छत्तीसगढ़

वन अधिकार पत्र धारक किसानों को भी मिलेगा प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का फायदा

 

 वन अधिकार पत्र धारक किसानों को भी सामान्य किसानों की तरह प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना का फायदा मिलेगा। इस योजना के अंतर्गत साल भर मंे किसानों को तीन किश्तों में 6 हजार रूपये की सम्मान राशि प्रदान की जाती है। कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल ने आज अधिकारियों की बैठक में वन अधिकार पत्र धारक किसानों को भी सर्वेक्षण में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ श्री एस.जयवर्धन, डीएफओ श्री विश्वेश कुमार, अपर कलेक्टर श्री जोगेन्द्र नायक सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


कलेक्टर ने बैठक में वन अधिकार पत्र वितरण कार्य में प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सामुदायिक महत्व के अधिकार पत्र वितरण कार्य को प्राथमिकता दी जाए। श्री गोयल ने  खरीफ मौसम में जारी खाद-बीज वितरण काम में और तेजी लाने के निर्देश दिए। बताया गया कि अब तक खाद का 33 प्रतिशत और बीज का 59 प्रतिशत वितरण हो चुका है। उन्होंने आंधी-तूफान को देखते हुए बिजली विभाग को अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्टाॅक में रखने के निर्देश दिए। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 10-10 अतिरिक्त ट्रांसफार्मर रखे हुए हैं। आपूर्ति में कोई कमी नहीं है। कलेक्टर ने लोकसेवा केन्द्रों के काम-काज पर अप्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट के अंतर्गत शामिल तमाम काम लोकसेवा गारण्टी अधिनियम के अंतर्गत आते हैं। समय-सीमा में काम नहीं होने पर जिम्मेदारी तय करके उनसे अर्थदण्ड वसूला जायेगा। उन्होंने पेंशन के सभी प्रकरणों को डीबीटी के अंतर्गत लेने के निर्देश दिये। डीबीटी में बिलाईगढ़,कसडोल एवं पलारी में कम प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए अगले तीन दिनों में सुधार करने के सख्त निर्देश दिए।
पटेल/30
समाचार

कलेक्टर ने की स्कूल शिक्षा विभाग के काम-काज की समीक्षा 30 जून के पहले पुस्तकें वितरण के दिए निर्देश



स्कूलों का मरम्मत 20 तारीख तक करना अनिवार्य


कक्षा पहली से दसवीं तक 3 लाख 7 हजार 


बच्चों को मिलेगा निःशुल्क किताब

बलौदाबाजार, 11 जून 2019/ कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल ने कहा कि नये शैक्षणिक सत्र में बच्चों के उपयोग के लिए पहुंच रही किताबों का वितरण 30 जून के पहले हर हाल मंे हो जाने चाहिए। इस तिथि के बाद किताबें अवितरित पाई गईं तो जिम्मेदारी तय करके कार्रवाई की जायेगी। कलेक्टर श्री गोयल आज यहां समय-सीमा की बैठक में नये शैक्षणिक सत्र शुरू होने के पहले स्कूल शिक्षा विभाग के काम-काज की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने मरम्मत के लिए स्वीकृत स्कूल भवनांे को 20 तारीख तक अनिवार्य रूप से मरम्मत का काम पूर्ण करने को कहा है। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ श्री एस.जयवर्धन, अपर कलेक्टर श्री जोगेन्द्र नायक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जिला शिक्षा अधिकारी श्री ए.के.भार्गव ने बैठक में बताया कि छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम से बच्चों में वितरण के लिए पुस्तकें आना शुरू हो गये हैं। जिले के कुल 117 संकुल केन्द्रांे में से 100 केन्द्रों पर किताबें पहुंच चुकी हैं। उन्होंने बताया कि कक्षा पहली से कक्षा दसवीं तक के सभी बच्चों को निःशुल्क रूप से किताबें बांटी जाती हैं। सरकारी के अलावा निजी स्कूल के बच्चों को भी मुफ्त में पुस्तकें दी जाती है। उन्होंने बताया कि जिले में 3 लाख 7 हजार बच्चों को निःशुल्क पुस्तकें दी जायेगी। इनमें 2 लाख 82 हजार हिन्दी माध्यम के स्कूलों में और  25 हजार अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के लिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि स्कूल खुलते हीं ये किताबें बच्चों में वितरण कर दिया जाये। किसी भी हालत में किताब स्टोर रूम, संकुल अथवा अन्य स्कूल में डम्प हालत में नहीं मिलने चाहिए। उन्होंने जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को आकस्मिक रूप से इनका निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। डीईओ ने बताया कि इस साल से बच्चों को दिए गये पुरानी पुस्तकें उनसे वापस लिये जाएंगे। ये पुस्तकें बुक बैंक योजना के अंतर्गत स्कूलों में रखे जायेंगे और उनका इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शाला गणवेश जुलाई महीने में आने की संभावना है।

