छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुशासन के कारण नक्सलियों घटनाओं में 48% की कमी आयी: कांग्रेस

जगदलपुर:-छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक दुबे ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा छत्तीसगढ़ के राज्यपाल से नक्सली समस्या पर, पत्राचार को राजनीतिक नौटंकी करार देते हुए कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह को पत्र लिखने के जगह,पश्चाताप करना चाहिये और प्रदेश की जनता से नक्सलवाद को फैलाने के लिए माफी भी मांगनी चाहिये।

प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि रमन राज के 15 सालों में नक्सलवाद जो कि बस्तर के कुछ गावों तक सीमित था बढ़कर समूचे छत्तीसगढ़ में फैल गया,डॉ रमन सिंह के गृह जिले राजनांदगांव में भी नक्सलियों ने अपनी मजबूत पकड़ बना ली थी और पूरे विश्व में छत्तीसगढ़ की छवि, नक्सलियों के गढ़ के रूप में की जाने लगी थी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह नक्सलियों को माटी पुत्र,धरतीपुत्र कहकर संबोधित करते थे जबकि नक्सली,सीआरपीएफ,सेना,पुलिस के जवान,आदिवासियों और अन्य लोगों की निर्ममता से हत्या किया करते थे। वर्तमान में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुशासन के चलते छत्तीसगढ़ राज्य में नक्सली घटनाओं में 48% की कमी आई है इसका कारण यह है कि बस्तर में किसानों को भाजपा सरकार द्वारा बलात अधिग्रहित की गई अट्ठारह सौ एकड़ जमीन को वापस कर दिया गया जिसमें वह फसल लगाकर, 2500 रु धान समर्थन मूल्य प्राप्त कर रहे हैं।बस्तर और बस्तरवासियों का विकास देखकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह बेचैन हो उठे हैं और अपने 15 सालों की असफलताओं को छुपाने और पर्दा डालने के लिए राज्यपाल से पत्राचार कर रहे हैं जबकि उन्हें नक्सलवाद को फैलाने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की आवश्यकता है।

कांग्रेस प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सुशासन के चलते बस्तर अब मुख्यधारा से जुड़ कर, विकास की ओर अग्रसर हो रहा है।बस्तरवासी गोधन योजना के तहत गोबर की बिक्री कर रहे हैं,नरवा,गरवा,घुरवा,बाड़ी योजना के तहत अपनी आय में वृद्धि कर रहे हैं और 2500 रु धान समर्थन मूल्य पाकर वह पिछले 15 साल के पूर्ववर्ती रमन राज के दंश को भूलने का भी प्रयास कर रहे हैं। यह सभी बात पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह और भारतीय जनता पार्टी को नागवार गुजर रही है। बस्तर में सम्पन्न दो विधानसभा के उपचुनाव,नगर निगम,नगर पालिका,पंचायत के चुनावों में करारी पराजय के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह अपने आप को आदिवासी हितैषी साबित करने में तुले हुयें है,पर आदिवासियों के साथ उन्होंने अपने पंद्रह वर्ष के शासन काल मे घोर अन्याय और अत्याचार किया है।जिसके लिये उन्हें प्रायश्चित करने की आवश्यकता है।

भाजपा चुनाव समिति की अहम बैठक आज, मरवाही उपचुनाव में प्रत्याशी चयन और जीत की रणनीति पर चर्चा

रायपुर:-भाजपा चुनाव समिति की अहम बैठक शनिवार शाम 4 बजे प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में होगी। बैठक में मरवाही उपचुनाव को लेकर रणनीति तैयार की जाएगी। गौरतलब है कि मरवाही विधानसभा में उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 9 अक्टूबर से प्रारंभ होगी। अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित इस सीट पर 16 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल होगा। साथ ही नामांकन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि - 16 अक्टूबर - नामांकन पत्रों की जांच - 17 अक्टूबर - नाम वापसी की अंतिम तिथि- 19 अक्टूबर तय की गई है। मतदान की तिथि - 3 नवंबर और 10 नवंबर को होंगे। इस बीच भाजपा प्रत्याशी चयन के साथ-साथ विधानसभा में जीत हासिल करने के लिए रणनीति तैयार करेगी।

जनवरी से सितंबर तक 128 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण : सुंदरराज

दंतेवाड़ा:-जिले में विगत 5 वषों में नक्सलवाद छोड़कर जितने नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया उससे कहीं अधिक नक्सलियों ने इस वर्ष 9 महीने के अंतराल में आत्मसमर्पण किया है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2020 से सितंबर 2020 तक कुल 128 नक्सलियों ने हिंसा छोड़ समाज की मुख्यधारा में लौटे हैं। जबकि विगत 5 वषोंं में कुल 116 नक्सलियों ने ही आत्मसमर्पण किया था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दंतेवाड़ा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान सबसे ज्यादा कारगर साहिब हुआ है। इस अभियान के शुरू होने के बाद से विगत 3 महीने में 109 नक्सलियों ने हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण किया है। नक्सलवाद के साथ जुड़कर हिंसा के रास्ते पर चल पड़े दंतेवाड़ा के ग्रामीण युवाओं का अब नक्सलवाद से मोह भंग हो रहा है। इसका अंदाजा आत्मसमर्पण के आंकड़ों से लगाया जा सकता है।

