छत्तीसगढ़

खरौद के लक्ष्मणेश्वर महाविद्यालय का घेराव आज, 13 सूत्रीय मांगों को लेकर ABVP करेगा कॉलेज प्रशासन के खिलाफ घेराव

BBN24●Ashish Kashyap शिवरीनारायण:-अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद खरौद के द्वारा लक्ष्मणेश्वर महाविद्यालय का करेगा घेराव आज आपको बता दे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद 13 सूत्रीय मांगों को लेकर आज 13 अगस्त को 10 बजे से लक्ष्मणेश्वर महाविद्यालय का घेराव करेगा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के द्वारा इन 13 प्रमुख मांगों में मुख्य रुप से बी.ए. बी.एस.सी, पी.जी.डी.सी.ए. एम.काम में सीटों की वृद्धि, महाविद्यालय में पेयजल व साफ सफाई की उचित व्यवस्था करने, महाविद्यालय में एम एस सी विषय की मांग, नियमित टीचर की कमी, महाविद्यालय में जल्द से जल्द बाउंड्रीवाल निर्माण, पुस्तकालय में सभी विषयों की पुस्तक की उचित व्यवस्था, गर्ल्स कामन रूम की व्यवस्था, कालेज प्रशासन द्वारा गलत तरीके से प्रवेश दिया गया है, उसकी जांच कर उचित कार्यवाही, प्राचार्य व कालेज स्टॉफ द्वारा छात्र छात्रों से दुर्व्यवहार पर रोक लगाने, महाविद्यालय द्वारा अनावश्यक खर्च पर प्रतिबंध, पार्किंग की व्यवस्था करने, सभी छात्रों को सामान्य रूप से पुस्तकें वितरण करने के साथ लक्ष्मणेश्वर महाविद्यालय को पीजी कॉलेज का दर्जा देना शामिल है वही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर सभी छात्र-छात्राओ को बड़ी सँख्या में कॉलेज प्रबंधन के ख़िलाफ़ आवाज उठाने के लिए आमंत्रित किया हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के 6 अधिकारियों का तबादला

रायपुर:-छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के 6 अधिकारियों का तबादला किया गया है. यह ट्रांसफर प्रशासनिक दृष्टिकोण से किया गया है. सुखनंदन राठौड़ को एएसपी- एटीएस, रामगोपाल करियारे को ज़ोनल पुलिस अधीक्षक बिलासपुर, अर्चना झा को एएसपी गौरेल,पेंड्रा, मरवाही, कीर्तन राठौड़ को एएसपी रायपुर ग्रामीण, अभिषेक वर्मा को एएसपी कोरबा और लखन पटले को एएसपी रायगढ़ बनाया गया है।

छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के संकेत! इस जिले में सिनेमा घरों और वाटर पार्क को बंद करने के आदेश जारी, बढ़े कोरोना के नए मामले।

पूरे देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। राजनांदगांव।  पूरे देश में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र की सीमा से लगे राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ ब्लॉक में सबसे ज्यादा कोरोना के पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे हैं, इसको देखते हुए ऐतिहातन शहर के सिनेमा घरों और वाटर पार्क को बंद करने का आदेश प्रशासन द्वारा जारी कर दिया गया है। प्रशासन के इस फैसले को ज्यादा केस बढ़ने पर लॉकडाउन के संकेत भी माना जा रहा है। राजनांदगांव जिला प्रशासन अब बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए अलर्ट मोड पर है, जिला प्रशासन लगातार अपने पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के आंकड़ों पर नजर बनाए हुए है और साथ ही साथ तीसरी लहर से निपटने के लिए भी जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है, कलेक्टर ने आम जनता से कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीनेशन की अपील की है और साथ ही साथ आगामी त्योहारों के समय को देखते हुए कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने की भी अपील की है। गौरतलब है कि दूसरी लहर के शुरुआती दौर में छत्तीसगढ़ के सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले महाराष्ट्र सीमा से लगे इलाकों में ही सामने आए थे, इसको देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड में है और ऐहतियातन सिनेमा घर और वाटर पार्क को बंद कर दिया गया है। वर्तमान में राजनांदगांव में कोरोना के कुल 17 एक्टिव केस हैं, इनमें से ज्यादातर डोंगरगढ़ ब्लॉक के मरीज हैं, राज्यभर में बीते 24 घंटे में कोराना के 25 नए संक्रमितों की पहचान की गई है

एलायंस क्लब इन्टरनेशनल ग्रीन सिटी खरसिया द्वारा जन्मदिवस पर वृक्षारोपण, गौ माताओं को गुड़ रोटी, मछलियों को आटा एवं मुर्रा खिलाया गया

खरसिया:-एलायंस क्लब इन्टरनेशनल ग्रीन सिटी खरसिया द्वारा नगर में नये पीढ़ी के जनरैशन को संस्कारवान बनाने के उद्देश्य से जन्मदिवस को सुन्दर तरीके से मनाने की शुरुआत की। अवसर था छत्तीसगढ़ शहीद भगतसिंह ब्रिगेड के प्रदेश युवा सचिव एवं एलायंस क्लब इंटरनेशनल ग्रीन सिटी खरसिया के PRO अमित साहू के जन्मदिवस का जिसमें सभी आदरणीय पदाधिकारीगणों व सदस्यगणों की उपस्तिथि में सर्व प्रथम गायत्री शक्ति पीठ में मां गायत्री, मां दुर्गा, मां लक्ष्मी एवं परम पूज्य गुरुदेव एवं वन्दनीय माता जी का आशीर्वाद प्राप्त कर मंदिर के प्रांगण में वृक्षारोपण किया गया एवं श्री शिव मंदिर भगत तालाब खरसिया में मछली को मुर्रा व आटा की गोलियां खिलाया गया व नगर के विभिन्न चौक चौराहों में विश्व पूजित सम्पूर्ण देवी देवता स्वरूपा गौ माता को रोटी गुड़ का भोग लगाया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से एलायंस क्लब इंटरनेशनल ग्रीन सिटी खरसिया के चार्टर अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ शहीद भगतसिंह ब्रिगेड के प्रदेश अध्यक्ष राकेश अग्रवाल गायत्री, एलायंस क्लब इन्टरनेशनल खरसिया के उपाध्यक्ष गोपाल दास अग्रवाल, द्वितीय उपाध्यक्ष श्रीमति आशा देवी अग्रवाल ,सचिव आकाश शर्मा, पीआरओ अमित साहू , टेलटिस्टर दिलीप अग्रवाल एवं सुरेश कबुलपुरिया व विकास अग्रवाल इत्यादि सदस्यगण की उपस्थिति रही। एलायंस क्लब इन्टरनेशनल ग्रीन सिटी खरसिया द्वारा अपने क्लब के नाम के अनुरूप तुलसी के पौधे, गुलाब फूल, शांतिकुंज हरिद्वार से संपादित जीवन उपयोगी साहित्य पुस्तक भेट किया गया व जन्मदिन की सभी के द्वारा दीर्घायु जीवन का आशीर्वाद व स्नेह प्रदान किया। इस अवसर पर क्लब के PRO अमित साहू ने सभी एलायंस क्लब इंटरनेशनल ग्रीन सिटी खरसिया एवं छत्तीसगढ़ शहीद भगतसिंह ब्रिगेड के पदाधिकारीगणों व सदस्यगणों व आदरणीय, वरिष्ठ जनों व मित्र गणों का दिल के गहराइयों से धन्यवाद ज्ञापित किया।

