ज्योतिष

छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर में स्थित श्री दूधाधारी मठ ऐतिहासिक पुरातात्विक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से प्रमुख स्थान

छत्तीसगढ़ राज्य की राजधानी रायपुर में स्थित श्री दूधाधारी मठ ऐतिहासिक पुरातात्विक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से प्रमुख स्थान

प्रियांश केशरवानी श्रावण कृष्ण पक्ष एकादशी जिसे कामिका एकादशी भी कहते हैं के पावन पवित्र अवसर पर श्री स्वामी बालाजी भगवान श्री राघवेन्द्र सरकार श्री संकट मोचन हनुमान जी एवं श्री स्वामी दूधाधारी जी महाराज का खौर युक्त विशेष श्रृंगार किया गया है श्रावण मास को पूजा अर्चना के लिए भगवान शिव शंकर जी को समर्पित मास माना जाता है और एकादशी के पावन अवसर पर भगवान विष्णु की विशेष पूजा अर्चना एवं साधना करने की परम्परा है इसलिए यह कामिका एकादशी हरि,हर दोनों को प्रसन्न करने का व्रत है इस पावन पवित्र शुअवसर पर प्रातः काल से ही भजन कीर्तन का क्रम चल रहा है दूर दूर से श्रद्धालुजन दर्शनार्थ पहुँचकर पूण्य के भागी बन रहे हैं इसी प्रकार श्री शिवरीनारायण मठ,श्री जैतू साव मठ एवं श्री राजिव लोचन मंदिर में भी इस पर्व को विशेष रूप से मनाया जाता है मैं श्री स्वामी बालाजी भगवान ,श्री राघवेन्द्र सरकार, श्री शिवरीनारायण भगवान, श्री राजिव लोचन भगवान एवं एकादशी महारानी जी से प्रार्थना करता हूँ की आपकि समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण करे

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