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मुंबई: 60 साल के RTI कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या, हिरासत में कांग्रेस के पूर्व पार्षद

आरटीआई कार्यकर्ता भूपेंद्र वीरा की शनिवार शाम को उनके घर के बाहर से गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक अवैध कब्जे को लेकर वीरा एक पूर्व कॉर्पोरेटर समेत कई लोगों के निशाने पर थे।


मुम्बई : आरटीआई कार्यकर्ता भूपेंद्र वीरा की शनिवार शाम को उनके घर के बाहर से गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक अवैध कब्जे को लेकर वीरा एक पूर्व कॉर्पोरेटर समेत कई लोगों के निशाने पर थे। पुलिस ने इस मामले में सोमवार सुबह कॉर्पोरेटर समेत एक अन्य को हिरासत में लिया। पुलिस इस मामले में पूर्व कॉर्पोरेटर के खिलाफ जांच कर रही है, जिसकी चार प्रॉपर्टी को आरटीआई कार्यकर्ता वीरा की शिकायत के बाद गिराने के आदेश दिए गए थे। पुलिस के मुताबिक 60 वर्षीय भूपेंद्र वीरा की शनिवार रात को 9 बजे उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह अपने घर में टीवी देख रहे थे। हमलावर ने घर के बाहर से वीरा को गोली मारी।
जोनल डिप्टी पुलिस कमिश्नर वीरेंद्र मिश्रा ने बतया कि हत्या के वक्त वीरा की पत्नी किचन में थी और उन्होंने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी थी। उन्हें घटना के बारे में तब पता चला जब पड़ोसी उधर से गुजर रहे पड़ोसी ने उन्हें बताया कि उनके बेडरूम में खून पड़ा है। जब उन्होंने जाकर देखा तो उनके पति खून से लथपथ पड़े हुए थे। वाकोला पुलिस थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया।

अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वीरा ने कुछ अवैध कब्जों के खिलाफ याचिका दायर की थी, इसमें कांग्रेस के पूर्व कॉर्पोरेटर रजा खान का भी शामिल है, जो कि खुद अस्पताल में भर्ती है। हम उसके डिस्चार्ज होने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या किसी और शख्स के पास भी उनकी हत्या का मोटिव था। लेकिन अस्पताल के अधीक्षक ने खान ने भर्ती होने से इनकार किया है। इंडियन एक्सप्रेस ने इस संबंध में जानकारी के लिए खान को फोन तो उनका फोन बंद आ रहा था। पुलिस इस मामले में 6 अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है।

वारदात के वक्त किचन में भूपेंद्र वीरा की पत्नी। (Source: Express Photo by Ganesh Shirsekar)

एक राजनेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कांग्रेस पार्टी के सदस्य खान 1985 से 1992 के दौरान पार्षद रहे हैं। खान और वीरा के बीच 5-6 साल विवाद चला आ रहा है। माना जा रहा है कि वीरा की एक दुकान पर खान ने कब्जा कर लिया था। जिसके बाद उन्होंने खान के अवैध निर्माणों को लेकर शिकायत की थी। जिस पर खान के ऑफिस समेत कुछ अवैध निर्माण को गिराने के आदेश दिए गए थे।

भारत आ रहे हैं पुतिन, एस-400 वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली पर करार संभव

मॉस्को/ नयी दिल्ली  : रुस के सरकारी मीडिया ने आज बताया कि गोवा में रुसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वार्ता के बाद दोनों देश शनिवार को एस-400 ‘ट्रंफ' लंबी दूरी की क्षमता वाली वायु रक्षा मिसाइल प्रणाली के लिए कई अरब डॉलर के करार पर हस्ताक्षर करेंगे.

रुस के राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव के हवाले से तास समाचार एजेंसी ने कहा, ‘‘हमारे राष्ट्रपति और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत के बाद भारत को एस-400 ट्रंफ विमान रोधी मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति पर एक समझौता किया जाएगा और कुछ अन्य दस्तावेजों पर भी दस्तखत किये जाएंगे।' भारत तीन प्रकार की मिसाइलों पर निशाना साधने में सक्षम सबसे आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली में से पांच प्रणालियां हासिल करने में रचि रखता है. इसमें अपनी तरफ आ रहे दुश्मन के विमानों, मिसाइलों और यहां तक कि ड्रोनों को 400 किलोमीटर तक के दायरे में मार गिराने की क्षमता है.
 
