व्यापार

राशन सहित कंडोम की बिक्री में जबरदस्त इजाफा बंद घरों में बरस रहा प्यार,.....

लॉकडाउन होने के बाद राशन और मेडीसिन की बिक्री तो बढ़ी है। एक और चीज की बिक्री सबसे ज्यादा बढ़ी है, वह आवश्यक वस्तुओं में नहीं आती है। देश में लॉकडाउन के दौरान कंडोम की बिक्री में जबरदस्त इजाफा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक नवविवाहित जोड़े और लिव इन में रहने वाले प्रेमी-प्रेमिकाएं इन दिनों रोमांस करके अपने दिन बिता रहे हैं। अभी तक तो सब ठीक है क्योंकि इन जोड़ों को आसानी से कंडोम मिल जा रहा है। हालांकि अब कुछ दिनों में असली समस्या शुरु हो सकती है, दरअसल अब मेडिकल स्टोर्स पर कंडोम की कमी दिखने लगी है। पिछले कुछ दिनों में कंडोम की बिक्री में 25 से 50 फीसदी तक की बढ़त हुई है। इसमें कंडोम के बड़े पैकेट ज्यादा खरीदे जा रहे हैं। कंडोम ना मिलने पर प्यार की रफ्तार यहीं रही तो लॉकडाउन हो रहे इन कपल्स को रोकना मुश्किल हो जाएगा। तब शायद जनसंख्या में भी बढ़ोतरी दर्ज की जाए।

निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत में बेचा जा रहा है मास्क और सेनिटाइजर, निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर

मुंगेली:-कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने नोवल कोरोना वायरस के बचाव के लिए उपयोग आने वाले मास्क और सेनिटाइजर को निर्धारित कीमत से ज्यादा कीमत पर बेचे जाने की सूचना मिलते ही पड़ाव चैक स्थित मेडिकल स्टोर्स का निरीक्षण किया। बता दें कि कोरोना वायरस से बचाव के लिये उपयोगी सेनिटाइजर एवं माॅस्क को अधिक मूल्यों पर दुकानदार द्वारा बेचा जा रहा है। इसके कारण आम लोगों को इसे खरीदने मे परेशानी हो रही है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्यचिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और औषधि निरीक्षक को सेनिटाइजर एवं माॅस्क की आपूर्ति समेत स्टाॅक रजिस्टर की जांच करते हुए निर्धारित मूल्य पर बेचने के निर्देश दिए।

अब दूध और खाद्य तेलों में हानिकारक तत्वों की पहचान होगी तत्काल

BBN 24 NEWS : केलाश जयसवाल  : भाटापारा :

अब दूध और खाद्य तेलों में हानिकारक तत्वों की पहचान तत्काल की जा सकेगी। यह भी जाना जा सकेगा कि खेत से खलिहान होकर बाजार तक पहुंची फसल से बनाई गई खाद्य साम्रगी में कितनी मात्रा में उर्वरक और कीटनाषक दवाओं का छिड़काव किया गया है। यह भी पता चलेगा कि इनकी वजह से बनी खाद्य साम्रगी के सेवन से मानव षरीर को क्या नुकसान हो सकता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने छत्तीसगढ़ को ’रेपिड फूड टेस्टिंग किट’ दे दिए हेे। ताकि ऐसे सभी मामले की जांच प्रामाणिकता के साथ हो सके। दूध और दूध से बनी खाद्य सामग्री का खाद्य तेलों में हानिकारक तत्वों की पहचान अब पूरी तरह सुनिष्चित होने जा रही है। परंपरागत मषीनों की जगह अब खाद्य परीक्षण षाला में रेपिड फूड टेस्टिंग किट की मदद से त्वरित और मान्य परिणाम मिल सकेंगे। अभी तक खाद्य एवं औषधि प्रषासन की राजधानी स्थित लेबोरेटरी में परंपरागत मषीनों से ही जांच होती रही है लेकिन नया रेपिड फूड टेस्टिंग किट लेबोरेटरी का काम हल्का और सरल करने जा रहा हेै। प्राधिकरण द्वारा भेजा गया यह किट बहुत जल्द काम करने लगेगा। इसलिए टेस्टिंग किट

राज्य निर्माण के बाद विकास खूब हुए। समानांतार में बाजार भी बढ़ता गया। इसी के साथ खाद्य एवं पेय पदार्थों में मिलावट की षिकायतें भी बढ़ती गयी। खाद्य एवं औषधि प्रषासन ने जब दूध और दुग्ध पदार्थेां की जांच की तो इसमें भारी मिलावट और अमानक तत्वों का होना पाया । हानिकारक तत्व भी मिले। खाद्य तेलों में भी ऐसे ही षिकायतें मिली। रोकथाम की कोषिष के बावजूद उपलब्ध उपकरणों से नतीजे सही नही मिलते रहे इसलिए अब नया रेपिड फूड टेस्टिंग किट का उपयोग किया जाएगा ताकि ऐसी गतिविधियों पर कड़ाई से लगाम कसी जा सके। मिलेगी से जानकारी

