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आर्ट ऑफ लिविंग के श्रीश्री रविशंकर बरेली में मौलाना तौकीर से मिले

बरेली - अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर विवाद को सुलझाने में लगे आध्यात्मिक गुरू आर्ट ऑफ लिविंग के श्रीश्री रविशंकर आज बरेली में थे। बरेली में उन्होंने दरगाह आला हजरत का दीदार किया।

श्रीश्री रविशंकर ने दरगाह पर हाजिरी लगाने के बाद इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल (आइएमसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नबीरे आला हजरत मौलाना तौकीर रजा खां के आवास पर इस समय उनके साथ बंद कमरे में बातचीत की। फिलहाल उनके दौरे से दरगाह आला हजरत के सज्जादा नशीन और अन्य उलमा दूर रहे।

प्रेस से बातचीत में श्री श्री रविशंकर ने कहा कि कोर्ट के बाहर दोनों पक्षों का बैठना बहुत जरूरी है। हम नहीं चाहते कि मिडिल ईस्ट की तरह यहां भी किसी मुद्दे को लेकर हालात इतने खराब हो जाएं। शांति का यही पैगाम लेकर दरगाह आला हजरत आए हैं और कामना की है हमारे देश में अमन कायम रहे। मंदिर और मस्जिद मुद्दे पर अपना फार्मूला मौलाना तौकीर रजा खां के सामने रखा है। उम्मीद है कि मसले का हल निकलेगा। 
आइएमसी प्रमुख और नबीरे आला हजरत मौलाना तौकीर ने कहा कि उनका मकसद भी अमन को कायम रखना है। उसके लिए जो भी मुमकिन हो सकेगा कियाजी जाएगा। हम नहीं चाहते कि कोई ऐसा फैसला आए जिससे एक पक्ष में मायूसी और दूसरे में जश्न का माहौल। उसके लिए बेहतर है कि कोर्ट के बाहर दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत कराई जाए।
जो मुद्दे हैं उन्हें बातचीत के लिए तैयार करना हमारा काम है इस काम को अंजाम देंगे। श्री श्री ने यह भी कहा कि मसले का हल के लिए  उन्होंने दरगाह आला हजरत पर हाजिरी के दौरान कामना भी की है। मुझे उम्मीद है कि उसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। मौलाना ने बाद में जागरण से बातचीत में बताया कि श्री श्री को आशंका है इस मसले को विश्व हिंदू परिषद सुलझने नहीं देना चाहता।
माना जा रहा है कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर श्रीश्री रविशंकर आज बरेली में सुन्नी बरेलवी मुस्लिमों का मन टटोलने के इरादे से पहुंचे है।

ईपीएफओ ने दी बड़ी खुशखबरी, होली से पहले होगा फायदा

नयी दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने होली से पहले खाताधारकों को बड़ी खुशखबरी दी है। इस एलान के बाद भविष्य निधि अंशधारकों को बड़ी राहत मिलेगी।

ईपीएफओ के बयान के अनुसार दस लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन निकासी के दावे को अनिवार्य कर दिया है। ईपीएफओ के इस फैसले से उन सभी लोगों को सहूलियत मिलेगी जिनके दावे अभी तक रुके हुए थे।  ईपीएफओ के इस फैसले से मोदी सरकार के उस कदम को भी गति मिलेगी जिसमें उन्होंने पेपरलेस को बढ़ावा देने को कहा था। 

इसके अलावा ईपीएफओ ने एक और सुविधा दी है। ईपीएफओ ने बयान जारी करते हुए कहा कि कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) 1995 से पांच लाख रुपये से अधिक की निकासी भी ऑनलाइन की जा सकती है। अभी तक इस पेंशन योजना में सिर्फ पेंशन की आंशिक राशि ही निकाली जा सकती थी। इसे पेंशन के पैसे का रूपान्तरण कहा जाता है। ईपीएफओ ने जानकारी देते हुए बताया कि अंशधारक ऑनलाइन निकासी के साथ-साथ मैनुअल तरीके से भी दावा कर सकते हैं।

ईपीएफओ के सीनियर अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त की अध्यक्षता में 17 जनवरी को एक बैठक हुई थी। जिसमें यह फैसला किया गया है।

