छत्तीसगढ़

विवाह आयोजन से महिला एवं बाल विकास विभाग का नहीं कोई लेना-देना....पढ़े पूरी खबर

 नदीम खान @ BBN24


 महिला एवं बाल विकास विभाग ने बलौदाबाजार विकासखण्ड के ग्राम धनगांव में 31 मार्च को आयोजित सामूहिक विवाह आयोजन में किसी तरह की भागीदारी से साफ इंकार किया है। विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विपिन जैन ने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए प्रभावषील आचार संहिता का विभाग द्वारा पूरी तरह पालन किया जा रहा है। इसलिए न तो मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अथवा अन्य किसी भी सरकारी योजना के अंतर्गत विभाग द्वारा विवाह आयोजित नहीं किए गए हैं। ज्ञातव्य है कि एक समाचार पत्र ने 2 तारीख को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत 18 जोड़ों का सामूहिक विवाह किए जाने का खबर प्रकाषित किया था। श्री जैन ने बताया कि जितने विवाह विभाग द्वारा कराए जाने थे, वे सब फरवरी माह में ही पूरे हो गए हैं। आचार संहिता के पालन के प्रति विभाग शुरू से ही काफी सजग है। उन्होंने कहा कि न केवल मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना बल्कि अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन में भी विभाग द्वारा आदर्ष आचार संहिता का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।

पषु चिकित्सा विभाग की टीम पहुंची सिनोधा जानवरों का किया जांच, संक्रामक बीमारी के लक्षण नहीं

नदीम खान @ BBN24

ऐहतियात के रूप में लगाए जा रहे गलघोंटू के टीके

जिले के सिमगा विकासखण्ड के ग्राम सिनोधा में अज्ञात बीमारी से पशुओं की मौत संबंधी खबर को जिला प्रषासन ने गंभीरता से लिया है। जिला कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल के निर्देष पर स्थानीय पषु चिकित्सा विभाग की टीम ने सिनोधा गांव पहुंचकर मामले की विस्तृत जांच की है। उन्होंने किसानों और पषुपालकों की बैठक लेकर संपूर्ण मामले को गंभीरता से समझा। विभाग ने पषुओं की मौत संक्रामक बीमारी से होना नहीं पाया है। फिर भी एहतियात बरतते हुए पषुओं में गलघोंटू का टीका लगाने का काम शुरू कर दिया है। पहले दिन आज 5 सौ जानवरों में टीका लगाने का काम किया गया। पषु चिकित्सा विभाग के उप संचालक श्री जायसवाल ने जिला प्रषासन को भेजी रिपोर्ट में बताया कि विगत 15 दिनों में 8 जानवरों की मौत गांव में हुई है। समय पर सूचना नहीं मिल पाने की वजह से इनका पोस्ट मार्टम नहीं किया जा सका है। गांव के सभी किसानों की जानवारों का डाॅक्टरों द्वारा परीक्षण किया गया। फिलहाल किसी भी पषु में संक्रामक बीमारी संबंधी कोई लक्षण नहीं पाए गए। लगभग एक हजार के आस-पास मवेषियों की संख्या इस गांव में मौजूद हैं। आज पांच सौ जानवरों में गलघोंटू के टीके लगाए गए। विभाग के 7 अधिकारी-कर्मचारी को इस काम में लगाया गया है। बाकी पांच सौ जानवरों को कल 5 अप्रैल को टीका लगाया जाएगा। उप संचालक पषु चिकित्सा सेवाएं श्री जायसवाल ने कहा कि जानवरों की मौत कोई संक्रामक बीमारी की वजह से नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि सिनोधा गांव में तीन माह पूर्व में भी संक्रामक बीमारी जैसे- खुरहा-चपका,एकटंगिया और गलघोंटू के टीका लगाए गए हैं। विभागीय अधिकारियों ने किसानों और पषुपालकों की बैठक लेकर पषुओं में होने वाली सामान्य बीमारियों और उनसे बचाव के उपाय के बारे में बताए। उन्होंने कहा कि यदि इसके आगे कोई मवेषी की आकस्मिक मौत होती है तो तत्काल विभाग के चलित वाहन ईकाई के मोबाईल नम्बर 76975-75232 पर डाॅ. तरूण सोनवानी अथवा सिमगा के वेटेरिनरी डाॅक्टर डाॅ. सुमन सोनवानी से मोबाईल नम्ब्र 95842-91121 पर सम्पर्क करें ताकि तुरंत गांव पहुंचकर मृत जानवर का पोस्टमार्टम करके वास्तविक बीमारी की पहचान की जा सके।

