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छत्तीसगढ़ के अब 8 अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज की सुविधा जानिए कौन कौन से 34 अस्पतालों में आइसोलेशन6 सेंटर, संक्रमण रोकने 74 क्वारेंटाइन-सेंटर्स बनाए गए है

अब तक संकलित 919 सैंपलों में से 858 की जांच, 61 सैंपलों की रिपोर्ट का इंतजार

रायपुर. 2 अप्रैल 2020. छत्तीसगढ़ के अब आठ सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज की व्यवस्था की गई है। इसके उपचार के लिए एम्स रायपुर में अभी 200 बिस्तर तैयार हैं। इसे बढ़ाकर 500 बिस्तर करने की तैयारी है। पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में 400 बिस्तर और माना सिविल अस्पताल में 100 बिस्तर की व्यवस्था है। शासकीय मेडिकल कॉलेजों बिलासपुर, जगदलपुर, राजनांदगांव, अंबिकापुर और रायगढ़ में कोविड-19 के इलाज के लिए कुल एक हजार बिस्तर आरक्षित किए गए हैं।

रायपुर के रिम्स अस्पताल को भी कोविड-19 के इलाज के लिए विकसित किया जा रहा है। यहां 500 लोगों के उपचार की व्यवस्था रहेगी। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव रोजाना कोरोना वायरस के नियंत्रण एवं रोकथाम की व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। वे केन्द्र सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों से भी लगातार बात कर राज्य के लिए अधिक से अधिक संसाधन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदेश के सभी सांसदों और विधायकों से भी उन्होंने मदद की अपील की है। उन्होंने आज केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन को पत्र लिखकर रैपिड एंटी-बॉडी डिटेक्शन किट के उपयोग और खरीदी के संबंध में आई.सी.एम.आर. से दिशा-निर्देश जारी करवाने तथा छत्तीसगढ़ के दो और केन्द्रों में कोरोना वायरस टेस्ट की अनुमति देने का अनुरोध किया है।

प्रदेश में 34 आइसोलेशन सेंटर्स भी स्थापित किए गए हैं। सभी 26 जिला अस्पतालों, छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों, सिविल अस्पताल माना और एम्स में ये सेंटर स्थापित हैं। कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने प्रदेश भर में 74 क्वारेंटाइन सेंटर्स बनाए गए हैं, जहां एक हजार 249 लोगों को रखने की व्यवस्था है। वर्तमान में इन सेंटर्स पर 167 लोगों को रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम द्वारा होम-क्वारेंटाइन के साथ ही इन क्वारेंटाइन सेंटर्स में रह रहे लोगों पर नजर रखी जा रही है। विदेश प्रवास से लौटे दो हजार 85 लोगों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को अब तक मिली है।

प्रदेश में अब तक कोविड-19 के 919 संभावित मरीजों की जांच के लिए सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 849 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव्ह और अब तक कुल 9 की पॉजिटिव्ह आई है। शेष 61 लोगों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। एम्स में इलाज के बाद दो मरीजों के पूरी तरह ठीक हो जाने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अभी एम्स में पांच तथा राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज और अपोलो अस्पताल बिलासपुर में एक-एक मरीज का इलाज चल रहा है। एम्स के साथ ही अब जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में भी सैंपलों की जांच की जा रही है।

छतीसगढ़ : ग्राहक बनकर पहुंचे सीएसपी दाल और शक्कर का रेट सुनकर हुवे हैरान दुकान पर की कार्यवाही

पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन सिंह के आदेश से आज मनेन्द्रगढ़ किराना दुकान में ग्राहक बनकर पहुंचे सीएसपी दाल और शक्कर का रेट सुनकर तत्काल मनेन्द्रगढ़ थाना प्रभारी और फूड अधिकारी को मौके पर किया तलब और किराना दुकान पर छापा मार कर किया कार्यवाही। -कोरोना और धारा 144 लगने के बाद किराना सामग्रियों का रेट बढ़ने से लोगो को हो रही भारी परेशानियों को देखते हुए आज सीएसपी बी पी सिंह मनेन्द्रगढ़ के किराना दुकान पहुंचे जहाँ उन्होंने पहले 1 किलो शक्कर लिया जिसकी कीमत 40 रुपए थी और किलो दाल लिया जिसकी 90 रुपए थी लेकिन किराना व्यपारी द्वरा शक्कर 40 रुपए के शक्कर को 42 रुपए और 90 रुपए की दाल को 100 रुपए की दर से मांग रहा था वही पुलिस विभाग के सीएसपी ने तत्काल मनेन्द्रगढ़ थाना प्रभारी को और फूड विभाग के अधिकारियों को बुलाकर व्यपारी के खिलाफ कार्यवाही किया साथ ही सीएसपी ने बताया कि जो भी इस समय कालाबाजारी का कार्य कर रहा है और किसी भी तरह।की शिकायत आएगी तो तत्काल कार्यवाही की जाएगी

