राजधानी

रायपुर रेल मंडल से प्रारंभ होने वाली गाड़ियों में ट्रेन कैप्टन की शुरुआत पूरी ज़िम्मेदारी सहित यात्रियों की सुविधाओं एवं सुरक्षा का रखेंगे ख्याल

रायपुर रेल मंडल से प्रारंभ होने वाली गाड़ियों में ट्रेन कैप्टन प्रणाली की शुरुआत की गई रायपुर मंडल से प्रारंभ होने वाली सभी ट्रेनों में ट्रेन कैप्टन की सुविधाएं दी जा रही है । 18213 दुर्ग जयपुर एक्सप्रेस में रायपुर रेल मंडल से पहला ट्रेन कैप्टन एम एल सिंह को बनाया गया जिन्हें ट्रेन कैप्टन का बेच मंडल रेल प्रबंधक कौशल किशोर द्वारा पहनाया गया । ट्रेन कैप्टन के बारे में यात्रियों को एनाउंसमेंट द्वारा बताया जा रहा है। उनका फोन नम्बर भी सांझा किया जा रहा है। रेल यात्रा के दौरान यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए भारतीय रेलवे के द्वारा ट्रेनों में ’ट्रेन कैप्टन’ योजना शुरू की गई है । इस योजना के तहत कुछ वरिष्ठ कर्मचारियों को ’ट्रेन कैप्टन’ बनाए जा रहा है । ये कैप्टन यात्रियों की सुरक्षा और आरामदायक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे । टिकट चेकिंग स्टाफ के वरिष्ठ सदस्य को ट्रेन कैप्टन नामित किए जा रहे है । इनका काम यात्रियों की सुरक्षा और आराम सुनिश्चित करना होगा । सुविधाओं और सुरक्षा का रखेंगे ध्यान। ट्रेन की पूरी जिम्मेदारी ट्रेन कैप्टन की होगी । यह योजना यात्रियों की आरामदायक और सुरक्षित यात्रा को ध्यान में रखकर शुरू की गई है । ट्रेन कैप्टन एक बैज पहनेंगे, इसके अलावा रिजर्वेशन चार्ट पर उनका नाम और मोबाइल नंबर लिखा होगा । साथ ही ट्रेनों के छूटने के पूर्व एनाउंसमेंट सिस्टम के द्वारा भी ट्रेन में तैनात ट्रेन कैप्टन की जानकारी यात्रियो को उपलब्ध कराई जाएगी । ट्रेन कैप्टन की ज़िम्मेदारी होगी कि सभी यात्रियों तक सुविधाएं पहुंचें । इस योजना के तहत राजधानी, शताब्दी और दूरंतो ट्रेनों में तैनात ट्रेन सुपरिन्टेंडेंट (टीएस) को “ट्रेन कैप्टन” तथा लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों में टिकट चेकिंग स्टाफ के वरिष्ठ सदस्यों को ट्रेन कैप्टन नामित किए जा रहे है । ट्रेन कैप्टन कोच की सफाई, बिजली की आपूर्ति, सीट पर कब्जा और यात्री सुरक्षा के प्रति पूरी तरह जवाबदेह होंगे। ट्रेन कैप्टन कोच में यात्री की हर सेवा के प्रति जिम्मेदार होंगे । इस निरीक्षण के दौरान रायपुर स्टेशन पर मंडल रेल प्रबंधक कोसल किशोर अपर मंडल रेल प्रबंधक शिवशंकर लकड़ा (इंफ्रास्ट्रक्चर) एवं अमिताव चौधरी (ऑपरेटिंग) वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक तन्मय मुखोपाध्याय, सहायक वाणिज्य प्रबंधक शम्भुशाह सहीत रायपुर रेल मंडल के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

अल्पसंख्यक विकास मंत्री केदार कश्यप ने दी हज यात्रियों को शुभकामनाएं : विभिन्न जिलों के 130 हज यात्रियों को दिया गया प्रशिक्षण

