छत्तीसगढ़

शिवरीनारायण नगर के पटाखा व्यापारियों के उपस्थिति में ली गई नगर पंचायत शिवरीनारायण में बैठक

शिवरीनारायण:-दीपावली पर्व पर लगने वाले पटाखा बाजार को लेकर आज नगर पंचायत अध्यक्ष अंजनी मनोज तिवारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, थाना प्रभारी शिवरीनारायण, कनिष्ठयंत्री विधुत मंडल, पार्षदगढ़ की उपस्थित में नगर पंचायत शिवरीनारायण के सभाकक्ष में नगर के पटाखा व्यापारियों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिसमे अग्नि दुर्घटना से बचाव एवं सुरक्षा के लिए दुकानदारों द्वारा आवश्यक व्यवस्था की जावेगी इसके साथ ही पानी टेंकर आदि की व्यवस्था नगर पंचायत शिवरीनारायण द्वारा किया जावेगा एवं साफ सफाई की व्यवस्था नगर पंचायत द्वारा किया जाएगा, विद्युत व्यवस्था रात्रि कालीन प्रकाश व्यवस्था नगर पंचायत द्वारा किया जाएगा और दुकानों में विधुत की व्यवस्था स्वयं दुकानदारों को करना होगा वही आवासीय क्षेत्रों में पटाका दुकान लगाए जाने अथवा पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जा सकेंगी. जिसके तहत पटाका विक्रय के लिए प्रदाय लायसेंस को भी निरस्त किया जावेगा. वही व्यापारियों को विस्फोटक अधिनियम का पालन कड़ाई से करना होगा। मेला मैदान स्थल का चयन सर्वसम्मति से किया गया, दुकानदारों द्वारा चयनित स्थल पर 10×10 वर्ग फिट साइज पर ही पटाखा दुकान लगाया जायेगा। वही किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर दुकानदार स्वयं जिम्मेदार होंगें,व्यवसायी को स्वयं एवं ग्राहकों से कोविड नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा समस्त व्यापारी अपने दुकान में सुरक्षा एवं आवागमन बाधित न होने एक वॉचमैन अनिवार्य रूप से रखेंगे। इस बैठक में मुख्यरूप से नगर पंचायत अध्यक्ष अंजनी मनोज तिवारी, उपाध्यक्ष राजेंद्र यादव, मुख्य नगर पंचायत अधिकारी सुश्री संध्या वर्मा व शिवरीनारायण थाना प्रभारी रविंद्र अनन्त व नगर पंचायत के अधिकारी कर्मचारी व समस्त पार्षदगण एवं नगर के फटाका व्यापारियों मौजूद रहे।

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव आज,झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे कार्यक्रम का उद्घाटन

रायपुर:-राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आज से आगाज हो रहा है. आयोजन में 7 देशों के साथ 26 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों के 12 सौ कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे. कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे. वहीं अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे. राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में नाइजीरिया, फिलीस्तीन सहित 7 देशों के अलावा मध्य प्रदेश, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, असम, उड़ीसा, तेलंगाना, गुजरात समेत 26 राज्यों तथा 5 केंद्र शासित प्रदेशों की टीम आई है. यही नहीं छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए 200 कलाकार भी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे. वहीं अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे. महोत्सव में विदेशों तथा छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों के आदिवासी नर्तक दलों द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट किया जाएगा. समारोह में नाइजीरिया, फिलीस्तीन, छत्तीसगढ़ के गौर सिंग नर्तक दल, त्रिपुरा के होजगिरी दल द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी. आदिवासी नृत्य महोत्सव में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल होंगे. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सुबह 10.50 बजे अपने निवास से प्रस्थान कर 11 बजे आदिवासी नृत्य महोत्सव में शामिल होंगे. दोपहर 3 बजे तक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वापस मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे. इसके बाद शाम 7.45 बजे फिर से आयोजन स्थल पर पहुंचें।

दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा और शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: उद्योग मंत्री कवासी लखमा

उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने आज सुकमा जिले के प्रवास के दौरान सुदूर वनांचल ग्राम पंचायत किस्टाराम में आयोजित सुविधा शिविर में शामिल हुए। लखमा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि दूरस्थ क्षेत्र में सुविधा शिविर का संचालन कर ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं और शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदाय करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सुविधा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीणों का आधार कार्ड, राशन कार्ड, पेंशन पंजीयन, स्वास्थ्य कार्ड आदि अब सहजता से बनने लगा है। मंत्री ने कहा कि आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता से कार्य करते हुए जिला प्रशासन ने उमदा कार्य किया है। इसी का परिणाम है कि लगभग 20 हजार ग्रामीणों को इन सुविधा शिविर से लाभान्वित किया गया है। उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल के मार्गदर्शन में जिले में विकास कार्यों का विस्तार तेजी से हो रहा है और बस्तर का आदिवासी समुदाय सरकार पर भरोसा करने लगा है। वर्षों से कई क्षेत्र सड़कविहीन और अविद्युतीकृत थे, आज वहाँ चमचमाती सड़के है, विद्युत विस्तार है। सुकमा जिलेवासियों के लिए यह सरकार नए सवेरे की तरह है जिसने आदिवासी जन सामान्य के जीवन में रोशनी लाई है। जिले के कई ऐसे क्षेत्र थे जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच नही थी, आज उन क्षेत्र के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। माताओं तथा छोटे बच्चों को सुपोषित आहार प्रदान करने नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र का संचालन, अंदरुनी क्षेत्रों के बच्चों को स्कूली शिक्षा सुलभ करने, वर्षों से बन्द पड़े स्कूलों का पुनः संचालन शिक्षादूत के माध्यम से किया जा रहा है, वहीं संवेदनशील क्षेत्रों जैसे जगरगुण्डा, भेज्जी में स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। मंत्री लखमा ने अधिकारियों को आगामी दिवसों में ग्राम पंचायत वार सुविधा शिविर का आयोजन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रत्येक पंचायत में शत प्रतिशत व्यक्तियों को लाभ मिले। इस दौरान बीजापुर विधायक विक्रम शाह मण्डावी, सुकमा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष जगन्नाथ साहू, सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

ग्रामीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है छत्तीसगढ़ सरकार - उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल

