राजधानी

भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने शनिवार को एकात्म परिसर में पदभार संभाला, बोले- सरकार के खिलाफ बहुत मुद्दे

 रायपुर -  भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने शनिवार को एकात्म परिसर में पदभार संभाला। निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने विष्णु को पुष्पगुच्छ भेंटकर प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी। इस दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए विष्णु को बधाई दी। पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से चर्चा में विष्णु ने कहा कि यह दायित्व एक बड़ी चुनौती है। इससे पहले जब दो बार अध्यक्ष बना, तब राज्य में भाजपा की सरकार थी। अब पार्टी विपक्ष में है, लेकिन भरोसा है कि संगठन के वरिष्ठ नेताओं के अनुभवों के साथ इस चुनौती से लड़ेंगे। पार्टी ने दायित्व सौंपा है, हर जिले का दौरा करूंगा। हमारे पास सरकार के खिलाफ बहुत मुद्दे हैं।

साय ने कहा कि मैं अपने दायित्वों पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी में तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व मिला है। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों ने केंद्र में अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार देखी है। नरेंद्र मोदी सरकार देख रहे हैं। यह गांव, गरीब और किसान की पार्टी है। जब-जब सरकार में रहने का मौका मिलता है, गांव, गरीब और किसान प्राथमिकता में होते हैं।

कांग्रेस को जनविरोधी नीतियों, भ्रष्टाचार की वजह से जनता ने खारिज किया था। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के लोक लुभावन घोषणापत्र में राज्य की जनता बहकावे में आ गई थी। अब जनता सरकार से ऊब गई है। कांग्रेस सरकार ने राज्य में जनता से किये वादों को पूरा नहीं किया। सरकार पूरी तरह फैल हो गई है। दूसरे प्रदेशों में काम पर गए मजदूरो की वापसी में उन्हें तकलीफ उठानी पड़

राजकीय शोक का खुला उल्लंघन, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय ने एक बार फिर दी छत्तीसगढ़ सरकार को खुली चुनौती....