रायपुर आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा अल्प संख्यक विकास मंत्री  केदार कश्यप आज यहां छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा हज यात्रियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हुए और प्रदेश की जनता तथा राज्य सरकार की ओर से हज यात्रा में जाने वाले समस्त मुस्लिम भाईयों को शुभकामनाएं दी। श्री कश्यप ने कहा कि ईश्वर की विशेष कृपा से ही इस पवित्र यात्रा में जाने का अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि हज यात्रियों को हरसंभव मार्गदर्शन और सहायता उपलब्ध कराना छत्तीसगढ़ सरकार की प्राथमिकता रही है।
  कश्यप ने कहा कि हज कमेटी द्वारा हज यात्रियों की सहायता के लिए अपने कार्यदायित्वों का निर्वहन बखूबी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हज यात्रा के प्रशिक्षण को डिजीटल किया गया है। ऐसा करने के वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य है। इसके लिए उन्होंने राज्य हज कमेटी को बधाई और शुभकामनाएं दी। श्री कश्यप ने सभी हज यात्रियों से अपील की, कि वे पवित्र स्थानों पर छत्तीसगढ़ राज्य की खुशहाली व तरक्की के लिए दुआ जरूर करें।   कश्यप ने हज यात्रियों को हज प्रशिक्षण किट एवं हज गाइड एप्स के एस.डी.कार्ड का भी वितरण किया। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष श्री सैयद सैफुद््दीन ने समस्त हज यात्रियों को यात्रा की मुबारक बाद देते हुए कहा कि हज यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए प्रदेश की डॉ. रमन सरकार प्रतिबद्ध है। हज कमेटी के सचिव श्री साजिद मेमन ने हज प्रशिक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होेंने बताया कि इस शिविर में रायपुर, महासमुंद, बलौदा बाजार तथा कोरबा जिले के कुल 130 हज यात्रियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया जिसमें 71 पुरूष एवं 59 महिलाएं शामिल हुए।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष  हाजी मोहम्मद सलीम अशरफी, उर्दू अकादमी के अध्यक्ष मोहम्मद अकरम कुरैशी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह केम्बो, अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य   तौकीर रजा, मोहम्मद रूस्तम भाटी, इम्तीयाज अंसारी, सईद रजा चौहान, शफीक अहमद फुग्गाभाई, कमरूज्जमा फरीदी सहित अनेक नागरिक उपस्थित थे

साधुओं का संग ही संसार रूपी रोग का औषधि है : इंदुभवानंद ।।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- श्री शिवम विद्यापीठ द्वारा आयेजित त्रिदिवासिय प्रतिष्ठा यज्ञ के दूसरे दिन रायपुर स्थित जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम के प्रमुख डॉ इंदुभवानंद महाराज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने अपने प्रवचन में कहा कि साधुओं का संग ही औषधि है। इस संसार रूपी रोग के निवृत्ति के लिए साधु-संतों का आश्रय लेना अत्यंत आवश्यक है। बगैर संतों की कृपा से संसार रूपी रोग की निवृत्ति नहीं हो सकती है। संसार की चार वस्तुएं ही सार रूप में वर्णित है - काशी का निवास, संतों का संग, गंगा जी का सान्निध्य तथा भगवान शिव का पूजन। यही चार वस्तुएं ही संसार का पार है। यदि यह चारों प्राप्त हो जाये तो निश्चित ही जीव को परमात्मा की प्राप्ति हो जाएगी। आज के इस कार्यक्रम में दतिया से आये साधु संत, अवधेश शर्मा व उनके परिवार के सदस्यों के साथ विद्यार्थी भी उपस्थित थे।

वर्ग 3 की वेतन विसंगति दूर कराने व संविलियन में 8 वर्ष का बंधन समाप्त कराने शिक्षक मोर्चा प्रयासरत - गजराज सिंह