* *उच्च शिक्षा मंत्री पटेल ने एक करोड़ से अधिक की लागत वाले विकास कार्यों का किया लोकार्पण व भूमिपूजन* /उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने मंगलवार को रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखण्ड अंतर्गत विभिन्न ग्रामों का भ्रमण किया और एक करोड़ 2 लाख 25 हजार की लागत वाले विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। जिसमें 61 लाख 43 हजार रुपये की लागत वाले कार्यों का लोकार्पण एवं 40 लाख 82 हजार रुपये का भूमिपूजन कार्य शामिल है। इस दौरान पटेल ने ग्रामवासियांे को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए चलाए जा रहे विभिन्न विकासकार्यों और योजनाओं के बारे में जानकारी देने के साथ ही ग्रामवसियों की समस्याओं से अवगत हुए तथा इसके शीघ्र निराकरण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उच्च शिक्षामंत्री पटेल मंगलवार को पुसौर विकासखण्ड अंतर्गत धनगांव, तोरना, घुघवा, रावनखोदरा, सेमीभांवर व सेमरा गांव पहुंचकर ग्रामवासियांे से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ लोगों के विकास के लिए समर्पित है। पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की बड़ी आबादी गांवों में निवास करती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार निरंतर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए योजनाओं का प्राथमिकता से निर्माण और क्रियान्वयन कर रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में सरकार वनोपज समर्थन मूल्य में वृद्धि कर एवं राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से किसानों, ग्रामीणों एवं आदिवासियों के आय मंे वृ़िद्ध कर रही है। उन्होंने भूमिहीन श्रमिक परिवारों को राज्य सरकार द्वारा 6 हजार रूपए प्रतिवर्ष दिए जाने के संबंध मे जानकारी देने के साथ ही सभी पात्र लोगों को जल्द पंजीयन कराने की अपील की। उन्होंने आगे कहा कि गांवों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए घर-घर तक नल कनेक्शन दिया जा रहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, कुपोषण मुक्ति की दिशा में भी व्यापक स्तर पर कार्य हो रहा है। इन कार्यों का हुआ लोकार्पण व भूमिपूजन- उच्च शिक्षामंत्री पटेल ने 61 लाख 43 हजार रुपये के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण किया। जिसमें ग्राम सेमरा में 12 लाख 44 हजार रुपये की लागत से प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला में अहाता निर्माण कार्य, सेमरा में 6 लाख 20 हजार रुपये की लागत से मुक्तिधाम निर्माण एवं 16 लाख 74 हजार रुपये की लागत से गोठान निर्माण, ग्राम-धनगांव में 3 लाख रुपये की लागत से सांस्कृतिक शेड निर्माण कार्य, घुघवा में 6 लाख 20 हजार रुपये की लागत से मुक्तिधाम निर्माण कार्य, रावनखोदरा में 16 लाख 85 हजार रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण का कार्य शामिल है। इसी तरह पटेल ने 40 लाख 82 हजार रुपये की लागत से 10 कार्यों का भूमिपूजन किया। जिसमें ग्राम-सेमरा में 01 लाख रुपये की लागत से मंदिर तालाब डीपापारा पचरी निर्माण कार्य, 01 लाख रुपये की लागत से माझापारा में चबुतरा निर्माण कार्य, 4 लाख 60 हजार रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण कार्य, ग्राम-तोरना में 2 लाख रुपये की लागत से बोर खनन एवं पंप स्थापना, धनगांव में 9 लाख 12 हजार रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण एवं 4 लाख 50 हजार रुपये की लागत से बाजार शेड निर्माण कार्य, ग्राम-रावनखोदरा में 3 लाख रुपये की लागत से सांस्कृतिक शेड निर्माण कार्य एवं 15 लाख 60 हजार रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण कार्य शामिल है। इस मौके पर बीज निगम सदस्य दिलीप पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष निराकार पटेल, जिला पंचायत सदस्य आकाश मिश्रा, अध्यक्ष जनपद पंचायत पुसौर सुशील भोय, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत पुसौर गोपी चौधरी, सदस्य जनपद पंचायत रूपा दिनेश पटेल, अनुसुईया चौहान, सरपंच ग्राम पंचायत नावापारा (माण्ड) मंजु भानुप्रताप नायक, सरपंच घुघवा सरस्वती डनसेना, लिटाईपाली सरपंच लता चौहान, सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव: गोंडों के परम्परागत लोक नृत्य