रायपुर से भिलाई के लिए ट्रक सरिया लेकर निकला ट्रक ड्राइवर समेत लापता,खमतराई पुलिस ने किया मामला दर्ज

रायपुर:-रायपुर से भिलाई के लिए ट्रक सरिया लेकर निकला ट्रक ड्राइवर समेत लापता,मिली जानकारी के मुताबिक भनपुरी रायपुर निवासी दशरह पाल ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि वह ब्यास तालाब भनपुरी के पास स्थित गुड्स केरियर में सुपवाईजर है। 23 अगस्त को गाड़ी नंबर सीजी 04 एम एक्स 8319 गाड़ी ड्राईवर कृष्णा कुमार सोनी निवासी रायपुर भनपुरी ने गाड़ी में छड़ लोड करके भिलाई के लिए निकला था । माल भिलाई इंजीनियरिंग कर्पोरेशन पहुंचाना था लेकिन 11 सितंबर तक माल नही पहुंचा। प्रार्थी को संदेह है कि 65 हजार 690 रुपये का माल को वाहन चालक ने रास्ते में किसी और को बेचकर फरार हो गया है। मामले की शिकायत पर पुलिस ने ट्रक चालक कृष्णा कुमार सोनी निवासी खमतराई रायपुर के खिलाफ धारा 407 के तहत अमानत में ख्यानत का मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।

जगदलपुर से बीजापुर व हैदराबाद अब रात्रि बस सेवा शुरू।

बीजापुर - जिले में कभी नक्सली भय के चलते रात्रिकालीन बस सेवा बीजापुर की ओर नही चला करती थी , आज बीजापुर के एनएच63 से दूसरे राज्य में भी यात्री बसों का संचालन शुरू हो गया है , बताया जाता है कि पहले जगदलपुर से बीजापुर व बीजापुर से भोपालपटनम तक ही बस सेवा का संचालन होता था, अन्य राज्यो से यात्रियों के लिये टैक्सी ही एक विकल्प हुआ करता था .तब के दिनों में सड़को पर नक्सलियों के भय से रात्रिकालीन बसों को मजबूरन भोपालपटनम तक ही परमिट लिया गया था. कृष्णा ट्रेवल्स के संचालक दीपक शर्मा ने जगदलपुर से हैदराबाद के लिए अब रात्रि बस सेवा का संचालन शुरू किया है . यह बस जगदलपुर से हैदराबाद रात्रि 7:00 बजे निकलेगी ओर बीजापुर से रात्रि 10:30 बजे हैदराबाद के लिए रवाना होगी. जिसके लौटने के समय हैदराबाद से रात्रि 7:00 बजे व बीजापुर प्रातः 4:15 व जगदलपुर प्रातः 7:00 पहुंचेगी . बीजापुर से अन्य राज्य के लिए रात्रिकालीन बस सेवा के संचालन से यात्रियों के लिये राहत भरी खबर है ।

छत्तीसगढ़ के विकास में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए गढ़ा जा रहा नवा छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

रायपुर:-मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आकाशवाणी से हर माह प्रसारित होने वाली लोकवाणी की 21वीं कड़ी (आपकी बात-मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के साथ) में बात-चीत की शुरूआत जय जोहार के अभिवादन के साथ की। उन्होंने कहा कि आज का विषय ‘जिला स्तर पर विशेष रणनीति से विकास की नई राह’ है। इसमें स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए समस्याओं को चिन्हित करना, उनके समाधान की तलाश करना, उन्हें लागू करना और जनता को राहत दिलाना है। इस कड़ी में सभी जिलों के समन्वित विकास के लिए स्थानीय जनता की सोच, इच्छा तथा अपेक्षा के अनुरूप काम करने में जिला प्रशासन को और अधिक सक्षम बनाया जा रहा है। इस तरह राज्य में प्रत्येक व्यक्ति को सशक्त बनाते हुए विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित कर नवा छत्तीसगढ़ को गढ़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि गणेश चतुर्थी, नवा खाई तथा विश्वकर्मा जयंती जैसे कई पावन पर्वों के अवसर पर इस महीने के लोकवाणी का प्रसारण हो रहा है। आप सभी सावधानी तथा सुरक्षा के साथ इन पर्वों को खुशी-खुशी मनाते हुए सामाजिक एकता, सौहार्द्र और समरसता की हमारी महान विरासत को आगे बढ़ाएं।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि प्रशासनिक इकाई के रूप में जिलों को महत्व देते हुए हमने अल्प समय में ही 5 नये जिले बनाने की पहल की है। साथ ही जिला स्तर पर जनहितकारी योजनाएं, कार्यक्रम और अभियान संचालित करने की खुली छूट दी है, ताकि स्थानीय जनता की सोच, इच्छा और अपेक्षा के अनुरूप काम करने में जिला प्रशासन अधिक सक्षम हो सके। रेडियो कार्यक्रम लोकवाणी में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के समन्वित विकास के लिए आमजनता की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने और स्थानीय जरूरत के हिसाब से कदम उठाने के लिए प्रशासन को फ्री-हेंड दिया गया है। इस तरह आमजनों के जीवन-स्तर का तीव्र उन्नयन और उनकी आजीविका के लिए स्थायी समाधान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

