बड़ी खबर

मलकानगिरि : मुठभेड़ में 18 माओवादी मारे गए

आंध्र प्रदेश की पुलिस ने ओडिशा से लगती सीमा के पास मुठभेड़ में 18 माओवादियों को मारने का दावा किया है.
विशाखापत्तनम के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राहुल देव शर्मा ने बीबीसी को बताया, "यह आंध्र प्रदेश पुलिस के विशेष दल 'ग्रेहाउंड' और ओडिशा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई थी."
यह मुठभेड़ ओडिशा के मलकानगिरि ज़िले में स्थित कियासिर बेगानगी के जंगलों में हुई.
पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद बरामद किया गया है. इनमें चार एक-47 राइफल, दो एसएलआर और दो इंसास राइफल शामिल हैं.
राहुल देव शर्मा ने बीबीसी से कहा, " मुठभेड़ सुबह 6 बजे से शुरू हुई. सुरक्षा बलों का नेतृत्व एक पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी कर रहे थे. हमें पता चला है कि मारे गए माओवादी छापामारों की लाशें अभी भी वहीं पड़ी हुईं हैं, जहां मुठभेड़ हुई थी. इन लाशों को बरामद करने का काम किया जा रहा है."
पुलिस को आशंका है कि मुठभेड़ में कई और माओवादी छापामारों को गोलियां लगी हैं, जो वहां से भागने में कामयाब रहे.
सुरक्षा बलों ने पूरे जंगल को घेर लिया है. वहां बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. अतिरिक्त सुरक्षा बलों को इलाक़े में भेजा जा रहा है.
विशाखापत्तनम पुलिस के वरिष्ठ अधीक्षक ने कहा कि मुठभेड़ में मारे गए माओवादी छापामारों की संख्या बढ़ भी सकती है. हालांकि मुठभेड़ में सुरक्षा बलों के कुछ जवानों के घायल होने की बात भी कही जा रही है, लेकिन इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है.
ओडिशा का मलकानगिरी इलाक़ा छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश से लगा हुआ है. इसे माओवादियों का गढ़ माना जाता है.(बीबीसी हिंदी )

आरएसएस ने सीपीएम पर लगाया राजनैतिक हत्याएं कराने का आरोप, कहा- हिंदू बन रहे निशाना

केरल में हालिया अपने सदस्‍यों की हत्‍या से नाराज राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ ने कम्‍युनिस्‍ट पार्टी आॅफ इंडिया पर ‘राजनीति से प्रेरित हत्‍याओं में शामिल होने’ का आराेप लगाया है। हैदराबाद में तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक के पहले दिन आरएसएस ने कहा, ”केरल में असहिष्‍णु वामपंथी, खासतौर से मुख्‍यमंत्री (पिनराई विजयन) की अगुवाई में सीपीएम कैडर हिंदुओं, विशेषकर आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं की राजनीति से प्रेरित हत्‍या कराने में लिप्‍त हैं।” संघ ने पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान ‘जिहादी’ तत्‍वों द्वारा ‘हिंदुओं पर हमले’ पर भी चिंता जताई। आरएसएस के संयुक्‍त सचिव वी भगैया ने पत्रकारों से कहा, ”कुछ मुस्लिम हिंदू लड़कियों के शोषण और हत्‍या में शामिल रहे हैं, जिनमें से से ज्‍यादार दलित समुदाय से आती हैं। पश्चिम बंगाल में सत्‍ताधारी तृणमूल कांग्रेस के आशीर्वाद से हो रहा है।” बैठक का उद्घाटन संघ प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव भैय्याजी जोशी ने किया। इस बैठक में राज्‍य इकाई प्रमुखों, राज्‍य सचिवों और राज्‍य संगठन सचिवों समेत करीब 400 सदस्‍य हिस्‍सा ले रहे हैं। भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह सोमवार को बैठक में हिस्‍सा लेंगे।

केरल के कन्‍नूर में अब 53 ऐसी वारदातें हो चुकी हैं, जिनमें राजनीति मुख्‍य या परोक्ष वजह रही है। इन हत्‍याओं को लेकर संघ और सीपीएम एक-दूसरे पर निशाना साधते रहे हैं। 13 अक्‍टूबर को कन्नूर जिले में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के गृह नगर में कथित तौर पर माकपा कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा के एक युवा कार्यकर्ता की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। इस हत्या की निंदा करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट किया था- ”मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के गृह नगर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले गंभीर चिंता का कारण है और इससे राजनीतिक बदले की भावना की बू आती है।”

