राजधानी

स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी मिलेगी अब सोशल मीडिया पर दो दिवसीय कार्यषाला का सुभारम्भ मीजल्स-रूबेला अभियान से सोशल मीडिया की होगी सुरुवात

रायपुर। स्वास्थ्य विभाग अब सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देगा । मीजल्स-रूबेला अभियान से सोशल मीडिया की तेजी से होगी शुरूआत । समाज के सभी वर्ग सरकारी और निजी स्कूल, बच्चों के माता-पिता, धार्मिक संस्थान, सामाजिक व्यक्ति, निजी डाॅक्टर आदि का सहयोग लेकर वर्तमान में चलाये जाने वाले खसरा-रूबेला के टीके का व्यापक प्रचार-प्रसार जमीनी स्तर तक किये जायेंगे । वहीं अभियान के संबंध में सकारात्मक व सहयोगात्मक माहौल भी बनाया जायेगा । उक्त बातें आज स्वास्थ्य संचालक श्रीमती रानू साहू ने दो दिवसीय कार्यशाला ’’स्टेट कम्यूनिकेशन वर्कशाॅप एंड टीओटी फाॅर मीजल्स-रूबेला वैक्सीनेशन कम्पैन’’ का शुभारंभ करते हुए कही । संचालक स्वास्थ्य ने कहा कि ग्राम स्तर तक के संचार गतिविधियों की कार्ययोजना बनाकर इस अभियान का प्रचार किया जाये । 
वहीं संचार के सबसे प्रमुख माध्यम गांव के छोटे कस्बे, मंजरे, पारे, टोले में मुनादि के माध्यम से इस अभियान की जानकारी दिया जाये । दो दिवसीय इस कार्यशाला में राज्य स्वास्थ्य संसाधन केन्द्र के कार्यकारी संचालक डाॅ. प्रबीर चटर्जी, राज्य टीकाकरण अधिकारी डाॅ. अमर सिंह ठाकुर, अतिरिक्त संचालक चिकित्सा शिक्षा व विभागाध्यक्ष कम्यूनिटी मेडिसिन डाॅ. निर्मल वर्मा, यूनिसेफ के डाॅ. अजय टकरू, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डाॅ. मनीष गंवडे, कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के डाॅ. मनीष प्रसाद सहित जिला टीकाकरण अधिकारी, शहरी स्वास्थ्य मिशन के सिटी प्रोग्राम मैनेजर, जिला टेªनिंग समन्वयक, आरएमएनसीएच कंसल्टेंट सहित जिले के मीडिया अधिकारी आदि उपस्थित थे । 
 
संचालक स्वास्थ्य ने कहा कि अभियान की सफलता के लिये छत्तीसगढ़ शासन के शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग व स्वास्थ्य विभाग के सक्रिय भागीदारी से शत-प्रतिशत सफलता अर्जित की जा सकती है ।
 उन्होंने अभियान शुरू करने से कम से कम 8 सप्ताह पूर्व रणनीति बनाकर राज्य, जिला एवं ब्लाॅक व सब सेंटर तक संचार की कौन-कौन सी गतिविधियां की जानी है कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन किया जाये ।
 कार्यशाला में स्थानीय मीडिया, कलादल, मुनादि आदि का भी सहारा लिया जावेगा । राज्य स्तरीय कार्यशाला छत्तीसगढ़ शासन, संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें, पं.जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, यूनिसेफ, विश्व स्वास्थ्य संगठन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का भी सहारा लिया जावेगा

 

छगनलाल मूंधड़ा ने राजनाथ सिंह से मुलाकात किया।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- राजधानी रायपुर के अतिथि गृह पहुना में अभिषेक सिंह सांसद के साथ छत्तीसगढ़ औधोगिक विकास निगम के अध्यक्ष छगनलाल मूंधड़ा ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह का स्वागत किया । इस अवसर पर विधायक लाभचंद बाफना , बजरंग खंडेलवाल , जयंती पटेल , अनूप खेलकर एवं रवि कुमार सहित काफी संख्या में कार्यकर्तागण उपस्थित थे। छगनलाल मूंधड़ा ने अलग से केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से अपने कार्य योजनाओं को लेकर विस्तृत जानकारी प्रदान किये साथ ही विकास यात्रा में मिल रहे जनसमर्थन के बारे में भी जानकर प्रदान किये।