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" (रायपुर) ::- शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा संविलियन के संबंध में जो आशंकाएं हैं और कमियां रह गई है, उसे दूर कराने के लिए सतत प्रयासरत है। मोर्चा के संचालक उच्चाधिकारियों से मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुके हैं। मुख्यसचिव से मुलाकात का समय मांगा गया है। शालेय शिक्षाकर्मी संघ के प्रदेश प्रवक्ता व शिक्षक मोर्चा के प्रदेश उपसंचालक गजराज सिंह राजपूत ने बताया कि शिक्षक मोर्चा वर्ग 3 की वेतन विसंगति दूर कराने व संविलियन में 8 वर्ष का बंधन समाप्त कराने के मुद्दे को लेकर गंभीर है। वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप हर संभव प्रयास किया जा रहा है। शिक्षाकर्मियों को भ्रमित होकर व आवेश में आकर जल्दबाजी में कोई भी अनुचित कदम उठाने की कतई आवश्यकता नही है। शिक्षक मोर्चा व प्रांतीय नेतृत्व शिक्षाकर्मियों की पीड़ा व भावनाओं से भलीभांति अवगत है। लेकिन वर्तमान में कौन सा रास्ता अपनाया जाए ये महत्वपूर्ण विषय है। शिक्षक मोर्चा समस्त शिक्षाकर्मियों के साथ है। जिस तरह से प्रदेश के शिक्षाकर्मियों ने शिक्षक मोर्चा पर विश्वास व्यक्त करते हुए संविलियन, वेतन विसंगति, क्रमोन्नति, अनुकम्पा, सातवां वेतनमान, स्थानांतरण, अप्रशिक्षितों का प्रशिक्षण सहित 9 सूत्रीय मांगों को लेकर असरकारक और जबरदस्त आंदोलन किया था। जिसके परिणामस्वरूप मुख्यमंत्री जी ने संविलियन की घोषणा की। शासन ने 18 जून को कैबिनेट की बैठक में संविलियन एवं सातवाँ वेतनमान को स्वीकृत करने की जानकारी मिडिया, मुख्यमंत्री जी एवं मंत्रीगणों के बयानों के माध्यम से सार्वजनिक की गई। किन्तु अब तक न ही इस संबंध में अधिसूचना या राजपत्र सामने आई है, और न ही अधिकृत रूप से उक्त आशय की सूचना शिक्षक मोर्चा को प्रदान की गई है। इसके अलावा कैबिनेट बैठक में हुए निर्णय की संक्षेपिका भी अब तक सार्वजनिक नही की गई है। शिक्षक मोर्चा को भी संक्षेपिका प्राप्त नही हुई है। जिसके कारण समस्त शिक्षाकर्मियों के बीच संविलियन की शर्तों, प्रक्रिया, क्रियान्वयन, वेतन निर्धारण, क्रमोन्नति/समयमान, वेतन विसंगति का निराकरण, वरिष्ठता आदि अन्य मुद्दों को लेकर असमंजस व्याप्त है,तथा अनेक तरह की आशंकाएं कर्मचारियों के मन में है। उन्होंने कहा कि शिक्षाकर्मियों के मन की आशंकाओं का भी निराकरण आवश्यक है ताकि प्रदेश के शिक्षाकर्मियों की आशाओं और मंशानुरूप संविलियन प्रदान किया जा सके। प्रदेश के समस्त शिक्षाकर्मी साथी अपना धैर्य बनाये रखें। मुख्यसचिव जी से मुलाकात के बाद ही समस्त स्थितियां स्पष्ट होगी। आने वाले समय में शिक्षाकर्मियों के हित में जो उचित होगा वो निर्णय लिया जाएगा। आंदोलन से बाहर रहने वाले कुछ लोग शिक्षाकर्मियों को भड़काने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों से शिक्षाकर्मियों को सावधान रहना होगा।

रायपुर : राज्यपाल ने वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रभाकर चौबे के निधन पर शोक व्यक्त किया

रायपुर : राज्यपाल श्री टंडन ने वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रभाकर चौबे के निधन पर शोक व्यक्त किया

रायपुर : राज्य  के राज्यपाल  बलरामजी दास टंडन ने राज्य के वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार एवं दैनिक देशबंधु पत्र समूह के सांध्य दैनिक ‘हाईवे चैनल’ के पूर्व प्रधान संपादक  प्रभाकर चौबे के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
राज्यपाल टंडन ने अपने शोक संदेश में कहा है कि स्वर्गीय चौबे का पत्रकारिता और साहित्य जगत में महत्वपूर्ण योगदान था। वे देश-प्रदेश की पत्रकारिता में एक मार्गदर्शक के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने हमेशा अपने स्तंभ एवं व्यंग्य लेखन के जरिए महत्वपूर्ण-समसामयिक विषयों पर समाज को जागरूक किया। वे जीवन के अंतिम समय तक लेखन कार्य करते रहे। श्री टंडन ने स्वर्गीय  चौबे के शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए मृत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय चौबे ने दैनिक देशबंधु समाचार पत्र में समसामयिक मुद्दों पर आधारित साप्ताहिक कॉलम ‘हंसते हैं-रोते हैं’ में विभिन्न विषयों पर आलेख लिखे। साथ ही व्यंग्य संग्रह, समसामयिक विषयों पर उनके द्वारा लिखित कई पुस्तकों का प्रकाशन भी हुआ है।

रायपुर :वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार स्वर्गीय प्रभाकर चौबे को कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित समाज के सभी वर्गों और संगठनों के लोगों, साहित्यकारों-पत्रकारों ने दी विनम्र श्रद्धांजलि

रायपुर : वरिष्ठ पत्रकार और साहित्यकार स्वर्गीय  प्रभाकर चौबे को कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित समाज के सभी वर्गों और संगठनों के लोगों, साहित्यकारों-पत्रकारों ने दी विनम्र श्रद्धांजलि