आदिवासी समुदाय प्रकृति प्रेमी होते हैं। उनकी जीवनशैली सरल और सहज होती है। इसकी स्पष्ट छाप उनकी कला, संस्कृति, सामाजिक उत्सवों और नृत्यों में देखने को मिलती है। प्रकृति से जुड़ा हुआ यह समुदाय न केवल उसकी उपासना करता है, बल्कि उसे सहेजकर भी रखता है। ऐसा ही एक समुदाय गोंड़ जनजाति है। जिसकी कई उपजातियां हैं। जिनके रीति-रिवाजों में लोक जीवन के अनेक रंग देखने को मिलते हैं। धुरवा जनजाति गोंड जनजाति की उपजाति है। धुरवा जनजाति छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर, दंतेवाडा तथा सुकमा जिले में निवास करती है। बांस के बर्तन एवं सामग्री बनाने मंे दक्षता के कारण धुरवा जनजाति को ‘बास्केट्री ट्राइब‘ अर्थात ‘बांस का कार्य‘ करने वाली जनजाति की संज्ञा दिया गया है। सन् 1910 के बस्तर के प्रसिद्ध (आदिवासी विद्रोह ‘भूमकाल के नायक शहीद वीर गुण्डाधुर की सेना द्वारा मड़ई नृत्य के माध्यम से अपनी भावना जनसामान्य तक पहुंचाने के लिए इसे मेला मड़ई में प्रदर्शित करते थे। धुरवा युवक-युवतियां वीर रस से परिपूर्ण होकर मड़ई नृत्य करते हैं, पुरूष हाथ में कुल्हाडी एवं मोरपंख का गुच्छा (मंजूरमूठा) लेकर उंगली से मुंह से सुईक-सुईक की आवाज निकाल कर दुश्मनों को ललकारते हुए नृत्य करते है। युवतियां-युवकों के पीछे-पीछे लय मिलाते हुए सामूहिक रूप में नृत्य करती हैं। नृत्य के दौरान हाथ में मोर पंख का गुच्छा (मंजूरमूठा) रखते हैं। मुरिया जनजाति छत्तीसगढ़ राज्य के दक्षिण में स्थित बस्तर संभाग में निवास करती है। मुरिया जनजाति गोड़ जनजाति की उपजाति हैं। मुरिया जनजाति के तीन उपभाग- राजा मुरिया, झोरिया मुरिया तथा घोटूल मुरिया होते है। रसेल एवं हीरालाल के ग्रंथ द टाइब्स एंड कास्टस ऑफ द सेन्टल प्रोविसेंस ऑफ इंडिया भाग-3, 1916 के अनुसार बस्तर के गोंड, मुरिया एवं माडिया दो समूह में बंटे हुए है। मुरिया शब्द की व्युत्पत्ति ‘मूर‘ अर्थात बस्तर के मैदानी क्षेत्रों में पाये जाने वाले पलाश वृक्ष या ‘मुर‘ अर्थात जड़ शब्द से हुई है‘‘। एक अन्य मान्यता के अनुसार ‘मूर‘ अर्थात ‘मूल‘ निवासी को मुरिया कहा जाता है। *‘मड़ई लोक-नृत्य‘* वर्तमान में ग्राम देवी की वार्षिक, त्रि-वार्षिक पूजा के दौरान मड़ई नृत्य करते हैं, इसमें देवी-देवता के जुलूस के सामने मड़ई नर्तक दल नृत्य करते है एवं पीछे-पीछे देवी-देवता की डोली, छत्रा, लाट आदि प्रतीकों को जुलूस रहता है। मड़ई के अगले दिन मड़ई नर्तक दल ग्राम के सभी घरों में जाकर मड़ई नृत्य करते हैं, जिसे ‘बिरली‘ कहते हैं। ग्रामवासी मड़ई नर्तक दल को धान, महुआ और रूपए देते हैं। नृत्य के समापन के पश्चात ग्राम के मुखिया के साथ नर्तक दल भोज करता है और खुशियां मनाता हैं। नृत्य में धुरवा पुरूष सफेद शर्ट, काला हाफ कोट, धोती या घेरेदार लहंगा के साथ कपड़े मंे सिला हुआ कमर बंद या सिर में तुराई, पेटा (पगड़ी), मोर पंख, तुस (कपड़े से बनी पतली पट्टी), गले में विभिन्न प्रकार की मालाएं, पैरों में झाप (रस्सी में बंधा हुआ घुंघरू) का श्रृंगार करते हैं। महिलाएं ब्लॉउज तथा पाटा, साड़ी पहनती हैं। बालों के खोंसा (जूडे़ में) कांटा, पनिया (बांस की कंघी), गले में चीप माला, सूता तथा बाजार में मिलने वाली विभिन्न प्रकार की मालाएं, कान में खिलवां, बांह में बांहटा, कलाई मंे झाडू तथा पैरों में पायल धारण करती हैं। मड़ई नृत्य वाद्य यंत्र हेतु ढोल, तुडबुड़ी, बांसुरी, किरकिचा, टामक, जलाजल, तोड़ी का उपयोग किया जाता है। नृत्य का प्रदर्शन मेला-मड़ई, धार्मिक उत्सव तथा मनोरंजन अवसर पर किया जाता है। *‘‘विवाह नृत्य‘‘* धुरवा जनजाति विवाह के दौरान विवाह नृत्य करते हैं। विवाह नृत्य वर-वधू दोनों पक्ष में किया जाता है। विवाह नृत्य तेल-हल्दी चढ़ाने की रस्म से प्रारंभ कर पूरे विवाह में किया जाता है। इसमें पुरूष और स्त्रियां समूह मंे गोल घेरा बनाकर नृत्य करते हैं। पुरूष सफेद शर्ट, काला हाफ कोट, धोती या घेरेदार लहंगा के साथ कपड़े में सिला हुआ कमर बंद या सिर में तुराई, पेटा (पगड़ी), मोर पंख, तुस (कपड़े से बनी पतली पट्टी), गले में विभिन्न प्रकार की मालाएं, पैरों में झाप (रस्सी में बंधा हुआ घुंघरू) का श्रृंगार करते हैं। महिलाएं ब्लॉउज तथा पाटा, साड़ी पहनती है बालों के खोंसा (जूड़े में) कांटा, पनिया (बांस की कंघी), गले में चीप माला, सूता तथा बाजार में मिलने वाली विभिन्न प्रकार की मालाएं, कान में खिलवां, बांह में बांहटा, कलाई में झाडू तथा पैरों में पायल का श्रृंगार करती है। नृत्य के दौरान हाथ में मोरपंख का गुच्छा (मंजूरमूठा) रखती हैं। मड़ई नृत्य में ढोल, तुडबुड़ी, बांसुरी, किरकिचा, टामक, जलाजल, वाद्ययंत्रों का प्रयोग किया जाता है। नृत्य विवाह के अवसर पर तथा मनोरंजन हेतु किया जाता है। *‘गेड़ी नृत्य‘* मुरिया जनजाति के सदस्य नवाखानी त्यौहार के दौरान के दौरान लगभग एक माह पूर्व से गेड़ी निर्माण प्रारंभ कर सावन मास के हरियाली अमावस्या से भादो मास की पूर्णिमा तक गेड़ी नृत्य किया जाता है। गेड़ी नृत्य नवाखानी त्यौहार के समय करते हैं। इसमें मुरिया युवक बांस की गेंड़ी में गोल घेरा में अलग-अलग नृत्य मुद्रा में नृत्य करते हैं। नृत्य के दौरान युवतियां गोल घेरे में गीत गायन करती है। पूर्व समय ग्राम में बारिश के दिनों में ग्राम में अधिक कीचड़ होता था, ऐसी स्थिति में गेड़ी के माध्यम से एक दूसरे स्थान पर जाते है। पूर्व में ऊंचे-ऊंचे गेड़ी का निर्माण करते थे। गेड़ी नृत्य के समय मुरिया जनजाति की महिलाएं लुगड़ा या साड़ी, पुरूष काले रंग की फूल शर्ट, प्लास्टिक की लंबी माला, इसे दोनों कंधें से छाती एवं पीठ में क्रास स्थिति में पहनते हैं। कमर में कपड़े में सिला हुआ कमर बंद या पट्टा, कमर के नीचे लाल-पीले रंग का घेरेदार लहंगा सिर में लाल पगड़ी, मोर पंख या पंखों का गुच्छा, कपड़े में सिला हुआ कपड़े से बने फूलों की पट्टी, गले में कपड़े के लाल गुच्छों की माला और अन्य माला, पैरों में घुंघरू (रस्सी में बंध अुआ) का श्रृंगार करते हैं। वाद्य यंत्रों में बांस से बना गेंड़ी का मुख्य रूप से उपयोग किया जाता है। जिसे विभिन्न रंगों से रंग कर सजाया जाता है। साथ ही वादक मांदरी, तुडबुडी, विसिल या सीटी एवं बांसुरी का उपयोग नृत्य में करते है। गेंड़ी नृत्य विवाह, मेला-मंड़ई, धार्मिक उत्सव के अवसर तथा मनोरंजन के लिए करते हैं। गेंड़ी नृत्य युवाओं को नृत्य है। गेंड़ी नृत्य संतुलन, उत्साह तथा रोमांस से परिपूर्ण है। मुरिया जनजाति में गेंड़ी के अनेक खेल, गेंड़ी दौड़ आदि प्रतियोगिता होती है। जिसमें पुरूष गेंड़ी पर चढ़कर नृत्य करते हैं। *‘गवरमार नृत्य‘* गंवरमार नृत्य में मुरिया जनजाति के नर्तक दल गौर-पशु मारने का प्रदर्शन करते है। यह नाट्य तथा नृत्य का सम्मिलित रूप है। इस नृत्य में दो व्यक्ति वन में जाकर गौर-पशु का शिकार करने का प्रयास करते है, किन्तु शिकार के दौरान गौर-पशु से घायल होकर एक व्यक्ति घायल हो जाता है। दूसरा व्यक्ति गांव जाकर पुजारी(सिरहा) को बुलाकर लाता है जो देवी आह्वान तथा पूजा कर घायल व्यक्ति को स्वस्थ्य कर देता है तथा दोनों व्यक्ति मिलकर गंवर पशु का शिकार करते है। इसी के प्रतीक स्वरूप गवंरमार नृत्य किया जाता है। महिलाएं लुगड़ा या साड़ी, पुरूष काले रंग की फूल शर्ट, प्लास्टिक की लंबी माला, इसे दोनों कंधों से छाती व पीठ में क्रास की स्थिति में पहनते हैं कमर में कपड़े में सिला हुआ कमरबंद या पट्टा कमर के नीचे लाल-पीले रंग का घेरेदार लहंगा, सिर में लाल पगड़ी मोर पंख या पंखों का गुच्छा, कपड़े में सिला हुआ कपड़े से बने फूलों की पट्टी, गले में कपड़े के लाल गुच्छों की माला एवं अन्य माला, पैरों में घुंघरू (रस्सी में बंधा हुआ) का श्रृंगार करते है। वाद्य यंत्रों में ढोलक, तुडबुडी, सिटि, बांसुरी आदि का प्रयोग किया जाता है। नृत्य का प्रदर्शन मुरिया जनजाति के सदस्य गंवरमार मेला-मंडई, धार्मिक उत्सव के अवसर पर तथा मनोरंजन के लिए किया जाता है।

