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राजस्थान के कोटा से छत्तीसगढ़ वापसी के लिए छात्रों की रवानगी शुरू संकट की घड़ी में घर वापसी के लिए छात्रों ने मुख्यमंत्री का व्यक्त किया आभार

रायपुर, 26 अप्रैल 2020/ मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के निर्देष पर राजस्थान के कोटा में कोचिंग संस्थानों में छत्तीसगढ़ के अध्ययन छात्र-छात्राओं को वापस लाने के लिए भेजी गई बसे कोटा पहुंच चुकी है। कोटा में चिकित्सकों और अधिकारियों की टीम द्वारा इन बच्चों की स्क्रीनिंग कर वापसी के लिए बसों में बैठाया जा रहा है।

छात्र-छात्राओं ने महामारी के इस संकट में छत्तीसगढ़ घर वापसी के लिए मुख्यमंत्री  भूपेष बघेल की पहल और इस व्यवस्था में शामिल पुलिस, चिकित्सा, परिवहन विभाग और प्रषासनिक अधिकारियों के साथ-साथ सभी बस चालक और परिचालको का आभार व्यक्त किया है। छात्र-छात्रओं ने कहा है कि उनकी घर वापसी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने जो व्यवस्था की है वह सराहनीय है। इन छात्र-छात्राओं ने बसों के पहुचने तथा चिकित्सा टीम और पुलिस के जवानों का ‘‘छत्तीसगढिया सबले बढ़िया‘‘ हर्ष ध्वनि कर स्वागत किया। मुख्यमंत्री  भूपेष बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ के बच्चों की घर वापसी के लिए की गई पहल से छात्र-छात्राओं की मायूसी दूर हो गई है। भयंकर महामारी के इस संकट में दूर प्रदेष में  अपने राज्य के अधिकारी-कर्मचारियों को अपने बीच पाक छात्रों के चहरों पर खुषी लौट आयी है।

छत्तीसगढ़ के छात्र-छात्राओं को लाने के लिए भेजी गई चिकित्सा टीम ने फिजीकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बच्चों की चिकित्सीय जांच की और संभाग वार तय की गई बसों में उन्हें लाने के लिए बैठने की व्यवस्था की जा रही है।  
 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री   भूपेश बघेल के निर्देष पर 24 अप्रैल की शाम राजधानी रायपुर से राजस्थान के कोटा में लाॅकडाउन के दौरान फंसे छात्र-छात्राओं को लाने कुल 97 बसों को रवाना किया गया। इसमें 95 बस छात्रों को लाने के लिए तथा 2 बसों में डाॅक्टर और चिकित्सा दल के सदस्य गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छात्र-छात्राओं के लिए भोजन सहित आवश्यक व्यवस्थाओं का भी ध्यान ने और छात्रों को रास्ते में किसी तरह की परेशानी न हो। राजस्थान के कोटा से छत्तीसगढ पहंुचने पर इन बच्चों को क्वारेंटाईन पर रखा जाएगा। उन्हें सीधे घर जाने की अनुमति नही होगी।

कोटा में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को वापस छत्तीसगढ़ लाने के लिए बस्तर संभाग के लिए 06, सरगुजा संभाग के लिए 24, रायपुर संभाग के लिए 16, दुर्ग संभाग के लिए 14, बिलासपुर संभाग के लिए 28 बसों की व्यवस्था की गई है।

बड़ी खबर : राम वन गमन पथ विकसित करने के काम में लाएं तेजी : भूपेश बघेल

 

मुख्यमंत्री ने की राम वन गमन पथ के लिए तैयार काॅन्सेप्ट प्लान की समीक्षा 

व्यावसायिक दृष्टिकोण से पर्यटन को दिया जाए बढ़ावा

पर्यटन से स्थानीय लोगों को मिले रोजगार 

राम वन गमन पथ के सभी स्थलों में कराया जाए सघन वृक्षारोपण 

सभी स्थलों के सौंदर्यीकरण के कामों में हो एकरूपता 

 

सप्त ऋषि आश्रम, राजिम के लोमश ऋषि आश्रम में यज्ञशाला, योगा और मेडिटेशन सेंटर, प्रवचन केन्द्र बनाए जाएंगे 

 लोमश ऋषि आश्रम के समीप एक धर्मशाला के निर्माण के निर्देश 

स्थलों पर पर्यटकों के ठहरने का भी होगा इंतजाम

सिरपुर को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में किया जाए विकसित