15 अप्रैल तक सारनाथ एक्सप्रेस चलेगी परिवर्तित मार्ग से

रायपुर। उत्तर-मध्य रेलवे इलाहाबाद रेल मंडल में अपग्रेडशन का कार्य चलने के फलस्वरूप इस रूट पर चलने वाली सारनाथ एक्सप्रेस अब 15 अप्रैल तक परिवर्तित मार्ग से चलेगी। रेलवे सूत्रों ने बताया कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से जाने एंव आने वाली दुर्ग-छपरा सारनाथ एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा है। इसके तहत सारनाथ एक्सप्रेस दुर्ग-छपरा-दुर्ग अब इलाहाबाद, इलाहाबाद सिटी, माधोसिंह, मंडुवाडीह होकर चल रही है। यह गाड़ी इलाहाबाद, जंघई जंक्शन, वाराणासी के स्थान पर परिवर्तित मार्ग से 15 अपै्रल तक चलेगी।

डीकेएस हॉस्पिटल में अग्रवाल समाज ने दाऊ कल्याण सिंह की मनाई जयंती

रायपुर। दाऊ कल्याण सिंह हॉस्पिटल (डीकेएस) में गुरुवार को अग्रवाल समाज की ओर से दाऊ कल्याण सिंह की जयंती मनाई गई। समाज के लोगों ने पूजा अर्चना कर जयंती मनाई और दाऊ कल्याण सिंह के कार्यो को याद किया। बता दें कि प्रदेश में जहां डीकेएस हॉस्पिटल बनाया गया है वह जमीन दान में दाऊ कल्याण सिंह ने दी थी। इस वजह से दाऊ कल्याण सिंह के नाम से अस्पातल बनाया गया। वहीं दाऊ कल्याण सिंह की प्रतिमा भी अस्पताल परिसर में लगाई गई ताकि प्रदेशवासियों को उनकी दानशीलता और परोपकारी कार्य का पता चले। दाऊ कल्याण सिंह ने प्रदेश की जनता के लिए अस्पताल बनवाने के लिए सरकार को जमीन दी थी। जयंती के अवसर पर अस्पताल के डॉक्टर, स्टॉफ सहित मरीज शामिल हुए।

बीएसएफ के जवान और नक्सलियों की बीच मुठभेड़ 1 जवान शहीद और 3 घायल

कांकेर :- - बीएसएफ जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ , बीएसएफ का एक जवान शहीद और तीन जवान घायल हो गए , परतापुर थाना के मोहला इलाके में हुई मुठभेड़ , अभी भी जारी है मुठभेड़ , घायल जवानों को जंगल से निकाला गया , पखांजुर सिविल अस्पताल पहुचाया गया ।आपको बता दे शहीद जवान का नाम पी रामकृष्णन है।

मतदाता जागरूकता अभियान के तहत जिला चिकित्सालय ब्लड डोनेशन कैम्प 4 अप्रैल को

नदीम खान @ BBN24


 मतदाता जागरूकताअभियान के तहत कल 4 अप्रैल को जिला चिकित्सालय में सुबह 10.30 बजे से ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया है । कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कार्तिकेया गोयल ने अधिक से अधिक लोगों से भागीदारी की अपील की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री वाय.के. शर्मा ने बताया कि जिले के सभी नागरिक और शासकीय कर्मचारी अपने विभागीय कर्मचारियों के साथ रक्त दान करने आ सकते हैं ।

मतदाताओं को जागरूक करने निकाली बाइक रैली

नदीम खान @ BBN24 

जिले में लोकसभा चुनाव के लिए मतदाताओं को जागरूक करने लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सिमगा में तहसील कार्यालय में सभी कर्मचारियों ने बाइक रैली निकालकर मतदाताओं को जागरूक किया। बाइक रैली में तहसीलदार सहित सभी पटवारी और कोटवार शामिल हुए। वहीं  बिलाईगढ़ ,बलौदाबाजार और भाटापारा तहसील कार्यालय में भी पटवारी और कोटवारों ने स्वयं मतदान करने और दूसरों को प्रेरित करने की शपथ ली। इस दौरान सभी  तहसील कार्यालय में ईवीएम और वीवी पैट का प्रदर्शन कर मतदान प्रक्रिया समझाई गई।

मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण कलेक्टर श्री गोयल ने लिया जायजा

नदीम खान @ BBN24
 

जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा आज मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में दिव्यांग मतदान केंद्र, संगवारी मतदान केंद्र और सामान्य मतदान केंद्र के 726 मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ। जिसमें से 242 संगवारी मतदान केंद्र, 33 दिव्यांग मतदान केंद्र और शेष सामान्य मतदान केंद्रों में ड्यूटी करेंगे। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कार्तिकेया गोयल ने शासकीय पंडित लक्ष्मी नारायण तिवारी कन्या शाला में पहुंचकर प्रशिक्षण का जायजा लिया। उन्होंने सभी मतदान अधिकारियों को फॉर्म 12 अनिवार्य रूप से भरने के निर्देश दिए ताकि वे भी मतदान कर सकें। श्री गोयल ने मतदान अधिकारियों से उनके प्रशिक्षण से संबंधित प्रश्न भी पूछे। उन्होंने बताया कि ईव्हीएम के तीन भाग है। पहला कंट्रोल,  दूसरा बैलेट यूनिट और तीसरा व्हीव्हीपैट
सभी मतदान अधिकारियों को इन तीनों भागों जोड़ना आना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार शंका हो तो तत्काल मास्टर ट्रेनर से उसका समाधान करा लें। 
प्रशिक्षण के दौरान पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी 1,2 और तीन को दिव्यांग मतदाताओं के लिए सांकेतिक भाषा भी सिखाई गई। सभी मतदान अधिकारियों को सी-टाॅप एप्लीकेशन की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीठासीन अधिकारी, मतदान अधिकारी एक, दो एवं तीन के दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान ईव्हीएम और व्हीव्हीपैट की कार्यप्रणाली के बारे में प्रशिक्षार्थियों को अवगत कराया गया। साथ ही इनके रखरखाव की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण के अंत में सभी मतदान अधिकारियों ने निष्पक्ष और निडर होकर मतदान करने की शपथ ली और दूसरे लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।  
इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री सचिन भूतड़ा, एसडीएम सुश्री लवीना पांडे , प्रशिक्षण के प्रभारी डिप्टी कलेक्टर श्री वैभव क्षत्रे और सुश्री श्यामा पटेल, उप संचालक समाज कल्याण श्रीमती आशा शुक्ला नायब तहसीलदार श्रीमती अंजली शर्मा भी उपस्थित थे ।

नक्सल प्रभावित जिला होने के कारण अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रो की सुरक्षा व्यवस्था पर दिया जा रहा है विशेष ध्यान

सूर्यकान्त यादव @ BBN24 

राजनांदगाँव नक्सल प्रभावित जिला होने के कारण अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रो की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है...इसके साथ-साथ ऐसे मतदान कंद्रे जहा पर सुरक्षा व्यवस्था दुरूस्थ करना अतिआवस्यक है,उन्हे भी चिन्हाकित किया जा रहा है....लोकसभा चुनाव मे राजनांदगाँव जिले के 5 विधानसभा क्षेत्रो मे 51 और कवर्धा जिले के 8 मतदान केंद्रो को सिप्ट (बदलना) के लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी गई है....अनुमति मिलने के बाद सिप्ट करने की व्यवस्था की जायेगी.....राजनांदगाँव जिले मे लोकसभा का चुनाव राजनांदगाँव लोकसभा सीट के लिए 18 अप्रैल को कराया जाना है.. राजनांदगाँव संसदीय क्षेत्र मे (लोकसभा सीट मे) मे 8 विधान सभा क्षेत्र शामिल है,जिसमे कवर्धा जिले मे पंडरिया और कवर्धा है...