रायपुरl छत्तीसगढ़ की जनता प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री श्री अजीत जोगी जी के दिव्य आत्मा के शांति की प्रार्थना अभी पूरी भी नहीं कर पाई है , पूरा प्रदेश अब भी जहां शोक भरे वातावरण में डूबा नजर आ रहा है तो वही दूसरी ओर कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्हें राजकीय शोक से कोई लेना देना नहीं है| इस यथार्थ को पूर्णता सिद्ध करता नजर आया छत्तीसगढ़ का एकमात्र विवादित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय| यहां के संघी विचारधारा वाले प्रोफेसरों और नये नवेले कुलपति बलदेव भाई शर्मा ने एक बार फिर सरकार के आदेश को न मानकर सीधे टक्कर देने की कोशिश ही नहीं की बल्कि इसे सरेआम साकार कर दिखाया है| यह वही विश्वविद्यालय है जहां विद्यार्थियों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाली,सच और झूठ की लड़ाई लड़ने वाली, समाज के लिए अस्त्र साबित होने वाली व देश का चौथा स्तंभ कही जाने वाली पत्रकारिता का पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है| वह पत्रकारिता जो विद्यार्थियों को सच के लिए लड़ने और कलम से क्रांति लिखने की सीख देती है, किंतु यहां के कई प्रोफेसर स्वयं ही फर्जी और बेईमान है| इन्हें न तो किसी की मातम का गम है और न ही उचित-अनुचित की परवाह| यही वजह है कि इन्होंने सरेआम एक बार फिर न नैतिकता के विरोध में जाकर अपना हित तय किया है| बल्कि इनकी इस गतिविधि ने मानवता को भी शर्मसार कर दिया है| विश्वविद्यालय की इस घटना से न केवल विश्वविद्यालय बल्कि सजग पत्रकार साथीयों की भी किरकिरी सरेआम हुई है | विदित हो कि 31 मई 2020 को विश्वविद्यालय द्वारा राजकीय शोक घोषित होने के बावजूद राष्ट्रीय वेबिनार कोरोना महामारी के दौरान डिजिटल मीडिया की भूमिका विषय पर कार्यक्रम का आयोजन सरकारी इंतजामों के साथ बड़े ही उत्सुकता के साथ मनाया जा रहा था| वेबीनार का आयोजन ई-मीडिया के माध्यम से लाइव हो रहा था जिसमें देशभर के शोधार्थी, प्रोफेसर और बुद्धिजीवी जुड़े हुए थे| अचानक ही उनके समक्ष वह दृश्य आ गया जिससे वे सभी अनजान थे, कि जिस प्रदेश को अभी अपने होनहार प्रथम मुख्यमंत्री को खोए हुए 2 दिन भी नहीं हुए, उसी प्रदेश के एक सरकारी शैक्षणिक संस्थान में कार्यक्रम का आयोजन राजकीय शोक को ताक पर रखते हुए सहजता के साथ किया जा रहा था| संघ का आत्मपरिसर कहे जाने वाली कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के इस वेबीनार कार्यक्रम के लिए भी वक्ता के रूप में संघ के विचारधारा वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता से आमंत्रित किया गया था| कार्यक्रम के विवरण ब्रोशर के अनुसार यह वेबीनार दो सत्रों में आयोजित होना था जिसमें प्रथम सत्र का आयोजन सुबह 11:00 बजे से 12:30 बजे तक व द्वितीय सत्र का आयोजन 1:00 बजे से 2:00 बजे तक रखा गया था | कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से मिली जानकारी के अनुसार जब यह विरोध जताया गया तब तक प्रथम सत्र जारी रहा। जिसमें संघ के वक्ताओं में से प्रो. जयंत सोनवलकर कुलपति मध्यप्रदेश भोज. मुक्त विश्वविद्यालय भोपाल, डॉ.मानस प्रीतम गोस्वामी, विभागाध्यक्ष पत्रकारिता विभाग केंद्रीय विश्वविद्यालय तमिलनाडु, वरिष्ठ पत्रकार शैलेंद्र तिवारी नई दिल्ली और प्रोफेसर पुष्पेंद्र पाल सिंह संपादक रोजगार और निर्माण भोपाल अपनी बात किए जा रहे थे। कुछ अन्य वक्ता अपने वक्तत्व के इंतजार में थे| इस दौरान वेबीनार के लाइव स्क्रीन में सजग छात्रों द्वारा फ्लैग रेस करके समस्या से अवगत कराया गया। साथ ही सजग छात्रों द्वारा विश्विद्यालय जाकर विरोध दर्ज कराया गया। विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों द्वारा विवि के प्रोफेसरों, नये नवेले कुलपति के विरोध में नारे लगा रहे थे, तो वही विरोध प्रदर्शन का दृश्य भी वेबीनार के ऑनलाइन लिंक में प्रदर्शित होने लगा था | प्रदर्शित दृश्य में यह स्पष्ट देखने को मिल रहा था कि विद्यार्थी विश्वविद्यालय प्रबंधन से प्रदेश में राजकीय शोक होने के चलते कार्यक्रम को बंद करने की मांग कर रहे हैं| इसके बाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने लाइव जुड़े दर्शकों को अवगत कराया गया कि यहां के शिक्षकगण व प्रोफेसर आदि विचारधारा के इतने भूखे हो चुके हैं कि किसी व्यक्ति के मातम में भी कार्यक्रम का आयोजन कर लेते हैं| एक बार फिर ऐसी गतिविधि के माध्यम से पत्रकारिता विश्वविद्यालय द्वारा छत्तीसगढ़ की सरकार को अंगूठा दिखाने का सार्थक कार्य किया गया है, ज्ञात हो कि कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक विभाग के तत्वाधान में किया जा रहा था| कार्यक्रम आयोजक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.नरेंद्र त्रिपाठी थे| कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर बलदेव भाई शर्मा द्वारा किया जाना था| समस्त संबंधित जनों के नाम को विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित वेबीनार के ई-ब्रोशर में स्पष्ट देखा जा सकता है| एक ओर जहां विश्वविद्यालय के अतिथि प्राध्यापक, असिस्टेंट प्रोफेसर के द्वारा सरकार के विपरीत जाने का साहसी कदम इस पत्रकारिता विश्वविद्यालय में एक बार फिर देखने को मिलता है,तो वही संगी विचारधारा वाले कुलपति बलदेव भाई शर्मा के पुर्न आगमन से इन शिक्षकगण और प्रोफेसरों में आत्मीय बल का प्रोत्साहन भी ऐसी गतिविधि के माध्यम से स्पष्ट देखा जा सकता है| अब लोग कहने लगे हैं कि क्या प्रदेश की सरकार इतनी ज्यादा बेबस हो गई है कि बार-बार एक छोटे से विश्वविद्यालय द्वारा इन्हें मुंह की खानी पड़ रही है? वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश में सरकार परिवर्तित होते ही लॉकडाउन कार्यकाल के दौरान भी विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की छटनी कर अपनी विचारधाराओं के व्यक्तियों को कुलपति पद में नियुक्त करके मध्यप्रदेश की सरकार ने अपने शक्ति का खुला प्रदर्शन किया है| लोगों में अब यह तक कहा जाने लगा है कि छत्तीसगढ़ की सरकार के पास न तो कोई रणनीति है और न ही इसके पास उचित निर्णय लेने का साहस है|

रविवार को छत्तीसगढ़ में 32 नए पॉजिटिव मामले आए सामने...बिलासपुर में 8 माह का अबोध शिशु भी संक्रमित