उल्लेखनिय है कि बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित जिले जिसमें सबसे ज्यादा बीजापुर और सुकमा जिला नक्सल प्रभावित माना जाता है, जहां इन दिनों नक्सलियों के द्वारा हत्या का अनवरत सिलसिला जारी है। यहां नक्सलियों के मध्य फूट पड़ने की भी जानकारी मिल रही है, जिसके कारण नक्सलियों ने अपने ही 8 लाख के ईनामी नक्सली कमांडर मोडय़ामी विच्चा की गोली मारकर हत्या कर दी। लेकिन बीजापुर और सुकमा जिला सबसे अधिक नक्सल प्रभावित होने के बावजूद आत्मसमर्पण की संख्या कम है। वहीं दूसरी ओर नारायणपुर जिले में भी आत्मसमर्पण कम हुए हैं। कोंड़ागांव और कांकेर जिला भी इसमें पीछे हैं। सबसे कम नक्सल प्रभावित बस्तर जिला माना जाता है, जहां यदा-कदा नक्सली वारदात देखने को मिलती है।

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर इस वर्ष 2020 में सबसे अधिक नक्सलियों की घर वापसी हुई है। उन्होंने बताया कि हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लौटे आत्मसर्मपित नक्सलियों में 8 लाख के इनामी कोसा मरकाम, मल्ला, लक्ष्मण, नंदा, साधु सहित अन्य का कहना है कि नक्सली दबाव व बहकावे में वे भटक गए थे। हिंसा में कुछ भी नहीं रखा है, बल्कि हमने अपनों का ही खून बहाया है।

छत्तीसगढ़ के लोक गीत-नृत्यों में झलकता है धर्म-दर्शन और अध्यात्म: राज्यपाल

रायपुर:-छत्तीसगढ़ की संस्कृति भी अत्यंत समृद्ध है, जो यहां के पारम्परिक लोकगीत एवं लोकनृत्य में दिखाई देती है। यहां की समस्त सांस्कृतिक गतिविधियों में धर्म, दर्शन और अध्यात्म का मणिकांचन योग झलकता है। यहां के लोकनृत्य एवं जनजातीय नृत्य पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। अगर आप गौर करेंगे तो लोक गायन और लोक नृत्यों में धर्म, दर्शन और अध्यात्म को निहित पाएंगे, जिसका उद्देश्य समाज में शांति स्थापित करना है। जब मैंने छत्तीसगढ़ राज्यपाल का पद संभाला और उसके बाद लोगों से मिली और कार्यक्रमों में गई तो, आप विश्वास नहीं करोगे कि यहां के गीत और संगीत में इतनी मधुरता है, एक भावना है, जिसे आप सुनते हैं तो आपके दिल को छू लेती है। इस तरह गीतों के भाव और गाने की शैली, सहजता और सरलता मैंने प्रदेश के लोगों में पाया है। यह बात राज्यपाल अनुसुईया उइके ने आज द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर एमआईटी यूनिवर्सिटी पुणे द्वारा ऑनलाइन आयोजित विज्ञान, धर्म और दर्शन की छठवें अंतर्राष्ट्रीय संसद को संबोधित करते हुए कही।

राज्यपाल ने कहा कि अध्यात्म और विज्ञान दोनों सृजन के मूलमंत्र से जुड़े हैं। दोनों बाहरी जगत और अंतरात्मा को जोड़ने का काम करते हैं। अध्यात्म हमें मन से जोड़ता है और विज्ञान ये बताता है कि बाहरी जगत का हमारे मन और शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है। अध्यात्म और विज्ञान दोनों ही सत्य की खोज करते हैं, हमें प्रकृति से जोड़ते हैं, मानवता से जोड़ते हैं और दोनों का उद्देश्य हमारे जीवन को बेहतर बनाना है। अध्यात्म और विज्ञान दोनों समाज के कल्याण के लिए काम करते हैं, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए यदि वैज्ञानिक खोजों की जरूरत होती है, तो मन को स्वस्थ और सुंदर बनाने के लिए अध्यात्म के नियमों का पालन जरूरी होता है। अध्यात्म और विज्ञान मिलकर स्वस्थ और सुंदर समाज का निर्माण करते हैं। अध्यात्म और विज्ञान एक-दूसरे के पूरक तभी हो सकते हैं, जब अध्यात्म को अंधविश्वास से न जोड़ा जाए और विज्ञान का प्रयोग विनाश के लिए न हो। अध्यात्म और विज्ञान द्वारा जनहित में की गई हर खोज उन्हें एक-दूसरे के करीब ले आती है।

उन्होंने कहा कि अध्यात्म हमें वैज्ञानिक तरीके से सोचने की प्रेरणा देता है और विज्ञान हमें अध्यात्म के रहस्य बताता है। अध्यात्म वैदिक धर्मग्रंथों में विश्वास करता है और विज्ञान का आधार है सही तर्क और नई खोज। दोनों ही अपनी बात ठोस आधार पर करते हैं। विज्ञान बाहरी जगत की सच्चाई की खोज का माध्यम है और अध्यात्म अंतर्मन को जानने-समझने का जरिया। दोनों ही मार्ग हमें ज्ञान की राह पर ले जाते हैं और हमारे जीवन को बेहतर बनाते हैं। हां, दोनों के रास्ते जरूर अलग हैं। विज्ञान भौतिक रास्ते से जाता है और अध्यात्म अभौतिक के रास्ते से। राज्यपाल ने कहा कि मुझे बताया गया है कि आम संस्था द्वारा विश्व राजबाग, लोनी कालभोर, पुणे में दुनिया के सबसे बड़े गुंबद, दार्शनिक संत ज्ञानेश्वर विश्व शांति पुस्तकालय एवं विश्व शांति प्रार्थना हाल की स्थापना की गई है, वह सराहनीय है। इस कार्यक्रम में एमआईटी, पुणे के संस्थापक एवं मुख्य संरक्षक डॉ. विश्वनाथ कराड तथा एम.आई.टी. विश्व शांति विश्वविद्यालय के कार्यकारी अध्यक्ष राहुल कराड ने भी अपना संबोधन दिया। इस अवसर पर गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

