BBN24 : बड़ी खबर : राजनांदगांव - मतदान दल और सुरक्षाकर्मी कर रहे अपनी मनमानी , मतदान केन्द्र का दरवाजा किया बंद, सैकडो मतदाता केन्द्र के बाहर रहे खडे   |   राजनांदगांव -- धूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र की 120 वर्षीय बुजुर्ग महिला नोहरी तोपसे ने लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लिया और चिलचिलाती धूप में किया मतदान   |   BIG BREAKING NEWS : राजनांदगांव --नक्सलियो ने किया आईईडी ब्लास्ट,एक जवान घायल....   |   राजनांदगांव -- नक्सल प्रभावित क्षेत्र कोरचाटोला मे शांति पूर्ण तरीकें से चल रहा मतदान   |   राजनांदगांव-- राजनांदगांव के जिला निर्वाचन अधिकारी जय प्रकाश मौर्य ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया   |   राजनांदगांव - डोगरगांव विधानसभा क्षेत्र के बुध्दूभरदा मतदान केन्द्र मे दुल्हन ने शादी के बाद किया मतदान।   |   राजनांदगांव -- दुल्हन ने ससुराल जाने से पहले पहुची मतदान केन्द्र   |   राजनांदगांव -- नक्सल प्रभावित क्षेत्र चिल्हाटी मे शांति पूर्ण तरीकें से चल रहा मतदान..   |   राजनांदगांव -- राजनांदगांव लोकसभा राजनांदगांव जिले में 7 से 9 बजे के बीच औसत 15.99 प्रतिशत मतदान।   |   राजनांदगांव -- नक्सल प्रभावित मोहला मानपुर मे शांति पूर्ण तरीके से चल रहा मतदान..   |  
बादल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर भाटापारा छतीसगढ़ की ओर से समस्त क्षेत्रवासियों को हिंदू नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं : शादी पार्टियों में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के लिए संपर्क करें 9644399744   |   *शिक्षा के क्षेत्र में बनाएं अपना बेहतर भविष्य ,* *प्रवेश प्रारंभ ....* DCA , BCA , PGDCA , नर्सिंग , आयुर्वेदिक फार्मेसी , डी एवम बी फार्मा , योगा साइंस , लैब टेक्नीशियन , नेत्र सहायक , एक्स रे टेक्नीशियन , ITI , इंजीनियरिंग व अन्य सभी विश्वविद्यालय कोर्स में प्रवेश के लिए आज ही संपर्क करें *MY एजुकेशन सेंटर* आजाद चौक के पास मेन रोड अकलतरा, जिला जांजगीर चापा (छत्तीसगढ ) अधिक जानकारी के लिए कॉल करे 7389308080 *छात्रवृत्ति सुविधा उपलब्ध है*   |   समस्त जिला एवं प्रदेश वासियो को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाए विनीत महिला एवं बाल विकास अधिकारी भाटापारा |   |   समस्त जिला एवं प्रदेश वासियो को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाए विनीत मुख्य कार्यपालन अभियंता (पी डब्लू डी) बलोदा बाजार |   |   समस्त जिला एवं प्रदेश वासियो को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाए विनीत वन मंडल अधिकारी बलोदा बाजार |   |  

विशेष

Previous123456789...3738Next

पढ़िए जांजगीर जिले  के एक छोटे  गाँव में रहने वाले बुजुर्ग पति पत्नी की अनोखी कहानी
Posted Date : 31-March-2019

पढ़िए जांजगीर जिले के एक छोटे गाँव में रहने वाले बुजुर्ग पति पत्नी की अनोखी कहानी