A News Edit By : Yash Kumar Lata

रविवार को छत्तीसगढ़ में 32 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। जिसमें से जसपुर में 16, महासमुंद 12 ,कोरबा में 2, रायपुर में 2 और बिलासपुर में 1 मामला आया है। प्रदेश में अब एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 377 हो गई है । इनमें बिलासपुर का मामला सबसे अनोखा है। बिलासपुर में जो मरीज पॉजिटिव पाया गया है उसकी उम्र मात्र 8 माह है। पिछले दिनों अन्य प्रदेशों से आए श्रमिक बिल्हा कोरेंटिन सेंटर में ठहराए गए थे। जिसमें से उत्तर प्रदेश से आई एक महिला की रिपोर्ट 24 मई को पॉजिटिव आई थी जिसके बाद उसे इलाज के लिए रायपुर के एम्स भेज दिया गया। पता चला कि वही महिला इस बच्चे की मामी थी जो कोरेंटिन सेंटर में रहने के दौरान बच्चे को खाना खिलाती थी। यही कारण है कि 8 माह का अबोध शिशु भी संक्रमित हो गया। वैसे बच्चे का परिवार पुणे से बिल्हा लाया गया था ।
इतनी छोटी उम्र के बच्चे के संक्रमित पाए जाने के बाद प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं । हड़बड़ी में बच्चे के माता-पिता का सैंपल भी भेजा गया है ,तो वहीं प्रशासन के लिए बड़ी समस्या यह है कि आखिर इतने छोटे बच्चे को कहां भेजें ,क्योंकि बच्चे की देखभाल भी एक बड़ी समस्या है ।फिलहाल बच्चे को बिलासपुर संभागीय कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाए या फिर उसे रायपुर एम्स भेजा जाए ,इस पर विचार किया जा रहा है। संभवतः प्रदेश का यह पहला मामला है जब 8 माह के दूध मुहे बच्चे को भी कोरोना संक्रमण हुआ है।

छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान का ईद मिलन कार्यक्रम संपन्न

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान द्वारा आयोजित ईद मिलन कार्यक्रम में महासचिव हाजी शफीक रज़ा ने कहा कि इस बार की ईद कोरोना के साये में मनी है। इसके संबंध में अल्लाह का संदेश पहले ही दिया जा चुका था जो अब हकीकत में दिखाई दे रहा है। यह सदियों में पहली ईद है जिसमें मुस्लिम समुदाय ने घरों पर रह कर ही नमाज पढ़ी और सादगी से ईद का त्यौहार मनाया। उन्होंने आगे कहा कि इस बार की ईद की सेवई की खुशियों के साथ छत्तीसगढ़ में झीरम घाटी के शहीदों को भी नमन किया गया। छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान के अध्यक्ष डॉ. उदयभान सिंह चौहान ने कहा झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं की सामूहिक शहादत के अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शांति विश्वास और विकास के त्रिवेणी संगम के साथ प्रदेश को शांति टापू बनाने का संकल्प लिया, जो कि सराहनीय पहल है। झीरम शहीदों को अब न्याय मिलने की उम्मीदें बढ़ गई है। उन्होंने झीरम जांच को तेज कर शीघ्र न्याय दिलाने की मुख्यमंत्री से अपील की है। छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान द्वारा मौदहापारा में आयोजित ईद मिलन कार्यक्रम कोरोना के नियमों का पालन करते हुए संपन्न हुआ जिसमें अनेक गणमान्य नागरिकों व संस्थान के सदस्य सम्मिलित हुए।

महाराणा प्रताप जयन्ती के अवसर पर राजपूत क्षत्रिय महासभा रहटादह, प क्र 1282, उपसमिति रायपुर दक्षिण का आयोजन

रायपुर आज विक्रम संवत 2077, ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष तृतीया को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी की 480 वी जयंती के अवसर आप सभी को बहुत- बहुत बधाई एवम शुभकामनाएं वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के शुभ अवसर पर आज दिनांक 25 मई 2020 को प्रातः 10-00 बजे टाटीबंध चौक रायपुर स्थित महाराणा प्रताप जी की भव्य प्रतिमा में उपसमिति रायपुर दक्षिण के वरिष्ठ सदस्यों , सदस्यगणो एवं उप समिति के पदाधिकारियों द्वारा पूजा-पाठ, अर्चना कर माल्यार्पण किया गया तथा महाराणा प्रताप की जीवनी को याद करते हुए उनके बताए मार्गो पर चलने का शपथ लिया गया । ततपश्चात समिति के अध्यक्ष लव सिंह ठाकुर के निवास भांटागांव में भी महाराणा प्रताप के तैल चित्र की पूजा अर्चना कर माल्यार्पण करते हुये दीप प्रज्वलित किया गया । इसके पश्चात उप समिति रायपुर दक्षिण के ऐसे 5 स्वजातीय परिवार जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है उप समिति की ओर से जररूत मंद परिवारों को राशन सामग्री प्रदाय की गई । *इस अवसर पर उप समिति रायपुर दक्षिण से ठा रमेश कुमार सिंह, ठा महेंद्र परिहार, ठा बलवंत सिंह, ठा दौलत सिंह ठाअश्वनी सिंह, ठा लव सिंह, ठा इंद्र कुमार, ठा दिनेश ठाकुर, ठा जितेंद्र सिंह ठाकुर, ठा प्रदीप नंदनवान, ठा रणजीत सिंह, ठा पवन गौतम, ठा शरद सिंह, श्रीमती ज्योति चंदेल अन्य पदाधिकारी गण, ठा रामकुमार सिंह व लता ठाकुर एवम अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।

एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने हॉस्टल के वरिष्ठ अधीक्षक और वरिष्ठ वार्डन के इस्तीफे की मांग

नई दिल्लीः एम्स में वीरवार को एक मेस वर्कर की मौत हो गई। मौत के एक दिन बाद शुक्रवार को वह कोरोना पॉजिटिव निकला। गुरुवार शाम को एम्स में उसकी मौत हो गई थी, जिसके बाद उसका ब्लड सैंपल लिया गया था, शुक्रवार को रिर्पोट में वह पॉजिटिव निकला। मेस कर्मी की मौत के बाद अस्पताल ने कैन्टीन को बंद कर दिया है। डॉक्टरों ने हॉस्टल प्रशासन से इस्तीफे की मांग की है।