जिस देश की संस्कृति खत्म हो जाती है वह देश खत्म हो जाता है : रमेश मोदी

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- मौका था छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय योग महोत्सव का जिसमे विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रमेश मोदी ने कहा कि जिस देश की संस्कृति खत्म हो जाती है वह देश खत्म हो जाता है। मंदिरों में हम पूजा पश्चात कहते हैं धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, गौ हत्या बन्द हो, विश्व का कल्याण हो ठीक उसी प्रकार यदि विश्व का कल्याण करना है तो वह योग से ही संभव है। आगे उन्होंने कहा कि योग का मतलब जोड़ना है। सबसे पहले अपने आपको जोड़ना होगा। यह नहीं करेंगे तो हम कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगे। योग एक ऐसा माध्यम है जिससे हम अपने मन पर नियंत्रण कर सकते हैं और रोजाना योग अभ्यास से हम अपने अनुसार चलेंगे न कि मन का सुनकर तात्पर्य यह है कि योग विद्या से ही मन पर नियंत्रण पाया जा सकता है। आगे उन्होंने कहा कि सभ्यता बदलती रहती है लेकिन संस्कृति कभी नहीं बदलती और इसी संस्कृति को हमे बचाना है।

योग आयोग की विशेष बैठक हुई।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- माना स्थित छत्तीसगढ़ योग आयोग के मुख्य कार्यालय में दोपहर को अध्यक्ष संजय अग्रवाल के अध्यक्षता में  18 से 20 मई 2018 तक होने वाले राष्ट्रीय योग महोत्सव हेतु विशेष बैठक आहूत की गई जिसमें अध्यक्ष महोदय ने 3 दिन व्यापी राष्ट्रीय योग महोत्सव हेतु विभिन्न दिशा निर्देश दिए साथ ही कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों को दिए गए विभिन्न जिमेदारी की समीक्षा कर व्यवस्था को दुरुस्त करने हेतु कहा गया है।  ज्ञात हो कि 18 मई को सुबह 11 बजे पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय योग महोत्सव का शुभारंभ संसद रमेश बैस तथा रमेश मोदी करेंगे। आज के इस विशेष बैठक में योग आयोग के सचिव एमएल पांडेय, सदस्य डॉ रवि श्रीवास, पतंजलि योग पीठ की राज्य प्रभारी गंगा अग्रवाल, भूपेंद्र पांडेय, अखिलेश तिवारी, मनीषा पांडेय व आदि अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर प्रदेश के पत्रकार रायपुर में एकदिवसीय धरना दिए।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर प्रदेश भर से राजधानी रायपुर पहुचे पत्रकारों ने मोतीबाग में धरना दिया और राष्ट्रपति के नाम प्रति राज्यपाल ज्ञापन सौंपा जिसे एडीएम श्रीवास्तव ने धरनास्थल पर पहुचकर लिया। धरना में शामिल होने के लिए प्रदेश के पांचों संभाग से पत्रकार आए थे। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित धरने को वरिष्ठ पत्रकार गोविंदलाल जी वोरा के देहांत की वजह से जल्द समापन कर दिया गया तथा धरने के पहले उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन धारण कर मृतात्मा को श्रद्धांजलि अर्पित किए। धरना स्थल पहुचकर समर्थन देने वालो में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न सामाजिक,राजनीतिक लोग शामिल थे जिसमें छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी, वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष रहे वीरेंद्र पांडेय, आम आदमी पार्टी के प्रदेश संयोजक संकेत ठाकुर, समाजसेविका ममता शर्मा, आरटीआई एक्टिविस्ट कुणाल शुक्ला थे सभी ने पत्रकारों के अधिकार पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग का समर्थन किया और चुनौतीपूर्ण पत्रकारिता के लिए आज के माहौल में अतिआवश्यक बताया। धरना में विभिन्न पत्रकार संगठनों के पदाधिकारियों में प्रमुख रूप से गोविंद शर्मा प्रदेश अध्यक्ष अभा पत्रकार सुरक्षा समिति, छग सक्रिय पत्रकार संघ से राज गोस्वामी, दक्षिण बस्तर पत्रकार संघ के अध्यक्ष बप्पी राय, जर्नलिस्ट यूनियन छत्तीसगढ़ से शंकर पांडेय, छग पत्रकार कल्याण संघ से हरजीत सिंह पप्पू के अलावा रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष कृष्ण कुमार शर्मा अपने साथी पदाधिकारियों के साथ पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए आयोजित आंदोलन में शामिल हुए। इनके अतिरिक्त विरष्ठ पत्रकारों में कमल शुक्ला, राजकुमार सोनी, संदीप पौराणिक, शुभ्रांशु चौधरी, रुचिर गर्ग भी धरना स्थल पहुचे थे। धरना में शामिल सभी पत्रकारों ने पत्रकार सुरक्षा कानून को छत्तीसगढ़ में जल्द से जल्द लागू किए जाने की मांग की साथ ही पत्रकारों पर दर्ज प्रकरणों में जल्द न्याय संगत फैसला कर दर्ज फर्जी प्रकरणों को वापिस लेने की मांग की है साथ ही कमल शुक्ला पर राजद्रोह के मामले को वापस लेकर पत्रकारों पर द्वेष पूर्ण पुलिस कार्रवाई पर अंकुश लगाने पत्रकारों पर एफआईआर के पूर्व बड़े अधिकारियों से जांच और समन्वय समिति की अनुशंसा पश्चात निर्णय लेने की मांग की है ताकि बेवजह पत्रकारों को परेशान प्रताड़ित करने के फर्जी मामलों पर अंकुश लगे जिससे पत्रकार निर्भीकता से समाचार संकलन और प्रकाशन,प्रसारण कर सके।धरना में उपस्थित पत्रकारों की संख्या और आक्रोश को देखते हुए पत्रकारों की मांगों पर शासन को शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना उचित प्रतीत होता है क्योंकि शामिल सभी पत्रकारों ने पत्रकार सुरक्षा कानून को अनिवार्य बताया साथ ही जल्द से जल्द लागू नही किये जाने की दशा में आंदोलन के विस्तार की बात कही है उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका है जिसमें प्रदेश भर से विभिन्न संगठनों और स्वतंत्र पत्रकारिता करने वाले पत्रकार सर्वाधिक संख्या में एक मंच में साथ आकर अपनी मांग आंदोलन के माध्यम से शासन के समक्ष रख जल्द से जल्द पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की है और अब देखना होगा कि सरकार पत्रकारों के मांगो पर गम्भीरतापूर्वक सार्थक निर्णय लेती है अथवा ढुलमुल रवैया अपनाती है।

सुख समृद्धि बाहर नहीं- अपने अन्दर व्याप्त है; खोजें, उसे और सुख-समृद्ध रहें - हृदयेष