 

खाद्य एवं औषधि प्रषासन की लेबोरेटरी में भेजे जाने वाले सैंपल में रेपिड फूड टेस्टिंग की मदद से दूध और उससे बनी खाद्य सामग्री एफलाटाॅक्सिन- एंटीबाॅयोटिक्स और सल्फर ड्रग्स की मात्रा की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा मैटल- हैवी मैटल का भी खुलासा हो सकेगा। सबसे अहम जानकारी इस किट से जो मिलेगी वह यह होगी कि खाद्य सामग्री में यह पता लगाया जा सकेगा कि किसमें कितनी मात्रा में रासायनिक उर्वरक और कीटनाषक दवाओं का छिड़काव हुआ है। यह भी जानकारी मिलेगी कि मानक मात्रा कम है या ज्यादा क्योंकि इस काम में मानक का ध्यान नही रखा जाता।

रेपिड फूड टेस्टिंग किट का उपयोग कैसे करना हैघ् उसकी जानकारी के लिए प्राधिकरण के निर्देष के बाद खाद्य एवं औषधि प्रषासन ने अपने सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को टेªेनिंग दे दी है। किट लगाने के बाद बहुत जल्द प्रभावी जांच के लिए ये अधिकारी सेैंपल भेज सकेंगे और प्रामाणिक व त्वरित और मान्य परीणाम हासिल कर सकेंगे। एक और मोबाइल फूड टेस्ट लेब वेन

खाद्य एवं औषधि प्रषासन के पास इस समय 4 मोबाइल फूड लेब वेन है। जांच का विस्तार करते हुए अब प्रषासन की मांग पर एक और वेन मिलने जा रही हेे। इसके मिल जाने के बाद अब राज्य में 5 मोबाइल फूड वेन हो जाऐेंगें। इसके बाद प्रषासन को जांच का दायरा और बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी क्यंोकि जिलेां मंे काम कर रही एजेंसियंा लगातार इसकी उपलब्धता चाहती रही हेे।

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण से पहली बार छत्तीसगढ़ को 3 फूड टेस्टिंग किट मिल चुके है। विभाग के मुख्यालय की लेबोरेटरी में इसे लगाया जा रहा है। बहुत जल्द यह किट काम करना चालू कर देगा।

-डाॅ आर के षुक्ल असि. कमिष्नर खाद्य एवं औषधि प्रषासन रायपुर

 

OMG : 2019 में एक भी टाटा नैनो कार का नहीं हुआ उत्पादन, पूरे साल में बिकी सिर्फ 1 कार

मिडिया रिपोर्ट के अनुसार टाटा मोटर्स ने 2019 में एक भी टाटा नैनो कार का उत्पादन नहीं किया और पूरे साल में इसकी सिर्फ एक कार बेची। हालांकि, कंपनी ने दिसंबर 2018 में 82 नैनो कारें बनाईं जबकि 88 कारें बेची थीं। गौरतलब है, टाटा मोटर्स कहती आई है कि नैनो के भविष्य को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।

अब नया नियम के तहत , रोज मिलेंगे 100 रुपये

आरबीआई ने ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करते समय फेल्ड ट्रांजेक्शन को लेकर नए दिशा-निर्देश तय किए हैं। इसके मुताबिक बैंकों को फेल्ड डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन के मुद्दे को 5 दिनों के भीतर सुलझाना होगा। अगर बैंक या पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर मुद्दे का निर्धारित समय-सीमा के अंदर समाधान करने में नाकाम होते हैं तो उन्हें ग्राहक को हर दिन 100 रुपये का जुर्माना भरना होगा।

हड़ताल का सप्ताह, जल्द निपटाएं काम

अगर आपको बैंक में कोई काम है तो इस हफ्ते के शुरुआत में ही निपटा लें। बैंककर्मियों ने दो दिन की हड़ताल की घोषणा की है। उनकी यह हड़ताल आगामी 26 और 27 सितंबर 2019 को होगी। इसके चलते दो दिनों में बैंक में कोई काम नहीं होगा। वहीं इसके अगले दिन 28 सितंबर को चौथा शनिवार है, जिसके कारण बैंक बंद रहेंगे। इसके अगले दिन रविवार को भी बैंक बंद होंगे। यह हड़ताल सरकार के बैंकों के विलय के फैसले के विरोध में है।

