राज्य

एयर एंबुलेंस से दिल्ली रेफर की गई सतना रेप पीड़िता की तबीयत में सुधार हो रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करके ये जानकारी दी

भोपाल। एयर एंबुलेंस से दिल्ली रेफर की गई सतना रेप पीड़िता की तबीयत में सुधार हो रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करके ये जानकारी दी। उन्होंने राजधानी दिल्ली स्थित एम्स के चिकित्सकों से फोन पर बात करने पीड़िता का हाल जाना।
रविवार की रात शराब के नशे में धुत्त आरोपी ने आधी रात को पीड़िता को अगवा कर उसके साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया और मृत समझ कर मौकाए वारदात से फरार हो गया। यह मामला सतना जिले के उचेरा थाना ज्ञेत्र के सुदूर पठारी इलाके के परसमनिया इलाके का है।  सुबह ग्रामीणों ने पीडि़ता को जंगल में पड़ा देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। हरकत में आई पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। साथ ही पीड़िता को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ तो प्रदेश सरकार ने एयर एबुंलेंस से भेज कर दिल्ली स्थित एम्स मे भर्ती करवाया।

चीला, फरा, बिजौरी, सोहारी, लाडू, उरीद बरा, खुरमी, ठेठरी, लाल भाजी सहित अन्य व्यंज्जनों का प्रदर्शन गुजरात में 15 दिवसीय छत्तीसगढ़ी फूड फेस्टिवल का आयोजन

रायपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वकांक्षी योजना ’एक भारत श्रेष्ठ भारत’ योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य को गुजरात राज्य का जोड़ीदार बनाया गया है। योजना के अंतर्गत दोनों राज्यों को संस्कृति, पर्यटन, शिक्षा और खान-पान के विविध आयोजन एक दूसरे के राज्यों में किये जाते हैं। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा पिछले 4 जून से 18 जून 2018 तक छत्तीसगढ़ी व्यंज्जनों केे फेस्टीवल का आयोजन गुजरात राज्य के विभिन्न शहरों में किया जा रहा है। 
संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गुजरात के अहमदाबाद, चांपानेर (पावागढ़) सापूतारा, जूनागढ, पोरबंदर और द्वारका में छत्तीसगढ़ी फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है। यहां छत्तीसगढ़ी पकवानों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जा रही है। इनमें छत्तीसगढ़ के व्यंज्जन में चीला, फरा, बिजौरी, सोहारी, लाडू, उरीद बरा, खुरमी, ठेठरी, लाल भाजी सहित अन्य व्यंज्जनों का प्रदर्शन और बिक्री की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि 4 से 6 जून तक अहमदाबाद शहर के गांधी आश्रम में छत्तीसगढ़ी फूड फेस्टिवल में मध्यप्रदेश की वर्तमान राज्यपाल एवं गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती आनंदीबेन पटेल के परिवार के सदस्यों सहित लोगांे ने छत्तीसगढ़ी व्यंज्जनों का स्वाद लिया और पकवानों को स्वादिष्ट बताया।  
इस अवसर पर वहां मौजूद छत्तीसगढ़ के संस्कृति विभाग की सहायक संचालक डॉ. मुक्ति बैस ने उन्हें छत्तीसगढ़ी व्यंज्जनों के बनाने के तौर तरीकों को बताया। गुजराती लोगों ने छत्तीसगढ़ी व्यंज्जनों को बनाने वाले विशेषज्ञों को साड़ी, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। छत्तीसगढ़ी फूड फेस्टिवल गुजरात के शहरों में 7 जून से 8 जून तक चांपानेर (पावागढ़), 9 जून से 13 जून तक सापूतारा में, 14 जून को जूनागढ़ में और 15 से 16 जून तक को द्वारका नगर में गुजरात पर्यटन विभाग के सहयोग से वहां की प्रसिद्ध होटल तोरन में छत्तीसगढ़ी व्यंज्जनों को वहां के आगंतुकों को परोसा जाएगा।