अगर भारत समझौते पर हस्ताक्षर करता है तो यह चीन के बाद इस मिसाइल प्रणाली का दूसरा ग्राहक होगा। चीन ने पिछले साल तीन अरब डॉलर का करार किया था. एस-400 पहले केवल रुसी रक्षा बलों के लिए ही उपलब्ध था। यह एस-300 का उन्नत संस्करण है. अलमाज-आंते ने इसका उत्पादन किया है और रुस में 2007 से यह सेवा में है. उशाकोव ने कहा कि दस्तावेजों पर बंद दरवाजों में दस्तखत किये जाएंगे.
उन्होंने सौदे का ब्योरा नहीं दिया और संकेत दिया कि पहले कागजों पर हस्ताक्षर हो जाएं. एजेंसी के मुताबिक रुस की भारत के लिए प्रोजेक्ट 11356 के तहत युद्धपोत बनाने के संबंध में समझौता करने की और कामोव का-226 टी हेलीकॉप्टर के उत्पादन के लिए रुस-भारत का संयुक्त उपक्रम स्थापित करने की भी योजना है. 
 
अपनी बातचीत के परिणामस्वरुप पुतिन और मोदी संयुक्त वक्तव्य जारी करेंगे जो विभिन्न वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों को सुलझाने की दिशा में उनके साझा प्रयासों को झलकाएगा. दोनों पक्ष अपने कूटनीतिक संबंधों की स्थापना के 70 साल पूरे होने के मौके पर भविष्य के अपने कदमों के एक खाका को भी मंजूरी देंगे.
 
उन्होंने बताया कि रुस और भारत कुल मिलाकर करीब 18 दस्तावेजों पर दस्तखत कर सकते हैं. रुसी राष्ट्रपति के सहयोगी के अनुसार पुतिन और मोदी गोवा में ब्रिक्स सम्मेलन से पहले वार्ता करेंगे. पहले रुस और भारत के नेताओं के बीच छोटे प्रारुप में बातचीत की संभावना है और बाद में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी.
 
रुसी राष्ट्रपति के सहयोगी यूरी उशाकोव के हवाले से रुस की सरकारी तास समाचार एजेंसी ने कहा, ‘‘भारतीय साझेदारों ने (पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास को लेकर) अपनी चिंता को किसी भी तरह राष्ट्रपति की यात्रा से नहीं जोडा.' उनसे पूछा गया था कि भारत जिस क्षेत्र को विवादित मानता है, उसमें हाल ही में रुस और पाकिस्तान के सैन्य अभ्यास से क्या पुतिन की यात्रा की तैयारियों पर असर पडा है.
 
रुसी राष्ट्रपति पुतिन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स सम्मेलन से पहले शनिवार को गोवा में वार्ता करेंगे. पुतिन के सहयोगी ने कहा कि द्विपक्षीय एजेंडे के अलावा रुसी और भारतीय नेता सीरिया, अफगानिस्तान और अन्य देशों में हालात पर चर्चा करेंगे और आतंकवाद के खिलाफ लडाई पर भी बात होगी.
 
उन्होंने कहा कि पुतिन और मोदी परमाणु उर्जा इंजीनियरिंग में सहयोग और सैन्य-तकनीकी सहयोग पर भी विचार-विमर्श करेंगे. भारत ने रुस के साथ अपनी सालाना द्विपक्षीय शिखर-बैठक से पहले पाकिस्तान के साथ उसके संयुक्त सैन्य अभ्यास पर आपत्ति प्रकट की थी और कहा था कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास से समस्याएं और बढेंगी ही.
 
मॉस्को में भारतीय राजदूत पंकज सरन ने रुसी समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती को दिये साक्षात्कार में कहा था, ‘‘हमने रुसी पक्ष को अपने इन विचारों से अवगत करा दिया है कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले और राज्य की नीति के तौर पर उसका अनुसरण करने वाले देश पाकिस्तान के साथ सैन्य सहयोग गलत पहल है और इससे समस्याएं और बढेंगी ही.' 

