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सन्1920 से प्रारंभ रामलीला रचेगी इतिहास 10 दिनों की रामलीला पुर्ण करेगी अपना 98वें साल

 आज के इस भाग दौड भरी जिन्दागी में जहां रामलीला का मंचन विलुप्ति के कगार पर है वही भाटापारा की श्री आदर्ष रामलीला नाटक मंडली इतिहास रचने की ओर है सन् 1920 से चली आ रही यह रामलीला पुरे छत्तीसगढ़ राज्य की एैसी रामलीला संस्था है जो इतिहास सुनहरे अक्षरो में दर्ज करते हुए अपने 98 वर्ष को पुरा करेगी, इस संस्था के कलाकार नगर के नन्हे मुन्हे बच्चे रहते है।सन्1920 से प्रारंभ रामलीला संस्था रचेगी इतिहास* *22सितंबर से प्रारंभ 10 दिनों की रामलीला पुर्ण करेगी अपना 98वें साल* भाटापारा-भाटापारा की श्री आदर्श रामलीला नाटक मंडली इतिहास रचने की ओर है सन्1920 से प्रारंभ यह रामलीला पुरे छत्तीसगढ़ राज्य की ऐसी रामलीला संस्था है जो इतिहास के सुनहरे अक्षरो में दर्ज करते हुए अपने 98वें वर्ष को पुरा करेगी, इस संस्था के कलाकार नगर के नन्हे मुन्हे बच्चे रहते है। नवरात में नौ दिन लगातार लीलाओ का मंचन किया जाता है।इस रामलीला में अद्भत तरिके से राम चरित मानस, बाल्मिकी रामायण,रामचरित्र दर्पण,राधेश्याम रामायण,वसुनायक रामायण,आर्य संगीत रामायण,हिन्दी अनुवाद रामायण एवं अनेक साहित्यो का समावेष किया है।नवमी के दिन भव्य अहिरावणवध , देवी लीला दिखाई जाती है जिसे अवलोकन करने लगभग 10हजार की भीड़ रामलीला में उमड़ती है,एवं भाटापारा के रावणभाटा में दशहरा के दिन रावण वध की लीला खेली जाती है। दशहरा मेला मे हजारो की संख्या मे लोग रावण मारने की लीला एवं दशहरा उत्सव मनाने पहुंचते है। बेहतरिन साजसज्जा,अस्त्र,षस्त्र एवं वस्त्र तथा लगभग साढ़े तीन-तीन किलो के चांदी के मुकूट राम,लक्ष्मण,भरत,शत्रुहन,सीता,हनुमान बनने वाले पात्रो के लिए मंडली में दान स्वरूप मौजुद है।तथा बरसात के रूकावट से बचने के लिए लगभग हजारो के वाटरप्रुफ पंडाल रामलीला मैदान में लगाया गया है।। 

  भाटापारा की यह रामलीला संस्था जो अंग्रेजो के समय के लोगो में धर्म का प्रचार कर रही है इसमें छत्तीसगढ के सुपर स्टार अनुज शर्मा,भाटापारा के वर्तमान भाजपा के विधायक षिवरतन शर्मा एवं जिला पंचायत सभापति अष्वनि शर्मा अपने कलाकारी के जौहर दिखा चुके है। वर्तमान में रामलीला में छठवी पीढी के कलाकारो के द्वारा मंचन किया जा रहा है।पेंट साजा सज्जा मे शिव गुप्ता एवं राजकुमार गुप्ता रहेंगे। इस संस्था से जुड़े कलाकार राजिम कुंभ महोत्सव में भी अपनी कला का लोहा मनवा चुके है।इसके पूर्व मंगल प्रसाद एवं मुरारीलाल शर्मा ने अपने जीवन का आधे से ज्यादा समय भाटापारा की रामलीला को दिया है,रामलीला में जो विधा और संगीत में स्वरों का उपयोग किया जाता है ये मुरारीलाल शर्मा जी की देन है जिससे छोटे छोटे कलाकार स्वरों का ज्ञान पाते है। 22सितंबर से आरंभ होगी लीला नवरात्रि प्रारंभ के दुसरे दिन 22सिंतबर 2017 को गणेष पुजन एवं मुकूट पुजन के साथ रामलीला प्रारम्भ हुई।एवं 23 सितंबर को नारद मोह और मुनि आगमन की मार्मिक लीला का मंचन हुआ एवं 24 सितम्बर को धनुष यज्ञ एवं रामसीता की जयमाला की लीला दिखाई गई वही आज 25 सितम्बर को परसुराम-लक्ष्मण संवाद,केवट प्रसंग,सीताहरण जटायु मरण की लीला दिखाई जाएगी। व्यासगद्दी में संस्था के अध्यक्ष प्रकाश शर्मा,धन्जी जोशी,हेमंतमल,रामजी जोशी आदि रहेंगे। रामलीला की सभी गतिविधियो की व्यवस्था एवं अर्थव्यवस्था संभालने वाले मोनु मल,सुर्यकांत शुक्ला एवं मंच व्यवस्था पुर्णेंदु त्रिवेदी,नासिर बांठिया और लाला शर्मा। वर्तमान कलाकारो में बलराम जोषी,कोमल शर्मा,जगदीश वैष्णव,आयुष तिवारी,मिलिंद जोशी,अक्षत जोशी ,दिब्यांश जोशी,मनोज(पिंटी)गुप्ता,यश अग्रवाल,गुणवंत अवस्थी,प्रांजल शर्मा,हर्ष गुप्ता,अभि शर्मा,आदित्य जोशी कृष्णा अग्रवाल,हर्ष दधिच,छोटा दधिच,आयअंकित अग्रवाल,तुषार जायसवाल,कृष्णा मल,श्याम मल,मिलिंद जोशी,श्रेयांश शर्मा,हरिराम मिस्त्री,एवं नगर कई वरिष्ठ कलाकार एवं बालक कलाकारो द्वारा मंचन कर धार्मिक शिक्षाओ का प्रचार करेगें।