कांग्रेस ने 55 साल के राज में किसानों की भलाई के लिए क्या किया, इस बारे में स्पष्ट करें : विष्णुदेव साय

रायपुर:-भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदेव साय ने मोहन मरकाम की ओर से कृषि विधेयकों को लेकर पहले राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन और कृषि कानून के विरोध में प्रदेश के ब्लॉक मुख्यालय में धरना पर सवाल उठाया हैं। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने 55 साल के राज में किसानों की भलाई के लिए क्या किया, इस बारे में वह स्पष्ट करें। यू टर्न लेने वाली कांग्रेस ने केवल किसानों को छलने और ठगने का काम किया है, शायद इसीलिए उनके पैदल मार्च और धरने में एक भी किसान नजर नहीं आया। यह कांग्रेस के झूठ, भ्रम और छलावे की सियासत को आइना दिखाता है कि किसान हितैषी बिल को काला कानून बताने का पाप करने वाली कांग्रेस के साथ कोई किसान नहीं खड़ा हैं। साय ने कहा है कि आज छत्तीसगढ़ के किसानों का रकबा कम करने का काला कानून चलाने वाली कांग्रेस कृषि कानून के नाम पर ठीक उसी प्रकार झूठ फैला रही,जैसे सीएए और एनआरसी के नाम पर देश को बांटने और तोड़ने का प्रयास किया था। साय ने कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम से पूछा है कि कृषि संबंधी कानूनों से किसानों को उन पाबंदियों से आजादी मिलेगी, जिसका वे दशकों से सामना कर रहे थे, किसानों की आजादी से कांग्रेस के पेट में दर्द क्यों?अपने चुनावी घोषणापत्र में कांग्रेस ने खुले बाजारों की बात कही थी अब जब खुला बाजार मिल रहा तो कांग्रेस को पीड़ा क्यों? क्यों किसानों की समृद्धि का मार्ग कांग्रेस को खटक रहा हैं? क्यों एमएसपी और मंडी बंद का झूठा भ्रम फैला कर कांग्रेस राजनीति कर रहीं हैं? 55 वर्षों तक कांग्रेस ने किसानों का हितैषी होने की सिर्फ बात की और जब किसान हित में कानून बना हैं तो फिर विरोध क्यों?

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर दुर्ग जिले को दी 253 करोड़ रुपए की लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगात

रायपुर:-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दुर्ग जिले के सांकरा-पाटन में 55 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की आधारशिला रखने के साथ ही पाटन-सांकरा, दुर्ग और भिलाई में 253 करोड़ 61 लाख रुपए की लागत वाले 39 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना सेे राज्य में उद्यानिकी और वानिकी की शिक्षा, अनुसंधान एवं इससे जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार एवं स्वालंबन के नए द्वार खुलेंगे।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भिलाई में ऑक्सीजोन और लाइब्रेरी की स्थापना के लिए ढ़ाई करोड़ रूपए की स्वीकृति दी। उन्होंने दुर्ग के स्टेडियम और कलेक्टोरेट भवन एवं परिसर का उन्नयन कराए जाने की घोषणा की। उन्होंने महात्मा गांधी की 151वीं वर्षगाठ के अवसर राज्य में ग्रामोद्योग सामग्रियों पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट दिए जाने का एलान किया। मुख्यमंत्री ने भारतीय राष्ट्रीय कृषक उपज उपार्जन प्रसंस्करण एवं फुटकर सहकारी संघ मर्यादित (नेकॉफ) के सहयोग से खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के 09 विकय केन्द्र राज्य के रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अम्बिकापुर, जगदलपुर, बैकुण्ठपुर (कोरिया), कोरबा, राजनांदगांव, सक्ती (जांजगीर-चांपा) और दंतेवाड़ा में प्रारंभ करने की घोषणा की।

सीएम बघेल ने कहा सुराजी गांव योजना के तहत नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के माध्यम से पशुधन संरक्षण एवं ग्रामीण स्वावलंबन, किसानों की ऋण माफी के साथ राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिए किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने तथा गोधन न्याय योजना के माध्यम से स्वच्छता और लोगों की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार महिला स्व-सहायता समूहों को जमीन उपलब्ध कराकर उन्हें सब्जी, फल उत्पादन एवं अन्य आय मूलक गतिविधियों से जोड़ रही है।

उन्होंने कहा कि जशपुर से बस्तर तक बाड़ी विकास योजना सफल रही है। स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और कुपोषण के खिलाफ मजबूती से कदम उठाए गए हैं। सुपोषण अभियान के चलते एक वर्ष में साढ़े 13 प्रतिशत बच्चे कुपोषण से मुक्त हुए हैं। पांच लाख कुपोषित बच्चों में से 68 हजार बच्चे कुपोषण से बाहर आए हैं। स्वच्छता के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में जहां जीएसटी में 24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं छत्तीसगढ़ में सितम्बर माह में जीएसटी में 24 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है।