 

रायपुर : वरिष्ठ साहित्यकार और पत्रकार स्वर्गीय श्री प्रभाकर चौबे को आज राजधानी रायपुर के मारवाड़ी श्मशान घाट में अश्रुपूरित माहौल में अंतिम बिदाई दी गयी। ज्ञातव्य है कि चौबे का कल शाम यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में निधन हो गया था। वे 84 वर्ष के थे। उन्होंने अपने जीवन के लगभग छह दशक साहित्य और पत्रकारिता को दिए।
 उनकी अंतिम यात्रा आज सवेरे यहां रोहिणीपुरम स्थित उनके निवास से निकली। मारवाड़ी श्मशान घाट में अंत्येष्टि के बाद आयोजित शोक सभा में दिवंगत आत्मा के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि और जल संसाधन मंत्री  बृजमोहन अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार, दैनिक देशबंधु पत्र समूह के प्रधान सम्पादक  ललित सुरजन और पूर्व विधायक  रमेश वर्ल्यानी सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिकों, पत्रकारों और साहित्यकारों ने  स्वर्गीय श्री प्रभाकर चौबे के साथ अपने वर्षाें पुराने संबंधों को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। कृषि मंत्री  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि विचारों में विभिन्नता के बावजूद स्वर्गीय श्री प्रभाकर चौबे ने सभी लोगों को अपना स्नेह दिया।  
प्रदेश के कृषि और जल संसाधन मंत्री अग्रवाल ने कहा - स्वर्गीय चौबे मेरे लिए तो एक अभिभावक की तरह थे। साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके सुदीर्घ योगदान को हम सब हमेशा याद रखेंगे।
इस अवसर पर नगर निगम रायपुर के पूर्व महापौर  सुनील सोनी, राज्य वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र पाण्डेय, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के पूर्व कुलपति प्रो. एस.के. पाण्डेय और छत्तीसगढ़ हिन्दी ग्रंथ अकादमी के निदेशक  शशांक शर्मा सहित समाज के विभिन्न वर्गोंें और संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों, सामाजिक - सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं, साहित्यकारों, पत्रकारों और प्रबुद्ध नागरिकों ने स्वर्गीय श्री प्रभाकर चौबे के सुपुत्र द्वय  जीवेश प्रभाकर और आलोक चौबे से मिलकर उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की।  

राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से नवाजे जाएंगे राकेश तिवारी ।।

सुदीप्तो चटर्जी "खबरीलाल" ::- छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ लोक कलाकार राकेश तिवारी को इस वर्ष का राष्ट्रीय संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किये जाने का निर्णय केंद्र शासन द्वारा लिया गया है.छत्तीसगढ़ी लोक नाट्य विधा के लिए उक्त सम्मान राष्ट्रपति महोदय द्वारा राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में दिया जावेगा.सम्मान में ताम्र पत्र ,शाल तथा एक लाख रुपये प्रदान किया जावेगा तथा पुरस्कार प्रदान करने की तिथि की घोषणा बाद में की जायेगी.

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में छात्रा की मौत विश्वविद्यालय के चैनल गेट से टकराने के बाद चौथे सेमेस्टर की छात्रा ने तोडा दम

रायपुर. रायपुर कठाडीह स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में एक छात्रा की मौत हो गई है. छात्रा अपनी स्कूटी से कैंपस से बाहर निकल रही थी, तभी अचानक विश्वविद्यालय के चैनल गेट से टकरा गई. जिससे सिर पर गंभीर चोट आने की वजह से घायल हो गई. तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही छात्रा  ने दम तोड़ दी 
 मिली जानकारी के अनुसार उषा सिन्हा कुशाभाऊ पत्रकारिता विश्वविद्यालय में सामाजिक कार्य विभाग में चौथे सेमेस्टर की छात्रा थी. उषा धमतरी के कुरुद की रहने वाली  थी  किसी काम से वो कैंपस से बाहर निकल रही थी. विश्वविद्यालय का गेट आधा बंद था. उसकी स्कूटी की रफ्तार भी तेज थी जिस वजह से गेट से जा टकराई. उसकी सिर पर गंभीर चोट आने की वजह से अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. वहीं स्कूटी के सामने का हिस्सा भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है वही  इस हादसे के बाद से विश्वविद्यालय में शोक का लहर है.
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दिल्ली में जनता के हित के लिये मुख्यमंत्री , उपमुख्यमंत्री व अन्य मंत्री धरने पर*