.मंदसौर सम्मेलन में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला कांग्रेस सरकार बनने पर किसानों की कर्जमाफी का ऐलान

मंदसौर सम्मेलन में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश के 15 बड़े उद्योगपतियों का ढाई लाख करोड़ रूपए माफ किया जा सकता है, लेकिन देश के करोड़ों किसानों का एक रूपए भी सरकार माफ नहीं कर सकती.
 राहुल गांधी ने कहा कि देश में क्या एक भी उद्योपति ने आत्महत्या की है ? विजय माल्या, ललित मोदी, नीरव मोदी जैसे उद्योपतियों को बैंक बुलाकर कर्जा देती है और कहती है भाग जाओ. अकेले मेहुल चौकसी, नीरव मोदी जैसे उद्योगपतियों को बैंकों ने 30 हजार करोड़ रूपए का कर्जा दिया है. इतने रूपए से मध्यप्रदेश के किसानों का दो बार कर्जा माफ किया जा सकता था.
 
मंदसौर में किसानों पर चली गोली की बरसीं के मौके पर आयोजित सम्मेलन में पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने ऐलान किया है कि- यदि राज्य में सरकार आई, तो दस दिनों के भीतर किसानों का कर्जा माफ कर दिया जाएगा. राहुल गांधी ने कहा कि- हम हर डिस्ट्रिक्ट में किसानों के खेत के पास फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाएंगे. हर डिस्ट्रिक्ट में किसान सीधा अपना माल फैक्ट्री में जाकर बेचेगा. आपकी जेब से शिवराज एक रूपए भी नहीं ले पाएंगे. किसानों को उनकी मेहनत का फायदा मिलेगा. पूरे मध्यप्रदेश में हम फूड चेन बनाएंगे. खेतों को सड़कों और शहरों से जोड़ेंगे. हम जो फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाएंगे उसमें मध्यप्रदेश के किसानों के बेटे-बेटी को रोजगार देंगे. चाइना से हम कांपीटिशन देकर दिखाएंगे. मंदसौर के युवाओं में कोई कमी नहीं है. दस साल के भीतर चाइना की राजधानी बीजिंग में मंदसौर का लहसुन खिलाएंगे. यह सब आपकी शक्ति की बदौलत होगा.
सम्मेलन में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश के 15 बड़े उद्योगपतियों का ढाई लाख करोड़ रूपए माफ किया जा सकता है, लेकिन देश के करोड़ों किसानों का एक रूपए भी सरकार माफ नहीं कर सकती. राहुल गांधी ने कहा कि देश में क्या एक भी उद्योपति ने आत्महत्या की है ? विजय माल्या, ललित मोदी, नीरव मोदी जैसे उद्योपतियों को बैंक बुलाकर कर्जा देती है और कहती है भाग जाओ. अकेले मेहुल चौकसी, नीरव मोदी जैसे उद्योगपतियों को बैंकों ने 30 हजार करोड़ रूपए का कर्जा दिया है. इतने रूपए से मध्यप्रदेश के किसानों का दो बार कर्जा माफ किया जा सकता था.
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं और किसानों के साथ धोखा किया है. किसानों से कहा था कि हम फसल का सही दाम दिलाएंगे. युवाओं से कहा था कि दो करोड़ युवाओं को रोजगार देंगे. हर बैंक खातों में 15 लाख रूपए डालेंगे. लेकिन 15 लाख तो छोड़िए किसी भी युवा को नरेंद्र मोदी ने 5 रूपए तक नहीं दिए. राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में जहां देखो वहां मेड इन चाइना नजर आता है. प्रधानमंत्री गुजरात में चाइना के राष्ट्रपति के साथ झुला झुलते हैं. प्रधानमंत्री जो फोन का उपयोग करते हैं, उसमें मेड इन चाइना लिखा है. राष्ट्रपति के चाइना लौटने के बाद डोकलाम में सेना भेजी जाती है, लेकिन मोदी के मुंह से एक शब्द नहीं निकलता. आखिर क्यों नहीं बोलते मोदी?
राहुल गांधी ने कहा कि हम चाहते हैं कि किसानों को सम्मान मिले. उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले. उन्होंने कहा कि मेरा सपना है कि आज से पांच साल बाद जब हम यहां आए और अपने फोन को देखे, तो उस पर मेड इन मंदसौर लिखा होना चाहिए. यह काम नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान नहीं कर सकते. यह काम कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया कर सकते हैं और निश्चित रूप से करके दिखाएंगे. राहुल ने कहा कि हम खोखले वायदे नहीं करेंगे. मैं यहां यह नहीं कहूंगा कि आप सबकी जेब में 15 लाख रूपए डाल दूंगा. जो इस मंच से कहूंगा करके दिखाउंगा. अगर आप झूठ सुनना चाहते हैं, तो यहां अपना टाइम जाया कर रहे हैं. यहां हम केवल सच्चाई कहेंगे. क्योंकि हम आपका आदर करते हैं. यहां हम अपनी मन की बात नहीं कहेंगे. आप के मन की बात सुनेंगे.

