ़ को कोई राशि नहीं मिल पाती। इस कारण दुर्ग में शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव नहीं भेजा जा सका। तभी से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वहां शासकीय मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए सभी संभावित विकल्पों पर विचार किया जा रहा था।

 सिंहदेव ने कहा कि चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग के अधिग्रहण की प्रक्रिया में फाइल में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया गया है कि यह प्रकरण भविष्य के दृष्टांत नहीं होगा। केवल वन टाईम परमिशन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चांपा और दुर्ग लोकसभा क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए हम पिछले ढाई साल से चिंतन कर रहे हैं, ताकि सभी लोकसभा क्षेत्रों में एक-एक मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य पूरा हो सके। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए निजी अस्पतालों के अधिग्रहण के बारे में भी चर्चा होती रही है। श्री सिंहदेव ने कहा कि यह विधेयक किसी कंपनी से जुड़े लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि जनहित में लाया गया है। अधिग्रहण में देनदारियों को सीमित किया गया है। श्री सिंहदेव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी पहलुओं पर विचार कर इस मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि दुर्ग जिले के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की भी दुर्ग में एक शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह मंशा है कि हर लोकसभा क्षेत्र में एक मेडिकल कॉलेज और जिलों में जिला अस्पताल और सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल की सुविधा हो। इस मेडिकल कॉलेज के छात्र मुझसे भी मिले थे।

          चर्चा के दौरान विधायक मोहन मरकाम ने कहा कि राज्य सरकार ने छात्र-छात्राओं के हित में इस मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि एक मेडिकल कॉलेज के संचालन में लगभग 200 करोड़ रूपए का वित्तीय भार प्रतिवर्ष आता है। चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति मेडिकल कॉलेज के संचालन में साल में 140 करोड़ रूपए का वित्तीय भार आएगा। विधायक श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति मेडिकल कॉलेज के छात्र लगातार यह मांग करते थे कि इस मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि भिलाई में कोविड काल के समय वहां संचालित सेक्टर-9 अस्पताल की कमियां हम सबने देखी। उसी दौरान मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने घोषणा की थी कि सेक्टर-9 अस्पताल को राज्य शासन द्वारा सर्वसुविधा युक्त बनाया जाएगा। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन और सेल के अधिकारियों से लगातार चर्चा की। लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा एनओसी नहीं दी गई। कोरोना की दूसरी लहर के समय चंदूलाल चन्द्राकर मेडिकल कॉलेज की अधोसंरचना का उपयोग करके 5000 लोगों की जान बचाई जा सकी थी। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के अधिग्रहण से 186 छात्रों का भविष्य खराब होने से बच जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मेडिकल कॉलेज की संपत्ति का आंकलन मूल्याकंन अधिकारी द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जाएगा। यदि इस पर किसी को आपत्ति होगी तो उसका भी निराकरण किया जाएगा। यह अधिग्रहण विधेयक पादर्शिता के साथ लाया गया है। उन्होंने कहा कि अधिग्रहण से आधी से भी कम कीमत पर मेडिकल कॉलेज का अच्छा इन्फ्रास्ट्रचर मिलेगा।

विधायक श्री अरूण वोरा ने कहा कि इस अधिग्रहण से 750 बेड बढ़ जाएंगे और प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़कर 1370 हो जाएगी। विधायक डॉ. लक्ष्मी धु्रव ने कहा कि लोक कल्याणकारी भावना और छात्र हितकारी भावना को ध्यान में रखकर यह अधिग्रहण किया जा रहा है। इससे एक बनी बनाई एक अच्छा इन्फ्रास्ट्रचर मिल जाएगा। विधायक श्री देवव्रत सिंह ने कहा कि इस निर्णय में छत्तीसगढ़ की अस्मिता और स्वाभिमान का ध्यान रखा गया है। इस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दुर्ग सहित राजनांदगांव, कवर्धा, बेमेतरा और बालोद के गरीब लोगों के इलाज की व्यवस्था हो सकेगी। इसके अधिग्रहण के निर्णय से क्षेत्र के लोगों में खुशी है। विधायक डॉ. विनय जायसवाल ने कहा कि इस मेडिकल कॉलेज से हर वर्ष 150 डॉ. मिलेंगे।