सीनियर अधिकारी ने कहा कि फील्ड कार्यालयों को निर्देश दिया गया है कि यदि पीएफ से निकासी वाली राशि दस लाख से अधिक है तो दावा सिर्फ ऑनलाइन ही स्वीकार किया जाएगा। वहीं यह फैसला कर्मचारी पेंशन योजना में निकासी राशि पांच लाख रुपये से अधिक होने पर भी लागू होगा।

ईपीएफओ के बयान में इस बात की भी जानकारी दी गई है कि ऑनलाइन दावा करने से पहले अंशधारक के बैंक खाते को प्रणाली से जोड़ा और सत्यापित होना जरूरी है। वर्तमान में ईपीएफओ के अंशधारकों की संख्या छह करोड़ से अधिक है। इसके अलावा ईपीएफओ संगठन दस लाख करोड़ रुपये से अधिक के कोष का प्रबंधन करता है। 

श्रीदेवी का दिल का दौरा पड़ने से बीती रात दुबई में हुआ निधन

श्रीदेवी सिर्फ नाम ही काफी है. बॉलीवुड की एक ऐसी अदाकारा जिसने महज़ 4 साल की उम्र में रुपहले पर्दे पर अपनी भोली भाली और मासूम मुस्कान से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट दस्तक दी। आज रूप की ये रानी अपने फैन्स को सबसे बड़ा सदमा दे गई हैं। दुबई में दिल का दौरा पड़ने से सिने जगत की पहली फिमेल सुपरस्टार श्रीदेवी का निधन हो गया है।

श्रीदेवी पति बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी कपूर के साथ दुबई में एक फैमिली वेडिंग अटेंड करने गई थीं. श्रीदेवी के निधन की खबर सुनकर पूरा देश सदमे में है
 विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंतिम संस्कार के लिए श्रीदेवी का पार्थिव शरीर को मुंबई लाया जाएगा। मुंबई एयरपोर्ट के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आज शाम तक श्रीदेवी के मृत शरीर को लाया जा सकता है।

आपको बता दें कि यूएई के नियमों के अनुसार, फिलहाल श्रीदेवी की डेड बॉडी स्थानीय पुलिस के कब्जे में है। बताया जा रहा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद उनके परिजनों को डेड बॉडी सौंप दी जाएगी। यूएई में भारत के राजदूत भी श्रीदेवी के परिजनों के संपर्क में हैं।

बता दें कि श्रीदेवी अपने भतीजे की शादी में शामिल होने दुबई गई थीं। फिल्म इंडस्ट्री में और इंडस्ट्री से बाहर श्रीदेवी के चाहने वालों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

अपनी फेवरेट अभिनेत्री की मौत की खबर सुनकर फैंस दुखी हैं। जैसे ही उन्हें ये खबर मिली भारी संख्या में श्रीदेवी के फैंस उनके घर के बाहर इकट्ठा हो गए हैं। फैंस का कहना है कि वो ये सुनकर अभी भी शॉक्ड हैं और उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि अभिनेत्री अब इस दुनिया में नहीं रहीं।

श्रीदेवी 54 साल की थी। पिछले साल उनकी फिल्म मॉम आई थी। आपको बता दें कि, श्रीदेवी ने फिल्मों में अपने अभिनय से हमेशा प्रभावित किया। श्रीदेवी ने बॉलीवुड में कदम रखने से पहले तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड फिल्मों में काम किया था।

श्रीदेवी ने मिस्टर इंडिया, चांदनी, नगीना जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया। इसके बाद 2012 में उन्होंने फिल्म इंग्लिश विंग्लिश से फिल्मों में सफलता पूर्वक कम बैककिया था। सरकार ने उन्हें 2013 में पद्मश्री से भी नवाजा था।
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट की थी। धीरे-धीरे फिल्में करते हुए एक मुकाम पर वो फीमेल सुपरस्टार बन गई थीं।

दिल्ली में केजरीवाल के घर छापा, छत्तीसगढ़ में भी प्रदर्शन

रायपुर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास पर पुलिस के छापेमारी से गुस्साए कार्यकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ में  में विरोध प्रदर्शन किया।

