ज्योतिष

22 अगस्त से होगी गणेश चतुर्थी की शुरुवात घर में विराजेंगे गजानन

22 अगस्त से होगी गणेश चतुर्थी की शुरुवात घर में विराजेंगे गजानन

गणेश जी की बैठी हुई प्रतिमा रखने से मिलता है घर मे सुख समृद्धि और स्थाई धन हिंदू धर्म के अनुसार भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को महाराष्ट्र समेत पूरे देश गणेश चतुर्थी या विनायक चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है गणेश की स्थापना के लिए दिशा और जगह की शुद्धता का ध्यान रखना जरूरी होता है वही मूर्ति खरीदते वक्त भी विशेष ध्यान रखना चाहिए । गणेश की ऐसी मूर्ति घर लानी चाहिए। जो शास्त्रों के अनुसार सही हो यानी पुराणों और ग्रंथो में जैसा गणेश जी का स्वरूप बताया गया है । उनकी मूर्ति भी वैसी ही होनी चाहिए। गणेश जी के स्वरूप के अनुसार बनी मूर्ति की पूजा करने से भगवान की कृपा मिलती है ।और पूजा का पूरा फल भी प्राप्त होता है ।। शुभ मूहूर्त।

।। गणेश पूजा का समय।

।।। सुबह 7:30से 9:55 तक । दोपहर 2:15से शाम4:25 तक । रात 7:45 से 9:10 तक।गणेश प्रतिमा देखने योग्य बाते बैठे हुए गणेश जी की प्रतिमा लेना शुभ माना जाता है ऐसी मूर्ति की पूजा करने से स्थाई धन लाभ होता है।

गणेश को वक्रतुण्ड कहा जाता है इसलिए उनकी सूड़ बायीं या दायी ओर मुडी हुई मोक्ष प्राप्ति के लिए वामावर्त( बायीं ओर सूड़ मुडी हुई )लैकिक भैतिक की कामना हेतु दक्षिणावर्त (दायी ओर सूड़ मुड़ी हुई )वाली भगवान गणेश जी की प्रतिमा घर मे स्थापित करना चाहिए ।। जिस मूर्ति गणेश जी के कंधे पर जनेऊ ना हो ऐसे मूर्ति की पूजा नही करनी चाहिए ।। गणेश जी को भालचद्रं भी कहते है।इसलिए उनकी ऐसी मूर्ति की पूजा करनी चाहिए जिनके भाल यानी ललाट पर चंद्रमा बना हुआ हो।। गणेश जी की ऐसी मूर्ति की स्थापना करनी चाहिए जिनके हाथों में पाश और अंकुश दोनों हो शार-त्र में वर्णन मिलता है। ।।

इस दिन नही करना चाहिए चंद्र दर्शन। इस दिन चंद्र दर्शन वर्ज है। मान्यता है कि इस दिन चंद्र दर्शन से चोरी का झुठा आरोप सहना पड़ता है पौराणिक गाथाओं के अनुसार कृष्ण जी स्यमन्तक नाम की कीमती मणि चोरी करने झूठा आरोप आरोप लगा था। नारद ऋषि ने उन्हें बताया कि उन्होंने भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखा था जिसकी वजह वजह से मिथ्या दोष का श्राप लगा हैं।इन बातों का ध्यान रखना है जरूरी।।

(1)गणेश जी विराजमान करने के लिए पूर्व दिशा उतर ईशान शुभ माना जाता है लेकिन भूलकर भी इन्हें दक्षिण और दक्षिण पश्चिम कोण यानी नैऋत्य में नही रखे ।।

(2)एक ही घर मे गणेश जी की2 तीन मूर्ति एक साथ नहीं रखें वास्तु विज्ञान के अनुसार इसमे ऊर्जा का आपस मे टकराव होता है ।।

(3) भगवान गणेश के मुख की तरफ समृद्धि सिद्धि और सौभाग्य होता है स्थापना के समय ये ध्यान रखे कि मूर्ति का मुख दरवाजे की तरफ नही होना चाहिए।

प.पवनदेव शर्मा ज्योतिष अद्यययनरत(ज्योतिष विभाग) काशी हिंदू विश्वविधालय वाराणसी उत्तर प्रदेश

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