 

चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण के उल्लेखनीय बिन्दु

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के निवासियों तथा कॉलेज के विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए स्वर्गीय श्री चन्दूलाल चन्द्राकर की पुण्यतिथि के अवसर पर 2 फरवरी 2021 को आयोजित कार्यक्रम में चन्दूलाल चन्द्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज कचांदुर के राज्य शासन द्वारा अधिग्रहण की घोषणा की। शासन स्तर पर अधिग्रहण के सभी पहलुओं का परीक्षण करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की समिति बनाई गई। इस समिति ने भी कॉलेज का अधिग्रहण करने की अनुशंसा की। समिति की अनुशंसा के उपरांत विधि विभाग से परीक्षण और परिमार्जन करके कॉलेज का अधिग्रहण करने के लिए विधेयक तैयार किया गया। जिसकी स्वीकृति मंत्री परिषद द्वारा दी गई।

विगत कई वर्षों में पूर्व में उपेक्षित स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु अनेक उपाय किये गये हैं। सैकड़ों करोड़ की अतिरिक्त राशि व्यय की गई है।
कोरोना वायरस महामारी का प्रकोप भविष्य में भी जारी रहने की पूर्ण आशंका है।
ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना अभी भी चुनौती है।
नए मेडिकल कॉलेज के निर्माण में 400 से 500 करोड़ रुपए तथा 3 से 4 वर्ष की अवधि लगती है।
चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति मेडिकल कॉलेज में अभी भी कई छात्र (भावी डॉक्टर) अध्ययनरत हैं। मेडिकल कॉलेज बंद होने की कगार पर है जिससे वहां अध्ययनरत छात्रों का भविष्य अंधकारमय होना निश्चित है।
इस मेडिकल कॉलेज के अधिग्रहण से हर वर्ष 150 नए डॉक्टर मिलेंगे।
मेडिकल कॉलेज का अधिग्रहण भू-अर्जन के नियमों के तहत किया जाएगा। भू-अर्जन के प्रावधानों के अंतर्गत ही संपत्ति का आंकलन किया जाना है। ग्रामीण क्षेत्रों में गाइडलाईन के चार गुना भुगतान के स्थान पर मंत्रिमंडल द्वारा दो गुना तक मूल्यांकन करने का निर्णय किया गया। इस प्रकार निर्धारित राशि के अतिरिक्त ना तो कोई राशि का भुगतान किया जाएगा और ना अन्य कोई दायित्व होगा। इससे सरकार को कम राशि का भुगतान करना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज के प्रमोटर्स के अन्य विधिक, आर्थिक दायित्व का भार सरकार पर नहीं पड़ेगा। उनकी व्यक्तिगत जवाबदारी होगी। पूर्ण पारदर्शी प्रक्रिया है। किसी को लाभान्वित करने का प्रश्न ही नहीं है।

