राज्य

 शिक्षा में आउटसोर्सिंग बंद, अब होगी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति

शिक्षा में आउटसोर्सिंग बंद, अब होगी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति

 रायपुर। छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार ने शिक्षा में आउट सोर्सिंग बंद करने का फैसला किया है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने विद्या मितान व्यवस्था को खत्म करने का वादा किया था। अब बस्तर और सरगुजा में 1885 और माडा पाकेट क्षेत्र में नियमित भर्ती होने तक 631 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति का फैसला किया है। शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने बताया कि रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था 30 जुलाई तक पूर्ण कर ली जाएगी। शिक्षकों को 18 हजार स्र्पये वेतन दिया जाएगा। खास बात यह है कि पहले से विद्या मितान के रूप में कार्य कर रहे शिक्षकों को अतिथि शिक्षक के पद पर भर्ती में प्राथमिकता दी जाएगी।


भाजपा सरकार ने बस्तर और सरगुजा में अंग्रेजी, विज्ञान और गणित के शिक्षक नहीं मिलने का हवाला देकर आउटसोर्सिंग के माध्यम से भर्ती की गई थी। इस दौरान यह आरोप लग रहे थे कि विद्या मितान को कम भुगतान किया जा रहा है। अब सरकार शाला प्रबंधन समिति के माध्मय से अतिथि शिक्षकों को भुगतान करेगी। अतिथि शिक्षकों की भर्ती अस्थाई व्यवस्था के तहत की जा रही है।

ऐसे में इनको कोई नियुक्ति या पदस्थापना आदेश नहीं दिया जाएगा। बेहतर परफार्मेंस नहीं देने वाले अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति को खत्म करने का अधिकार शाला प्रबंधन और विकास समिति के पास रहेगा। रिक्त पदों के लिए विज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी निकालेंगे।

अतिथि शिक्षक की भर्ती में स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। संभाग स्तर पर शिक्षक नहीं मिलने पर अन्य संभाग से अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। शिक्षक विहीन हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल में तीन व्याख्याता के पद के विस्र्द्ध अतिथि शिक्षक की व्यवस्था की जाएगी। एकल शिक्षक वाले स्कूलों में दो पद पर एक अतिथि शिक्षक की भर्ती होगी। शैक्षणिक योग्यता द्वितीय श्रेणी स्नातकोत्तर उपाधि और बीएड अनिवार्य है।

Leave a comment