देश

भारतीय ज्योतिष व्यवस्था में वेद

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- आदि काल से ज्योतिष का विशेष महत्त्व रहा है। पहले जब राजा-महाराजाओं के घर बच्चा जन्म लेता था तब उसी क्षण ज्योतिषों द्वारा उस बच्चे का गणना कर राजा-महाराजाओं को बताया जाता है तथा ताड़ पत्र में जन्मांक चक्र बनाकर भविष्य के साथ साथ राशि, नक्षत्र, गण आदि की जानकारियों का उल्लेख रहता था। ज्योतिष शास्त्र एक विज्ञान है जिसे आज के समय के लोग भी गहन रुचि रखते हैं तथा दोषों के निवारण हेतु वैदिक पूजा पाठ के माध्यम से निवारण किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के बारे में विस्तृत रूप से खबरीलाल की चर्चा काशी के प्रख्यात ज्योतिष शास्त्राचार्य डॉ हरकेश तिवारी से एक मुलाकत में हुई। ज्योतिष शास्त्राचार्य डॉ हरकेश तिवारी के अनुसार - ज्योतिष सूर्यादि ग्रह नक्षत्र, ताराओं के समूह का मनुष्य आदि पर पढ़ने वाले प्रभाव के ज्ञान को ज्योतिष कहते हैं। आगे उन्होंने ज्योतिष एवं विज्ञान के मेल के बारे में बताया। डॉ हरकेश तिवारी ने बताया कि भारतीय सनातन व्यवस्था में वेद भगवान हैं, 6 अंग हैं जिसमे ज्योतिष को नेत्र कहा गया है। वेद में " ज्योतिषां पतये नमो नमः " कहा गया है। आधुनिक वैज्ञानिक युग में ज्योतिष का विशेष महत्त्व है। आर्यभट्ट, वराह मिहीर आचार्य आदियों ने ज्योतिष को वैज्ञानिक ढंग से विश्व पटल पे परिदर्शित किया है जिसमे काल यानी समय गणना मुख्य रूप से परिदर्शित हैं। समय की छोटी इकाई (कमल पत्र भेदन काल) त्रुटि से लेकर घटयदि का व्याख्या वैज्ञानिक युग के लिए आज भी सहयोगात्मक भूमिका में कार्य कर रही है। ज्योतिष शास्त्राचार्य डॉ हरकेश तिवारी ने आगे बताया कि काशी नगरी में मानघाट है जहाँ पर वेदशाला है। इस वेदशाला का जो निर्माण हुआ है वहाँ पर आज भी बिना घड़ी देखे सही समय को बताया जा सकता है। इसलिए हम कह सकते हैं कि आज के वैज्ञानिक युग मे वर्षा से संबंधित समय का निर्धारण ज्योतिष विज्ञान से 90 प्रतिशत सही बताया जाता है तथा वैज्ञानिक आज भी 60 से 70 प्रतिशत पर ही अटके हुए हैं। आगे डॉ हरकेश तिवारी ने बताया कि व्यक्ति के जीवन में जो असाध्य रोग हैं उसकी जानकारी ज्योतिष शास्त्र के माध्यम से ही ज्ञात किया जा सकता है तथा उसका निवारण वैदिक पूजा पाठ के माध्यम से होता है जो आज के 21 वीं सदी में भी प्रचलित है।

काशी को देव विहीन होने से बचाइए : अविमुक्तेश्वरानंद:

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- मंदिर बंचाओ महायज्ञ हेतु आमंत्रण यात्रा के 5वें दिन आज 9 जून 2018 को जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती: ने वराणशी जिले के गाँव - घामापुर, सभईपुर, सिकंदरपुर, मधाईपुर, इन्द्रवार, बिरापति, बेदी एवं आयर के गांवासियों को 28 जून से 4 जुलाई तक आयोजित होने वाले महायज्ञ हेतु आमंत्रण किया तथा प्रत्येक गांव वासियों को क्यों एवं किसलिए यह आंदोलन और महायज्ञ करने की जरूरत हुई यह विस्तार पूर्वक बताया। स्वामिश्री ने गाँव वासियों को बताया कि अभी की केंद्र और राज्य की सरकार हिन्दुत्त्व का चोला पहनकर हिन्दू हितों के पैरोकार बनकर, अयोध्या में रामलला का मंदिर स्थापित करने की बात कहकर सत्ता में आई और सत्ता में आने के पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व का शायद ऐसा कोई देश बचा नहीं होगा जहां का भ्रमण वे न किये हों पर 48 महीने के उनके कार्यकाल में वे आज तक आयोध्या नहीं गए अपितु देव नगरी काशी में विकास के नाम पर पुराणों में वर्णित मंन्दिरों को तोड़वा दिए। गोरखपीठ के महंत एवं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भगवाधारी होकर भी इस कृत्य को नहीं रोक रहे हैं जबकि पहले वे हिंदुओं की आवाज हुआ करते थे और हिंदुओं के रक्षा हेतु उनकी हिन्दू युवा वाहिनी लड़ती थी। आज कहाँ गए उनकी हिन्दू युवा वाहिनी जब काशी में पुराणों में वर्णित मंदिरों एवं देव विग्रहों को तोड़ दिया गया। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पंचक्रोशी की यात्रा कर रहे हैं जो केवल एक ढोंग है और सदी का सबसे बड़ा ढोंग है। इस आंदोलन से जुड़े रमेश उपाध्याय, श्रीप्रकाश पांडेय व आदि ने गांव वासियों को अवगत कराते हुए कहा कि काशी में विनाश ने दस्तक दे दिया है। एक समय औरंगजेब ने कहर बरपाया था अब मोदी-योगी बरपा रहे हैं पुराणों में वर्णित मंन्दिरों एवं देव विग्रहों को तोड़कर। यह किस तरह का विकास काशी में हो रहा है। चुनाव के पहले मोदी जी कहते थे मुझे माँ गंगा ने बुलाया है । यदि माँ गंगा ने बुलाया है तो आप और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ क्यों प्रशासन के द्वारा प्रथम पूज्य देव - गणेश जी, भारत माता मंदिर, व्यास परिवार के राधा कृष्ण मंदिर एवं देव विग्रहों आदि को तोड़ दिए ? कुछ ग्रामों के ग्राम प्रधान और गांव वासियों ने कहा कि यह मोदी-योगी की जोड़ी सदी की सबसे बड़ी भूल किये काशी के पुराणों में वर्णित मंन्दिरों को विकास के नाम पर तोड़कर। स्वामिश्री के साथ साथ इस आंदोलन से जुड़े प्रबुद्ध जनों ने गांव वासियों से कहा कि हम किसी भी पार्टी के विरोधी नहीं हैं। हम अभी के केंद्र तथा राज्य सरकार के आचरण के विरोधी हैं जिनके शय से प्रशासन ने काशी के बाबा विश्वनाथ मंदिर के पास कॉरिडोर, शौचालय, वीआईपी गेस्ट हाउस आदि के निर्माण व विकास के लिए हिंदुओं के दिल और आत्मा पर वार किया है। देश के 100 करोड़ सनातन धर्मी इसके साक्ष्य बने और वे जब एक साथ आवाज उठाएंगे तब मोदी-योगी को जवाब देना भारी पड़ जायेगा।

योगी आदित्यनाथ ने औरंगजेब की याद ताजा कर दिए : अविमुक्तेश्वरानंद: ।।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- मंदिर बचाओ आंदोलन के तहत आगामी 28 जून से 7 दीन व्यापी "मंदिर बचाओ महायज्ञ" वाराणसी के केदारघाट में आयोजित किया जा रहा है। इस "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती: आज वाराणसी जिले के गाँवों - बेलवरियाँ, नक्षेतपुर, दसनीपुर, आदमपुर, चंदापुर एवं मुर्दहाँ गांवों के गांवसियों को मंदिर बचाओ आन्दोलनम की विस्तृत जानकारी दिए और उन्हें "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण दिए। स्वामिश्री ने अपने विचार रखते हुए प्रत्येक गाँव के गाँव वासियों से कहा कि जिस तरह पुराणों में वर्णित तीन मन्दिरों के साथ भारत माता मंदिर एवं देव विग्रहों को तोड़ दिए गए उससे यह प्रतीत हो रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तरप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म पर कुठाराघात किया जिससे वे औरंगजेब से बहुत बड़ा कुकृत्य किये जो सहसा ही औरंगजेब की याद ताजा कर देते हैं। आगे उन्होंने कहा कि जो उनका विरोध करते हैं उन्हें वे विभिन्न तरीके अपनाकर परेशान करते हैं। स्वामिश्री ने एक बहुत बड़ा प्रश्न किया कि जो मोदी रामलला, हिंदुत्त्व के मुद्दों के बल पर सरकार बनाया वे पूरी दुनिया तो घूम लिए पर आज तक रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या नहीं गए और न ही राम मंदिर बनाये। गाँव के लल्लू यादव, डबोरा व आदि गांवसियों ने कहा कि हमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा - सबका साथ, सबका विकास अभी तक समझ नहीं आया साथ ही उन्होंने यह भी संदेश यशस्वी मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ को दिया कि सनातन धर्म के मंदिरों को न तोड़े और जो मंदिर तोड़े गए हैं उन्हें त्वरित निर्माण कर श्रद्धालुओं को पूजा करने का अवसर प्रदान करे। उनका जो पंचक्रोशी यात्रा है वो इस घटना के घटित होने पर पूरा ढोंग लग रहा है। एक महंत मुख्यमंत्री क्यों इस तरह के कृत्य को करवा रहे हैं ? गाँव वासियों ने यह भी कहा कि मंदिर हमारे सनातन धर्म के विकास का केंद्र है तथा मंदिर हमारे एकता का प्रतीक है। महिलाओं ने कड़े स्वर में मंदिरों को तोड़े जाने का विरोध किया और उन्होंने प्रश्न उठाया कि हमारे आस्था के केंद्र पर ऐसा प्रहार क्यों एवं किसलिए।