बघेल ने आगे कहा कि कोरोना काल की विपरीत परिस्थितियों में छत्तीसगढ़ में गांधी जी के स्वावलंबन का मार्ग अपनाते हुए लघु वनोपज संग्रहण, किसानों को अतिरिक्त राशि देकर, गोधन न्याय योजना में लोगों को राशि देकर उन्हें आय का जरिया उपलब्ध कराया, जिसके परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ में जीएसटी में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जंगलों में इस वर्ष फलदार वृक्ष लगाने की शुरूआत की गई है। इससे वन क्षेत्रों के लोगों की आय में बढ़ोतरी होगी। छत्तीसगढ़ में लगभग 44 प्रतिशत भूभाग में वन है। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के अधीन राज्य में वानिकी महाविद्यालय भी खोले जाएंगे। इससे हमारे जंगल बचेंगे और लोगों की आय भी बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री ने पाटन ब्लॉक मुख्यालय में 5 करोड़ 22 लाख रुपए की लागत निर्मित 44 शासकीय आवास भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने इसके साथ ही खारुन नदी में 8 करोड़ 35 लाख रुपए की लागत से उफरा से रवेली मार्ग में उच्चस्तरीय पुल तथा खम्हरिया नाला में अभनपुर-तर्रीघाट पाटन मार्ग में खम्हरिया नाला में 8 करोड़ 17 लाख रूपए से बनने वाले उच्चस्तरीय पुल, लगभग 37 लाख लागत से बनने वाले सहकारी बैंक की झीट शाखा के नये भवन का भूमिपूजन भी किया। पाटन विकासखण्ड के ग्राम सेलूद में मुख्यमंत्री सोलर चरखा प्रशिक्षण केन्द्र का शुभारंभ भी किया।

बघेल ने दुर्ग शहर में 138 करोड़ 35 लाख रुपए के कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। उन्होंने ठगड़ा बांध सौदर्यीकरण हेतु कराए जाने वाले 13 करोड़ 49 लाख रुपए की लागत वाले विकास एवं निर्माण कार्यों की आधारशिला रखी। 68 करोड़ 16 लाख रुपए की लागत से नेहरू चौक से मिनी माता चौक तक 8 किलोमीटर मार्ग का सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य और 56 करोड़ 39 लाख रूपए की लागत से पुलगांव नाका से अंजोरा तक साढ़े 06 किमी फोरलेन निर्माण का भूमिपूजन किया।

दुर्ग शहर के इंदिरा मार्केट सब्जी मंडी में 66.50 लाख रूपए की लागत से शेड निर्माण कार्य, पोटिया में 29.63 लाख रूपए की लागत से और वाय शेप ओव्हर ब्रिज के नीचे स्थित फिल्टर प्लांट के सामने 16.54 लाख रूपए की लागत से उद्यान निर्माण का भूमिपूजन किया। उन्होंने इसके अलावा मछली पालन विभाग के नवनिर्मित प्रशिक्षण हॉल सह-भण्डार कक्ष का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस मौके पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण करने के साथ ही नगर पालिक निगम क्षेत्र भिलाई में लगभग 37 करोड़ रूपए के 28 कार्यो का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसके अलावा खुर्सीपार भिलाई में 4 करोड़ 65 लाख रूपए की लागत से बनने वाले नवीन महाविद्यालय भवन आधारशिला रखी।

मुख्यमंत्री ने सांकरा ग्राम में उपस्थित बिहान महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं और प्रगतिशील कृषक जगनूराम ठाकुर से चर्चा कर उद्यानिकी फसलों की खेती और उनसे हुए लाभ की जानकारी ली। कार्यक्रम की शुरूआत में मुख्यमंत्री ने भिलाई के कलाकारों द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रिय भजन ’वैष्णव जन तो तेने कहिए’ पर तैयार वीडियो का लोकार्पण किया। यह वीडियो भिलाई के प्रभंजय चतुर्वेदी और उनकी टीम द्वारा तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कलाकारों के इस प्रयास की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री बघेल ने दुर्ग में उपस्थित कोरोना वारियर्स को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मानित किया।

वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से वन्य प्राणी सप्ताह के तहत सीमावर्ती वनांचल क्षेत्रों का भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया

कवर्धा:-राज्य की सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात वन विभाग और मध्यप्रदेश के कान्हा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ संरक्षित क्षेत्र के क्षेत्रीय वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से वन्य प्राणी सप्ताह के तहत सीमावर्ती वनांचल क्षेत्रों का भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण में पदस्थ अधीक्षक, परिक्षेत्र अधिकारी, परिक्षेत्र सहायक और गेम गार्ड्स के साथ मध्यप्रदेश के कान्हा राष्ट्रीय उद्यान और बाघ संरक्षित क्षेत्र के क्षेत्रीय वन अमला ने मालूम झोला, मठिया डोंगरी, नंदनीटोला, कुमान, सिलयारी, बंदूक कुंदा, पटवा ग्रामों और इन ग्रामों से सटे हुए वन क्षेत्रों का लगभग 20 किलोमीटर पैदल गश्त करके भ्रमण किया। पैदल गश्त से वन क्षेत्र में पदस्थ स्थानीय वनकर्मी को अपने क्षेत्र के बारे में जानकारियां प्राप्त होती है। जिनका उपयोग वह वन संरक्षण, वन प्रबंधन और वन विकास में कर सकते हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य के अलग-अलग जिलों में विभिन्न प्रकरण प्रकाश में आए हैं कि स्थानीय ग्रामीणों और शिकारियों द्वारा वन्य प्राणियों का शिकार करंट लगाकर किया जा रहा है। वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, अतिक्रमण, अवैध उत्खनन और बहुमूल्य वनोपज तथा लघु वनोपज के परिवहन की घटनाएं भी घटित होती रहती हैं।