रायपुर 26 अप्रैल 2020/ मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने राम वन गमन पथ निर्माण और उन्नयन के कार्य में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में राम वन गमन पथ के निर्माण और उन्नयन के लिए तैयार किए गए कांसेप्ट प्लान की समीक्षा की। राम वन गमन पथ के चिन्हित 51 स्थानों में से प्रथम चरण में 9 स्थानों सीतामढ़ी-हर चैका, रामगढ़, शिवरीनारायण तुरतुरिया, चंदखुरी, राजिम, सिहावा सप्त ऋषि आश्रम, जगदलपुर और रामाराम को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राम वन गमन पथ के स्थलों में व्यवसायिक दृष्टिकोण से पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएं, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अच्छे अवसर प्राप्त हो सके।

बैठक में गृह एवं पर्यटन मंत्री  ताम्रध्वज साहू, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे, वन मंत्री  मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डाॅ. शिवकुमार डहरिया, मुख्य सचिव आर.पी. मण्डल, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुुुख सचिव  मनोज कुमार पिंगुआ और पर्यटन विभाग के सचिव अंबलगन पी. सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों में पर्यटकों के ठहरने की सुविधा नहीं होने की वजह से पर्यटन क्षेत्र का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है और स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा है। यदि पर्यटकों को ठहरने एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी तो यहां पर्यटन सहित आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा श्री राम वन गमन पथ में शामिल स्थलों में जहां पक्के स्ट्रक्चर नहीं हैं, वहां पीपीपी मॉडल पर टेंट की व्यवस्था की जानी चाहिए। सभी स्थलों पर सघन वृक्षारोपण किया जाए। उन्होंने राम वन गमन पथ के वास्तविक रुट के चिन्हांकन का निर्देश देते, हुए इस मार्ग पर भी सघन वृक्षारोपण के निर्देश दिए। 
श्री बघेल ने सप्त ऋषि आश्रम, राजिम के लोमश ऋषि आश्रम में यज्ञशाला, योगा और मेडिटेशन सेंटर व प्रवचन केन्द्र विकसित करने तथा लोमश ऋषि आश्रम के समीप एक धर्मशाला के निर्माण के निर्देश भी दिए। भूपेश बघेल ने कहा कि कांसेप्ट प्लान के अनुसार पर्यटन विभाग, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग, जल संसाधन विभाग को कार्यों की जिम्मेदारी देकर योजना तैयार कराई जाए और संबंधित जिला कलेक्टर के समन्वय में कार्य कराए जाएं। मुख्यमंत्री ने इन स्थलों के विकास के लिए तत्काल कार्य शुरू करने के निर्देश बैठक में दिए। 
उल्लेखनीय है कि राम वन गमन पथ के उन्नयन के लिए सर्वे के लिए अंतर विभागीय दल का गठन किया गया है, इस दल ने और मुख्य सचिव  आर.पी. मंडल के नेतृत्व में पर्यटन सचिव  अंबलगन पी., प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राजेश चतुर्वेदी और संबंधित जिलों के कलेक्टरों द्वारा राम वन गमन पथ के स्थलों का सर्वे कर कंसेप्ट प्लान तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने राम वन गमन पथ में विकसित किए जा रहे स्थलों के सौंदर्यीकरण के दौरान सभी स्थलों में कराए जाने वाले कार्यो में एकरूपता रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थलों के आसपास दुकानों को व्यवस्थित करने और उन्हें कुटिया के स्वरूप में  विकसित कराने के निर्देश दिए। जहां नदी है वहां रिवर फ्रंट विकसित करने और तुरतुरिया आश्रम को इको टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। 
मुख्यमंत्री ने राम वन गमन पथ के स्थलों में बनाए जाने वाले प्रवेश द्वार, इंटरप्रिटेशन सेंटर, कैफिटेरिया, दुकानों में एक रूपता रखने और जगह-जगह पर्यटकों को जानकारी देने के लिए साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। इस स्थलों पर बनाए जाने वाले इंटरप्रिटेशन सेंटर में उस स्थल विशेष के राम कथा से संबंध को भी दर्शाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राम वन गमन पथ के लिए प्रतीक चिन्ह (लोगो) तैयार किया जाए जो इसके लिए ब्रांडिंग का काम करेगा। श्री बघेल ने कहा कि पर्यटन विभाग द्वारा लोकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाने चाहिए। 
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरपुर छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, इसे तैयार किए गए डीपीआर के अनुसार विकसित किया जाए, संबंधित विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारी देकर कार्य कराया जाए। उन्होंने कहा कि सिरपुर को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन के एक अच्छे केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने पर्यटन विभाग की वेबसाइट में पर्यटन विभाग के होटल और मोटल के साथ स्थानीय निजी होटल की जानकारी प्रदर्शित करने और गाइड के कांटेक्ट नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।

कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बिलासपुर जिले में सप्ताह में दो दिन बुधवार और रविवार को पूर्ण लॉक डाउन लगाने का निर्णय , रविवार को जिले भर में देखने को मिला पूर्ण लॉक डाउन

अजीत मिश्रा : बिलासपुर/ छत्तीसगढ़

कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बिलासपुर जिले में सप्ताह में दो दिन बुधवार और रविवार को पूर्ण लॉक डाउन लगाने का निर्णय लिया गया है। जिसके तहत आज बिलासपुर जिले भर में पूर्ण लॉक डाउन लागू किया गया है।लॉक डाउन के दौरान मेडिकल शॉप और मिल्क पार्लर के अलावा सभी दुकाने बंद रहेगी।

लॉक डाउन को प्रभावी तरीके से लागू कराने के लिए बिलासपुर पुलिस आज सुबह से गस्ती कर रही है। साथ ही साथ लाउड सपीकर के माध्यम से लोगों से अपील कर रही है कि वह बिना वजह से अपने घरों से बाहर नही निकले और इस लॉक डाउन को प्रभावी तरीके से से सफल बनाने में प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन के इस प्रयास को जनता का भी भरपूर सहयोग मिला  और आज सुबह से ही सड़को में सन्नाटा पसरा हुआ नजर आया।

दुकानों के खुलने के संबंध में जिला दण्डाधिकारी ने जारी किया क्लेरिफिकेशन


धमतरी, 26 अप्रैल 2020

कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए पूर्व में जारी आदेश एवं शासन से प्राप्त निर्देशानुसार निम्नानुसार प्रतिष्ठानों को छूट दी गई है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के द्वारा इस संबंध में क्लेरिफिकेशन जारी किया गया है, इसके तहत राशन दुकान, खाद्य पदार्थ, किराना दुकान (जिसमें साबुन, हाथ धोने का सामान, बाॅडीवाॅश सैनिटाइजर, वाॅशिंग पावडर, टूथ पेस्ट, बैटरी सेल, चार्जर, शैम्पू, टिशू पेपर, सैनिटरी नैपकिन एवं पैड इत्यादि) सम्मिलित हैं। इसी तरह फल एवं सब्जी, दूध एवं दुग्ध उत्पाद के बूथ, दुग्ध संग्रहण एवं पैकेजिंग से लेकर वितरण तक, मीट एवं मछली, जानवरों के चारे से संबंधित दुकानें, उर्वरक बीज एवं कीटनाशक की दुकानें, कोल्ड स्टोरेज एवं भण्डारगृह सेवाएं, कृषि, मशीनरी से संबंधित कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि मशीनरी विक्रय व इससे संबंधित स्पेयर पाट्र्स एवं मरम्मत की दुकानें एवं हाईवे में स्थित पेट्रोल पम्प के समीप ट्रक रिपेयर की दुकानें, छात्रों के लिए शैक्षणिक किताबों की दुकानें, बिजली के पंखे की दुकानें दिन में प्रातः सात बजे से दोपहर एक बजे तक खुली रहेंगी।

उपरोक्त के अतिरिक्त नगरीय क्षेत्र की सीमा के बाहर ऐसी सभी दुकानें जो शाॅप एवं गोमास्ता एक्ट के अंतर्गत पंजीकृत हैं (किन्तु धूम्रपान की सामग्री युक्त पान ठेले नहीं) एवं जो कि आवासीय काॅम्प्लेक्स में तथा बाजार में हैं परन्तु एकल ब्राॅड तथा मल्टी ब्राॅड माॅल नहीं हो, वे भी संचालित होंगी, परन्तु इसमें मजदूरों की संख्या आधी ही रहेंगी। अर्थात् पूर्व में कार्यरत मजदूरों का 50 प्रतिशत ही कार्यरत रहेंगे, जो कि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे। सभी दुकानें जिनमें आस-पड़ोस की दुकानें, एकल व स्वचालित दुकानें एवं आवासीय काॅम्प्लेक्स में चलित दुकानें सम्मिलित हों एवं नगरीय क्षेत्र की सीमा के भीतर आते हों, वे दुकान भी संचालन के लिए केवल आधे मजदूरों से ही कार्य कराया जा सकेगा। इसमें भी समय-सीमा प्रातः सात से दोपहर एक बजे तक ही रहेगी। पेट्रोल पम्प, शासकीय उचित मूल्य की दुकानें तथा मेडिकल स्टोर्स के लिए समय-सीमा नहीं रहेंगी। इस संबंध में किसी प्रकार की भ्रांति या संशय हो तो जिला कार्यालय के दूरभाष नंबर 07722-232249 पर शिकायत पंजीकृत कराया जा सकता है, जिसका निराकरण कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा दो दिनों के भीतर कर दिया जाएगा।