योगी आदित्यनाथ ने औरंगजेब की याद ताजा कर दिए : अविमुक्तेश्वरानंद: ।।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- मंदिर बचाओ आंदोलन के तहत आगामी 28 जून से 7 दीन व्यापी "मंदिर बचाओ महायज्ञ" वाराणसी के केदारघाट में आयोजित किया जा रहा है। इस "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती: आज वाराणसी जिले के गाँवों - बेलवरियाँ, नक्षेतपुर, दसनीपुर, आदमपुर, चंदापुर एवं मुर्दहाँ गांवों के गांवसियों को मंदिर बचाओ आन्दोलनम की विस्तृत जानकारी दिए और उन्हें "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण दिए। स्वामिश्री ने अपने विचार रखते हुए प्रत्येक गाँव के गाँव वासियों से कहा कि जिस तरह पुराणों में वर्णित तीन मन्दिरों के साथ भारत माता मंदिर एवं देव विग्रहों को तोड़ दिए गए उससे यह प्रतीत हो रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तरप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म पर कुठाराघात किया जिससे वे औरंगजेब से बहुत बड़ा कुकृत्य किये जो सहसा ही औरंगजेब की याद ताजा कर देते हैं। आगे उन्होंने कहा कि जो उनका विरोध करते हैं उन्हें वे विभिन्न तरीके अपनाकर परेशान करते हैं। स्वामिश्री ने एक बहुत बड़ा प्रश्न किया कि जो मोदी रामलला, हिंदुत्त्व के मुद्दों के बल पर सरकार बनाया वे पूरी दुनिया तो घूम लिए पर आज तक रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या नहीं गए और न ही राम मंदिर बनाये। गाँव के लल्लू यादव, डबोरा व आदि गांवसियों ने कहा कि हमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा - सबका साथ, सबका विकास अभी तक समझ नहीं आया साथ ही उन्होंने यह भी संदेश यशस्वी मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ को दिया कि सनातन धर्म के मंदिरों को न तोड़े और जो मंदिर तोड़े गए हैं उन्हें त्वरित निर्माण कर श्रद्धालुओं को पूजा करने का अवसर प्रदान करे। उनका जो पंचक्रोशी यात्रा है वो इस घटना के घटित होने पर पूरा ढोंग लग रहा है। एक महंत मुख्यमंत्री क्यों इस तरह के कृत्य को करवा रहे हैं ? गाँव वासियों ने यह भी कहा कि मंदिर हमारे सनातन धर्म के विकास का केंद्र है तथा मंदिर हमारे एकता का प्रतीक है। महिलाओं ने कड़े स्वर में मंदिरों को तोड़े जाने का विरोध किया और उन्होंने प्रश्न उठाया कि हमारे आस्था के केंद्र पर ऐसा प्रहार क्यों एवं किसलिए।

योगी आदित्यनाथ ने औरंगजेब की याद ताजा कर दिए : अविमुक्तेश्वरानंद: ।।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- मंदिर बचाओ आंदोलन के तहत आगामी 28 जून से 7 दीन व्यापी "मंदिर बचाओ महायज्ञ" वाराणसी के केदारघाट में आयोजित किया जा रहा है। इस "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती: आज वाराणसी जिले के गाँवों - बेलवरियाँ, नक्षेतपुर, दसनीपुर, आदमपुर, चंदापुर एवं मुर्दहाँ गांवों के गांवसियों को मंदिर बचाओ आन्दोलनम की विस्तृत जानकारी दिए और उन्हें "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण दिए। स्वामिश्री ने अपने विचार रखते हुए प्रत्येक गाँव के गाँव वासियों से कहा कि जिस तरह पुराणों में वर्णित तीन मन्दिरों के साथ भारत माता मंदिर एवं देव विग्रहों को तोड़ दिए गए उससे यह प्रतीत हो रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तरप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म पर कुठाराघात किया जिससे वे औरंगजेब से बहुत बड़ा कुकृत्य किये जो सहसा ही औरंगजेब की याद ताजा कर देते हैं। आगे उन्होंने कहा कि जो उनका विरोध करते हैं उन्हें वे विभिन्न तरीके अपनाकर परेशान करते हैं। स्वामिश्री ने एक बहुत बड़ा प्रश्न किया कि जो मोदी रामलला, हिंदुत्त्व के मुद्दों के बल पर सरकार बनाया वे पूरी दुनिया तो घूम लिए पर आज तक रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या नहीं गए और न ही राम मंदिर बनाये। गाँव के लल्लू यादव, डबोरा व आदि गांवसियों ने कहा कि हमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा - सबका साथ, सबका विकास अभी तक समझ नहीं आया साथ ही उन्होंने यह भी संदेश यशस्वी मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ को दिया कि सनातन धर्म के मंदिरों को न तोड़े और जो मंदिर तोड़े गए हैं उन्हें त्वरित निर्माण कर श्रद्धालुओं को पूजा करने का अवसर प्रदान करे। उनका जो पंचक्रोशी यात्रा है वो इस घटना के घटित होने पर पूरा ढोंग लग रहा है। एक महंत मुख्यमंत्री क्यों इस तरह के कृत्य को करवा रहे हैं ? गाँव वासियों ने यह भी कहा कि मंदिर हमारे सनातन धर्म के विकास का केंद्र है तथा मंदिर हमारे एकता का प्रतीक है। महिलाओं ने कड़े स्वर में मंदिरों को तोड़े जाने का विरोध किया और उन्होंने प्रश्न उठाया कि हमारे आस्था के केंद्र पर ऐसा प्रहार क्यों एवं किसलिए।