 

कलेक्टर ने बैठक में बरसात में पहुंचविहीन हो जाने वाले स्कूलों की जानकारी भी मंगाई है। उन्होंने मरम्मत कार्य के लिए पूर्व से स्वीकृत शालाओं को अगले 20 तारीख तक मरम्मत कार्य पूर्ण कराने को कहा है। ईई आरईएस ने बैठक में बताया कि मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। उन्होंने मरम्मत के लिए आने वाले नये प्रस्ताव में स्कूल भवन के निर्माण से लेकर अब तक हुए मरम्मत कार्य की इतिहास भी प्रस्तुत करने को कहा है।तभी नयी स्वीकृति दी जा सकेगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने बैठक में बताया कि मध्यान्ह भोजन की तैयारियां भी पूर्ण कर ली गई है। चावल आदि का आवंटन मिल चुका है। कलेक्टर ने सुरक्षा घेरा वाले स्कूलों में हरियर छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत पौधे लगाने के निर्देश भी दिये हैं।

दक्षिण पूर्व रेलवे चक्रधरपुर रेल मंडल में सीमित ऊंचाई के सबवे निर्माण कार्य हेतु ब्लॉक के फलस्वरुप कुछ गाड़ियां प्रभावित रहेगी

 
 
 
दक्षिण पूर्व रेलवे चक्रधरपुर रेल मंडल के राउरकेला-झारसुगुडा सेक्शन में सुरक्षा के दृष्टिकोण से सीमित ऊंचाई के सबवे के निर्माण कार्य पश्चात्् समपार फाटकों को बंद किये जाने का कार्य प्रगति पर है। दिनांक 13 जून, 2019 को (सुबह 08.00बजे से 14.30बजे तक) ब्लॉक लेकर सीमित ऊंचाई सबवे के पूर्व ढलित खण्डों को लॉचिंग करने का कार्य किया जाएगा। इस कार्य के फलस्वरूप उपरोक्त दिवसों में कुछ गाडियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। जिसका विस्तृत विवरण इस प्रकार है :- 
     रद्द होने वाली गाड़ियां :-
1. दिनांक 12 जून, 2019 को ईतवारी से चलने वाली गाडी संख्या 58112 इतवारी-टाटानगर पैसेंंजर रद््द रहेगी। 
2. दिनांक 13 जून, 2019 को टाटानगर से चलने वाली गाडी संख्या 58111 टाटानगर- इतवारी पैसेंंजर रद््द रहेगी। । 
    देरी से रवाना होने वाली गाडियां :- 
1. दिनांक 12 जून, 2019 को राजेन्द्रनगर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 13288 राजेन्द्रनगर-दुर्ग साउथ बिहार एक्सप्रेस 02 घंटे 30 मिनट देरी से रवाना होगी। 
2. दिनांक 12 जून, 2019 को कुर्ला से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22511 कुर्ला-कामाख्या एक्सप्रेस 02.30 घंटे देरी से रवाना होगी। 
3. दिनांक 12 जून 2019 को पूणे से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22845 पूणे-हटिया एक्सप्रेस 02.25 घंटे देरी से रवाना होगी। 
4. दिनांक 12 जून, 2019 को मुम्बई से रवाना होने वाली गाडी संख्या 12261 मुम्बई-हावडा एक्सप्रेस 01.05 घंटे देरी से रवाना होगी। 
 
रास्ते में नियंत्रित की जाने वाली गाडियां :- 
 
1 दिनांक 13 जून, 2019 को गाडी संख्या 12222 हावडा-पूणे दूरंतो एक्सप्रेस को चक्रधरपुर रेल मंडल में 30 मिनिट नियंत्रित की जाएगी।
2 दिनांक 13 जून, 2019 को गाडी संख्या 13287 दुर्ग-राजेन्द्रनगर साउथ बिहार एक्सप्रेस को चक्रधरपुर रेल मंडल में 45 मिनट नियंत्रित की जाएगी।
 
परिवर्तित मार्ग जाने वाली गाडियां :- 
 
3 दिनांक 12 जून, 2019 को पूरी से चलने वाली गाडी संख्या 18477 पूरी-हरिद्वार उत्कल  एक्सप्रेस कटक-अंगुल-झारसुगुडा-बिलासपुर होकर चलेगी एवं यह गाडी खडकपुर एवं झारसुगुडा के बीच नही चलेगी।
             
 
 

लोखंडी रेलवे फाटक के पास फोरलेन का निर्माणाधीन पुल गिरा ..पढ़े पूरी खबर

 