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पंचायत दिवस के दिन युवा सरपंच की मौत..नेता प्रतिपक्ष ने दी तीखी प्रतिक्रिया..युवा सरपंच आशीष चंद्राकर की मौत सरकार की विफलता-कौशिक...देखे विडियों

अजीत मिश्रा : बिलासपुर/ छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में युवा सरपंच की मौत के बाद नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार को घेरा है। धरमलाल कौशिक ने मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले में न्यायिक जांच की मांग की है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने अपनी ओर से एक जांच समिति पहले ही तैयार कर ली है।। जल्द ही बीजेपी कि यह जांच समिति रिपोर्ट तैयार कर पार्टी को देने वाली है। 

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जहां रहते हैं  वही पंचायत दिवस के दिन ही युवा सरपंच की मौत  मौत हो जाती है..! युवा सरपंच का नाम आशीष चंद्राकर है और अब इस मामले पर राजनीतिक बयान बाजी तूल पकड़ने लगी है।  इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल  कौशिक ने राज्य सरकार और सीधे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर हमला करते हुए,  इसे सरकार की विफलता से जोड़ कर देखा है । इनकी मानें तो पंचायत दिवस के दिन ही छत्तीसगढ़ में किसी युवा सरपंच की मौत यह साबित करती है कि यहां जमीनी हकीकत क्या है।इतना ही नहीं नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 सदस्यों की एक जांच समिति बनाई है, जो जल्द ही इस मामले की जांच रिपोर्ट पार्टी को देगी। वही जल्द से जल्द इस मामले की न्यायिक जांच भी होनी चाहिए।।

जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरो को लापरवाही से युवक की हुई मौत.

मनेंद्रगढ़ विधायक की पहल पर जिम्मेदार डॉक्टरो को कलेक्टर कोरिया ने जारी किया सो काश नोटिस. 

मृतक के परिवार को इस दुःख की घड़ी में डॉक्टर विनय ने अपने स्वेक्षा नुदान से 15 हजार की दी सहायता राशि.

मौके पर पहुच परिवार को विधायक ने दी सान्तवना.

कोरिया /  जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर में इलाज के अभाव में एक युवक की मौत हो गई। मृत युवक के परिजन ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। युवक की मौत की खबर मिलने पर स्थानीय विधायक श्रीमती अंबिका सिंहदेव ने जिला अस्पताल पहुंचकर हालात का जायजा लिया।

मिली जानकारी के अनुसार जिले के मनेंद्रगढ़ वार्ड क्रमांक 14 निवासी पवन कुंभकार की शुक्रवार की शाम अचानक तबीयत खराब हो गई। जिसे लेकर पवन के बड़े भाई संतोष घर के समीप ही स्थित खान नर्सिंग होम पहुंचे। जहां नर्सिंग होम के संचालक ने युवक का इलाज करने से इंकार कर दिया। जिसके बाद परिजन उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेंद्रगढ़ पहुंचे। जहां युवक की हालत खराब होने पर डॉक्टर एसएन गुप्ता ने प्राथमिक इलाज कर उसे जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर रेफर कर दिया। लाकडाउन के बीच किसी तरह युवक के परिजन उसे लेकर रात्रि लगभग 10:00 बजे जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर पहुंचे। जहां उपस्थित मेडिकल स्टाफ ने उसे भर्ती कर लिया भर्ती किए जाने के बाद युवक को देखने के लिए मौके पर कोई डॉक्टर उपस्थित नहीं थे। जिला चिकित्सालय से ही मरीज के परिजन व मेडिकल स्टाफ डॉक्टर्स को फोन किया किंतु किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। रात्रि लगभग 11:00 बजे मरीज के भतीजे हर्ष कुमार ने अस्पताल अधीक्षक सिविल सह सिविल सर्जन डॉक्टर सुनील गुप्ता के शासकीय निवास पर जाकर उन्हें आवाज दी। किंतु वे काफी देर तक बाहर नहीं निकले हो हल्ला मचने पर डॉक्टर सुनील गुप्ता बाहर आये और उन्होंने पर्ची पर दवाई लिखकर गेट के बाहर से ही हर्ष को रवाना कर दिया। और सख्त हिदायत देते हुए कहा कि दोबारा रात में यह मत आना। इसी बीच अस्पताल में भर्ती युवक की हालत खराब होती चली गई और अंततः उसने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया।