मेस कर्मी एम्स के छात्रावास की एक कैन्टीन में कार्यरत था। गुरुवार शाम को कोरोना के लक्षणों की शिकायत के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती कराने के कुछ घंटों के भीतर ही उसकी मौत हो गई।

डॉक्टरों ने बताया कि वह बुखार और खांसी से पीड़ित था। हालांकि, डॉक्टरों ने कहा कि उसकी मौत से ठीक एक दिन पहले उसमें कोरोना के लक्षण दिखाई दिए थे।

एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने हॉस्टल के वरिष्ठ अधीक्षक और वरिष्ठ वार्डन के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रावास प्रशासन परिसर में सुरक्षा उपायों को लागू करने में विफल रहा।

‘इसलिए घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए, उन्हें (अधीक्षक और वार्डन) को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए,’ आरडीए ने अपनी स्टेटमेंट में कहा।

एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीके शर्मा के बयान लेने के लिए संवाददाता उनके पास पहुंचे। उन्होंने इस मामले पर टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया और हमें डॉ. आरती विज से सम्पर्क करने के लिए कहा, जो अस्पताल की आधिकारिक प्रवक्ता हैं। हालांकि, हमारे बार-बार काॅल करने पर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष भेंटवार्ता का प्रसारण आकाशवाणी और एफ.एम. रेडियो से 24 मई को सवेरे 10.30 बजे

बलौदाबाजार, 23 मई 2020/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष भेंटवार्ता का प्रसारण आकाशवाणी रायपुर द्वारा 24 मई रविवार को सवेरे 10.30 बजे किया जाएगा। आकाशवाणी रायपुर द्वारा प्रसारित किए जाने वाले इस कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्र एक साथ रिले करेंगे। यह कार्यक्रम मीडियम वेव के साथ-साथ सभी एफ.एम. रेडियो पर भी एक साथ सुना जा सकेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस विशेष भेंटवार्ता में कोरोना संकट के इस दौर में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों, प्रवासी मजदूरों, वनवासियों और ग्रामीणों सहित समाज के सभी वर्गों के हित में उठाए जा रहे कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। इस विशेष भेंटवार्ता का पुनः प्रसारण सोमवार 25 मई को प्रातः10.30 बजे किया जाएगा।

प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा सहित प्रतिनिधि मण्डल ने की उच्च शिक्षा मंत्री से मुलाक़ात की माहामारी से छात्रो को हो रही परेशानी के निराकरण के लिए सौंपा ज्ञापन

रायपुर.23 मई 2020 जनरल प्रमोशन बोनस मार्क्स की मांग को लेकर एन.एस.यू.आई छत्तीसगढ़ ने जारी की विज्ञप्ति वैश्विक माहामारी का दौर चल रहा हैं। कोरोना वायरस कोविड 19 से देश और हमारे प्रदेश मे संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही हैं। वर्तमान परिदृश्य में कॉलेज में परीक्षा का आयोजन मुश्किल हैं छात्र भी इसके लिए तैयार नही हैं और छात्रो की ज़िन्दगी से महत्वपूर्ण और कुछ नही हैं। इसलिए एनएसयूआई ने छात्रहित में जनरल प्रमोशन देने की मांग शासन से की हैं। जनरल प्रमोशन को लेकर बड़ी संख्या में छात्र भी एनएसयूआई के साथ खड़े हैं। जनरल प्रमोशन को लेकर हमारा आशय है कि वर्तमान परिस्तिथि में छात्रो को परीक्षा और परीक्षा केंद्र से दूर रखा जाएं। एनएसयूआई तत्कालीन समय के अनुसार महाविधालयों में किसी भी प्रकार की परीक्षा के आयोजन का विरोध करती हैं। इस संदर्भ में आज एन.एस.यू.आई का प्रतिनिधिमंडल उच्च शिक्षा मंत्री से मिला और मंत्री जी से चर्चा कर उनसे अपनी मांग से क्रम अनुसार अवगत कराया- छात्रो को सीधा अगली कक्षा में पदोन्नित (प्रमोट) किया जाए या आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल मार्किंग) से परिणाम (रिज़ल्ट) तैयार किये जाए या फिर कोई असाइनमेंट देकर छात्रो का मूल्यांकन करें, असाइनमेंट भी ऐसा हो कि छात्र घर बैठे ही बिना किसी तनाव के इसे पूरा करें माननीय उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल जी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही ऐसा निर्णय होगा जिसमे छात्रों की डिग्री और भविष्य के साथ उनकी स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा का कहना हैं छात्रों की इस लड़ाई में एनएसयूआई हर कदम उनके साथ खड़ी हैं। हमे छात्रो की भविष्य के साथ उनकी सेहत की सुरक्षा की भी चिंता हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष भावेश शुक्ला, रायपुर जिला अध्यक्ष अमित शर्मा, बिलासपुर ज़िला अध्यक्ष (युवा कोंग्रेस) भावेंद्र गंगोत्री, बिलासपुर कार्यकारी जिला अध्यक्ष एनएसयूआई रंजीत सिंह, रायपुर कार्यकारी अध्यक्ष कृष्णा सोनकर, सर्वजीत ठाकुर, सतीश ठाकुर एवं निखिल चंद्राकर उपस्थित थे।