योगी आदित्यनाथ ने औरंगजेब की याद ताजा कर दिए : अविमुक्तेश्वरानंद: ।।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- मंदिर बचाओ आंदोलन के तहत आगामी 28 जून से 7 दीन व्यापी "मंदिर बचाओ महायज्ञ" वाराणसी के केदारघाट में आयोजित किया जा रहा है। इस "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती: आज वाराणसी जिले के गाँवों - बेलवरियाँ, नक्षेतपुर, दसनीपुर, आदमपुर, चंदापुर एवं मुर्दहाँ गांवों के गांवसियों को मंदिर बचाओ आन्दोलनम की विस्तृत जानकारी दिए और उन्हें "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण दिए। स्वामिश्री ने अपने विचार रखते हुए प्रत्येक गाँव के गाँव वासियों से कहा कि जिस तरह पुराणों में वर्णित तीन मन्दिरों के साथ भारत माता मंदिर एवं देव विग्रहों को तोड़ दिए गए उससे यह प्रतीत हो रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तरप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म पर कुठाराघात किया जिससे वे औरंगजेब से बहुत बड़ा कुकृत्य किये जो सहसा ही औरंगजेब की याद ताजा कर देते हैं। आगे उन्होंने कहा कि जो उनका विरोध करते हैं उन्हें वे विभिन्न तरीके अपनाकर परेशान करते हैं। स्वामिश्री ने एक बहुत बड़ा प्रश्न किया कि जो मोदी रामलला, हिंदुत्त्व के मुद्दों के बल पर सरकार बनाया वे पूरी दुनिया तो घूम लिए पर आज तक रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या नहीं गए और न ही राम मंदिर बनाये। गाँव के लल्लू यादव, डबोरा व आदि गांवसियों ने कहा कि हमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा - सबका साथ, सबका विकास अभी तक समझ नहीं आया साथ ही उन्होंने यह भी संदेश यशस्वी मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ को दिया कि सनातन धर्म के मंदिरों को न तोड़े और जो मंदिर तोड़े गए हैं उन्हें त्वरित निर्माण कर श्रद्धालुओं को पूजा करने का अवसर प्रदान करे। उनका जो पंचक्रोशी यात्रा है वो इस घटना के घटित होने पर पूरा ढोंग लग रहा है। एक महंत मुख्यमंत्री क्यों इस तरह के कृत्य को करवा रहे हैं ? गाँव वासियों ने यह भी कहा कि मंदिर हमारे सनातन धर्म के विकास का केंद्र है तथा मंदिर हमारे एकता का प्रतीक है। महिलाओं ने कड़े स्वर में मंदिरों को तोड़े जाने का विरोध किया और उन्होंने प्रश्न उठाया कि हमारे आस्था के केंद्र पर ऐसा प्रहार क्यों एवं किसलिए।

योगी आदित्यनाथ ने औरंगजेब की याद ताजा कर दिए : अविमुक्तेश्वरानंद: ।।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- मंदिर बचाओ आंदोलन के तहत आगामी 28 जून से 7 दीन व्यापी "मंदिर बचाओ महायज्ञ" वाराणसी के केदारघाट में आयोजित किया जा रहा है। इस "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती: आज वाराणसी जिले के गाँवों - बेलवरियाँ, नक्षेतपुर, दसनीपुर, आदमपुर, चंदापुर एवं मुर्दहाँ गांवों के गांवसियों को मंदिर बचाओ आन्दोलनम की विस्तृत जानकारी दिए और उन्हें "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण दिए। स्वामिश्री ने अपने विचार रखते हुए प्रत्येक गाँव के गाँव वासियों से कहा कि जिस तरह पुराणों में वर्णित तीन मन्दिरों के साथ भारत माता मंदिर एवं देव विग्रहों को तोड़ दिए गए उससे यह प्रतीत हो रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तरप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म पर कुठाराघात किया जिससे वे औरंगजेब से बहुत बड़ा कुकृत्य किये जो सहसा ही औरंगजेब की याद ताजा कर देते हैं। आगे उन्होंने कहा कि जो उनका विरोध करते हैं उन्हें वे विभिन्न तरीके अपनाकर परेशान करते हैं। स्वामिश्री ने एक बहुत बड़ा प्रश्न किया कि जो मोदी रामलला, हिंदुत्त्व के मुद्दों के बल पर सरकार बनाया वे पूरी दुनिया तो घूम लिए पर आज तक रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या नहीं गए और न ही राम मंदिर बनाये। गाँव के लल्लू यादव, डबोरा व आदि गांवसियों ने कहा कि हमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा - सबका साथ, सबका विकास अभी तक समझ नहीं आया साथ ही उन्होंने यह भी संदेश यशस्वी मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ को दिया कि सनातन धर्म के मंदिरों को न तोड़े और जो मंदिर तोड़े गए हैं उन्हें त्वरित निर्माण कर श्रद्धालुओं को पूजा करने का अवसर प्रदान करे। उनका जो पंचक्रोशी यात्रा है वो इस घटना के घटित होने पर पूरा ढोंग लग रहा है। एक महंत मुख्यमंत्री क्यों इस तरह के कृत्य को करवा रहे हैं ? गाँव वासियों ने यह भी कहा कि मंदिर हमारे सनातन धर्म के विकास का केंद्र है तथा मंदिर हमारे एकता का प्रतीक है। महिलाओं ने कड़े स्वर में मंदिरों को तोड़े जाने का विरोध किया और उन्होंने प्रश्न उठाया कि हमारे आस्था के केंद्र पर ऐसा प्रहार क्यों एवं किसलिए।