अजीत मिश्रा @ BBN24

 बिलासपुर । लोखंडी रेलवे फाटक के पास फोरलेन का निर्माणाधीन पुल गिरा 3 से 4 लोग पुल के नीचे दबने की आशंका ,, 1 की मौत 2 गंभीर रूप से घायल ,, सिम्स में घायलों को कराया गया भर्ती ,, मौके पर पुलिस पहुची ,, सकरी थाना का मामला 

टेंगनमाडा़ एवं टुलुप फाटकों में सीमित ऊंचाई सबवे निर्माण के पूर्व ढलित बाक्स को किया गया सफलतापूर्वक स्थापित

 

अजीत मिश्रा @ BBN24

 रेलवे प्रशासन द्वारा मानवसहित समपार फाटकों को आम लोगों की सुरक्षा एवं संरक्षा की दृष्टिकोण से वैकल्पिक आवागमन सुविधा सुनिश्चित करने के उपरांत बंद किये जाने का कार्य तीव्रगति से किया जा रहा है। वैकल्पिक आवागमन सुविधा हेतु रोडओवरब्रिज/रोडअंडरब्रिज/सीमित ऊंचाई सबवे आदि का निर्माण किया जा रहा है।

इसी कडी में आज दिनांक 11 जून 2019 को सीमित ऊंचाई के सबवे निर्माण प्रक्रिया के तहत सीआईसी सेक्शन के टेंगनमाडा़ यार्ड में स्थित मानवसहित समपार संख्या बीके-27 (टेंगनमाड़ा फाटक) एवं टेंगनमाड़़ा-खांेगसरा स्टेशनों के मध्य स्थित मानवसहित समपार संख्या बीके-29 (टुलुप फाटक) फाटकों में ब्लाॅक लेकर सीमित ऊंचाई सबवे निर्माण के पूर्व ढलित बाक्स को स्थापित किया गया। मानवसहित समपार संख्या बीके-27 (टेंगनमाड़ा फाटक) में बाक्स स्थापित करने के लिए प्रातः 07.30 बजे से 14.30 बजे ब्लाक लिया गया था तथा मानवसहित समपार संख्या बीके-29 (टुलुप फाटक) में बाक्स स्थापित करने के लिए प्रातः 07.45 बजे से 14.45 बजे तक ब्लाक लिया गया था। उपरोक्त दोनों कार्यों को तय समय में पूरा कर लिया गया।

 उक्त समपारों पर सीमित ऊंचाई सबवे का निर्माण पूरा होते ही सडक यातायात को इस मार्ग में परिवर्तित कर फाटकों को बंद की जाएगी। जिससे सडक उपयोगकर्तायों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी साथ ही ट्रेनों की गति में वृद्धि एवं समपार फाटकों में अकस्मात् होने वाली दुर्घटनाएं भी नही होगी।

विभागीय लापरवाही : पूरा होने से पहले टूटने फूटने लगा स्टेडियम ...पढ़े पूरा मामला

अजीत मिश्रा ( विशेष रिपोर्ट )

116 करोड़ 84 लाख की लागत ने बन रहा स्टेडियम। 

 10 साल से ज्यादा चला निर्माण कार्य ।

 अब भी दर्जनों काम अधूरे पड़े हैं।

 सबसे खराब हालत है आउटडोर स्टेडियम की।

हॉकी के लिये तैयार एस्ट्रोटर्फ मैदान भी अनदेखी का शिकार।

करोड़ों की लागत से बनी स्टेडियम की पर्याप्त सुरक्षा नही। 

 


बीते 10 सालों से लगातार बन रहें, बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम की लागत 116 करोड़ 84 लाख तक पहुंच गई है। लेकिन अब भी ये अधूरा है। निर्माण कार्य मे भारी लापरवाही और रख-रखाव की कमी के कारण पूरी तरह बनने से पहले ये टूटने-फूटने लगा है। घटिया निर्माण क्वालिटि और बदहाली के शिकार इस इनडोर और आउटडोर स्टेडियम में किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है क्योकि, एक तरफ यहां फायर फाइटिंग सिस्टम नही है दूसरी तरफ हजारों लीटर ज्वलनशील पदार्थ स्टेडियम के भीतर रख दिया गया है। जिम्मेदार अधिकारी की मानते तो हैं ये बड़ी लापरवाही है लेकिन इसके लिए कुछ भी कर पाने में असमर्थ हैं। 


 छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, बहतराई स्टेडियम में करोड़ो रुपये खर्च किये जा चुके हैं। निर्माण कार्य साल 2007-08 में ये शुरू हुआ जो साल 2019 तक अधूरा ही है। लोक निर्माण विभाग के जवाबदेह अधिकारी और कार्यपालन अभियंता एस. आर. सिन्हा की माने तो, शुरुआत में इसकी लागत 100 करोड़ के करीब थी जो बढ़ते-बढ़ते अब 116 करोड़ 84 लाख तक पहुंच चुकी है। विभगिय अधिकारी इस लेटलतीफी के लिये तर्क देते हैं कि, बीच के दो वर्ष, साल 2013 और 2014 में निर्माण कार्य बंद होने के वजह से इसमे देरी हुई है। लेकिन ये सरासर बहानेबाजी है, क्योकि तब तक भवन निमार्ण सहित दूसरे सभी महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण हो चुके थे। 

स्टेडियम की बदहाली की बात करें तो इन तस्वीरों को देखते ही साफ हो जाता है कि यह किस तरह की घटिया निर्माण क्वालिटी का प्रयोग हुआ है । बनने से पहले ही स्टेडियम में दरारें और टूट-फूट होने लगी है। यह अलग बात है कि मरम्मत और मेंटेनेंस के नाम पर लाखों रुपए के हेरा-फेरी विभाग के अधिकारियों द्वारा कर ली जाती है। करोड़ों की लागत से बने आउटडोर स्टेडियम में किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। जहां एक तरफ इस स्टेडियम में फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं है। वहीं दूसरी तरफ हजारों लीडर ज्वलनशील पदार्थ स्टेडियम के भीतर ही रख दिए गए हैं। दरअसल यह सिंथेटिक ट्रैकपैड बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला केमिकल और (चारकोल-डामर) है। ये काफी ज्यादा ज्वलनशील है। नियम के अनुसार इसे खुली जगह पर रखा जाना चाहिए। संवाददाता ने जब पूछा कि, क्या ये विभागीय लापरवाही का नतीजा है कि इसे ऐसे ही स्टेडियम के भीतर रख दिया गया है..? इस पर विभागीय अधिकारी ने ऐसी अनभिज्ञता जाहिर की जैसे कि उन्हें इसकी कोई जानकारी ही नहीं हो। 

 विभागीय लापरवाही और अनदेखी का सिलसिला यहीं नहीं रुकता। जिस एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम का निर्माण किया गया है उसमें ना तो पानी के छिड़काव की व्यवस्था है और ना ही यहां खेल प्रेमियों के लिए बैठ कर खेल का आनंद लेने के लिए कोई अस्थायी व्यवस्था की गई है। गौरतलब है कि इस आधे अधूरे निर्माण के बाद भी लोक निर्माण विभाग ने इसे खेल विभाग को सौंप दिया है। और अब जल्द ही यहां राज्य स्तर के हॉकी टूर्नामेंट होने वाला है। ऐसे में जाहिर सी बात है कि यहां पहुंचने वाले खिलाड़ी बदहाली का शिकार होंगे। खेल प्रेमियों को भी निराशा ही होगी। और कुल मिलाकर देखा जाए तो बिना तय मापदंडों को पूरा किए करोड़ों की लागत से बने इनडोर आउटडोर और हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान हुई ही छोड़ दिया है। सबसे बुरी बात ये है कि, अब इस करोड़ो की लागत आए बनने वाले स्टेडियम की सुरक्षा महज 6 चौकीदार के भरोसे छोड़ दी गई है। सरकारी आंकड़ों में यहां भी गड़बड़ी है क्योंकि डियूटी तो केवल 4 सुरक्षाकर्मियों की ही लगती है।

ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी ने अपने उप संचालक के खिलाफ किया एक दिवसीय धरना प्रर्दशन, मांगो और समस्याओं का निराकरण पर ध्यान नही देने का लगाया आरोप , पढ़े पूरा मामला

 