10वीं फेल युवती ने अफसर बनकर की ठगी, दिल्ली से पकड़ लाई पुलिस

गरियाबंद:-पुलिस ने 10वीं फेल युवती को गिरफ्तार किया है, जो बीमा कंपनी का अफसर बनकर लेप्स बीमा पॉलिसी का रकम वापस दिलाने के नाम पर ठगी करती थी. पुलिस ने युवती को दिल्ली से गिरफ्तार कर लाई है. ठगी के मामले में पहले मनेन्द्रगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था. इसी तरह के दूसरे मामले में फिर गरियाबंद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दिल्ली के अशोक नगर मंडोली इलाके में रहने वाली 21 वर्षीय युवती बेखोफ होकर ठगी के वारदात को अंजाम दे रही थी. नैना राजपूत नाम की इस आरोपी को आज जिले के सिटी कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है. उसे न्यायायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। थाना प्रभारी सत्येन्द्र श्याम ने बताया कि कुछ दिन पहले ही कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़ में भी इसी तरह का मामला सामने आया था. ठगी के मामले में उपयोग किए गए मोबाइल नंबर और बैंक खाता कोतवाली क्षेत्र में हुए वारदात से मैच खाते थे. अफसरों के निर्देश पर मनेन्द्रगढ़ से प्रोडक्शन वारंट के जरिए आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

भाटापारा - मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज केंद्रीय अध्यक्ष प्रत्यासी अनिता वर्मा ने किया जनसंपर्क

आपको बता दे छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज केंद्रीय अध्यक्ष प्रत्यासी का चुनाव 4 अप्रैल 2021 को प्रस्तावित था जो कोरोना के चलते स्थगित किया गया जो चुनाव अब 31 अक्टूबर को तय किया गया है जिसमे 1 लाख 32 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे वही अर्जुनी राज के लगभग 17000 समाजिक जनो के द्वारा मताधिकार किया जाएगा।उक्त चुनाव में 7 उम्मीदवार मैदान में है जिसमे अनिता वर्मा,चोवराम वर्मा,उमाकांत वर्मा ,लक्ष्मी वर्मा,सालिक राम वर्मा,देहुति वर्मा व कृष्णकुमार वर्मा शामिल है ।जिसे लेकर केंद्रीय अध्यक्ष प्रत्यासी अनिता वर्मा लगातार अर्जुनी राज के सेवार ,कड़ार ,गोढ़ी,भाटापारा, बोड़तरा,सुहेला ,करेली,सकरी,रिंगनी,मोहभट्टा,दावनबोड,सूरजपुरा पहुचकर समाजिक लोगो से अपने लिए समर्थन की मांग करते हुए अधिक से अधिक मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है।इस चुनाव में केंद्रीय अध्यक्ष पद के लिए महिला प्रत्यासी होने पर समाजिक महिलाओं का चुनाव के प्रति रुझान बढ़ा है यही वजह है कि खेती किसानी व त्यौहार का समय होने बावजूद चुनाव को लेकर काफी उत्साह देखने को मिल रहा है ।जनसंपर्क में अनिता वर्मा के साथ संजय वर्मा,राजेश वर्मा,भानु वर्मा,हरेश्वर वर्मा, संजू वर्मा,जितेंद्र नायक,दीपक टिकरिहा, मोहन वर्मा,दीपक वर्मा,कोमल धुरंधर, गजाधर वर्मा आदि मौजूद रहे