रायपुर में मुन्ना बिसेन के नेतृत्व में अंबेडकर चौक के पास विरोध प्रदर्शन किया गया। केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए आम आदमी पार्टी की युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ निर्वाणी ने कहा कि 3 साल से केंद्र सरकार देश की राजधानी में सत्तारूढ़ सबसे लोकप्रिय सरकार को अफसरशाही के माध्यम से अपदस्थ करने की साजिश कर रही है। 
 सौरभ  निर्वाणी ने कहा कि मोदी जी एक राज्य सरकार से इतना घबराते हो तो बर्खास्त ही कर दो, हम लोग सड़क से सदन तक पहुंचे हैं, फिर सड़क पर आ जाएंगे पर सिंहासन से उतारकर आप को भी सड़क पर लाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार के इशारे पर पुलिस, दिल्ली के मुख्यमंत्री को बेइज्जत करने के लिए उनके आवास पर पहुंची थी।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी सांख्य  में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता वा  पदाधिकारी शामिल हुए। 

AAP के बर्खास्त विधायकों ने कहा- बिना पक्ष सुने दे दिया फैसला हाईकोर्ट में लगाई याचिका,

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की सदस्यता खो चुके आम आदमी पार्टी के विधायकों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राष्ट्रपति के अयोग्य ठहराये जाने के नोटिफिकेशन को चुनौती दी है।

राष्ट्रपति ने निर्वाचन आयोग की सिफारिश पर 20 जनवरी को आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित करने का नोटिफिकेशन जारी किया था। आज मंगलवार को जब इस याचिका को कार्यकारी चीफ जस्टिस गीता मित्तल की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष मेंशन किया गया, तो कोर्ट ने याचिका पर कल यानि 24 जनवरी को सुनवाई करने का फैसला किया।
आपको बता दें कि 22 जनवरी को दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग द्वारा दिल्ली के आम आदमी पार्टी के विधायकों को लाभ के पद के मामले में अयोग्य ठहराने के फैसले को चुनौती देनेवाली आम आदमी पार्टी के 6 विधायकों की याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रपति ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है, इसलिए इस याचिका का अब कोई मतलब नहीं रह जाता है । कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को इस याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दी थी, जिसके बाद विधायकों ने याचिका वापस ले ली थी। कोर्ट ने कहा था कि आप चाहें तो राष्ट्रपति द्वारा जारी अधिसूचना को चुनौती दे सकते हैं।
 
सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग ने कहा था कि आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों ने आयोग की कार्यवाही में ये कहते हुए हिस्सा नहीं लिया कि हाईकोर्ट में मामला लंबित है। इसके बाद हाईकोर्ट ने आप विधायकों द्वारा निर्वाचन आयोग के सामने बर्ताव पर सवाल खड़े किए थे। आम आदमी पार्टी की तरफ से कहा गया था कि निर्वाचन आयोग ने उनका पक्ष सुने बिना ही अपना फैसला सुना दिया। आम आदमी पार्टी ने कहा था कि पूरी सुनवाई हुए बिना ही निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई की है। ( साभार )

कमला मिल्स कंपाउंड अग्निकांड रेस्त्रां मालिकों के खिलाफ नोटिस जारी,

 मुंबई: मुंबई में कमला मिल्स कंपाउंड लगी आग के मामले में रेस्त्रां मालिकों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है. जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है वो फरार चल रहे हैं. गौरतलब है कि मुंबई के लोअर परेल के कमला मिल कंपाउंड के मोजोस लाउंज में भीषण आग की वजह से 14 लोगों की मौत हो गई थी. मृतकों में ज़्यादातर 22 से 30 साल के लोग हैं. हादसे में 11 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं. घायलों को किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल और केईएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. 
आग गुरुवार की रात 12:30 बजे के क़रीब कंपाउंड के 2 रेस्टोरेंट में लगी. देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया. आग इतनी भीषण थी कि दमकल की 8 गाड़ियों और 6 वाटर टैंक को आग पर क़ाबू पाने में 2 घंटे से ज़्यादा का समय लग गया. जिस समय आग लगी.
कमला मिल्स कंपाउंड में कई कॉरपोरेट दफ़्तरों के अलावा कई न्यूज़ चैनलों के दफ़्तर भी हैं. आग की वजह से उनका प्रसारण भी रोक दिया गया है. आग लगने की वजह अभी साफ़ नहीं है. रेस्टोरेंट के मालिकों के ख़िलाफ़ ग़ैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है.