कोदो-कुटकी तथा रागी फसलों के लिए छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आगे कहा कि आर्थिक तंगी और कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से हमारे प्रदेशवासियों को किसी तरह की तकलीफ न हो, बल्कि उनकी सुविधाओं में बढ़ोत्तरी का सिलसिला लगातार आगे बढ़ता रहे, इस बात को ध्यान में रखते हुए हमने छत्तीसगढ़ में अनेक नये-नये उपाए किए हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए अब लघु धान्य फसलों का उत्पादन बढ़ाने के साथ इन्हें बेहतर दाम तथा सुविधाएं देने की पहल की है। इसके लिए छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन की स्थापना की गई है और उत्पादन में वृद्धि तथा प्रसंस्करण के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई जा रही है। लघु धान्य फसलें पोषण की दृष्टि से बहुत उपयोगी होती है लेकिन इन फसलों को अन्य कृषि उत्पादों की तुलना में कम महत्व मिलता रहा है। इन फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों को भी अन्य किसानों की तुलना में कम महत्व मिलता रहा है। हमने इसे ध्यान में रखते हुए आवश्यक पहल की है। राज्य के बस्तर संभाग अंतर्गत दंतेवाड़ा, सुकमा, कांकेर जिलों में कुछ लघु धान्य प्रसंस्करण इकाइयां शुरु भी हो चुकी हैं लेकिन अब बड़ी संख्या में ऐसी इकाइयां लगाई जाएंगी। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के विस्तार में इस बात का ध्यान रखा गया है कि जो किसान धान के बदले कोदो-कुटकी-रागी की फसल लेंगे, उन्हें प्रति एकड़ 10 हजार रुपए की आदान सहायता दी जाएगी, जो फसल बेचने से होने वाली उनकी आय के अतिरिक्त होगी। मैंने विधानसभा में घोषणा की थी कि आदिवासी अंचलों में उपजाई जाने वाली कोदो-कुटकी और रागी फसल की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी। मुझे यह बताते हुए खुशी है कि हमने कोदो-कुटकी का समर्थन मूल्य 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल और रागी का समर्थन मूल्य 3 हजार 377 रुपए प्रति क्विंटल तय कर दिया है। इनको खरीदने की व्यवस्था भी लघु वनोपज संघ के माध्यम से कर दी गई है।

छत्तीसगढ़ में सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के सिलसिला में मैंने निर्देश दिए थे कि सड़क, सिंचाई, बिजली या ऐसी किसी भी अधोसंरचना की बड़ी परियोजनाओं को हाथ में लेने के साथ ही, इस बात पर ध्यान दिया जाए कि अधूरी पड़ी या किसी भी कारण से अनुपयोगी हो गई परियोजनाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाए, जिससे उस परियोजना में निवेश हो चुकी धनराशि का लाभ जनता को मिल सके। मुझे खुशी है कि दुर्ग जिले में इस सोच को साकार करने के लिए गंभीरता से पहल की गई। सिपकोना नहर के बारे में कहा जाता है कि यह नहर एशिया की सबसे लंबी नहरों में शामिल है। बताया गया कि वर्ष 2008 में इसे आधा-अधूरा छोड़ दिया गया। लाइनिंग, सफाई और मरम्मत पर ध्यान दिया जाता तो इस योजना में हुए निवेश का बहुत लाभ किसान भाई-बहनों को मिलता।

मुझे खुशी है कि जिला प्रशासन ने पहल करके सिपकोना नहर को 22 की जगह 51 गांवों की जीवन-रेखा बनाने की दिशा में काम शुरू किया। इस तरह रणनीति अपनाने से पहले जहां सिर्फ 22 गांवों को पानी मिल पाता था, वहीं अब 51 गांवों में पहुंचेगा। बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के 7 गांवों में 1 हजार 259 हेक्टेयर और दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के 44 गांवों में 10 हजार 252 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा दी जाएगी। मुझे लगता है कि कम खर्च में ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने का यह बहुत अच्छा मॉडल है। इसमें सिंचाई विभाग के अलावा मनरेगा की मदद भी ली जा रही है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। यह कन्वरजेन्स का भी एक अच्छा प्रयास है।

नंदिनी माइंस वृहद ईको पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बताया कि दुर्ग शहर से 25 किलोमीटर दूरी पर स्थित ग्राम नंदिनी में 2500 एकड़ की जमीन में पहले चूना पत्थर की खदान थी। बरसों से इस खदान में खनन गतिविधियां बंद हैं। जिला प्रशासन ने बहुत व्यापक सोच के साथ इस क्षेत्र में जंगल विकसित करने की कार्ययोजना बनाई है, जो दुर्ग-भिलाई के औद्योगिक प्रदूषण से निपटने में भी मदद करेगा और प्रदेश के पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी बल मिलेगा। इस क्षेत्र में 80 हजार से अधिक पौधे लगाने का काम शुरू किया गया है, जिससे बहुस्तरीय वन का विकास होगा। यहां घास प्रजाति का पौधरोपण भी किया जाएगा ताकि पशुओं को अच्छी गुणवत्ता का चारा मिल सके। परियोजना के तहत जैव विविधता का संरक्षण भी किया जाएगा जिससे इस मानव निर्मित विशाल वन क्षेत्र में वन्यप्राणियों का बसेरा और समूचा अंचल वृहद ईको पर्यटन स्थल के रूप में आकर्षण का केन्द्र बनेगा।

आदिवासी अंचल में नवाचारों का बड़े पैमाने पर मिल रहा लाभ

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए आदिवासी अंचल में भी कई ऐसे नवाचार किए गए हैं, जिसका लाभ अब लोगों को बड़े तादाद में मिलने लगा है। उन्होंने बताया कि इनमें मलेरियामुक्त बस्तर अभियान के माध्यम से लोगों को बहुत बड़ी राहत दिलाई है। आज मलेरियामुक्त बस्तर अभियान की सफलता की चर्चा चारों तरफ हो रही है। निश्चित तौर पर बस्तर को मलेरिया से बचाने की सोच और उस पर जिस तरह से अमल किया गया, उसे एक नवाचार ही माना जाएगा। हमारी सरकार बनने के बाद बस्तर संभाग के सातों जिलों में जब हमने सर्वेक्षण कराया तो पता चला कि मलेरिया प्रभावितों के बारे में बताने वाला वार्षिक परजीवी सूचकांक, जिसे एपीआई कहा जाता है, वह 10 से अधिक था, जो बेहद खतरनाक स्तर माना जाता है। अभियान के तहत हमारे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर सर्वे किया और एक-एक व्यक्ति की जांच की गई। निःशुल्क दवाएं दी गईं। घरों में मच्छररोधी दवाइयों का छिड़काव किया गया। मेडिकेटेड मच्छरदानियां बांटी गईं। इन प्रयासों के कारण एपीआई की दर लगातार कम हुई। बीते एक साल में पॉजिटीविटी दर 4.6 प्रतिशत से घटकर 0.86 प्रतिशत पर आ गई। पूरे बस्तर संभाग में मलेरिया की प्रभाव दर 45 प्रतिशत कम हो गई है। जिस तरह से युद्धस्तर पर काम हुआ उसकी सराहना नीति आयोग और यूएनडीपी ने की है तथा इसे देश के अन्य आकांक्षी जिलों के लिए भी अनुकरणीय बताया है। मैं यह भी बताना चाहता हूं कि ‘मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना’ का भी इसमें बहुत सहयोग मिला, जो कि अपने आप में एक नवाचार था। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना से 11 लाख से अधिक लोगों का इलाज हुआ। इस तरह से मलेरिया और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान से सुपोषण को लेकर किए जा रहे प्रयासों को भी बल मिला। मलेरियामुक्ति का अभियान महिलाओं और बच्चों के लिए वरदान साबित हुआ है। इसका लाभ सुरक्षा बलों तथा सभी निवासियों को मिला है।

