ज्योतिष

आत्मा अदृश्य है जो हमारे बीच होकर भी दिखाई नहीं देता-पं.राजा गुरूद्वान

आत्मा अदृश्य है जो हमारे बीच होकर भी दिखाई नहीं देता-पं.राजा गुरूद्वान

स्व.पंडित कृष्णकुमार तिवारी को दी गई श्रद्धांजलि बिर्रा-भगवान परसुराम ब्राह्मण विकास समीति जांजगीर-चांपा के जिला मिडिया प्रभारी जितेन्द्र तिवारी के पिताश्री तथा दाऊमुहल्ला बिर्रा के प्रतिष्ठित नागरिक व राजपुरोहित पं.कृष्णकुमार तिवारी जी के निधन पर निज निवास में श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया था।जिन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी गई।आचार्य पं.राजा गुरूद्वान ने स्व.कृष्णकुमार तिवारी को सहज ,सरल व्यक्तित्व के धनी बताते हुए कहा कि इस इस संसार में हर जीव का जिस प्रकार जन्म होता है वैसे ही मृत्यु अनिवार्य है।लोगों का आना जाना लगा रहता है।इस शरीर से आत्मा ही जाती है क्योंकि आत्मा नश्वर है।जो हमारे बीच रहकर भी दिखाई नहीं देता।श्र्द्धांजलि देते हुए पं.गीताप्रसाद तिवारी ने शोकाकुल परिवार को इस दुखद समय में भगवान से सहन करने की क्षमता प्रदान करने की बात कहकर कहा कि हम किसी के खोने पर कितना भी प्रयत्न करें पर वह वापस नहीं आता अत:शोक का त्याग करना चाहिए।पं.धनंजय प्रसाद गौरहा ने कहा कि जिस प्रकार से पंछी रात में किसी वृक्ष का सहारा लेकर विश्राम करते है व सुबह अपने काम मे लग जाता है वैसे ही यह मानव शरीर में बसी आत्मा है जो इस शरीर से निकलकर अन्य शरीर को धारण करता है।आज उनकी कमी इस परिवार, इस गांव व क्षेत्र को खल रही है।पं. तुलसीप्रसाद पांडेय ने कहा कि संसार एक आवागमन है जो आता है उसे जाना ही पडता है अतः इस आवागमन की सत्यता को नकारा नही जाता।व्याख्याता पं.मनोजकुमार तिवारी ने कहा कि स्व.श्री तिवारी जी बहुत ही शांत स्वाभाव के थे उनकी कमी इस परिवार व विप्र समाज के लिए अकल्पनीय क्षति है।हम उन्हें अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते है।

इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पं.गिरजाशंकर दुबे,लाल रेवतीरमण सिंह, डां ईश्वर प्रसाद शुक्ला, पं.ब्रह्मा प्रसाद पांडेय, बालगोविंद तिवारी, पं. लक्ष्मीप्रसाद गौरहा, मुरारीलाल तिवारी, दूर्गाप्रसाद तिवारी,चंद्रशेखर तिवारी, छविकुमार, रूपेश कुमार, शैलेन्द्र कुमार, दूर्गाप्रसाद, भरतलाल तिवारी,श्रीकांत तिवारी,राजीव तिवारी,योगेश उपाध्याय,सुखनंदन पांडेय, प्रेम शर्मा,भागवत पांडेय, चित्रभानु पांडेय, बलराम सिंह, दिलीप तिवारी, बिनोद, प्रमोद,संजय तिवारी, गुलाबचंद, अविनाश, विकास, रविकांत,सहित शोकाकुल परिवार के सदस्य व ग्रामवासी उपस्थित रहे।अंत में दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि सभा का समापन किया।

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