शनि सूर्यवंशी@ BBN24-- पकरिया- कहते हैं ना कि जिस उम्र में अपने भी साथ छोड़ देते हैं उस उम्र में पत्नी साथ निभाती है ऐसा ही एक वाक्य पामगढ ब्लॉक के छोटे से गांव झूलन का है जहां पति पत्नी मिलकर मनिहारी का ठेला चलाते हैं जिसमें महिलाओं के श्रृंगार को लेकर पति पत्नी सुबह से ही बिना चप्पल के निकल पड़ते हैं और आसपास में घूम-घूम कर अपना रोजगार करते हैं ऐसा नहीं कि उनकी घर के सदस्य उन्हें मना नहीं करते हो उनके घर के और कोई नही बल्कि उनके पुत्र ही हमेशा मना करते हैं कि आप यह कारोबार मत करो फिर भी काम करने की ऐसी इच्छा की बच्चों के बातों को नजरअंदाज करके भी आज भी काम करते हैं। 8 वर्ष से आसपास के गांव गांव में घूम कर ठेला के माध्यम से मनिहारी की दुकान चलाते है। इनके दो पुत्र है जोकि एक पामगढ़ के शिशु विद्या मंदिर में पढ़ाते है । दूसरा खेती किसानी का काम देखते है। खास बात यह है कि रामाधीन कश्यप ने बताया कि कितना भी तेज धूप या चिलचिलाती गर्मी हो हमेशा ही वो और साथ मे उनकी पत्नी दोनों ही पैदल सड़क हो गाँव के रास्ते में ही पैदल ठेला को चलाते है। साथ ही उन्होंने बताया कि हम अपना काम के साथ भगवान के भक्ति में भी लीन रहते है इतना ही नही वो अपने ठेले में गाना सुनने के लिए एक साउंड सिस्टम लागये जिसमे सिर्फ़ और सिर्फ धार्मिक गाना ही बचता रहता है। जब हमने पूछा ठेला में सिर्फ धार्मिक गाना ही बजाते है तो उन्होंने ने बोला कि उम्रदराज में धार्मिक गीत संगीत अच्छा लगता है इससे मन साफ रहता है और अपने अंदर अच्छा विचार भी पैदा होता है जिससे अच्छे काम करने का इच्छा भी जगजाहिर होता है। इस लिए धार्मिक गाना सुनते है। पति पत्नी ने बताया कि आज भी बहुत से माँ बहन बहु बेटी है जो अब भी दुकान में अपने जरूरत की समान लेने जाने में शर्माते है झिझकते है ये सभी चीज़ को देखते हुए हम दोनों पति पत्नी ने इस काम को चुना साथ ही सेवा के रूप में ठेला पर घर घर जाकर समान बेचते है। इतना ही नही इनके बच्चो के द्वारा कई बार मना किया गया उसके बावजूद भी पत्नी पत्नी की जिद्द के आगे कुछ बात काम न आया फिर भी ये अपने बच्चो के एक भी न सुने और अपने काम को सच्चे लगन मेहनत ईमानदारी से करते आ रहे है। इन दोनों पति पत्नी के काम को लेकर गांव के लोग सराहना करते थाकते नही है और इनके हिम्मत जज्बे को सलाम करते है।
 पढ़ने के लिए जुनून होना चाहिए सफलता आपके कदम चूमेगी -हेमंत जायसवाल..... MBBS की परीक्षा में शानदार नम्बरो से पास होकर बढ़ाया क्षेत्र का मान
Posted Date : 25-March-2019

पढ़ने के लिए जुनून होना चाहिए सफलता आपके कदम चूमेगी -हेमंत जायसवाल..... MBBS की परीक्षा में शानदार नम्बरो से पास होकर बढ़ाया क्षेत्र का मान