विजयन ने राज्य में बढ़ती हिंसा के लिए आरएसएस पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार के सहयोग से संघ ऐसा कर रहा है। अलपुझा में एक कार्यक्रम में बोलते हुए विजयन ने दो दिन पहले कन्नूर में एक मार्क्सवादी कार्यकर्ता पर हमले को लेकर आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधा और राज्य में हिंसा फैलाने का आरएसएस पर आरोप लगाया।

Kabaddi World Cup: भारत की बादशाहत बरकरार, फाइनल में ईरान को दी मात

भारत ने जोरदार वापसी करते हुए शनिवार को वकबड्डी विश्व कप 2016 के फाइनल में ईरान को 38-29 से हराकर लगातार तीसरी बार विश्व खिताब जीता। लंबे समय से इस खेल में दबदबा बनाने वाले भारत का यह लगातार तीसरा विश्व कप खिताब है।

भारत ने जोरदार वापसी करते हुए शनिवार को वकबड्डी विश्व कप 2016 के फाइनल में ईरान को 38-29 से हराकर लगातार तीसरी बार विश्व खिताब जीता।
लंबे समय से इस खेल में दबदबा बनाने वाले भारत का यह लगातार तीसरा विश्व कप खिताब है।पिछले दो विश्व कप फाइनल और एशियाई खेलों के फाइनल में ईरान को ही भारत के खिलाफ शिकस्त झेलनी पड़ी थी।भारत की ओर से अजय ठाकुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 12 अंक जुटाए।
ईरान ने भारत को कड़ी टक्कर दी और पहले हाफ के बाद टीम 18-13 से आगे चल रही थी। ठाकुर ने हालांकि दूसरे हाफ में मैच का पासा पलट दिया और मेजबान टीम की जीत सुनिश्चित की।
ईरान ने 28वें मिनट में स्कोर 20-17 किया लेकिन अजय ठाकुर ने 29वें मिनट में भारत को 20-20 से बराबरी दिला दी।भारत ने 30वें मिनट में अपने पहले आल आउट के साथ 24-21 की बढ़त बनाई। मैच में जब नौ मिनट का समय शेष था तब भारत 26-21 से आगे चल रहा था। नितिन तोमर ने 34वें मिनट में शानदार रेड के साथ भारत को 29-22 से आगे किया जबकि ईरान के सिर्फ दो खिलाड़ी बचे थे।ठाकुर ने हालांकि 37वें मिनट में मैच भारत के पक्ष में कर दिया जब उन्होंने दो अंक के साथ भारत को दूसरे आल आउट के साथ 34-24 की अजेय बढ़त दिलाई जिसके बाद भारत ने आसानी से मैच जीत लिया।कीनिया को टूर्नामेंट की उभरती हुई टीम चुना गया। जैंग कुन ली को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। बांग्लादेश के एसएमए मानन को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ रैफरी चुना गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फाइनल में ईरान को हराकर लगातार तीसरी बार कबड्डी विश्व कप जीतने के लिए शनिवार को भारतीय टीम को बधाई दी। भारत ने ईरान को 38-29 से हराकर खिताब जीता। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ‘‘कबड्डी विश्व कप जीतने के लिए भारतीय टीम को बधाई। टीम ने शानदार कौशल, जज्बा और प्रतिबद्धता दिखाई। शानदार।’’ खेल मंत्री विजय गोयल ने भी इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने लिखा, ‘‘और हमारे शेरों ने कर दिखाया। विजेता। टीम को बधाई।’’भारतीय क्रिकेटरों वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, हरभजन सिंह, सुरेश रैना, धवल कुलकर्णी, वीवीएस लक्ष्मण के अलावा मुक्केबाज विजेंदर सिंह और अभिनेता शाहरूख खान ने भी टीम को बधाई दी।

BSF जवान गुरनाम सिंह शहीद, पाकिस्तानी रेंजर्स ने स्नाइपर रायफल्स से बनाया था निशाना