बलौदा बाजार के श्री सीमेंट में हादसा दो लोगों की मौत कई अन्य घायल

बलौदाबाजार श्री सीमेंट खपराडीह मैं देर रात बड़ा हादसा हो गया जिसमें दो कि घटनास्थल पर मौत हो गई तो वही 8 से 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया प्राप्त जानकारी अनुसार श्री सीमेंट में निर्माणाधीन प्रियहीटर के लिए क्रेन द्वारा सरिया ऊपर चढ़ाया जा रहा था तभी क्रेन का सीलिंग टूट जाने से गम्भीर हादसा होगा और सरिया एक एक कर जमीन पर गिरने लगा जिससे नीचे काम कर रहे श्रमिकों के ऊपर 32 एमएम राड गिरने से दो लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि 8 से 9 लोग इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम बलौदा बाजार महेश सिंह राजपूत श्री सीमेंट पहुंच एवम घटना की प्रारंभिक जांच प्रारम्भ कर दिए वही पूरा श्री सीमेंट के प्रबंधन उपस्थित है घटना स्थल पर जिले के पुलिस भी भारी सँख्या उपस्थित है वही इस घटना मरने वालों की सँख्या बढ़ने की सम्भवना वही गम्भीर श्रमिको को रायपुर रिफर किया गया ।वही उक्त घटना के बाद श्रमिको व ग्रामीणों में काफी आक्रोश है ।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गुरू पूर्णिमा पर दी शुभकामनाएं

 रायपुर, 24 जुलाई 2021 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरू पूर्णिमा के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने गुरू पूर्णिमा पर जारी अपने संदेश में कहा है कि महाभारत और वेदों के रचयिता महर्षि वेद व्यास के अवतरण दिवस आषाढ़ पूर्णिमा के दिन भारत में गुरू पूर्णिमा मनाने की परम्परा रही है है। यह विशेष दिन अपने आराध्य गुरू के मार्गदर्शन और अमूल्य ज्ञान के प्रति आस्था, सम्मान और आभार प्रगट करने का महापर्व है। श्री बघेल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरू को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। उन्हें साक्षात परब्रम्ह की संज्ञा दी गई हैं क्योंकि वे अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान की रोशनी की ओर लेकर जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरूजन सही राह दिखाकर जीवन को प्रगति की दिशा में लेकर जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। गुरू पूर्णिमा के पवित्र दिन हमें गुरूओं की अमूल्य शिक्षा को जीवन में उतारकर उसका सकारात्मक प्रभाव अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के संकल्प के साथ बढ़ना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में मछली पालन को कृषि का दर्जा : भूपेश सरकार का सराहनीय फैसला मछली पालन से जुड़े दो लाख से अधिक मत्स्य कृषकों और मछुआरों को मिलेंगी कई तरह की सहूलियतें

रायपुर, 24 जुलाई 2021 मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कैबिनेट द्वारा बीते 20 जुलाई को राज्य में मछली पालन को कृषि का दर्जा देने का फैसला सराहनीय है। सरकार के इस फैसले से मछुआरों को मत्स्य पालन के लिए किसानों के समान ब्याज रहित ऋण सुविधा मिलने के साथ ही जलकर और विद्युत शुल्क में भी छूट का लाभ मिलेगा। इससे राज्य में मछली पालन को बढ़ावा मिलने के साथ ही इससे जुड़े 2 लाख 20 हजार लोगों की स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा।

छत्तीसगढ़ राज्य में बीते ढाई सालों में छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से मछली पालन के क्षेत्र में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है। राज्य में ढाई सालों में मत्स्य बीज उत्पादन के मामले में 13 प्रतिशत और मत्स्य उत्पादन में 9 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। कृषि का दर्जा मिलने से मत्स्य पालन के क्षेत्र में राज्य अब और तेजी से आगे बढ़ेगा, यह संभावना प्रबल हो गई है। छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य पालन के लिए अभी मछुआरों को एक प्रतिशत ब्याज पर एक लाख तक तथा 3 प्रतिशत ब्याज पर अधिकतम 3 लाख रुपए तक ऋण मिलता था। इस क्षेत्र को कृषि का दर्जा मिलने से अब मत्स्य पालन से जुड़े लोग सहकारी समितियों से अब अपनी जरूरत के अनुसार शून्य प्रतिशत ब्याज पर सहजता से ऋण प्राप्त कर सकेंगे। किसानों की भांति अब मत्स्य पालकों एवं मछुआरों को क्रेडिट कार्ड की सुविधा मिलेगी।