दोनों राज्यों की संयुक्त गश्त दल आगे भी जारी रहेगी- डीएफओ

कबीरधाम जिले के वनमंडलाधिकारी दिलराज प्रभाकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश राज्य के वनकर्मियों की संयुक्त पैदल गश्त की यह पहल आगे भी जारी रहेगी। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों के वन प्रबंधन और वन विकास में न सिर्फ वन विभाग के अमले की भूमिका होगी बल्कि स्थानीय ग्रामीणों की भी सक्रिय सहभागिता से वनों को सुरक्षित और संरक्षित रखने में शासन और प्रशासन को सहयोग मिलेगा।

मशरूम निकालने गए दो ग्रामीणों पर भालू ने किया हमला, घायल अवस्था में अस्पताल में हुए भर्ती

कोरबा:-वन विभाग के करतला रेंज के ग्राम नोनदरहा में शुक्रवार को जंगल में मशरूम निकालने गए दो ग्रामीणों पर भालू ने हमला कर दिया। इससे वे घायल हो गए। घायल ग्रामीणों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। वन विभाग ने दोनों को उपचार के लिए तत्कालिक सहायता राशि उपलब्ध करा दी है। मिली जानकारी के अनुसार घटना करतला रेंज के नोनदरहा जंगल के कक्ष क्रमांक पी-1154 में आज सुबह घटित हुई। बताया गया कि गांव के निवासी पुस्तक राम राठिया व शिवनारायण अपने साथियों के साथ मशरूम निकालने जंगल में गए हुए थे। तभी भालू ने दोनों पर हमला बोल दिया। भालू ने पहले पुस्तक राम पर हमला करते हुए उसे लहूलुहान कर दिया। पुस्तक राम की मदद की गुहार सुनकर जब शिव नारायण वहां पहुंचा तो भालू उस पर भी टूट पड़ा। घायल होने के बाद भी दोनों हार नहीं माने और भालू का डटकर मुकाबला करते हुए उसे भागने के लिए विवश कर दिया। ग्रामीण साथियों ने पुलिस वाहन 112 को बुलाकर उपचार के लिए करतला चिकित्सालय भिजवाने के साथ ही वन विभाग को सूचित किया।ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी अस्पताल पहुंचे। वन्य प्राणी के हमले में घायल होने पर दी जाने वाली तत्कालिक सहायता राशि रूपए 500 उपलब्ध कराई। रेंजर जीवनलाल भारती ने बताया कि वन विभाग घायल दोनों ग्रामीणों के संपूर्ण इलाज का खर्चा वहन करेगा।

ग्राम पंचायत पोता में मनाया गया महात्मा गांधी की 151 वीं जयंती,सरपंच रुपेश गबेल के अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ संपन्न

मालखरौदा:-जाँजगीर चापा जिला के मालखरौदा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पोता में आज 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी के 151वीं जयंती कार्यक्रम मनाया गया और महात्मा गांधी को याद किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरपंच रुपेश कुमार गबेल द्वारा नारियल तोड़ कर और फोटो पर पुष्प हार लगाकर किया गया।कार्यक्रम में पुरी तरह से शोशल डिस्टेनस का पालन करत्व हुये कार्यक्रम किया गया और महात्मा गांधी के दिये संदेशो को लोगो तक पहुचाया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से सरपंच रूपेश गवेल, उपसरपंच यादराम जांगड़े सचिव हेमंत कर्ष तथा पंच गण हेमंत गवेल, मनबोध सिदार, चंद्र कुमार चंद्र शिव रतिया, सुरेश केवट एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

तिल्दा में दुकानदार देर रात्रि तक दुकान खोलकर कोविड -19नियमों की उड़ा रहे धज्जियां

