राजनीति

		गिरफ्तारी बाद बस में बैठे भाजपा नेताओं को छोड़कर पुलिस द्वारा कांग्रेस के नेताओ पर हमला कराया जाता है क्या ये बिलो द बेल्ट नही है

गिरफ्तारी बाद बस में बैठे भाजपा नेताओं को छोड़कर पुलिस द्वारा कांग्रेस के नेताओ पर हमला कराया जाता है क्या ये बिलो द बेल्ट नही है

रायपुर:- रायपुर के प्रथम नागरिक महापौर प्रमोद दुबे,पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा,पूर्व महापौर किरणमयी नायक शहर जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर अध्यक्ष विकास उपाध्याय ने संयुक्त बयान जारी कर मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के बिलो द बेल्ट वाले बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार की घटना को गुढ़ियारी में भाजपाइयों ने अंजाम दिया है उससे पूरे राज्य में भाजपा की थू थू हो रही है इससे जनता का ध्यान भटकाने कांग्रेस पर बिलो द बेल्ट की राजनीति करने का झूठा आरोप रमन सिंह मढ़ रहे है।सभी ने एक स्वर में डॉ रमन सिंह से पूछा क्या विपक्षी दल के शीर्ष नेताओं पर पथराव करना बिलो द बेल्ट की राजनीति में नही आता ? क्या विपक्षी दल का प्रदेश अध्यक्ष जो मुख्यमंत्री के समकक्ष होता है उसके खिलाफ बलवा जैसे संगीन आपराधिक धाराओं में प्रकरण दर्ज करवाना क्या बिलो द बेल्ट की परिभाषा में नही आता ? विपक्षी दल के कार्यक्रम को विफल करने मंत्री के कार्यलय में इकठ्ठा किये लाठी डंडा व बोरियो में भरकर रखे ईट पत्थर से हमला करना बिलो द बेल्ट की श्रेणी में नही आता? उन्होंने कहा कि वाकई में डॉ रमन सिंह बिलो द बेल्ट की राजनीति को रोकना चाहते है तो इस कलुषित घटना के लिए अपना कार्यलय उपलब्ध कराने वाले अपने मंत्री को फटकार लगाते ,भाजपा के गुंडों को पत्थरबाजी में सहयोग करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्यवाही करते सिर्फ कोरी बयान बाजी कर बिलो द बेल्ट पर चिंता जताकर भाजपाइयों की करतूत को लीपापोती का काम कर रहे है।उन्होंने कहा कि राजनीति में सुचिता, स्वछता और लोकतँत्र की जो व्यवस्था है उस पर खुद भाजपा को भरोशा नही है अनुचित तरीके अपना कर राजनीतिक लाभ लेना आरएसएस की संस्कृति है जो संगठनात्मक गुण के रूप में जनसंघ को मिला था जो अभी भाजपा के पास है उन्होंने कहा नोटबन्दी के विफलताओं पर कांग्रेस ने अपना विचार जनता के बीच रखने काला दिवस का कार्यक्रम पहाड़ी चौक गुढ़ियारी में आयोजित किया था निश्चित तौर पर ये शुद्ध रूप से विचारधारा की लड़ाई थी लेकिन जिस प्रकार नोटबन्दी से जो चोट जनता को लगा उस घाव पर एक साल में भी केंद्र की मोदी सरकार मलहम लगाकर घाव भरने जैसे उपाय करने में भी नकारा हो चुका है। इस वजह से डॉ रमन सिंह नही चाहते थे कि काला दिवस के माध्यम से जनता के बीच केंद्र की मोदी सरकार की विफलता सामने आए इस वजह से बिलो द बेल्ट में माहिर कुल्हाड़ी से बादाम काटने वाले रमन सिंह ने एक तरफ संगठन को कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओ का विरोध करने कहा दूसरी ओर पुलिस को आगे कर विरोध कर रहे भाजपाइयों को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया उन्होंने कहा कि राजनीति के गिरते स्तर पर रमन सिंह की चिंता सिर्फ दिखावटी है।

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