भारत में एटीएम इस्तेमाल करने वालों को बड़ी राहत

भारत में आरबीआई ने एटीएम इस्तेमाल करने वालों को बड़ी राहत दी है। आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि वह अब एटीएम पर होने वाले फेल ट्रांजेक्शन या एटीएम में नकदी न होने जैसे ट्रांजेक्शन को लोगों को हर महीने मिलने वाले फ्री ट्रांजेक्शन में गिनती न करे। आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिस बैंक का कार्ड है, उसी के एटीएम में नॉन-कैश विद्ड्रॉल ट्रांजेक्शन भी फ्री एटीएम ट्रांजेक्शन का हिस्सा नहीं होंगे।

छतीसगढ़ : "धान खरीदी केन्द्रों में किसानों के लिए होगी सुविधाओं में बढ़ोतरी"

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत की अध्यक्षता में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं कस्टम मिलिंग की नीति पर मंत्री मंडलीय उप समिति की बैठक में धान खरीदी केन्द्रों को व्यवस्थित करने और यहां सुविधाओं में वृद्धि पर बल दिया गया। श्री भगत ने कहा कि राज्य के सभी धान खरीदी केन्द्रों में किसानों की सुविधा के लिए पक्का फड़, पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके अलावा मंडी शुल्क की राशि से संग्रहण केन्द्रों एवं समितियों भी अधोसंरचना निर्माण पर भी सहमति व्यक्त की गई। बैठक कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल और अपर मुख्य सचिव श्री के.डी.पी. राव सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई। 

मंत्री मंडलीय उप समिति की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में धान और मक्का की खरीदी के लिए किसानों के पंजीयन के लिए 16 अगस्त से 31 अक्टूबर 2019 तक की अवधि पर सहमति व्यक्त की गई। पंजीयन करानेे के लिए किसानों को भूमि के रकबे, बोये गए धान के रकबे, आधार नम्बर, बैंक खाता, ऋण पुस्तिका, मोबाइल नम्बर आदि की जानकारी दर्ज करानी होगी। पंजीयन की शेष व्यवस्था गत खरीफ विपणन वर्ष के अनुसार होगी। समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान और मक्का का भुगतान कृषकों के खातों में किया जाएगा। 

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में किसानों से समर्थन मूल्य पर 85 लाख टन धान उपार्जन होने का अनुमान है, इसके लिए बारदानों की व्यवस्था गत वर्षों के अनुरूप की जाएगी। धान खरीदी केन्द्रों में कृषकों की सुविधा के लिए अपेक्स बैंक द्वारा सहकारी समितियों में 162 करोड 63 लाख रूपए की लागत से 537 पक्के फड़, 2500 पक्के चबूतरे एवं 537 पक्के शेड-चबूतरे, उपार्जन केन्द्रों में 13 करोड़ 57 लाख 1286 शौचालय और 14 करोड़ 31 लाख रूपए की लागत से पेयजल व्यवस्था के लिए 1286 नलकूप स्थापना का प्रस्ताव भेजा गया है। 

रिटायरमेंट से 6 महीने पहले ही रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने दिया इस्तीफा

मुंबई - अपने रिटायरमेंट के 6 महीने पहले ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। 7 महीने में यह दूसरी बार है जब रिजर्व बैंक के किसी अधिकारी ने इस तरह से इस्तीफा दिया है। इससे पहले गवर्नर उर्जित पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

रिटायरमेंट के 6 महीने पहले इस्तीफा देने वाले विरल आचार्य भी उर्जित पटेल की टीम का हिस्सा थे। 23 जनवरी 2017 को केंद्रीय बैंक जॉइन करने वाले विरल ईकोनॉमिक लिबरेशन के बाद सबसे युवा डिप्टी गवर्नर थे।
खबरों के अनुसार पद से इस्तीफा देने के बाद विरल न्यूयॉर्क जाएंगे और वहां न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में पढ़ाएंगे। उनका परिवार वहीं रहता है। बताया जाता है कि उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद से ही विरल आचार्य भी खुद को काफी असहज महसूस कर रहे थे। पिछली दो मौद्रीक नीति की समीक्षा बैठकों में उनके विचार गवर्नर के विचारों से भिन्न रहे थे।

अब बिना एटीएम कार्ड से भी निकाल सकते हैं पैसे, जानिए कैसे

नई दिल्ली: एसबीआई ने ग्राहकों की सुविधा के लिए योनो एप लॉंच किया है। एसबीआई ने अपने ग्राहकों के लिए नई सुविधा प्रदान की है। इसके तहत ग्राहक बिना एटीएम कार्ड के एसबीआई के योनो एप की मदद से पैसे निकाल सकते हैं। इस एप की मदद से आपको पैसों के लिए रिक्वेस्ट करना होगा, जिसके बाद आपको एक पिन मिलेगा। इस पिन की मदद से आप किसी भी एटीएम से पैसे निकाल सकते हैं। बता दें कि ये बिन सिर्फ 30 मिनट के लिए ही वैध होगा।
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