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विशेष

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पेड़ लगाना ही हमारी जिम्मेदारी है या...?
Posted Date : 18-October-2018

पेड़ लगाना ही हमारी जिम्मेदारी है या...?

ये कहानी है पुणे की जहां एक रिहान नाम का लड़का रहता था जो एक आईटी कंपनी में जॉब करता था वहां एक दिन सारे आफिस वाले मिलके किसी एक स्थान पर पेड़ लगाने की बात करने लगे उन लोगों ने एक दिन डिसाईड किया और वहां खूब सारे पेड़ लगाने गये काफी मेहनत करके काफी सारे पेड़ लगा के आये।दूसरे दिन आकर सोशल मीडिया पर अपने द्वारा किये इस कार्य के बारे में अपने दोस्तों से शेयर भी किया जिसमें उन्हें बहुत अच्छे अच्छे कॉमेंट भी आये पर लेकिन रिहान बहुत कशमकश में था कुछ प्रश्न उसके दिमाग मे घूम रहा था कि क्या हमने पेड़ लगा दिए तो क्या बस पर्यावरण की तरफ हमारी जो जिमेदारी है वो खत्म हो गई या अब यहां से हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है? ये तो ऐसी बात हो गई कि किसी ने बच्चा तो पैदा कर दिया और उसको अनाथ भगवान भरोसे छोड़ आये की बस बच्चा पैदा करना ही मेरी जिम्मेदारी थी ? हम भी ठीक ऐसा ही करते है पर्यावरण संरक्षण के नाम से कई कार्यक्रम आयोजित करते है पेड़ लगाते है पर क्या कभी आप लोग ने ये सोच है की हमने भी रिहान के आफिस के लोगों के जैसे ही काम किया पेड़ लगाए और आ गये उसके बाद क्या ? जब हम पेड़ लगाते है तो उसे एक नवजात बच्चे की भाती संरक्षण की आवश्यकता होती है जैसे एक नवजात को दूध की भूख लगती है वैसे ही इसे भी पानी की आवश्यकता होती है ,बच्चे को टाइम टाइम पे हम टीके लगाते है वैसे ही पेड़ को भी समय-समय पर खाद की जरूरत होती है।उसे कोई नुकसान न हो इन सब का ध्यान रखने की जरूरत होती है । अच्छा हम सब आज कल सोसाईटी में रहते है तो उसमें हमारे सोसाइटी का मेंटेनेंस देते है तो उसमें हम गार्डन के लिए भी देखभाल करने और माली के भी पैसे देते है यदि हम जैसे पेड़ लगा के गए वैसे यहां भी लगा के छोड़ दो क्या जरूरत है इतने पैसे खर्च करने की ।हम पैसे इसलिए खर्च करते हैं ताकि उसका संरक्षण हो और वो हरे भरे रहे। मेरे कहने का ये मतलब है कि यदि हम पेड़ लगा रहे हैं तो उसके संरक्षण का भी ध्यान रखे तभी हमारे पेड़ लगाने का मकसद पूरा होगा।उसके लिए हम ये कर सकते है की जहां हमने पेड़ लगाये थे वहां हर संडे परिवार के साथ उस स्थान पर जाए और पानी दे जरूरी खाद भी डाल आये और जहां तक हो ये काम हम अपने घर के छोटे बच्चों को करने दे और पेड़ के महत्व को समझाए की वो है तो हम है ये ना हो तो मानवजाति लुप्त हो जाएगी जैसे कई जानवर इस दुनिया से लुप्त होते जा रहे है।इस करने से हम उनमें अच्छे संस्कार निर्माण करेंगें और ऐसा करने से आने वाली पीढ़ी में जागरूकता बढ़ेगी। आज कल बच्चे कंप्यूटर गेम टीवी में ही खोये रहते है हम इनसब से बाहर निकलने के लिए अपने घरों में अलग-अलग तरह के पेड़ लाके उनको उस पेड़ के बारे में बताए उनके नाम ढूंढने और सुबह शाम पानी देने लगाए हफ्ते में खाद देने का और उससे दोस्ती कराए जिससे पेड़ का संरक्षण भी होगा और बच्चे टीवी और कंप्यूटर गेम से बाहर आयेंगें उन्हें कहानी की तरह पेड़ों की कहानी बता सकते है जैसे हमारे समाज में बहुत से पेड़ों की पूजा की जाती है उनकी कहानी बता सकते है इससे उनके महत्व को बच्चे और भी अच्छे से समझ सकते है मनघड़न कहानी से अच्छा ये कहानी सुनाई जाए तो उनमें अच्छे संस्कार भी पड़ेगें। शायद आप लोग समझ गए होंगे कि मैं आप लोगों को क्या समझना चाहती हूं ।आज इस दुनिया को बचाना है तो हम जितना ज्यादा पेड़ लगाए उतना ही अच्छा है ये काम हम पेड़ संरक्षण के लिए नहीं खुद के लिए कर रहे है ये बात हमें याद रखनी चाहिए यदि हम ये महत्वपूर्ण काम नहीं करेंगे तो शायद एक दिन ऐसा आएगा कि हम भी विलुप्त हो जाएंगे और ये मानवजाति ही न हो । वर्षा गलपांडे
 कांग्रेस की गुट बाजी के चलते हराने-जिताने का खेल जारी
Posted Date : 17-October-2018