भुखमरी से जूझ रहे 118 देशों की सूची में 97वें नंबर पर लुढ़का भारत, पाकिस्‍तान और भी पीछे

 

विशेष रिपोर्ट : 
भारत में भुखमरी की समस्‍या बेहद विकराल रूप में है। 118 देशों के ग्‍लोबल हंगर इंडेक्‍स (GHI) में भारत 97वीं पायदान पर आंका गया है। भारत से बुरी परिस्थितियां बेहद गरीब अफ्रीकन देशों जैसे नाइजर, चद, इथोपिया और सिएरा लियोनी के अलावा पड़ोसी पाकिस्‍तान और अफगानिस्‍तान में बताई गई हैं। भारत के अन्‍य पड़ोसी- श्रीलंका, बांग्‍लादेश, नेपाल और चीन की रैंकिंग भारत से बेहतर है। ग्‍लोबल हंगर इंडेक्‍स हर साल चार पैमानों के आधार पर आंका जाता है- कुपोषित जनसंख्‍या का हिस्‍सा, 5 वर्ष की आयु तक के व्यर्थ और अवरुद्ध बच्चे, तथा इसी आयु-वर्ग में शिशु मृत्यु दर। 131 देशों पर किए गए शोध में, 118 देशों का डाटा उपलब्‍ध था। इस साल पहली बार बाल भुखमरी के दो पैमानों- वेस्टिंग और स्‍टंटिंग को लिया गया ताकि असल तस्‍वीर उभर सके। वेस्टिंग का मतलब बच्‍चे की लंबाई की तुलना में कम वजन होना है, जिससे एक्‍यूट कुपोषण का पता चलता है। जबकि स्‍टंटिंग का मतलब उम्र के हिसाब से लंबाई में कमी को दर्शाता है, जिससे क्रॉनिक कुपोषण का पता चलता है।


 ग्‍लोबल हंगर इंडेक्‍स की गणना इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्‍टीट्यूट (IFPRI) हर साल करता है। टाइम्‍स ऑफ इंडिया के मुताबिक, सबसे ताजा डाटा के आधार पर अपने शोध में 2016 के भारत का GHI इसलिए इतना गिरा हुआ है क्‍योंकि देश की लगभग 15 फीसदी आबाद कुपोषित है- पर्याप्त भोजन के सेवन में कमी, मात्रा और गुणवत्ता, दोनों में। 5 वर्ष से कम आयु के ‘वेस्‍टेड’ बच्‍चे करीब 15 प्रतिशत हैं जबकि ‘स्‍टंटेड’ बच्‍चों का प्रतिशत आश्‍चर्यजनक रूप से 39 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इससे पता चलता है कि यह देश भर में संतुलित आहार की कमी की वजह से फैला हुआ है। 5 वर्ष से कम उम्र में शिशु मृत्‍यु दर भारत में 4.8 प्रतिशत है, जो कि अपर्याप्त पोषण और अस्वास्थ्यकर वातावरण का घातक तालमेल दिखाता है।

यह हाल तब है जब भारत दुनिया के दो सबसे बड़े बाल पोषण कार्यक्रम चलाता है- 6 साल से कम उम्र के बच्‍चों के लिए ICDS और स्‍कूल जाने वाले 14 वर्ष तक के बच्‍चों के लिए मिडडे मील, फिर भी कुपोषण की यह स्थिति भयावह है।

भारत सरकार का बड़ा फैसला, नहीं दिखाए जाएंगे सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत

नई दिल्ली : एजेंसी ,भारत सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े किसी भी सबूत को सार्वजनिक ना करने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि सबूत सामने आने से पाकिस्तान आर्मी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। लेकिन सरकार ऐसा नहीं करना चाहती। इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ सरकारी सूत्रों ने कहा कि इस वक्त भारत युद्ध करने के समर्थन में बिल्कुल नहीं है। लेकिन अगर फिर भी युद्ध की स्थिति बनती है तो भारत लड़ने और जीतने दोनों के लिए तैयार है। सूत्र ने यह भी कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक को कूटनीतिक समर्थन भी मिला क्योंकि किसी भी देश ने भारत द्वारा उठाए गए कदम का विरोध नहीं किया। पाकिस्तान के सबसे करीबी माने जाने वाले चीन ने भी इस मामले में हाथ नहीं डाला। इसके अलावा बहुत से इस्लामिक देशों की तरफ से आने वाले बयान भी भारत के समर्थन में थे। सूत्र ने यह भी बताया कि 2017 की गणतंत्र दिवस समारोह में अबुधाबी के प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहान को बुलाना भी कूटनीति का ही हिस्सा है।