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::-  पीएसएसएम (पिरामिड स्पिरिच्युअल सोसायटीज मूवमेन्ट) की सहयोगी संस्था सीजीपीएसएसएम द्वारा संचालित कचहरी चौक बाल आश्रम के निकट स्थित ‘‘कैलाष ध्यान केन्द्र’’ में आज साप्ताहिक ध्यान सत्र के अंतर्गत ध्यान मास्टर एवं षिक्षा विज्ञान से जुडे़ विषेशज्ञ हृदयेष चौहान द्वारा ‘‘जीवन में सुख-समृद्धि’’ विशय पर ध्यान सत्र का संचालन किया गया। आपने जीवन को सुख-समृद्धि पूर्ण बनाने के लिए उपस्थित ध्यानियों को बारह टिप्स दिये जो इस प्रकार हैं।  जीवन में सुख समृद्धि के लिए ऐसे अनेक उपाय हो सकते हैं लेकिन जीवन को षांतिपूर्ण बनाने के लिए व्यक्ति के अन्दर पहला सकारात्मक मानसिक विचारधारा, दूसरा स्वास्थ्य अच्छा होना चाहिए, आपसी सम्बन्धों में मीठास और मृत्यु और मय से मुक्त होना चाहिए ऐसा व्यक्ति, सचमुच जीवन में हर सुख पा सकता है, उसके अन्दर दुख, पीड़ा, अफसोस जैसे तत्व नहीं होते वह भावनाओं के साथ स्वयं को हमेषा सन्तुश्ट रखता है। उन्होंने कबीर के दोहे - ‘‘साई इतना दीजिए जा मे कुटुम समाय।  मैं भी भूखा न रहूॅं, साधु न भूखा जाए।। का उदाहरण देकर कहा हमारे साधु-सन्तों ने अपनी सोच धर्मग्रंथों और भक्तिगीतों में उकेर कर समाज को सुखी रहने का साधन लगातार बताया है, लेकिन मानमन है कि कुछ पाकर भी संतुश्ट नहीं होता और वह, अधिक से अधिक पाना चाहता है। अधिक पाकर भी वह सन्तुश्ट नहीं हो सकेगा- क्योंकि यही, मानव का स्वभाव है। मास्टर हृदयेष ने बताया की संतुश्टि ही सुख की कुंजी है और स्वंय को सकारात्मक भावों में जोड़े रखना उसका सम्बल है। इसीलिए यदि कोई व्यक्ति सुख-समृद्धि में जीना चाहता है तो उसका संतुश्ट होना जरूरी है और उसके अन्दर रिष्तों की मीठास भी रहना चाहिए।  जिसके अन्दर यह सब नहीं रहा वह कितने भी प्रयास करे बेचैन और परेषान रहेगा, दुखी ही रहेगा। व्यक्ति अपने विकास से खुष होता है; इसलिए उसमें उदार भाव का होना आवष्यक है जो उसे आगे बढ़ाने और सुख की ओर ले जाने में सहायक होता है। अन्त में उन्होंने कहा कि इस सब गुणों के बावजूद भी एक गुण का होना व्यक्ति में सर्वाधिक जरूरी है वह है- समानता का भाव, अर्थात व्यक्ति किसी से भेदभाव पूर्ण व्यवहार न रखे या किसी के प्रति हीन भावना न रखे और न हीं प्रतिस्पर्धात्मक भाव बनाए। ईष्वर ने सबको एक जैसा बनाया है सबके अन्दर एक जैसे गुण हैं- वह अपने उन गुणों का जितना अच्छा उपयोग करता है वह उतना ही श्रेश्ठ और सुखी होता है। देवतुल्य होता है, उसका सभी सम्मान करते हैं वह सबका सम्मानीय होता है - इसे पाने की चाह ही जीवन की पराकाश्ठा होती है। आपने, उपस्थित साधकों को 20 मिनट का ‘‘ आनापानसति’’ ध्यान भी करवाया तथा उनके अनुभव पूछे।