इस संबंध में मृतक युवक पवन के बड़े भाई संतोष कुंभकार ने बताया कि रात्रि में भरतपुर सोनहत विधायक गुलाब कमरों का भी फोन बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों के पास आया था, किंतु किसी ने भी रिस्पांस नहीं दिया और ना ही उनके भाई का इलाज किया। संतोष कुम्भकार ने घटना से आहत होकर मामले की जांच व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शनिवार की सुबह मनेंद्रगढ़ नगरपालिका के उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी ने पूरे मामले की जानकारी बैकुंठपुर विधायक श्रीमती अंबिका सिंह देव को दी। जिसके बाद वे तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंची तथा पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने जब अस्पताल अधीक्षक सह सिविल सर्जन डॉक्टर सुनील गुप्ता को मौके पर तलब किया और पूछताछ की डॉक्टर सुनील गुप्ता ने अपनी लापरवाही छुपाते हुये अन्य डॉक्टर्स पर इसका दोष मढ़ दिया और बताया कि जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टरों द्वारा उनका सहयोग नहीं किया जाता जिसके कारण आए दिन ऐसी स्थिति बन रही हैं। वे सभी को समझा कर थक गए हैं अब उनके सामने इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। जिसके बाद अंबिका सिंह देव ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए अस्पताल प्रबंधन को व्यवस्था में सुधार किए जाने के सख्त निर्देश दिए और कहा कि स्थानीय स्तर पर सहयोग के लिए वे तैयार हैं प्रदेश स्तर पर यदि उन्हें सहयोग चाहिए इस संबंध में लिखित में दें जिससे स्वास्थ्य मंत्री सहित विभागीय अमले से बात कर व्यवस्था में सुधार लाने ई दिशा में ठोस पहल करेंगी। मामले की विस्तृत जानकारी लेने के बाद उन्होंने आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कराकर मृतक के शव के साथ परिजन को मनेन्द्रगढ़ भिजवाने की व्यवस्था की। इस संबंध में जब मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल ने जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रामेश्वर शर्मा को जानकारी बाबत कॉल किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। वहीं मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉक्टर विनय जायसवाल और नगरपालिका के उपाध्यक्ष कृष्ण मुरारी तिवारी ने पूरे घटनाक्रम से प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव को अवगत कराया, जिस पर उन्होंने जांच व कार्रवाई का भरोसा दिया है। विदित हो कि जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर में इलाज में लापरवाही किए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। आए दिन लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही इसके बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस दिशा में प्रयासरत है लेकिन नतीजा आज भी सिफर है।विभागीय सूत्रों के मानें तो जिला चिकित्सालय में सिविल सर्जन व सीएमएचओ के अलग-अलग गुट बन गए है तथा डॉक्टर के बीच गुटबाजी हावी है। जिसका खामियाजा अक्सर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।।

छतीसगढ़ : मुख्यमंत्री ने एम्स के डायरेक्टर से टेलीफोन पर की चर्चा : कोरोना संक्रमित नर्सिंग आफिसर के स्वास्थ्य की ली जानकारी

रायपुर 25 अप्रैल 2020

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज एम्स के डारेक्टर श्री एन. एम नागरकर से दूरभाष पर चर्चा कर कोरोना वायरस से संक्रमित एम्स के नर्सिंग आफिसर के स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने श्री नागरकर से एम्स में कोरोना संक्रमण से डाक्टरों, नर्स एवं अन्य स्टाफ को संक्रमित होने से बचाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है। मुख्यमंत्री ने एम्स में ईलाजरत अन्य कोरोना संक्रमित मरीजों के स्वास्थ्य की भी जानकारी ली।

पढ़े आज सुबह की सबसे बड़ी खबरे ...

  • राजस्थान : 70 नए केस, कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 2000 के पार :
  • मुंबई: NIA ब्रांच सील, एक ASI और उनकी बेटी निकली कोरोना पॉजिटिव :
  • ग्रेटर नोएडा के गलगोटिया सेंटर से भागे कोरोना के संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट आई निगेटिव
  • दिल्ली में सीआरपीएफ के 9 जवानों में कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आई पॉजिटिव 
  • अमेरिका में कोरोनावायरस का कहर, मृतकों की संख्या 50,000 के पार |
  • झारखंड में कोरोना वायरस संक्रमण के 3 नए मामले, कुल संख्या 59 हुई
  • मेरठ :  bjp नेता के पिता की कोरोना से हुई मौत, श्मशान घाट पर पंडितों ने अंतिम संस्कार करने से किया इंकार

