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उज्ज्वला गृह बिलासपुर का संचालक गिरफ्तार : जांच की कार्यवाही जारी

रायपुर, 22 जनवरी 2021उज्ज्वला गृह बिलासपुर के संचालक के विरुद्ध गंभीर प्रकृति की शिकायत प्राप्त होने पर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है तथा जांच की कार्यवाही जारी है। उज्ज्वला गृह बिलासपुर का संचालन एनजीओ श्री शिवमंगल शिक्षण समिति द्वारा वर्ष 2014 से किया जा रहा है। दिनांक 17 जनवरी की रात्रि में संस्था में निवासरत 3 महिलाओं एवं संस्था संचालक द्वारा एक दूसरे के विरुद्ध सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज की गई है। संस्था के 17 जनवरी को हुए घटनाक्रम की जांच संचालक महिला बाल विकास, संयुक्त संचालक महिला बाल विकास एवं सहायक संचालक महिला बाल विकास द्वारा जांच की गई है। महिलाओं द्वारा संस्था संचालक एवं संस्था के कर्मचारियों के विरुद्ध की गई शिकायत गंभीर प्रवृत्ति की होने के कारण उच्चाधिकारियों द्वारा त्वरित निर्णय लेते हुए संस्था में निवासरत शेष 7 महिलाओं को उनके परिजन एवम अन्य संस्था में स्थानांतरित किया गया है। इसके साथ ही वर्तमान में संस्था में किसी भी महिला के रहने पर रोक लगा दी गई है। उज्ज्वला गृह बिलासपुर के संबंध में विभाग को लैंगिक उत्पीड़न सम्बन्धी कोई भी शिकायत प्राप्त नही हुई है। संस्था का समय समय पर अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाता रहा है। संस्था को इस वित्तीय वर्ष में अनुदान नही दिया गया है। 17 जनवरी की रात बिलासपुर सरकंडा स्थित उज्जवला होम में विवाद होने के पश्चात थाना सरकंडा में पीड़ितों की रिपोर्ट पर उज्जवला होम के स्टाफ द्वारा जबरदस्ती वहां रखे जाने, मारपीट करने इत्यादि के आरोप पर उज्जवला होम के स्टाफ के खिलाफ अपराध क्रमांक 79/21 धारा 342, 294, 323 आईपीसी की एफआईआर दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। चार महिलाओं का आज कोर्ट में 164 का बयान दर्ज कराया गया। बयान में धारा 376 और 354 आईपीसी के कंटेंट आने पर जितेंद्र मौर्य के खिलाफ धाराएं जोड़कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। विवेचना जारी है.

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का टूटा रिकॉर्ड राज्य में अब तक 19 लाख से ज्यादा किसान बेच चुके हैं धान

रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का रिकॉर्ड आज टूट गया। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में अब तक राज्य में 84 लाख 44 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है, जो बीते वर्ष 2019-20 में क्रय किए गए 83.94 लाख मीट्रिक टन से 50 हजार मीट्रिक टन अधिक है