सिटी महाकालीबाड़ी में अमावस्या पूजा हुआ।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- रायपुर सिटी महाकालीबाड़ी एवं विश्वनाथ मंदिर समिति, गोविंद नगर पंडरी में 14 मई की रात अमावस्य के दिन माँ काली की विशेष पूजा अर्चना की गई। इस उपलक्ष्य पर बंगाली समाज के लोग खासकर महिलाएं पूजन में सम्मिलित हुई तथा सभी ने मिलकर माँ काली को पुष्पांजलि अर्पित कर चरणामृत ग्रहण कर उपवास तोड़े। इसकी जानकारी समिति के सत्यजीत राय एवं शम्भू राय ने दिया। आगे उन्होंने बताया कि पूजन, महाआरती तथा पुष्पांजलि पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं को भोग प्रसाद वितरित किये गए। साथ ही यह भी जानकारी दिए कि रंजन बनर्जी द्वारा बांगला भाषा का निःशुल्क प्रशिक्षण प्रत्येक रविवार शाम 5 से 6 बजे तक दिया जा रहा है तथा बांग्ला भाषा सीखने हेतु उत्सुक महिला, पुरुष व बच्चे गोविंद नगर पंडरी स्थित सिटी कालीबाड़ी में सम्पर्क कर सकते हैं।

14 मई को पत्रकारों का महाधरना ।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- रायपुर। पत्रकार हित के लिए एक मंच से प्रदेशभर के पत्रकार कल रायपुर में एकत्रित होकर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर मोतीबाग में महाधरना देंगे। पत्रकारों के विभिन्न संगठनों से जुड़े सदस्य पत्रकार सुरक्षा कानून संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले 14 मई 2018 को राजधानी रायपुर में एकत्रित होकर छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर धरना देंगे जिसमें वरिष्ठ पत्रकारों के साथ सामाजिक कार्यकर्ता,राजनेताओं के शामिल होने के भी संकेत मिल रहे है । 14 मई 2018 को आयोजित धरना के सम्बंध में पत्रकार सुरक्षा कानून संयुक्त संघर्ष समिति के पत्रकारों ने बताया की हम पत्रकार राजधानी रायपुर में एकत्रित होकर "पत्रकार सुरक्षा कानून" लागू करने की मांग करेंगे जो आने वाले दिनों में जनपक्षीय पत्रकारिता के लिए अति आवश्यक है अन्यथा आज की स्थिति से कही ज्यादा भयावह स्थिति का सामना हमें और आने वाले पीढ़ी के पत्रकारों को करना पड़ सकता है जो पत्रकारिता को अपना कैरियर चुनकर पढ़ाई कर रहे है या किसी संस्था से जुड़कर संस्था के लिए कार्य कर पत्रकारिता सीख रहे है इसलिए 14 मई को प्रदेशभर के पत्रकार एकत्रित होकर एकजुट होकर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग सरकार के समक्ष रखेंगे।

रिटकॉम के विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि माँ का रूप होती हैं नर्सें।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- नर्सेज डे के उपलक्ष्य पर आरआईटी कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों ने "नर्सेज अ वॉइस टू लीड - हेल्थ इस अ ह्यूमन राइट थीम पर नर्स डे आरआईटी कॉलेज कैंपस में मनाया। आज के इस विशेष दिन में आरआईटी के नर्सिंग विद्यार्थियों ने नाटक के जरिये यह संदेश दिया कि नर्स माँ होती है अपने पेशेंट की तथा उनका देखभाल वे अपने बच्चे की तरह करते हैं। प्राचार्य बालाकृष्णन ने विद्यार्थियों को फ्लोरेंस नाईटएंगल के जीवनी को पढ़ने हेतु कहा तथा उससे शिक्षा ग्रहण करने हेतु प्रेरित भी किया। रिटकॉन के विद्यार्थियों ने नर्सेज डे के उपलक्ष्य पर क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जिसमें जीतने वाले प्रतियोगियों को पुरस्कृत किया गया साथ ही रिटकॉन के सभी प्राध्यापकों ने प्रत्येक विद्यार्थियों को संदेश के साथ ऑटोग्राफ दिए।