जिला में फैले स्मॉग के चलते प्रशासन ने स्कूलों के समय में फेरबदल करने के आदेश जारी

फतेहाबाद :-जिला में फैले स्मॉग के चलते प्रशासन ने स्कूलों के समय में फेरबदल करने के आदेश जारी किए है। सभी स्कूल अब सुबह 8 बजे के स्थान पर एक घंटा देरी से 9 बजे खुलेंगे और 3:30 बजे छुट्टी होगी। जिला प्रशासन के ये आदेश निजी स्कूलों पर भी लागू रहेंगे। उपायुक्त डॉ. हरदीप सिंह ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि यह आदेश अगले एक सप्ताह तक लागू रहेंगे। स्मॉग की स्थिति पर कड़ा संज्ञान लेते हुए उपायुक्त एवं जिलाधीश डॉ. हरदीप सिंह ने पराली जलाने पर चालान करने के लिए जिला में गठित की गई पटवारी, ग्राम सचिव तथा कृषि विकास अधिकारियों की विभिन्न कमेटियों को धारा 144 के उल्लंघन का नोटिस भी जारी किया है। नोटिस जारी करते हुए उन्होंने कहा कि जिला में पराली जलाने की जितनी घटनाएं हुई, उतनी संख्या में न ही तो चालान किए गए और न ही जिला प्रशासन को इस घटनाओं की रिपोर्टिंग की गई, इसलिए इसे एक बड़ी लापरवाही मानते हुए विभिन्न कमेटियों को धारा 144 का उल्लंघन नोटिस दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों से ऐसे सभी किसानों की पहचान करने को भी कहा है, जिन्होंने अपने खेतों में पराली को आग लगाई ताकि ऐसे सभी किसानों को भी धारा 144 के उल्लंघन का नोटिस दिया जा सके। जिला में फैले स्मॉग को लेकर बुलाई गई बैठक में समीक्षा करते हुए जिलाधीश डॉ. हरदीप सिंह ने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्य प्रणाली से नाखुशी जताते हुए कहा कि लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई है और उन्हें आंखों में जलन महसूस हो रही है। इसके अतिरिक्त स्मॉग के चलते मार्गों पर दृश्यता कम होने के कारण सडक़ दुर्घटनाएं भी एकाएक बढ़ी है। उन्होंने पराली जलाने वाले किसानों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि पराली जलाने से बनने वाला स्मॉग लोगों की सेहत के लिए खतरनाक है। फिलहाल जो स्मॉग की स्थिति बनी हुई है उसकी जिम्मेवारी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से पराली जलाने वालों की ही बनती है। उपायुक्त ने अधिकारियों व कर्मचारियों को स्मॉग के प्रभाव को एक सप्ताह के भीतर नियंत्रित करने का संकल्प दिलाते हुए कहा कि यह मसला सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है। इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी गंभीरता से कार्य करें। उन्होंने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. बलवंत सहारण को निर्देश दिए कि वे मुख्यालय से तालमेल स्थापित कर जिला में अतिरिक्त कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने की मंजूरी लें और अभी तक स्वीकृत किए गए कस्टम हायरिंग सेंटर के आवेदकों को अविलंब ऋण उपलब्ध करवाए। जिला में अभी तक 4 कस्टम हायरिंग सेंटर मंजूर किए गए है।

NTPC में हादसा ...जिसने देखा रूह खड़े हुए

एनटीपीसी में बॉयलर फटने से झुलसे मजदूर पूरी तरह से स्याह हो गए। चमड़ी उधड़ गई। ऐसे में ये मजदूर सिसकियां भी नहीं भर पा रहे। रात करीब पौने नौ बजे जब रायबरेली से गया बिहार का झुलसा मजदूर चंदन सिविल अस्पताल पहुंचा तो उसे देख हर किसी की रुह कांप उठी। इसके बाद एक-एक करके आठ झुलसे मजदूर सिविल अस्पताल पहुंचे, उनका भी यही हाल था। देर रात उपमुख्यमंत्री केशव मौर्या, गृह विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार घायलों को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे।