शबे कद्र, अलविदा जुमा और ईदुल फितर में भी लॉकडाउन के नियमों का पूर्णतः पालन करें - अध्यक्ष राज्य वक्फ बोर्ड सलाम रिजवी : मुफ्ती हजरात ने कहा वर्तमान हालात में ईद की नमाज लोगों पर वाजिब नहीं

रायपुर, 20 मई 2020 कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए जारी लॉकडाउन के दौरान पवित्र माह रमजान का अलविदा जुमा, शबे कद्र एवं ईदुल फितर की नमाज के संबंध में शहर के समस्त मस्जिदों के ईमाम और मुतवल्लियों के साथ छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष श्री सलाम रिजवी ने आज रेडक्रॉस भवन, कलेक्ट्रेट चौक रायपुर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी मुसलमान शबे कद्र, अलविदा जुमा और ईदुल फितर की नमाज में भी लॉकडाउन के नियमों का पूर्णतः पालन करें।     बैठक में ईदुल फितर की नमाज के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान मुफ्ती हजरात ने शरीअत की रौशनी में बताया कि लॉकडाउन के दौरान ईद की नमाज में घर नहीं पढ़ सकते है। लॉकडाउन और धारा-144 लागू है। ऐसी सूरत में ईद की नमाज हम लोगों पर वाजिब नहीं है। ईद की नमाज की कज़ा भी नहीं है। मुफ्ती हजरात ने बताया कि जुमा की नमाज के बदले नमाजे जोहर तो उसका बदल है। परंतु ईद की नमाज पर कोई बदल नहीं है। ईद की नमाज न पढ़ सके तो बेहतर यह है कि वह चाश्त की नमाज सूरज निकलने के बीस मिनट के बाद से लेकर ज़वाल के पहले तक अदा कर सकता है। दो रकाअत चाश्त की नमाज का तरीका नफिल नमाज के जैसा है। चाश्त नमाज कम से कम दो रकाअत और ज्यादा से ज्यादा 12 रकाअत है।     बैठम में उपस्थित सभी ईमाम, मुतवल्लियों से अलविदा जुमा की नमाज, शबे कद्र व ईदुल फितर की नमाज के संबंध में चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कोविड-19 वैश्विक महामारी घोषित की गई है। इस बीमारी ने पूरे देश-दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। इसकी रोकथाम और नियंत्रण के लिए केन्द्र और राज्य शासन द्वारा विभिन्न दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। इस दौरान शबे कद्र एवं अलविदा जुमा की नमाज और ईबादत आम मुसलमान अपने-अपने घरों में अदा करें। मस्जिद, दरगाह, कब्रिस्तान आदि स्थानों में भीड़ जमा न करें। लॉकडाउन के नियमों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें। इस संबंध में शासन-प्रशासन के दिशा-निर्देशों के परिपालन में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा जो पूर्व में एडवाईजरी जारी की गई है, वे यथावत रहेंगी।     बैठक में बताया गया कि पूर्व में रमजान के चांद की तस्दीक के लिए राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा राज्य स्तरीय कमेटी बनाकर व्यवस्था की गई थी। उसी प्रकार की व्यवस्था ईद के चांद के तस्दीक के लिए भी की जाएगी। बैठक में विशेष रूप से शहर काजी मौलाना मोहम्मद अली फारूकी, शहर की विभिन्न मस्जिदों के ईमाम, मुतवल्ली, वक्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. एस.ए. फारूकी, अधिवक्ता शाहिद सिद्दकी, मोहम्मद ताहिर, अशरफ हुसैन, शमी ईमाम, मोहम्मद तारिक अशरफी, जावेद अख्तर, श्री इकबाल अहमद, अब्दुल रहीम, आरिफ रहमान भी उपस्थित थे।