राजनांदगाँव जिले मे -खैरागढ,डोगरगढ,राजनांदगाँव,डोगरगाँव,खुज्जी और मोहला-मानपुर शामिल है..राजनांदगाँव संसदीय क्षेत्र मे 2324 मतदान केंद्रो की व्यवस्था कराई गई है....नक्सल प्रबावित जिला होने के कारण अतिसंवेदनशील और संवेदनशील और राजनीतिक दृष्टि कोड से मतदान केंद्रो का चिन्हान्कन भी किया जा चुका है...इसके साथ-साथ राजनांदगाँव जिले के 5 विधानसभा सीटो मे अतिसंवेदनशील दायरे मे 51 मतदान केंद्र ऐसे बताये जा रहे है...जिन्हे सिप्ट करने की व्यवस्था होगी....राजनांदगाँव जिले के 6 विधानसभा सीटो मे 5 नक्सल प्रभावित क्षेत्र है.....

बजली के तार की चपेट में आने से 40 वर्षीय मजदूर की मौत, लेंटर ढलाई के दौरान हुवा हादसा

अजीत मिश्रा @ bbn24

 ग्रामीण अंचल ग्राम खैरा में विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते  40 वर्षीय मजदूर की लेंटर ढलाई के दौरान 11kv तार की चपेट में आने से मौत हो गई है। जिसकी मकान मालिक की सूचना पर रतनपुर पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुटी है । वही इस घटना की सूचना  विद्युत विभाग को  दिया गया । जहां पर विद्युत विभाग के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचकर  इस मामले की जांच में जुट गए हैं वहीं मृतक के परिजन  मुआवजा की मांग को लेकर मृतक के शव को नहीं उठाने दे रहे।  जिसके चलते सुबह से पड़े हुए मृतक के शव को दोपहर 2 बजे के बाद परिजनों ने रतनपुर पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शव को उठाने दिया है । फिलहाल रतनपुर पुलिस इस मामले में शव को मरचुरी भेजकर पोस्टमार्टम पश्चात परिजनों को सौंप दिया है वही इस मामले में मर्ग कायम कर जांच में जुटी है ।


इस संबंध में रतनपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार श्यामनाथ साहू पिता लखनलाल साहू का पिछले साडे़ 3 महीने से ग्राम खैरा के आवास पारा मोहल्ला में मकान(आवास )बन रहा है । जिसमें मृतक रवि राजपूत पिता हरि सिंह राजपूत उम्र 40 वर्षीय ग्राम खैरा का निवासी मजदूरी का कार्य करता है जो कि मंगलवार की सुबह 11 बजे लेंटर ढलाई के काम में लगा हुआ था । जिसके ऊपर से 11kv का तार गया हुआ था जिसकी चपेट में आने से उसकी मौत हो गई है जिसकी सूचना मकान मालिक ने रतनपुर पुलिस के साथ विद्युत विभाग चपोरा को दिया । पुलिस और विद्युत विभाग के  अधिकारियों के पहुंचने पर परिजन मुआवजे की मांग को लेकर अड़े रहे । उनका कहना था कि तत्काल अंतिम संस्कार के लिए सहायता राशि मिलना चाहिए तभी वह मृतक के शव को उठाने देंगे । रतनपुर पुलिस और विद्युत विभाग के अधिकारियों के द्वारा समझाइस  देने के बाद वे मान गए । तब रतनपुर पुलिस मकान मालिक के साथ परिजनों से पूछताछ कर पंचनामा बयान लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मरचुरी भेज दिया । जहां पर डॉक्टरों के पोस्टमार्टम पश्चात रतनपुर पुलिस अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को मृतक के शव को सौंप दिया है । वही इस मामले में विद्युत विभाग चपोरा भी अपनी कार्रवाई में जुटी  है । इस दौरान उसने पाया कि मकान मालिक बगैर अनुमति के 11kv तार के नीचे आवास बना रहा था । जिसे कई बार उनके द्वारा मना किया गया है। लेकिन वह नहीं माना जिसके बाद ऐसी घटना घटी है । विद्युत विभाग की कार्रवाई पूरी होने के बाद मृतक के परिजनों को उच्च अधिकारियों से चर्चा करने के बाद मुआवजा राशि भी दे सकती है । जिसके लिए वह आवश्यक दस्तावेज तैयार करना शुरू कर दिया है । वही इस मामले में मकान मालिक का कहना है कि उसने फरवरी और मार्च में दो बार विद्युत विभाग को लाइन काटने का आवेदन दिया । लेकिन विद्युत विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है जिसके चलते ऐसी घटना घटी है उसका कहना है कि यदि लाइट विद्युत विभाग ने काट दिया होता तो आज किसी की मौत नहीं हुई होती । गांव में यह भी चर्चा है कि इसके पहले भी श्याम नाथ साहू  के घर के पास  ही एक दूसरे व्यक्ति के द्वारा भी आवास बनावाया जा रहा था । जिसके लेंटर के ऊपर से भी 11kv का तार गुजरा है । जिसके चपेट में ग्रामीण के आने के बाद बाल बाल बचा है इस मामले में सवालिया निशान यह उठ रहा है कि विद्युत विभाग के बगैर परमिशन के ग्रामीण कैसे 11kv तार के नीचे अपना आवास बना रहे हैं वहीं जनपद पंचायत कोटा भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है । जिसके चलते 40 वर्षीय मजदूर की आज मौत हो गई है ।