इस संस्था में जुड़े लोग निःशुल्क एवं निस्वार्थ भावना से भगवान की सेवा करते है। इस साल का मुख्य आकर्षण एक छोटे से बालक द्वारा तबलावादन और एक 4थी कक्षा के 9 साल के बच्चे के द्वारा लक्ष्मण जैसा महत्वपुर्ण किरदार को निभाना रहेगा। *मंडली के 98वें वर्ष तक पहुंचाने में जो नींव के पत्थर साबित हुए भाटापारा-इस रामलीला का संगीत सबसे मजबुत पक्ष है।बच्चो की तैयार रामलीला खत्म होने के बाद से फिर से शुरू हो जाती है साथ ही तैयार करने वाले अपने दैनिक कामो से अपना समय निकाल कर राम लीला को देते है साथ ही बच्चे अपनी पढ़ाई साथ साथ रामलीला मंचन में ध्यान देते है। वर्जन-जगदीश वैष्णव,अभिनय टिचर-यहां की रामलीला का इतिहास अंग्रेजो के समय का है यह रामलीला एक पाठषाला है यहां भगवान के द्वारा दिये गए शिक्षाओ को बच्चे पढ़ते,सीखते,एवं अपने चरित्र में उतारते है।बच्चे अपने धर्म के बारे में अच्छे से जानते है। इस रामलीला में हिन्दु मुस्लिम सिख इसाई सभी धर्म के लोग सहयोग करते है।

नवरात्र विशेष माँ का दरबार अष्टभुजी अड़भार

राकेश साहू की रिपोर्ट जांजगीर चाम्पा/मालखरौदा:अड़भार की मां अष्टभुजी आठ भुजाओं वाली है, ये बात तो अधिकांश लोग जानते हैं लेकिन देवी के दक्षिणमुखी होने की जानकारी कम लोगों को ही है। जांजगीर चांपा जिले में मुंबई हावड़ा रेल मार्ग पर सक्ती स्टेशन से दक्षिण पूर्व की ओर 11 किमी की दूरी पर स्थित अड़भार अष्टभुजी माता के मंदिर के नाम पर प्रसिद्ध है। लगभग 10 साल पहले यह गांव नगर पंचायत का दर्जा पाकर अब विकास की ओर अग्रसर है। यहां नवरात्र पर मां अष्टभुजी के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगता है। इस बार भी नवरात्रि में जिले के अलावा रायगढ़, बिलासपुर और कोरबा जिले के भक्त पहुंच रहे हैं। मंदिर में मां अष्टभुजी की ग्रेनाइट पत्थर की आदमकद मूर्ति है। आठ भुजाओं वाली मां दक्षिणमुखी भी है। पूरे भारत में कलकत्ता की दक्षिणमुखी काली माता और अड़भार की दक्षिणमुखी अष्टभुजी देवी के अलावा और कहीं की भी देवी दक्षिणमुखी नहीं है। जगत जननी माता अष्टभुजी का मंदिर दो विशाल इमली पेड़ के नीचे बना हुआ है। आदमकद वाले काले ग्रेनाइड की दक्षिणमुखी मूर्ति के ठीक दाहिनी ओर डेढ़ फीट की दूरी में देगुन गुरू की प्रतिमा योग मुद्रा में बैठी हुई प्रतीत होती है। मंदिर परिसर में पड़े बेतरतीब पत्थर की बारिक नक्काशी देखकर हर आदमी सोचने पर मजबूर हो जाता है। प्राचीन इतिहास में अड़भार का उल्लेख अष्ट द्वार के नाम से मिलता है। अष्टभुजी माता का मंदिर और इस नगर के चारों ओर बने आठ विशाल दरवाजों की वजह से शायद इसका प्राचीन नाम अष्टद्वार रहा और धीरे धीरे अपभ्रंश होकर इसका नाम अड़भार हो गया। लगभग 5 किमी. की परिधि में बसा यह नगर कुछ मायने में अपने आप में अजीब है। यहां हर 100 से 200 मीटर में किसी न किसी देवी देवता की मूर्तियां सही सलामत न सही लेकिन खंडित स्थिति में जरूर मिल जाएंगी। आज भी यहां के लोगों को घरो की नींव खोदते समय प्राचीन टूटी फूटी मूर्तिया या पुराने समय के सोने चांदी के सिक्के प्राचीन धातु के कुछ न कुछ सामान अवश्य प्राप्त होते हैं। छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण तीर्थस्थल अड़भार अष्टभुजी एक अति प्रचीन धार्मिक स्थान है। यह तीर्थस्थल आठ हाथों वाली एक देवी को समर्पित है। मंदिर का ज्योति कलश नवरात्रि के दौरान जला रहता है, जिससे इसकी सुंदरता और भी बढ़ जाती है। वही लगभग 2300 ज्योति कलश प्रज्वलित होने पर मां का दरबार जगमगा रहा है जहां नवरात्र में हजारों श्रद्धालुओं की संख्या में श्रद्धालु मां का दरबार पहुंच रहे हैं।

एक नजरिया में खोज से बदलती दुनिया

खोज की मायावी दुनिया  में जब हमें आज कुछ भी सामान खरीदना है, बच्चो के एग्जाम का परिणाम देखना है की वो पास हुए या फेल तो हम क्या करते है ? अच्छा ये बताओ की हमे कुछ नेट पर कुछ फिल्म देखनी है या फिर यूट्यूब पर गाना सुनना है तो हम क्या करते है ? अच्छा अभी भी समझ ना आ रहा हो की मै क्या कहना चाह रही हूँ और क्या बताना चाह रही हूँ तो बता ही देती हूँ मै खोज यानि सर्च के बारे में बात कर रही हूँ |

आज हमारी ज़िन्दगी पहले से कितनी अलग है पहले कुछ खरीदना है या कहीं जाना है तो उसका दायरा सिमित हुआ करता था और आज हमारा दायरा कितना बड़ा हो गया है | आज हम चाँद पर पहुच गये, कितनी मिसाइलें हमने बना ली कई जान लेवा बिमारियों पर हमने काबू पा लिया है | कभी सोचा है ये सब कैसे संभव हुआ होगा ये सब हुआ है खोज यानि सर्च करने से |