ग्रामीण आत्मनिर्भरता के लिए सरकार को सौंपेंगे ज्ञापन

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान प्रदेश में खान-पान, संस्कृति, रोजगार सहित जल-जंगल-जमीन के लिए सरकार व जनता के मध्य संवाद सेतु के रूप में कार्य करेगी। इसके लिए पूरे प्रदेश में संगठन का विस्तार किया जाएगा। आज संपन्न इस बैठक में ऑनलाइन व रायपुर व भाटापारा से कार्यकर्ताओं ने उपस्थिति दी। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. उदयभान सिंह चौहान ने संस्था का परिचय प्रस्तुत करते हुए आगामी कार्ययोजना पर अपनी बात रखी। टिकरापारा कार्यालय में आज संपन्न बैठक में किसानों से संबंधित समस्याओं व उसकी तैयारी के विषय में प्रस्ताव पारित किया गया कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता के लिए आगामी कृषि सीजन में समुचित व्यवस्था के लिए शासन को एक ज्ञापन दिया जाए।। इसके अतिरिक्त वैश्विक महामारी संकट में जगह जगह फंसे मजदूरों को अलग अलग खेप में लाने की बजाय एक साथ लाने की व्यवस्था पर जोर दिया गया। बैठक के अन्य विषयों में स्थानीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के खानपान के विक्रय लिए स्वसहायता समूहों तथा महिलाओं के माध्यम से कार्य आरंभ किया जाए। संस्थान की गतिविधियों से पत्रकारों को जोड़ने के लिए कोविद संकट के दौरान जोखिम लेने वाले पत्रकारों का अभिनंदन किए जाने की योजना तैयार की जाए। संस्थान की ओर से पहले ही समाजसेवियों व अन्य स्थानों पर कोरोना सेवा प्रदान की गई हो उन्हें चिन्हांकित कर संस्थान की ओर से अभिनंदन पत्र प्रदान किया जाए। बैठक में रायपुर से यदुनंदन देवांगन, पुरुषोत्तम गुप्ता, नीतू साहू, त्रिवेणी यादव, अब्दुल हफीज, राजेन्द्र सोनी, अर्जुन सिंह देवांगन, भाटापारा से सत्यनारायण पटेल, कैलाश जायसवाल, मुकेश मोंगराज, तथा भाटापारा से रविन्द्र गिन्नौरे तथा गरियाबंद से गुलशन सिन्हा, दुर्ग से प्रफुल्ल बैस, मनेन्द्रगढ़ से संजय आयाम, नगरी से संजय सिंह परिहार ने ऑनलाइन भागीदारी की। बैठक का संचालन आदेश ठाकुर ने किया। आदेश ठाकुर प्रदेश प्रवक्ता, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान संस्थान

एनटीए ने नीट परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र बदलने का दिया मौका

रायपुर. 17 मई 2020. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA - National Testing Agency) ने इस वर्ष नीट (NEET – National Eligibility-cum-Entrance Test) में शामिल हो रहे परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र का दोबारा चयन करने का मौका दिया है। परीक्षा केन्द्र का शहर बदलने के इच्छुक परीक्षार्थी 31 मई तक अपने ऑनलाइन आवेदन में इस संबंध में संशोधन कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ को पत्र लिखकर नीट और जेईई (Joint Entrance Examination) सहित राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा ली जाने वाली विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में शामिल हो रहे विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र में बदलाव का अवसर देने का आग्रह किया था। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने हाल ही में 8 मई को केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री से अनुरोध करते हुए लिखा था कि परीक्षार्थियों ने ऑनलाइन आवेदन करते समय अपने परीक्षा शहर का चयन किया था। परंतु मौजूदा लॉक-डाउन के कारण परिस्थितियां बदल गई हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए पूरे देश में सार्वजनिक परिवहन को बंद रखा गया है। साथ ही अंतर्राज्यीय सीमाओं को भी सील कर दिया गया है। इन परिस्थितियों में परीक्षार्थियों को पूर्व में चयनित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में व्यवहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। सिंहदेव ने पत्र में आग्रह किया था कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए नीट, जेईई और राष्ट्रीय स्तर की अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हो रहे परीक्षार्थियों तो परीक्षा केंद्र के चयन का पुनः अवसर दिया जाए, जिससे वे अपने नजदीकी केंद्रों का चयन कर सकें। इससे वे लॉक-डाउन का पालन करने के साथ-साथ बिना परेशानी के परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। सिंहदेव ने नीट परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र के पुनः चयन का मौका देने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है। साथ ही दूसरी परीक्षाओं के परीक्षार्थियों को भी यह अवसर उपलब्ध कराने का पुनः आग्रह किया है।