कांग्रेस की गुट बाजी के चलते हराने-जिताने का खेल जारी

कैलाश जयसवाल 
भाटापारा -  विधानसभा चुनाव में कांग्रेस जीतेगी या हारेगी, यह तो चुनाव के परिणाम बताएंगे, मगर पार्टी के भीतर चुनाव से पहले ही हराने और जिताने का खेल तेज हो गया है। नेताओं की आपस में लामबंदी जारी है।
टिकट की एक लम्बी कतार है लेकिन किसको मिलेगी टिकट अभी तक कुछ भी तय नहीं हो पाया है ,  लेकिन आला कमान के आदेश पर सतीश अग्रवाल,अमित बंटी शर्मा ,सुनील माहेश्वरी और कसडोल के पूर्वे विधायक राजकमल सिंघानिया भी लाइन में लगे हुए है,जिन्हें परोक्ष रूप से पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी का साथ हासिल है। 

प्रदेश की बात करे तो राज्य की सियासत में कांग्रेस डेढ़ दशक से सत्ता से बाहर है। लगातार तीन विधानसभा चुनावों में और राज्य की लोकसभा सीटों पर कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इस बार चुनाव सिर पर है और कांग्रेस पार्टी की भीतरी लड़ाई जारी है। यही कारण है कि अब तक उम्मीदवारों के नाम तय नहीं हो पाए हैं। 

सूत्रो के अनुसार  बात करे तो पार्टी में जहां एक ओर टिकट बंटवारे पर खेमेबाजी है और अपने अपने आकाओ के आदेश से टिकट के लाइन में लगे हुए है जैसे ही टिकट फाइनल होगा फिर मान मनव्वल का खेल भी जारी हो जाएगा लेकिन कोई किसी से कम नहीं है और यही अंदरूनी कला बाजी टिकट मिलने वाले प्रत्याशी के ऊपर भारी पड़ेगा टिकट मांगने वाले टिकट नहीं मिलने पर साथ देने का वादा भी किये है लेकिन अपने वादे में कितना खरे उतरेंगे , यह तो आने वाला समय ही बताएगा

वही जिले के कमान सँभालने वाले दिनेश यदु का कहना है की उम्मीदवारों के नाम तय होते ही सब अपने वादे के अनुसार कॉग्रेस की सिपाही की तरह काम करंगे और प्रत्याशी को जीता कर लाने की जवाबदारी भी उन्ही की रहेगी  