 राज्य में मछली पालन के लिए 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई बांधों एवं जलाशयों से नहर के माध्यम से जलापूर्ति आवश्यकता पड़ती थी, जिसके लिए मत्स्य कृषकों एवं मछुआरों को प्रति 10 हजार घन फीट पानी के बदले 4 रूपए का शुल्क अदा करना पड़ता था, जो अब उन्हें फ्री में मिलेगा। मत्स्य पालक कृषकों एवं मछुआरों को प्रति यूनिट 4.40 रुपए की दर से विद्युत शुल्क भी अदा नहीं करना होगा। सरकार के इस फैसले से मत्स्य उत्पादन की लागत में प्रति किलो लगभग 10 रुपए की कमी आएगी, जिसका सीधा लाभ मत्स्य पालन व्यवसाय से जुड़े लोगों को मिलेगा। इससे उनकी आमदनी में इजाफा होगा और उनकी माली हालत बेहतर होगी।

 राज्य में मत्स्य कृषकों मछुआरों को सरकार द्वारा दी जा रही सहूलियतों का ही यह परिणाम  है कि छत्तीसगढ़ राज्य मत्स्य बीज उत्पादन एवं मत्स्य उत्पादन में देश में छठवें स्थान पर है। मछली पालन को कृषि का दर्जा मिलने से राज्य 6 वें पायदान से ऊपर की ओर अग्रसर होगा और मत्स्य पालन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा, इसकी उम्मीद बढ़ गई है। राज्य में वर्तमान में 93 हजार 698 जलाशय और तालाब विद्यमान हैं, जिनका जल क्षेत्र एक लाख 92 हजार हेक्टेयर है। इसमें से 81 हजार 616 जलाशयों एवं तालाबों का एक लाख 81 हजार 200 हेक्टेयर जल क्षेत्र मछली पालन के अंतर्गत है, जो कुल उपलब्ध जल क्षेत्र का 94 प्रतिशत है।

मत्स्य बीज उत्पादन के मामले में छत्तीसगढ़ राज्य न सिर्फ आत्मनिर्भर है, बल्कि यहां से मत्स्य बीज की आपूर्ति पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश महाराष्ट्र आंध्र प्रदेश उड़ीसा और बिहार को होती है। छत्तीसगढ़ राज्य में वर्तमान में 288 करोड़ मत्स्य बीज फ्राई तथा 5.77 लाख मैट्रिक टन मछली का उत्पादन प्रतिवर्ष होता है। राज्य की मत्स्य उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 3.682 मीटरिक टन है, जो राष्ट्रीय उत्पादकता 3.250 मीटरिक टन से लगभग 0.432 मीटरिक टन अधिक है।

छत्तीसगढ़ राज्य में मत्स्य उत्पादन में उत्तरोत्तर वृद्धि के लिए अब केज कल्चर को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में अब तक 2386 केज स्थापित किए जा चुके हैं। कोरबा जिले के हसदेव बांगो जलाशय में 1000 केज की स्थापना की जा रही है। इस तकनीकी में जलाशयों में 6 बाई 4 बाई 4 मीटर में केज स्थापित कर तीव्र बढ़वार वाली मछली जैसे पंगेसिएश एवं तिलापिया प्रजाति का पालन किया जाता है, जिससे प्रति केज 3 मेट्रिक टन से अधिक मत्स्य उत्पादन होता है।