जांजगीर चांपा :-जिला मुख्यालय से 90 किलोमीटर दूर डभरा ब्लॉक के साराडीह का होनहार हेमंत जायसवाल एमबीबीएस के फाइनल परीक्षा में शानदार नंबर अर्जित कर क्षेत्र के साथ-साथ जिले का भी नाम रोशन किया है। हेमंत जायसवाल मध्यम वर्गीय परिवार होने के बावजूद का भी आगे बढ़ने को लेकर हिम्मत नहीं हारी और सन 2014 बैच में एमबीबीएस की प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से चयन होकर रायगढ़ में स्थित स्व लखीराम मेडिकल कॉलेज दाखिला होकर अपनी पढ़ाई शुरू की और 25 मार्च को एमबीबीएस फाइनल ईयर की रिजल्ट जवाई जिसमें शानदार नंबरों से पास होकर क्षेत्र के साथ-साथ जिला का नाम रोशन किया। वहीं हेमंत जायसवाल ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता और अपने गुरुजनों के साथ साथ अपने बड़े भाई को दिया आपको बता दें कि हेमंत जायसवाल जिले के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जनर्लिस्ट एवं समलेश्वरी हॉस्पिटल के संचालक हुमेश जायसवाल के छोटे भाई हैं।

पढ़ने के लिए जुनून होना चाहिए सफलता आपके कदम चूमेगी

हालांकि मैं मध्यम वर्गीय परिवार से हूं पर्याप्त संसाधन नहीं था और मैं हिंदी मीडियम का छात्र था लेकिन भैया जब मेडिकल की पढ़ाई करने रायपुर गए थे तब उनसे मुझे प्रेरणा मिली भैया मुझे हमेशा कहते थे कि मैं तुझे डॉक्टर के रूप में देखना चाहता हूं और भैया की यह बात मुझे भाग गई पर मन में जुनून था कि मैं डॉक्टर बनूंगा फिर मैंने पीएमटी की तैयारी की जिसके बाद मेरा चयन रायगढ़ में स्थित स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल मेडिकल कॉलेज में हुआ शुरू शुरू में तो मुझे हिंदी मीडियम होने के कारण समझने में थोड़ा दिक्कत होता था क्योंकि मेडिकल की पढ़ाई इंग्लिश मीडियम में होती है लेकिन मैंने हार नहीं मानी और बिना किसी रूकावट के मैं आगे बढ़ते गया और फाइनली अब मैं एमबीबीएस कंप्लीट कर लिया मैं सभी प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को कहना चाहूंगा कि अपने लक्ष्य पर ध्यान देवें कंसंट्रेट होकर अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए मेहनत करें तो सफलता उन्हें जरूर मिलेगी। हेमंत जायसवाल (मेडिकल छात्र)

छत्तीसगढ़ कलार महासभा के महाअध्यक्ष विजय जायसवाल के नेतृत्व में निरन्तर  आगे बढ़ रहा कलार समाज
Posted Date : 22-March-2019

छत्तीसगढ़ कलार महासभा के महाअध्यक्ष विजय जायसवाल के नेतृत्व में निरन्तर आगे बढ़ रहा कलार समाज

रायगढ़:- छत्तीसगढ़ कलार महासभा के महाअध्यक्ष विजय जायसवाल के नेतृत्व में निरन्तर कलार समाज आगे बढ़ रहा है। यू कहे तो विजय जायसवाल कलार समाज में उस धागे के समान है जो एक माला सभी मोती को सजो के रखते हैं। 14 मार्च को हुए कलार महोत्सव एवं सम्मान समारोह का आयोजन सिद्धेश्वर नाथ धाम बरगढ़ में भव्य रूप से हुआ हुआ इस कार्यक्रम में प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के साथ-साथ कैबिनेट मंत्री उमेश पटेल एवं आसपास के क्षेत्रीय विधायक कार्यक्रम में शामिल हुए इस कार्यक्रम में विजय जायसवाल का विशेष योगदान रहा। आपको बता दें कि कलार समाज एक वक्त ऐसा था जिसमें तमाम सामाजिक कुरीतियां पनप रहे थे मगर विजय जायसवाल द्वारा महा अध्यक्ष बनने के बाद सभी सामाजिक कुरीतियों पर लगाम लगाते हुए समाज को एक नई दिशा की ओर ले जा रहे हैं। वर्तमान की बात की जाए तो बरगढ़ में कलार समाज द्वारा भव्य भगवान सहस्त्रबाहु का मंदिर स्थापित हो रहा है, वहीं समाज की गतिविधि को जन जन तक पहुंचाने के लिए कलार महासभा का मोबाइल एप भी लॉन्च हो चुका है। वहीं विजय जायसवाल का कहना है कि समाज को आगे ले जाने के लिए हर वर्ग के लोगों की सहयोग जरूरी है तभी समाज आगे बढ़ पाएगा साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि समाज के बड़े बुजुर्गों के आशीर्वाद के बगैर कुछ भी संभव नहीं है।
Posted Date : 08-March-2019

