ज्योतिष

देवभूमि में शराब की फैक्ट्री का हम विरोध करते है - स्वरूपानन्द सरस्वती।।

देवभूमि में शराब की फैक्ट्री का हम विरोध करते है - स्वरूपानन्द सरस्वती।।

BBN24NEWS :

【हिमालय की जड़ीबूटियों से रोजगार एवं आमदनी हो सकती है।】

ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान हेतु कोलकाता प्रस्थान करने से पूर्व कहा कि हमे पता चला है कि उत्तराखंड सरकार देवभूमि में "हिलटॉप" नामक ब्रांड से शराब का निर्माण कर विदेश में निर्यात कर रही है साथ ही देश मे भी इसका विक्रय किया जा रहा है। हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं और हम यह कहना चाहते हैं कि हिमालय में बहु संख्या में दुर्लभ जड़ी बूटी उपलब्ध है और इसका निर्यात कर करोड़ों डॉलर सरकार के राजस्व में आ सकता है साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सकता है। आज भारत जैसे धर्मपरायण देश मे लोग शराब के नशे में अधर्म के साथ साथ महिलाओं एवं बच्चों के साथ दुराचार कर रहे हैं, उनका उत्पीड़न कर रहे हैं और सरकार वही शराब देवभूमि में बना रही है जो व्यक्ति के मस्तिष्क को खराब कर रहा है। ऐसा होता रहा तो एक दिन देवभूमि, असुरभूमि बन जायेगा। हम सरकार से कहना चाहते हैं कि देवभूमि में धार्मिक लोग साधना करने, जप करने, पूजा करने आते हैं तो उसे देवभूनि ही रहने दिया जाए शराब की फैक्ट्री लगाकर उस भूमि को असुरभूमि न बनाया जाए। एक प्रश्न के जवाब में पूज्य शंकराचार्य ने कहा कि गौ हत्या बन्द करना तो दूर अपितु विदेश से अत्याधुनिक मशीन के खरीदी पर सब्सिडी दे रही है सरकार।  देश के लगभग 100 करोड़ सनातन धर्मियों को चाहिए कि वे गौ हत्या को रोके और गौ माता के लिए गौशाला बनवाये तथा गाय के गोबर से खाद, कंडे, गौ मूत्र, दूध से घी, मक्खन आदि बनाकर खुद उपार्जन कर सकते है। इस पर सरकार को प्रोत्साहित करना चाहिए । शंकराचार्य आश्रम व भगवती राजराजेश्वरी मन्दिर के समन्वयक सह प्रवक्ता पं सुदीप्तो चटर्जी ने उक्त जानकारी विज्ञप्ति के माध्यम से देते हुए कहा कि महाराजश्री के साथ उनके निज सचिव ब्रह्मचारी सुबुद्धानन्द, रायपुर आश्रम प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद, ब्रह्मचारी ज्योतिर्मयानंद बिलासपुर के चिचिरदा में स्थित हरीश शाह के कुंज कुटीर में उपस्थित थे तथा पूज्य शंकराचार्य कोलकाता हेतु प्रस्थान करने के पूर्व उपस्थित शिष्यों एवं भक्तों - हरीश शाह, चंद्रप्रकाश उपाध्याय, ज्ञानेश शर्मा, नरसिंह चंद्राकर, मुकेश बैद, एमएल पांडेय, योगेंद्र शंकर शुक्ल, मंगतराय अग्रवाल व आदि भक्तों से कहा कि चातुर्मास बहुत पवित्र मास माना जाता है और इस दो माह के दौरान लोगों को धर्मानुष्ठान , पूजन, शास्त्रों का श्रवण और सत्संग करना चाहिए साथ ही मानव जाति की सेवा भी दिल से करे। सेवा बहुत ही पुण्य का कार्य है जो आज के समय मे अधिकतर लोग नहीं करते हैं। दूसरों के बारे में सोचना भी हम सभी का कर्तव्य है जिसे सभी को निर्वहन करना चाहिए।

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