सूर्यकान्त यादव @ BBN24NEWS

राजनाांदगाव जिले के लगभग 2 सौ से अधिक कृषि विस्तार अधिकारियों ने आज जिला मुख्यालय पहुचकर अपने उच्च अधिकारी अश्वनि कुमार बंजारा के खिलाफ मोर्चा खोलते एक दिवसीय धरना प्रर्दशन करते अपने विभिन्न मांगो पर ध्यान आकर्षित करवाया वही धरना प्रर्दशन कर रहे कृषि विस्तार अधिकारियों का कहना है की मृदा नमूना लेने हेतु नक्शा खसरा बी 1 की हार्ड कापी उपलब्ध कराने और नमूना लेने और किसानो के मूलभूत जानकारी एंट्री करने कम्प्यूटर, लैपटॉप की सुविधा उपलब्ध नही कराना और अधिकारी दबाव बनते की अपने मोबाइल पर करने के लिए सहित स्वाईल हेल्थ कार्ड योजना के अंतर्गत मृदा नमूना संग्रहण करने हेतु 10 से 15 रूपये देना सरकार का प्रवधान है लेकिन वही पिछले 4 सालो से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को अभी तक नही मिला है वही कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया की उप संचालक अश्वनि कुमार बंजारा ने अपने चेहते कर्मचारियों को अटैच पर जिला मुख्यालय पर रखा हुआ है वही सरकार के नियमो के आदेश का अवहेलना कर रहे है वही जिला मुख्यालय मे बैठे कुछ कर्मचारियों पर रूपये देने का आरोप लगाते हुए आज जिले के लगभग 2 सौ से अधिक महिला पुरुष सहित सभी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने धरना प्रर्दशन किया है।वही इस पूरे मामले मे कृषि विभाग के उप संचालक अश्वनि कुमार बंजारा का कहना है की शासन से जो आदेश आता है उसे सभी को फालो करना होता है और मृदा नमूना के काम के लिए पटवारी से सम्पर्क कर करने और स्वाईल हेल्थ कार्ड योजना का रूपये सभी को मिले और किसानो के डाटा एंट्री के लिए आफिस मे आकर आफिस के कम्प्यूटर का इस्तेमाल करने की बात करते सभी प्रकार के आरोप को बेबुनियाद बताया है।

 

 

ई-रिक्शा सब्सिडी नही मिलने पर हितग्राही नाराज , पहुचे जनपद पंचायत मस्तूरी

 
अजीत मिश्रा @BBN24NEWS


बिलासपुर जिले के मस्तूरी ब्लॉक के पांच पंचायतों को रूर्बन मिशन के तहत चयनित  किया गया है जो कि राज्य गवर्मेन्ट योजना है जयरामनगर क्लस्टर के पंचायत जयरामनगर,खुदूभाठा,भदौरा, किसान परसदा,मोहतरा है जिसके तहत महिला समूहों को प्राथमिकता देते हुए अनेक योजनाओं का लाभ देना है पिछले वर्ष 2 जून 2018 को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह के हाथों लोगो को ई-रिक्शा बाटा गया था कुल 13 समूहों को 13 ई-रिक्शा बाटा गया था जिसका पूरा भुगतान योजना के तहत  होना था 1 लाख रुपया जिला पंचायत से और 50 हजार श्रम विभाग से 1 लाख रुपया जिला पंचायत से भुगतान हो गया लेकिन 50 हजार रुपया अभी तक बचा है जिसका ब्याज समिति को  हर माह 3-4 हजार पटाना  पड़ रहा है इस समस्या से लोग कई महीनों से जूझ रहे है जिसकी शिकायत सभी महिलाओ ने दूसरी बार जनपद सी.ई.ओ.से की लोगो ने जनपद के चक्कर लगा कर थक चुके है

 

बिलासपुर के पेट्रोलियम विभाग के द्वारा शहर के पेट्रोल पंप में ग्राहकों को अच्छी सुविधा देने के लिए किया जा रहा है क्वालटी चेक

 

अजीत मिश्रा @BBN24NEWS

इसी तारतम्य में बिलासपुर के नेहरू चौक स्थित राजेश पेट्रोल पम्प में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।।जिसमे मुख्य अथिति के रूप में बिलासपुर के डिप्टी कलेक्टर आनंद तिवारी को बुलाया गया।।वही इस कार्यक्रम में पेट्रोल पंप के संचालक हितेश अग्रवाल के साथ पेट्रोलियम विभाग बिलासपुर डिवीजन के आशीष सिंघल के अलावा बड़ी संख्या में ग्राहक भी मौजूद रहे ।।ग्राहकों को जानकारी देने के लिए पहले पेपर से पेट्रोल की परख करना बताया गया और उसके बाद 5 लीटर के डब्बे में पेट्रोल डाल के उसकी कॉन्टिटी भी बताई गई।। ये कार्यक्रम आम जनता को जो पेट्रोल पम्प में आते है उनके जनजागरण के लिए है क्योंकि आए दिन पेट्रोल पंप में लोगो को शिकायत रहती है कि पेट्रोल कम और उसकी क्वालटी खराब है जिसको लेकर विभाग ने इस कार्यक्रम को आयोजित किया जिससे ग्राहकों को कभी कोई शिकायत का मौका ना मिले।।

 

शौचालय निर्माण की लंबित राशि के लिए तीसरी बार चक्काजा, दो साल से भटक रहे छपोरा के सैकड़ो हितग्राही, प्रशासन की अनदेखी से है नाराजगी

 