बीएसएफ के घायल जवान गुरनाम सिंह ने आखिरकार जिंदगी और मौत की जंग में हार मान ली। 24 साल के गुरनाम पाकिस्तान की तरफ से हुई फायरिंग में घायल हुए थे। उनका इलाज जम्मू के अर्निया में चल रहा था जहां रविवार आधी रात को उन्होंने दम तोड़ दिया। 19-20 अक्टूबर की रात को जम्मू के हीरानगर सेक्टर के बोबिया पोस्ट पर गुरनाम की अपने कुछ साथियों के साथ आतंकियों से मुठभेड़ हुई थी। गुरनाम के मुस्तैदी के चलते ही आतंकी सीमा पारकर भारत में नहीं घुस पाए थे। इसके बाद 21 अक्टूबर को सुबह नौ बजकर पैंतीस मिनट पर पाकिस्तानी रेंजर्स ने बदला लेने के ख्याल से स्नाइपर रायफल्स से गुरनाम को निशाना बनाया। इसके बाद से उसकी हालत काफी गंभीर बनी हुई थी।  गुरनाम पांच साल पहले बीएसएफ में भर्ती हुए थे सिख परिवार में जन्मे गुरनाम जम्मू के रणवीरसिंह पुरा इलाके के रहने वाले हैं।

गुरनाम के घायल होने के बाद ही बीएसएफ ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें सात पाकिस्तानी रेंजर्स और एक आतंकी मार गिराया गया। हालांकि पाकिस्तानी सेना ने बीएसएफ के इस दावे को गलत करार दिया है पाकिस्तानी सेना के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल असीम बाजवा ने सोशल मीडिया ट्विटर पर लिखा है कि भारतीय दावा झूठा है। गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना ने शुक्रवार को कश्मीर में तीन अलग-अलग जगह पर फायरिंग की। भारतीय सीमा पर तैनात बीएसएफ ने इसका कड़ा जवाब दिया। न्यूज एजेंसी एएनआई ने बीएसएफ के हवाले से लिखा है कि हीरानगर सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की फायरिंग का कड़ा जवाब देते हुए बीएसएफ ने पाकिस्तानी रेंजर के सात जवान ढेर कर दिए हैं। इसके साथ ही एक आतंकी भी इस फायरिंग में मारा गया। इस फायरिंग में बीएसएफ का एक जवान भी घायल हो गया है।

सोनी सोरी का सवाल : तो क्या सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस भी माओवादी समर्थक !

दंतेवाड़ा। वर्ष 2011 में सुकमा जिले के ताड़मेटला, दोरनापाल, तिम्मापुरम और मोरपल्ली गांव में हुई कथित मुठभेड़ और आगजनी मामले में सीबीआई की रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने बस्तर में शांति के लिए नक्सलियों से वार्ता का जिक्र किया है।

इसी का उल्लेख करते आप पार्टी की नेत्री सोनी सोरी ने शनिवार को मीडिया के समक्ष कहा कि वह पहले ही ऐसी पहल की बात कही थी तो उसे तब सरकार में बैठे लोग और पुलिस अधिकारियों ने नक्सलियों का समर्थक बताया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी नक्सली समस्या खत्म करने शांतिवार्ता का रास्ता अपनाने कहा है। तो क्या सुप्रीम कोर्ट के जर्ज भी नक्सलियों के समर्थक हैं।

सोनी सोरी ने सीएम डॉ. रमन सिंह पर आरोप लगाते कहा कि उनकी शह पर ही बस्तर आईजी एसआरपी कल्लुरी बेगुनाह लोगों की गिरफ्तारी, समर्पण और मुठभेड़ के बहाने हत्या कर रहे हैं। एक सोची-समझी साजिश के तहत बस्तर के आदिवासियों को मारा जा रहा है। उन्होंने बस्तर बटालियन के जरिए आदिवासियों को बंदूक देकर मरवाने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया।

शनिवार को आप पार्टी की नेता सोनी सोरी और लिंगा सोरी ने प्रेस वार्ता में कहा कि सुकमा के चार गांव मंे आगजनी और हत्या की जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि पुलिस ने घरों को जलाया था। तब इसका वीडियो बनाने के आरोप में लिंगा सोरी को पुलिस प्रताड़ना झेलना पड़ा। अब सीबीआई रिपोर्ट में सब साफ हो गया है। सोनी सोरी ने आरोप लगाया कि तब के एसएसपी एसआरपी कल्लुरी के नेतृत्व और निर्देशन पर सब हुआ हुआ था। उस पर अपराध दर्ज हो और गिरफ्तारी होनी चाहिए।