लालू यादव की हालत गंभीर, सांस नहीं ले पा रहे; चेस्‍ट में इन्फेक्‍शन-निमोनिया

लालू यादव की हालत गंभीर, सांस नहीं ले पा रहे; चेस्‍ट में इन्फेक्‍शन-निमोनिया राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की हालत गंभीर हो गई है। वे फिलहाल सांस नहीं ले पा रहे। उनके चेस्ट में इन्फेक्शन और निमोनिया की शिकायत है। जानकारी के मुताबिक, रांची के रिम्स अस्पताल के पेइंग वार्ड में इलाजरत चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तबीयत गुरुवार देर शाम अचानक बिगड़ गई। इसके बाद पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता भी लालू यादव की तबीयत का हाल जानने पहुंचे। रिम्स डायरेक्टर कामेश्वर प्रसाद अभी मौके पर हैं। उन्होंने लालू की हालत स्थिर बताया है। कहा कि शाम 7 बजे लालू की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद डा. उमेश प्रसाद व डा. डीके झा उनका इलाज कर रहे हैं। रिम्स निदेशक ने चेस्ट में इंफेक्शन की पुष्टि की है। लालू की हालत को लेकर एम्स के चिकित्सकों से परामर्श किया जा रहा है। रिम्स के पेइंग वार्ड में इलाजरत चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तबीयत गुरुवार देर शाम अचानक बिगड़ गई। उन्हेंं सांस लेने में अचानक परेशानी होने लगी। नर्सों ने फैरन इसकी सूचना वरीय चिकित्सकों को दी। करीब 7 बजे डा. उमेश प्रसाद पेइंग वार्ड पहुंच उनका इलाज शुरू किया। मिली जानकारी के अनुसार, उन्हें सांस लेने में अचानक परेशानी होने लगी। आनन फानन में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर आदि जांच की गई, जिसमें सभी नॉर्मल देखा गया। चेस्ट इंफेक्शन के संदेह में चेस्ट की एक्सरे भी की गई। जिसमें इंफेक्शन भी देखने को मिली है।कोरोना संक्रमण को देखते हुए तुरंत जांच के लिए सैंपल दिया गया। एंटीजेन किट से तो रिपोर्ट निगेटिव आई है लेकिन आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट आनी बाकी है। खबर लिखे जाने तक डा. उमेश प्रसाद व डा. डीके झा उनके इलाज में डटे रहे। जबकि रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक भी पेइंग वार्ड में उपस्थित रहे। रिम्स निदेशक डॉ कामेश्वर प्रसाद ने चेस्ट में इंफेक्शन की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ऐम्स नई दिल्ली के चिकित्सकों से सामंजस्य बनाया जा रहा है। एक बार ऐम्स के चेस्ट रोग विशेषज्ञ ने लालू प्रसाद का हैल्थ रिव्यू भी किया है। उनका इलाज चल रहा है।इधर, लालू प्रसाद के बिगड़ते तबीयत की सूचना पाकर सूबे के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता भी पेइंग वार्ड में उनका हाल जानने पहुंचे। करीब आधे घंटे वार्ड में रुकने के बाद वे वापस लौट गए। हालांकि पेइंग वार्ड से निकलते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने पेइंग वार्ड आने का कारण कुछ और बताया। कहा वे औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि लालू प्रसाद के बिगड़े स्वास्थ्य की उन्हें कोई जानकारी नही है। जेल के भी कई अधिकारी अस्पताल पहुंच चुके है।डॉक्टरों के मुताबिक लालू यादव को सांस लेने में अचानक परेशानी होने लगी है। आनन-फानन में तुरंत इसकी सूचना चिकित्सकों को दी गई। सूचना मिलते ही झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, रिम्स अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप और लालू प्रसाद यादव का इलाज कर रहे डॉक्टर उमेश प्रसाद उन्हें देखने पेइंग वार्ड पहुंचे।लालू प्रसाद के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के बाद बन्ना गुप्ता वापस लौट गए। डॉक्टर अभी लालू प्रसाद के इलाज में लगे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, लालू में निमोनिया के लक्षण देखे जा रहे हैं। कोरोना जांच के लिए उनका सैंपल दिया गया है। रैपिड एंटीजन टेस्ट में उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई। वहीं, आरटी पीसीआर की रिपोर्ट आनी बाकी है। मौके पर उनका एक्स-रे भी किया गया। इसमें थोड़ा-सा इन्फेक्शन भी देखने को मिला है।

BBN24 : भारत : 29 जनवरी से शुरू होगा संसद का बजट सत्र

संसद के बजट सत्र के दौरान इस बार लोक सभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल भी होंगे तथा सासंदों को बजट के सारांश और आर्थिक सर्वेक्षण की डिजिटल प्रति उपलब्ध कराई जाएगी। संसद के बजट सत्र के आयोजन के मद्देनजर लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज यहां तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। संसद के बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा जिसमें कुल 12 बैठकें होंगी जबकि अगला चरण आठ मार्च से शुरू होकर आठ अप्रैल को समाप्त होगा जिसमें कुल 21 बैठकें होंगी।

सरकार और किसानों के बीच दसवें दौर की वार्ता आज, ट्रैक्टर रैली पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

दिल्ली की सीमाओं पर तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ बीते 55 दिनों से जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार फिर आज किसान संगठनों के साथ दसवें दौर की बातचीत करेगी। सरकार इस बैठक में किसानों से गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली न करने का अनुरोध करने के साथ ही फिर से कानूनों के प्रावधान पर चर्चा का प्रस्ताव देगी। आज ही ट्रैक्टर रैली के खिलाफ दिल्ली पुलिस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई भी है।

जय हो ! कुंभ स्पेशल नाम देकर रेलवे ने तीन गुना बढ़ाया ट्रेनों का किराया .....

मिडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुंभ मेले से पहले रेलवे ने हरिद्वार से मुरादाबाद जाने वाली 18 ट्रेनों को कुंभ स्पेशल का नाम देकर दोबारा से संचालित किया है। कोरोना काल में जिन ट्रेनों में किराया सामान्य था। उन ट्रेनों का अचानक से तीन गुना किराया बढ़ा दिया है। रेलवे ने इस ट्रेनों के पुराने नंबरों के आगे सिर्फ जीरो जोड़ाकर इन्हें कुंभ स्पेशल का नाम दे दिया है।

छत्तीसगढ़ सेक्स सीडी केस : CBI के आवेदन पर सुप्रीम कोर्ट 11 फरवरी को करेगा विचार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से संबंधित कथित सेक्स सीडी मामला राज्य से बाहर स्थानांतरित करने के लिये सीबीआई की याचिका पर 11 फरवरी को विचार किया जायेगा। सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा है कि इस मामले में गवाहों को धमकाया जा रहा है और इसमें एक आरोपी, राज्य के मुख्यमंत्री, प्रभावशाली व्यक्ति हैं।

धोखा:मुंबई में शादी के नाम पर टीवी एक्ट्रेस से रेप का आरोप, भोपाल निवासी पायलट के खिलाफ केस दर्ज

मुंबई में एक टीवी एक्ट्रेस ने शादी का झांसा देकर रेप का आरोप लगाते हुए एक पायलट के खिलाफ ओशिवारा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराया है। महिला ने एक सप्ताह पहले यह शिकायत दी थी, जिस पर जांच करते हुए पुलिस ने सोमवार को FIR दर्ज की है। इस मामले में आरोपी अभी गिरफ्त से बाहर है।

Chhattisgarh : प्रदेश में 19 जनवरी तक 80.37 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी : राज्य के 18.93 लाख किसानों ने बेचा धान

खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 19 जनवरी 2021 तक 80 लाख 37 हजार 473 मीट्रिक धान की खरीदी की गई है। अब तक राज्य के 18 लाख 93 हजार 436 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचा। राज्य के मिलरों को 27 लाख 34 हजार 188 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है। जिसके विरूद्ध मिलरों द्वारा अब तक 24 लाख 40 हजार 154 मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।

खरीफ वर्ष 2020-21 में 19 जनवरी 2021 तक राज्य के बस्तर जिले में एक लाख 11 हजार 764 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। इसी प्रकार बीजापुर जिले में 53 हजार 327 मीट्रिक टन, दंतेवाड़ा जिले में 12 हजार 553 मीट्रिक टन, कांकेर जिले में 2 लाख 50 हजार 864 मीट्रिक टन, कोण्डागांव जिले में एक लाख 18 हजार 692 मीट्रिक टन, नारायणपुर जिले में 16 हजार 419 मीट्रिक टन, सुकमा जिले में 31 हजार 797 मीट्रिक टन, बिलासपुर जिले में 4 लाख 14 हजार 879 मीट्रिक टन, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 61 हजार 124 मीट्रिक टन, जांजगीर-चांपा जिले में 7 लाख 49 हजार 610 मीट्रिक टन, कोरबा जिले में एक लाख 8 हजार 18 मीट्रिक टन, मुंगेली जिले में 3 लाख 31 हजार 827 मीट्रिक टन खरीदी की गई है।