बलौदाबाजार नान के जिला प्रबंधक निलंबित कोरोना महामारी के प्रबंधन में लापरवाही बरतने पर राज्य सरकार ने की कार्रवाई

रायपुर, 1/4 2020कोरोना महामारी के प्रबंधन में लापरवाही बरतने को राज्य सरकार ने गंभीरता से लेते हुए बालौदाबाजार जिले के नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक संजय तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कोरोना महामारी के प्रबंधन के चलते सार्वजनिक वितरण प्रणाली को आवश्यक सेवा घोषित किया गया है साथ ही राज्य में एस्मा लागू किया गया है। संजय तिवारी को बिना अवकाश स्वीकृति के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने और खाद्यान्न भण्डारण से संबंधित अपने कर्तव्यों का निर्वहन नही करने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड नवा रायपुर द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। निलंबन अवधि में श्री तिवारी का मुख्यालय जिला कार्यालय रायपुर निर्धारित किया गया है। तिवारी को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

पामगढ़ : नाबालिक बालिका ने अपन घर में किया अज्ञात कारण से जहर का सेवन , डायल 112 ने पहुचाया अस्पताल

A REPORT BY : पंकज दुबे

जांजगीर चाम्पा जिला में पामगढ़ ब्लाक में एक नाबालिग बालिका ने अपने घर पर अज्ञात कारण से जहर सेवन कर दिया और घर पर ही बेहोस होंगई तब आनन फ़ानन में घर के सदस्यों ने डायल 112 को फोन लगाया तब 112 टीम मौके पर पहुच कर नाबालिग बालिका को जिला अस्पताल में मुरझित अवस्था में भर्ती कराया है। नाबालिक का इलाज अभी जारी है। पुलिस भी कारण जानने का प्रयास कर रही है।

राजधानी में एक और युवक आया कोरोना की चपेट मे

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना पॉजिटिव केस का आकंड़ा आज और बढ़ गया. हाल ही लंदन से लौटे एक युवक की आई रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव निकला है. एम्स के डॉक्टरों ने इसकी पुष्टि की है. युवक कोरबा का निवासी है, उसे होम कोरेंटाइन में रखा गया था. बताया जा रहा है कि युवक की दोनों रिपोर्ट पॉजीटिव आई है. जानकारी के मुताबिक युवक को कोरबा से रायपुर एम्स लाया जा रहा है और उसकी हालत स्थिर बनी हुई है. राज्य में कोरोना पॉजिटिव 8 मामलों में से 4 मामले लंदन रिटर्न वालों के हो गए है. रविवार को ही राज्य कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में हुई बैठक में स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारीक ने सभी जिलों के कलेक्टरों से कहा है कि बीते एक महीने में लंदन से लौटने वाले सभी लोगों को क्वारनटाइन किया जाए. आपको बता दें कि प्रदेश में लंदन से लौटे लोगों की संख्या 73 है. अब इस नए केस के बाद माना जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग जल्दी ही सभी को क्वारेंटाइन कर सकता है.

बिलासपुर में जामा मस्जिद में 8 लोग बाहर से आकर रुके , अचानक सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और डॉक्टरों की टीम जांच करने मस्जिद पहुँची

सिविल लाइन थाना क्षेत्र के कम्पनी गार्डन स्थित जामा मस्जिद में 8 लोग बाहर से आकर रुके हुए हैं। इसकी जानकारी किसी ने शासन प्रसाशन को नही दी। मस्जिद में बाहरी लोगों के रुकने की अचानक सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और डॉक्टरों की टीम जांच करने मस्जिद पहुँची। डॉक्टर की टीम 8 लोगों की कोरोना वायरस की जांच कर रही है। दूसरे प्रदेश से आए लोग दो दिन से मस्जिद में रुके हुए हैं। मस्जिद प्रबंधन भी इस बात को छुपाकर रखे हुए था। पुलिस को बाहर से आए लोगो की जानकारी मिलते ही शहर में हड़कंप मच गया। फिर सिम्स के डॉक्टर की टीम पूरी तैयारी के साथ जांच करने मस्जिद पहुँची है। इनको सैनिटाइज करने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है और मस्जिद प्रबंधन से इस बारे में सवाल जवाब किए जा रहे हैं।