एसएसपी अमरेश मिश्रा बाल बाल बचे

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमरेश मिश्रा आज रायपुर के कैनाल रोड पर बाल बाल बचे। उन्होंने खुद बस ड्राइवर की लापरवाही देखी और दुर्घटना से बचे, अगर थोड़ी भी चूक होती, तो बहुत बड़ी दुर्घटना घट सकती थी। आज दोपहर रायपुर के केनाल रोड पर रायपुर से सरसींवा जा रही एक तेज रफ्तार बस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की कार के आगे अचानक ब्रेक लगा दी। बस के ठीक पीछे एक कार और थी और उसके पीछे रायपुर आईपीएस अमरेश मिश्रा की कार थी और वे दोपहर का भोजन कर अपने कार्यालय वापस लौट रहे थे। सामने बस के अचानक ब्रेक लगाते ही दोनों कारों का नियंत्रण बिगड़ गया और ड्राइवर के सूझ बूझ से बहुत बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक कंट्रोल के साथ साथ बस, ऑटो , दोपहिया, चार पहिया चालकों जो रफ़ ड्राइविंग करते हैं उनके ऊपर क्या कठोर कदम उठाते हैं यह देखने लायक होगा।

मनरेगा बना जिम्मेदारों का कमाई का जरिया -वंदना राजपूत...मनरेगा भ्रष्टाचार का बड़ा जरिया बन चुका है

रायपुर :-भाजपा के शासन मे भ्रष्टाचार का प्रसार हर क्षेत्र मे हैं. तो मनरेगा कैसा छूट सकता हैं। मनरेगा मे बड़ी लापरवाही देखने को मिल रहीं हैं। नियमों को अनदेखी कर जिम्मेदार अफसर पैसों का गबन कर रहे। छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि मनरेगा भ्रष्टाचार के बड़ा जरिया बन चुका हैं.भाजपा चुनाव मे वादा करते हैं .कि मनरेगा मे 100 दिन का रोजगार दिया जायेगा। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ अौर हैं। मनरेगा मे मजदूरों को 70 दिन का ही काम मिल रहा हैं. मनरेगा मे मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं होता अौर ना ही मजदूरों को मूलभूत सुविधाएं मिंल पाती.मनरेगा मे काम करने वाले मजदूरों के लिये ना ही पीने की पानी की व्यवस्था रहती हैं.अौर ना ही छायादार टेंट की सुविधा अौर ना ही महिला मजदूरों के छोटे बच्चों के देख रेख के लिये आया .तत्काल उपचार के लिये कोई व्यवस्था नहीं . एक साल पहले जांजगीर मे एक मजदूर की मौत हुई थी.कारण तत्कालीन उपचार व्यवस्था नहीं थी .शासन उसके बाद भी सजग नहीं हुआ अौर ऐसी लापरवाही लगातार हो रही हैं। भारतीय जनता पार्टी के दोहरे चरित्र जनता के सामने उजागर हो रही हैं।मनरेगा मे भारी अनियमिता देखने को मिलती हैं.मनरेगा मे मजदूरों के प्रति दिन उपस्थिति दर्ज भी नहीं किया जाता. फर्जी नाम जोड़े जाते हैं. फर्जी दस्तावेज पेश कर करोड़ों के घोटाला सचिव,सरपंच ,CEO सब मिलकर करते है. मजदूर दिन भर कड़ी धूप मे मेहनत की कमाई कर अपनी घर चलाता है. भ्रष्टाचार शासन मजदूर के मेहनत की कमाई पर भी डाका डाला जा रहा हैं। सरकार जनकल्याण के लिये कई योजना बनाती हैं.लेकिन यह योजना भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ जाती हैं.जमीनी हकीकत कुछ अौर रहती हैं। मनरेगा मे काम करने वाले मजदूर को सचिव ,सरपंच सम्बन्धित अधिकारी उसे अपने घर के निजी काम करवाया जाता हैं।मनरेगा के लिये जो ईट, रेत, गिट्टी ,सीमेंट आता हैं, उसे अपने निजि उपयोग मे लाते हैं। । मनरेगा के तहत जो मजदूरों को लाभ मिलना चाहिए.अो नहीं मिल पाता.सिर्फ़ वादा एवं भाषणों से गरीबों का पेट नहीं भरता अौर नहीं घर चलता हैं। .मनरेगा मे काम के साथ सही समय मे भुगतान करना होगा.मजदूर मजदूरी कर रहे हैं लेकिन मजबूरी मे।