जांजगीर चापा : अकलतरा ब्लाक में सचिवो कि मनमानी RTI कि नहीं मिल रही है जानकारी

 यश लाटा @ BBN24

 

देश में भ्रष्टाचार को कम करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा बनाए गए सूचना के अधिकार कानून को ग्राम पंचायत पचरी के सचिव इस तरह मजाक समझ रहे हैं मानो यह कोई कानून नहीं महज खानापूर्ति हो

अकलतरा ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत पचरी मे 14 वित्त आयोग की आय-व्यय के राशि को जानने के उद्देश्य से एक आरटीआई कार्यकर्ता के द्वारा ग्राम पंचायत पचरी में सूचना का अधिकार लगाया गया था जहां पर 30 दिन बीत जाने के बावजूद भी जानकारी उपलब्ध आवेदक को नहीं कराया गया जिसके बाद आवेदक प्रथम अपील जनपद सीओ के समक्ष किया बकायदा जनपद सीईओ ने दिन निर्धारित कर दोनों पक्षों को उपस्थित रहने के लिए नोटिस जारी किया जिस पर आवेदक उपस्थित हुआ लेकिन ग्राम पंचायत पचरी के जन सूचना अधिकारी सचिव उपस्थित ही नहीं हुए जनपद सी ओ के द्वारा सुनवाई करते हुए आदेश पारित किया कि आवेदक सनी लहरें को जल्द से जल्द जानकारी उपलब्ध कराया जाए करके उसके बावजूद भी ग्राम पंचायत के जन सूचना अधिकारी के द्वारा जानकारी उपलब्ध नहीं कराया गया जब आवेदक के द्वारा जन सूचना अधिकारी को फोन किया गया की जानकारी कब से उपलब्ध करा रहे हैं करके पूछने के लिए तो जन सूचना अधिकारी ने जनपद में आकर जानकारी ले जाने की बात कहते हुए आवेदक को जनपद बुलाया जहां पर उसे जानकारी नहीं  देने की बात कही गई तथा जन सूचना अधिकारी के द्वारा आवेदक को जो करना है कर लो कहते हुए गाली गलौज करने लगे जिससे प्रतीत होता है कि ग्राम पंचायत पचरी की जन सूचना अधिकारी सूचना के अधिकार के नियमों का किस प्रकार धज्जियां उड़ा रहे हैं वही अपनी गलती को छुपाने के लिए आवेदक को ही धमकी देना स्टार्ट कर दीजिए और आवेदक ने बताया कि मुझे जन सूचना अधिकारी ने अगर दोबारा सूचना के अधिकार तहत आवेदन देने या अपील करने की कोशिश तुम्हारे द्वारा किया गया तो तुम्हें झूठे केस में फंसा कर जेल भिजवा दूंगा करके बोलने लगे

 

{ जनपद सीओ के आदेश कि उड़ा रहे धज्जियां..}

अकलतरा ब्लाक के जनपद सीओ के द्वारा आदेश पारित करते हुए जन सूचना अधिकारी को बोला गया था कि आवेदक को जानकारी उपलब्ध आपके द्वारा जल्द से जल्द कराए जाए लेकिन उसके आदेश का भी जन सूचना अधिकारी अवहेलना कर रहे हैं जिससे प्रतीत होता है कि ग्राम पंचायत पचरी की जन सूचना अधिकारी को किसी प्रकार की जनपद सीओ का या फिर किसी उच्च अधिकारी का डर  ही नहीं हो