आज हम हर चीज के लिए सर्च करते है हमारी जिन्दगी मानो इसी के आगे पीछे घुमती रहती है | हमे 
कहीं घुमने जाना है तो भी गूगल में जाके सर्च करेंगें जिस जगह भी जाना है उसके बारे में खोजना की जगह कैसी है, कितने दिन लगेंगें, कैसे जायें आदि | गूगल में भी कुछ खोजना हो तो उसमे भी सर्च औपशन होता है |

आदि काल से अब तक जो भी हुआ और जो हो रहा है वो एक खोज का ही परिणाम है | आज हमें कपडे लेने है या कुछ खाने का सामान मंगवाना हो या कुछ भी खरीदना हो बस मोबाइल में सर्च किया और मंगवा लिया | आज जिंदगी कितनी आसन हो गई है | पहले घर में किसी की शादी करनी हो तो रिश्देदारों और जान पहचान के लोगों का सहारा लिया जाता था की वो रिश्तें लायें अब इसका बिलकुल उल्टा हो गया है अब तो लैबटॉप खोला ऐप ओपन किया और लड़का और लड़की की प्रोफाइल ओपन की जो भी प्रोफाइल पसंद आई तो नम्बर सर्च किया मिलने का टाइम सेट किया मिले सब ठीक रहा तो हो गई शादी |

आज यदि मुझे भी कुछ लिखना है तो मै भी पहले उस टॉपिक के बारे में थोडा सर्च करती हूँ फिर कुछ लिखती हूँ | आज हम जो मोबाइल इस्तेमाल करते हैं वो भी किसी ने खोज की तभी तो हम साधारण फ़ोन से बात करते करते आज स्मार्ट फ़ोन उपयोग कर रहे है | आज हर क्षेत्र में सर्च की जरुरत पड़ती है चाहे वो अध्यन का क्षेत्र हो या चिकित्सा का या फिर पत्रकारिता का क्षेत्र हो या शोध का  क्षेत्र हम हर जगह सर्च ही करते है |

आज हर जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध है जहाँ पर कुछ भी जानकारी आसानी से मिल जाती है | पर पुराने ज़माने में नेट नहीं था फिर भी खोज करने का काम होता था | तरीका अलग था पहले विदेशो में नई- नई जगह ढूढने के लिए खोजी नियुक्त किये जाते थे जो समुद्री जहाज की सहायता से नई-नई जगह की खोज किया करते थे |

आज भारत विदेशों से संपर्क कर पा रहा है वो भी इसी खोज का ही परिणाम है क्यूँ की भारत की खोज पहली बार वास्को द गामा ने की थी | वास्को एक समुद्री खोजी थे जिसने यूरोप से समुद्री मार्ग की सहायता से सीधी यात्रा कर के भारत की खोज की थी | वास्को 3 बार भारत आया था उसने अपनी पहली यात्रा 1497  से 1499 तक पूरी की थी | वैसे ही गूगल की शुरुवात 1996 में लैरी पेज तथा सेर्गे ब्रिन ने की थी जो स्टाफोर्ड युनिवर्सिटी,कैलोफोर्निया में पीएचडी के विद्यार्थी थे | फेसबुक सामाजिक नेटवर्किंग वेबसाइड है इसका आरंभ 2004  में हार्वर्ड के एक छात्र मार्क जुकेरबर्ग ने किया था | डीयने की खोज तुबिंगें विश्वविद्यालय में 1869 में फ्रेडरिक मिएस्चेर ने की थी | पेनिसिलिन की खोज एलेग्जेंडर फ्लेमिंग ने की | अमेरिका की खोज क्रिस्टोफर कोलंबस ने की थी | कहा जाता है शुन्य की खोज भारत में ही हुई थी पर इसकी खोज किसने की इसके बारे में सब के अलग अलग मत है | अब बात करते है व्हाट्स एप की खोज 2009 में ब्रेन ऐक्टन और जैन कौम ने बनया था |

देखा आप ने खोज की दुनिया कितनी रोचक है | आज हम जो भी है जो भी नई-नई चीजों का अविष्कार हो रहा है वो खोज के कारण ही हो रहा है और जब तक ये जीवन है तब तक ये खोज का काम जारी रहेगा इसका अंत है और ना इसका कोई अंत कर सकता है |        

वर्षा बी गलपांडे

एक सोच से बदलती है दुनिया

एक “सोच” ही काफी है आग लगाने और बुझाने के लिए | हमारी सोच ही जो किसी को ख़ुशी दे सकती है या तो किसी को दुखी कर सकती है |आज जो भी बड़े बड़े युद्ध हो रहे है वो एक सोच का नतीजा है | सोच किसी की लाइफ बनाती   है तो किसी की लाइफ बिगाड़ भी सकती है | एक सोच के कारण ही हम किसी के बारे में अपनी राय बना लेते है की सामने वाला कैसा है | मैने जब काफी सोची तो लगा की हमारी सोच ही है जो हमसे अच्छे और बुरे काम करवाती है | सोच शब्द के  वैसे तो पहुत से पहलु है | सोच शब्द पर बहुत से लोगों ने बहुत कुछ लिखा है किसी ने सकारात्मक सोच के बारे में लिखा है या किसी ने नकरातम सोच के बारे ,पर मै एक  ऐसी सोच के बारे में आप को बताने चाहती हूँ जिसकी वजह से हमारी और आपकी जिंदगी बदल गई | “सोच” शब्द को हम कई उदहारनों से समझ सकते है जिसकी वजह से लोगों ने अपनी और दूसरों की लाइफ ही बदल दी और अपना अलग मुकाम बनाया |  