तमिलनाडु के तूतीकोरिन में स्टरलाइट कॉपर प्लांट का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की फायरिंग में 13 लोगों की मौत

 चेन्नई. तमिलनाडु के तूतीकोरिन में स्टरलाइट कॉपर प्लांट का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की फायरिंग में 13 लोगों की मौत के बाद वहां तनाव कायम है. तमिलनाडु सरकार ने सोशल मीडिया के जरिये अफवाह फैलने से रोकने और शांति बहाली के लिए तूतीकोरिन और उसके आसपास के तिरूनेलवेली और कन्याकुमारी जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है. संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया है.
पुलिस फायरिंग के विरोध में मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके भी उतर आई है. डीएमके ने पुलिस गोलीबारी में नागरिकों की मौत और वर्तमान एआईएडीएमके सरकार के खिलाफ 25 मई को तमिलनाडु में राज्यव्यापी बंद बुलाया है. साथ ही पार्टी ने मांग की है स्टरलाइट प्लांट को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाए. गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने स्टरलाइट प्लांट में तांबा गलाने की नई यूनिट के निर्माण पर रोक लगा दी थी.
वहीं, दूसरी ओर गुरुवार को चेन्नई में तमिलनाडु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. तूतीकोरिन में 13 लोगों की मौत के बाद एमके स्टॉलिन अपनी पार्टी के अन्य नेताओं के साथ यहां धरने पर बैठे थे. स्टालिन को हिरासत में लेने के बाद डीएमके कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई है. डीएमके के हंगामे के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीसामी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जो कुछ भी हुआ वो केवल इसलिए हुआ क्योंकि कुछ पार्टी, एनजीओ और असमाजिक तत्व प्रदर्शनकारियों को गलत रास्ते पर ले गए. पलानीसामी ने कहा अगर किसी पर हमला किया जाता है तो वो खुद के बचाव में कोई न कोई कदम उठाता है. यही कदम पुलिस ने मंगलवार को उठाया.

उधर, नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा तूतीकोरिन में प्रदर्शन के दौरान लोगों की मौत से मैं बहुत दुखी हूं. पीएम मोदी भी मामले को लेकर चिंतित हैं और मारे गए लोगों को लेकर दुखी हैं. हालात को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने इस मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है. इससे पहले न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक हिंसा में शामिल होने के आरोप में अब तक 67 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं शहर में अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गई है. ये सेवा बुधवार रात 9 बजे से बंद की गई है.

