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देश - लॉकडाउन लागू करना जल्दबाज़ी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

आपको बतादे की कोरोना वायरस की बढ़ती समस्या के बीच कांग्रेस के केन्द्रीय चुनाव समिति की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बैठक हुई। वही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने लॉकडाउन लागू करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा लॉकडाउन ज़रूरी हो सकता है लेकिन इसको लागू करने में जल्दबाज़ी की गई। इस फैसले ने आम जनता के लिए भारी दिक्कत पैदा कर दी है। इस फैसले ने लाखों प्रवासियों को परिवार सहित सैकड़ों किलोमिटर दूर अपने घर जाने को मज़बूर कर दिया।

कोरोना लॉक डाउन- बेटे की मौत के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हो पाए बॉर्डर पर तैनात हवलदार पिता वीडियो कॉलिंग कर किया अंतिम दर्शन- कहा, बेटा मुझे माफ़ करना

दंतेवाड़ा।। देश की बॉर्डर पर हवलदार पिता, मीलों दूर परिवार। कोरोना और लॉक डाउन ने एक पिता को इतना बेबस कर दिया कि वे अपने मासूम बेटे की अंतिम यात्रा में भी शामिल नहीं हो पाए। वीडियो कॉलिंग पर अंतिम बार देखा देखते ही बिलख पड़े और कहा लव यू बेटा, मुझे माफ़ करना। मैं तुमसे मिलने नहीं आ सका। यह नजारा देख यहां मौजूद हर किसी की आंखों में आंसू छलक पड़े। घोटपाल गांव के रहने वाले राजकुमार नेताम एसएसबी में हवलदार हैं। वे इन दिनों नेपाल बॉर्डर पर ड्यूटी कर रहे हैं। उनके सालभर का बेटा आदित्य पिछले कुछ महीने से ट्यूमर की समस्या से जूझ रहा था। इलाज चल रहा था। जनवरी में बेटे के इलाज के लिए राजकुमार घोटपाल आए थे। हैदराबाद बच्चे को लेकर गए। राजकुमार के भाई उमेश ने बताया कि आदित्य ठीक हो गया था। लेकिन बुधवार को अचानक तबियत बिगड़ी। ज़िला अस्पताल लेकर गए। जहां गुरुवार को मौत हो गई। आदित्य की दो बड़ी बहने हैं। दो बहनों का इकलौता भाई है। पिता राजकुमार 14 सालों से परिवार से दूर रहकर देश की सेवा कर रहे हैं। पिता ने से कहा- आखरी बार बेटे को नहीं देख पाया, देश की सुरक्षा ही मेरा कर्तव्य आदित्य के पिता राजकुमार ने कहा कि देश की सेवा, सुरक्षा मेरा पहला कर्तव्य है। मैंने अधिकारियों को जानकारी दी थी। सभी ने साथ दिया, सभी ने कोशिश भी की कि मैं किसी तरह बेटे की अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंच जाऊं, लेकिन लॉक डाउन के कारण देश पूर्णतः बन्द है। ऐसे में मैं बेटे को अंतिम बार देखने नहीं आ सका। जीवन भर मुझे इस बात का मलाल रहेगा। जैसे ही हालात सामान्य होंगे मैं परिवार के पास आऊंगा। लेकिन दुख इस बात का है इस बार बेटा मेरे साथ नहीं होगा। मैं जहां पदस्थ हूँ यहां नेटवर्क भी बड़ी मुश्किल से मिल पाता है। खराब नेटवर्क के बीच वीडियो कॉलिंग पर बेटे की अंतिम यात्रा के दर्शन किए।

आज बन सकती है नई रणनीति, राशन की होम डिलीवरी लिए जोमैटो और स्विगी से ली जाएगी मदद,

आपको बतादे लोगों को राशन की होम डिलीवरी के लिए प्रशासन और पुलिस अफसर नई रणनीति बनाने में जुटे हैं। बताया जा रहा है लोगों को राशन की होम डिलीवरी के लिए जोमैटो और स्विगी की मदद ली जाएगी।

कोरोना : क्या स्मोकिंग करने वालों को कोरोना संक्रमण का ज़्यादा खतरा है?