"बस इतना साथ देना तुम"- महिला दिवस विशेष

जब कभी मैं गिर जाऊँ तो मुझे सहारा मत देना, मेरे खुले पंखो को यूँ ही छोड़ देना, अपेक्षाओं की बाण से ज़ख़्मी ना कर देना तुम, दूर खड़े रहना मेरा हौसला बड़ा देना तुम।।।एक बस इतना साथ देना तुम.... वो जो ममता के आँचल में छुपाया था तुमको, जिसकी छांव में लोरी गाकर सुलाया था तुमको, मेरे संस्कार को नीचा ना दिखाना तुम, हारकर मौत को गले ना लगाना तुम।।।एक बस इतना साथ देना तुम... मेरी सूरत नहीं सीरत देखो, मेरी ना को सिर्फ़ ना देखो, प्रेमिका हूँ इश्क़ की कसक देखो, तेज़ाब डालकर या बलात्कार कर अपने पुरुषार्थ को ना खोना तुम।। एक बस इतना साथ देना तुम.... है राखी की क़सम तुमको, वो रोली की सौगंध तुमको,है बहन का आशीर्वाद तुमको, किसी का दिल ना तोड़ना तुम।।।एक बस इतना साथ देना तुम.. साथी बनकर साथ निभाऊँगी तुम्हारा, टूट कर चाहूँगी, रखूँगी सदा मान तुम्हारा।।।ऊँची आवाज़, लहराते हाथ, अभद्र शब्दों में अपने वजूद को ना खोना तुम।।। एक बस इतना साथ देना तुम.... लक्ष्मी रूप में आऊँगी, सरस्वती रूप में बढ़ती जाऊँगी, तुम जनक की तरह विदा करना मैं सीता की तरह देहरी छोड़ चली जाऊँगी, पर कोख में ही ना मसलना तुम।।। एक बस इतना साथ देना तुम..... ...कामायनी...
 नरवा घुरवा गरुवा बारी कितनी होगी सार्थक पहल सरकारी,
Posted Date : 14-February-2019

नरवा घुरवा गरुवा बारी कितनी होगी सार्थक पहल सरकारी,

 धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ की पहचान बतौर धरा का सम्मान है जिसकी संपूर्ण जीवन शैली खेत खलिहान नदिया तालाब कोला बारी और गाय भैंस बैल पशु धन के रुप मे है किन्तु कटु सत्य यह है कि बदलते समय के साथ राज्य के पहचान की भरपूर उपेक्षा हुई, बेरोजगारी से कभी अंजान यह राज्य आज इन्ही आयामों की उपेक्षा की वजह से खाली हाथ और मुंह ताकता नजर आ रहा है रोजगार के नाम पर महज सरकारी नौकरी एवं उद्योगों की मोहताज बन चुके छत्तीसगढ़ मे युवाओं को छलावा के सिवाय कुछ नही मिल रहा है और धीरे धीरे यह परिस्थिति यहां की नियति बनती जा रही है ऐसी बात नही है कि इस दिशा मे प्रयास नही हुए है किन्तु यह प्रयास इस शैली मे रही कि बचा खुचा लगाव भी खत्म हो गया,
 