लैंडलॉक  प्रदेश होने के कारण राज्य के मत्स्य कृषकों एवं मछुआ समूहों द्वारा स्वयं की भूमि पर बड़ी संख्या में तालाबों का निर्माण कराकर मत्स्य पालन करना, मत्स्य क्षेत्र के  विस्तार का अच्छा संकेत है। बीते ढाई सालों में सरकार की मदद से लगभग एक हजार नवीन तालाबों का निर्माण मत्स्य पालन के उद्देश्य से हुआ है। सरकार इसके लिए सामान्य वर्ग के मत्स्य कृषकों को अधिकतम 4.40 लाख रुपए तथा अनुसूचित जाति जनजाति एवं महिला वर्ग के हितग्राहियों को 6.60 लाख रुपए की अनुदान सहायता तालाब निर्माण और मत्स्य आहार के लिए देती है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मत्स्य पालन क्षेत्र को संवर्धित करने के उद्देश्य से मछुआरों को मछुआ दुर्घटना बीमा का कवरेज भी प्रदान करती है। बीमित मत्स्य कृषक की मृत्यु पर 5 लाख रूपए की दावा राशि का भुगतान किया जाता है। बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने पर 25 हजार रुपये तक के इलाज की सुविधा का प्रावधान है। मछुआ सहकारी समितियों को मत्स्य पालन के लिए जाल, मत्स्य बीज एवं आहार के लिए 3 सालों में 3 लाख रुपए तक की सहायता दी जाती है। बायोफ्लॉक तकनीकी से मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य कृषकों को 7.50 लाख रुपए की इकाई लागत पर 40 प्रतिशत की अनुदान सहायता दिए जाने का प्रावधान है।

 राज्य में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और मत्स्य कृषकों मछुआरों को सहूलियत देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नवीन मछली पालन नीति तैयार की जा रही है। इसके लिए कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविंद्र चौबे की अध्यक्षता में गठित समिति ने मछुआरों को उत्पादकता बोनस दिए जाने, ऐसे एनीकट जिनका क्षेत्रफल 20 हेक्टेयर तक है, उसे स्थानीय मछुआरों के निःशुल्क मत्स्याखेट के लिए सुरक्षित रखने तथा मछुआ जाति के लोगों की सहकारी समिति को सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर जलाशयों को मछली पालन के लिए पट्टे पर देने की सिफारिश की है।

नक्सलियों से मुठभेड़ में ITBP का एक जवान शहीद, एक घायल… विधायक चन्दन कश्यप के दौरे से पहले हुआ हमला

जगदलपुर  छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले से एक बड़ी खबर आ रही है। यहा सुरक्षाबलों व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है, जिसमें एक जवान शहीद हो गया है। जबकि एक जवान जख्मी है।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की सुबह छोटे डोंगर थाना क्षेत्र के अमदई घाटी कैम्प से आईटीबीपी 45 बटालियन के जवान सर्चिंग आपरेशन पर निकले थे। इसी दौरान सुबह करीब 10 बजे डोंगर हिल्स की ओर जाने वाले मोड़ के पास नक्सलियों ने जवानों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी
जवानों ने भी मोर्चा संभाला और नक्सलियों का मुंहतोड़ जवाब दिया। इस एनकाउंटर में आईटीबीपी का एक जवान शहीद हो गया है। वहीं एक अन्य जवान घायल है। मुठभेड़ में शहीद जवान का नाम शिव कुमार मीणा है। वह राजस्थान के रहने वाले थे। 
घटना की पुष्टि बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने की है। उन्होंने बताया कि रोड ओपनिंग के लिए निकले जवानों पर घात लगाए नक्सलियों ने फायरिंग की। जवानों ने भी इस हमले का जवाब दिया। आईजी ने कहा कि विधायक कश्यप सुरक्षित हैं।
बताया गया है कि घटनास्थल पर अभी भी रूक रूक कर गोलीबारी हो रही है। जवान मौके पर डटे हुए हैं। वहीं मुठभेड़ में घायल जवान को मौके से निकालने की तैयारी की जा रही है।
बताया जा रहा है कि नारायणपुर विधायक व प्रदेश हस्तशिल्प बोर्ड के अध्यक्ष चन्दन कश्यप का आज इस इलाके में दौरा था। सुरक्षा के लिहाज से रोड ओपनिंग पार्टी लगाई गई थी। इसी दौरान नक्सलियों ने सर्चिंग पर निकले जवानों पर गोलीबारी कर दी।