केंद्र सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने बताया है कि स्मोकिंग करने वालों को कोरोना वायरस संक्रमण का ज़्यादा खतरा है। पीआईबी के मुताबिक, ऐसा इसलिए है क्योंकि हाथ और संभवत: दूषित सिगरेट जब होंठ के संपर्क में आते हैं तो इससे वायरस के संक्रमण का खतरा हाथ से मुंह में जाने का बढ़ जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी बोले- देशवासियों ने बता दिया, हम बड़ी चुनौतियों को हरा सकते हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, आज का जनता कर्फ्यू भले ही रात 9 बजे खत्म हो जाएगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम सेलिब्रेशन शुरू कर दें। इसको सफलता न मानें। यह एक लम्बी लड़ाई की शुरुआत है। आज देशवासियों ने बता दिया कि हम सक्षम हैं, निर्णय कर लें तो बड़ी से बड़ी चुनौती को एक होकर हरा सकते हैं। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों द्वारा जारी किए जा रहे निर्देशों का जरूर पालन करें।

5 बजे 5 मिनट के लिए पीएम मोदी ने जताया देशवासियों का आभार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार शाम 5 बजे 5 मिनट तक कोरोना वायरस से लड़ाई में अहम भूमिका निभाने वालों के उत्साहवर्धन के लिए ताली, थाली, शंख इत्यादि बजाने के लिए देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट किया, ये धन्यवाद का नाद है, लेकिन साथ ही एक लंबी लड़ाई में विजय की शुरुआत का भी नाद है।

निर्भया केस : सुप्रीम कोर्ट ने दोषी पवन की क्यूरेटिव याचिका की खारिज

नई दिल्ली:-निर्भया दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट में 6 जजों ने चेंबर में विचार कर पवन की याचिका खारिज करने का फैसला लिया है। दरअसल दोषी पवन की क्यूरेटिव याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। दोषी पवन ने नाबालिग होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल की थी। बता दें कि डेथ वारंट के अनुसार सभी दोषियों को 20 मार्च सुबह पांच बजे फांसी दी जानी है। सुप्रीम कोर्ट में 6 जजों ने चेंबर में विचार कर लिया पवन की याचिका खारिज करने का फैसला किया। कोर्ट ने कहा कि याचिका में मामले को खोलने के लिए कोई केस नहीं बनता। खुली अदालत में सुनवाई की मांग भी ठुकराई। जस्टिस एन वी रमना, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आर एफ नरीमन, जस्टिस आर बानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस ए एस बोपन्ना की पीठ ने यह फैसला दिया है।

संपन्न हुआ केंद्रीय विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह। राष्ट्रपति ने राज्यपाल और मुख्यमंत्री की तारीफ की। प्रदेश में आदिवासियों की समस्याओं पर रखे विचार। नक्सल समस्या को लेकर अपने अनुभव बांटे। राज्य सरकार के प्रयास की सराहना की। सीएम भूपेश बघेल को बताया सक्षम मुख्यमंत्री।

अजीत मिश्रा :  बिलासपुर : छत्तीसगढ़

सोमवार को देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद में केंद्रीय विश्वविद्यालय गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी के आठवें  दीक्षांत समारोह में शिरकत की।  राष्ट्रपति ने 74 गोल्ड मेडलिस्ट और 75 पीएचडी उपाधि पाने वाले छात्रों को सम्मानित किया।  इस दौरान दीक्षांत समारोह के मंच से छात्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में अपने प्रवास और अनुभव को साझा किया। राष्ट्रपति ने बताया कि, किस तरह से वे इससे पहले छत्तीसगढ़ पहुंचे और उनकी मुलाकात स्व सहायता समूह की महिलाओं से हुई थी।  वहीं उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लाल आतंक का दंश झेल रहे छात्रों से भी बातचीत की थी । इस बीच राष्ट्रपति ने राज्यपाल अनुसुइया उइके और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आदिवासी और नक्सल समस्या को लेकर किए गए प्रयासों की सराहना की। राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एक सक्षम मुख्यमंत्री बताया वही राज्यपाल अनुसुइया उइके के द्वारा आदिवासियों के हित में किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की।।