योगी आदित्यनाथ ने औरंगजेब की याद ताजा कर दिए : अविमुक्तेश्वरानंद: ।।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- मंदिर बचाओ आंदोलन के तहत आगामी 28 जून से 7 दीन व्यापी "मंदिर बचाओ महायज्ञ" वाराणसी के केदारघाट में आयोजित किया जा रहा है। इस "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती: आज वाराणसी जिले के गाँवों - बेलवरियाँ, नक्षेतपुर, दसनीपुर, आदमपुर, चंदापुर एवं मुर्दहाँ गांवों के गांवसियों को मंदिर बचाओ आन्दोलनम की विस्तृत जानकारी दिए और उन्हें "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण दिए। स्वामिश्री ने अपने विचार रखते हुए प्रत्येक गाँव के गाँव वासियों से कहा कि जिस तरह पुराणों में वर्णित तीन मन्दिरों के साथ भारत माता मंदिर एवं देव विग्रहों को तोड़ दिए गए उससे यह प्रतीत हो रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तरप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म पर कुठाराघात किया जिससे वे औरंगजेब से बहुत बड़ा कुकृत्य किये जो सहसा ही औरंगजेब की याद ताजा कर देते हैं। आगे उन्होंने कहा कि जो उनका विरोध करते हैं उन्हें वे विभिन्न तरीके अपनाकर परेशान करते हैं। स्वामिश्री ने एक बहुत बड़ा प्रश्न किया कि जो मोदी रामलला, हिंदुत्त्व के मुद्दों के बल पर सरकार बनाया वे पूरी दुनिया तो घूम लिए पर आज तक रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या नहीं गए और न ही राम मंदिर बनाये। गाँव के लल्लू यादव, डबोरा व आदि गांवसियों ने कहा कि हमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा - सबका साथ, सबका विकास अभी तक समझ नहीं आया साथ ही उन्होंने यह भी संदेश यशस्वी मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ को दिया कि सनातन धर्म के मंदिरों को न तोड़े और जो मंदिर तोड़े गए हैं उन्हें त्वरित निर्माण कर श्रद्धालुओं को पूजा करने का अवसर प्रदान करे। उनका जो पंचक्रोशी यात्रा है वो इस घटना के घटित होने पर पूरा ढोंग लग रहा है। एक महंत मुख्यमंत्री क्यों इस तरह के कृत्य को करवा रहे हैं ? गाँव वासियों ने यह भी कहा कि मंदिर हमारे सनातन धर्म के विकास का केंद्र है तथा मंदिर हमारे एकता का प्रतीक है। महिलाओं ने कड़े स्वर में मंदिरों को तोड़े जाने का विरोध किया और उन्होंने प्रश्न उठाया कि हमारे आस्था के केंद्र पर ऐसा प्रहार क्यों एवं किसलिए।