रोंगटे खड़े हुए

सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में सबसे पहले बिहार निवासी चन्दन कुमार को लाया गया। चन्दन का पूरा शरीर झुलस चुका है। इसके बाद ऊंचाहार निवासी वीरेंद्र, शंभु यादव, अरविंद, अजय मेहता, रामरतन, पियुष और नागेश को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक साथ मरीजों के आने से अस्पताल की इमरजेंसी में अफरा-तफरी मच गई। चारों तरफ से चीख-पुकार मच गई। मरीजों की दर्द भरी करार सुनकर रोंगटे खड़े हो जा रहे थे। पूरी कोशिश करने के बावजूद इलाज में लगे डॉक्टर व नर्स बेबस दिख रहे थे।

साढ़े पांच घंटे छटपताते रहे घायल

एनटीपीसी में करीब साढ़े तीन बजे बॉयलर फट गया था। इसमें काम कर रहे काफी लोग जख्मी हो गए। घटना के बाद से आग में झुलसे लोगों को लखनऊ लाने का सिलसिला शुरू हुआ। करीब साढ़े पांच घंटे तक मरीजों को कोई इलाज नहीं मिला। 102 व 108 एम्बुलेंस से मरीजों को लाया गया। इस दौरान मामूली इलाज ही एम्बुलेंस में मिल पाया। पुख्ता इलाज न मिल पाने की वजह से मरीज छटपाते रहे। दर्द से कराह रहे मरीजों को सिविल समेत दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

काम मिलते ही हादसे का शिकार बना अमृतलाल

ऊंचाहार स्थित फरीदाबाद के अमृतलाल को क्या पता था कि एनटीपीसी में वह हादसे का शिकार बन जाएंगे। पत्नी समेत चार बच्चों की परवरिश के लिए वह बुधवार को पहले दिन ही काम करने गया था। इसके लिए ठेकेदार की ओर से कई तरह के वादे किए गए थे। इसके चलते वह काम पर गया लेकिन हादसे का शिकार हो गया। जिस वक्त एनटीपीसी में हादसा हुआ उस वक्त अमृत की पत्नी सुनीता देवी बेटे आशीष के संग खेत में धान काट रही थी। सुनीता के मुताबिक घटना की सूचना जैसे ही गांव पहुंची कोहराम मच गया। हर कोई भागो-भागो, बचाओ-बचाओ की गुहार लगाते हुए घटना स्थल की ओर से दौड़ पड़ा।

सिविल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. आशुतोष दुबे ने कहा,

एनटीपीसी से लाए गए मरीजों की हालत बेहद नाजुक है। सात मरीज तो सौ फीसदी तक झुलसे हैं। डॉक्टरों की टीम मरीजों को बचाने की कोशिश में जुटी है।

दिल्ली में CM से पहले LG :-सुप्रीम कोर्ट ...केजरीवाल को लगा झटका

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल के मामले में दिल्ली सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों के संविधान पीठ ने दिल्ली सरकार से अपने प्रारम्भिक विचार बताए। कोर्ट ने कहा कि प्रावधान के मुताबिक उपराज्यपाल को संविधान ने प्रमुखता दी है। दिल्ली सरकार के लिए उपराज्यपाल की सहमति जरूरी है। बतौर केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली सरकार के अधिकारों की संविधान में व्याख्या की गई है और उसकी सीमाएं तय हैं। उपराज्यपाल के अधिकार भी चिन्हित किए गए हैं। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति उपराज्यपाल के माध्यम से दिल्ली में प्रशासनिक कार्य करते हैं। दिल्ली सरकार को भी संविधान के दायरे में काम करना होगा क्योंकि भूमि, पुलिस और पब्लिक आर्डर पर उसका नियंत्रण नहीं है। ऐसा लगता है दिल्ली सरकार कानून के दायरे में रहकर काम नहीं करना चाह रही। अगर दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच कोई मतभेद होगा तो मामले को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। कोर्ट ने कहा कि जब तक कोर्ट के सामने विशेष तौर पर ये नहीं बताया जाएगा कि उपराज्यपाल कहां अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर काम कर रहे हैं तब तक कोर्ट के लिए मुद्दों का परीक्षण करना संभव नहीं।

दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि संवैधानिक प्रावधानों को सौहार्दपूर्ण तरीके से बनाया जाना चाहिए। चुनी हुई सरकार की भी गरिमा बनी रहनी चाहिए। क्या उपराज्यपाल जो चाहे वो कर सकते हैं, क्या वो बिना मंत्री के अफसरों से मीटिंग कर सकते हैं। एक के बाद एक कल्याणकारी योजनाओं की फाइलें उपराज्यपाल के पास भेजी गई है लेकिन वो एक साल से ज्यादा से फाइलों को क्लियर नहीं कर रहे हैं। दिल्ली सरकार ने कहा कि मंत्रियों को काम कराने के लिए अफसरों के पैर पडना पड़ता है। सारे प्रस्ताव चीफ सेकेट्री के पास जाते हैं और वो कहते हैं कि उपराज्यपाल से कोई निर्देश नहीं मिले हैं। उपराज्यपाल इस तरह कार्यपालिका के आदेश की फाइलों पर बैठे नहीं रह सकते। उन्हें वाजिब वक्त में कारण सहित अपने अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए। दिल्ली सरकार ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली सरकार के रोजाना कामकाज में दखल दे रही है।

दिल्ली सरकार की ओर से गोपाल सुब्रमण्यम बहस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हम इस बात से सहमत हैं दिल्ली राज्य नहीं बल्कि केंद्रशासित प्रदेश है। 1991 में एक्ट के जरिए इसे स्पेशल स्टेटस दिया गया। इसके दिल्ली की अपनी चुनी हुई सरकार होगी। 239 AA के तहत उपराज्यपाल को कोई भी फैसला लेने से पहले दिल्ली की सरकार की सहमति लेनी होगी। उन्होंने कहा कि 239 AA से पहले संसद दिल्ली के लिए कानून बनाती थी लेकिन इसके लागू होने के बाद भी अगर केंद्र के पास ये अधिकार रहेगा तो इसका मतलब है कि पहले के कानून की छाया अभी भी बरकरार है।

आज से शुरू हुआ छठ महापर्व

पटना। कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की षष्टी को मनाए जाने वाला ये छठ व्रत लोगों की जिंदगी में खुशियों और उनकी आस्था का प्रतीक है। आस्था का महापर्व छठ की शुरुआत आज से यानि नहाय-खाय से शुरु हो गयी है। छठ महापर्व चार दिनों का होता है। पहला दिन नहाय-खाय का होता है। जब छठव्रती स्नान के बाद शुद्ध घी में बना हुआ भोजन करती हैं।  
साल में दो बार आने वाले इस महापर्व में छठी मईया और सूर्य की उपासना होती है। चैत्र मास और कार्तिक मास में छठ पर्व होता है। लेकिन कार्तिक महीने में होने वाले इस पर्व का विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में किसी भी पर्व की शुरुआत स्नान के साथ ही होती है और यह पर्व भी स्नान यानी नहाय-खाय के साथ होता है।

नहाय-खाय के दिन सबसे पहले व्रती घर की पूरी साफ-सफाई करती है। सुबह में नदी, तालाब, कुआं या फिर नल के पानी से स्नान करती हैं। इसके बाद पूरी तरह साफ कपड़े पहनती है। इस दिन गंगा स्नान ज्यादा शुभ माना जाता है। लेकिन अगर गंगा नदी नहीं गये तो नहाने वाले जल में गंगाजल डालकर नहाइए। 

इसके बाद व्रती चने की दाल, लौकी की सब्जी और बासमती चावल बनाती है। भोजन में घी और सेंधा नमक का प्रयोग किया जाता है। गणेश जी और सूर्य का भोग लगाकर व्रती भोजन को ग्रहण करती हैं। इसके बाद घर के बाकी सदस्य भी यहीं खाना खाते हैं।

चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व में घर में किसी भी तरह की अशुद्धी नहीं होनी चाहिए। मांस-मदिरा का सेवन पूरी तरह वर्जित होता है। 