चक्काजाम से चंद्रपुर शिवरीनारायण मार्ग 8 घ्ंाटे रहा बाधित, फिर मिला आश्वासन 

मालखरौदा ब्लाक के छपोरा पंचायत का मामला 

जांजगीर-चांपा :-जिले मे स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों का भुगतान हितग्राहियो को नही हो पा रहा है जिले के सभी ब्लाकों मे यह समस्या बनी हुई है इस मामले को लेकर आज मालखरौदा के ब्लाक के छपोरा पंचायत के ग्रामिणों चक्का जाम कर दिया जिससे चंद्रपुर शिवरीनारायण मार्ग 8 घ्ंाटे तक बाधित रहा। आंदोलनकारियों की मांग थी कि उनके शौचालय निर्माण के भुगतान की राशि शिध्र प्रदान की जाए।  पूरे आंदोलन का मोर्चा महिलाओ ने सम्हाल रखा था इस वजह से पुलिस और प्रशासन भी बेबस नजर आ रही थी। मौके पर पहुॅचे प्रशासनिक अधिकारी के आश्वासन के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ। दरअसल छपोरा पंचायत मे साढ़े 8 सौ शौचलय का निर्माण हुआ है इसमे से महज आधे लोगों को भुगतान किया गया है। ग्रामिणो के अनुसार पछिले दो साल से वे प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं मगर उनकी कोई सुनवाई नही हो रही है। गौरतलब है कि शौचालय निर्माण की मांग को लेकर छपोरा के ग्रामिणों का यह तीसरा आंदोलन है इसके बावजूद अभी भी भुगतान के लिए कोई पुख्ता वादा अधिकारी नही कर पाए। 

 2साल से काट रहे है राशि के लिए चक्कर......

हम लोगों के द्वारा कई बार उच्चाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया है शिकायत भी किया गया था लेकिन अब तक हमें भुगतान राशि नहीं मिला है।
देव कुमारी श्रीवास हितग्राही 

 


जल्द ही प्रोत्साहन राशि भुगतान की जाएगी
शासन द्वारा अब तक शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि नहीं आया था जिसकी वजह से भुगतान विलंब हुआ जैसे ही शासन द्वारा प्रोत्साहन राशि आएगी शीघ्र ही हितग्राहियों को भुगतान कर दिया जाएगा
चंद्रशिला जायसवाल तहसीलदार

साफ सफाई की दयनीय स्थिति के बीच अस्पताल ,आवारा कुत्तों का प्रवेश पढ़े पूरा मामला

 

भाटापारा - धरती के भगवान की संज्ञा से सुशोभित रोग दोष निवारण मे मरीज के तारणहार चिकित्सक का जीवन भी तमाम तरह के अनुबंधों से युक्त जीवन होता है एक तरह से तप एवं नियम का पालन करते हुए वे अपने आसपास भी उसी तरह का वातावरण निर्मित करते हुए पूरी तरह स्वच्छता एवं शुद्धता के हिमायती होते हैं,  इसकी बानगी स्पष्ट रुप से उनके जीवन एवं चिकित्सालयों मे दिखाई देती है जहां सलीका एवं स्वच्छता का जबर्दस्त प्रभाव नजर आता है, साथ ही साथ मरीज के लिए एक एक पल मूल्यवान समझ उसके अनुसार तत्परता यह चिकित्सक की खासियत होती है, किन्तु यदि इसके विपरीत आचरण का माहौल यदि बनता नजर आये तो निश्चित तौर पर यह उस विधा को ठेस पहुंचाने वाली एवं विभिन्न तरह के सवाल खड़ा करने का कारक बन जाती है,
 
भाटापारा इस पीड़ा का शिकार
 
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र  से सिविल अस्पताल मे उन्नयन प्राप्त भाटापारा का अस्पताल वैसे तो ओहदे मे विकास की ओर बढ़ चुका है किन्तु व्यवस्था के मामले मे दिनों दिन फिसलन की कगार पर नजर आ रहा है एक ओर जहां शासन प्रशासन की उदासीनता पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नही करवा रही है वहीं उपलब्ध चिकित्सकों की मूकदर्शक गतिविधि दूबर म दू अषाढ़ का कार्य कर रही है,
 
अस्पताल मे गंदगी का आलम
 
जो नही है उसका रोना रोने के बजाय जो प्राप्त है उसे सुदृढ़ एवं समृद्ध बनाने की मानसिकता बहुत हद तक इस अस्पताल का कायाकल्प कर सकता है किन्तु इस प्रकार के सोच का दर्शन न ही अस्पताल के प्रमुख मे नजर आती हुई प्रतीत हो रही है और न ही सहयोगी चिकित्सक इस दिशा मे प्रयत्नशील जान पड़ते है और एक तरह से तटस्थ एवं मूकदर्शक व्यवहार की परिणति अस्पताल मे घोर गंदगी एवं अव्यवस्था के रुप मे नजर आ रही है,
 