सूरजपुर वनमण्डल में एक और मादा हाथी का रेडियो कॉलरिंग

चार दिवस के भीतर 02 हाथियों का रेडियो कॉलरिंग सफलतापूर्वक सम्पन्न हाथी-मानव द्वंद के नियंत्रण में मिलेगी मदद वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में हाथी-मानव द्वंद पर नियंत्रण के उद्देश्य से विभाग द्वारा चलाये जा रहे महत्वपूर्ण अभियान के तहत 27 अक्टूबर को सूरजपुर वनमण्डल के प्रतापपुर बीट में एक और मादा हाथी का सफलतापूर्वक रेडियो कॉलर किया गया। ज्ञात हो कि तीन दिवस पूर्व ही 24 अक्टूबर को सरगुजा वृत्त के सूरजपुर वनमण्डल के मोहनपुर, कक्ष क्रमांक पी 2552 में एक मादा हाथी को सफलतापूर्वक रेडियो कॉलर किया गया है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून की संयुक्त परियोजना के तहत मानव-हाथी द्वंद को कम करने के उद्देश्य से हाथियों के विचरण की जानकारी प्राप्त करने हेतु हाथियों का रेडियो कॉलरिंग करने के अभियान जारी है। इसके तहत दिनांक 27.10.2021 को सरगुजा वृत्त के सूरजपुर वनमण्डल के प्रतापपुर बीट कक्ष क्र. आरएफ 36 में एक मादा हथनी को रेडियो कॉलरिंग करने में सफलता प्राप्त हुई है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के निर्देश पर तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) पी. वी. नरसिंग राव के मार्गदर्शन में वन विभाग की स्थानीय टीम तथा साइंटिस्ट-एफ डॉं. पराग निगम, भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून एवं उनकी टीम, तमिलनाडु के डॉ. मनोहरन द्वारा रेडियो कॉलरिंग का कार्य किया जा रहा है। आज 27 अक्टूबर को सूरजपुर वनमण्डल के प्रतापपुर से बनारस रोड, ग्राम सरहरी जंगल, परिक्षेत्र प्रतापपुर, कक्ष क्र. आर. एफ. 36 प्रतापपुर बीट में हाथी दल जिसमें 09 हाथी विचरण कर रहे थे, में से एक हथिनी उम्र 30-35 वर्ष की पहचान कर कुमकी हाथी राजू एवं दुर्योधन के सहयोग से पूर्वान्ह 11ः45 बजे डार्ट किया गया। रेडियोे कॉलरिंग की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात् हाथी दोपहर लगभग 1ः00 बजे अपने दल में वापस मिल गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री पी. वी. नरसिंग राव द्वारा अभियान की लगातार समीक्षा करते हुए रणनीति तैयार कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। इस अभियान में मुख्य वन संरक्षक सरगुजा वृत्त श्री अनुराग श्रीवास्तव, वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं फील्ड डायरेक्टर (एलीफेंट रिजर्व) सरगुजा डॉं. के. मेचियो, भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून की टीम, अधीक्षक तमोर पिंगला अभ्यारण्य श्री जयजीत केरकेट्टा, परिक्षेत्र अधिकारी पिंगला श्री अजय सोनी एवं परिक्षेत्र अधिकारी प्रतापपुर श्री लक्ष्मी नरायण ठाकुर, डॉ. पी.के. चंदन, डॉ. सी.के. मिश्रा, डॉ. राकेश वर्मा, श्री लक्ष्मी नारायण, श्री अंकित, श्री समर्थ मंडल, श्री प्रभात दुबे एवं वन विभाग के मैदानी अमले सहित कुमकी हाथी राजू एवं दुर्योधन के महावतों का योगदान सराहनीय रहा।

जनसुविधा के कार्याें के लिए राशि की कोई कमी नहीं: मंत्री डहरिया

नगरीय विकास एवं प्रशासन मंत्री शिव कुमार डहरिया ने आज रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत करीब 2 करोड़ 30 लाख 23 हजार रूपए की लागत के विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्योें का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने तिल्दा नेवरावासियों को इस मौके पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण इलाकों में जनसामान्य को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। कोरोना काल के बावजूद भी राज्य के सभी क्षेत्रों में विकास एवं निर्माण के कार्य अनवरत रूप से जारी रहे हैं। आने वाले दिनों में विकास के कामों में और तेजी आएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य में विकास एवं निर्माण के लिए किसी भी तरह की कोई कमी नहीं आएगी। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंत्री डहरिया का नगर पालिका के पदाधिकारी सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। मंत्री डहरिया ने तिल्दा-नेवरा में जिन विकास एवं निर्माण कार्याें का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया, उनमें पौनी-पसारी योजना के तहत पसरा निर्माण, गौठान निर्माण, मंगल भवन, तालाब गहरीकरण सहित अन्य कार्य शामिल हैं। डॉ. डहरिया तिल्दा-नेवरा के तहसील साहू संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए और मुरा गांव का दौरा कर लोगों से मुलाकात की और विकास कार्यों की जानकारी ली। नगरीय प्रशासन मंत्री डहरिया ने तिल्दा-नेवरा नगर पालिका के वार्ड 6 में 20 लाख 96 हजार रूपए की लागत से बने पौनी पसारी चबूतरा का लोकार्पण किया। इसी तरह से वार्ड क्रमांक 22 में नरवा, गरवा, घुरूवा और बाड़ी योजना के अंतर्गत 18 लाख 92 हजार रूपए की लागत से बने गौठान का लोकार्पण भी किया। उन्होंने तिल्दा में एक करोड़ 28 लाख की लागत से बने डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्व समाज मांगलिक भवन का लोकार्पण किया। डॉ. डहरिया ने वार्ड क्रमांक 20 में राज्य प्रवर्तित योजना के अंतर्गत 36 लाख रूपए की लागत से बने बननू बाई तालाब एवं तालाब गहरीकरण, सौंदर्यीकरण एवं पचरीकरण कार्य का लोकार्पण किया। इसी तरह से नगरीय प्रशासन मंत्री ने पौनी पसारी भूमिपूजन 26 लाख 33 हजार रूपए की लागत से बनने वाले पौनी पसारी के निर्माण कार्याें का भूमिपूजन भी किया। इस अवसर पर नगर पालिका तिल्दा की अध्यक्ष गुरू लेमिक्षा डहरिया जी, खुशवंत साहेब, जनक राम, महेश अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे।