एसएसपी अमरेश मिश्रा बाल बाल बचे।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- रायपुर के दबंग वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमरेश मिश्रा आज रायपुर के कैनाल रोड पर बाल बाल बचे। उन्होंने खुद बस ड्राइवर की लापरवाही देखी और दुर्घटना से बचे, अगर थोड़ी भी चूक होती, तो बहुत बड़ी दुर्घटना घट सकती थी। आज दोपहर रायपुर के केनाल रोड पर रायपुर से सरसींवा जा रही एक तेज रफ्तार बस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की कार के आगे अचानक ब्रेक लगा दी। बस के ठीक पीछे एक कार और थी और उसके पीछे रायपुर आईपीएस अमरेश मिश्रा की कार थी और वे दोपहर का भोजन कर अपने कार्यालय वापस लौट रहे थे। सामने बस के अचानक ब्रेक लगाते ही दोनों कारों का नियंत्रण बिगड़ गया और ड्राइवर के सूझ बूझ से बहुत बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक कंट्रोल के साथ साथ बस, ऑटो , दोपहिया, चार पहिया चालकों जो रफ़ ड्राइविंग करते हैं उनके ऊपर क्या कठोर कदम उठाते हैं यह देखने लायक होगा।

12 मई को आनापानसति ध्यान का निःशुल्क सत्र

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" :: छत्तीसगढ़ पिरामिड स्पिरिचुअल साइंस अकादमी द्वारा 12 मई को निःशुल्क ध्यान सत्र का आयोजन कचहरी चौक, बालाश्रम परिसर के पास स्थित कैलाश ध्यान केंद्र में शाम 6 बजे आयोजित किया गया है। मास्टर हृदयेश इस निःशुल्क ध्यान सत्र में उपस्थित प्रत्येक को ध्यानाभ्यास करवाएंगे साथ ही ध्यान हमारे जीवन मे क्यों महत्त्वपूर्ण है उसकी जानकारी देंगे साथ ही रोजाना ध्यानाभ्यास से नाड़ी तंत्र को क्या फायदा होता है और किस तरह व्यक्ति स्वस्थ जीवन व्यतीत कर सकते हैं इस पर प्रकाश डालेंगे। उक्त जानकारी छत्तीसगढ़ पिरामिड स्पिरिचुअल साइंस अकादमी के सचिव रमेश शर्मा ने दी।

CM डाॅ. रमन ने 104 टोल फ्री सेवा का किया शुभारंभ , दिव्यांगों को दी सौगात

रायपुर:- मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने मुख्यमंत्री निवास के सामने शुक्रवार को 104 टोल फ्री सेवा का शुभारंभ किया। इस तरह डा. सिंह ने दिव्यांगों को सौगात दी। आपको बता दें कि डॉ रमन सिंह 104 टोल फ्री हेल्प लाईन की शुरूआत अपने आवास के भीतर से ही किया।यह विशेष हेल्पलाइन दिव्यांगजनों, निराश्रितों और वृद्धजनों के लिए होगी। इस अवसर पर समाज कल्याण एवं महिला बाल विकास मंत्री रमशीला साहू भी मौजूद रहीं। आपको बता दें कि इस टोल-फ्री नम्बर पर समाज कल्याण विभाग की समस्त योजनाओं की भी जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही काउंसलिंग, स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी दी जाएगी। दिव्यांगजनों से किसी भी प्रकार का दुर्व्यहार होने की शिकायत भी इस हेल्पलाइन में की जा सकेगी। समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के बारे में सुझाव भी इस नम्बर पर दिए जा सकेंगे।