उन्होंने आईजी कल्लुरी को सीएम डॉ. रमन सिंह का संरक्षण होना बताते कहा कि आदिवासियों की हो रही लगातार हत्या पर सरकार मौन है। सोनी सोरी ने कहा कि पुलिस नक्सलियों के बड़े लीडरों की गिरफ्तारी कर नहीं पा रही है और निर्दोष ग्रामीणों का समर्पण, गिरफ्तारी तथा फर्जी मुठभेड़ में मारकर और बड़े नक्सली नेताओं के गनमैन को पकड़कर वाह-वाही लूट रही है। सोनी के अनुसार सरकार आदिवासियों को एक रणनीति के तहत खत्म करना चाहती है। इसलिए अब बस्तर बटालियन के जरिए शिक्षित युवाओं को हाथों में बंदूक थमा रही है। पत्रवार्ता के दौरान आप पार्टी के नेता सुकुलधर नाग व कुंजाम मौजूद थे।

आदिवासी का बिजनेस हो रहा

मीडिया से चर्चा के दौरान सोनी सोरी ने कहा कि राज्य सरकार और पुलिस मिलकर आदिवासियों का बिजनेस कर रहे हैं। गिरफ्तारी, समर्पण और फर्जी मुठभेड़ के बाद उन्हें लाखों का इनामी बताते हैं। आदिवासी जिंदा हो या मूर्दा लाखों का इनामी निकलता है।

विधायक देवती कर्मा की सराहना

सोनी सोरी ने दंतेवाड़ा विधायक देवती कर्मा की सराहना करते कहा कि वह निर्दोष बच्चों का फर्जी मुठभेड़ में मारने के विरोध में जनआंदोलन छेड़ा है। आज आदिवासी ग्रामीण भी समझ गए हैं कि बस्तर में जंगलराज है। उन्होंने सर्व समाज के बंद को भी सही ठहराया।

शव में केमिकल डाल रही पुलिस

पत्रवार्ता के दौरान सोनी सोनी ने खुलासा किया कि मारे गए आदिवासियों जख्म को लोग न देख सके और शव को ज्यादा दिनों तक न रख पाए। इसलिए उसमें कुछ केमिकल डालकर परिजनों को सौंपा जा रहा है। जिससे शव 24 घंटे में ही बदबू करने लगती और कीड़े आ जाते है। उन्होंने बुरगुम में मारे गए नाबालिकों सहित कुछ और शव की जानकारी देते कहा कि दो दिन के भीतर ही शव में तेज दुर्गंध के साथ कीड़े पड़ गए थे। (एजेंसी और नई दुनिया के साथ 

वकीलों पर गुस्‍साए चीफ जस्टिस, बोले- कोर्ट है या मछली मार्केट, चुप हो जाओ नहीं तो बाहर निकाल दूंगा

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई के दौरान चिल्‍ला रहे वकीलों पर मुख्‍य न्‍यायाधीश टीएस ठाकुर आपा खो बैठे। उन्‍होंने वकीलों से कहा कि चुप हो जाओ या फिर बाहर निकाल दिए जाओगे। चीफ जस्टिस ठाकुर ने क‍हा, ”चुप हो जाओ। आप लोग चिल्‍ला क्‍यों रहे हैं? यह कोर्ट है या मछली मार्केट? मैंने कहा चुप हो जाओ। मैं आप लोगों को बाहर निकलवा दूंगा। कोर्ट की गरिमा होनी चाहिए। जो लोग कोर्ट रूम में अपने आप को संभाल नहीं पाते वे सीनियर वकील बनना चाहते हैं।” चीफ जस्टिस ने कुछ वकीलों से कहा कि अगर उन्‍होंने ढंग से आचरण नहीं किया तो उन्‍हें बाहर निकाल दिया जाएगा। साथ ही एक वकील से कहा कि दोबारा ऐसा नहीं होना चाहिए।