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में मजदूरों ने किया प्रदर्शन ,मजदूरों के साथ ठेकेदार ने की मारपीट..मजदूरों को नही मिला है दो महीने का वेतन...पैसे मांगने पर खाना मिलना भी हो गया बंद.. ज्यादातर मजदूर उत्तर प्रदेश के हैं...राजश्री गुटखा फेक्ट्री के बाहर हंगामा

अजीत मिश्रा : बिलासपुर/ छत्तीसगढ़

बिलासपुर के राजश्री गुटखा फैक्ट्री के बाहर मजदूरों ने जमकर हंगामा किया है। नाराज मजदूरों का कहना है कि  उन्हें 2 महीने से वेतन नहीं मिला है और ना ही इन्हें अब खाने को दिया जा रहा है।  लॉक डाउन के दौरान यह अपने घर नहीं जा पाए हैं, और पैसे मांगने पर ठेकेदार ने उनसे मारपीट भी की है।  फैक्ट्री में काम करने वाले ज्यादातर मजदूर उत्तर प्रदेश के हैं। 

करोड़ों कमाने वाली राजश्री गुटखा फैक्ट्री के बाहर मजदूरों को यू प्रदर्शन करना पड़ रहा है क्योंकि इन्हें 2 महीने से वेतन नहीं मिला है।  और ना ही अब इन्हें खाने को मिल रहा है । लॉक डाउन के दौरान ये सब फैक्ट्री में ही फंसे रह गए। इसका फायदा उठाते हुए ठेकेदार और फैक्टरी के मालिक ने  इनसे काम तो करा लिया लेकिन पैसे देने में आनाकानी कर रहे हैं।  मजदूरों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने पैसे मांगे तो ठेकेदार ने उनके साथ मारपीट भी की है। इस बात से नाराज तकरीबन 150 मजदूरों ने काम बंद कर दिया और फैक्ट्री के बाहर आकर प्रदर्शन किया । इसकी सूचना लोकल पुलिस को मिली और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया। इस बीच मजदूरों को भरोसा दिलाया गया कि उनके वेतन मिल जाएंगे और खाने के लिए भोजन की भी जल्द व्यवस्था हो जाएगी। इन्हीं नाराज प्रदर्शनकारियों में से एक मजदूर श्रवण कुमार ने हमें बताया कि, किस तरह से फैक्ट्री के ठेकेदार और मालिक ने उनके साथ धोखा किया है । और इस  वैश्विक महामारी के दौरान उन्हें घर जाने को नहीं मिल रहा है । उल्टे अपने कमाई का पैसा मांगने पर उनके साथ मारपीट और हिंसा की जाती है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों एवं विद्यार्थियों की छत्तीसगढ़ वापसी की अनुमति देने का किया आग्रह

रायपुर 24 अप्रैल 2020 मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दूरभाष पर चर्चा कर उन्हें अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों और कोटा में अध्ययनरत विद्यार्थियों की समस्याओं से अवगत कराया। चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री बघेल को आश्वस्त किया है कि राज्य सरकार से इस आशय का प्रस्ताव मिलने पर त्वरित निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  आर.पी.मंडल ने इस तारतम्य में केन्द्रीय गृह सचिव   अजय भल्ला को पत्र प्रेषित कर अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों एवं विद्यार्थियों की छत्तीसगढ़ वापसी की अनुमति देने का आग्रह किया है।
 मंडल ने पत्र में लिखा है कि पूरे देश में कोविड-19 की रोकथाम के लिए लागू किए गए लाॅकडाउन का छत्तीसगढ़ में भी कड़ाई से पालन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की अन्य राज्यों से लगने वाली सीमाओं पर आवागमन पर रोक लगाई गई है। इससे राज्य में कोविड-19 वायरस के फैलाव को रोकने में मदद मिली है। लाॅकडाउन के कारण छत्तीसगढ़ के मजदूर अन्य राज्यों महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर में फंसे हैं। राज्य सरकार द्वारा अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए यथा संभव प्रयास किये गए हैं। उनके भोजन का इंतजाम सुनिश्चित करने के साथ उन्हें आर्थिक सहायता भी पहुंचायी गयी है।