दूसरा दिन : 25 अक्टूबर को खरना
नहाय-खाय के दूसरे दिन खरना होता है। खरना में छठ व्रती पूरे दिन निर्जला व्रत करती हैं। शाम को स्नान कर, नए कपड़े पहनकर प्रसाद बनाती हैं। मिट्टी के चूल्हे पर बना प्रसाद ज्यादा महत्व रखता है। शुद्ध दूध में खीर बनाया जाता है, इसके साथ रोटी बनायी जाती है। खीर में दूध के साथ गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है। 
फिर व्रती पहले खीर और रोटी का भगवान को भोग लगाकर और हवन करके इस प्रसाद को ग्रहण करती हैं। फिर यहीं प्रसाद घरवाले खाते हैं और जिनके घर छठ नहीं हो रहा होता है उनके घर प्रसाद को जरूर दिया जाता है। 

तीसरा दिन : 26 अक्टूबर को शाम का अर्घ्य 
खरना के बाद निर्जला व्रत शुरू होता है। तीसरे दिन शाम को व्रती पूरे परिवार के साथ घाट पर जाती है। लोकगीत के साथ पूरा माहौल भक्तिमय होता है। सभी व्रती नदी किनारे फल-फूल और पकवान बना कर सूर्य के साथ छठी मैया की पूजा करते हैं। इसके बाद डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। 

चौथा दिन : 27 अक्टूबर, भोर या सूर्य उदय को अर्घ्य 
छठ पूजा के चौथे दिन उगते हुए सूर्य को व्रती अर्घ्य देकर छठी मईया और दीनानाथ (सूर्य ) से आशीर्वाद मांगती हैं। इसके बाद घाट से लौटकर व्रती अपना 36 घंटों का उपवास तोड़ती है। 

छठ व्रत में सबसे ज्यादा सफाई की अहमियत होती है। छठ करने से पहले साफ-सफाई का ध्यान जरूर रखें। प्रसाद भी साफ तरीके से बनाएं और बच्चों से दूर रखें।

आतंकी हमला ग्वादर बंदरगाह पर 26 गंभीर रूप से घायल

क्वेटा: पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह पर ग्रेनेड हमले में 26 लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। यह हमला बंदरगाह पर श्रमिकों के रहने के लिए बनाए गए स्थान पर किया कल रात हुआ। श्रमिक जब रात का भोजन कर रहे थे तभी अचानक कुछ अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने कैंटीन पर हथगोला फेंका। इस हमले में 26 श्रमिक बुरी तरह घायल हो गए हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। पुलिस के अनुसार हमले में घायल श्रमिक ग्वादर बंदरगाह पर पाकिस्तान और चीन के बीच बन रहे आर्थिक गलियारा परियोजना के लिए काम कर रहे थे। अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन इसके पीछे बलूच विद्रोहियों का हाथ होने की आशंका जताई गई है क्योंकि ये लोग शुरु से ही पाकिस्तान -चीन आर्थिक गलियारे का विरोध यह कहते हुए कर रहे हैं कि इससे उनके क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों के दोहन का रास्ता खुला जाएगा। आर्थिक गलियारे के निर्माण में व्यवधान पैदा करने वाले आतंकी हमलों में वर्ष 2014 से लेकर अबतक करीब 50 पाकिस्तानी श्रमिक मारे जा चुके हैं।

गांधी-शास्‍त्री जयंती: राष्‍ट्रपति, उप-राष्‍ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत राजनेताओं ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। आज 2 अक्टूबर है, यानी राष्ट्रपति महात्मा गांधी की 148वीं जयंती। पूरा देश बापू को याद कर रहा है।  आज ही के दिन ‘बापू’ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म हुआ था। आज गांधी जयंती है। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह से लेकर वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति तक सभी गांधी जी को श्रद्धांजलि देने के लिए राजघाट पहुंचे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। 
बापू को सीनियर बीजेपी लीडर लाल कृष्ण आडवाणी ने राजघाट जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने भी सुबह राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित की। इनके अलावा उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि दी। गाधी जयंती पर यूपी के सीएम राज्यपाल राम नाईक और सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि दी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने विजयादशमी उत्सव मनाया मोहन भागवत, नितिन गडकरी, देवेंद्र फडनविस सहित लालकृष्ण आडवाणी भी रहे मौजूद