नाद योग ध्यान विषय पर कार्यशाला आयोजित

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल " ::- विगत दिनों पिरामिड स्पिरिच्युअल सोसायटीज मूवमेन्ट की सहयोगी संस्था छत्तीसगढ़ पिरामिड स्पिरिच्युअल सोसायटीज मूवमेन्ट के द्वारा कचहरी चौक स्थित कैलाष ध्यान केन्द्र में मुम्बई के मषहूर नाद एवम् कर्मयोगी मास्टर चिन्तन दलाल द्वारा नाद योग ध्यान विशय कार्यषाला का संचालन किया गया। मास्टर चिन्तन दलाल अभी छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं और वे नादयोग के द्वारा लोगों में ध्यान का जागरूकता बढ़ाने में कार्यरत हैं। इस कार्यषाला में आपने लगभग एक सौ से अधिक ध्यानियों को आनापानसति ध्यान जो भगवान बुद्ध के द्वारा प्रचलित किया गया है, कराया और ध्यान का महत्व बताया और अपने चारों ओर व्याप्त ब्रह्यनाद की ध्वनि का बोध कांस्यपात्र पर स्पर्ष करते हुए ध्वनि निकालकर कराया। उन्होंने बताया प्रत्येक मनुश्य का उद्देष्य तनावमुक्त होकर जीवन की सम्पूर्ण सुख और खुषी पाना होता है और जीवन को तनावमुक्त बनाकर जीवन के सम्पूर्ण सुख व आनन्द पाने का सबसे उपयोगी तरीका है ध्यान का नियमित कम से कम 20 मिनट का अभ्यास करना। उन्होंने बताया कि ध्यान स्वयं से बात करने की विधि है। उन्होंने समुद्र की लहरों का उदाहरण देते हुए बताया कि जिस तरह समुद्र की लहरे धीमे-धीमे तट की ओर 1,2,3 के क्रम में आती है और तेजी से वापस होती हैं उसी तरह हमें अपने ष्वासों की गति को अन्दर और बाहर करते हुए निरीक्षण करना चाहिए - यही ध्यान की क्रिया है। ष्वासों के प्रवाह के साथ बने रहकर हमें पृश्टभूमि में बने हुए नाद अर्थात् आवाज को सुनने का प्रयास करना चाहिए उसमें एकमय होने की कोषिष करना चाहिए। केवल इतना ही ध्यान का अभ्यास व्यक्ति के स्वस्थ्य बने रहने के लिए, सकारात्मक और प्रसन्न बने रहने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने बताया ध्वनियों में वह षक्ति होती है जो हमारे षरीर के नाड़ी तंत्र के साथ जुड़कर उसे झंकृत करती है और उसका प्रभाव हमारे षरीर के मानसिक, बौद्धिक और भावनात्मक धरातल पर होता है। यदि इस ध्यान का नियमित कम से कम 20 मिनट सुबह षाम अभ्यास किया जाए तो उसका लाभ षरीर को मिलता है। षरीर के विकास और षांति के लिए ऐसे ध्यान का नियमित किया जाना आवष्यक होता है। उन्होंने ध्यान के पष्चात् लोगों से उनकी समस्याओं और जिज्ञासाओं के सम्बन्ध में पूछा और उन प्रष्नों का समाधान भी सुझाया। श्री दलाल की अपने कार्यषाला के माध्यमों से कोषिष होती है कि वे लोगों में ध्यान के प्रति रूझान पैदा करें विषेशकर नाद योग को वे समझें जिससे उनके चक्र और नाड़ी तंत्र जागृत हो सकें और वे स्वस्थ व निरोग जीवन व्यतीत कर सकें। आप नाद योग ध्यान के माध्यम से रक्तचाप, मधुमेह, स्पान्डेलाईटिस, आर्थोराइटिस, दर्द एवं खिंचवा, डर, जुगुप्सा उन्माद आदि का उपचार नादतंत्र के माध्यम से करते हैं। जिसका माध्यम कांस्यपात्रों पर स्पर्ष करते हुए सुमधुर ध्वनियॉं निकाल कर व्यक्ति के अनाहत तंत्र को जागृत करना होता है।