योगी आदित्यनाथ ने औरंगजेब की याद ताजा कर दिए : अविमुक्तेश्वरानंद: ।।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- मंदिर बचाओ आंदोलन के तहत आगामी 28 जून से 7 दीन व्यापी "मंदिर बचाओ महायज्ञ" वाराणसी के केदारघाट में आयोजित किया जा रहा है। इस "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती: आज वाराणसी जिले के गाँवों - बेलवरियाँ, नक्षेतपुर, दसनीपुर, आदमपुर, चंदापुर एवं मुर्दहाँ गांवों के गांवसियों को मंदिर बचाओ आन्दोलनम की विस्तृत जानकारी दिए और उन्हें "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण दिए। स्वामिश्री ने अपने विचार रखते हुए प्रत्येक गाँव के गाँव वासियों से कहा कि जिस तरह पुराणों में वर्णित तीन मन्दिरों के साथ भारत माता मंदिर एवं देव विग्रहों को तोड़ दिए गए उससे यह प्रतीत हो रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तरप्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ ने सनातन धर्म पर कुठाराघात किया जिससे वे औरंगजेब से बहुत बड़ा कुकृत्य किये जो सहसा ही औरंगजेब की याद ताजा कर देते हैं। आगे उन्होंने कहा कि जो उनका विरोध करते हैं उन्हें वे विभिन्न तरीके अपनाकर परेशान करते हैं। स्वामिश्री ने एक बहुत बड़ा प्रश्न किया कि जो मोदी रामलला, हिंदुत्त्व के मुद्दों के बल पर सरकार बनाया वे पूरी दुनिया तो घूम लिए पर आज तक रामलला के दर्शन हेतु अयोध्या नहीं गए और न ही राम मंदिर बनाये। गाँव के लल्लू यादव, डबोरा व आदि गांवसियों ने कहा कि हमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नारा - सबका साथ, सबका विकास अभी तक समझ नहीं आया साथ ही उन्होंने यह भी संदेश यशस्वी मुख्यमंत्री महंत योगी आदित्यनाथ को दिया कि सनातन धर्म के मंदिरों को न तोड़े और जो मंदिर तोड़े गए हैं उन्हें त्वरित निर्माण कर श्रद्धालुओं को पूजा करने का अवसर प्रदान करे। उनका जो पंचक्रोशी यात्रा है वो इस घटना के घटित होने पर पूरा ढोंग लग रहा है। एक महंत मुख्यमंत्री क्यों इस तरह के कृत्य को करवा रहे हैं ? गाँव वासियों ने यह भी कहा कि मंदिर हमारे सनातन धर्म के विकास का केंद्र है तथा मंदिर हमारे एकता का प्रतीक है। महिलाओं ने कड़े स्वर में मंदिरों को तोड़े जाने का विरोध किया और उन्होंने प्रश्न उठाया कि हमारे आस्था के केंद्र पर ऐसा प्रहार क्यों एवं किसलिए।

आदित्यनाथ को पंचक्रोशी यात्रा का अधिकार नहीं है : अविमुक्तेश्वरानंद ।।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि जो व्यक्ति हिन्दू होकर पुराणों में वर्णित काशी के मंदिरों को तोड़वाये उनको पंचक्रोशी यात्रा का अधिकार नहीं है। आगे स्वामिश्री ने कहा कि एक तरफ उनके प्रशासन द्वारा पुराणों में वर्णित मंदिरों को तोड़ा गया और दूसरे ओर योगी आदित्यनाथ पंचक्रोशी यात्रा करना चाहते हैं ? यह पूरा का पूरा ढोंग है जो हिन्दुत्त्व का चोला पहनकर जनता को अपने भरोसे में लेकर, उनका वोट लिए और शासन में काबिज हो गए। आज स्थिति ऐसी हो गई कि हिंदुत्त्व वादी सरकार खुद पुराणों में वर्णित काशी के मन्दिरों को तोड़ दिए वो भी सौन्दर्यकरण हेतु, विकास हेतु। आपको यदि विकास ही करना है तो आप ग्रेटर काशी या ग्रेटर वाराणसी बनाइये। पुराने काशी, गलियों के काशी, मन्दिरों के काशी, घाटों के काशी आदि को देखने हेतु देश और विदेश से श्रद्धालु आते हैं और इसी काशी के मंदिरों को तोड़ रहे हो। यह विकास है कि विनाश है। क्या यही है सबका साथ-सबका विकास। हम और वाराणसी के समस्त सनातन धर्मी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पंचक्रोशी यात्रा का कड़े स्वर में विरोध करते हैं।

मंदिर बचाओ आन्दोलनम को मिल रहा है जनता का पूर्ण समर्थन।

जनता हाथ उठाकर ले रही है मंदिर बचाने का संकल्प ।। सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती: विगत 2 माह से काशी के प्राचीन व पुराणों में वर्णित मंदिरों को बचाने हेतु प्रयासरत हैं जिसके तहत स्वामिश्री ने नंगे पांव पंचक्रोशी की यात्रा कर देवी-देवताओं से माफी मांगी और उनसे प्रार्थना किये की वे किसी भी तरह के कोप काशी वासियों के ऊपर न दें। इसी क्रम में स्वामिश्री के नेतृत्त्व में मंदिर बचाओ आन्दोलनम के समर्थक "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण देने वाराणसी जिले के 1333 गांवों में जाकर आमंत्रण देने का संकल्प लिया जिस हेतु 5 जून 2018 से ही आमंत्रण यात्रा प्रारंभ हो चुका है। आज 6 जून 2018 को "आमंत्रण यात्रा" के दूसरे दिन स्वामिश्री ग्राम भवानीपुर, गनियालपुर, पिसौर, गणेशपुर तरना, सभाईपुर, वासुदेवपुर एवं चुप्पेपुर गए तथा सभा को संबोधित करते हुए सभी गांव वासियों को 28 जून से केदारघाट, वाराणसी में आयोजित होने वाले "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण किया। स्वामिश्री एवं अन्य वक्ताओं के बातों को सुनकर प्रत्येक उपस्थित गांव वासियों ने संकल्प लिया कि वे काशी के मंदिरों को बचाने हेतु स्वामिश्री को पूरा सहयोग प्रदान करेंगे एवं मंदिर बचाओ महायज्ञ में सम्मिलित होकर आहुति देंगे तथा सभी देवताओं से निवेदन करेंगे कि वे काशी को छोड़कर न जाये और शासन व प्रशासन को सद्बुद्धि दे ताकि वे काशी के मन्दिरों को न तोड़े अपितु जो मंदिर व देव विग्रह तोड़े गए हैं उन्हें ससम्मान दोबार मंदिरों का निर्माण कर उनका प्राणप्रतिष्ठा कर पूजार्चना की व्यवस्था करें।