मदन खांडेकर

गिधौरी:-लवन से करीब 07 किलोमीटर की दूरी पर बसा ग्राम पंचायत तिल्दा हैं जंहा गायत्री मंदिर चौक पर कुछ किराना दुकान दार कोविड-19 नियमों को दरकिनार कर देर रात्रि 9से10बजे रात तक दुकान खोलकर भीड़ इकट्ठा करने की खबर सूत्रों से प्राप्त है।वर्तमान समय मे कोरोना नामक महामारी का प्रकोप सभी जगहों पर पैर पसार चुका है ।कोरोना मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ रहा है।शासन प्रशासन एवं राज्य सरकार रोकथाम की दिशा में सार्थक पहल कर रहा है।नए नए नियमों को जारी कर रोकथाम की दिशा में निरंतर एक सराहनीय प्रयास कर रहा है।लेकिन कुछ लोग हैं जो जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार के नियमों को ठेंगा दिखाने में लगा है।ऐसे ही कुछ लोगो में ग्राम पंचायत तिल्दा के गायत्री मंदिर चौक के पास कुछ दुकानदार देर रात्रि 9-10 बजे तक दुकान खोलकर ग्राहकों एवं भीड़ को एकत्रित करके रखने का मामला प्रकाश में आया है।ऐसे लोग जिला कलेक्टर के आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं।खास बात यह भी हैं कि देर रात्रि तक खुलेआम दुकान खुले रहने से शराबियों, गांजा पीने वाले ,एवं गुटखा पाउच खाने वालों की चांदी रहता है।गांव के अधिकांश चौक चौराहों पर गांजा ,दारू पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है।नशेड़ियों का जमावड़ा स्कूल परिसर एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी रात्रि के समय मे रहता है।नशेड़ी वर्ग बच्चों के ज्ञान के मंदिर को भी नहीं छोड़ रहे हैं।विरोध करने पर नशेड़ियों के द्वारा एवं उनके परिवार के सदस्य अपराध को बढ़ावा देकर विरोध करने वाले व्यक्तियों के घर पर डंडा लाठी लेकर हमला करने पहुंच जाते हैं।तिल्दा में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।कानून हाथ मे लेकर किसी भी व्यक्ति के जान माल को नुकसान पहुंच सकते हैं।जागरूक एवं विरोध करने वाले लोग अपराधियों के भय के चलते विरोध एवं पुलिस में शिकायत करने से संकोच करते हैं।जिसका सीधा फायदा अपराधी जगत से जुड़े लोग उठा रहे हैं।गौरतलब हो कि जिला प्रशासन के वर्तमान निर्देश के तहत दुकान एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठान रात्रि के 8बजे तक ही खुले रहना है ,मास्क सैनिटाइजर एवं डिस्टेन्स का पालन करना अनिवार्य है।लेकिन तिल्दा के दुकानदारों के द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाया जा रहा है।जिसकी कार्रवाई की मांग जागरूक नागरिकों के द्वारा जिला कलेक्टर, तहसीलदार, एवं पुलिस प्रशासन से किये गए है।इस मामले पर तहसीलदार गौतम सिंह ने कहा नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगा।वंही नायब तहसीलदार लवन श्रीमती प्रियंका बंजारा ने मीडिया को बताया कि जो कोई भी हो कोविड-19 के नियमों का उल्लंघन करते पाय जाने पर सख्त कार्रवाई होगा।प्रेस कलब यूनियन लवन के अध्यक्ष योगेश सिंघम ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग शासन प्रशासन से किये हैं।

कोरिया जिले के सभी तहसीलों से आए पत्रकारो ने कांकेर में हुई मारपीट को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया

कोरिया:-कोरिया जिले के सभी तहसीलों से आए पत्रकारो ने कांकेर में हुई मारपीट को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, पटना, बैकुंठपुर के साथ दूरस्थ क्षेत्र भरतपुर से पत्रकारो ने शिरकत की।

धरना प्रदर्शन सुबह 11 बजे शुरू हुआ जो दोपहर 2 बजे खत्म हो गया, धरना प्रदर्शन की शुरुआत महात्मा गांधी जी की जयंती पर वरिष्ठ पत्रकार सतीश गुप्ता ने पुष्प माला अर्पित कर हुआ, इसके बाद हाथरस में हुई घटना में मृत पीड़िता को 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई, इसके पत्रकारो ने बारी बारी से कांकेर में हुई घटना को लेकर अपने अपने वक्तव्य दिए, जिसमे सतीश गुप्ता, कृष्ना सिंह बाबा, अमित सोनी, योगेश चंद्रा, प्रवीण निशि, सराफत अली, नत्थू प्यासी, राजेश राज गुप्ता, जगजीत सिंह ने एक स्वर में राज्य सरकार से हुई मारपीट पर कार्यवाही करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पत्रकार बिना डर भय के काम करे, पत्रकार सुरक्षा कानून को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की, यह भी कहा गया कि जब कोई नेता के खिलाफ कुछ होता है तो पुतला दहन होने लगता है जबकि पत्रकार के खिलाफ मारपीट होने पर एकदम चुप्पी छा जाती है।।सभी ने एक स्वर में कहा कि यहां पहुंचे पत्रकार अलग अलग संघो से है पर पहले पत्रकार है इस नाते उनका यहां आना पत्रकार एकता को दर्शाता है। इस अवसर पर सतीश गुप्ता, राजेश राज गुप्ता, कृष्ना सिंह बाबा, चंद्रकांत पारगीर, अमित सोनी, योगेश चंद्रा, प्रविंद्र सिंह, प्रशांत मिश्रा, जगजीत सिंह, नत्थू प्यासी, संजीव सिंह, रवि शर्मा, रवि सिंह, आशीष सोनी, अजीत पाटकर, राकेश सिंह, मदन तिवारी, सतीश मिश्रा, रजनीश श्रीवास्तव, नारायण दत्त तिवारी, शैलेश गुप्ता, रवि तिवारी, इश्णु यादव, सुनील सिंह, विवेकानंद पांडेय, राजकुमार शेट्टी, एस कर रूप, सुरेश मिनोचा, अशोक कुजूर, दुलाल डे, अंकुश गुप्ता, अजय रजक, प्रदीप शर्मा, प्रवीण निशि, धीरेंद्र विश्वकर्मा, सराफत अली, नीलेश कुमार तिवारी, महेंद्र पांडेय, मनोज श्रीवास्तव, आयुष नामदेव, महेश साहू, विद्यानंद ठाकुर अजीत सिंह, राजू खान सहित काफी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

सिंघुल गाँव मे महिला कमांडो सहित ग्रामवासियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को किया नमन