कर्नाटक में जदएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार के मुखिया तौर पर एचडी कुमारस्वामी डिप्टी सीएम के साथ लेंगे आज शपथ

बेंगलुरु। कर्नाटक में जदएस-कांग्रेस की गठबंधन सरकार के मुखिया तौर पर एचडी कुमारस्वामी बुधवार को शपथ ग्रहण करेंगे। उनके साथ दलित नेता और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी. परमेश्वर उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। शाम 4:30 होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में गैर-राजग दलों के कई नेता और मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के महासचिव और पार्टी के प्रदेश प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने बताया कि पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता रमेश कुमार विधानसभा के अध्यक्ष होंगे। विधानसभा उपाध्यक्ष जदएस से होंगे। गठबंधन सरकार में 22 मंत्री कांग्रेस के और 12 मंत्री जदएस के होंगे। उन्हें गुरुवार को होने वाले बहुमत परीक्षण के बाद शपथ दिलाई जाएगी। वहीं, कुमारस्वामी ने बताया कि मंत्रियों के विभाग बंटवारे पर गुरुवार को ही विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके अलावा सरकार के सुचारू संचालन के लिए एक समन्वय समिति भी बनाई जाएगी।

बता दें कि कुमारस्वामी पिछले एक हफ्ते में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले दूसरे व्यक्ति होंगे। इससे पहले राज्यपाल ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीएस येद्दयुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई थी। लेकिन विश्वास प्रस्ताव का सामना किए बगैर ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। 
साभार 

 

आज कर्नाटक में होगा सियासी समीकरण का बहुमत परीक्षण, किसका रहेगा भारी पलड़ा, किसकी रहेगी सरकार

  दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा आज शनिवार शाम 4 बजे तक विधानसभा में अपनी सरकार बचाने बहुमत साबित करेंगे। दूसरी ओर जेडीएस-कांग्रेस ने भाजपा विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाने के गवर्नर के निर्णय के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बता दें कि सबसे वरिष्ठ सदस्य को ही प्रोटेम स्पीकर बनाया जाता है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में शनिवार सुबह 10:30 बजे से सुनवाई हो रही है। जारी सियासी उठापठक के बीच भाजपा कांग्रेस अपने पक्ष में आंकड़े होने का दावा कर रहे हैं। सीएम येदियुरप्पा ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे। बहुमत साबित करने को लेकर वह 100 प्रतिशत आश्वस्त हैं। 

बता दें कि शुक्रवार को कोर्ट ने राज्यपाल वजूभाई वाला के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें उन्होंने भाजपा सरकार को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिन का समय दिया था। इतना ही नहीं कोर्ट ने येदियुरप्पा के उस मांग को भी ठुकरा दिया, जिसमें उन्होंने बहुमत साबित करने के लिए सोमवार तक का वक्त मांगा था।
  
बयानों के बीच कांग्रेस-जेडीएस ने कहा है कि ईमानदारी से सब कुछ हुआ, तो भाजपा सरकार की हार तय है। विपक्ष खेमे के सीएम पद के उम्मीदवार एचडी कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें गठबंधन के विधायकों पर पूरा भरोसा है।
इधर, जेडीएस नेता कुमार स्वामी का आरोप है कि भाजपा ने उनके दो विधायकों को हाईजैक कर लिया है पर मुझे विश्वास है कि वो जल्द लौट आएंगे।

- कांग्रेस ने एक ऑडियो क्लिप जारी किया है, जिसमें एक शख्स एक विधायक से कह रहा है कि पुरानी बातें भूल जाओ। आधी रात से तुम्हारे अच्छे दिन शुरू हो जायेंगे।

विधायकों पर पहरा

- आज बहुमत साबित होने के बीच कांग्रेस-जेडीएस ने अपने विधायकों को हैदराबाद के होटल में रखा है। सभी देर रात बेंगलुरु के लिए रवाना हुए।

-  भाजपा ने अपने विधायकों को सबसे पहले पार्टी ऑफिस बुलाया। बाद में सभी को बेंगलुरु के एक होटल में ले जाया गया, जहां से वे शनिवार की सुबह वह सीधे विधानसभा जायेंगे।

यह है समीकरण 

कुल सीट- 224

मतदान- 222

आंकड़ों का गणित

दो सीटों से कुमारस्वामी जीते, उनकी एक सीट और एक  प्रोटेम स्पीकर  की सीट घटाने पर-

कुल संख्या : 220

बहुमत : 111 पर

भाजपा : 104

कांग्रेस + जेडीएस : 116

'येदि'  जीत सकते हैं यदि...