नहीं किया था अमेरिका को फोन: सूत्र ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में कोई भी जानकारी यूएस को नहीं दी गई थी। नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल और अमेरिकी सिक्योरिटी एडवाइजर के बीच हुई बातचीत भी किसी और मुद्दे को लेकर हुई थी। उसमें सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र नहीं किया गया था। बस इतना बताया गया था कि बॉर्डर पर कुछ गतिविधि हुई है। सूत्र से यूपीए सरकार के वक्त में हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में भी सवाल पूछा गया। इसपर बताया गया कि कांग्रेस इस मुद्दे को इसलिए उठा रही है ताकि मौजूदा सरकार सर्जिकल स्ट्राइक का ज्यादा ‘फायदा’ ना उठा ले। सूत्र ने जीएसटी बिल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने उसे भी काफी वक्त तक रोके रखा जबकि उसका प्रस्ताव कांग्रेस ही लाई थी।

गौरतलब है कि 27-28 सितंबर की रात को भारतीय सेना ने पीओके में आतंकी लॉन्‍चपैड पर सर्जिकल स्‍ट्राइक की थी। इसमें बड़ी संख्‍या में आतंकी मारे गए थे। भारत की ओर से यह कार्रवाई उरी हमले के जवाब में की गई थी।

राजनाथ सिंह का PAK को जवाब, हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, अगर कोई हमे छेड़ेगा तो उसे छोड़ेंगे नहीं

नई दिल्ली : एजेंसी , गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान और उसकी हुकूमत को कड़ा संदेश दिया है। गृह मंत्री ने कहा कि हम मानते हैं कि हम किसी को छेड़ेंगे नहीं, पर अगर हमको कोई छेड़ेगा तो हम उसको छोड़ेंगे नहीं। उन्होंने आगे कहा कि हमने अपनी ताकत पिछले दिनों साबित कर दी और पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि भारत एक मजबूत देश है। गृह मंत्री के इस बयान को उरी हमले पर पाकिस्तान को दिए गए कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से भारत-पाकिस्तान के बीच जुबानी जंग जारी है और दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ता जा रहा है। इससे पहले शनिवार को राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर देश पर हमला किया गया तो गोलियां नहीं गिनी जाएगी। हम कभी पहले गोली नहीं चलाते लेकिन यदि हम पर हमला हुआ तो पलटवार में ट्रिगर दबाने के बाद हम कभी गोलियां नहीं गिनते।

सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आतंकी बुरहान वानी को फिर से शहीद बताया था और कश्मीरियों के संघर्ष का समर्थन किया था। शरीफ ने कहा था कि दुनिया में कोई ऐसी ताकत नहीं है जो पाकिस्तान को कश्मीरियों के संघर्ष का समर्थन करने से रोक सके। बुरहान वानी को हीरो बताते हुए शरीफ ने कहा कि घाटी (कश्मीर) की स्थिति के कारण ही दोनों न्यूक्लियर देशों के बीच एलओसी पर तनाव है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार आतंकवाद समेत सभी चुनौतियों पर काबू करने का प्रयास कर रही है। इससे पहले वह यूएन में भी बुरहान वानी को शहीद बता चुके हैं।

गौरतलब है कि 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उरी में सेना मुख्यालय पर आतंकियों ने हमला किया था। हमले में 18 जवान शहीद हो गए थे, बाद में दो जवानों की और मौत हो गई थी। इस हमले का बदला लेते हुए भारतीय सेना की ओर से 28-29 सितंबर को एलओसी के पार सर्जिकल स्ट्राइक किया गया था। सर्जिकल स्ट्राइक में सेना ने आतंकियों के 7-8 कैंपों को नष्ट कर दिया था और कई आतंकियों को मार गिराया था। आतंकियों को बचाने में पाकिस्तानी सेना के दो जवान भी मारे गए थे।

अश्विन की फिरकी से भारत ने न्‍यूजीलैंड का किया क्‍लीन स्वीप, 321 रन से जीता मुकाबला

इंदौर।  (एजेंसी ) भारत ने इंदौर टेस्‍ट जीतकर तीन टेस्‍ट की सीरीज में न्‍यूजीलैंड का सफाया कर दिया। भारत के 475 रन के जवाब में मेहमान टीम 153 रन पर सिमट गई। उसे 321 रन से हार का सामना करना पड़ा। भारत की जीत में आर अश्विन ने बड़ी भूमिका निभाई। उन्‍होंने दूसरी पारी में सात विकेट लिए जबकि कुल मिलाकर 13 विकेट झटके। इस टेस्‍ट में जीत के साथ ही भारत आईसीसी टेस्‍ट रैंकिंग में नंबर वन गया है। इससे पहले भारत ने चेतेश्‍वर पुजारा(101 नाबाद) और गौतम गंभीर(50) की पारियों के बूते तीन विकेट पर 216 रन बनाकर पारी का एलान कर दिया। दूसरी पारी में भारत ने तेजी से रन बटोरे और चाय से पहले पारी का एलान कर दिया। भारत को पहली पारी में 258 रन की बढ़त मिली थी इसके चलते न्‍यूजीलैंड को 475 रन का लक्ष्‍य मिला।