इसी तरह रायगढ़ जिले में 4 लाख 73 हजार 174 मीट्रिक टन, बालोद जिले में 4 लाख 77 हजार 531 मीट्रिक टन, बेमेतरा जिले में 5 लाख 53 हजार 288 मीट्रिक टन, दुर्ग जिले में 3 लाख 65 हजार 557 मीट्रिक टन, कवर्धा जिले में 3 लाख 75 हजार 702 मीट्रिक टन, राजनांदगांव जिले में 6 लाख 69 हजार 636 मीट्रिक टन, बलौदाबाजार जिले में 5 लाख 67 हजार 285 मीट्रिक टन, धमतरी जिले में 3 लाख 88 हजार 966 मीट्रिक टन, गरियाबंद जिले में 2 लाख 81 हजार 436 मीट्रिक टन, महासमुंद जिले में 5 लाख 87 हजार 749 मीट्रिक टन, रायपुर जिले में 4 लाख 46 हजार 75 मीट्रिक टन, बलरामपुर जिले में एक लाख 26 हजार 229 मीट्रिक टन, जशपुर जिले में 93 हजार 926 मीट्रिक टन, कोरिया जिले में 98 हजार 102 मीट्रिक टन, सरगुजा जिले में एक लाख 25 हजार 115 मीट्रिक टन और सूरजपुर जिले में एक लाख 46 हजार 425 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है।

Chhattisgarh : बंद पड़ी खदानें जल संरक्षण के स्रोतों के रूप में विकसित होंगी : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी कलेक्टरों से एक माह में कार्ययोजना बनाने को कहा

मछली-पालन, बोटिंग, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी आजीविका मूलक गतिविधियां प्रारंभ की जाएं

मनरेगा, डीएमएफ, सीएसआर, पर्यावरण एवं अधोसंरचना मद सहित विभागीय योजनाओं की ली जाए मदद

रायपुर, bbn24news, जनवरी 2021

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने सभी जिला कलेक्टरों को अपने जिलों में बंद हो चुकी खदानों को जल-संरक्षण स्रोतों के रूप में विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इन खदानों में विभिन्न रोजगारमूलक गतिविधियों के संचालन को भी कार्ययोजना में शामिल करने को कहा है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा कलेक्टरों को जारी निर्देश में कहा गया है कि जिलों में स्थित समस्त उपेक्षित खनन स्थलों का चिन्हांकन कर उन्हें जल सरंक्षण स्त्रोत में परिवर्तित करने तथा आवश्यकतानुसार अन्य गतिविधियां आरम्भ करने की कार्ययोजना एक माह के अन्दर तैयार करें। इस कार्य में होने वाले व्यय की व्यवस्था नरेगा, डीएमएफ., सीएसआर, पर्यावरण एवं अधोसरंचना मद एवं अन्य विभागीय योजनाओं में उपलब्ध आबंटन से की जा सकती है।

श्री बघेल ने कहा है कि राज्य में दशकों से कोयला, लौह अयस्क, बाक्साइट, डोलोमाइट, लाईम स्टोन, मुरूम, गिट्टी इत्यादी के खनन से इन खनिजों के अनेक भंडार समाप्त होने के कारण उन खनन स्थलों को उपेक्षित हालत में छोड़ दिया गया है। ऐसे उपेक्षित (Abandoned) खनन स्थलों में आये दिन दुर्घटनाएं हो रही है, जिनसे जान-माल का नुकसान हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने सूरजपुर जिले की केनापारा कोयला खदान का उल्लेख करते हुए कहा है कि वर्ष 1991से एसईएसएल द्वारा कोयले का भंडार समाप्त होने के कारण यहां कोयले का खनन बंद कर दिया गया था। जिला प्रशासन द्वारा एसईएसएल के सहयोग से इस उपेक्षित खनन स्थल का आवश्यक जीर्णोद्धार कर इसे जल संरक्षण के उत्कृष्ट स्त्रोत में परिवर्तित कर दिया गया। यहां बोंटिग, फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की सुविधा उपलब्ध कराने तथा मत्स्य पालन जैसी गतिविधियां आरम्भ करने से आसपास के ग्रामीणों की आय वृद्धि के नये अवसर सृजित हुये हैं।

श्री बघेल ने सभी जिला कलेक्टरों से अपेक्षा व्यक्त की है कि 01 अप्रैल 2021 के पूर्व उनके जिलों में स्थित खनन स्थलों के जीर्णोद्धार का कार्य आरम्भ किया जाये तथा वर्षा ऋतु के पूर्व कार्य पूर्ण करने का प्रयास किया जाये ताकि वर्षा ऋतु में उन स्थलों पर जल संग्रहण आरम्भ हो सके।