यदि कांग्रेस-जेडीएस के सात विधायक फ्लोर टेस्ट दौरान अनुपस्थित रहें तो सीटों की संख्या 213 रह जायेगी। तब बहुमत के लिए 107 सीटें चाहिए होंगी। येदियुरप्पा अन्य तीन विधायकों के समर्थन से बहुमत साबित कर सकते हैं।
साभार 

बिरहा दंगल से बताएंगे पीड़ा,

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- काशी जैसी धर्मप्राण नगरी में पुराण काल के प्राचीन और पूजित मंदिरों को तोड़ा जाना काशी वासियों में बहुत बड़ी पीड़ा उत्पन्न कर रहा है, काशी का यादव समाज विशेषकर श्री कृष्ण यादव सभा स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे "मंदिर बचाओ आंदोलनम्" को पूर्ण समर्थन करते हुए यह घोषणा करता है कि काशी में अनेक "बिरहा-दंगल" आयोजनों के माध्यम से अपनी पीड़ा को अभिव्यक्त करेंगे और आंदोलन के समर्थन का वातावरण बनाएंगे । आवश्यकता पड़ी तो मानव श्रृंखला का निर्माण और पदयात्रा जैसे कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा सकता है। सभा में रोहित यादव, केदारनाथ यादव, मनोज यादव, निखिल यादव, श्रीमती शालिनी यादव, मौसम यादव , सोनु खन्ना, मदन लाल यादव और मनोज यादव आदि ने अपने विचार व्यक्त किए । सभा की अध्यक्षता श्री कृष्ण यादव सभा के अध्यक्ष श्रीप्रकाश यादव ने की तथा संचालन यादव समाज के चन्द्रलेश्वर यादव ने किया । इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में अपने विचार प्रकट करते हुए स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती जी ने कहा कि "मंदिर बचाओ आंदोलनम्" उन लोगों के खिलाफ करना पड़ रहा है जिन्होंने मंदिर बनाने की बात पूरे देश में की थी । यह दुख का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि 100 करोड़ हिंदू सनातन धर्मावलंबी किसी भी दशा में अपने आराध्य देवताओं के मंदिरों को तोड़े जाने और मूर्तियों को क्षति पहुंचाने के प्रयास को सफल नहीं होने देंगे । उन्होंने यह भी कहा कि काशी की धरती से शुरू हुआ यह "मंदिर बचाओ आंदोलनम्" अपने लक्ष्य की प्राप्ति तक निरंतर चलता जाएगा । उन्होंने 16 मई से आरंभ होने वाली अपनी काशी यात्रा के लिए यादव समाज से 2 प्रतिनिधियों को सम्मिलित करने की अनुमति दी है ।

काशी के दलित बस्ती ने सरकार से मंदिरों को न तोड़ने हेतु आग्रह किया।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- 10 मार्च 2018 को काशी के दलित बस्ती के निवासियों ने मणिकर्णिका घाट, वाराणसी में सायं 5 बजे से "मन्दिर बचाओ आंदोलनम्" के तत्वावधान में काशी में मंदिर तोड़े जाने के विषय पर तथा धरोहर बचाने के सवाल पर स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती महाराज के अध्यक्षता में बैठक संपन्न हुई । इस महत्त्वपूर्ण बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने सरकार द्वारा मंदिर तोड़े जाने पर रोक लगाने हेतु आग्रह किया तथा सभी के मकान एवं धरोहर के बचाने का संकल्प लिया। आज के इस महत्त्वपूर्ण बैठक में गोलु यादव, सुशीला देवी, दुलारी देवी, सुनहरी देवी, उषा देवी, देवी विंध्याचल, सुषमा देवी सविता देवी, दीपू साहनी, नरेंद्र भारती, तारा देवी, सुनीता देवी, गोलु यादव, प्रेमनाथ, कांति गुप्ता, नैना, पार्वतीबाई, राजेन्द्र तिवारी, राजनाथ तिवारी, कृष्ण कुमार शर्मा, चंद्रेश्वर यादव, रमेश उपाध्याय आदि उपस्थित थे।