फिलहाल  `राज्य में सत्ता के पक्ष में माहौल नहीं है, कांग्रेस के लिए संभावनाएं बन रही हैं, मगर कांग्रेस की अंदुरूनी लड़ाई नई बात नहीं है। ठीक वैसा ही हाल है कि, छीका को लपकने से पहले ही उसे फोड़ने की जुगत तेज हो गई है। कांग्रेस में गुटबाजी के चलते उम्मीदवार चयन में सहमति नहीं बनी तो भाजपा के लिए जीत की राह एक बार फिर आसान हो जाएगी। भाजपा भी इसी के इंतजार में है।`

खबरीलाल रिपोर्ट ::-  इंदुभवानन्द ने शक्ति रूपी देवी दुर्गा का किया आह्वान।।
Posted Date : 16-October-2018

खबरीलाल रिपोर्ट ::- इंदुभवानन्द ने शक्ति रूपी देवी दुर्गा का किया आह्वान।।

जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम एवं भगवती राजराजेश्वरी मंदिर रायपुर में शारदीया नवरात्रि के महा सप्तमी के दिन आश्रम प्रमुख डॉ इंदुभवानंद ब्रह्मचारी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ 1008 कमल पुष्प से शक्ति स्वरूपा देवी दुर्गा का पूजन व अर्चन किया। इस विशेष दिन पर आचार्य धर्मेंद्र महाराज, डीजीपी जेल आईपीएस गिरधारी नायक, सुमिता ब्रह्मा, ज्योति नायर, तारिणी तिवारी, नरसिंह चंद्राकर, रत्नेश शुक्ला, सोनू चंद्राकर, शैलू नन्दा, आश्रम के समन्वयक व प्रवक्ता पं सुदीप्तो चटर्जी सहित अनेक भक्तगण उपस्थित हुए और शक्ति की उपासना किये। तत्पश्चात सभी भक्तों ने मिलकर ज्योत का दर्शन किये, पुष्पांजलि अर्पित कर महाआरती में सम्मिलित हुए। रात्रिकालीन पूजन पश्चात उपस्थित भक्तों को ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद जी महाराज ने खुद चरणामृत और प्रसाद दिए। ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद महाराज ने कहा कि यह तीन दिन विशेष रूप से बहुत अधिक महत्त्वपूर्ण है क्यों कि इस समय शक्ति चारों ओर व्याप्त रहती है और यदि कोई उपासक सही तरीके से शक्ति की उपासना करें तो उन्हें मन वांछित फल की प्राप्ति होती है।
खबरीलाल रिपोर्ट ::- काशी स्थित श्रीविद्यामठ जहाँ साधिकाएॅ करती हैं नवरात्रि अनुष्ठान ।।
Posted Date : 15-October-2018

खबरीलाल रिपोर्ट ::- काशी स्थित श्रीविद्यामठ जहाँ साधिकाएॅ करती हैं नवरात्रि अनुष्ठान ।।

यह अद्वैत सिद्धान्त के प्रतिपादकाचार्य भगवत्पाद आद्य शंकराचार्य जी की परम्परा का वह महान् स्थल है जहाँ प्रति प्रकट नवरात्रि में श्रीविद्या साधिकाएं अनुष्ठान कर भगवती राजराजेश्वरी देवी की कृपा प्राप्त करती हैं । प्रतिदिन पूर्वाह्न 9 से 11 बजे तक आद्य शंकराचार्य जी द्वारा रचित सौन्दर्य लहरी स्तोत्र के प्रथम श्लोक का 108 बार जप एवं सम्पूर्ण सौन्दर्य लहरी का सामूहिक रूप से सस्वर पारायण पूज्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती महाराज के दिशानिर्देश में हो रहा है । यह उन बुद्धिजीवियों के लिए उत्तर है जो सनातन धर्मोद्धारक हमारे आदि आचार्य पर स्त्रियों से भेद-भाव करने और उन्हें धार्मिक क्रियाकलापों में पीछे रखे जाने का झूठा आक्षेप कर उन्हें मातृशक्ति के विरोधी के रूप में प्रचारित करते हैं । सनातन धर्म में शास्त्र-मर्यादानुसार सभी के लिए सम्मानजनक स्थान सुरक्षित है । तभी तो हमें सनातनी होने पर गर्व है ।
खबरीलाल रिपोर्ट ::- स्थित श्रीविद्यामठ जहाँ साधिकाएॅ करती हैं नवरात्रि अनुष्ठान ।।
Posted Date : 15-October-2018