 राष्ट्रपति ने अपने अभिभाषण में छात्रों के उज्जवल भविष्य करने की शोध शिक्षा और समाज के हित के लिए काम किए जाने के लिए प्रेरित किया और यहां तक कहा कि इन छात्रों को आज गोल्ड मेडल हो या एचडी चल रहे हैं उन्हें कम से कम साल में एक बार आखिरी में शूटिंग में अपने साथी छात्रों का मनोबल बढ़ाना चाहिए इस तरह से देश में पढ़ने पढ़ाने और शिक्षित होने का माहौल बनेगा। 
 

बड़ी खबर : मोदी कैबिनेट ने लिए 13 अहम फैसले , स्वच्छ भारत का दूसरा चरण होगा लॉन्च

मीडिया रिपोर्ट से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्र की "मोदी सरकार" ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, कैबिनेट में आज (बुधवार) 13 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. उन्होंने कहा, सरकार के दूसरे कार्यकाल में निर्णयों की झड़ी लगी है जो देश को तेजी से विकास के लिए प्रेरित करती हैं. महिलाओं के सशक्तीकरण पर खास ध्यान दिया गया है. सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान का दूसरा चरण शुरू करने का ऐलान किया है.

"केंद्रीय मंत्री" प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, कैबिनेट ने 4458 करोड़ रुपये डेरी सेक्टर में सुधार पर खर्च करने का निर्णय लिया है. स्वच्छ भारत का दूसरा चरण शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है जिसमें खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ) की अहम प्राथमिकता होगी. देहातों में भी प्लास्टिक, गीला कचरा का निष्पादन सही तरीके से हो, इसके लिए पर्यावरण मंत्रालय विशेष अभियान चलाएगा. अब सभी देहातों में भी यह लागू होगा.कैबिनेट बैठक में 22वें कानून कमीशन के गठन को भी मंजूरी दी गई है. यह कमीशन कानून को लेकर सरकार को सलाह, गैर-जरूरी कानून को खत्म करने की सिफारिश, कानून में बदलाव सहित कई सुझाव देगा. कैबिनेट ने गुजरात में भास्कराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस एप्लिकेशन और जियो-इंफार्मेटिक्स (BISAG) को भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्पेस एप्लिकेशन एंड जियो-इंफॉर्मेटिक्स के रूप में उन्नयन के लिए मंजूरी दे दी है.केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम संसद के इस सत्र में सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी विनियमन विधेयक असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी रेगुलेशन बिल पेश करेंगे.

जेएनयू नारेबाजी: पुलिस ने केजरीवाल सरकार से मांगी केस चलाने की इजाजत

 

जेएनयू नारेबाजी मामले में केजरीवाल बोले- यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता

मिडिया रिपोर्ट के अनुसार  दिल्ली सरकार ने अब तक जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ राजद्रोह का मुकदमा चलाने की इजाजत नहीं दी है. बुधवार को जब दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई, तो दिल्ली पुलिस ने बताया कि अभी तक दिल्ली सरकार से राजद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं मिली है |

आपको बता दे कि  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली की सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को लिखे खत में कहा है कि 9 फरवरी 2016 को जेएनयू में भारत विरोध नारे लगाए गए थे, जिसके बाद दिल्ली के वसंत कुंज थाने में भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी की धारा 124A (राजद्रोह), 147, 149, 120B और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था. वसंत कुंज पुलिस ने जांच के बाद 29 फरवरी 2016 को मामले को स्पेशल सेल को ट्रांसफर कर दिया था.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के डिप्टी कमिश्नर प्रमोद सिंह कुशवाह ने केजरीवाल सरकार को लिखे खत में कहा कि इस मामले की जांच के बाद 14 जनवरी 2019 को कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की गई थी. इससे पहले 10 जनवरी 2019 को दंड प्रक्रिया संहिता यानी सीआरपीसी की धारा 196 के तहत राजद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली सरकार से इजाजत मांगी गई थी. इसके लिए मामले से संबंधित दस्तावेजों को दिल्ली के गृह मंत्रालय को भेजा गया था. हालांकि अभी तक दिल्ली सरकार ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी है.

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