काँगड़ा के नगरोटा सुरिया गैस सिलेंडर ब्लास्ट मामले के 2 की मौत 3 की हालत गंभीर

हिमाचल- काँगड़ा के नगरोटा सूरियां गैस सिलेंडर ब्लास्ट मामलों में 2 की मौत, और 3 की हालत गंभीर, सांस की नली में सूजन होने की वजह से सांस लेने में दिक्कत हो रही है। डॉ प्रयासरत।स्वास्थ्य विभाग के मंत्री घायलों से मिलने टांडा मेडिकल अस्पताल पहुंच रहे हैं।

चाय दुकान में गैस सिलेंडर फटा..हादसे में 24 लोग गंभीर रूप से घायल ..

हिमाचल : काँगड़ा जिला के नगरोटा सूरियां में दर्दनाक हादसा।चाय की दुकान में गैस सिलेंडर फटा।24 लोगो को घायल अवस्था मे अस्पताल में भर्ती किया गया। घायलों की स्थिति चिंताजनक।

बेटे के शादी में शामिल होने के लिए राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को 5 दिन की पेरोल

पटना:-भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को 12 मई को होने वाली अपने बड़े बेटे की शादी में शामिल होने के लिए पांच दिन की परोल मिल गई है।

जेल प्रशासन और गृह विभाग के बीच परामर्श के बाद लालू को परोल दी गई है। लालू प्रसाद ने तेज प्रताप की शादी में शामिल होने के लिए पांच दिनों की परोल मांगी थी। बता दें कि लालू के 10 से 14 मई तक परोल मिली है।

राजद नेता को चारा घोटाले के चार मामलों में दोषी करार दिया जा चुका है। हाल ही में उन्हें दुमका कोषागार मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 14 साल जेल की सजा सुनाई थी।

काशी के व्यापिरियों ने निकाला न्याय मार्च।

सुदीप्तो चटर्जी - विशेष रिपोर्ट ::- मंगलवार की देर रात काशी के विश्वनाथ मंदिर छत्ता द्वार के पास रात में दुकान तोड़ने के प्रयास किये गए और एक दुकान का ताला तोड़कर सामान फेंके गए जिसके विरोध में व्यापारियों ने बुधवार शाम 6 बजे आज राष्ट्रीय ध्वज के साथ छत्ताद्वार से चौक थाना तक व्यापारियों एक साथ होकर न्याय मार्च निकाला और थाने पर दुकान का ताला तोड़ने वाले कर्मचारियों के ख़िलाफ़ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग को लेकर घंटों थाने पर जमे रहे। ज्ञात हो कि काशी में विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर हेतु पुराणों में वर्णित मंदिर तोड़ दिए गए जिससे वहां निवासरत देवताओं की पूजा बन्द हो गई। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य प्रतिनिधि तथा श्रीविद्या मठ के प्रमुख दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंदिर बचाओ आंदोलन की शुरुवात की जिसे काशीवासियों के साथ साथ दूसरे संत महात्माओं ने उनका साथ दिया और विगत दिन शंखनाद पश्चात काशी के अस्सी घाट से राजघाट तक पदयात्रा किये जिसमे बटुकों के साथ साथ विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने भी पदयात्रा में शामिल होकर विरोध दर्ज करवाया। जगह जगह पदयात्रा का स्वागत किया गया। दूसरे दिन महिलाओं ने भी सूप बजाकर विरोध दर्ज करवाए। आज बुधवार नाविक संगठनों ने भी स्वामिश्री का साथ देते हुए विरोध प्रदर्शन किए। काशी को बचाने, धरोहर को बचाने, काशी को मूल स्वरूप में रखने हेतु यह आंदोलन विकट रूप धारण करते जा रहा है जिसे शासन एवं प्रशासन को त्वरित निर्णय लेते हुए कॉरिडोर के ब्लू प्रिंट में बदलाव करना होगा। काशी में देवताओं का वास है तथा धर्म नगरी के नाम से काशी प्रसिद्ध है। लोगों का मानना है यदि विध्वंश के कारण देवता काशी छोड़ देते हैं तो इसके दुष्परिणाम सामने आने लगेंगे।