रमन सिंह कर्नाटक और उप्र से भी ट्रेनों की अनुमति दिलवा दें: कांग्रेस

 रायपुर। 17 मार्च,2020। जम्मू कश्मीर से श्रमिकों के लिए ट्रेन की अनुमति दिलवाने के कथित प्रयासों को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने डॉ रमन सिंह का राजनीतिक हथकंडा बताते हुए कहा है कि अगर उनकी इतनी सुनवाई हो रही है तो दो और भाजपा शासित राज्य छत्तीसगढ़ के लिए ट्रेनों की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं वे उन राज्यों से भी अनुमति दिलवा दें.  उन्होंने कहा है कि केंद्र की ओर से पहले तो रेलमंत्री पीयूष गोयल ने ग़लत बयान जारी करके राजनीति की. अब जबकि इस झूठ की कलई खुल गई है तो ‘डैमेज कंट्रोल’ के लिए डॉ रमन सिंह ट्रेनों की अनुमति दिलवाने की बात कर रहे हैं. अगर वे सच में छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के हितैषी हैं तो वे कर्नाटक और उत्तर प्रदेश से भी ट्रेनों की लंबित अनुमति दिलवाने की पहल करें.  शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा उपाध्यक्ष होने के नाते डॉ रमन सिंह को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन से भी बात कर लेनी चाहिए और कहना चाहिए कि आर्थिक पैकेज के तहत जो उपाय किए गए हैं उससे न उद्योगपतियों का भला होने वाला है और न किसानों-मज़दूरों का. उन्हें चाहिए कि वे वित्तमंत्री से कहें कि वे कर्ज़ देने की जगह उद्योगपतियों को राहत दें और किसानों-श्रमिकों की जेब में नक़द रकम डालने के उपाय करें.  रमन सिंह जी से अनुरोध करते हुए संचार विभाग प्रमुख ने कहा है कि यदि उन्हें श्रमिकों का दर्द महसूस हो रहा है तो वे हिम्मत जुटाएं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जी कहें कि वे मीलों मील पैदल चल रहे मज़दूरों के लिए केंद्र सरकार की ओर से घर पहुंचने का इंतज़ाम कर दें. उन्होंने कहा है कि जब वे बात करें तो रेलमंत्री, वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री से यह भी कह दें कि ग़रीब मज़दूरों से ट्रेन यात्रा का पैसा वसूल करना बंद कर दें. वैसे भी मज़दूर पिछले दो महीनों में अपना सबकुछ गंवा चुके हैं, उनके पास यात्रा के पैसे भी नहीं हैं.  ने कहा है कि रमन सिंह के मन में छत्तीसगढ़ के मज़दूरों के लिए उपजा दर्द यदि नकयदिली नहीं है तो वे छत्तीसगढ़ से चुनकर गए अपनी पार्टी के सांसदों से कहें कि उन्होंने जितना पैसा पीएम केयर्स में भी दिया है उतना ही कम से कम मुख्यमंत्री राहत कोष में भी दे दें, जिससे राज्य में मज़दूरों के हित में और बेहतर काम हो सकें. शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि यदि भाजपा और उनके सहयोगी दलों द्वारा शासित राज्य श्रमिकों को लेकर राजनीति न करें और अपने अपने मज़दूरों को बुलाने के लिए पर्याप्त इंतज़ाम कर दें तो छत्तीसगढ़ का भला हो जाएगा. उन्होंने कहा है कि आज छत्तीसगढ़ सरकार अपने संसाधनों से जिन मज़दूरों को उनके घर तक पहुंचाने में मदद कर रही है, उनमें से 75 प्रतिशत से अधिक मज़दूर दूसरे राज्यों के हैं.  शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि जिस तरह से नोटबंदी ने आमजनों का हाल बेहाल किया था उसी तरह से अचानक किए गए लॉक-डाउन ने किया है. केंद्र की भाजपा सरकार ने बिना सोचविचार किए, बिना राज्यों को विश्वास में लिए जिस तरह के निर्णय किए हैं उसी की वजह से करोंड़ों मज़दूर दूसरे राज्यों में फंसे हैं. उन्होंने कहा है कि बेहतर है कि भाजपा इस समय अपनी ग़लती का दोष दूसरे राज्यों पर मढ़ने की जगह देश से माफ़ी मांगे.

अपने और बेगाने का फर्क नहीं, सिर्फ इंसानियत का फर्ज निभाने में जुटे लोग

रायपुर, 17 मई 2020कोरोना संक्रमण और लाॅकडाउन के इस दौर में जब अपनों ने मुंह फेर लिया। मालिकों और ठेकेदारों ने पल्ला झाड़ लिया। ऐसी स्थिति में देश के विभिन्न शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों की कम्पनियों, फेक्टरियों, मिलों, कल कारखानों, ऊंची-ऊंची अट्टालिकाओं के निर्माण में दिन रात पसीना बहाने वालों श्रमिक बेबस होकर रोते बिलखते अपने-अपने गांवों का सफर तय करने पैदल ही सड़कों पर निकल पड़े। हजार-हजार ढेड-ढेड हजार किलोमीटर की दूरी को श्रमिकों ने पांव-पांव नापने लगे। देश का शायद ही ऐसा कोई कोना बचा हो जहां के हाईवे और सड़कों पर श्रमिकों का रेला न दिखाई देता हो। बेबस मजदूर अपनी छोटी-मोटी गृहस्थी की गठरी सर पर उठाए, नन्हे-मुन्हे, छोटे बच्चों को कांधे पर लादे अपनी बेबसी की दास्तां खुद बयां कर रहे हैं। 

छत्तीसगढ़ राज्य के सीमाओं पर पहुंचने वाले सभी श्रमिकों के चाय, नाश्ते, भोजन की सुविधा, स्वास्थ्य परीक्षण एवं परिवहन निःशुल्क व्यवस्था ने श्रमिकों के दुख दर्द पर काफी हद तक मरहम लगाने का काम किया हैै। इस बेबसी के आलम में श्रमिकों को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशीलता के सभी कायल है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर राज्य के सभी सीमाओं पर पहुंचने वाले प्रवासी श्रमिकों को, चाहें वो किसी भी राज्य के हो, उन्हें छत्तीसगढ़ का मेहमान मान कर शासन-प्रशासन के लोग उनके सेवा-सत्कार में शिद्दत से जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री की अपील पर श्रमिकों की सहायता में राज्य के स्वयं-सेवी, समाज सेवी संस्थाओं, उद्योग और व्यापारिक संगठनों के लोग भी बराबर की साझेदारी निभा रहे हैं। बेबस प्रवासी श्रमिकों को सहूलियत और सहायता पहुंचाने के छत्तीसगढ़ सरकार को इंतजाम को देखकर बरबस इकबाल की यह नज्म याद आती है- हो मेरा काम गरीबों की हिमायत करना, दर्द मंदों और जईफों से मोहब्बत करना।