छत्तीसगढ़ में कोविड-19 टीकाकरण की शुरूआत 16 जनवरी से: सभी तैयारियां पूर्ण

प्रभारी मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने आज मंत्रालय महानदी भवन में स्टेट स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में प्रदेश में कोविड-19 टीकाकरण की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में प्रभारी मुख्य सचिव श्री साहू ने कहा कि 16 जनवरी को कोविड-19 वेक्सीनेशन प्रोग्राम की लॉन्चिंग के बाद छत्तीसगढ़ में भी टीकाकरण की शुरूआत की जाएगी। मुुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार टीकाकरण की सभी तैयारियां प्रदेश में पूरी कर ली गई हैं। हेल्थ केयर वर्क्स को सबसे पहले टीके लगाए जाएंगे। छत्तीसगढ़ में कोविड-19 टीकाकरण लॉन्च के लिए 99 वेक्सीनेशन साइट निर्धारित किए गए हैं। 16 जनवरी को टीकाकरण लॉन्चिंग दिवस पर भारत सरकार के साथ टू-वे-इन्टरेक्शन के लिए मेडिकल कॉलेज रायपुर और महारानी अस्पताल बस्तर को चिन्हित किया गया है।

बैठक में प्रभारी मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू ने अधिकारियों को मेडिकल प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षित टीकाकरण अभियान का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनजागरूकता के लिए सभी विभागों के समन्वय से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने बैठक में बताया कि छत्तीसगढ़ को कोविशील्ड वेक्सीन की 3 लाख 32 हजार डोज मिली है। इनमें से प्रथम डोज के लिए वेक्सीन बुधवार 13 जनवरी को प्रदेश के 18 जिलों में भेज दिए गए हैं तथा शेष जिलों को आज भेजे जा रहे हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकॉल के अनुसार प्रदेश के जिलों में टीकों के वितरण, परिवहन और भण्डारण की स्थिति की समीक्षा की। श्री साहू ने कहा कि कोविड-19 वेक्सीन की दूसरी डोज जिलों को 28 दिनों बाद भेजी जाएगी। टीकाकरण के लिए चिन्हित हर व्यक्ति को टीके की दो डोज लगाई जाएगी। प्रभारी मुख्य सचिव ने कहा कि दूसरी डोज के लिए भी वेक्सीन का पर्याप्त स्टाक रखना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में बताया गया कि टीकाकरण के लिए 2 लाख 67 हजार 399 हेल्थ केयर वर्करों के डाटा कोविन पोर्टल में एन्ट्री किए जा चुके हैं। इन्हें प्रथम चरण में टीके लगाए जाएंगे। इस पोर्टल पर फ्रंट लाइन वर्कर्स के डाटा की एन्ट्री संबंधित विभागों द्वारा की जा रही है। टीकाकरण से संबंधित कार्याें में बेहतर समन्वय के लिए स्टेट टास्क फोर्स की बैठक हर 15 दिन में तथा कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स, एसडीएम की अध्यक्षता में ब्लॉक स्तरीय टास्क फोर्स और कमिश्नर नगर निगम की अध्यक्षता में शहरी क्षेत्र के लिए गठित टास्क फोर्स की बैठक हर सप्ताह आयोजित कर सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