प्रदेश की सड़कों का होगा डामरीकरण,200 करोड़ की लागत से होगा डामरीकरण मुख्यमंत्री के निर्देश पर PWD तैयारी में जुटा

रायपुर:-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के परिपालन में लोक निर्माण विभाग द्वारा 200 करोड़ रूपए की लागत से राज्य की ग्रामीण अंचल की सड़कों का डामरीकरण कराया जाएगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। मरम्मत एवं डामरीकरण के योग्य सड़कों का चिन्हांकन प्रस्ताव पहले ही विभाग ने तैयार कर लिया था। इसमें विधायक गणों की अनुशंसा एवं प्रस्ताव को भी शामिल किया गया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लोक निर्माण विभाग को राज्य की ग्रामीण अंचलों की ऐसी सड़कें जिनके मरम्मत एवं डामरीकरण की जरूरत है, को सर्वोच्च प्राथमिकता से कराए जाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मरम्म्त एवं डामरीकरण की आवश्यकता वाली सड़कों के संबंध में प्रस्ताव प्राप्त करने के लिए भी निर्देशित किया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के परिपालन में लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य की पुरानी सड़कों के मरम्मत एवं डामरीकरण के लिए 200 करोड़ के प्रस्ताव पर भी उन्होंने सहमति दे दी थी। बरसात के चलते कार्य शुरू नहीं हो सका था। लोक निर्माण विभाग शीघ्र ही सड़कों के मरम्मत एवं डामरीकरण का काम शुरू करने जा रहा है, ताकि सड़क आवागमन सुविधाजनक हो सके। यहां यह उल्लेखनीय है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा नवीन स्वीकृत सड़कों के कार्य को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग अब पुरानी सड़कों की मरम्मत एवं डामरीकरण का कार्य तत्परता से कराने जा रहा है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व CM डॉ. रमन सिंह ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से की मुलाकात

रायपुर:-छत्तीगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉक्टर रमन सिंह यूपी के दौरे पर हैं. रमन सिंह ने बुधवार को उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. लखनऊ के निजी प्रवास के दौरान डॉ. सिंह ने ने यूपी विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित से भी की शिष्टाचार भेंट की. रमन सिंह ने हृदय नारायण दीक्षित से 5 माल एवेन्यू स्थित शासकीय आवास पर शिष्टाचार भेंट की. अध्यक्ष ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया. इसके साथ ही शाल व विधानसभा का एक मोमेंटो भी भेंट की. दीक्षित ने स्वरचित प. दीनदयाल उपाध्याय द्रष्टा, दृष्टि और दर्शन, अथर्ववेद का मधु, हिन्द स्वराज्य का पुनर्पाठ एवं अन्य पुस्तकें भी भेंट की। डॉ. रमन सिंह ने अध्यक्ष द्वारा प. दीनदयाल उपाध्याय पर लिखी गई पुस्तक की लेखन शैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि प. दीनदयाल उपाध्याय के जीवन के विभिन्न पहलुओं और भारतीय संस्कृति व आर्थिक दर्शन का जिस तरह विश्लेषण किया गया है. वह जन-जन के लिए बहुत ही उपयोगी है.

वर्ल्ड बैंक की टीम ने छत्तीसगढ़ में बच्चों के पोषण के लिए किये जा रहे प्रयासों को सराहा