बिलासपुर : बिलासपुर विद्यायक शैलेश पांडेय के खिलाफ FIR के बाद मामले में राजनैतिक बयानबाजी शुरू बलि का बकरा बने बिलासपुर विद्यायक - अमित जोगी ने दिया बयान।

अजीत मिश्रा @ बिलासपुर ■ शैलेश पांडये को बलि का बकरा करार दिया है।  जी हां अमित जोगी ने यह बयान उनके खिलाफ दर्ज f.i.r. को लेकर दी है।  दरअसल अमित जोगी का भी यह मानना है कि विधायक के बंगले के बाहर अचानक से बड़ी संख्या में भीड़ की मौजूदगी जिला प्रशासन और पुलिस की लापरवाही है।  ऐसे में पुलिस ने उल्टे विधायक शैलेश पांडये खिलाफ एफआइआर दर्ज कर लिया है  जो कि, ठीक नहीं है।  अमित जोगी ने यहां तक कहा कि आज कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर पूरे देश में लॉक डाउन स्थिति है।  ऐसे में यही समय है कि,  दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी । बाहरहाल कांग्रेस विधायक के खिलाफ दर्ज एफआईआर को उन्होंने राजनीतिक रंग देने से परहेज नहीं किया है।  इनकी माने तो प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है और कांग्रेस विधायक के खिलाफ एफ आई आर दर्ज होना अपने आप में बड़ा सवाल है।।  इस पूरे मामले में जिला प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जाने की दरकार है।  कुछ दिन पहले बिलासपुर विधायक शैलेश पांडये के घर पर राशन वितरण का कार्यक्रम था।  और अचानक यहां बड़ी भीड़ एकत्र हो गई।  इस पूरे मामले की सूचना पुलिस को मिली और पुलिस ने विधायक के खिलाफ आईपीसी की धारा 188 और 144 के तहत मामला पंजीकृत कर लिया है।  इस पर विधायक खूब नाराज हुए और पुलिस प्रशासन और कलेक्टर से लेकर आईजी एसपी तक सभी को जमकर फटकार लगाई।  विधायक में इस मामले में हाईकोर्ट तक जिम्मेदार व्यक्तियों घटने की बात कही।  वहीं विधानसभा में विशेषाधिकार हनन का मुद्दा उठाने की बात भी कही थी।

प्रदेश के मुख्या लाॅकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं एवं सब्जियों के दाम जानने सड़क पर उतरे, खाद्यान्न आपूर्ति के लिए बनाया गए कंट्रोल रूम का लिया जायजा