 

{ आखिर क्या है मामला जिसके कारण जन सूचना अधिकारी जानकारी देने कर रहे आनाकानी }
 
जिस प्रकार जन सूचना अधिकारी 14 वित्त के आयुर्वेद की जानकारी देने से कतरा रहे उसे प्रतीत होता है कि ग्राम पंचायत पचरी में किस प्रकार 14 वित्त की  राशि का बंदरबांट किया गया है तभी तो जन सूचना अधिकारी के द्वारा सूचना के अधिकार के तहत जानकारी देने से कतरा रहे हैं ताकि उनकी पोल ना खुल जाए ||ब 

तमिलनाडु में बंधक बनाए गए 9 श्रमिक को लायागाया घर

दलालों के चक्कर में न फंसने की सलाह 

 

बलौदाबाजार तथा जांजगीर -चाम्पा जिले के तमिलनाडु में बंधक बनाए गए 9 मजदूरों को छुड़ाकर वापस ले लाया गया है। जिला प्रशासन द्वारा गठित टीम ने इन मजदूरों को तमिलनाडु के नामाकल जिले में उनके कार्य-स्थल से छुड़वाकर आज सकुशल उनके घर-परिवार में पहुंचा दिया है। उल्लेखनीय है कि बलौदाबाजार जिले के भटगांव थाना क्षेत्र के गांव जोरा सहित जांजगीर-चाम्पा जिले भण्डोरा और छोटे अमलडीह के चार परिवारों के 9 लोग विगत 7-8 महीने से तमिलनाडु में बंधक के हालात में जीवन-यापन कर रहे थे। प्रशासनिक टीम ने एक सप्ताह की यात्रा के बाद इन मजदूरों को लेकर आज वापस आ गए और जोरा गांव में आवेदिका श्रीमती बहारतीन बाई के सुपुर्द इन्हें सौंप दिया गया है।
बिलाईगढ़ के नायब तहसीलदार श्री अश्विनी चंद्रा के नेतृत्व में बंधक श्रमिकों को छुड़ाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा छह सदस्यीय टीम बनाई गई थी। टीम में श्रम कल्याण निरीक्षक श्री संतोष कुर्रे, प्रधान आरक्षक सोहन रात्रे, आरक्षक कमलेश साहू और श्रवण टण्डन तथा बाल संरक्षण ईकाई के सामाजिक कार्यकर्ता श्री शाहनवाज शामिल थे। नायब तहसीलदार श्री चंद्रा ने इन मजदूरों के हवाले से बताया कि जोरा सहित भण्डोरा और छोटे अमलीडीह के 9 श्रमिक ज्यादा कमाई के फेर में विगत 6-7 महीने पहले बंगलौर गए थे। कुछ समय वे वहां ठीक-ठाक काम किए। इसके बाद वहां का काम खत्म हो गया। इस बीच बंगलौर रेलवे स्टेशन में ओमप्रकाश नाम का मजदूर दलाल उन्हें मिला। उसने बताया कि वह छत्तीसगढ़ का ही रहने वाला है। उसके परिचित का तमिलनाडु के सेलम और नामकल में कपड़ा फैक्ट्री और पानी पाऊच का कारखाना है। उन्हेांने पुरूषों को 12 हजार अैार महिलाओं को नौ हजार रूपये महीने के पगार सहित खाने-पीने और रहने-बसने के लिए मुफ्त में मकान देने का वायदा किया। कुछ समय काम करने के बाद उनके आदमी परेशान करने लगे। उसके मैनेजर ने पैसे की रकम मांगने पर देने से मना कर दिया। तबीयत खराब होने पर भी इलाज नहीं करवाया गया। काम छोड़कर जाने की बात करते तो वह नाराज हो जाता। उनकी बातें भी हमें समझ में नहीं आती थी। बंधक की हालात मंे नारकीय जीवन जीने को वहां विवश थे। इस बीच परिवार जनों को किसी तरह सूचना दिए तब आई प्रशासनिक टीम की सहायता से हमें बंधन के हालात से मुक्ति मिली है। नायब तहसीलदार श्री चंद्रा ने अधिक कमाने के चक्कर में मजदूर दलालों के माया-जाल में नहीं फंसने की सलाह दी है। कोई दलाल यदि बाहर काम के लिए ले जाना चाहे तो सबसे पहले उसे श्रम विभाग का पंजीयन दिखाने को कहना चाहिए। अन्यथा इस तरह की परेशानी से इंकार नहीं किया जा सकता है। जिन श्रमिकों को टीम द्वारा छुड़ाकर सकुशल लाया गया है, उनमें भटगांव के ग्राम जोरा के श्री देवनारायण विश्वकर्मा और उनकी पत्नी श्रीमती उमाबाई, लखन सिदार और उनकी पत्नी द्रोपदी सिदार, भण्डोरा के छेदीलाल सिदार और उनकी पत्नी नर्मदा बाई और बहन सुकवार और छोटे अमलडीह के श्री दानी सिदार और उनकी मां दयामति शामिल हैं। 