मुख्य सचिव ने पत्र में लिखा है कि लाॅकडाउन के एक माह होने के कारण छत्तीसगढ़ में अनेक वर्गों द्वारा विद्यार्थियों और मजदूरों को अन्य राज्यों में हो रही कठिनाईयों के संबंध में बात उठाई गयी है। इसके अलावा कुछ राज्यों को कोटा से विद्यार्थियों को उनके राज्यों में लौटने की अनुमति दी गयी है। छत्तीसगढ़ सरकार भी इन विद्यार्थियों और मजदूरों को उनके घर वापस लाने की इच्छुक है। मुख्य सचिव श्री मंडल ने केन्द्र सरकार से मानवीय आधार पर छत्तीसगढ़ सरकार को कोटा से विद्यार्थियों और अन्य राज्यों से मजदूरों की वापसी की अनुमति प्रदान करने का आग्रह किया है।   मंडल ने विद्यार्थियों और मजदूरों के छत्तीसगढ़ लाने में सहयोग करने और सुरक्षित आवागमन के लिए पास प्रदान करने के लिए अन्य राज्यों को निर्देशित करने का आग्रह भी केन्द्रीय गृह सचिव से किया है।

  मंडल ने पत्र में लिखा है कि अनुमति मिलने से इन विद्यार्थियों और मजदूरों के चिन्तित परिवारों को राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ सरकार छत्तीसगढ़ वापस आने वाले सभी लोगों को क्वारेंटाइन में रखना सुनिश्चित करेगी। श्री मंडल ने इसके लिए लिखित अनुमति प्रदान करने का आग्रह केन्द्रीय गृह सचिव से किया है।

बिलासपुर : देर रात तेज़ रफ़्तार कार चलाने का मामला , बिलासपुर पुलिस ने तीन युवकों को किया गिरफ्तार।

अजीत मिश्रा : बिलासपुर/ छत्तीसगढ़

जप्त कार रायपुर पासिंग 
पकड़े गये सभी आरोपी युवक रसूखदार घरों के।
बीएमडब्ल्यू कार का नंबर 
CG04 KJ 0004 

आपको बता दे  पुलिस ने इनके खिलाफ धारा 188  सहित अन्य कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। ये देर रात तेज़ रफ़्तार गाड़ियां चला रहे थे।  पुलिस के द्वारा इन्हें पहले भी हिदायत दी गई थी।  इसके बावजूद ये अपनी आदत से बाज नहीं आए और Bmw में बेवजह शहर में फर्राटा भर रहे युवकों ने  मंगला चौक से तेजी व लापरवाही पूर्वक वाहन चलाकर तिफरा की ओर भागने की सूचना मिली जिसे बजरंग होटल के पास तैनात जवानों द्वारा रोकने पर नही रुका और तिफरा बस्ती की ओर तेजी से भागने लगे जिनका पेट्रोलिंग बल द्वारा पीछा कर घुरू अमेरी मार्ग पर दबोचा गया जिसमें 03 युवक सिद्धान्त चोपड़ा पिता नवीन चोपड़ा उम्र 21 वर्ष मसानगंज, आकेश लदेर पिता शैलेन्द्र लदेर उम्र 23 वर्ष तिफरा ,दीपक तल्यानी पिता मनहर लाल तल्यानी उम्र 21 वर्ष जरहाभाठा को तेजी व लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए बिना मास्क पहने बेवजह घूमते पाए जाने पर अपराध क्रमांक 169/20 धारा 188,279 ipc 183,184 mv एक्ट कायम कर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

बिलासपुर : पुलिस कप्तान ने संभाली कमान .. सड़कों पर उतर चलाया चेकिंग अभियान।

अजीत मिश्रा : बिलासपुर/ छत्तीसगढ़

बिलासपुर रहेगा ग्रीन जोन-एसपी ।

एसपी प्रशांत अग्रवाल ने कसी कमर।

पुलिस  के जवान कर रहे मनमानी.!?

बिलासपुर शहर कोरोना संक्रमण के लिहाज़ से ग्रीन जोन में रहे... इसके लिए शहर के एसपी प्रशांत अग्रवाल ने कमर कस ली है। वही ड्यूटी पर तैनात जवानों की शिकायतें भी लगातार बढ़ रही है। ड्यूटी के दौरान आम शहरी से पुलिस के जवान लगातार बदतमीजी और बदसलूकी करते हैं। इसकी शिकायत अब लोग एसपी से भी करने लगे हैं। 