मुआवजा और मुनाफाखोरी
 खेती के उन्नयन के नाम पर अब तक केवल मुआवजे एवं खैरात का ही प्रावधान बना है कभी भी कृषि को वैश्विक पटल पर सम्मान जनक स्थान दिलाने की कोशिश नही हुई  जिसके चलते अधिक फसल हुई तो पानी के भाव उपज बिकने और कम फसल हुई तो अभाव का रोना आज भी बरकरार है उसी तरह प्रमुख पशुधन के लिए सरकार की नीति गायों के मौत की वजह बनती गयी और दर्दनाक कारण बनी गौसेवा मे भ्रष्टाचार और मुनाफाखोरी की प्रवृत्ति का चलन,
_________
समाज मे पड़ा दुष्प्रभाव 
सरकार की इस अव्यवस्थित नीति का प्रभाव समाज पर भी पड़ा क्योंकि इन कार्यों मे लगे हुए लोगों का अपना प्रभामंडल था और जैसे कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता मे कहा है कि प्रभावशाली का अनुकरण समाज करता है बस उसी तर्ज पर कृषि और गाय उपेक्षित होती गयी तथा ऐनकेन प्रकारेण धन प्राप्ति की अभिलाषा बलवती होती गयी तथा गायों की दुर्दशा पर दुख व्यक्त करने का भाव भी लोपित होता गया, अभी कुछ समय पूर्व भाटापारा के ग्राम कोदवा गौशाला मे लगभग 185गायों की मौत मे भाटापारा जैसे धार्मिक आयोजनों के शहर मे गहन चुप्पी इसका ज्वलंत उदाहरण है
_________
सरकार पर उठते सवाल
 भाटापारा क्षेत्र मे हुई गायों की मौत का दर्दनाक हादसा एक तरह से छत्तीसगढ़ की ग्राम्य विथा को गहरा आघात पहुँचाने वाली घटना है उस पर सभी की चुप्पी तथा सरकार की इस दिशा मे उदासीनता सीधे तौर पर सरकार की भावी योजनाओं पर सवाल खड़ा करती है कि छत्तीसगढ़ की पहचान कहे जाने वाले नरवा घुरवा गरुवा बारी जैसी मर्म भरी योजनाओं के साथ सरकार कितना न्याय कर पायेगी जबकि माहौल सीधे इसके उलट है|, बजट की समीक्षा के दौर मे कडार के किसान संतोष सेन जैसे कई लोगों द्वारा इसी तरह का सवाल उठाया गया कि क्रियान्वयन मे कितनी सुचिता बरती जाएगी जिसका सीधा तौर पर यही मतलब है कि पूर्व मे इस तरह की योजनाओं का बुरा हश्र क्रियान्वयन मे खामी और पारदर्शिता के अभाव के चलते हुआ था इसी कड़ी मे जनमानस की पुनः मांग है | कि इस दिशा मे गंभीरता एवं पर्याप्त संवेदना की आवश्यकता है और कोदवा जैसी घटनाओं मे शिथिलता एक तरह से उन्ही हौसलों को बुलंद करेगी जो इसमे सेवा नही महज लाभ देखतें है और उसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहते है भले ही उस विधा की दुर्गति हो जाये, इसलिए इस पर लगाम कसने ऐसी घटनाओं पर त्वरित तत्परता एवं कठोर कार्यवाही की दरकार है जिससे समाज मे यह संदेश जाए की छत्तीसगढ़ की अस्मिता कितनी अहम है वरन इसके अभाव मे योजनाओं का खेल चलता रहेगा और ढाक के तीन पात की दशा बरकरार रहेगी|

 स्थानीयता पर उपेक्षा पूर्ण रवैया बरत रहीं सीमेंट फैक्ट्रियां
Posted Date : 08-February-2019