बच्चों के पोषण पर फीडबैक लेने गुजरात और छत्तीसगढ़ पहुंची टीम पाटन ब्लाक के ग्राम कसही की आंगनबाड़ियों का किया निरीक्षण वर्ल्ड बैंक की साउथ एशिया हेड ट्रिना ने कहा- छत्तीसगढ़ के अच्छे नवाचारों कोे देश भर में लागू करने सुझाव देंगे बच्चों को कुपोषण से मुक्ति दिलाने की लगातार वैश्विक स्तर पर कोशिश की जा रही है। इसमें वर्ल्ड बैंक भी लगातार सहयोगी भूमिका निभा रहा है। इसी उद्देश्य से विश्व बैंक की टीम ने सुपोषण अभियान का अध्ययन करने भारत के दो राज्य छत्तीसगढ़ और गुजरात चुने हैं। इस सिलसिले में सोमवार को वर्ल्ड बैंक की टीम ने दुर्ग जिले के पाटन ब्लाक के ग्राम कसही का दौरा किया। यहाँ उन्होंने बच्चों से और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा गर्भवती माताओं से चर्चा की। टीम में वर्ल्ड बैंक की साउथ एशिया हेड श्रीमती ट्रिना और सीनियर हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. दीपिका चौधरी शामिल थे। श्रीमती ट्रिना ने कहा कि हम सर्वोत्तम पद्धतियों को देश भर में लागू करने के लिए अनुशंसित करते हैं। छत्तीसगढ़ में हो रहे अच्छे काम को हम अपनी रिपोर्ट में देंगे। जिससे यहां के नवाचारों को देश भर के बच्चों के लिए लागू किया जा सके। ट्रिना ने बच्चों से पूछा कैसा लगता है चिक्की- वर्ल्ड बैंक की साउथ एशिया हेड ट्रिना ने बच्चों से उनके खान-पान की पसंद के बारे में जानकारी लेते हुए पूछा कि चिक्की कैसी लगती है। इसके जवाब में सभी बच्चों ने चिक्की को बहुत बढ़िया बताया। उन्होंने मौजूद अधिकारियों से कहा कि कुपोषण दूर करने में प्रोटीन की बड़ी भूमिका है। बच्चों को मीठी चीजें पसंद होती हैं। यह बहुत अच्छा है कि बच्चों को उनके मनपसंद चिक्की के रूप में काफी मात्रा में प्रोटीन भी मिल रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी विपिन जैन ने बताया कि प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत बच्चों की खुराक पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों के पोषण को सामुदायिक गतिविधियों का हिस्सा बनाया गया है और इस जिम्मेदारी में पूरा गाँव अपनी सहभागिता करता है। ट्रिना ने छत्तीसगढ़ में चलाए जा रहे इस अभियान की प्रशंसा की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उन्हें बताया कि हम गृह भेंट के दौरान लगातार अभिभावकों को बच्चों के कुपोषण से दूर रखने के उपाय और उससे बच्चों को होने वाले नुकसान की जानकारी देते रहते हैं। इस दौरान महिला बाल विकास विभाग संचालनालय और जिला कार्यालय के अधिकारीगण और पोषण विशेषज्ञ डॉ. स्मृति वाजपेयी भी मौजूद थे। कुपोषण मॉनिटरिंग के सॉफ्टवेयर के बारे में जाना- वर्ल्ड बैंक की टीम ने बच्चों के कुपोषण की मॉनिटरिंग के लिए बनाए गए सॉफ्टवेयर के बारे मेें भी जाना। विपिन जैन ने बताया कि आंगनबाड़ियों में हर माह 20 से 25 तारीख के बीच वजन त्यौहार होता है। इस दौरान बच्चों का वजन लेकर उनके पोषण की स्थिति जानते हैं। गंभीर कुपोषित बच्चों को तुरंत एनआरसी रिफर कर दिया जाता है। हर महीने वजन लेने की वजह से हम बच्चों की स्थिति को बेहतर तरीके से ट्रैक कर पाते हैं और हर कुपोषित बच्चे पर ज्यादा ध्यान रहता है। सुपोषण वाटिका देखी- वर्ल्ड बैंक की टीम ने आंगनबाड़ी में बच्चों के लिए तैयार की गई सुपोषण वाटिका भी देखी। यहां फलदार पौधे और सब्जी लगाई गई हैं ताकि बच्चों के भोजन में पर्याप्त पोषक तत्व मौजूद रहें।

लोग साथ आते गए और कारंवा बनता गया

सुराजी गांव योजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिला जागृति एवं सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर महिलाओं की मिनी राईस मिल व मल्ट्रीग्रेन मशीन से बढ़ी आमदनी* वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, वर्म बीज उत्पादन, सामुदायिक बाड़ी, मत्स्य पालन कर रही महिलाएं सुराजी गांव योजना सुदूर वनांचल ग्रामीण क्षेत्रों में महिला जागृति एवं सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर है। स्वसहायता समूह की महिलाओं ने एकता और आत्मविश्वास से स्वावलंबन के लिए कदम आगे बढ़ाएं है। राजनांदगांव जिले में स्वसहायता समूह की महिलाओं का कारंवा उन्नति की ओर अग्रसर है। छुरिया विकासखंड के ग्राम मासूल आदर्श गौठान की महिलाएं विभिन्न तरह की गतिविधियों से आर्थिक दृष्टिकोण से मजबूत बन रही हैं। इंदिरा स्वसहायता समूह महिलाओं ने वर्मी कम्पोस्ट निर्माण व वर्म बीज उत्पादन तथा बोरी विक्रय के कार्य से प्राप्त लाभांश राशि से मिनी राईस मिल व मल्ट्रीग्रेन मशीन खरीद ली है। जिससे उनकी आमदनी में बढ़ोत्तरी हुई है। इस मशीन के माध्यम से आटा पीसने, मसाला बनाना, भीगे उड़द की पिसाई एवं दाल के छीलके निकालने का कार्य किया जा रहा है। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने महिला समूहों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गौठान में सभी तरह की गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए हैं। जिसका सुखद परिणाम यह है कि गौठानों में एक साथ कई तरह की गतिविधियों के संचालन से महिलाओं के आय में वृद्धि हुई है। गौठान की बाड़ी में मां दुर्गा स्वसहायता समूह द्वारा सामुदायिक बाड़ी में विविध सब्जियां जिमीकंद, कद्दू, लौकी, अदरक एवं मुनगे के पौधे लगाएं गए है। फल एवं सब्जियों की मल्टीलेयर खेती की जा रही है। शीतला स्वसहायता समूह की महिलाएं मत्स्य पालन कर रही हैं। वहीं पूर्णिमा स्वसहायता समूह द्वारा मशरूम उत्पादन का कार्य संचालित है। मासूल गौठान में मुर्गी पालन के लिए शेड का निर्माण भी किया गया है।

बस्तर में 15 सस्ती दवा दुकानें संचालित

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महंगी हो रही स्वास्थ्य सेवाओं को गरीब व्यक्ति की पहुंच में लाने के प्रयास के तहत छत्तीसगढ़ में श्री धन्वन्तरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना की शुरूआत की हे। इसके तहत राज्य के विभिन्न जिलों में सस्ती दवाओें के स्टोर खेले जा रहे हैं। योजना के अंतर्गत वर्तमान में बस्तर संभाग में करीब 15 सस्ती दवा की दुकानें संचालित की जा रही हैं। दुकानों में उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण दवाएं एम.आर.पी. पर न्यूनतम 50.09 प्रतिशत और अधिकतम 71 प्रतिशत छूट का लाभ मिल रहा है। बस्तर सम्भाग में नगर निगम जगदलपुर के वार्ड क्रमांक 7 में सिविल लाईन लालबाग में और वार्ड-13 पुराना नगर निगम कार्यालय चांदनी चौक के पास सस्ती दवा की दुकान संचालित है। कोण्डागांव जिले में नगर पालिका कोण्डागांव में दुकान क्रमांक एक-दो मर्दापाल चौक जगदलपुर नाका, नगर पंचायत केशकाल में प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास और नगर पंचायत फरसगांव में जनपद पंचायत कॉम्पलेक्स दुकान नम्बर-2 में सस्ती दवा की दुकान संचालित है। नारायणपुर जिले में नगर पालिका नारायणपुर में जिला हॉस्पिटल के सामने सस्ती दवा की दुकान संचालित है। कांकेर जिले की नगर पंचायत कांकेर में नया बस स्टैंड में दुकान क्रमांक-7 एवं 8 बाजार कॉम्प्लेक्स में सस्ती दवाई की दुकान है। दंतेवाड़ा जिले में नगर पालिका दंतेवाड़ा के वार्ड-11 में जिला चिकित्सालय के पास सस्ती दवाई की दुकान है। सुकमा जिले में नगर पालिका सुकमा के वार्ड-15 में जिला चिकित्सालय के पास, नगर पंचायत दोरनापाल में वार्ड-1 बस स्टैंड के पास और नगर पंचायत कोन्टा के वार्ड 3 में दुकान नंबर 12 नगर पंचायत कॉम्प्लेक्स में सस्ती दवाई की दुकान संचालित है। बीजापुर जिले में नगर पालिका बीजापुर में जिला अस्पताल के सामने, नगर पंचायत भैरमगढ़ में समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और नगर पंचायत में भोपालपटनम के वार्ड-11 में बस स्टैंड के पास सस्ती दवा की श्री धन्वन्तरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर संचालित है।