घूमते जानवर पेयजल बदतर
 
साफ सफाई की दयनीय स्थिति के बीच जानकारी मिल रही है कि अस्पताल मे आवारा कुत्तों का भी प्रवेश हो जाता है जो मरीजों के बेड के आसपास घूमते रह्ते हैं जिसके चलते मरीजों के मन मे एक तरह का भय व्याप्त रहता है कि न जाने कब कोई अनहोनी हो जाए और लेने के देने पड़ जाएं इसके अलावा पेयजल भी स्वच्छ नही होने की बात भुक्तभोगियों द्वारा बताई जा रही है और उनका कहना है कि एक बीमारी से निजात पाने के लिए यहां आने पर और कई बीमारियों से ग्रसित होने का खतरा मंडराते रहता है,
 
चिकित्सकों की है जवाबदेही
 
इस पीड़ा दायक एवं ह्रदय विदारक स्थिति के लिए सीधे तौर पर चिकित्सकों एवं अस्पताल के व्यवस्था प्रमुखों को जवाबदार मानते हुए जनता का कहना है कि चिकित्सा की योग्यता एवं शपथ ग्रहण करने के साथ ही सैनिक की तर्ज पर चिकित्सक का एकसूत्रीय दायित्व हो जाता है मरीजों के स्वास्थ्य की रक्षा करना उसके लिए प्रतिकूल माहौल को भी अनुकूल बनाने की कोशिश भी उनके दायित्व का हिस्सा होती है किन्तु यहां उपलब्ध संसाधनों का ही बेहतर इस्तेमाल करने के बजाय उसे फिसलन की ओर जाते देखकर तटस्थ बने रहना सीधे तौर पर उन्हे दोषी करार देती है, जनता का यह भी कहना है कि भाटापारा के शासकीय अस्पताल मे क्या अभाव है इससे बड़ा मायने का विषय है जो है उसका कितना प्रभाव है ,इस लिहाज से जनता की नजर मे अभी उपलब्ध साधनों का ही समुचित ढंग से उपयोग नही होना ही सबसे बड़ी समस्या है इसके लिए अस्पताल प्रबंधन का ही दोष खुलकर सामने आ रहा है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने टिकट चेकिंग अभियान में बनाया नया रिकार्ड मई महीने में वसूले गए सर्वाधिक 4 करोड 31 लाख रूपये

अजीत मिश्रा @ BBN24 - बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनों मंडलों बिलासपुर, रायपुर एवं नागपुर द्वारा समय समय पर विभिन्न खण्डो पर सधन टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। ताकि यात्रा के दौरान टिकट धारी वास्तविक यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े एवं बिना टिकट यात्रा करने वालो पर भी कार्रवाई की जा सके। प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबन्धक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के आदेशानुसार टिकटधारी यात्रियों की बेहतर सुविधा को ध्यान में रखते हुए एवं यात्रियों को टिकट लेकर यात्रा करने के प्रति जागरूक करने तथा गाडियों में बेटिकट यात्रियों की रोकथाम हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के वाणिज्य विभाग द्वारा टिकट चेकिंग अभियान चलाया जाता है। इसी संदर्भ में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे वाणिज्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा मई 2019 में टिकट चेकिंग अभियान चलाकर अब तक की सर्वाधिक वसूली की गई। मई 2019 के दौरान टिकट चेकिंग अभियान से कुल 1.32 लाख मामलों से 04 करोड 31 लाख रूपये बतौर जुर्माना वसूला गया । जिसमें बिना टिकट के 22.67 हजार मामलों से 131.78 लाख रूपये अनियमित टिकट के 53,67 हजार मामलों से 224.82 लाख रूपये तथा बिना बुक किये गये लगेज के 55.85 हजार मामलों से 54.13 रूपये शामिल हैं जो कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में मासिक टिकट चेकिंग अभियान से जुर्माने की सर्वाधिक अर्थात गतवर्ष से 19.95 प्रतिशत अधिक वसूली की गयी है। इसके पूर्व माह मई 2018 में 3 करोड 59 लाख रूपये की वसूली की गई थी। वही रेल प्रशासन यात्रियां से आग्रह करता है कि वे यात्रा हेतु उचित टिकट एवं रेल परिसर में प्रवेश करने के पहले प्लेटफार्म टिकट अवश्य खरीदें। रेलगाडी राष्ट्रीय सम्पत्ति है, कृपया इसे साफ-सुथरा रखने में भी रेल प्रशासन को सहयोग प्रदान करें।

यात्रीगण कृपया ध्यान दें यह ट्रेनें रहेगी रद्द , वही कुछ ट्रेनें देरी से होगी रवाना ....