इसी तरह दंतेवाड़ा में इन दिनों जो बदलाव की बयार चल रही है, उसमें हमारे नवाचार के अभियान की बहुत बड़ी भूमिका है। आपने डेनेक्स ब्रांड की कपड़ा फैक्ट्री के बारे में तो सुना ही होगा। 31 जनवरी 2021 को इसका उद्घाटन हुआ था और आज इसमें 300 परिवारों को रोजगार मिल रहा है। इसी तरह के 3 और केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिसमें लगभग 1200 लोगों को रोजगार मिलेगा। डेनेक्स ब्रांड को अब एफपीओ सेक्टर में भी उतारा गया है, जिसके अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले में खाद्य सामग्री तथा हस्तकला की सामग्री भी बेची जा रही है। किंग कड़कनाथ, छिंदगुड़, मौरिंगा पाउडर, कोदो-कुटकी, इमली, चार बीज आदि को बड़ा बाजार मिलने लगा है। दंतेवाड़ा जिले में लघु वन उपज, खाद्य, उद्यानिकी और खनिज उत्पादों के प्रसंस्करण के लिए 500 एकड़ भूमि का चिन्हांकन कर लघु उद्योगों की स्थापना की जा रही है, जिसमें 5 हजार परिवारों को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा ग्राम स्वरोजगार केन्द्र, नव चेतना बेकरी, वनोपज संग्रहण, मनरेगा, गोधन न्याय योजना, बिहान योजना, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, वन अधिकार अधिमान्यता पत्र प्रदाय, कृषि विकास, दंतेश्वरी माई मितान पेंशन योजना आदि के माध्यम से पूना माड़ाकाल दंतेवाड़ा को व्यापक सफलता मिल रही है, जिसका लाभ जीवन स्तर उन्नयन, बेहतर स्वास्थ्य तथा बेहतर आजीविका के रूप में मिल रहा है।

शिक्षा के नवाचारी प्रयासों को मिली राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के चलते पूरे देश की अर्थव्यवस्था डगमगा गई थी, कोरोना ने हमारे देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। ऐसी स्थिति में भी चुनौतियों का सामना करते हुए बच्चों की पढ़ाई-लिखाई जारी रहे, इसके लिए पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। cgschool.in नाम से एक पोर्टल का निर्माण कर ऑनलाइन कक्षाएं प्रारंभ की गईं। इस ऑनलाइन पढ़ाई से घर बैठे ही लाखों बच्चे सुरक्षित पढ़ाई करने लगे। इंटरनेट की पहुंच नहीं होने वाले क्षेत्रों व ऐसे बच्चे जिनके पास मोबाइल नहीं था, उसे ध्यान में रखते हुए मोहल्ला कक्षा प्रारंभ की गई। हमारे प्रदेश के शिक्षकों ने पढ़ाने के लिए कई नवाचारी गतिविधियां आयोजित कीं। शिक्षकों की मेहनत से बच्चों का पढ़ाई से रिश्ता बना रहा बल्कि पढ़ाई और अधिक रोचक और व्यापक हो गई। हमारे गुरुजनों ने अपनी लगन, निष्ठा और नवाचार से समाज में शिक्षकों की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई दी है। इन नवाचारी प्रयासों को न केवल राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली बल्कि पुरस्कार भी मिले हैं। मैं चाहता हूं कि शिक्षक-शिक्षिकाओं ने कोरोना काल में जिस तरह शिक्षा के नए-नए प्रयोग किए, उसे आगे भी करते रहें। सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से सजाने और इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने की हमारी सोच एक बहुत बड़ा नवाचार है। स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना के तहत 171 स्कूलों का उन्नयन कोरोना काल में ही हुआ है। अब मैंने निर्देश दिया है कि इसी की तर्ज पर उत्कृष्ट हिंदी माध्यम शाला भी विकसित की जाएं। यह नवाचार प्रदेश की सरकारी स्कूलों में आमूल-चूल परिवर्तन लाएगा और सामान्य तथा गरीब परिवारों के बच्चों का जीवन संवारेगा।

सुराजी गांव योजना से ग्रामीण जनजीवन में आ रहा तेजी से बदलाव

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि सुराजी गांव योजना से छत्तीसगढ़ के जनजीवन में जो बदलाव आ रहा है, उससे तो मैं भी रोमांचित और अभिभूत हूं। सबसे खुशी की बात यह है कि हम लोग एक दिशा देते हैं तो आप लोग उसमें काम करने की नई-नई संभावनाएं खोज लेते हैं। यही तो नवाचार है। हमने तो नरवा, गरुवा, घुरुवा, बाड़ी को छत्तीसगढ़ की चार चिन्हारी के रूप में बचाने की सोच के साथ, एक नए रास्ते पर चलना शुरू किया था लेकिन आप लोगों ने अपनी मौलिक सूझबूझ से, उसे इतना व्यापक रूप दे दिया है कि उसमें नए-नए उत्पाद और नए-नए रोजगार के अवसर बनने लगे हैं। छत्तीसगढ़ में जल की उपलब्धता को लेकर बड़ी विलक्षण स्थिति है। हमारे प्रदेश में हिमालय के किसी ग्लेशियर से जल-धारा प्रवाहित नहीं होती। हमारी नदियां और नरवा हमारे लिए पानी के स्रोत हैं। इंद्रावती, महानदी, सोन, शिवनाथ, अटेम, महान व केलो आदि नदियों की संख्या तो सीमित हैं, लेकिन 2 से 11 किलोमीटर तक बहने वाले नालों की संख्या हजारों में है। इस तरह नरवा हमारी बड़ी अहम धरोहर हैं। निश्चित तौर पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से नदी-नालों में जल कम हुआ है। इसलिए हमने समय रहते ‘नरवा’ परियोजना पर बल दिया। अभी तक लगभग 32 सौ नालों में जरूरी सुधार कार्य किया जा चुका है। आगामी साल करीब 11 हजार नालों को पुनर्जीवित करने की योजना पर हम युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं।

