राज्य

 वैदिक मंत्रोच्चार और पौराणिक परंपराओं के साथ 11वें ज्योतिर्लिंग  भगवान केदारनाथ के कपाट रविवार सुबह से आम लोगों के दर्शन के लिए खोले गए

वैदिक मंत्रोच्चार और पौराणिक परंपराओं के साथ 11वें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ के कपाट रविवार सुबह से आम लोगों के दर्शन के लिए खोले गए

 केदारनाथ, उत्तराखंड  ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ के कपाट रविवार सुबह 6:15 बजे ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए। वैदिक मंत्रोच्चार और पौराणिक परंपराओं के साथ 11वें ज्योतिर्लिंग  भगवान केदारनाथ के कपाट रविवार सुबह से आम लोगों के दर्शनार्थ खोल दिए गए। चारों तरफ सुहाना मौसम और बर्फ़बारी के बीच नजारा देखने लायक था। 
अब छह माह तक ग्रीष्मकाल के लिए भगवान केदारनाथ की पूजा यहीं पर की जायेगी। रविवार सुबह केदारनाथ के रावल भीमा शंकर लिंग, मंदिर के मुख्य पुजारी, हक़ हकूकधारियों और प्रदेश के राज्यपाल और विधानसभा स्पीकर प्रेमचंद अग्रवाल के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में केदारनाथ के कपाट खोले गए। अब भैयादूज तक भगवान केदारनाथ अपने धाम में विराजमान रहेंगे। 
 इससे पूर्व शनिवार सांय भगवान केदारनाथ की उत्सव डोली धाम पहुंच गयी थी। रविवार सुबह पौराणिक रीति रिवाजों के साथ केदारनाथ के कपाट खोले गए। 
इस अवसर पर राज्यपाल के के पॉल ने कहा कि केदारधाम में आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। पहले भी वह कपाट उत्सव में बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं, लिहाजा देश दुनिया के भक्तों से राज्यपाल केके पॉल ने आग्रह किया कि भगवान के आधार के दर्शन के लिए केदारनाथ जरूर आएं। 
केदारनाथ पुनर्निर्माण में लगी राज्य सरकार ने केदारनाथ मंदिर के सामने एक बड़ा ग्राउंड तैयार किया है, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं हो। आराम से श्रद्धालु लाइन लगकर बाबा केदार के दर्शन करेंगे। साथ ही साथ भगवान के दर पर बैठकर ध्यान और साधना भी कर सकेंगे।

Leave a comment