स्थानीयता पर उपेक्षा पूर्ण रवैया बरत रहीं सीमेंट फैक्ट्रियां

भाटापारा  दिनों दिन कृषि का घटता रकबा लाभकारी व्यवसाय के रुप मे चूकती खेती आज भी छत्तीसगढ़ मे बहुसंख्य आबादी की जीविका का आधार है छत्तीसगढ़ ही एक ऐसा राज्य है जहां निम्न से निम्न आर्थिक स्थिति वालों के पास भी थोड़ी न थोड़ी जमीन है इसीलिए आर्थिक मर्म के जानकार मानते है कि यदि इस राज्य मे खेती के लिए ठोस कवायद की जाये तो छत्तीसगढ़ के दिन बहुरते देर नहीं लगेगी किन्तु दुर्भाग्य इस राज्य मे कृषि मसले पर मुआवजे और खैरात से आगे बात नही बढ़ती और यही कमजोर कड़ी धीरे धीरे कृषि को निगलने का कारक साबित हो रही है पैसे पर टिकी राज्य की कृषि अवधारणा का भरपूर लाभ उठाते हुए उद्योग मनमाने पैसे का लालच देते हुए तेजी से कृषि भूमि हडप रहीं है और व्यवस्था मूकदर्शक बनी हुई एक तरह से उद्योगों के हौसलाअफजाई का ही कार्य कर रहीं है
 नही बख्शे जा रहे उर्वरा भूमि
भाटापारा बलौदा बाजार जिले मे लगभग आधा दर्जन सीमेन्ट फैक्ट्रियां संचालित है जो अधिकतर बलौदा क्षेत्र मे स्थापित हैं गांव वालों से रुबरु होने पर वहां की पीड़ा स्पष्ट रुप से झलकती है और यह पीड़ा उर्वरा भूमि भी सीमेंट संयंत्रों मे कुर्बान होने एवं जमीन जाने के बाद भी ढंग से मुआवजा नही मिलने एवं रोजगार नहीं मिलने के रुप मे नजर आती है, क्षेत्रीय ग्रामीणों का कहना है कि अर्थाभाव के चलते बहुत सारे किसान अपनी नहर अपासी की उर्वरा भूमि को बेचने के लिए मजबूर हुए और संयंत्रों का वादा था कि परिवार के एक सदस्य को रोजगार दिया जाएगा किन्तु आज पर्यन्त संयत्र इस मसले पर पूरी तरह खरा नही उतर पायी है आये दिन विरोध प्रदर्शन के बाद भी उद्योगों की गतिविधियों मे कोई बदलाव नही और बकायदा बाहर से कामगार लाकर धडल्ले से स्थानीयता की धज्जियां उड़ाई जा रही है
सतत संवेदना का अभाव
चुनाव के समय गरीब मजदूर किसान की स्तुति एवं उनकी पीड़ा मे जमकर साहनुभूति का इजहार करते हुए तरह तरह की सब्जबाग दिखाने वाले राजनैतिक दलों के प्रति आक्रोश अभिव्यक्ति करते हुए जनमानस का यही कहना है कि यह संवेदना सतत क्यों नही रहती क्यों चुनावों के बाद यह भावना बिसरा दी जाती है और उद्योगों को मनमानी की खुली छुट दे दी जाती है जिसके चलते आज राज्य की किसानी दिनों दिन हाथ से फिसलती हुई लोगों को बेरोजगार करती हुई बाहर राज्यों मे काम ढूंढने को मजबूर कर रही है,वर्ष दर वर्ष बढ़ रहे पलायन के आंकड़े खेती छिनने एवं रोजगार नही मिलने की  कहानी कह रहें है,
 क्रांति सेना से उठती आवाज
 संपन्न हुए विधानसभा सभा चुनाव मे प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस भ्रष्टाचार व्यवस्था गत विकास एवं आउटसोर्सिंग जैसे कुछ अहम जन संवेदना के मुद्दों को लेकर चुनाव मे उतरी जिसे जनता ने हाथों हाथ लिया और भारी बहुमत से विजयी बनाया, अब उन वादों को पूरा करने की बारी है जिस पर सरकार की गतिविधि प्रतिबद्धता की भी नजर आ रही है किन्तु स्थानीयता के मुद्दे पर किसी भी शुरुवात की भनक नही लगने पर जनता के बीच सवालों का दौर शुरू हो रहा है जिसकी संवेदना महसूस कर स्थानीय भावनाओं की प्रखर पैरोकार संगठन छत्तीसगढिया क्रांति सेना मे हलचल शुरू होती जान पड़ रही है और अंदाजा लगाया जा रहा है कि क्रांति सेना जनभावनाओ की मांग कृषि योग्य भूमि का संरक्षण एवं स्थानीय लोगों को रोजगार तथा जिनकी भूमि उद्योगों द्वारा ली गयी है उन्हें पर्याप्त मुआवजा और रोजगार जैसे मसले पर जनता की आवाज बन कर व्यवस्था तक यह पीड़ा पहुँचाएगी, अब देखना यही है कि आगे आगे क्या होता है वैसे नयी सरकार की सक्रियता के आधार पर जनमानस मे आशाएँ अपार है