जांजगीर:-लूट की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी को 03-03 वर्ष कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा ये है पूरा मामला

जांजगीर चांपा:-लूट की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी को 03-03 वर्ष कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अकलतरा श्रीमान आनंद बोरकर ने थाना अकलतरा क्षेत्र के दो अलग अलग स्थानों पर विभिन्न तिथियों में की गई लूट की घटना के दोनो मामलो में सभी आरोपीगणों को सुनाई 03-03 वर्ष कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा। वर्ष 2019 दिनाँक 03/10/2019 को प्रार्थी संतराम निवासी तरौद पंजाब नेशनल बैंक तरौद से 01 लाख रुपये नगद निकालकर रुपये को एक थैले में रख थैले को सायकिल के हैंडल में बांधकर घर जा रहा था जब वह नहरपार रोड तरौद के पास पहुचा तब तीनो आरोपीगण एक मोटरसाइकिल से संतराम के पास आकर उसे धक्का देकर गिरा दिए फिर रुपये वाला थैला लूटकर मोटरसाइकिल में भाग गए जिसकी प्रार्थी द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। इसी प्रकार वर्ष 2020 दिनाँक 18/11/2020 में प्रार्थी प्रमोद और उसकी माता लक्ष्मीन बाई अकलतरा स्थित भारतीय स्टेट बैंक अकलतरा से नगद रुपये 69 हजार निकालकर रुपये को एक थैले में रख शास्त्री चौक अपने पुत्र के साथ पहुची जंहा लक्ष्मीनबाई रुपये का थैला हाथ मे रख ठेले से फल खरीदने लगी उसी समय तीनो आरोपीगण मोटरसाइकिल से वंहा पहुचे और रुपयों का थैला लक्ष्मीनबाई से जबरन छीनकर तीनो आरोपीगण मोटरसाइकिल में भाग गए जिसकी प्रार्थी द्वारा थाना अकलतरा में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अन्वेषण दौरान जिला बिलासपुर थाना सकरी से प्रेषित रेडियो संदेश प्राप्त हुआ कि थाना सकरी के अपराध क्रमांक 34/21 धारा 398,307 भादवि के आरोपियों से पूछताछ दौरान आरोपीगणों द्वारा रेकी कर बिलासपुर,सकरी,बिल्हा,कोटा, चकरभाठा,मस्तूरी अन्य स्थानों सहित अकलतरा में भी लूट की घटना को अंजाम देना बताया है, उक्त रेडियो संदेश प्राप्ति पर थाना अकलतरा द्वारा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय अकलतरा के समक्ष आरोपीगण के विरुद्ध प्रोडक्शन वारंट जारी करने निवेदन पर माननीय न्यायालय के आदेश पर आरोपीगण को अकलतरा न्यायालय में पेश किया गया जंहा से थाना अकलतरा द्वारा अग्रिम पूछताछ लूटी रकम अपराध में प्रयुक्त वाहन के सम्बंध में पूछताछ हेतु आरोपीगण के पुलिस रिमांड का निवेदन बाद आदेश मिलने पर आरोपीगण से पुछताछ दौरान उनके द्वारा प्रार्थी संतराम के अलावा लक्ष्मीन बाई से बैंक से पीछा करते हुए मौका मिलने पर उनसे रकम लूटना स्वीकार किया। दोनो प्रकरणों की पृथक पृथक शेष विवेचना पूर्ण होने के उपरांत दोनो प्रकरणों का चालान माननीय न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय अकलतरा के समक्ष मार्च 2021 में पेश किया गया। न्यायालय में दोनो प्रकरणों में अभियोजन की तरफ से प्रस्तुत गवाहो के परीक्षण प्रतिपरीक्षण बाद न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी न्यायालय अकलतरा श्रीमान आनंद बोरकर द्वारा दोनो घटनाओं में सभी तीनो आरोपीगण दिनेश कुमार बाँधेकर उर्फ दीनू निवासी तालापारा बिलासपुर,राजू साव उर्फ राजू कसेर निवासी मगरपारा बिलासपुर एवं करन यादव निवासी तालापारा बिलासपुर को दोनो घटनाओ में लूट के अपराध का दोषी पाते हुए दोनो मामलों में सभी आरोपीगणों को धारा 392,34भादवि अंतर्गत 03-03 वर्ष कठोर कारावास एवम अर्थदंड की सजा सुनाई साथ ही अर्थदंड की राशि अदा न करने पर पृथक से कारावास का आदेश दिया। शासन की ओर से उक्त दोनों प्रकरणों में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी,अकलतरा एस. अग्रवाल ने पैरवी की। विदित हो कि उक्त तीनो आरोपीगणों द्वारा विगत दो-तीन वर्षों में बिलासपुर संभाग के बिलासपुर,सकरी,बिल्हा,कोटा, चकरभाठा,मस्तूरी अन्य स्थानों सहित अकलतरा में लूट की घटना को अंजाम दिया गया है उक्त सभी स्थानों पर उनके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध होकर संभवतः सबसे पहले अकलतरा में पंजीबद्ध अपराध का फैसला आया जिसमे उन्हें दोषी पाकर सजा सुनाई गई है ।