भारतीय सिनेमा जगत में पहले मूक फिल्मे बना करती थी जिसमे लोग फ़िल्मी कलाकारों के हाव-भाव को देख करके ही पूरी फिल्म समझा करते थे | पर 1931 में आई फिल्म आलमआरा के आने से पूरी फिल्म की रूप रेखा ही बदल दी | आलमआरा 1931 में बनी हिंदी भाषा और भारत की पहली बोलती फिल्म है | इस फिल्म के निर्देशक अर्देशिर ईरानी है | ईरानी ने सिनेमा में ध्वनि के महत्व को समझते हुए , आलमआरा को कई समकालीन सवाक फिल्मों से पहले पूरा किया इस फिल्म का पहला प्रदर्शन मुंबई के मैजेसटिक सिनेमा में 14 मार्च 1931 को हुआ |यह पहली भारतीय सवाक फिल्म थी जिसे देखने आए भीड़ को काबू करने के लिए भीड़ को बुलाना पड़ा था | फिल्म निर्देशक आर्देशिर ईरानी की ही सोच  थी जिसने गूंगी फिल्मों में आवाज भरी थी |

स्वामी विवेकानंद जी को कौन नहीं जानता है | स्वामी जी की एक सोच ने एक विदेश महिला का पूरा जीवन ही बदल दिया | एक बार एक विदेश महिला स्वामी जी के समीप आकर बोली स्वामी जी मैं आप से शादी करना चाहती हूँ | स्वामी जी  ने उस महिला से कहा की क्या तुम नहीं जानती हो की मै सन्यासी हूँ और शादी नहीं कर सकता पर उस महिला ने उतर दिया की मै आप के जैसा पुत्र चाहती हूँ जो आप के जैसा बुद्धिमान हो और ये तभी संभव है जब आप मुझसे विवाह करोगे | उसकी बात सुन स्वामी ने कहाँ ऐसी बात है तो आज से आप मेरी माता बन जाओ और मै तुम्हारा पुत्र, स्वामी की बाते सुन कर विदेशी महिला कहने लगी आप तो भगवान हो | स्वामी जी के जीवन के ऐसे कई उदाहरण है जिसके कारण कई लोगों के जीवन बदल गये उनकी यही सोच के कारण ही उनकी  पुरे विश्व में अपनी अलग पहचान है |

विज्ञापन भी हमारी सोच बदलने में काफी कारगर साबित होते है आप सोच रहे होगे कैसे एक विज्ञापन हमारी सोच को बदल सकता है तो चलिये जानते है | आज जब कोई त्यौहार आते हैं तो हम मिठाई की जगह चौकलेट लेते है |
 राखी हो तो भाई अपनी बहन को चकलेट  डिब्बा गिफ्ट में देता है |  चाय  जागो इंडिया जागो” का विज्ञापन आता है जो लोगों को जागरूक करने का मैसेज देते है | हम कपडे का विज्ञापन को देखने के बाद ही हम ये सोचते हैं की हमें कैसे कपडे लेने या हम पे कौन सा कपड़ा सूट होगा | मोबाईल  कंपनी का ऐड हो या कोई और विज्ञापन हर विज्ञापन से हमारी सोच प्रभावित होती है | विज्ञापन ही है जो हमें ये  बताता  है की हमे कौन सा तेल लेना है ,किस कंपनी का लेना है ,कहाँ अपने पैसे इन्वेस्ट करने है | इस प्रकार एक विज्ञापन हमारी सोच को बदलता है |

आज यदि हम आजाद है तो वो भी किसी की सोच का ही परिणाम है | यही एक सोच ने पुरे भारत को एक जुट कर दिया आजादी पाने के लिए | एक सोच ने ही लोगो को इतना पागल कर दिया की लोगों ने देश के लिए अपनी जान देकर इस भारत हो अंग्रेंजों की गुलामी से आजाद करवाया |

  आज जो नए नए मोबाइल फ़ोन आ रहें है, आज जो हम  इतने  आगे बड रहें  है, रोज नए नए नियम बन रहे है, जो नए- नए अविष्कार हो रहे है, कभी सोचा ये सब कैसे हुआ होगा या हो रहा है ? हमने आग जलाना कहाँ से सिखा होगा, चाँद पर पहुचना कैसे संभव हुआ होगा ? ये सब संभव हो पाया है हमारी सोच की वजह से, यदि हम सोचते नहीं तो क्या ये सब संभव हो पता ,नहीं ना | यदि हम सोचना ही बंद कर दें तो हमारी दुनिया ही रुक जाएगी | हम अपनी सोच से अपने जीवन को सफल बना सकते है और औरों से अलग अपनी पहचान भी बना सकते हैं | अब ये हमारे ऊपर है की हम अपने जीवन को किस ओर ले जायें |

वर्षा गलपांडे

टीवी डिबेट में लेफ्ट नेता ने संबित पात्रा से पूछा-क्या आप बीफ खाते हैं? तमतमाये बीजेपी प्रवक्ता ने दिया ये जवाब

केरल के कन्नूर में खुले आम एक गाय को काटे जाने के बाद देश भर में फिर से बीफ बैन और खाने की स्वतंत्रता पर बहस शुरू हो गई है। हिन्दी टीवी चैनल आज तक में ऐसे ही एक बहस के दौरान बीजेपी नेता संबित पात्रा और सीपीआई एम नेता फुआद अली के बीच तीखी बहस हो गई। दरअसल टीवी में बहस के दौरान लेफ़्ट नेता फुआद अली ने संबित पात्रा से पूछा कि क्या आप बीफ खाते हैं? इस सवाल से संबित पात्रा बेहद नाराज हो गये। संबित पात्रा ने कहा कि वे फुआद अली की इस टिप्पणी पर घोर आपत्ति दर्ज कराते हैं। संबित पात्रा ने फुआद अली को जवाब दिया और कहा कि, अगर वे पूछें कि वे क्या वे सुअर का मांस खाते हैं तो मुस्लिम समुदाय की ओर से संबित पात्रा पर फतवा जारी कर दिया जाएगा।’ तमतमाये संबित पात्रा ने सीपीएम नेता को कहा कि वे ऐसे सवाल दोबारा ना पूछें। इस दौरान स्टूडियो में जमकर हंगामा हुआ।
बता दें कि केरल के कन्नूर में कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने सरेआम एक बछड़े का काटा था। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर आने के बाद काफी बवाल हुआ था। कांग्रेस ने कार्रवाई करते हुए दो सदस्यों को पार्टी से निकाल दिया है। लेकिन लेफ़्ट समेत कई पार्टियां आरोप लगा रही है कि सरकार देश की जनता पर अपना पसंद थोप रही है। कुछ दिन पहले ही केन्द्र सरकार ने वध के लिए बाजार से गोवंश खरीदने पर रोक लगा दिया है।
आजतक के इस कार्यक्रम में AIUC के अध्यक्ष मौलाना नदीमुद्दीन ने कहा कि गाय शांति का प्रतीक है और हिन्दुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे देश में गोहत्या पर रोक लगा देनी चाहिए। मौलाना नदीमुद्दीन ने ये भी कहा कि आजकल रमजान का महीना चल रहा है और मुस्लिम समुदाय के लोग भी गाय का दूध पीकर ही रोजे की शुरुआत करते हैं। ऐसे में गाय को काटना कहां तक जायज है? उन्होंने सरकार से तत्काल सभी राज्यों में गोवध पर रोक लगाने की मांग की है।