नवागढ़:-सिंघुल गाँव के सरपंच शांतिघासीराम सहीत महिला कमांडो की टीम ने शुक्रवार को आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण करके उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सिंघुल गाँव मे सफाई अभियान चलाया गया जिसमें वार्ड नंबर 5 के कान्हा पारा में ग्रामवासियों व महिला कमांडो की टीम के द्वारा इस कोरोना काल मे सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क लगाकर स्वच्छता अभियान के तहत गाँव मे सफाई अभियान चलाया गया जिसमें ग्राम पंचायत सिंघुल जनपद पंचायत नवागढ़ के सरपंच शांतिघासीराम कश्यप, उप सरपंच प्रेमलाल, परमानंद कश्यप, भूषण पटेल रामनारायण सतनारायण श्रीवास सोनू, गजेंद्र कुमार, नरेश, शिव कुमार कश्यप, लक्ष्मण दास, ज्ञानदास राजू कुमार, संतोष कुमार बलदाऊ मांझी, उचित राम, एवं महिला कमांडो के अध्यक्ष सचिव, कोषाध्यक्ष और समस्त सदस्य गण उपस्थित थे।

अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों पर दर्ज केस की हुई समीक्षा, 8 जिलों के 528 प्रकरणों पर हुआ विचार

रायपुर:-उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति एके पटनायक (से.नि.) की अध्यक्षता में बीते कल वीडियो कांफ्रेंसिंग से अनुसूचित जनजाति वर्ग के रहवासियों के खिलाफ दर्ज प्रकरणों की समीक्षा की गई। इनमें बस्तर संभाग के जिले क्रमशः बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर, कोंडागांव और राजनांदगांव शामिल हैं। बैठक में 528 प्रकरणों पर विचार किया गया। इसमें से 216 प्रकरण अभियोजन से वापस लिए जाने की अनुशंसा समिति की ओर से की गई। इसी प्रकार 169 प्रकरण धारा 265 ए दंड प्रक्रिया सहिता के तहत अभिवाक् सौदेबाजी (प्ली ऑफ बारगेनिंग) के माध्यम से न्यायालय से निराकरण के लिए अनुशंसा की गई। बैठक में समिति के सदस्य एवं महाधिवक्ता छत्तीसगढ़ शासन सतीशचन्द्र वर्मा, अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू, पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी, सचिव गृह विभाग एडी गौतम, महानिदेशक जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं संजय पिल्लै, संचालक लोक अभियोजन प्रदीप गुप्ता, पुलिस महानिदेशक रेंज बस्तर सुंदरराज पी, उप पुलिस महानिरीक्षक सीआईडी एससी द्विवेदी, उप पुलिस महानिरीक्षक कांकेर डॉ. संजीव शुक्ला उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि पूर्व में अक्टूबर 2019 और मार्च 2020 में समिति की ओर से उक्त आठों जिलों के अनुसूचित जनजाति वर्ग के रहवासियों के विरुद्ध दर्ज कुल 404 प्रकरणों को अभियोजन से वापस लिए जाने और 81 प्रकरण धारा 265 ए दंड प्रक्रिया संहिता के तहत अभिवाक् सौदेबाजी (प्ली ऑफ बारगेनिंग) के माध्यम से न्यायालय से निराकरण के लिए अनुशंसा की गई थी। इस प्रकार अब तक अनुसूचित जनजाति वर्ग के रहवासियों के विरूद्ध दर्ज कुल 620 प्रकरणों को अभियोजन से वापस लिए जाने और 250 प्रकरण धारा 265 ए दंड प्रक्रिया संहिता के तहत अभिवाक् सौदेबाजी (प्ली ऑफ बारगेनिंग) के माध्यम से न्यायालय से निराकरण के लिए अनुशंसा की जा चुकी है।

परिवार से अंतिम संस्कार का अधिकार तक छीन लेना, ये कैसी क्रूरता है? - फूलो देवी नेताम

जगदलपुर:-राज्य सभा सांसद एवं महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलो देवी नेताम ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुये कहा है कि सुबह-सुबह ढाई बजे, जिस तरह से उत्तर प्रदेश की सरकार ने हाथरस की बेटी के साथ अन्याय किया है उसे देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस्तीफा प्रधानमंत्री को मांगना चाहिए।

राज्य सभा सांसद एवं महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलो देवी नेताम ने कहा है कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री का ट्वीट आया, उन्होंने एसआईटी का गठन किया। क्या इस एसआईटी के पास वो पावर है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को बुलाया जाए ? आज अपराधियों की गिरफ्तारी तो हुई लेकिन अब मुख्यमंत्री को एसआईटी के सामने जवाब देना चाहिए कि जिस बच्ची का इस तरह से बलात्कार हुआ, जिसकी रीढ़ की हड्डी टूटी, जिसकी जीभ को काट कर फेंक दिया गया,उस बच्ची को पहले डिस्ट्रिक्ट अस्पताल में रखा,उसको फिर अलीगढ़ के एक अस्पताल में रखा। 8 दिन एक नार्मल वार्ड में रखा और सफदरजंग अस्पताल तब पहुंचाया जब उसका अंतिम वक्त आ चुका था। बलात्कारियों की जांच एसआईटी करेगी, पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की इस निर्दयता और मुख्यमंत्री के इस षड़यंत्र की जांच कौन करेगा, प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिये ?