मंदिर बचाओ आन्दोलनम को मिल रहा है जनता का पूर्ण समर्थन।

???? जनता हाथ उठाकर ले रही है मंदिर बचाने का संकल्प सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती: विगत 2 माह से काशी के प्राचीन व पुराणों में वर्णित मंदिरों को बचाने हेतु प्रयासरत हैं जिसके तहत स्वामिश्री ने नंगे पांव पंचक्रोशी की यात्रा कर देवी-देवताओं से माफी मांगी और उनसे प्रार्थना किये की वे किसी भी तरह के कोप काशी वासियों के ऊपर न दें। इसी क्रम में स्वामिश्री के नेतृत्त्व में मंदिर बचाओ आन्दोलनम के समर्थक "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण देने वाराणसी जिले के 1333 गांवों में जाकर आमंत्रण देने का संकल्प लिया जिस हेतु 5 जून 2018 से ही आमंत्रण यात्रा प्रारंभ हो चुका है। आज 6 जून 2018 को "आमंत्रण यात्रा" के दूसरे दिन स्वामिश्री ग्राम भवानीपुर, गनियालपुर, पिसौर, गणेशपुर तरना, सभाईपुर, वासुदेवपुर एवं चुप्पेपुर गए तथा सभा को संबोधित करते हुए सभी गांव वासियों को 28 जून से केदारघाट, वाराणसी में आयोजित होने वाले "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण किया। स्वामिश्री एवं अन्य वक्ताओं के बातों को सुनकर प्रत्येक उपस्थित गांव वासियों ने संकल्प लिया कि वे काशी के मंदिरों को बचाने हेतु स्वामिश्री को पूरा सहयोग प्रदान करेंगे एवं मंदिर बचाओ महायज्ञ में सम्मिलित होकर आहुति देंगे तथा सभी देवताओं से निवेदन करेंगे कि वे काशी को छोड़कर न जाये और शासन व प्रशासन को सद्बुद्धि दे ताकि वे काशी के मन्दिरों को न तोड़े अपितु जो मंदिर व देव विग्रह तोड़े गए हैं उन्हें ससम्मान दोबार मंदिरों का निर्माण कर उनका प्राणप्रतिष्ठा कर पूजार्चना की व्यवस्था करें।

मंदिर बचाओ आन्दोलनम को मिल रहा है जनता का पूर्ण समर्थन।

???? जनता हाथ उठाकर ले रही है मंदिर बचाने का संकल्प सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती: विगत 2 माह से काशी के प्राचीन व पुराणों में वर्णित मंदिरों को बचाने हेतु प्रयासरत हैं जिसके तहत स्वामिश्री ने नंगे पांव पंचक्रोशी की यात्रा कर देवी-देवताओं से माफी मांगी और उनसे प्रार्थना किये की वे किसी भी तरह के कोप काशी वासियों के ऊपर न दें। इसी क्रम में स्वामिश्री के नेतृत्त्व में मंदिर बचाओ आन्दोलनम के समर्थक "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण देने वाराणसी जिले के 1333 गांवों में जाकर आमंत्रण देने का संकल्प लिया जिस हेतु 5 जून 2018 से ही आमंत्रण यात्रा प्रारंभ हो चुका है। आज 6 जून 2018 को "आमंत्रण यात्रा" के दूसरे दिन स्वामिश्री ग्राम भवानीपुर, गनियालपुर, पिसौर, गणेशपुर तरना, सभाईपुर, वासुदेवपुर एवं चुप्पेपुर गए तथा सभा को संबोधित करते हुए सभी गांव वासियों को 28 जून से केदारघाट, वाराणसी में आयोजित होने वाले "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण किया। स्वामिश्री एवं अन्य वक्ताओं के बातों को सुनकर प्रत्येक उपस्थित गांव वासियों ने संकल्प लिया कि वे काशी के मंदिरों को बचाने हेतु स्वामिश्री को पूरा सहयोग प्रदान करेंगे एवं मंदिर बचाओ महायज्ञ में सम्मिलित होकर आहुति देंगे तथा सभी देवताओं से निवेदन करेंगे कि वे काशी को छोड़कर न जाये और शासन व प्रशासन को सद्बुद्धि दे ताकि वे काशी के मन्दिरों को न तोड़े अपितु जो मंदिर व देव विग्रह तोड़े गए हैं उन्हें ससम्मान दोबार मंदिरों का निर्माण कर उनका प्राणप्रतिष्ठा कर पूजार्चना की व्यवस्था करें।