भाटापारा में मोहल्ले से लेकर कालोनियों तक अपराधों की धमक
Posted Date : 02-February-2019

भाटापारा में मोहल्ले से लेकर कालोनियों तक अपराधों की धमक

हवा चलती है तो वह जैसी फिजा होती है वैसा महक बिखेरती है बाग के पास चलती हुई हवा गर खुशबू का माहौल बनाती है तो सडांध के पास से गुजरी हवा बदबू का कारक बनती है कुछ ऐसा ही वातावरण अभी व्यवस्था मे नजर आ रहा है जहां कानून व्यवस्था की शिथिलता भाटापारा मे एक तरह से अपराधों की दुर्गन्ध बिखेर रही है और जनमानस हलाकान सा हुआ इससे निजात की बाट जोह रहा है _________________________ अपराध दर अपराध की कड़ी सामान्यतः शांत क्षेत्र मे गिनती होने वाले शहर मे कुछ वर्षों से अपराध मे बढोत्तरी का नजारा देखने मे आ रहा है और निरंतर घट रहे विविध अपराधों मे आम जन से लेकर प्रभावशाली तबका तथा मोहल्ले से लेकर कालोनियों तक अपराधों की धमक दिखाई दे रही है जिससे सारा शहर एक तरह से अपराधिक पीड़ा से परेशान नजर आ रहा है नित नयी घटती अपराधिक घटनाओं मे चोरी मारपीट हत्या जैसे जघन्य अपराधों के अलावा अपहरण जैसी घटनाओं के घटने से एक तरह से क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर सवाल उठना शुरू हो गया है कि जिस हौसले से अपराधी अपराध की विविधताओं को अंजाम दे रहे हैं उतनी ही उदासीनता से प्रशासन यह नजारा देखने को क्यों मजबूर है _________________________ चूकती व्यवस्था बढ़ती व्यथा जुआ सट्टा अवैध शराब की बिक्री जैसे घातक असमाजिक आचरण क्षेत्र मे घटने के बजाय निरंतर प्रगति पर हैं और यदाकदा इस पर कड़ाई के अलावा इसके उन्मूलन के लिए अब तक ठोस कदम नही उठाया जाना जिसके चलते इससे जुड़े पूरक अपराधों को एक तरह से संरक्षण प्राप्त हो रहा है वहीं यह अपराधियों के लिए हौसले का कारक साबित होते हुए दुस्साहसिक अपराधों को अंजाम देने की पृष्ठभूमि बन रहें है विधायक के गाड़ी को लूटने एवं कृष्णा सिटी जैसे पाॅश कालोनी जहां जज एवं बड़े बड़े प्रशासनिक अधिकारियों का निवास स्थान है वहां भी चोरी की घटना इसका ज्वलंत उदाहरण है और यह पुष्टि है कि किस तरह अपराधियों के हौसले बुलंद है और व्यवस्था किस हद तक चुकी हुई तथा लाचार नजर आ रही है _________________________ नयी सरकार आशाएं अपार ढांचागत विकास मे कीर्तिमान बना चुकी पूर्ववर्ती सरकार के संबंध मे जनमानस का कथन है कि उनका विकास एक पक्षीय था जिसके तहत महज ढांचा निर्माण को तवज्जों दी गयी और व्यवस्था गत विकास की भरपूर उपेक्षा हुई जिसके चलते अस्पताल स्कूल अन्य सुविधाओं के ढांचों का भरपूर निर्माण हुआ किन्तु वहां व्यवस्था सुचारु नही हो पायी और इस नीति का दंश भाटापारा को भी झेलना पड़ा सुविधा विहिन अस्पताल और अभाव ग्रस्त विद्यालय इसका ज्वलंत उदाहरण है इस व्यवस्था विहिन विकास की हवा चहुंओर अव्यवस्था की फिजा का निर्माण कर गयी कानून व्यवस्था की लचरता भी इसी व्यवस्था हीनता का प्रतीक है चूँकि नयी सरकार का गठन भी भ्रष्टाचार और व्यवस्था के मुद्दे पर हुआ है और इस विधा मे उनकी बड़ी बड़ी घोषणाएं भी है जिसके चलते जनमानस को आस है कि अब संपूर्ण विकास का दर्शन होगा और व्यवस्था मे कसावट के दर्शन होंगे अब देखना यही है कि भाटापारा समेत संपूर्ण राज्य की व्यवस्था गत फिजा बदलेगी या समस्या वहीं खड़ी रह जाएगी
पत्रकार खबरीलाल रिपोर्ट ::- परम धर्म संसद में ऐलान - 21 फरवरी से शुरू होगा राम मंदिर का निर्माण, 4 शिलाएं ले जाएंगे अयोध्या ।।
Posted Date : 30-January-2019