खुद को हिन्दू बोल रहे हो फिर भी मन्दिर तोड़ रहे हो : अविमुक्तेश्वरानंद

खुद को हिन्दू बोल रहे हो । फिर भी मन्दिर तोड़ रहे हो ? सम्मानित से सन्त रहे हो, गोरखपुरी महन्त रहे हो मुख्यमंत्रि की कुर्सी पा, औरंगजेब से जोड़ रहे हो ? खुद को हिन्दू बोल रहे हो । फिर भी मन्दिर तोड़ रहे हो ? ले हिन्दू का वोट रहे हो , दे हिन्दू को चोट रहे हो छूटेगी इक दिन ये कुर्सी , हाय! धर्म क्यूँ छोड़ रहे हो ? खुद को हिन्दू बोल रहे हो । फिर भी मन्दिर तोड़ रहे हो ? अभी समय है आंखें खोलो, अभी समय है शिव शिव बोलो छोड़ो, जो दुष्कृत्य हो रहाहमसे क्यूँ मुख मोड़ रहे हो? खुद को हिन्दू बोल रहे हो , फिर भी मन्दिर तोड़ रहे हो ? यदि अब मन्दिर एक भी टूटा, समझो भाग्य तुम्हारा फूटा हम समझेंगे तोड़ के मन्दिर , हमसे नाता तोड़ रहे हो । खुद को हिन्दू बोल रहे हो , फिर भी मन्दिर तोड़ रहे हो ?

वैदिक मंत्रोच्चार और पौराणिक परंपराओं के साथ 11वें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ के कपाट रविवार सुबह से आम लोगों के दर्शन के लिए खोले गए

 केदारनाथ, उत्तराखंड  ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ के कपाट रविवार सुबह 6:15 बजे ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए। वैदिक मंत्रोच्चार और पौराणिक परंपराओं के साथ 11वें ज्योतिर्लिंग  भगवान केदारनाथ के कपाट रविवार सुबह से आम लोगों के दर्शनार्थ खोल दिए गए। चारों तरफ सुहाना मौसम और बर्फ़बारी के बीच नजारा देखने लायक था। 
अब छह माह तक ग्रीष्मकाल के लिए भगवान केदारनाथ की पूजा यहीं पर की जायेगी। रविवार सुबह केदारनाथ के रावल भीमा शंकर लिंग, मंदिर के मुख्य पुजारी, हक़ हकूकधारियों और प्रदेश के राज्यपाल और विधानसभा स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में केदारनाथ के कपाट खोले गए। अब भैयादूज तक भगवान केदारनाथ अपने धाम में विराजमान रहेंगे। 
 इससे पूर्व शनिवार सांय भगवान केदारनाथ की उत्सव डोली धाम पहुंच गयी थी। रविवार सुबह पौराणिक रीति रिवाजों के साथ केदारनाथ के कपाट खोले गए। 
इस अवसर पर राज्यपाल के के पॉल ने कहा कि केदारधाम में आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। पहले भी वह कपाट उत्सव में बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं, लिहाजा देश दुनिया के भक्तों से राज्यपाल केके पॉल ने आग्रह किया कि भगवान के आधार के दर्शन के लिए केदारनाथ जरूर आएं। 
केदारनाथ पुनर्निर्माण में लगी राज्य सरकार ने केदारनाथ मंदिर के सामने एक बड़ा ग्राउंड तैयार किया है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हो। आराम से श्रद्धालु लाइन लगकर बाबा केदार के दर्शन करेंगे। साथ ही साथ भगवान के दर पर बैठकर ध्यान और साधना भी कर सकेंगे।

