राजनीति

अदानी के अच्छे दिन तो भूपेश राज में आए हैं: अमित जोगी

अदानी के अच्छे दिन तो भूपेश राज में आए हैं: अमित जोगी

 

- भूपेश राज म अदानी होवत हे मालामाल/ अउ छत्तीसगढ़ के मनखे होत जात हे कंगाल:अमित जोगी

- जितनी मेहेरबानी रमन ने 7 सालों में अदानी पर नहीं करी, उस से कहीं ज़्यादा मेहेरबानी भूपेश ने पिछले 7 महीनों में कर दिखायी: अमित जोगी

- आज अकेले अदानी- भूपेश सरकार द्वारा उसको लगातार अंधाधुन दिए जा रहे ‘कन्सेंट टू इस्टैब्लिश’ प्रमाणपत्रों के दम पर- छत्तीसगढ़ से हर साल 170 लाख करोड़ टन कोयला और लोहा निकालने की स्थिति में है जिसका मार्केट मूल 3000 अरब डॉलर है- जो कि छत्तीसगढ़ शासन के वार्षिक बजट से 300 गुणा अधिक है: अमित जोगी

- चुनाव के पहले अदानी को भगाने की बात बोलने वाले मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ की जनता को इस “महा-विश्वासघात” का जवाब देना पड़ेगा और आदिवासी या अदानी के बीच किसी एक को चुनना पड़ेगा: अमित जोगी 

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ (जे) प्रदेश अध्यक्ष ने अपने पार्टी सुप्रीमो  अजीत जोगी द्वारा कल इंडीयन नैशनल कांग्रेस के अध्यक्ष  राहुल गांधी को लिखे पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “भूपेश राज म अदानी होवत हे मालामाल/ अउ छत्तीसगढ़ के मनखे होत जात हे कंगाल।”

 अमित जोगी ने आगे कहा कि उपरोक्त पत्र में प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर स्पष्ट हो गया है कि “जितनी मेहेरबानी डॉक्टर रमन सिंह की सरकार ने 7 सालों (2011-18) में अदानी एंटर्प्रायज़ लिमिटेड (AEL) को 3 खदानों- गुजरात पॉवर जेनरेशन कम्पनी (GPGCL) का गारे पालमा I, महाराष्ट्र पॉवर जेनरेशन कम्पनी (महाजेनको) का गारे पालमा II, और छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जेनरेशन कम्पनी (CGSPGCL) का गारे पालमा III की कोयला खदानों- के ठेके देकर नहीं की थी, उस से कहीं ज़्यादा मेहेरबानी तो 7 महीने में भूपेश बघेल ने उन्हीं के द्वारा 27 मार्च 2018 को ट्विटर के माध्यम से बताए हुए ‘PSU के पिछले दरवाज़े’ से छत्तीसगढ़ शासन की 3 सार्वजनिक उपक्रमों- NCL का बैलाडिला की लौह अयस्क डिपॉज़िट क्रमांक 13, CGSPGCL का गिधमुरी और पिटूरिया तथा BALCO का चोटिया की कोयला खदानों- के ठेके अदानी को देकर कर चुके हैं। 

  अमित जोगी ने बताया कि इसके पहले 2011 में UPA_सरकार ने फ़ॉरेस्ट अड्वाइज़री कमेटी (FAC) की रिपोर्ट को ख़ारिज करते हुए राजस्थान विद्युत उत्पादन कम्पनी (RVUCL) को परसा ईस्ट और कांता बसान की कोयला खदानें आबंटित कर उनको भी अदानी को ठेके में देने का फ़ैसला लिया था। 

इन सब का नतीजा ये है कि आज अकेले अदानी- भूपेश सरकार द्वारा उसको लगातार अंधाधुन दिए जा रहे ‘कन्सेंट टू इस्टैब्लिश’ प्रमाणपत्रों के दम पर- हमारे छत्तीसगढ़ से हर साल 170 लाख करोड़ टन कोयला और लोहा निकालने की स्थिति में है जिसका मार्केट मूल 3000 अरब डॉलर है- जो कि छत्तीसगढ़ शासन के वार्षिक बजट से 300 गुणा ज़्यादा है! अमित जोगी ने सीधे सवाल पूछा कि आख़िर पिछले 6 महीने में ऐसा क्या हो गया कि “अदानी को छत्तीसगढ़ से भगाने” की सरकार बनने के पहले बात बोलने वाले भूपेश ने सरकार में आते ही उसी एक औद्योगिक घराने को छत्तीसगढ़ की खनिज सम्पदा को लूटने की इतनी खुली छूट दे दी है? 

छत्तीसगढ़ की जनता के साथ हो रहे इस “महा-विश्वासघात” का जवाब मुख्यमंत्री को देना पड़ेगा। अमित जोगी ने कहा कि “छत्तीसगढ़ की जनता आप से गुहार लगा रही है, मुख्यमंत्री जी, आपको आदिवासी और अदानी के बीच किसी एक को चुनना पड़ेगा!”

 

 

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