पत्रकार खबरीलाल रिपोर्ट ::- परम धर्म संसद में ऐलान - 21 फरवरी से शुरू होगा राम मंदिर का निर्माण, 4 शिलाएं ले जाएंगे अयोध्या ।।

ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई तीन दिवसीय परम धर्म संसद के आखिरी दिन राम मंदिर निमार्ण के शिलान्यास पूजन का धर्मादेश जारी किया गया। परम धर्म संसद के सभी सांसदों, साधु, सन्त, महात्माओं ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 21 फरवरी से राम मंदिर का निर्माण शुरू होगा तथा 4 शिलाएं लेकर साधु-संत अयोध्या जाएंगे। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के शिष्य प्रतिनिधि व क्रांतिकारी सन्त दंडी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कहा - मंदिर तोड़ने वाली सरकार राम मंदिर का निर्माण नहीं करा सकती है। इसलिए हम 21 फरवरी को अयोध्या में भगवान राम के भव्य राम मंदिर का शिलान्यास करेंगे। बसंत पंचमी (10 फरवरी 2019) के बाद संत प्रयागराज से अयोध्या के लिए कूच करेंगे।  शंकराचार्य महाराज ने कहा कि मंदिर बनाने में समय लगता है , लेकिन अगर प्रारम्भ नहीं होगा तो कभी नहीं होगा।  धर्म संसद में संतों ने कहा - "हम कोर्ट और और प्रधानमंत्री का सम्मान करते हैं। हम चार शिलाएं लेकर आयोध्या जाएंगे"। संतों ने यह भी कहा कि शंकराचार्य महाराज हमारे नेता है और उन्हीं का नेतृत्व हमें स्वीकार है। स्वामीश्री ने कहा कि जिस तरह सिखों के गुरु गोविंद सिंह ने देश के करोड़ों हिंदुओं का प्रतिनिधित्व करते हुए अपना बलिदान दिया था, ठीक उसी तरह महाराजश्री जगदगुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती सबसे आगे चलते हुए नेतृत्व करेंगे।  स्वामीश्री ने आगे कहा कि हम किसी कानून का उलंघन नहीं कर रहे हैं। चार लोग चलने से कोई कानून नहीं टूटता। जिस तरह अंग्रेजों के नमक का कानून को तोड़ने के लिए दांडी मार्च किया गया था, ठीक उसी तरह शंकराचार्य महाराज ने रास्ता दिखाया है। हम भगवान राम के मार सहेंगे, क्योंकि वह भगवान का प्रसाद होगा।
Previous123456789...3738Next