Bbn24 News टिप्पणी :: पुराणों की काशी में अब तक दो विनायक ध्वंस का शिकार हो चुके हैं।

पुराणों की काशी में अब तक दो विनायक ध्वंस का शिकार हो चुके हैं। सरकार से जनता पूछे कि सनातन आस्था के इन प्रतीकों का ध्वंस करके जनहित के कौन से सवालों का समाधान किया जा रहा है। इस तोड़फोड़ के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर मणिकर्णिका घाट तक एक सड़क बनायी जायेगी जिसे काशी विश्वनाथ कारीडोर कहा जायेगा और ये सबकुछ केवल इसलिए की दर्शन पूजन के लिए वीआईपीज को विश्वनाथ की गलियों मे पैदल न चलना पड़े।  दुनिया देखे कि कैसे काशी मे सनातन आस्थाओ को पुलिसिया बूटों के नीचे कुचला जा रहा है। सत्ता का मद कैसे किसी को तानाशाह और लोगों का गुनाहगार बना देता है। देश की आध्यात्मिक राजधानी अपने इतिहास के किन काले दिनो से गुजर रही है इसका विचार और मंथन होना चाहिए और इसे रोका जाना चाहिए। दुनिया के सबसे पुराने नगर काशी की धार्मिक पहचान और आध्यात्मिक विरासत किस तरह नष्ट की जा रही है। काशी विश्वनाथ की धरती आज अनियोजित और अनियंत्रित विकास की कीमत चुका रही है। खुद को हिन्दू और हिन्दुत्व के सबसे बड़े संरक्षक बताकर जनमत लूटने वाले लोगों ने यह कैसा घृणित पाप कर डाला है यह समझ से परे है। चित्रों को देखकर जनता खुद समझ सकती है कि जनहित के नाम पर यह कौन सा व्यापार हो रहा है और यह सब चुपचाप क्यों हो रहा है।  पुराणों मे काशी क्षेत्र मे छप्पन विनायकों के अधिष्ठान का वर्णन है, उनमे से दो विनायक अबतक इस ध्वंस का शिकार हो चुके है। जनता उद्वेलित है क्योंकि यह चोट जनता के / सनातन धर्मी के मर्म पर लगी है। सूत्र बताते हैं कि जनता आन्दोलित इसलिए नही हो पा रही है क्योकि उसे बांटकर और धमकाकर, पैसों का प्रलोभन देकर और बरगलाने वाले सपने दिखाकर नाथ दिया गया है। यह तांडव गंगापुत्र की नाक के ठीक नीचे बाकायदा उनकी सरपरस्ती मे काशी विश्वनाथ मंदिर की उन जगतप्रसिद्ध गलियों मे चल रहा है जिनके दर्शन करने दुनिया भर से लोग आते है और यह तांडव अदालत के उन आदेशों को धता बताकर हो रहा है, जिनमे स्पष्ट कहा गया है कि गंगा के दोनो किनारो पर दो - दो सौ मीटर की हद मे कोई नया निर्माण या ध्वंस नही किया जा सकता। बनारस के लगभग सभी जन प्रतिनिधि, सभी एमएलए, एमपी, मंत्री और पूरा नगर निगम आज बीजेपी के पास है और एकतरफ से सभी खामोश है। क्यों हैं ये खामोश यह सबसे बड़ा सवाल है। जनहित - जनहित का नारा लगाकर विकास - विकास का शोर मचाती सरकारो से पूछे कि सनातन आस्था के इन प्रतीकों का ध्वंस करके जनहित के कौन से सवालों का समाधान किया जा रहा है ? देश का आम हिन्दू जनमानस अपने साधुओं, संतो को टूटते विनायक विग्रहो की चौखटो पर धूल चाटता देख सके करके किया जा रहा है ?दुनिया द्वारिकापीठ के भावी शंकराचार्य जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के हक्का बक्का हुए चेहरे की आज गवाही बना । स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को यह देखकर अत्यंत पीड़ा हुई और वे इस हेतु व्यथित हैं।