अमित शाह की दावत में पहुंचे वेंकैया नायडू, वेज खाना देख बोले- मेरे घर तो संडे मतलब बिरयानी डे

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को मीडियाकर्मियों के लिए लंच का आयोजन किया था। इस मौके पर कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद थे।
वेजिटेरियन खाना देखकर दावत पर पहुंचे केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू यह कहते सुने गए कि उनके घर तो संडे मतलब बिरयानी डे होता है। रविवार को ही केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मेट्रो भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कश्मीरी गेट से आईटीओ की नई लाइन को हरी झंडी दिखाई थी। इसके साथ ही मेट्रो ने पुरानी दिल्ली में भी अपनी पहुंच और भी गहरी कर ली है। इस लाइन पर तीन स्टेशन- दिल्ली गेट, जामा मस्जिद और लाल किला हैं। यह नई लाइन वायलेट लाइन का विस्तार है जो फिलहाल फरीदाबाद और आईटीओ के बीच चलती है। यह येलो लाइन के चांदनी चौक और चावड़ी बाजार स्टेशन का बोझ कम करेगी।
इससे पहले 27 मई को दंगा प्रभावित सहारनपुर में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के जाने पर केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने उन पर निशाना साधा था। शनिवार को नायडू ने कांग्रेस उपाध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि राहुल गांधी ‘तस्वीर अवसरवादी’ हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा था, ‘राहुल गांधी तस्वीर खिचवाने के खिंचवाने के तैयार रहते हैं। जहां भी तस्वीर खिंचवाने का मौका होता है वो वहां पहुंच जाते हैं।’ शनिवार को राहुल गांधी को संबंधित अधिकारियों द्वारा सहारनपुर आने के लिए इजाजत नहीं दी गई थी।
बीते शुक्रवार (26 मई, 2017) को उत्तर प्रदेश के एडीजी (कानून-व्यवस्था) आदित्य मिश्रा ने सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं से अपील करते हुए कहा था कि दंगा प्रभावित क्षेत्र में कानून व्यवस्था वापस बहाल होने के लिए यहां से दूर रहें। एडीजी मिश्रा ने एएनआई से बात करते हुए कहा था, ‘हमने सभी राजनीतिक पार्टियों से गुजारिश की है कि वे क्षेत्र में शांति बहाल होने तक ना आएं।’

अटॉर्नी जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- तीन तलाक पर प्रतिबंध लगा तो कानून लाएगी केंद्र सरकार

केंद्र ने सोमवार को न्यायालय से कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक को अवैध एवं असंवैधानिक करार देता है तो सरकार मुसलमानों में विवाह और तलाक के नियमन के लिए विधेयक लेकर आएगी। तीन तलाक केस में केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा कि तीन तलाक से मुस्लिम महिलाओं के समानता के अधिकार का हनन होता है। उन्होंने कहा कि तलाक के सभी प्रारुप प्रकृर्ति के खिलाफ हैं। उन्होंने आगे कहा कि तलाक की मामले में मुस्लिम महिलाओं को समुदाय में बराबरी का दर्जा नहीं मिला है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के मुद्दे पर सोमवार को तीसरे दिन की सुनवाई हुई। पांच जजों की खंडपीठ को मुकुल रोहतगी ने जानकारी देते हुए बताया कि अगर कोर्ट तीन तलाक को प्रतिबंधित करती है तो केंद्र सरकार तत्काल तलाक पर कानून लेकर आएगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को यह साफ कर दिया कि वह समय की कमी की वजह से सिर्फ ‘तीन तलाक’ पर सुनवाई करेगा। हालांकि कोर्ट केन्द्र के जोर के मद्देनजर बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दों को भविष्य में सुनवाई के लिए खुला रख रहा है।
प्रधान न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा, ‘‘हमारे पास जो सीमित समय है उसमें तीनों मुद्दों को निबटाना संभव नहीं है। हम उन्हें भविष्य के लिए लंबित रखेंगे।’’ अदालत ने यह बात तब कही जब केन्द्र सरकार की ओर से पेश अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि दो सदस्यीय पीठ के जिस आदेश को संविधान पीठ के समक्ष पेश किया गया है उसमें ‘तीन तलाक’ के साथ बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ के मुद्दे भी शामिल हैं।

पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात में गोरक्षा, लव जिहाद पर मुस्लिम नेताओं ने की खरी बात, पर सरकार ने पब्लिक से छुपाया