मैं बताना चाहता हूं कि हमारे प्रयासों का असर जमीन पर दिखाई देने लगा है। कई क्षेत्रों से भू-जल स्तर बढ़ने की सुखदायी खबरें आने लगी हैं। जलवायु परिवर्तन से सूखे की परिस्थितियां बनने की चेतावनी वैज्ञानिकों ने दी है, लेकिन मुझे विश्वास है कि नरवा विकास की हमारी तैयारी, हमें हर संकट से उबार लेगी। गरुवा से गोबर, गोबर से वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट और फिर सुपर कम्पोस्ट प्लस। गरुवा और घुरुवा को विकसित करने से नए रास्ते बनते चले गए और गोबर से धन बरसने लगा। गोधन न्याय योजना के 8 सितम्बर के आंकड़े से एक अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस योजना से क्या लाभ मिल रहा है। अभी तक गोबर बेचने वालों को 100 करोड़ 82 लाख रुपए, महिला स्वसहायता समूह को 21 करोड़ 42 लाख रुपए तथा गौठान समितियों को 32 करोड़ 94 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है। गोधन न्याय योजना से 1 लाख 77 हजार 437 पशुपालकों को लाभ मिला है, जिसमें भूमिहीनों की संख्या 79 हजार 435 है। वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट तथा सुपर कम्पोस्ट प्लस का उत्पादन 11 लाख क्विंटल से अधिक हो चुका है और करीब 8 लाख क्विंटल की बिक्री भी की जा चुकी है। यह रूझान बताता है कि छत्तीसगढ़ में जैविक खाद के उपयोग के लिए तेजी से जागरूकता बढ़ रही है। 1 हजार 634 गौठान आत्मनिर्भर बन चुके हैं। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य जनता को सशक्त करना है और विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है और हम सबको मिलकर नवा छत्तीसगढ़ गढ़ना है।

छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग ने 21 जिलों के लिए किया येलो अलर्ट जारी

रायपुर:-छत्तीसगढ़ के कई जिलों में रूक-रूक कर झमाझम बारिश हो रही है। जिसके चलते नदी नाले फिर से लबालब हो गए हैं। वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं 21​ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। शनिवार को दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहे। वहीं दोपहर बाद राजधानी में हुई मूसलाधार बारिश से जिंदगी थम गई। शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए। कई गाड़ियां घंटों संड़कों में फंसी रही। बता दें कि शनिवार को राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। मौसम विभाग बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों ने आने वाले 4 दिन बारिश को लेकर महत्वपूर्ण बताया है। वहीं प्रदेश के 21 जिलों के लिए चेतावनी जारी किया है। इनमें बिलासपुर और सरगुजा के 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

तहसील कार्यालय शिवरीनारायण में नेशनल लोक अदालत की खण्डपीठ का आयोजन किया गया

आशीष कश्यप शिवरीनारायण

शिवरीनारायण:-छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला सत्र न्यायाधीश श्री जगदम्बा राय के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव एवं ब्यवहार न्यायधीश वर्ग-1 गीतेश कुमार कौशिक के आदेश पर तालुका विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष एवं व्यवहार न्यायाधीश वर्ग-2 नवागढ़ पायल टोपनो के द्वारा तहसील कार्यालय शिवरीनारायण में नेशनल लोक अदालत की खंडपीठ का आयोजन किया गया।जिसमें पीठासीन अधिकारी तहसीलदार प्रकाश चंद साहू,सदस्य-पैनल अधिवक्ता जितेंद्र तिवारी,देव प्रसाद साहू उपस्थित रहे। पीठासीन अधिकारी प्रकाश चंद साहू ने बताया कि राजस्व-फौती नामांतरण-10,दाण्डिक-24, जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र-10, आयप्रमाण पत्र-200,जाति प्रमाण पत्र-100, निवासप्रमाण पत्र-100 सहित कुल 444 प्रकरणों का निराकरण किया गया। खंडपीठ के सदस्य पैनल अधिवक्ता जितेन्द्र तिवारी ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित सभी राजीनामा योग्य मामले राजस्व आपदा,मुआवजा मामले,विक्रय पत्र, दान पत्र,वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले,राजस्व, दाण्डिक सहित समझौते योग्य प्रकरणों का निपटारा किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से पीठासीन अधिकारी प्रकाश चंद साहू,सदस्य-पैनल अधिवक्ता-जितेंद्र तिवारी,देव प्रसाद साहू,वरिष्ठ अधिवक्ता शत्रुहन लाल बंजारे, एम. आर.कश्यप,धनेश खांडेकर,राजस्व निरीक्षक दिनेश चंद्रवंशी, किशोर सिदार,मुख्यालय पटवारी मोहन बनर्जी,रीडर-अरविंद यादव,प्रोग्राम प्रोसेसर-पंकज खूंटले, रमाशंकर नोनिया,कोटवार-प्रकाश सहिस, लीलाराम कश्यप,पुष्पा कश्यप, तिलक केंवट, सोनू चौहान सहित अनेकों पक्षकार उपस्थित रहे।।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला कोंडागांव में डेढ़ वर्ष में कुपोषित बच्चों की संख्या में आई 41.54 प्रतिशत की कमी

रायपुर:-छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित एवं आदिवासी बाहुल्य कोंडागांव जिले में कुपोषण के खिलाफ जंग लड़ी जा रही है। कोरोना काल के दौरान मात्र डेढ़ वर्ष में ही जिले में कुपोषित बच्चों की संख्या में 41.54 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। कम समय में ही जिले ने विभागों के समन्वित प्रयास, बेहतर रणनीति और मॉनिटरिंग के साथ उपलब्धि हासिल कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। बच्चों को प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ प्राप्त हो सके इसके लिए प्रशासन ने जिले में अंडा उत्पादन यूनिट भी स्थापित किया है। आज रोजाना यहाँ से पांच हजार अंडे बच्चों को मिल रहे हैं। अब इसकी दूसरी यूनिट भी लगाई जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर मिलने वाले रागी और कोदो से पोषण आहार तैयार कराया जा रहा है।