बैठक में बताया गया कि वेक्सीन के परिवहन और कोल्डचेन को मेंटेन करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पूरे कर लिए गए हैं। कोविड वेक्सीनेशन के लिए 1349 सेसन साइट्स और 7116 वेक्सीनेटर चिन्हित कर लिए गए हैं। अभी तक 13 हजार 516 लोगों की पहचान टीकाकरण टीम के लिए की गई है और इन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टीकाकरण के बाद किसी भी तरह की प्रतिकूल घटना या आपात स्थित के प्रबंधन के लिए राज्य स्तर से लेकर टीकाकरण स्थलों तक एईएफआई ‘‘एडवर्स इवेंट फालोईंग इम्युनाइजेशन‘‘ प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। सभी टीकाकरण केन्द्रों को नजदीकी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से जोड़ा गया है। प्रभारी मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कोविड-19 टीकाकरण के संबंध में विभिन्न समुदायों के साथ बैठकें आयोजित कर, विशेष ग्राम सभाएं आयोजित कर और प्रचार सामग्री का उपयोग कर जागरूकता अभियान चलाया जाए। स्व-सहायता समूहों को भी इस अभियान में शामिल किया जाए। जनजागरूकता के लिए स्थानीय स्तर पर लघु नाटक, नुक्कड़ नाटक, कम्युनिटी रेडियो का उपयोग किया जाए और जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए। टीव्ही चैनल, एफएम रेडियो, दीवार लेखन, प्रेस विज्ञप्ति, कलाजत्था तथा जिलों में प्रदर्शनी लगाकर प्रचार अभियान चलाया जाए। प्रभारी सचिव ने टीकाकरण केन्द्रों और वेक्सीन स्टोरेज के स्थलों पर नियमित विद्युत प्रदाय, टीकाकरण केन्द्रों में पेयजल की व्यवस्था, टीकाकरण केन्द्रों में व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस बल, होमगार्ड के जवानों, एनसीसी और एनएसएस के विद्यार्थियों का सहयोग लेने के निर्देश दिए।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री आर. प्रसन्ना, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, खाद्य विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, राजस्व विभाग की सचिव सुश्री रीता शांडिल्य, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री आशीष भट्ट, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

देश के निवेशकों के लिए अनुकूल राज्यों की सूची में छत्तीसगढ़ टॉप 10 में शामिल तीसरी तिमाही में विनिर्माण के क्षेत्र में 10228 करोड़ का मिला निजी निवेश

रायपुर, जनवरी 2021 वैश्विक महामारी और आर्थिक मंदी के दौर में छत्तीसगढ़ देश में टॉप 10 सर्वाधिक निजी निवेश प्राप्त करने वाला राज्य बन गया है। प्रोजेक्ट टुडे की ताजा जारी रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में अक्तूबर से दिसम्बर 2020 के बीच छत्तीसगढ़ को विनिर्माण के लिए 10228 करोड़ के निजी निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वहीं मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पिछले दो सालों में 104 एमओयू हुए हैं। इनके माध्यम से प्रदेश में 42 हजार 714 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश प्रस्तावित है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ निवेशकों के लिए सर्वाधिक अनुकूल प्रदेश के रूप में उभरा है। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ में नई सरकार के गठन के बाद नई औद्योगिक नीति लागू की गयी है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा नई सहूलियत और रियायतें देकर निवेशकों के अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। इस नई उद्योग नीति में पिछड़े क्षेत्रों के विकास पर बल, कृषि आधारित उद्योगों को विशेष प्राथमिकता तथा औद्योगिक विकास के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आबंटन की दरों में 30 प्रतिशत की कमी की गई है। वहीं, परम्परागत कोर सेक्टर के अलावा रोबोटिक्स, आर्टिफिशयल इंटेलिजेन्स को बढ़ावा देने के लिए इसे प्राथमिकता श्रेणी में शामिल किया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने समावेशी विकास, आत्मनिर्भर और परिपक्व अर्थव्यवस्था वाले नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का लक्ष्य रखा है, जिसके क्रियान्वयन के रूप में कई नई योजनाओं और परियोजनाओं की शुरुआत की है। यही वजह है कि इस आर्थिक मंदी के दौर में भी विनिर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सबसे अधिक निवेश प्राप्त करने के मामले में राज्यों की सूची में टॉप 10 में शामिल है। वित्तीय वर्ष के तीसरी तिमाही में छत्तीसगढ़ को प्रोजेक्ट के लिए कुल 10228 करोड़ का निजी निवेश प्राप्त हुआ है। देश के एक प्रतिष्ठित अँग्रेजी अखबार में प्रोजेक्ट टुडे की रिपोर्ट पर खबर प्रकाशित की गयी है। जिसमें बताया गया है कि देश में तीसरी तिमाही के विनिर्माण में निजी निवेश प्रस्ताव में 102 फीसदी की वृद्धि हुई है। पहली तिमाही में जहां सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव तमिलनाडु को मिले थे, वहीं, दूसरी तिमाही में छत्तीसगढ़ ने तमिलनाडु को पीछे छोड़ते हुए सर्वाधिक निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए। वहीं, तीसरी तिमाही में भी छत्तीसगढ़ विनिर्माण के क्षेत्र में निजी निवेश प्राप्त करने वाले टॉप दस राज्यों की सूची में शामिल है। ज्ञात हो कि प्रोजेक्ट्स टुडे भारत का सबसे बड़ा डेटाबैंक है जिसमें भारत भर के सभी क्षेत्रों की नई और चल रही परियोजनाओं की अद्यतन जानकारी इकठ्ठा की जाती है।