जमियत उलमा-ए-हिन्द के नेतृत्व में मुस्लिम बुद्धिजीवियों और धार्मिक नेताओं प्रतिनिधि मंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नौ मई को मिला था। ये मुलाकात मुस्लिम समुदाय और सरकार के बीच “चौड़ी होती खाई” को पाटने के लिए की गयी थी। मुलाकात में गौरक्षा और लव जिहाद के नाम पर हो रही हिंसाओं से उपजे भय के वातावरण पर भी चर्चा हुई लेकिन सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में इनका कोई जिक्र नहीं था। जबकि जमियत की तरफ से जारी बयान में इनका जिक्र किया गय गया था।
25 मुस्लिम धार्मिक नेताओं के इस प्रतिनिधि मंडल में शामिल जाहिर काजी अंजुमन-ए-इस्लाम के अध्यक्ष हैं। काजी ने इंडियन एक्स्प्रेस को बताया, “कई लोगों ने अलग-अलग स्वर में इस मुद्दे पर बात की। लेकिन कुल लबो-लबाब ये था कि समुदाय को लग रहा है कि उसे निशाना बनाया जा रहा है। चरमपंथी कानून को अपने हाथ में  ले रहे हैं। किसी को इसकी इजाजत नहीं होना चाहिए। हमने प्रधानमंत्री को बताया कि गौरक्षा और लव जिहाद से भय का वातावरण पैदा हो रहा है।”
मौलाना आजाद यूनिवर्सिटी जोधपुर के वाइस-चांसलर अख्तरुल वासे ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हमने प्रधानमंत्री से कहा कि उनके और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के उस बयान का असर जमीन पर नहीं दिख रहा है जिनमें उन दोनों ने कहा था कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कानून लागू करने वाली संस्थाएं अपना काम वाजिब ढंग से नहीं कर रही हैं।”
प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों के अनुसार पीएम ने उनसे कहा कि चाहे वो जिस भी पृष्ठभूमि से आते हों अब वो भारत के 125 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं और जाति और समुदाय से ऊपर वो सभी के कल्याण के प्रतिबद्ध हैं। काजी के अनुसार पीएम मोदी ने उनसे कहा, “ये मेरी जिम्मेदारी है कि कोई भी उत्पीड़ित न महसूस करे।” लेकिन प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) की तरफ से जारी बयान में इसका कोई जिक्र नहीं था। पीआईबी के बयान में कहा गया, “प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए आशा व्यक्त की कि पूरे राष्ट्र में लोगों का उनमें जो विश्वास है उससे समाज के हर तबके में सुख और समृद्धि सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय न्यू इंडिया में बराबर का साझीदार बनने के लिए तैयार है।”

पीआईबी की तरफ से जारी किए गए ब्योरे में कहा गया कि प्रतिनिधि मंडल ने तीन तलाक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के प्रयासों की सराहना की। प्रतिनिधि मंडल के एक सदस्य के अनुसार तीन तलाक के मुद्दे पर पीआईबी ने जो कहा है वह सही है। प्रतिनिधि मंडल पीएम मोदी की इस बात से सहमत था कि तीन तलाक के मसले का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए और इसका समाधान समुदाय के अंदर से आना चाहिए और हम इससे सहमत थे।

MP Board 12th के टॉपर संयम जैन की कहानी पढ़कर हो जाएंगे भावुक..

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MP Board result 2017) के 12वीं के नतीजे में संयम जैन ने पूरे राज्य में टॉप किया है. टीकमगढ़ के रहने वाले संयम जैन के पिता छोटी सी दुकान से पूरे परिवार का खर्च चलाते हैं. संयम के रिजल्ट से एक बार फिर से साबित हो गया है कि मन में लगन हो तो सफलता हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता है. बेटे की इस सफलता पर पिता अनिल जैन खुशी के मारे फूले नहीं समा रहे हैं. वहीं मां सीमा के आंखों से तो खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे. आर्थिक मुश्किलों के बीच बेटे इस सफलता ने मां-पिता को समाज में सीना चौड़ा करने का मौका दिया है. पिता के सामने जब मीडियाकर्मियों ने माइक लगाई तो वे भावुक हो गए, उनका गला भर आया और चाहकर भी अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पा रहे थे. बारहवीं गणित में विदिशा के संयम जैन 500 में से 485 अंक लाकर टॉप पर रहे, जबकि सीधी की अनुष्का जौहरी को 500 में 472 अंक लाकर दूसरे नंबर पर रहीं.

बेटे की पढ़ाई की खातिर मां ने नौकरी करने की ठानी

संयम के पिता अनिल जैन दो महीने पहले तक टीकमगढ़ के एक कपड़े की दुकान में छह हजार रुपए महीने की पगार पर नौकरी करते थे. इस वजह से संयम की पढ़ाई का खर्च उठाने में उन्हें मुश्किल हो रही थी. बेटे को पढ़ाई में मुश्किल न हो इसलिए मां सीमा ने एक निजी स्कूल में पढ़ाना शुरू किया था. मां अपनी कमाई का पूरा हिस्सा बेटे की पढ़ाई पर खर्च करती थीं.

दो महीने पहले अनिल जैन परिवार के साथ विदिशा आ गए और यहीं एक छोटी सी दुकान खोली है. मां सीमा ने बताया कि उन्हें बेटे टॉप टेन में आने की उम्मीद तो थी, लेकिन उन्होंने एक बार भी नहीं सोचा था कि उनका संयम राज्य भर में टॉप करेगा. उन्होंने बताया कि सयंम पढ़ाई के साथ खेल-कूद में भी काफी अच्छा है. संयम इंजीनियरिंग की डिग्री लेना चाहता है. उसके बाद वह आईएएस बनने के लिए तैयारी करेगा. 

बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को संयम ने संदेश दिया कि वे 8-10 घंटे ही पढ़ें, लेकिन पूरी एकाग्रता के साथ. उन्होंने कहा कि वे भी कभी 8 घंटे से ज्यादा नहीं पढ़ाई करते थे. संयम का मानना है खेल-कूद करने से दिमाग स्वस्थ्य रहता है, जिससे पढ़ाई भी अच्छे से होती है.

मालूम हो कि मध्‍यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 12वीं का रिजल्‍ट रिजल्ट सीएम शिवराज सिंह के सरकारी आवास पर घोषित किए गए. स्‍टूडेंट्स अपना रिजल्‍ट बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं. इस सिलसिले में मुख्यमंत्री आवास पर एक समारोह भी आयोजित हुआ, जिसमें मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया. खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें पदक प्रदान कर सम्मानित किया. हायर सेकेंडरी की मेधा सूची में छोटे शहरों के बच्चों ने बड़ी बाजी मारी है. मुख्यमंत्री आवास पर शुक्रवार की सुबह प्रदेशभर से मेधावी छात्र पहुंचे. इन छात्रों पर मुख्यमंत्री शिवराज ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया. इसके बाद उन्होंने विभिन्न संकायों की मेधा सूची में आए छात्रों को पदक प्रदान कर सम्मानित किया.