अंडे और अनाज बच्चों तक पहुँचे इसके लिए वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, खिलाये जा रहे बच्चों की तस्वीर ग्रुप में पोस्ट की जाती है। जिसकी मॉनिटरिंग स्वयं कलेक्टर करते हैं।

बस्तर संभाग से 80 किमी दूर कोंडागांव जिला के नक्सल प्रभावित एवं आदिवासी बाहुल्य होने के कारण विकास की मुख्यधारा से कई गांव दूर रहे हैं। ऐसे में इन गांवों में कुपोषण, एवं स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं रही है। कोंडागांव जिले में कुपोषण की बढ़ती दर प्रशासन के लिए एक चुनौती थी। वजन त्यौहार के आंकड़ों के अनुसार जिले में फरवरी 2019 में 5 वर्ष से कम आयु के लगभग 37 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार थे। कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती थी कि कुपोषण की दर को नियंत्रित करना था।

जिला कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने बताया कि सुपोषण अभियान के तहत जून 2020 में नंगत पिला परियोजना की शुरुआत की गई। हल्बी बोली में जिसका अर्थ होता है एक स्वस्थ बच्चा। परियोजना को पूरा करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को नोडल के रूप में नियुक्त किया गया। सबसे पहले कुपोषित बच्चों की पहचान के लिए जुलाई 2020 में जिले में बेसलाइन स्क्रीनिंग शुरू की गई, जिसमें 12726 बच्चों की पहचान की गयी।

नंगत पिलापरियोजना के तहत सबसे महत्वपूर्ण कार्य बच्चों को पौष्टिक आहार प्रदान करना था। इसके लिए बेहतर क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग पर जोर दिया गया। इसके लिए उड़ान नाम से एक कंपनी शुरू की गई। आंगनबाड़ी द्वारा पौष्टिक आहार प्रदान करने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जोड़ा गया। इन महिलाओं द्वारा स्थानीय स्तर पर मिलने वाले पौष्टिक आहार तैयार कर आंगनबाड़ी केंद्रों में भेजा जा रहा है। बच्चों को अंडा, चिक्की, बिस्किट, बाजरे की खिचड़ी, रागी और कोदो से बने आहार दिए जा रहे हैं। बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाले ऑर्गेनिक व देसी अंडे दिए जा सकें, इसके लिए इसके जिले में अंडा उत्पादन यूनिट की स्थापना की गई है। जिले की सभी आंगनबाड़ी को 220037 अंडे और 35422 किग्रा मोठे अनाज की आपूर्ति हो चुकी है।

अंडे और अनाज बच्चों तक पहुँचे इसके लिए वाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, खिलाये जा रहे बच्चों की तस्वीर ग्रुप में पोस्ट की जाती है। जिसकी मॉनिटरिंग स्वयं कलेक्टर करते हैं।

इस परियोजना के द्वारा कोविड के दौरान भी जिले में कुपोषित बच्चों का पहचान कर उन्हें पौष्टिक आहार वितरित करने में मदद की। प्रत्येक कुपोषित बच्चे का ऑनलाइन डेटा बेस होना और मासिक रूप से उनकी प्रगति को ऑनलाइन ट्रैक करना बहुत उपयोगी साबित हुआ है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत नंगत पिला परियोजना में फरवरी 2019 की तुलना में जुलाई 2021 में जिले में कुपोषण में 15.73 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। 2019 में कुपोषित बच्चों की संख्या 19572 थी, जो कि 2021 में संख्या घट कर 11440 हो गयी। वहीं, 2019 की तुलना में कुपोषित बच्चों में 41.54 प्रतिशत की कमी आयी है। कोंडागांव जिले ने विभागों के समन्वित प्रयास के माध्यम से कुपोषण से लड़ने की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

एक अलग रणनीति पर किया काम

कुपोषण से जंग में स्थानीय युवाओं की भी भागीदारी सुनिश्चित कराई गई, उन्हें सुपोषण मित्र के रूप में नियुक्त किया गया। 1438 सुपोषण मित्र आंगनबाड़ी केंद्रों में निगरानी और क्रियान्वयन में महती भूमिका निभा रहे हैं। क्रॉस चेकिंग के लिए अधिकारियों को नंगत पिला के नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। जहां प्रत्येक नोडल अधिकारी एक ग्राम पंचायत की निगरानी करता है। ऐसे 328 नोडल कार्यालयों ने इस कार्यक्रम की निगरानी के लिए 418 दौरे किये। कलेक्टर मासिक समीक्षा बैठकों के माध्यम से इस डेटा बेस की प्रगति की समीक्षा करते हैं। इसी बैठक में अगले माह की कार्ययोजना भी तय की जाती है।

कोंडागांव ने प्रस्तुत किया उदाहरण

भारत में कुपोषण अब भी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। कोविड महामारी ने भी देश में कुपोषण की स्थिति को और चिंताजनक बना दिया है। ग्लोबल हंगर इंडेक्स 2020 की रिपोर्ट के अनुसार भारत 27.2 के स्कोर के साथ 107 देशों की लिस्ट में 94वें नंबर पर है, जिसे बेहद गंभीर माना जाता है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार देश में 9.3 लाख से अधिक गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान की गई है। वहीं, देश के आदिवासी बाहुल्य राज्य छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के एक छोटे से जिले कोंडागाँव ने दिखाया है कि कैसे विभिन्न विभागों के परस्पर समन्वय और एक दूरदर्शी माध्यम से कुपोषण से लड़ने की दिशा में एक व्यवस्थित दृष्टिकोण अच्छा प्रभाव डाल सकता है और एक बेंचमार्क स्थापित कर सकता है।

नक्सल प्रभावित गांवों के आजीविका विकास में भी सहायक

सुपोषण अभियान में आजीविका को भी बढ़ावा मिल रहा है। इस अभियान का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू जिले में कोदो, रागी, बाजरा उत्पादन को पुनर्जीवित करके बच्चों के लिए पोषण सुनिश्चित करना है। ज़िला प्रशासन बच्चों को कोदो और रागी से बने गुणवत्तायुक्त भोजन भी प्रदान कर रहा है। इन पोषक अनाजों की ख़रीदी नक्सल प्रभावित गांवों से ही की जा रही है। गोठान की महिलाएँ इस काम में जुड़ी हैं।

2 शिक्षकों पर गिरी गाज, जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया आदेश