जहाँ एसपी प्रशांत अग्रवाल ने खुद सड़कों पर उतर कर चेकिंग अभियान चलाया  और लोगों से पूछताछ की है।  वही संतोषजनक जवाब नहीं दे पाने पर लोगों पर कार्रवाई भी की गई । जहां शहर के लोगों ने एसपी के इस अभियान और गंभीरता को लेकर उनकी खूब सराहना की है। वहीं जनमानस में इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि, पुलिस के जवान ड्यूटी के दौरान लोगों से बदतमीजी और अनावश्यक रूप से परेशान करने से बाज नहीं आ रहे हैं।  कुछ दिन पहले एसपी लॉक डाउन को लेकर फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लाइव हुए थे।  जहां लोगों ने अपने सवाल पूछे।  वही ज्यादातर लोगों ने पुलिस के जवानों के रवैये और दुर्व्यवहार से जुड़ी शिकायतें भी की थी।  गौरतलब है कि बिलासपुर रेंज के आईजी दीपांशु काबरा ने पहले ही ऐसे चार जवानों  पर कड़ी कार्रवाई की है।। वहीं अब ड्यूटी के दौरान अनावश्यक सख्ती बरतने वाले इन जवानों की शिकायत भी आम हो चली है।  हालांकि इन सबके बावजूद एसपी प्रशांत अग्रवाल ने यह दावा किया है कि, वे बिलासपुर शहर को ग्रीन जोन बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। 

जांजगीर-चांपा : मनरेगा में श्रमिको की संख्या बढ़ाने के निर्देश...

जांजगीर-चांपा: कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक ने आज जिला कार्यालय में कोविड 19 की रोकथाम व नियंत्रण के गठित जिला स्तरीय कोर कमेटी की बैठक में कहा कि ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए मनरेगा में श्रमिको की संख्या बढ़ायी जाय। मनरेगा के कार्य दौरान सोशल डिस्टेंस, बार-बार हाथ धोने और मास्क लगाने के निर्देश का कड़ायी से पालन करवाया जाय। ग्रामीणों की  मांग के अनुसार काम उपलब्ध करवाया जाय।

वही  कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्यगत कारणों से जिले से बाहर जाने की अनुमति दी जा रही है। साथ ऐसे कर्मचारी जो अपने डियूटी ज्वाईन करने अन्य जिला जाना चाहते है, उन्हें कार्य स्थल तक जाने के लिए एक बार अनुमति दी जाएगी। बार-बार आने जाने की अनुमति नहीं होगी। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारूल माथुर ने कानून व्यवस्था के संबंध मंे अवगत कराया। जिला पंचायत सीईओ श्री तीर्थराज अग्रवाल और अपर कलेक्टर श्रीमती लीना कोसम ने लाक डाउन से प्रभावित लोगों के लिए किए जा रहे राहत कार्य के संबंध में जानकारी दी। सयुंक्त कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा ने अंतर जिला जारी किए जा रहे अनुमति एवं नियंत्रण केन्द्र में प्राप्त सूचनाओं से अवगत कराया। बैठक में कोर कमेटी के सदस्य उपस्थित थे।

कोरिया जिले में रेल्वे ट्रेक पर मिला दो श्रमिकों का शव

कोरिया से बड़ी खबर- कोरिया जिले में रेलवे स्टेशन के उधर कछार कुछ दूरी पर रेल्वे ट्रेक पर दो श्रमिकों का शव मिला है, जबकि दो अन्य बाल बाल बच गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ से पता चला है कि, ये श्रमिक मरवाही पेंड्रा गौरेला ज़िला में काम करते थे और सूरजपुर ज़िले के गेवरा उजगी पहुँचने के लिए पूरी रात पटरियों पर चलते रहे, लेकिन सुबह मालगाड़ी की चपेट में आ गए।


आप को बता दें कि उदलकछार से दर्रीटोला के बीच सुबह  मालगाड़ी की चपेट में आने से ट्रेक पर चल रहे दो श्रमिक कमलेश्वर राजवाड़े और गुलाब राजवाड़े की मौत हो गई, जबकि साथ ही चल रहे दो अन्य श्रमिक बाल बाल बच गए।यह चारों श्रमिक पेंड्रा मरवाही गौरेला ज़िला के गोरखपुर स्थित खाद बीज बनाने वाली कंपनी में काम करते थे.. और बीति शाम खाना खाकर रेल्वे ट्रेक पर रात भर चलते हुए घर की ओर जा रहे थे।


इस घटना ने दिलदहला कर रख दिया है,श्रमिकों के साथ हालात ही अलग हैं, इस लॉकडॉउन की जद में सबसे ज़्यादा नुक़सान कोई झेल रहा है तो वह श्रमिक ही है, और उनके मुआवज़े के लिए किसी भी सरकार के पास योजना तक नहीं है, अफ़सोस कि सोच तक नहीं है। अनाज यदि मिल रहा है तो वह बेहतर है, लेकिन जो इन श्रमिकों का अर्थ चक्र टूटा है, उसके लिए कोई मुआवज़ा नहीं है..