बता दें कि मध्‍यप्रदेश में 12वीं क्‍लास की परीक्षाएं 3 मार्च 2017 से शुरू होकर 31 मार्च तक आयोजित की गई थीं. वर्ष 2016 में हायर सेकेंडरी यानि 12वीं की परीक्षा में 7 लाख 66 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे. इस वर्ष लगभग 7 लाख 12 हजार छात्र हायर सेकेंडरी की परीक्षा में सम्मलित हुए.

मीड डे मील में मिला सांप, उड़ गए प्रिंसिपल और टीचर्स के होश

सरकारी स्कूलों में मिड डे मील की सप्लाई पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक हरियाणा के फरीदाबाद के राजकीय कन्या सीनियर सेकंडरी स्कूल में बच्चों को दिए जाने वाले खाने में एक छोटा सांप मिलने का मामला सामने आया है। इसकी सूचना मिलते ही बच्चों को खाना खाने से रोक दिया गया, लेकिन तब तक कुछ बच्चे इसे खा चुके थे। मिड डे मील खाने के बाद कई बच्चों ने तुरंत उल्टियां भी कीं। घटना का खुलासा उस वक्त हुआ जब प्रिंसिपल और शिक्षक खाने को चख रहे थे। उसी वक्त उन्होंने खाने में सांप देखा और तु्रंत बच्चों को इसे खाने से रोका।
मील में सांप को देखकर बच्चों के होश उड़ गए। उन्होंने माना कि उन्हें खाने से अजीब तरह की बदबू आ रही थी, लेकिन इस घटना से वे काफी सहम गए हैं। स्कूल की प्रिंसिपल ब्रजबाला ने आला अधिकारियों और खाना सप्लाई करने वाली इस्कॉन फूड रिलीफ फाउंडेशन को इस बारे में सूचित कर दिया है। जिन अन्य स्कूलों में खाना सप्लाई हुआ था, उन्हें भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है।

नरेंद्र मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए चिट्ठी अभियान चलाएगा RSS से जुड़ा स्वदेशी जागरण मंच

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ा स्वदेशी जागरण मंच (SJM) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दबाव बनाने के लिए चिट्ठी अभियान चलाने की तैयारी में है। यह चिट्ठी अभियान चीनी कंपनियों पर रोक लगाने के लिए चलाया जाएगा। अगर स्वदेशी जागरण मंच को अनुमति मिल जाती है तो पीएम मोदी को देश के हर जिले से चिट्ठी मिलेगी जिसमें चीन को भारत में निवेश करने पर रोक व सीमा से सटे राज्यों में चीनी कंपनियों को टेंडर भरने पर रोक लगाने की मांग की जाएगी।
चीन के खिलाफ अपने नए अभियान के तहत स्वदेशी जागरण मंच ने एक ‘सुरक्षा अभियान मेमोरेंडम’ जारी किया है। मंच चाहता है कि इसे देश का हर जिला मजिस्ट्रेट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजे। इस मेमोरेंडम में कहा गया है कि चीनी कंपनियों से देश की छोटे व्यापारों को नुकसान पहुंच रहा है और युवाओं के लिए बड़े स्तर पर बेरोजगारी फैल रही है। इसके अलावा पड़ोसी मुल्क होते हुए चीन लगातार भारत को प्रताड़ित कर रहा है।
पहले से चलाते आ रहे चीनी कंपनियों के खिलाफ अभियान:
स्वदेशी जागरण मंच पहले से ही चीनी कंपनियों के खिलाफ अभियान चलाता आ रहा है। स्वदेशी जागरण मंच ने साल 2017 को “चीन विरोधी वर्ष” घोषित कर रखा है। स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक डॉक्टर अश्विनी महाजन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अगर भारत और चीन के बीच दीवार बन जाए तो उन्हें खुशी होगी। जब डॉक्टर महाजन से पूछा गया कि क्या ग्लोबलाइजेशन से भारत और चीन को फायदा नहीं हुआ है? इस पर वो बोले, “अगर चीन में हर किसी को नौकरी मिल रही है तो इसकी वजह ये है कि वो अपना सामान बेचने में कामयाब हो रहे हैं लेकिन औसत अमेरिकी, ब्रिटिश और यूरोपीय घाटे में हैं।” महाजन ने आगे कहा, “सच ये है कि ग्लोबालइजेशन का फायदा केवल कुछ अमेरिकी कंपनियों को हुआ है।”

आरएसएस नेता कृष्ण गोपाल ने कहा- “असिहष्णु” लोगों को भारतीय संस्कृति के हिसाब से बदलना चाहिए अपना व्यवहार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता कृष्ण गोपाल ने गुरुवार (11 मई) को जयपुर में कहा कि “असहिष्णु” लोगों को भारतीय संस्कृति के अनुसार अपना व्यवहार बदल लेना चाहिए। राजस्थान की राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए आरएसएस के सह सरकार्यवाह गोपाल ने कहा कि चाहे वो कारोबार हो या सेवा क्षेत्र हिंदू समाज “तेजी से विकास” कर रहा है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार गोपाल ने कार्यक्रम में कहा, “जहां तक मुसलमानों की बात है तो वो अपनी जड़ों की तरफ देख रहे हैं और वापस लौटना चाहते हैं।”
गोपाल ने कहा कि भारत में जन्मे विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच “कोई मतभेद” नहीं है। कृष्ण गोपाल ने कहा कि उनसे कई ऐसा मुसलमान मिले हैं जो अपनी जड़ों की जानते हैं और हिंदू सांस्कृतिक परंपराओं का पालन करते हैं। कार्यक्रम में राजस्थान की उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी भी मौजूद थीं।  माहेश्वरी ने भारतीय विश्वविद्यालयों में “भारत-विरोधी” नारे लगाए जाने पर चिंता व्यक्त की। माहेश्वरी ने कहा कि ऐसी मुद्दों से उचित तरीके से निपटना चाहिए। माहेश्वरी ने श्रोताओं से देश के विकास में रचनात्मक योगदान देने और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने की अपील की।
61 वर्षीय कृष्ण गोपाल को इंडियन एक्सप्रेस पावरलिस्ट 2017 में देश का 22वां सबसे ताकतवर शख्श माना गया था। साल 2016 में इस लिस्ट में उनका स्थान 69वां था। जाहिर है पिछले एक साल में उनकी ताकत बढ़ी है। कृष्ण गोपाल को आरएसएस और भाजपा के बीच समन्वय की कड़ी माना जाता है। उत्तर प्रदेश से आने वाले कृष्ण गोपाल दिल्ली में चलने वाली आरएसएस की विचारधारा से प्रेरित संकल्प कोचिंग के संरक्षक भी हैं। ये कोचिंग लोक सेवा आयोग  की आईएएस, आईपीएस और आईएफएस जैसी प्रतिष्ठित नौकरियों की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराती है।
हाल ही में उत्तर प्रदेश में आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं के ऊपर हमले को लेकर आरएसएस और भाजपा के नेता यूपी के मुख्यमंत्री आदित्य नाथ से मिले थे उनमें कृष्ण गोपाल भी शामिल थे। माना जाता है कि यूपी और उत्तराखंड चुनाव की रणनीति बनाने में भी कृष्ण गोपाल की भूमिका रही थी।