जशपुर:-जिले में चल रहे आत्मानन्द इंग्लिश मीडियम स्कूल के लिए संविदा शिक्षकों की भर्ती पर फिलहाल रोक लगने की खबर आ रही है। भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी और गड़बड़ियों को लेकर जिले के विधायको की नाराजगी सामने आने के बाद शुक्रवार शाम से ही मामले की जांच शुरू हो गयी है। वही भर्ती मामले की जाँच शुरू होते ही काफी लंबे समय से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में संलग्न 2 शिक्षकों को मूल पद पर भेज दिया गया है । शिक्षा अधिकारी द्वारा 10 सितंबर को जारी किए गए आदेश में कार्यालय में संलग्न प्रवीण पाठक और सैयद सरवर हुसैन को उनके मूल पद पर भेज दिया गया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल को कोर्ट ने दी जमानत

छत्तीसगढ़:-सीएम भूपेश बघेल के पिता नन्दकुमार बघेल को कोर्ट ने जमानत दी है. नंद कुमार बघेल की ओर से वकील गजेंद्र सोनकर द्वारा लगाई याचिका पर सुनवाई के बाद प्रथम श्रेणी न्यायाधीश जनक कुमार हिड़गो की बेंच ने जमानत प्रदान की. ब्राह्मण समाज के खिलाफ टिप्पणी करने पर नंदकुमार की गिरफ्तारी के बाद अदालत ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा था. आपको बता दें कि यूपी में पिछड़ा वर्ग के कार्यक्रम के बाद आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर नंदकुमार बघेल के खिलाफ ब्राह्मण समाज की शिकायत पर डीडी नगर पुलिस थाना में धारा 153-A, 505-1, ख के तहत मामला दर्ज किया गया था. उत्तर प्रदेश के आगरा से उनकी गिरफ्तारी के बाद रायपुर जिला न्यायालय में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी जनक कुमार हिडको की कोर्ट पेश किया गया था, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।

शिक्षाकर्मियों की अनुकंपा नियुक्ति को लेकर सीएम भूपेश बघेल ने लिया बड़ा फैसला

रायपुर:-मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शिक्षाकर्मियों के अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों की समीक्षा और उनके निराकरण के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए है। यह कमेटी शिक्षाकर्मियों की अनुकंपा नियुक्ति के लिए निर्धारित पात्रताओं का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देगी जिस पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री बघेल ने इसी तरह कोविड-19 के दौरान सेवा में लिए गए कोविड स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा-निरंतरता और उनकी सेवा शर्तां के लिए भी वरिष्ठ अधिकारियों की एक कमेटी गठित करने के निर्देश दिए है। यह कमेटी भी इन स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा निरंतरता और सेवा शर्तां के संबंध में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देगी जिस पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

यातायात प्रभारी प्रमोद सिंह के द्वारा भाजपा नेताओं के साथ अभद्र व्यवहार व आम नागरिको को परेशान करने की शिकायत को लेकर भाजपा नेताओं नें एस. पी. को दिया ज्ञापन।

बलौदाबाजार: दिनांक 08 सितम्बर 2021 दिन बुधवार को बलौदाबाजार शहर में पदस्थ यातायात प्रभारी प्रमोद सिंह के द्वारा विशाल पाण्डेय नामक बलौदाबाजार निवासी को बाईक चला रहे हो करके पकड़ लिये और यातायात थाना में ले जाकर चाबी लूट लिये जिसकी जानकारी बलौदाबाजार शहर मंडल अध्यक्ष एवं पार्षद संकेत शुक्ला, महामंत्री मणीकांत मिश्रा को होने पर नेताओं द्वारा यातायात कार्यालय पहुँचकर यातायात प्रभारी प्रमोद सिंह से इस संबंध में जानकारी मांगी गई तो यातायात प्रभारी द्वारा न तो जानकारी दी गई और तो और भाजपा मंडल अध्यक्ष संकेत शुक्ला एवं महामंत्री मणीकांत मिश्रा के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। उनके स्टाप द्वारा इन दोनो नेताओं का मोबाईल से विडियो बनवा कर उन्हें धमकी दी गई कि तुम मेरा क्या बिगाड़ लोगे ज्यादा से ज्यादा पुलिस अधीक्षक से मेरी शिकायत करोगे जाओ करदों मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे ऐसा कहकर उन्हें चले जाने को कहा गया। इन दिनों बलौदाबाजार यातायात प्रभारी प्रमोद सिंह द्वारा आम जनता से दुर्व्यवहार करना आम बात है चालान के नाम पर अनाप शनाप वसूली करना साथ ही साथ आम नागरिकों के साथ गलत व्यवहार जन प्रतिनिधियों से सम्मान जनक तरिकों से पेस नहीं आना व जरूरत पड़ने पर जनप्रतिनिधियों का फोन काल को भी रिसिप नहीं करना आम नागरिकों की मोटर साइकिल, चार चक्का वाहन जबरदस्ती, मास्क के नाम पर या हेल्मेट के नाम पर चाबी लूट लेना व उनसे अवैध वसुली कराना इस तरह के काम उनके द्वारा कराया जा रहा है इस व्यवहार से भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा इस अधिकारी पर कड़ी कार्यवाही करने की व इनका तबादला जिला मुख्यालय से बाहर करने की मांग करते हुए एक ज्ञापन पुलिस अधीक्षक जिला बलौदाबाजार को देकर अपना विरोध दर्ज कराया है। भाजपा नेताओं ने साफ साफ शब्दो में अधीक्षक शाहब को कह दिया है कि अगर इनका ट्रांस्फर तीन दिवस के भीतर बलौदाबाजार से बाहर नहीं किया जाता है तो जिला बलौदाबाजार भाजपा के कार्यकर्ता जंगी प्रदर्शन, चक्का जाम जैसे कार्यक्रम पुरे जिले में किया जायेगा। इस अवसर पर भाजपा के जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक डॉ सनम जांगड़े, भाजपा के वरिष्ठ नेता टेसूलाल धुरंधर, नगर पालिका अध्यक्ष चित्तावर जायसवाल, जिला उपाध्यक्ष उमेश बाजपेयी, शहर भाजपा मंडल अध्यक्ष संकेत शुक्ला, ग्रामीण भाजपा मंडल अध्यक्ष डोमन वर्मा, जिला पदाधिकारी धनंजय साहू, शहर महामंत्री मणीकांत मिश्रा, पुरूषोत्तम साहू, विधि प्रकोष्ठ के आलोक अग्रवाल, प्रधानमंत्री कल्याण योजना के जिला कोषाध्यक्ष पुरूषोत्तम सोनी, जिला पंचायत सदस्य कुशल वर्मा, नरेश केसरवानी, प्रणव अवस्थी, रोमी साहू, अजय गर्ग, सतीश पटेल, अमन तिवारी, वासु ठाकुर, कृष्णा द्वीवेदी, कामेश वर्मा, राजू सलूजा, आकाश जायसवाल, राजेश मिश्रा, जिलानी खान, दीपक नेगी, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा शहर मंडल अध्यक्ष संजय श्रीवास सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं ने एस.पी. कार्यालय जाकर विरोध जताया।