जस्टिस ठाकुर ने कहा, ”आप चुप रहिए। इस अदालत की गरिमा है। यह कोर्ट है या बाजार? आप इस मामले में पार्टी नहीं हैं। सोली सोराबजी को देखिए। उन्‍हें देखिए और कुछ सीखिए। क्‍या आपको लगता है कि चीखने और धौंस जमाने से आपको मदद मिलेगी।” वरिष्‍ठ वकील इंदिरा जयसिंग की कुछ वकीलों के सीनियर बनने के क्रम में पारदर्शिता को लेकर दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह वाकया हुआ। चीफ जस्टिस के साथ ही जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और एल नागेश्‍वर राव भी सुनवा ई बैंच में शामिल थे। इंदिरा जयसिंग ने कहा कि बार में कुछ वरिष्‍ठ वकीलों का एकाधिकार है। इससे न्‍याय पाने में दिक्‍कत होती है। इसलिए ऐसा तंत्र बनाया जाए जिससे सभी वकीलों को समान अवसर मिले।

उन्‍होंने कहा कि वर्तमान तंत्र भेदभाव भरा है इसलिये यदि हम चाहते हैं कि यह चलता रहे तो इसे लोकतांत्रिक बनाना होगा। हालांकि उनके इस सुझाव से कोर्ट सहमत नहीं हुआ कि 20-30 साल के अनुभव वाले वकीलों को सीधे तौर पर सीनियर मान लिया जाए। इस पर कोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर कि किसी वकील ने इस पेशे में कुछ साल बिताएं हैं तो उसका ओहदा बढ़ा दिया जाए यह ठीक नहीं है। इस याचिका पर सभी पार्टियों को अपना जवाब देने के लिए एक सप्‍ताह का समय दिया गया है।

छत्तीसगढ़ के ताड़मेटला में फोर्स ने ही घर जलाये थे : सीबीआई

रायपुर : छत्तीसगढ़ के ताड़मेटला में फोर्स ने ही घर जलाये थे. छत्तीसगढ़ के बस्तर में आदिवासियों के घरों में आग लगा देने की घटना के करीब पांच साल बाद सीबीआई ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में चार्जशीट पेश की है. जिसमें कहा गया है कि इस घटना को फोर्स ने ही अंजाम दिया था.

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस मोहन बी ठाकुर और आदर्श गोयल की बेंच ने सरकार को शांति स्थापित करने व नक्सलियों से बातचीत शुरु करने को कहा है. इस पर सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि वे बातचीत की जरूरत को उच्च स्तर पर पर उठायेंगे. हालांकि इससे तात्कालिक समाधान निकल सकता है, जरूरत स्थायी शांति की है.

उल्लेखनीय है कि सुकमा में यह आगजनी 11 से 16 मार्च के बीच हुई थी जब फोर्स गश्त पर थी. रिपोर्ट में कहा गया है कि दंतेवाड़ा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक एसआरपी कल्लूरी के आदेश पर इन गांवों में पुलिस गश्ती दल भेजा गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने पांच जुलाई 2011 को मामला सीबीआई को सौंपा था. सीबीआई ने सलवा-जुड़ुम नेता तथा एसपीओ के 35 लोगों पर विभिन्न धाराओँ के तहत मामला दर्ज किया है. सुप्रीम कोर्ट से पीड़ियों को मुआवजा देने का भी आदेश हुआ है.

उल्लेखनीय है कि सुकमा जिले के ताड़मेटला, तिम्मापुर और मोरपल्ली गांवों में 11 से 16 मार्च 2011 के बीच फोर्स के जवानों ने गश्त की थी. इसी दौरान इन तीनों गांवों को पूरी तरह आग के हवाले कर दिया गया. घटना में फोर्स पर तीन गांवों के तीन सौ घरों को आग लगाने, तीन आदिवासी महिलाओं से बलात्कार करने और तीन लोगों की हत्या करने के आरोप लगे. सुप्रीम कोर्ट ने 2011 में ही ताड़मेटला कांड सीबीआई के हवाले कर दिया था.

इसके बाद 26 मार्च 2011 को जब स्वामी अग्निवेश अपने सहयोगियों सहित उन गांवों में जाने की कोशिश कर रहे थे तब दोरनपाल में उनपर जानलेवा हमला हुआ था. जिसमें सलवा-जुड़ुम नेता शामिल थे.

याचिकाकर्ता नंदिनी सुंदर ने कहा कि सीबीआई जांच से पुलिस के झूठ का पर्दाफाश हो गया है. जिसमें कहा गया था कि आगजनी नक्सलियों ने की थी.

सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने बीबीसी को बताया, “सरकार पांच सालों तक पुलिस को बचाने के लिये इन घटनाओं को झुठलाती रही. यहां तक कि इन घटनाओं के सूत्रधार दंतेवाड़ा के तत्कालीन एसएसपी शिवराम प्रसाद कल्लुरी को जांच के दौरान ही बस्तर का आईजी बना कर भेज दिया. लेकिन सीबीआई की जांच में सारी बातें साफ़ हो गई हैं.”

हालांकि सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई की जांच रिपोर्ट को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि अदालत जो भी निर्देश देगी, उसका पालन किया जायेगा.

छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता और विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने बीबीसी से कहा, “माओवादियों के ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ सरकार के अभियान से माओवादी बौखलाये हुये हैं. यही कारण है कि सुरक्षा बलों को लेकर दुष्प्रचार किया जा रहा है.”

लेकिन कांग्रेस पार्टी ने सीबीआई की रिपोर्ट का समर्थन करते हुये कहा है कि उनकी पार्टी पहले से ही कहती रही है कि बस्तर में पुलिस माओवादियों को खत्म करने के नाम पर आदिवासियों को फर्ज़ी मुठभेड़ में मार रही है.

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता ज्ञानेश शर्मा ने बीबीसी से कहा- “सीबीआई की रिपोर्ट ने हमारे आरोपों की पुष्टि की है. बस्तर में पुलिस का अत्याचार चरम पर है. माओवादी उन्मूलन के नाम पर बेगुनाह आदिवासियों की हत्या और पुलिस आतंक को स्वीकार नहीं किया जा सकता.”

आसान हुई ‘ऐ दिल है मुश्किल’ की मुश्किल, MNS ने कहा: नहीं करेंगे फिल्म का विरोध

सीएम से मुलाकात कर बाहर आए मुकेश ने बताया, 'प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने फैसला लिया है कि वो आगे से पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम नहीं करेंगे।' इस बातचीत के दौरान भट्ट ने बताया कि करण जौहर ने कहा कि वह इस फिल्म के शुरू होने से पहले शहीद जवानों के लिए एक मैसेज चलाएंगे।


मुंबई : ऐ दिल है मुश्किल की रिलीज को लेकर शनिवार सुबह देवेन्द्र फणनवीस ने एमएनएस चीफ राज ठाकरे और करण जौहर से मुलाकात की। इस फिल्म में फवाद खान के रोल के चलते एमएनएस ने धमकी दी थी कि वो इस फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे। बता दें कि यह फिल्म 28 अक्टूबर को रिलीज होनी है। सीएम आवास पर हुई मीटिंग में फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मुकेश भट्ट भी मौजूद थे।
सीएम से मुलाकात कर बाहर आए मुकेश ने बताया, ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने फैसला लिया है कि वो आगे से पाकिस्तानी कलाकारों के साथ काम नहीं करेंगे।’ इस बातचीत के दौरान भट्ट ने बताया कि करण जौहर ने कहा कि वह इस फिल्म के शुरू होने से पहले शहीद जवानों के लिए एक मैसेज चलाएंगे। इस मुलाकात के बाद फिल्म की मुश्किल आसान होती दिखी क्योंकि मुलाकात के बाद एमएनएस ने कहा कि वह फिल्म का विरोध नहीं करेंगे।
मीडिया से बात करते हुए मुकेश ने बताया, हमने गृह मंत्री से मिलने का फैसला डर और कानून व्यवस्था की वजह से लिया था। क्योंकि मुंबई में हलात काबू से बाहर जा रहे थे। हमने उनसे रिक्वेस्ट की कि हमें राज्य के सीएम के साथ हमें आश्वासन दें कि 28 अक्टूबर को रिलीज होने वाली हमारी फिल्म को किसी मुसीबत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने बताया, गृह मंत्री ने हमे आश्वासन दिया के वो सभी राज्यों की सीएम से बात करेंगे कि फिल्म के रिलीज के दौरान इसे दिखाने वाले थिएटर्स पर कानून व्यवस्था बनी रहे।

बता दें कि बुधवार को एमएनएस के करीब दर्जनभर कार्यकर्ताओं को फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन करने पर गिरफ्तार किया गया था। यह विरोध एमएनएस के करण की माफी वाली वीडियो को अस्वीकार करने के बाद किया गया था। करण जौहर ने इस वीडियो में कहा था कि वो भविष्य में किसी पाकिस्तानी कलाकार के साथ काम नहीं करेंगे। प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ता एमएनएस की फिल्म विंग से थे। ये सभी कार्यकर्ता दक्षिण मुंबई के मेट्रो सिनेमा के बाहर पोस्टर्स और नारे बाजी के जरिए फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