अगर अकबर महान हैं तो महाराणा प्रताप क्यों नहीं: राजनाथ सिंह

पाली :केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्हें आश्चर्य है कि इतिहासकारों को अकबर की महानता तो नजर आई, लेकिन राजस्थान के वीर सपूत महाराणा प्रताप की महानता नजर नहीं आई. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि इतिहासकारों से यह भूल हुई है.

सिंह पाली जिले के खारोकडा गांव में महाराणा प्रताप की आदमकद मूर्ति का लोकार्पण करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि उन्हें आश्चर्य हो रहा है कि इतिहासकारों को अकबर तो महान दिखा लेकिन महाराणा प्रताप की महानता उन्हें दिखाई नहीं दी. इतिहासकारों ने इस मामले में (महाराणा प्रताप का) सही मूल्यांकन नहीं किया है. इतिहासकारों को अपनी इस गलती को सुधारना चाहिए.

राजनाथ ने महाराणा प्रताप के अद्भुत शौर्य और साहस की चर्चा करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप ने संघर्ष किया. उन्हें गद्दी और सत्ता विरासत में मिली लेकिन यह गद्दी फूलों की नहीं, बल्कि कांटों की सेज थी. त्याग और बलिदान का दूसरा नाम महाराणा प्रताप था. महाराणा ने कभी भी स्वाभिमान को नहीं छोड़ा. सारे हिन्दुस्तान ने उन्हें जननायक के रूप में स्वीकार किया है.

पाकिस्तान को मिलेगा जवाब


केंद्रीय गृहमंत्री ने पड़ोसी देश पाकिस्तान की चर्चा करते हुए कहा कि पाकिस्तान की कायारना हरकतें जारी हैं. वह अपनी कायराना हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. उन्होंने कहा कि भारत में हमले के बाद भारत के सैनिकों ने पाकिस्तान की धरती पर घुसकर आतंकवाद का सफाया किया. इसके माध्यम से भारत ने दुनिया में संदेश दिया है कि जरूरत पड़ने पर सीमा पार जाकर भी मार सकते हैं.

उन्होंने कहा कि कुछ दिनों पहले जो घटना हुई है, उसे लेकर देश को सेना के जवानों पर भरोसा होना चाहिए. भारत एक मजबूत देश है. हमें हमारी सेना के वीर जवानों के शौर्य और देशभक्ति पर नाज होना चाहिए. देश की जनता के मान सम्मान पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी. राजनाथ ने कहा कि पहली गोली हम नहीं चलाएंगे. अगर उधर से गोली चली तो उसका माकूल जवाब दिया जायेगा.

पीएम नरेंद्र मोदी ने मुस्लिम समुदाय से कहा- तीन तलाक को राजनीतिक मुद्दा ना बनने दें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मुस्लिम समाज से कहा कि वे तीन तलाक के मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होने दें और समुदाय के किसी अग्रणी संगठन को इस दिशा में सुधार के लिए नेतृत्व की भूमिका निभानी चाहिए। मोदी ने प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद के नेताओं से बातचीत करते समय यह टिप्पणी की। संगठन के नेताओं ने यहां प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत सद्भावना और मेल-जोल में है।
विज्ञप्ति के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को नागरिकों में भेदभाव का कोई अधिकार नहीं है और भारत की विशेषता विविधता में एकता की है। तीन तलाक के मुद्दे पर मोदी ने अपनी यही बात दोहराई कि मुस्लिम समुदाय को इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होने देना चाहिए। पीएमओ के अनुसार उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से इस दिशा में सुधार शुरू करने की जिम्मेदारी लेने को कहा।
बयान के मुताबिक प्रतिनिधिमंडल ने तीन तलाक के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के रुख की सराहना की। मोदी का बयान माकपा नेता सीताराम येचुरी के इस बयान की पृष्ठभूमि में आया है कि तीन तलाक के खिलाफ प्रधानमंत्री का अभियान एक सांप्रदायिक मुहिम है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत में नयी पीढ़ी को उग्रवाद की वैश्विक बयार का शिकार नहीं होने देना चाहिए।पीएमओ के वक्तव्य के अनुसार मोदी की सोच की तारीफ करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि जनता में उनके प्रति जो ‘राष्ट्रव्यापी विश्वास’ है वह समाज के सभी तबकों की समृद्धि और कुशलता सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री की आकांक्षा का जिक्र करते हुए कहा कि मुस्लिम समुदाय ‘न्यू इंडिया’ के निर्माण में बराबर का साझेदार बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद एक बड़ी चुनौती है और इसके लिए उन्होंने अपनी पूरी ताकत से लड़ने का संकल्प व्यक्त किया।