लापरवाही : खनिज विभाग ने बिना पंचायत के प्रस्ताव देखे दी मुरुम निकालने अनुमति

जांजगीर चम्पा।सुबोध थवाईत:-

जांजगीर ।।अकलतरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम कोटमी सोनार के बिछिया तलाब में रेलवे ठेकेदार ने खनिज विभाग की आँख में धूल झोंकर दो वर्ष पूर्व हुए प्रस्ताव दिखाकर बिछिया तलाब से मुरुम निकाल रहा है जबकि कोटमी सोनार के वर्तमान सरपंच से ठेकेदार ने किसी प्रकार की कोई अनुमति नही लिया है।गांव के तलाब में अवैध प्रस्ताव दिखाकर लगातार मुरुम की खोदाई की जा रही है। वही पंचो ने ठेकेदार से पंचायत प्रस्ताव की कापी मांगे तो ठेकेदार इधर उधर करने लगे और दो वर्ष पूर्व लिए अनुमति की कापी दिखाके दस्तावेज देखे तो पूर्व सरपंच के कार्यकाल की अनुमति मिली।जो पूरी तरह से अमान्य है।इसकी सूचना उन्होंने सरपंच को दी जिससे सरपंच ने बताया कि मेरे कार्यकाल में किसी तालाब को खोदाई करने का अनुमति नही दी गई है। रेलवे ठेकेदार द्वारा लगातार मुरुम खनन किया जा रहा है। बिना रायल्टी पर्ची के सेकड़ो हाइवा मुरुम निकालकर पास के गांव कल्याणपुर डम्प किया जा रहा है। ठेकेदार खनिज विभाग के घुसघोर अधिकारी से मिलीभगत कर गांव के निस्तारी तालाब को खराब कर रहा है।ग्रामवाशी सुनील कुमार ने बताया कि बिछिया तलाब से प्रतिदिन सुबह 8 बजे से रात 10 बजे मुरुम की गाडी चलती है जिससे रास्ते में आवागमन करने साथ गली मोहल्ले के बच्चे खेलते रहते है दुर्घटना की आशंका बनी रहती है । अवैध तरीके से ठेकेदार मुरुम निकाल रहा है।

खनिज विभाग दो वर्ष पूर्व के प्रस्ताव को बिना देखे रायल्टी जारी करने की बात कह रहे है ।वर्तमान सरपंच ने कीसी प्रकार की कोई अनुमति नही दी है।जिला प्रशासन से तत्काल मुरुम खनन पर रोक लगाने की मांग ग्रामवशियो ने किये है।

गांव के बिछिया तालाब से किसी ठेकेदार को मुरुम निकलने की कोई अनुमति नही दी गई है ना ही प्रस्ताव हुआ है।ठेकेदार पुराने दो वर्ष पूर्व के प्रस्ताव होने की बात कहकर जबरन मुरुम खनन कर रहा है।

वर्जन

रामीन बलराम सिंह नेताम

सरपंच ग्राम पंचायत कोटमी सोनार

रायपुर : मुख्यमंत्री ने डीआरजी पुलिस बल से मुलाकात कर की हौसला अफजाई

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान शनिवार को डीआरजी पुलिस बल के जवानों से मुलाकात कर उन्हें नववर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उनका कुशलक्षेम पूछा तथा अच्छा काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उनकी हौसला आफजाई की। श्री बघेल ने पुलिस बल को नक्सल समस्या खत्म करने, नवयुवकों को मुख्यधारा में लाने, शिविर लगाकर ग्रामीणों को समझाईश देने, सहित अन्य विषयों पर चर्चा की। जिले के पुलिस अधीक्षक श्री मोहित गर्ग ने पुलिस बल द्वारा किये जा रहे कार्यो, उपलब्धियों एवं नक्सल उन्मूलन अभियान आदि के संबंधित संक्षिप्त उद्बोधन भी दिया गया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, राज्य सभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम, बस्तर सांसद श्री दीपक बैज, विधायक नारायणपुर एवं छ.ग. हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री चन्दन कश्यप, अंतागढ़ विधायक श्री अनूप नाग, कमिश्नर बस्तर संभाग श्री जी.आर. चुरेन्द्र, आईजी (इंटेलीजेंस) श्री आनंद छाबड़ा, बस्तर आईजी श्री पी सुंदरराजन, कलेक्टर श्री धर्मेश कुमार साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री राहुल देव, जिला पुलिस बल, जिला महिला पलिस बल, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, आईटीबीपी, बीएसएफ सहित जिले के अन्य सुरक्षा बल भी उपस्थित थे।