खबरीलाल रिपोर्ट ::- स्थित श्रीविद्यामठ जहाँ साधिकाएॅ करती हैं नवरात्रि अनुष्ठान ।।

यह अद्वैत सिद्धान्त के प्रतिपादकाचार्य भगवत्पाद आद्य शंकराचार्य जी की परम्परा का वह महान् स्थल है जहाँ प्रति प्रकट नवरात्रि में श्रीविद्या साधिकाएं अनुष्ठान कर भगवती राजराजेश्वरी देवी की कृपा प्राप्त करती हैं । प्रतिदिन पूर्वाह्न 9 से 11 बजे तक आद्य शंकराचार्य जी द्वारा रचित सौन्दर्य लहरी स्तोत्र के प्रथम श्लोक का 108 बार जप एवं सम्पूर्ण सौन्दर्य लहरी का सामूहिक रूप से सस्वर पारायण पूज्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती महाराज के दिशानिर्देश में हो रहा है । यह उन बुद्धिजीवियों के लिए उत्तर है जो सनातन धर्मोद्धारक हमारे आदि आचार्य पर स्त्रियों से भेद-भाव करने और उन्हें धार्मिक क्रियाकलापों में पीछे रखे जाने का झूठा आक्षेप कर उन्हें मातृशक्ति के विरोधी के रूप में प्रचारित करते हैं । सनातन धर्म में शास्त्र-मर्यादानुसार सभी के लिए सम्मानजनक स्थान सुरक्षित है । तभी तो हमें सनातनी होने पर गर्व है ।
खबरीलाल रिपोर्ट ::- स्थित श्रीविद्यामठ जहाँ साधिकाएॅ करती हैं नवरात्रि अनुष्ठान ।।
Posted Date : 15-October-2018

खबरीलाल रिपोर्ट ::- स्थित श्रीविद्यामठ जहाँ साधिकाएॅ करती हैं नवरात्रि अनुष्ठान ।।

यह अद्वैत सिद्धान्त के प्रतिपादकाचार्य भगवत्पाद आद्य शंकराचार्य जी की परम्परा का वह महान् स्थल है जहाँ प्रति प्रकट नवरात्रि में श्रीविद्या साधिकाएं अनुष्ठान कर भगवती राजराजेश्वरी देवी की कृपा प्राप्त करती हैं । प्रतिदिन पूर्वाह्न 9 से 11 बजे तक आद्य शंकराचार्य जी द्वारा रचित सौन्दर्य लहरी स्तोत्र के प्रथम श्लोक का 108 बार जप एवं सम्पूर्ण सौन्दर्य लहरी का सामूहिक रूप से सस्वर पारायण पूज्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानन्दः सरस्वती महाराज के दिशानिर्देश में हो रहा है । यह उन बुद्धिजीवियों के लिए उत्तर है जो सनातन धर्मोद्धारक हमारे आदि आचार्य पर स्त्रियों से भेद-भाव करने और उन्हें धार्मिक क्रियाकलापों में पीछे रखे जाने का झूठा आक्षेप कर उन्हें मातृशक्ति के विरोधी के रूप में प्रचारित करते हैं । सनातन धर्म में शास्त्र-मर्यादानुसार सभी के लिए सम्मानजनक स्थान सुरक्षित है । तभी तो हमें सनातनी होने पर गर्व है ।
खबरीलाल रिपोर्ट ::- शंकराचार्य घाट पर भव्य धर्मोत्सव का आयोजन किया गया।।
Posted Date : 07-October-2018