दिल्ली   आईएएस अधिकारियों की हड़ताल की वजह से इसका बुरा असर आम जनता के जनजीवन पर पड़ रहा है । इसी कारण  11 जून से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवालजी, मनीष सिसोदिया , गोपाल राय  और सत्येंद्र जैन  LG से मिलने उनके ऑफिस में धरना एवम आमरण अनशन पर है । प्रदेश में भी आम आदमी पार्टी का धरना व  राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौपा 

अतः राष्ट्रपति से तत्काल हस्तक्षेप कर गतिरोध दूर करने की मांग को  लेकर छत्तीसगढ़ में   सभी विधानसभा क्षेत्रों में धरना दिया गया है और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन राज्यपाल व कलेक्टर को दिए गए है । 

आम आदमी पार्टी के साथियों ने संकट की इस घड़ी में एकजुट होकर  भारी संख्या में आज विरोध प्रदर्शन किया व दिल्ली की जनता के हित की रक्षा के लिये राष्ट्रपति जी से गुहार लगाई  है । 

इसी कड़ी में अम्बेडकर चौक पर,घड़ी चौक के पास प्रदेश सचिव उत्तम जायसवाल , 
मीडिया कोऑर्डिनेटर उचित शर्मा के साथ रायपुर लोकसभा अध्यक्ष मुन्ना बिसेन  के नेतृत्व में  अन्य पदाधिकारी व विभिन्न विधानसभा के कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।

‘नान्हे लईका सुरक्षा योजना’’ के बेहतर क्रियान्वयन हेतु दो दिवसीय कार्यषाला का आयोजन

नवजात व शिशु  मृत्यु दर में और कमी लाने हेतु विषेश कार्ययोजना बनाने की जरूरत -  अजय चंद्राकर, स्वास्थ्य मंत्री 

रायपुर। नान्हे लईका सुरक्षा योजना के बेहतर क्रियान्वयन व छत्तीसगढ़ में नवजात शिशु व शिशु मृत्यु दर तथा स्टील बर्थ को रोकने के लिये एक्शन प्लाॅन बनाया जा रहा है । वर्ष 2030 तक नवजात शिशु मृत्यु को रोकना व नवजात शिशु मृत्यु दर को एक अंक तक लाना इसका मुख्य उद्देश्य है । दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ आज यहां स्वास्थ्य मंत्री श्री अजय चंद्राकर ने किया । शुभारंभ अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री  ने कहा कि राज्य में शिशु मृत्यु दर को और कम करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन किया जाना होगा । उन्होंने मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर में अन्य प्रदेशों की अपेक्षा कम होने पर विभागीय प्रयासों की सराहना किये हैं । राज्य में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बीते 14 वर्षों में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं । देश में छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपना सर्वोत्तम स्थान प्राप्त किया है । उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य बजट में किसी भी प्रकार की कमी नहीं है । चंद्राकर ने चिकित्सकांे के मानव सेवा कार्य की सराहना भी किये हैं । कार्यक्रम को स्वास्थ्य संचालक रानू  साहू ने उदबोधन करते हुए कहा कि कार्ययोजना बनाते समय इस बात का ध्यान रखा जाये कि बेहतर ढंग से व जमीनी स्तर पर उसका बेहतर क्रियान्वयन करते हुए उसके परिणाम सुखद हो । उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिये आयोजित किया गया है । 
कार्यक्रम में यूनिसेफ के कंट्री आॅफिसर डाॅ. गगन गुप्ता ने कहा कि राज्य में टीकाकरण राष्ट्रीय औसत से बेहतर है व मातृ मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत के करीब हो गया है । उन्होंने मितानिन आधारित होम बेस्ड न्यूबाॅर्न केयर को देश में माॅडल के रूप में प्रस्तुत किया है इसकी सराहना किये हैं । उन्होंने शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिये उपाय भी बताये हैं । जन्म के तुरंत बाद शिशु को स्तनपान कराना चाहिए । डाॅ. गुप्ता ने 5 वर्ष तक की उम्र के बच्चों में मृत्यु दर में कमी लाने तथा विशेष नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई में सुदृढ़ीकरण कर और बेहतर किया जा सकता है । दो दिन चलने वाले इस कार्यशाला में नवजात व शिशु मृत्यु दर कम करने के लिये जननी सुरक्षा योजना के माध्यम से संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना है । मितानिनों के द्वारा समुदाय स्तर पर उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हांकित करते हुए संस्था में रिफर करना । संस्थागत नवजात देखभाल को बढ़ावा देने के लिये विभिन्न स्तरों में विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में न्यूबाॅर्न स्टेबलाईजेशन यूनिट तथा प्रसव केन्द्रों में न्यूबाॅर्न केयर कार्नर स्थापित किया जाना आवश्यक है । प्रदेश में 18 विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई, 118 न्यूबाॅर्न स्टेबलाईजेशन यूनिट, 910 न्यूबाॅर्न केयर काॅर्नर स्थापित किये गये हैं । समुदाय स्तर पर उच्च जोखिम वाले नवजातों को मितानिन के माध्यम से संस्था में प्रसव कराने हेतु प्रेरित करना व विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई से डिस्चार्ज नवजात शिशु को कम से कम चार बार गृह भेंट कर देखभाल की जाती है । कार्यशाला में मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डाॅ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, संचालक चिकित्सा शिक्षा डाॅ. अशोक चंद्राकर, संचालक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण संस्थान डाॅ. प्रशांत श्रीवास्तव, राज्य कार्यक्रम अधिकारी (शिशु) डाॅ. अमर सिंह ठाकुर, यूनिसेफ के श्री प्रशांता दास, एम्स दिल्ली के विभागाध्यक्ष शिशु रोग डाॅ. अशोक देवरारी, भारत सरकार के डाॅ. रेणु श्रीवास्तव सहित संभागीय संयुक्त संचालक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, जिला आरएमएनएचएस कंसलटेंट, विशेष नवजात शिशु गहन चिकित्सा ईकाई के नोडल अधिकारी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़, कोरबा, महामसुंद, कोरिया, सरगुजा, धमतरी, कवर्धा, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, बस्तर, बालोद, जशपुर व शिशु रोग विशेषज्ञ कोण्डागांव, नारायणपुर, बेमेतरा, सुकमा, बलौदाबाजार, जांजगीर, बलरामपुर, सूरजपुर, गरियाबंद व समस्त जिले के स्त्री रोग विशेषज्ञ उपस्थित थे । 