मंदिर बचाओ आन्दोलनम को मिल रहा है जनता का पूर्ण समर्थन।

???? जनता हाथ उठाकर ले रही है मंदिर बचाने का संकल्प सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (काशी) ::- ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती: विगत 2 माह से काशी के प्राचीन व पुराणों में वर्णित मंदिरों को बचाने हेतु प्रयासरत हैं जिसके तहत स्वामिश्री ने नंगे पांव पंचक्रोशी की यात्रा कर देवी-देवताओं से माफी मांगी और उनसे प्रार्थना किये की वे किसी भी तरह के कोप काशी वासियों के ऊपर न दें। इसी क्रम में स्वामिश्री के नेतृत्त्व में मंदिर बचाओ आन्दोलनम के समर्थक "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण देने वाराणसी जिले के 1333 गांवों में जाकर आमंत्रण देने का संकल्प लिया जिस हेतु 5 जून 2018 से ही आमंत्रण यात्रा प्रारंभ हो चुका है। आज 6 जून 2018 को "आमंत्रण यात्रा" के दूसरे दिन स्वामिश्री ग्राम भवानीपुर, गनियालपुर, पिसौर, गणेशपुर तरना, सभाईपुर, वासुदेवपुर एवं चुप्पेपुर गए तथा सभा को संबोधित करते हुए सभी गांव वासियों को 28 जून से केदारघाट, वाराणसी में आयोजित होने वाले "मंदिर बचाओ महायज्ञ" हेतु आमंत्रण किया। स्वामिश्री एवं अन्य वक्ताओं के बातों को सुनकर प्रत्येक उपस्थित गांव वासियों ने संकल्प लिया कि वे काशी के मंदिरों को बचाने हेतु स्वामिश्री को पूरा सहयोग प्रदान करेंगे एवं मंदिर बचाओ महायज्ञ में सम्मिलित होकर आहुति देंगे तथा सभी देवताओं से निवेदन करेंगे कि वे काशी को छोड़कर न जाये और शासन व प्रशासन को सद्बुद्धि दे ताकि वे काशी के मन्दिरों को न तोड़े अपितु जो मंदिर व देव विग्रह तोड़े गए हैं उन्हें ससम्मान दोबार मंदिरों का निर्माण कर उनका प्राणप्रतिष्ठा कर पूजार्चना की व्यवस्था करें।

स्वामिश्री ने मंदिर बचाओ महायज्ञ हेतु गांव वासियों को दिया आमंत्रण।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल"(काशी) ::- काशी में चल रहे मंदिर बचाओ आन्दोलनम के द्वितीय चरण की शुरुवात 3 जून 2018 को नीलकंठ मंदिर परिसर में कार्यालय के शुभारंभ के साथ प्रथम सभा आयोजित किया गया तथा उस दिन ही घोषित हुआ था कि वाराणसी शहर के 90 वार्डों के साथ साथ पूरे 1333 गांवों में मंदिर बचाओ महायज्ञ हेतु आमंत्रण यात्रा की शुरुवात 5 जून 2018 को होगी। इसी तारतम्य में ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती: ने आज 5 जून 2018 को "आमंत्रण यात्रा" के तहत वाराणसी से संलग्न गांव - बड़ा लालपुर, दानुपुर, कानुडीह, अहमदपुर एवं लोढ़ान में समस्त गांव वासियों को 28 जून से केदारघाट, वाराणसी में मंदिर बचाओ महायज्ञ हेतु आमंत्रण दिया तथा पुराणों में वर्णित काशी के मंदिरों तथा देवताओं को तोड़े जाने की सूचना दी जिससे गाँव वाले अवाक हो गए। इस विषय को विस्तृत रूप से मंदिर बचाओ आन्दोलनम से जुड़े रमेश उपाध्याय, श्रीप्रकाश पांडेय, सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, रूपेश एवं विमलेंदु ने प्रकाश डाला जिस पर सभी गांव वासियों ने कड़े स्वर में मंदिरों को तोड़े जाने का विरोध किया तथ स्वामिश्री के मंदिर बचाओ महायज्ञ के आमंत्रण को स्वीकार करते हिये स्वामिश्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामिश्री: के सामने उपरोक्त गांवों के उपस्थित महिला, पुरुष एवं बच्चों ने काशी के मन्दिरों को बचाने हेतु संकल्प लिया तथा यह भी कहा कि वे इस बाबत गांव के अन्य सदस्यों को भी अवगत करवाएंगे और मंदिर बचाओ महायज्ञ में शामिल भी होंगे जिससे देवतागण काशी से रूठकर चले न जाएं और देवताओं का कोई कोप वाराणसी तथा वाराणसी जिले वासियों के ऊपर न पड़े। आज के इस आमंत्रण यात्रा में मयंक शेखर मिश्रा, दीपेश पांडेय, कृष्णा पराशर, सत्यम शर्मा, प्रशांत त्रिपाठी, शैलेश तिवारी, किशन जायसवाल, रूपेश तिवारी एवं राजेन्द्र दुबे सम्मिलित हुए।