नागपुर-  नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव मनाया गया। हर साल की तरह आज भी इस अवसर पर कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया।

नागपुर के रेशिमबाग मैदान संघ प्रमुख  मोहन  भागवत, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडनविस और बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी कार्यक्रम में मौजूद थे। भागवत ने अपने भाषण की शुरुआत में मुंबई के एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे पर दुख जताया। मोहन भागवत ने कहा- मुंबई में जो हुआ वो दुखद है, उसको लेकर सबकी मन में वेदना हुई है। जीवन में ऐसी बातों का सामना करके आगे बढ़ना पड़ता है।' उन्होंने कहा- विजयादशमी का पर्व विजय देने वाला पर्व है। इस मौके पर उन्होंने मोदी सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा- 70 साल में पहली बार दुनिया का ध्यान भारत पर गया, आर्थिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 

पाकिस्तान में हिंदुओं की हालत पर भागवत ने चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बार बार खुराफातें करता रहता है, जिसकी वजह से सीमा पर रह रहे हिंदुओं को बार-बार वहां से बेदखल होना पड़ता है। वो यहां से आए हैं, इसके पीछे बड़ा कारण है, इसलिए सरकार को उन्हें गंभीरता से लेना चाहिए।

प्रद्युम्न मर्डर:हाईकोर्ट से पिंटो परिवार को नहीं मिली राहत

चंडीगढ़। रेयान इंटरनेशनल स्कूल में 8 सितंबर को हुई प्रद्युम्न की हत्या के बाद मुश्किल में आए रेयान स्कूल के संस्थापकों की अग्रिम जमानत पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने भी खारिज कर दी है। बता दें कि इससे पहले बाम्बे हाईकोर्ट भी पिंटो फैमली की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुका है।
जस्टिस  इंद्रजीत सिंह ने पिंटो परिवार की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार को नॉटिस जारी कर जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाने से किया इंकार कर दिया है।
बता दें कि इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की बेंच ने रेयान स्कूल मामले की सुनवाई करने से इंकार कर दिया था।  क्योंकि रेयान स्कूल के संचालक जज साहब के जानकार थे।

 

ब्लू व्हेल ने गुजरात में ली एक और युवक की जान

अहमदाबाद। खतरनाक ब्लू व्हेल चैलेंज पूरा करने के बाद 30 वर्षीय अशोक मालुना ने आत्महत्या कर ली। जान देने से पहले फेसबुक पेज पर पोस्ट किए गए वीडियो में उन्होंने इस आशय का दावा किया है।

लेकिन पुलिस का कहना है कि उसे इस बात का कोई सुबूत नहीं मिला है कि आत्महत्या करने से पहले मालुना ऑनलाइन चैलेंज में भाग ले रहे थे। मालुना ने 31 अगस्त को अहमदाबाद में नदी में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी।

पुलिस ने कहा कि 30 वर्षीय मालुना कैंसर से पीड़ित थे। कैंसर को लेकर वह गहरे अवसाद में थे। मालुना बनासकांठा जिले के पालनपुर के निवासी थे। आत्महत्या करने से पहले वह फेसबुक पर लाइव थे।

तब उन्होंने कहा था कि ब्लू व्हेल चैलेंज के अंतिम चरण में पहुंचने के बाद वह अपनी जान दे रहे हैं। वीडियो में मालुना ने कहा था कि वह जिंदगी से तंग आ चुके हैं।

अपने दोस्तों से उनके परिवार के सदस्यों को 46000 रुपये सौंप देने को कहा है। ये रुपये उनकी बैग में हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि जान देने के लिए वह मुंबई पहुंचे लेकिन भारी बरसात के कारण वह ऐसा नहीं कर सके।

पुडुचेरी में सरकार उठाएगी कदम

ब्लू व्हेल चैलेंज पर काबू पाने के लिए पुडुचेरी सरकार कानून बनाएगी। मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने शनिवार को कहा कि इसमें भाग लेने वालों के खिलाफ कठोर कदम भी उठाए जाएंगे।

ऑनलाइन गेम में हिस्सा लेने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में कई छात्र अपनी जान दे चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसपर तुरंत काबू पाया जाना चाहिए।

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