शराब दुकानों के 50 मीटर में चखना पर पाबंदी, बिना बिल व अधिक कीमत पर शराब बेचने पर टोल फ्री नम्बर जारी 14405 त्वरित होगी कार्रवाई

 रायपुर, वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने कहा है कि छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन द्वारा राज्य में जहां-जहां देशी और विदेशी शराब दुकानों का संचालन किया जा रहा है, उसके आस-पास व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से शराब दुकानों के 50 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की चखना दुकान चलाने या चखना बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आबकारी विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर इस प्रतिबंध का उल्लंघन हो रहा है या निर्धारित दर से अधिक कीमत में अगर शराब बेची जा रही एवं बिल नहीं दिया जा रहा तो टोल फ्री नम्बर 14405 पर इसकी शिकायत करें। जिस पर  शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

 

ई-कोर्ट में सभी प्रकरण और पेशी की तारीख करें दर्ज: कलेक्टर चैधरी

रायपुर,  राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता एवं रिकार्ड संधारण सुनिश्चित करने तथा जनसामान्य की सुविधा के लिए राजस्व प्रकरणों को ई-कोर्ट पोर्टल में दर्ज किया जा रहा है। कलेक्टर  ओ.पी.चैधरी ने सभी राजस्व अधिकारियों को राजस्व न्यायालयों की प्रतिदिन की कार्यवाही, आर्डरशीट की आॅनलाईन प्रविष्टि करनें तथा प्रकरणों में दी जाने वाली पेशी की तारीख की भी एंट्री पोर्टल में करने के निर्देश दिए है ताकि लोगों को आसानी से इसकी जानकारी मिल सके।

कलेक्टर ने इसी तरह ई-पंजीयन के माध्यम से नामांतरण प्रकरणों का निराकरण एवं राजस्व अभिलेख को अघतन रखने के निर्देश सभी राजस्व अधिकारी को दिए है। उन्होंने सभी तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों को पंजीयन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर नामांतरण प्रकरण दर्ज करने एवं नियमानुसार नामांतरण की कार्यवाही करने को कहा है।

कलेक्टर ने कहा है कि सभी राजस्व प्रकरणों का ई-कोर्ट में पंजीयन व आॅनलाइन पेशी दिनांक की नियमित रूप से आॅनलाईन प्रविष्टि की जाए इसके साथ ही ई-पंजीयन के तहत नामांतरण प्रकरण पटवारी पंजी में दर्ज हुआ या नहीं यह भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने ई-कोर्ट एवं ई-पंजीयन के कार्यो को प्राथमिकता से करने निर्देश जारी किए है।