आज मुख्यमंत्री बीजापुर जिलेवासियों को देंगे 328 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज 10 जनवरी को बीजापुर प्रवास के दौरान जिलेवासियों को 328 करोड़ रूपये लागत के विकास कार्यों की सौगात देंगे। जिसमें 241 करोड़ 75 लाख रूपये लागत के 72 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 86 करोड़ 74 लाख रूपये लागत के 54 विकास कार्यों का लोकार्पण सम्मिलित है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री बघेल बीजापुर में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल का लोकार्पण करेंगे, वे वहीं महादेव तालाब सहित लोहा डोंगरी पार्क एवं शहरी गौठान बीजापुर का अवलोकन करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों, समाज प्रमुखों, जनप्रतिनिधियों तथा युवाओं से भेंट कर चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री द्वारा दूरस्थ अबुझमाड़ ईलाके के गांवों को जोड़ने के लिए 37 करोड़ 92 लाख रूपए बेदरे-लंका मार्ग पर इन्द्रावती नदी में उच्च स्तरीय पुल निर्माण सहित पिनकोण्डा तालनार मार्ग में मरी नदी पर 11 करोड़ रूपए की लागत से पुल निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा। इसके साथ ही कोएनार-एरमनार से तोयनार सड़क निर्माण, 5 करोड़ 96 लाख की लागत से टिकलेर से रेड्डी सीमंेंट कांक्रीट सड़क निर्माण, 34 करोड़ 13 लाख रूपए की लागत से 15 ग्रामीण सड़कों का निर्माण, 37 करोड़ 9 लाख रूपये की लागत से भोपालपटनम-तारलागुड़ा डामरीकृत सड़क निर्माण कार्य, 1 करोड़ 75 लाख रूपये की लागत से गुड़साकाल स्टापडेम निर्माण, 1 करोड़ 64 लाख रूपये की लागत से मोदकपाल एनीकट निर्माण 2 करोड़ 51 लाख रूपये की लागत से मूसालूर में 3.15 एमव्हीए 33/11 केव्ही विद्युत उपकेन्द्र निर्माण कार्य का भी भूमिपूजन करेंगे। श्री भूपेश बघेल द्वारा लोकार्पण किये जाने वाले प्रमुख विकास कार्यों में मुख्यमंत्री मंजरा-टोला विद्युतीकरण योजनातंर्गत 15 करोड़ 96 लाख रूपए की लागत से 72 ग्रामों के 160 बसाहटों में विद्युतीकरण कर 3859 परिवारों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन प्रदाय, 1 करोड़ 6 लाख रूपए की लागत से बीजापुर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल उन्नयन सहित बीजापुर, भैरमगढ़ एवं भोपालपटनम ब्लाक में 15 करोड़ 64 लाख रूपये की लागत से अधिकारी-कर्मचारी आवास निर्माण, 2 करोड़ 59 लाख रूपये की लागत से 36 पुलिया निर्माण, 2 करोड़ 47 लाख रूपये की लागत से धान खरीदी केन्द्रों में चबूतरा निर्माण, 1 करोड़ 35 लाख रूपये की लागत से मद्देड़ में तेन्दूपत्ता गोदाम निर्माण, 2 करोड़ 8 लाख रूपये की लागत से भोपालपटनम में आईटीआई भवन निर्माण, 14 करोड़ 71 लाख रूपये की लागत से कुटरू-बेदरे डामरीकृत सड़क, एक करोड़ 68 लाख रूपये की लागत से चेरपल्ली-यापला सड़क निर्माण इत्यादि कार्य शामिल हैं।