खबरीलाल रिपोर्ट ::- शंकराचार्य घाट पर भव्य धर्मोत्सव का आयोजन किया गया।।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज को ज्योतिष पीठ एवं द्वारका शारदा पीठ का संयुक्त शंकराचार्य घोषित करने पर हर्षित सनातन धर्मियों द्वारा आज केदारघाट के समीप शंकराचार्य घाट पर धर्मोत्सव का आयोजन किया । शंकराचार्य घाट पर पूज्यपाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने गंगा जी का षोडशोपचार पूर्वक पूजन किया तत्पश्चात मां गंगा की १०८ दीए से आरती की । उसके बाद ५१ शंखों के द्वारा शंखनाद कर सनातन धर्म के उत्थान की मंगल कामना की और आतिशबाजी कर हर्षोल्लास किया । कार्यक्रम स्थल पर धर्म सभा का आयोजन जिसको सम्बोधित करते हुए पूज्यपाद स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि बहुत दिनों बाद सनातन धर्मियों को एक सुखद समाचार प्राप्त हुआ है जो आने वाले दिनों में सनातन धर्म को पुष्ट करेगा सम्पूर्ण विश्व सनातन वैदिक हिन्दू परम्पराओं और ज्ञान को अपना रहा है हमको भी अपने परम्पराओं से जुड़ना चाहिए तभी हमारा सर्वांगीण विकास होगा । कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित थे सर्वश्री राजेन्द्र तिवारी जी, श्रीमहन्त महाराजमणि शरण सनातन जी महाराज, ज्योतिशंकर जी, रमेश उपाध्याय, संजय पांडेय प्रदेश समन्वय गंगा सेवा अभियान, अनुराग द्विवेदी, प्रभात वर्मा, सुनील शुक्ल, हरिनाथ दुबे, सुनील उपाध्याय, यतीन्द्र नाथ चतुर्वेदी, सत्येंद्र मिश्र, आलोक भारद्वाज, पद्माकर पांडेय, शरद शुक्ल, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, किसन जायसवाल, सतीश अग्रहरि जी आदि सैकड़ों उपस्थित थे ।
खबरीलाल रिपोर्ट (वृंदावन) ::- ममता चंद्राकर ने शंकराचार्य से लिया आशीर्वाद।
Posted Date : 20-September-2018

खबरीलाल रिपोर्ट (वृंदावन) ::- ममता चंद्राकर ने शंकराचार्य से लिया आशीर्वाद।

छत्तीसगढ़ की मशहूर कलाकार एवं पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त डॉ ममता प्रेम चंद्राकर ने ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती जी महाराज के 68 वें चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान में "चिन्हारी" लोक गीत एवं नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित भक्तों को भावविभोर कर दिया। छत्तीसगढ़ी फिल्मों के मशहूर निर्माता व निर्देशक प्रेम चंद्राकर द्वारा कृत "चिन्हारी" में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जातियों के लोक गीतों को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया जिसमें गणेश वंदना, नाचा, मल्हारी व आदि प्रस्तुतियां ममता चंद्राकर एवं उनके साथियों द्वारा मंचन किया गया। नाचा छत्तीसगढ़ का बहुत प्रसिद्द नृत्य शैली है जिसमे पुरुष महिला बनकर नृत्य करते हैं तथा अन्य जातियों द्वारा नाव रात्रि, दीपावली में जिस तरह का लोक गीत व नृत्य करते हैं उसका प्रस्तुतिकरण उनके द्वारा किया गया। ममता चंद्राकर का कहना है कि हम देश के अलग अलग जगह पर जाकर छत्तीसगढ़ के संस्कृति से लोगों को "चिन्हारी" के मध्यम से अवगत करवाते हैं जिससे दूसरे प्रदेश के लोग हमारे छत्तीसगढ़ की संस्कृति , भाषा, शैली आदि को जान सके। इस कार्यक्रम के आयोजन में शंकराचार्य आश्रम रायपुर के नरसिंह चंद्राकर का विशेष योग दान रहा और इस विशेष कार्यक्रम में देश के अलग अलग प्रान्तों से आये सन्यासी, साधु, सन्त, महात्मा एवं वृंदावन वासी विशेष रूप से उपस्थित थे।
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