रेरा में 31 मई तक पंजीयन नहीं करवाने वाले प्रमोटरों पर लगेगी पेनाल्टी

रायपुर-  छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) द्वारा रियल एस्टेट परियोजनाओं के उन प्रमोटरों पर निर्धारित पेनाल्टी लगाने का निर्णय लिया है, जिन्होंने पिछले महीने की 31 तारीख तक रेरा में अपना पंजीयन नहीं करवाया है। 
भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण के रजिस्ट्रार  अजय अग्रवाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार भू-सम्पदा (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 की धारा 3 (1) में प्रमोटर्स द्वारा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को रेरा में पंजीकृत किए बिना यथास्थिति, किसी प्लाट, अपार्टमेंट या भवन या उसके किसी भाग को किसी भी रीति में विज्ञापित, विपणित, बुकिंग, विक्रय या विक्रय का आॅफर नहीं करने संबंधी प्रावधान वर्णित हैं। इसके परन्तुक मेें आॅनगोईंग प्रोजेक्ट्स के रिजस्ट्रेशन हेतु अधिनियम के प्रारंभ की तिथि से तीन मास की अवधि अर्थात 31 जुलाई 2017 के भीतर प्रमोटर्स द्वारा प्राधिकरण को आवेदन प्रस्तुत करने संबंधी प्रावधान भी स्पष्ट वर्णित हैं।

       उन्होंने बताया कि इसके तहत छत्तीसगढ़ भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण की स्थापना के पूर्व छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नगर तथा ग्राम निवेश कार्यालयों में आवेदन प्रस्तुत करने हेतु वैकल्पिक व्यवस्था प्रदान की गई थी। छत्तीसगढ़ रेरा द्वारा भी अपनी स्थापना के तुरंत पश्चात फरवरी 2018 से रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई प्रारंभ कर इस हेतु 31 मई 2018 तक की समय-सीमा प्रमोटर्स को प्रदान की गई थी। वस्तुतः प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन हेतु प्रमोटर्स को पर्याप्त समयावधि प्रदान करने के फलस्वरूप उक्त निर्धारित समयावधि में रेरा द्वारा वृद्धि नहीं की जा रहीं है।

       संचालनालय, नगर तथा ग्राम निवेश छत्तीसगढ़ से विगत वर्षों में स्वीकृत सभी रियल एस्टेट प्रोजेक्टस की विकास अनुज्ञा संबंधी संकलित जानकारी से प्राधिकरण के संज्ञान में यह आया कि राज्य में अभी भी बड़ी संख्या में आॅनगोईंग प्रोजेक्ट्स रजिस्ट्रेशन हेतु शेष हैं, जिनमें अधिनियम की धारा 3 (1) के परन्तुक के प्रावधानों के उल्लंघन के फलस्वरूप धारा 59 के प्रावधान आकर्षित होते हैं। अतः उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखकर प्राधिकरण द्वारा 31 मई 2018 के पश्चात 30 जून 2018 तक की अवधि में रजिस्ट्रेशन हेतु स्वस्फूर्त प्रस्तुत आॅनगोईंग प्रोजेक्ट्स में निर्धारित पंजीयन शुल्क के साथ अधिनियम की धारा 59 (1) के तहत पंजीयन शुल्क के 50 प्रतिशत राशि के बराबर शास्ति निर्धारित की गई है, जो न्यूनतम रूपए 10 हजार से कम नहीं होगी

छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, TI और SI रैंक के अफसरों के तबादले की पूरी सूची

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में थोक में तबादले हुए हैं। पुलिस मुख्यालय पुलिस निरीक्षकों ( टीआई) का तबादला आदेश जारी किया है। जिसमें टीआई के रुप में पदोन्नत हुए अफसरों को नई पोस्टिंग दी गई।

  अमर सिंह कोमरे ( निरीक्षक) नारायणपुर से कांकेर

तेजनाथ सिंह (निरीक्षक) सूरजपुर से कोरिया
अनूप वाजपेयी (निरीक्षक) रायपुर से महासमुंद
श्याम कुमार सिदार (निरीक्षक) कोरबा से बिलासपुर
अब्दुल कादिर खान (निरीक्षक) बस्तर से रायगढ़
रामचरण लहरी (निरीक्षक) बस्तर से रायगढ़
दुर्गेश रावटे (निरीक्षक) धमतरी से कोरबा
सूरज कुमार ध्रुव (निरीक्षक) राजनांदगांव से दुर्ग