न्‍यूजीलैंड की दूसरी पारी में भी निराशाजनक रही। सलामी बल्‍लेबाज टॉम लाथम केवल 6 रन बनाकर उमेश यादव की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए। चाय के बाद अश्विन ने अपनी फिरकी का कमाल दिखाया। उन्‍होंने कीवी कप्‍तान केन विलियमसन को पगबाधा कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। इसके बाद आए रॉस टेलर ने आक्रामक रूख अपनाया और अश्विन पर पलटवार किया। लेकिन इसी आक्रामकता के चलते वे अपना विकेट गंवा बैठे। अश्विन की एक लैंथ बॉल को मारने के प्रयास में वे बोल्‍ड हो गए। अश्विन ने ल्‍यूक रोंकी को भी बोल्‍ड कर न्‍यूजीलैंड की कमर तोड़ दी। रवींद्र जडेजा ने जेम्‍स नीशाम और मार्टिन गुप्टिल को वापस भेजा। इसके बाद अश्विन ने मिचेल सेंटनर और जीतन पटेल को आउट कर मैच में दूसरी बार पांच विकेट लिए। भारत ने पहली पारी में कोहली (211) और अजिंक्य रहाणे (188) की बड़ी शतकीय पारियों से  पांच विकेट पर 557 रन बनाकर पारी घोषित कर दी थी।

भारत में पैर पसारने की कोशिश में ISIS, सिर कलम करने का दिया आदेश

भारत में पैर फैलाने की कोशिशों में जुटे आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने अपने मॉड्यूल्स और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि हत्याओं के लिए धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया जाए और खासकर विदेशियों को निशाना बनाया जाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक आतंकी संगठन की ओर से अपने मॉड्यूल्स से कहा कि भारी हथियारों को साथ रखने, आईईडी और हमला करने के लिए भारी हथियार खरीदने के बजाए बड़ी धारदार चाकू या हथियार का इस्तेमाल करे। इससे लागत में कमी आएगी और संदेह होने का शक भी होगा।
टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक सिर कलम करने का पहला मामला जुलाई में उस समय सामने आया जब पश्चिम बंगाल सीआईडी ने अबु मूसा उर्फ मैसुद्दीन नाम के आतंकी के नेतृत्व वाले मॉड्यूल को पकड़ा गया। उसके पास से सीआईडी को धारदार हथियार मिले थे। अब, केरल-तमिलनाडु में पिछले हफ्ते गिरफ्तार किए गए मॉड्यूल्स से यह पता चला है कि उनकी प्लानिंग दो दक्षिणी राज्यों में विदेशी लोगों को टारगेट करना था। रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों का कहना है कि भारत में प्रस्तावित हमलों के पीछे आतंकी संगठन का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच दहशत फैलाना है, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।

एजेंसियों का मानना है कि आईएसआईएस से प्रभावित लोगों को इन हत्याओं की रिकॉर्डिंग के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि इन्हें ऑनलाइन फोरम पर शेयर करके संगथन को भारत में प्रमोट किया जा सके। इस साल जुलाई में ढाका के कैफे में हुए हमले में भी ऐसा ही देखने को मिला था। आतंकियों द्वारा विदेशियों की गर्दन काटने के वीडियो बनाए गए थे, जिसे आईएस ने बाद में शेयर किया था।

गौरतलब है कि एनआईए द्वारा हाल ही में आईएसआईएस का संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया गया था। वह कथित रूप से केरल में कुछ न्यायाधीशों और विदेशी पर्यटकों को निशाना बनाने की योजना बना रहा था। उसने इराक में युद्ध का प्रशिक्षण लिया था। आरोपी की पहचान तमिलनाडु में तिरुनेलवेली के रहने वाले सुबहानी हाजा मोइदीन के रूप में की गई है। सूत्रों के अनुसार मोइदीन कथित तौर पर एकमात्र ऐसा भारतीय है जिसे इराक के मोसुल में युद्ध का कड़ा प्रशिक्षण दिया गया। एनआईए ने एक बयान में कहा कि आरोपी ने देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रची थी और वह तमिलनाडु में पटाखा कारखानों से रासायनिक विस्फोटक जमा करने की योजना बना रहा था।

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