 रायपुर 30 मार्च 2020 छत्तीसगढ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज लाकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं, खाद्यान्न एवं सब्जियों की उचित मूल्य की उपलब्धता का जायजा लेने स्वयं राजधानी रायपुर की सड़कों पर निकले।  मुख्यमंत्री ने रावणभाटा स्थित अन्तर्राज्यीय बस स्टैंड के पास सब्जी विक्रेताओं एवं खरीददारों से बातचीत कर सब्जी के दाम एवं विक्रय की जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बूढा तालाब के पास इंडोर स्टेडियम में जरूरतमंद, बेसहारा और असहाय लोगों के लिए खाद्यान्न आपूर्ति के लिए कंट्रोल रूम और आपात कालीन फूड सप्लाई सेल का जायजा लिया। यह फूड सप्लाई सेल, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्वयं सेवी संस्थाओं और संगठनों की मदद से 24 घंटे कार्य कर रहा है और बना हुआ भोजन जरूरतमंद लोगो को वितरित कर रहा है। इस व्यवस्था में करीब 140 स्वयं सेवी संगठन और करीब 5 हजार वालेंटियर्स लगे हुए है। उन्होने इस कार्य की व्यापक सराहना की।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नया अंतर्राज्यीय बस स्टैंड परिसर में स्थापित किए गए सब्जी बाजार में सब्जी विक्रेताओं से बातचीत की । उन्होने खरीददारो से विक्रेताओं से सब्जियों के रेट जाने। सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि साइंस कॉलेज मैदान में थोक मार्केट लगा है वहां से सब्जियां लाकर बेचते हैं । मंडी में आलू प्याज करीब 30 रूपये किलो है और सब्जियों के दाम भी कम हो गए हैं।उल्लेखनीय है कि रायपुर के टिकरापारा, संतोषी नगर , नंदी चैक और भांटा गांव के अव्यवस्थित तथा भीड-भाड वाले बाजारो को बंद कर ने नया अंतर्राज्यीय बस स्टैंड परिसर में सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन कर बाजार लगाया जा रहा हैं।    इंडोर स्टेडियम के कंट्रोल रूम में अधिकारियों- कर्मचारियों ने बातचीत में बताया कि जैसे ही कोई सूचना मिलती है वैसे ही भोजन आदि की व्यवस्थाएं की जा रही है । दानदाताओं से मिल रही राशन सामग्री के किट भी तैयार किए जा रहे हैं जिन्हें जरूरतमंद लोगों और श्रमिकों को वितरित किया जाएगा। राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा मास्क तैयार किए जा रहे है । इन्हें भी वितरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कल से राशन दुकानों से 2 माह के चावल का वितरण प्रारंभ कर दिया जाएगा।   मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के जो लोग या श्रमिक बाहर गए हैं , उनसे अपील की है कि वे जहां है ,वही रहे उनके लिए सभी व्यवस्थाएं स्थानीय जिला प्रशासन के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी ।उन्होने प्रदेशवासियों से भी अपील की कि वे लाॅकडाउन का पालन करे और अपने घरो मेे ही रहे। उन्हें सभी आवश्यक सामाग्रियां उपलब्धा होते रहेेगी।  भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने कलेक्टर डाॅ. एस. भारतीदासन और एसपी मो. आरिफ शेख, नगर निगम रायपुर के कमिश्नर सौरभ कुमार ,जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. गौरव सिंह से व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली । अधिकारियो ने बताया कि भिखारियों, बेसहारा, जरूरतमंद, दिहाड़ी मजदूरों, मंदबुद्धियों और रोजी-रोटी के लिए बाहर नहीं जा पा रहे व्यक्तियों के लिए ’स्पेशल फूड सेल’ की स्थापना की गई है। भोजन पहुंचाने बड़ा नेटवर्क तैयार कर शहर के हर छोर तक अपनी पहुंच बनाई गई है। सबसे बड़ी बात है की इस कार्य में स्वयंसेवी संस्थाएं, सेवाभावी संगठन और नागरिक भी सामने आकर मदद कर रहे है। नगर निगम के सभी 8 जोन मेे नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं, जो ऐसे परिवारों को चिन्हित कर रही हैं जिन्हें राशन कार्ड ना होने या खाद्यान्न लेने में असुविधा हो रही है या ऐसे परिवारों जिनके पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है अथवा किसी वजह से राशन प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं, ऐसे परिवारों की सहायता के लिए वर्तमान में 15,000 अनाज के पैकेट तैयार कराएं जा रहे हैं, जिससे उनकी जरुरतें पूरी हो सकें।

दो दर्जन से अधिक मजदूरों का रायपुर से बलरामपुर का पैदल सफर देर रात पहुंचे बिलासपुर

बिलासपुर :- दो दर्जन से ज्यादा मजदूर निकले पैदल, रायपुर बिरगांव से बलरामपुर तक का है सफर, गरीबी, भूख और मुफलिसी है कारण, बिलासपुर में मजदूरों को नहीं मिली कोई मदद, रायपुर से बिलासपुर पहुंचे पैदल, देर रात जिला प्रशासन ने नहीं ली सुध, पुलिस जवानों ने दिया मास्क और पिलाया पानी। दरअसल ये लोग रायपुर बिरगांव के एक फैक्ट्री में कामगार मजदूर हैं। लेकिन लॉक डाउन के कारण कामकाज बंद हो गया है और अब इनके पास जीविकोपार्जन का कोई और साधन नहीं है। गरीबी, भूख से परेशान इन मजदूर कुछ दिन इंतजार करते रहे कि, कोई मदद मिलेगी..! लेकिन ऐसा हुआ नही। मदद मिलने की उम्मीद नहीं बचने के बाद आखिरकार इन्होंने पैदल ही निकलने का फैसला लिया। बीती रात रायपुर से पैदल चलते-चलते देर रात बिलासपुर पहुंचे।। उन्हें उम्मीद थी कि बिलासपुर में इन्हे जरूर कोई ना कोई मदद मिल जाएगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं । देर रात जिला प्रशासन ने उनकी कोई मदद नहीं की। हालांकि बिलासपुर के नेहरू चौक में इन्हें रोक लिया गया। पुलिस ने पूछताछ की तो मजदूरों ने साफ-साफ बताया कि वे पैदल बिरगांव से बिलासपुर तक आ पहुंचे हैं। और उन्हें उम्मीद है कि यह उनकी कोई न कोई मदद करेगा। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। लेकिन पुलिस वालों ने उन्हे पानी पिलाया और चेहरे पर पहनने के लिए मास्क भी दिया। और इस तरह से रात को ही उन्हें चलता कर दिया गया। हालांकि इस बीच कुछ भले पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सलाह दी कि वे बिलासपुर में रुक सकते हैं । अगर चाहे तो यहां रुककर इंतजार करें और प्रशासन जरूर उनकी मदद करने के लिए कोई ना कोई विकल्प ढूंढ निकालेगा। लेकिन मजदूरों को अपने घर जाने की और अपने लोगों से मिलने की इतनी ज्यादा तलब थी कि, उन्होंने पैदल चलना ही ठीक समझा। और बिलासपुर से बलरामपुर के लिये पैदल ही निकल पड़े।