अंबर सिंह भारद्वाज (निरीक्षक) कबीरधाम से कांकेर

प्रदीप सोरी (निरीक्षक) कबीरधाम से राजनांदगांव
भरतलाल बरेठ (निरीक्षक) राजनांदगांव से कबीरधाम
सोनल ग्वाला (निरीक्षक) राजनांदगांव से रायपुर
संतराम सोनी (निरीक्षक) राजनांदगांव से कबीरधाम
मुकेश यादव (निरीक्षक) राजनांदगांव से कबीरधाम
मनोज कुमार प्रजापति (निरीक्षक) बलौदाबाजार से सरगुजा
राजेश कुमार साहू (निरीक्षक) बलौदाबाजार से राजनांदगांव
वेदवंती दरियो (निरीक्षक) धमतरी से गरियाबंद
प्रमोद कुमार किस्फोट्टो (निरीक्षक) कोरबा से बिलासपुर
हीरसिंह नेताम (निरीक्षक) रायपुर से धमतरी
सनतकुमार सोनवानी (निरीक्षक) राजनांदगांव से कबीरधाम
याकूब मेनन (निरीक्षक) राजनांदगांव से रायपुर

स्वास्थ्य मंत्री ने ब्लड बैंकों में गुणवत्तापूर्ण रक्त उपलब्धता और आधुनिक चिकित्सा शिक्षा पद्धति पर कार्यशाला का शुभारंभ किया

 रायपुर, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री  अजय चन्द्राकर ने आज यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर में ’शासकीय एवं निजी ब्लड बैंकों में गुणवत्तापूर्ण व सुरक्षित रक्त उपलब्धता तथा निरन्तर चिकित्सा शिक्षा की अत्याधुनिक पद्धति’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ किया।
 शुभारंभ सत्र को सम्बोधित करते हुए  चन्द्राकार ने कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराना हमारी जिम्मेदारी है और इसके लिए हम वचनबद्ध है। जन सामान्य को सुरक्षित रक्त पहुंचाने के लिए सतत प्रयास किया रहा है।  
चंद्राकर ने बताया कि वर्ष 2003 में केवल सात की संख्या में ब्लड बैंक उपलब्ध थे, जो बढ़कर अब 25 हो गए हैं। राज्य में निजी क्षेत्रों में ब्लड बैंकों की संख्या 52 है, जहां से लोगों को सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। चंद्राकर ने कहा कि राज्य स्तर के स्वास्थ्य संस्थाओं को सतत रूप से आयुर्विज्ञान संस्थान से समन्वय बनाकर लोगोें के स्वास्थ्य के लिए बेहतर काम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में निजी क्षेत्र के लोग भी आम आदमी तक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। निजी क्षेत्रों में भी नीति-निर्देश प्रोटोकाल के अनुरूप होगा, तो आम आदमी को भी सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि संसाधन की कमी के बावजूद बेहतर उदाहरण प्रस्तुत करने वाले ही श्रेष्ठ माने जाते हैं।  चंद्राकर ने कार्यशाला की सफलता के लिए आयोजकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
       कार्यशाला को समाज कल्याण विभाग के सचिव  आर प्रसन्ना ने भी सम्बोधित किया। प्रसन्ना ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में भी प्रदेश के कुछ जिलों में ब्लड की उपलब्धता तो पर्याप्त है, लेकिन पूरे राज्य में ब्लड व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है। उन्होंने ब्लड बैंकों के लिए अलग से पॉलिसी बनाने पर बल दिया। संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्रीमती रानू साहू ने भी कार्यशाला को सम्बोधित किया। श्रीमती साहू ने कहा कि अत्याधुनिक नेट (न्यूक्लियर एसीड टेस्ट) मशीन के माध्यम से ब्लड की जांच एम्स व राज्य शासन के प्रयास से किया जाना आवश्यक है। इस दिशा में विशेष प्रयास करने की आवश्यकता है। हर समय नये-नये टेक्नॉलाजी की मशीनें बन रही है। इसी के साथ हमें चलने की आवश्यकता है, ताकि मरीजों को और भी सुरक्षित रक्त मिल सके। कार्यशाला में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रण श्री पी.वी.नरसिम्हा राव, विशेष सचिव स्वास्थ्य श्री ए.पी. त्रिपाठी, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक (एम्स) डॉ. नितिन नागरकर, अतिरिक्त परियोजना संचालक डॉ. एस.के. बिंझवार, महानिदेशक सिकलसेल इंस्टीट्यूट डॉ. अरविन्द नेरल, एम्स अधीक्षक डॉ. अजय दानी सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।