राजधानी रायपुर में स्थित टाटीबंध का इलाका प्रवासी श्रमिकों का संगम बना हुआ है।  यहां रोजाना हजारों की तादाद में अन्य राज्यों के प्रवासी श्रमिक महाराष्ट्र, तेलंगाना, आन्ध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश से दो-तीन दिनों का कष्टकारी सफर दो-तीन चरणों में जैसे-तैसे पूरा कर पहुंचने वालों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके राज्यों की सीमा तक पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में बसों की व्यवस्था की है। रूट भी तय किए गए हैं। जिसके जरिए श्रमिकों को निःशुल्क उनके राज्यों के सीमा तक भिजवाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारी सीमावर्ती राज्यों के अधिकारियों से समन्वय बनाकर इस चुनौती पूर्ण काम को बेहद संजीदगी के साथ पूरा करने में जुटे हैं। 

 
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने एक अहम फैसला यह भी लिया है कि राज्य के ऐसे प्रवासी श्रमिक परिवार, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। उन श्रमिक परिवारों मई और जून माह का प्रति सदस्य की मान से पांच किलो खाद्यान्न निःशुल्क दिया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ की श्रमिकों की वापसी के लिए, जहां ट्रेनों और बसों की निःशुल्क व्यवस्था की है, वहीं राज्य के अन्य जिलों में लाॅकडाउन के वजह से फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को उनके गृह ग्राम तक सकुशल पहुंचा जा रहा है।

महिला पटवारी रिश्वत लेते गिरफ्तार एन्टी करप्शन ब्यूरो की कार्यवाही

रायपुर आवेदक संजय साहू पिता लखन लाल साहू, निवासी-ग्राम-बड़ेदेवगांव, तहसील खरसिया, जिला-रायगढ़ (छ0ग0) ने दिनांक 03.03.2020 को एक लिखित शिकायत पत्र उप पुलिस अधीक्षक, एन्टी करप्शन ब्यूरो, बिलासपुर के समक्ष प्रस्तुत किया कि आवेदक ने स्वंय एवं दो नाबालिक भाईयों के नाम से बडे़देवगांव में जमीन खरीदा था। उस समय आवेदक एवं नाबालिक भाईयों के नाम से ऋण पुस्तिका था। अब तीनों भाई बालिक हो जाने से ऋण पुस्तिका में दुरूस्त कराने अपने गांव के पटवारी, कुमारी सुमित्रा सिदार, प0ह0न0-16, ग्राम-बकेली से संपर्क करने पर ऋण पुस्तिका को दुरूस्त करने हेतु 4000/- रूपये रिश्वत की मांग किया । शिकायत की वाईस रिकार्डर देकर सत्यापन कराया गया जो सही पाया गया। दिनांक 14.05.2020 को टेªप कार्यवाही की गई आरोपी कुमारी सुमित्रा सिदार, प0ह0न0 -16, ग्राम-बकेली, तहसील-खरसिया, जिला-रायगढ़ (छ0ग0) को प्रार्थी से 4000/- रूपये रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी के विरूद्ध धारा-7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत विधिवत कार्यवाही करते गिरफ्तार किया गया है। रिश्वत संबंधित बातचीत को रिकार्ड करने के बाद प्रार्थी के पिताजी का स्वास्थ्य खराब होने एवं लाकडाउन होने से आज कार्यवाही की गई है।

एनएसयूआई छात्रों को कोरोना काल मे जनरल प्रमोशन दिलाने NSUI अध्यक्ष पहुँचे मुख्यमंत्री निवास

14 मई 2020, रायपुर । NSUI छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने विश्व व्यापी माहमारी नोवल कोरोना वायरस (कोविड 19) को मद्देनज़र रखते हुए प्रदेश में समस्त महाविद्यालय के छात्रों को सामान्य पदोन्नति (जनरल प्रमोशन) दिए जाने को लेकर ज्ञापन सौंपा। NSUI अध्यक्ष ने बताया विगत दिन पूर्व ही छत्तीसगढ़ सरकार ने माध्यमिक शिक्षा के अध्य्यनरत छात्रों को जनरल प्रमोशन दिया हैं। प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों से छात्रों के संदेश व पत्र प्राप्त हुए हैं जिन्हें संज्ञान में लेकर आज माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ज्ञापन सौंपा हैं और हमे पूर्ण विश्वास हैं जल्द ही सरकार द्वारा छात्रों को इस माहमारी के दौरान एक बड़ी राहत दी जाएगी। एच.आर.डी मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार अंतिम वर्ष के छात्रों को जनरल प्रमोशन नही दिया जाएगा, उन्हें भी इस माहमारी में राहत दिलाने हेतु हमने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री जी से विशेष अनुरोध किया हैं कि यथासंभव परीक्षाओं का आयोजन होने पर इन छात्रों को परीक्षावार “कोरोना बोनस अंक” दिया जाने का प्रस्ताव रखा हैं। छात्रों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवयश्कता नही हैं NSUI आपके अधिकारों को लिए सदैव तत्पर हैं। विपक्ष में रहते हमने सड़को पर लड़ाई लड़ छात्रों को अधिकार दिलवाया था, और आज तो उन छात्रों की सरकार आ गयी हैं जो उनके हितों में निरंतर फैसले ले रही हैं
Previous123456789...2728Next