अचानक बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ का बड़ा हिस्सा नगर विधायक शैलेष पांडेय के निवास पहुंच कानून ब्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने क्या किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं ?

बिलासपुर-- सुबह 11 बजे अचानक बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ का बड़ा हिस्सा नगर विधायक शैलेष पांडेय के निवास पहुंच कानून ब्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने क्या किसी साजिश का हिस्सा तो नहीं ? विधायक भीड़ देख खुद लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से घरों में जाने अपील करते रहे। फिर भी प्रसाशन ने विधायक पर धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में सिविल लाइन पुलिस ने जुर्म दर्ज कर लिया है। जबकि विधायक ने स्वयं पुलिस बुला भीड़ को वापस करने कहा । इधर श्री पांडेय ने प्रशासन के ऊपर नाराजगी ब्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते लोगों का मेरे निवास मदद मांगने आना कोई गलत नहीं इस पर जुर्म दर्ज करना यह किसी साजिश कीओर इशारा करता है। प्रशासन के द्वारा जुर्म दर्ज किया जाना मेरे विशेषाधिकार का हनन है। और मैं इसके लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा ऊँगा । क्या नगर विधायक बढ़ती लोकप्रियता को बर्दाश्त न कर पाना किसी विशेष की कोई सोंची समझी साजिश तो नहीं ? कुछ दिनों से नगर विधायक शैलेष पांडे लगातार जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे थे, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर राशन एवं सामानों का वितरण करते रहे,इसके साथ ही उन्होंने जरूरत लोगों के लिए अपना पर्सनल मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक कर दिया था। कहीं ऐसा तो नही शहर के किसी की सोचीं समझी साजिश के तहत लोगों को मोबाइल से सूचना तो नही दे दी कि विधायक अपने निवास पर लोगों को सामान का वितरण कर रहें तभी न एकाएक भीड़ जा पहुंचता है?हांलाकि ये तो जांच का विषय है ? कोरोना के चलते शहर पूरी तरह लॉक डाउन की स्थिति में चल रहा है उसे देखते हुए नगर विधायक जनप्रतिनिधी होने नाते गरीब,मजदूर रिक्शा चालक और भिखारियों की मदद करने के उद्देश्य से राशन सामग्री का वितरण करते रहे, और तो और इतना ही नही उन्होंने अपना ब्यक्तिगत मोबाइल नंबर भी जरूरत मंद लोगों के लिए सार्वजनिक कर दिया। उनका कहना था कि यदि किसी को खाद्य सामग्री की आवश्यकता हो तो मुझे मोबाइल से सम्पर्क कर सकता है ,और उस तक मदद पहुंचा दी जावेगी। यह भी तेजी से कुछ लोगो ने यह हल्ला उड़ा दिया कि विधायक पर धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप पर जुर्म दर्ज कर लिया गया है जबकि विधायक ने इस बात का खंडन किया है । संकट की इस घड़ी में विधायक के द्वारा उठाये गए निर्णय के पीछे बढ़ रही लोकप्रियता तो किसी विशेष के लिए बाधक तो नही ? क्योकि लॉक डाउन के दौरान नेता अधिकारी एवं कुछ लोगों की तस्वीर स्थानीय मीडिया में फोटो प्रकाशित हुई थी कि उनकी दिनचर्या कैसी रही है। और वहीँ दूसरी तरफ नगर विधायक एक अलग रोल में दिखे ! इसे ही साजिश का हिस्सा बताया जा रहा।।
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