कोयले से भरा ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलटा

पंकज दुबे 

मुलमुला में  बंधवा तालाब के पास  कोयले से भरा  ट्रेलर क्रमांक CG 11 AH 7800 अनियंत्रित होकर पलट गया वही  ट्रेलर में भरा हुआ कोयला सड़क और तालाब के किनारे पूरी तरह से फेल  गया दुर्घटना के बाद ट्रेलर चालक ट्रेलर  छोड़  फरार हो गया  | सकरा मोड़ होने के कारण भारी एवं लंबे वाहन आए दिन यहाँ  दुर्घटना के शिकार होते रहते है।आपको बतादे कि यहाँ लगातार हादसे होते रहते है वही शासन द्वारा कोई  कदम  नहीं उठाया जा रहा है न ही यहाँ कोई बोर्ड लगाया गया है || 

बिलासपुर : जंगल में लगी भीषण आग

अजीत मिश्रा 

 

बिलासपुर के रतनपुर क्षेत्र के  सीमा से लगा हुआ है कका पहाड़ है जहां पर इस जंगल में सुबह से ही आग लगी हुई थी । जिसकी सूचना वहाँ के ग्रामीणों ने वन विकास निगम के साथ वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों को दी है लेकिन मौके पर कोई नही पहुँचा।जब तक काफी आग ने अपना कहर बरपाते हुए जंगल मे तेजी से फैल गई।।  विभाग के अधिकारी और वन विकास निगम के जिम्मेदार अधिकारी कई घंटे बाद कका पहाड़ के जंगल में पहुंचे।तब जाकर आग को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया और आग पर काबू पाया गया।

इस संबंध में ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि आज सुबह 7 बजे के करीब अचानक कका पहाड़ के जंगल में भीषण आग लग गई । जिसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग के साथ वन विकास निगम के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी को दिया । मगर दोपहर तक कका पहाड़ के जंगल में कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी नहीं पहुंचा था । मीडिया को कवरेज करता हुआ देखकर चौकीदार पहुंच गया। जो कि आग को बुझाने का प्रयास कर रहा था। लेकिन आग काफी तेजी से जंगल की ओर बढ़ रहा था। जंगल जो कि बहुत दूर तक जल गया था। जिसके चलते ग्रामीणों के बीच में इनकी हरकत के वजह से  सवालिया निशान उठ रहा है कि जंगल में आग लगा हुआ है और अधिकारी अपने घरों के एसी कुलर में आराम फरमा रहे हैं।

ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के परिजनों ने दी चेतावनी करेंगे उग्र आन्दोलन .......पढ़िए क्या है पूरा मामला

अजीत मिश्रा

 

ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने बुधवार को बिलासपुर प्रेस क्लब पहुंच कर पत्रकारों से मुलाकात की अभिभावकों ने ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल प्रबंधन की मनमानी के संबंध में जानकारी दी और बताया कि इस वर्ष ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल की फिस में बेतहाशा वृद्धि कर दी गई है। इसके अलावा एनसीईआरटी की किताबें चलाने के निर्देश का भी पालन नहीं किया जा रहा है निजी प्रकाशकों की भी किताबें पढ़ाई जा रही है। जिससे बच्चों के बस्ते का बोझ और भी बढ़ गया है।