रजबंधा मैदान में फेंक रहे एक्सपायरी दवा खुले में जला रहे टेबलेट-इंजेक्शन व सिरप।

रजबंधा मैदान में थोक दवा बाजार के ठीक सामने खुले मैदान में बड़े पैमाने पर एक्सपायर्ड दवाएं पेट्रोल-डीजल से जलायी जा रही हैं। टेबलेट, इंजेक्शन के अलावा सिरप और बोरिक पाउडर तक जलाया जा रहा है। मैदान को एक तरह से एक्सपायर्ड दवाएं जलाने के लिए ही उपयोग किया जा रहा है। पूरे मैदान में जगह-जगह जली अधजली दवाओं के अवशेष फैल गए हैं। ज्यादातर लोग रात में चोरी-छिपे दवाएं जलाते थे। अब तो दिन दिन के उजाले में भी दवाएं जलायीं जा रही हैं। इसे लेकर न तो नगर निगम न ही ड्रग विभाग की ओर से कोई कार्रवाई की जा रही है। सोमवार को दोपहर करीबन थोक दवा बाजार के सामने स्थित खुले मैदान में कुछ लोग दवाईयां लाकर फेंक रहे थे। दवाएं फेंकने के कुछ देर बाद वे लोग लौटकर आए और इस बार वे दवाएं जलाने का सामान लेकर आए थे। उनके पास डिब्बे में पेट्रोल था। दवाओं में उन्होंने पेट्रोल डाला और माचिस से आग लगा दी। उनसे पूछने पर बताया कि एक्सपायर्ड हो चुके प्रोडक्ट को जला रहे हैं। वे यहां क्यों जला रहे हैं, पूछने पर बताया कि वे ऐसा वे पहले भी कर चुके हैं। जब उन्हें नियमों का हवाला देकर ऐसा करने से मना किया गया तो वे हड़बड़ा गए और आग बुझाने लगे। वे एक्सपायरी वाले गुलाब जल को जला रहे थे। उसकी प्लास्टिक की बोतलों पर डीजल डालकर आग लगाई गई थी। एक्सपायरी दवा और प्रोडक्ट जलाने वाले वे इकलौते नहीं हैं। पिछले 4-5 महीने के दौरान जब से इस खाली मैदान की बाउंड्रीवॉल की गई है, तब से दवा बाजार के कई कारोबारी बड़े पैमाने पर एक्सपायर्ड दवाईयां, इंजेक्शन, सिरप, टेबलेट व बोरिक पाउडर तक यहां न सिर्फ फेंक रहे बल्कि जला भी रहे हैं। नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द तक की कार्रवाई ड्रग कंट्रोलर के अनुसार बताया कि नियम विरुद्ध दवाओं को नष्ट करने पर दवा दुकान का लाइसेंस निरस्त करने के साथ जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जा सकती है। रजबंधा मैदान में खुले में अगर दवाएं नष्ट की जा रही हैं तो ये बड़ी लापरवाही है। इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जिन कारोबारियों के नाम सामने आएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके साथ ही निगम को भी पत्र लिखकर उन्हें खुले में दवा फेंकने व जलाने के लिए जुर्माना वसूलने को कहा जाएगा। किसी भी बायो मेडिकल वेस्ट को नष्ट करने का ये है सही सिस्टम ड्रग कंट्रोलर केडी कुंजाम का कहना है किसी भी एक्सपायर्ड दवा या इसी तरह के प्रोडक्ट को नष्ट करने का नियम है। इसकी जानकारी सभी थोक व रिटेल मेडिकल शॉप वालों को है। दवा दुकान खाेलने की अनुमति ही नियम शर्ताें का पालन करने की सहमति के बाद दी जाती है। किसी भी एक्सपायरी दवा को नष्ट करने से पहले ड्रग विभाग को सूचित करना जरूरी है। कौन सी दवा और कब एक्सपायरी हो रही है इसका रजिस्टर मेंटेन करना नियम में है। दवा की एक्सपायरी होने की तारीख आते ही उसे बाकी दवाओं से अलग करना है ताकि गलती से भी किसी ग्राहक को न दे दी जाए। उसके बाद बायो मेडिकल वेस्ट सिस्टम से दवा नष्ट करने वालों को एक्सपायर्ड दवा का स्टॉक सौंपना है ताकि वे निर्धारित मापदंडों के अनुसार दवाओं को नष्ट करें। कुछ कंपनियां एक्सपायरी दवाएं वापस लेती हैं। ऐसी दशा में कंपनी को दवाएं वापस लौटायी जा सकती हैं। खुले में लंबे समय तक दवा जलाने से वायु प्रदूषण, बीमारियों का खतरा डॉक्टर्स का कहना है कि इस तरह खुले में लंबे समय तक दवा किसी जगह फेंकने से वहां का वातावरण के साथ जमीन व पानी भी प्रभावित होता है। इस पर दुष्प्रभाव पड़ता है। दवा व प्लास्टिक जलाने से वायु प्रदूषण होता है, इससे लोगों को सांस लेने के साथ अस्थमा व अन्य बीमारियों का खतरा बना रहता है। जमीन में लगातार दवा फेंकने से वहां की मिट्टी में इसका असर दिखाई देता है। वह भी दूषित होती है, ऐसे जगहों के आसपास बोरिंग व पानी की उपलब्धता में केमिकल मिल सकता है। इसके अलावा मवेशी के इस जगहों पर घास व फैली दवा खाने से मौत तक हो जाती है। सदस्यों को समझाएंगे, ऐसा न करें यह सरासर गलत है, मैं खुद उस जगह पर जाकर देखूंगा। वैसे भी अधिकतर दवा कपंनी एक्सपायर्ड दवाओं को खुद वापस ले लेती हैं। इन दवाओं को डिस्पोज करने का नियम होता है, इसे बायो मेडिकल वेस्ट वालों को दिया जाता है। जो ऐसे खुले में फेंकने के साथ जला रहे हैं, उन्हें चेताया जाएगा। सभी सदस्यों को इसे लेकर सूचित किया जाएगा। इसके बाद भी ऐसा कर रहे हैं तो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। - विनय कृपलानी, अध्यक्ष, रायपुर थोक दवा कारोबारी संघ