राज्य सभा सांसद एवं महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलो देवी नेताम ने कहा है कि सुशासन की बात करने वाले मुख्यमंत्री के रहते, जैसे आज एक बच्ची का क्रियाकर्म किया गया किसी रीति रिवाज को नहीं माना गया, ढाई बजे रात को जिस तरह से किया गया। भाजपा की उत्तर प्रदेश की सरकार क्या छुपा रही हैं? आपकी नाकामी आज साबित नहीं हुई, जबसे आप मुख्यमंत्री के पद पर बैठे हैं, तब से आपकी नाकामी बार-बार साबित हुई है, पर जो कल या आज सुबह हाथरस की बेटी के साथ किया गया, आपने हर हद को पार किया, हर सीमा को पार किया।

प्रदेश महिला कांग्रेस मांग करती है कि एक ही तरीका है इस मामले में न्याय करने का कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी को नैतिकता के आधार पर अपनी गद्दी छोड़नी चाहिए। नरेन्द्र मोदी जी का नारा था बेटी बचाओ पर आज देश के बेटियाँ असुरक्षित है और आप इस पर मौन है।

मीडिया पत्रकार से दुर्व्यवहार करने वाले थाना प्रभारी के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग

मदन खांडेकर

बिलाईगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत सभी थानाओं और चौकी से सम्बन्धित खबरों का आगामी बैठक तक बहिष्कार

गिधौरी/ बिलाईगढ़ ब्लॉक के सभी पत्रकारों का अतिआवश्यक बैठक 30 सितंबर को भटगांव रेस्ट हाउस में सम्पन्न हुआ। वही बैठक में कई मुख्य बातों पर चर्चा हुई ,साथ ही साथ बिलाईगढ़ ब्लॉक में हो रहे है जुआ,सट्टा,अवैध शराब की बिक्री जैसे गतिविधियों पर थाना प्रभारियों द्वारा कोई कार्यवाही नही करने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। आपको बतला दें कि विगत दिवस भटगांव के थाना प्रभारी जितेंद्र कोसले ने मीडिया पत्रकार राजू निराला द्वारा खबरों को लेकर अपराधी जैसे दुर्व्यवहार किया था और पूछताछ के नाम पर उन्हें एक अपराधी की तरह एसपी कार्यालय बलौदाबाजार लेे जाया जा रहा था जिससे पूरे पत्रकार जगत के मान सम्मान को ठेस पहुंची है। जबकि उनके खिलाफ किसी प्रकार का कोई एफ आई आर दर्ज नही हुआ था, कानूनन कोई पुलिस किसी का बयान तभी लेे सकती है जब उनके पास लिखित में शिकायत पहुंची हो लेकिन उक्त थाना प्रभारी ने बल पूर्वक पत्रकार को एस पी ने बुलाया है करके अपनी निजी वाहन से बलौदाबाजार ले जा रहा था और जैसे ही टूण्डरी नाका से पहले उनके मोबाईल पर किसी का काल आया जिसके बाद उसे भटगांव थाना वापस लाया और एक अपराधी की तरह बयान लेकर हस्ताक्षर कराया गया जिसकी ब्लॉक के पत्रकारों ने इस घटना की निन्दा करते हुए उक्त थाना प्रभारी को बर्खास्त करने और उन पर कार्यवाही करने की मांग की है और ब्लॉक के समस्त पत्रकारों ने शासन प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि इसकी जांच कर भटगांव थानेदार सहित इस घटनाक्रम में शामिल सभी आरोपियों के प्रति कड़ी कार्यवाही हो। इस घटना का चारों ओर विरोध हो रहा है कि संविधान के चौथे स्तम्भ को भटगांव थाना प्रभारी द्वारा दबाने का कार्य किया है जिन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही भटगांव के थाना प्रभारी जितेंद्र कोसले के द्वारा पत्रकारों के साथ अक्सर दुर्व्यवहार करने की शिकायते भी मिलती रही है।

वहीं इसके पूर्व भी पत्रकारों के साथ इस प्रकार की घटना हो चुकी है और थाना प्रभारियों मनमाने रैवये पर एसपी की गाज गिरा था और कार्यवाही भी हुआ है । यदि एसपी द्वारा इस प्रकार पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले थाना प्रभारी पर कार्यवाही नहीं किया गया तो संघ ने पुलिस के उच्च अधिकारियों के पास उसके खिलाफ कार्यवाही करने का मांग करेंगे।

जिसके मद्देनजर बैठक में सभी पत्रकारो ने प्रस्ताव पारित किए हैं कि आगामी बैठक तक कार्यवाही नहीं होने तक बिलाईगढ़ ब्लॉक के सभी थानों की खबरों का प्रकाशन नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर पत्रकारों में मुख्यतः योगेश शर्मा,इस्माईल खान,नीलकांत खटकर,रूपेश श्रीवास,रघुनाथ साहू,बसंत सोनी,दरस राम टंडन,दसरथ साहू,राहुल पांडे,डगेश खटकर,रमेश साहू,,शांति देवांगन,सहदेव सिंह सिदार,दसरथ साहू,संदीप पटेल,झगेन्द्र साहू,कमलेश पटेल,भागवत साहू,विजय सोनी,कार्तिक जायसवाल,खोझन प्रसाद,गनपत बंजारे,किशन श्रीवास,अखिल मानिकपुरी,,योगेश केशरवानी,राजू निराला,संजय कुमार यादव,वेदभूषण स्नेही,अभिषेख चौहान,श्याम सुंदर,अखिलेश रॉय, प्रदीप देवांगन,वेदप्रकाश विश्वकर्मा,वीरेंद्र साहू,मानसाय साहू,मनीष कुमार चेलक,खिलेंद्र कुमार साहू,लकेश्वर साहू,सुनील यादव,राम कुमार चंद्रा,सेतकुमार नायक,,सतीश रात्रे,उमाशंकर धीवर,के पी पटेल, लक्की साहू सहित बिलाईगढ़ अंचल के सभी पत्रकार और मीडिया साथी उपस्थित रहे।