अजीत मिश्रा @ BBN24 - दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के बिलासपुर-अनूपपुर सेक्शन में सुरक्षा की दृष्टिकोण से सीमित ऊंचाई के सबवे के निर्माण कार्य पश्चात् समपार फाटकों को बंद किये जाने का कार्य प्रगति पर है। इसी संदर्भ में कल दिनांक 11 जून 2019 को सीआईसी सेक्शन के टेंगनमाड़ा यार्ड में स्थित मानवसहित समपार संख्या बीके-27 (टेंगनमाड़ा फाटक) एवं टेंगनमाड़़ा-खांेगसरा स्टेशनों के मध्य स्थित मानवसहित समपार संख्या बीके-29 (टुलुप फाटक) फाटकों में ब्लाॅक लेकर सीमित ऊंचाई सबवे के पूर्व ढलित खण्डों को स्थापित करने का कार्य किया जाएगा। इस कार्य के फलस्वरूप कुछ गाडियों का परिचालन प्रभावित रहेगा। जिसका विस्तृत विवरण इस प्रकार है:- रद्द होने वाली गाड़ियां:- 1. दिनांक 11 जून 2019 को गाडी संख्या 68747/68748 बिलासपुर-कटनी-बिलासपुर मेमू रद्द रहेगी। 2. दिनांक 11 जून 2019 को गाडी संख्या 68740/68739 बिलासपुर-पेण्ड्रारोड-बिलासपुर मेमू रद्द रहेगी। देरी से रवाना होने वाली गाडियां:- 1. दिनांक 10 जून को कानपूर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18204 कानपूर-दुर्ग बेतवा एक्सप्रेस 05 घंटे देरी से रवाना होगी। 2. दिनांक 10 जून को रींवा से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18248 रींवा-बिलासपुर एक्सप्रेस 04.30 घंटे देरी से रवाना होगी। 3. दिनांक 10 जून को हरिद्वार से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18478 हरिद्वार-पुरी उत्कल एक्सप्रेस 05 घंटे देरी से रवाना होगी। 4. दिनांक 11 जून 2019 को दुर्ग से रवाना होने वाली गाडी संख्या 22867 दुर्ग-निजामुद््दीन हमसफर एक्सप्रेस 02 घंटे देरी से रवाना होगी। 5. दिनांक 11 जून 2019 को बिलासपुर से रवाना होने वाली गाडी संख्या 18234 बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस 01.30 घंटे देरी से रवाना होगी। रास्ते में नियंत्रित की जाने वाली गाडियां:- 1 दिनांक 11 जून 2019 को गाडी संख्या 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस को कटनी-पेण्ड्रारोड के मध्य 01.30 घंटे नियंत्रित की जाएगी। रेल प्रशासन यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त करता है तथा सहयोग की आशा करता है।

राजकिशोर धिरही को मिला पर्यावरण मित्र सम्मान...

(शनि सूर्यवंशी) पकरिया-5 जून 2019 को विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में पर्यावरण विशेषांक हेतु कविता बहार संचालक कोर टीम द्वारा काव्य रचना आमंत्रित की गई थी।संचालक कोर टीम में राजस्थान,बिहार,छत्तीसगढ़ के साहित्यकार सामिल हैं,उनके द्वारा तिलई निवासी राजकिशोर धिरही को उनके "वृक्ष कोई मत काटे(कुंडलियां) काव्य को गुणवत्ता के आधार पर चयन कर पर्यावरण मित्र सम्मान से नवाजा गया।सम्मान मिलने पर छ.ग.प.न.नि.शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी,साहित्यकार बोधिराम साहू,जिला अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह,राजकुमार राठौर विजय प्रधान नरेश कुमार गुरुद्वान दीपक तिवारी चंद्रशेखर कोशले सन्नी सूर्यवंशी,देवेंद टांडे संतोष बंजारे गमलेश लहरे उमाकान्त टैगोर बसंत कुमार बंजारे घासीराम पटेल अभिषेक शर्मा दिनेश खटकर ने हर्ष व्यक्त किया है।

अघोषित बिजली कटौती को लेकर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने किया अनोखा प्रदर्शन.. पढ़े पूरी खबर

सूर्यकान्त यादव @ BBN24/ राजनांदगांव-- प्रदेश में भीषण गर्मी,गर्मी से लोग हलकान है पूरे प्रदेश में राजनांदगांव अधिक गर्मी जिले के दूसरे तीसरे नम्बर पर बना हुआ है..जिले में लगातार अघोषित बिजली कटौती से पूरा जिला परेशान,अघोषित बिजली कटौती को लेकर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने शहर के मानव मंदिर चौक में किया अनोखा प्रदर्शन। चौक से आते जाते लोगो को भाजयुमो कार्यकताओं ने लोगो को हाथ पँखा (बांस सेबना हुआ) और मोमबत्ती देकर और साथ ही भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पुतला दहन करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस के जवानों ने बिफल कर दिया..भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाए भाजयुमो के प्रदर्शन को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस के अधिकारी और जवान तैनात थे।