‘स्वच्छ भारत अभियान’ की वर्कशॉप में लगा विवादित पोस्टर, झाड़ू लिए मोदी के पीछे खड़ा था भूत, बोला…

उत्तरप्रदेश के आगरा में 'स्वच्छ भारत अभियान' की वर्कशॉप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विवादित पोस्टर देखा गया।

उत्तरप्रदेश के आगरा में ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की वर्कशॉप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विवादित पोस्टर देखा गया। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, आगरा नगर निगम कॉलेज में स्वच्छ भारत अभियान के लिए एक वर्कशॉप रखी गई थी। उसमें पीएम मोदी को हाथ में झाडू लिए दिखाया गया था। वहीं उनके पास में एक खून से सना त्रिशूल रखा था। मोदी के पीछे एक भूत खड़ा था। दिखाया गया था कि वह मोदी से पूछता है, ‘मिस्टर मोदी आप इन खून के धब्बों को कैसे साफ करोगे?’ वहीं पीएम मोदी की जैकेट के पीछे गुजरात दंगे लिखा हुआ था। यह पोस्टर कॉलेज की एंट्री पर ही लगा हुआ था। लेकिन वहां के अधिकारियों की नजर में नहीं आया। अब जिला प्रशासन ने इसकी जांच के आदेश दिया है। अधिकारियों ने इसे कुछ ‘असमाजिक तत्वों’ की शरारत बताया है। हालांकि, ऐसे पोस्टर से भारतीय जनता पार्टी के लोग काफी नाराज हैं।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता आगरा के जिला मजिस्ट्रेट गौरव दायल कर रहे थे। साथ ही म्यूनिसिपल कमिशनर इंद्र विक्रम सिंह भी वहां मौजूद थे। कार्यक्रम में स्वच्छता को लेकर भी कई पोस्टर बनाए गए थे। शुक्रवार को जिला प्रशासन को पीएम मोदी के विवादित पोस्टर के बारे में जानकारी मिली थी। म्यूनिसिपल कमिशनर इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि वह गुरुवार को जब कार्यक्रम में शिरकत करने गए थे तो उन्होंने वहां ऐसा पोस्टर नहीं देखा था। उन्होंने कहा कि पोस्टर के बारे में शुक्रवार को पता लगा।

बीजेपी के श्याम भदोरिया ने कहा, ‘यह मामला सीरियस है। बीजेपी नेताओं को आगरा के एसएसपी से मिलना चाहिए। इसके लिए जिम्मेदार शख्स पर कार्रवाई भी की जानी चाहिए।’

जम्मू कश्मीर: जैश ए मोहम्मद के दो आतंकी पकड़े गए, AK-47, पिस्टल और गोलियां बरामद

जम्मू कश्मीर में जैश ए मोहम्मद के दो आतंकियों के पकड़े जाने की खबर है।

जम्मू कश्मीर में शनिवार (22 अक्टूबर) को आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के दो आतंकियों पकड़े गए। दोनों को बारामुला सेक्टर से पकड़े गए हैं। उनके पास से AK-47, एक पिस्टल और गोलियां मिली। दोनों के बारे में ज्यादा जानकारी फिलहाल नहीं मिली।
इससे पहले जम्मू कश्मीर के सांभा सेक्टर में शुक्रवार (21 अक्टूबर) को एक पाकिस्तानी जासूस पकड़ा गया था। उसके पास से दो पाकिस्तानी सिम कार्ड और कुछ नक्शे मिले थे। नक्शों में इस बात की जानकारी थी कि कहां सुरक्षा बल की कितनी फोर्स तैनात है। जिस शख्स को पकड़ा गया है उसका नाम बोधराज बताया गया। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, वह जम्मू के अरीना जिले का है। फिलहाल सुरक्षा बल के जवान उससे पूछताछ कर रहे हैं। फोर्स उससे जासूसी करने वाले बाकी लोगों की जानकारी निकलवाना चाहती है। इससे पहले अगस्त में भी एक जासूस पकड़ा गया था। उसे राजस्थान से पकड़ा गया था। उसके पास से कुछ नक्शे और फोटोग्रााफ भी मिले थे।