रोजगार

के एस के महानदी के बर्खास्त भुविस्थापितो मजदूरों को लॉक डाउन का सबसे ज्यादा प्रभाव

के एस के महानदी के बर्खास्त भुविस्थापितो मजदूरों को लॉक डाउन का सबसे ज्यादा प्रभाव

के.एस.के महानदी पावर कम्पनी लिमिटेड नरियरा के द्वारा 6 महीने से निलंबित चल रहे भुविस्थापित पिछले महीने अचानक अवैधानिक तरीके से बर्खास्त कर दिए पिछले 3 महीने से उनको लगभग 5 हजार रूपये के आसपास जीवन यापन के लिए गुजारा भत्ता दिया जा रहा था परंतु अब इस लॉक डाउन के समय में अब उनको 1 रूपये भी नही मिलेगा क्योकि उनको 18 फरवरी 2020 को कम्पनी प्रबन्धन के द्वारा बर्खास्तगी का पत्र भेज दिया गया है अब उनको मार्च महीने से वो भी राशि नही मिलेगा संघ ने आरोप लगाया है कि उनको श्रम कानून के तहत निलंबन अवधि 6 माह हो जाने के बाद पुरा वेतन मिलना शुरू हो जाता लेकिन कंपनी प्रबन्धन के द्वारा द्वेषपूर्वक उनको निकाला गया है और उसके बाद उनको आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया जा रहा है जिसके वजह से नियम कानून की धज्जियाँ उड़ाते हुए उनको बर्खास्त किया गया है। संघ के अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद साहू ने मांग की है कि जब केंद्र से लेकर राज्य सरकार हर आम दिहाड़ी मजदूरों तक का ख्याल रख रही है तो ऐसे समय में भूमिपुत्रों को को यथाशीघ्र बहाल करे नहीं तो 20 परिवारों का भविष्य ख़राब हो जाएगा इस विषम परिस्थिति का भी कंपनी प्रबन्धन अगर गलत फायदा उठाता है तो यह शर्मनाक बात है जो मानवता को तार तार करने वाली है संघ के बलराम गोस्वामी ने बताया कि कंपनी प्रबन्धन ने स्टैंडिंग आर्डर और सेवा शर्तों के विपरीत मजदूरों में भय पैदा करने के लिए बर्खास्त किया है ताकि कोई हक अधिकार की बात ना कर सके बलराम गोस्वामी ने मांग किया है कि जनप्रतिनिधियो की उपस्थिति में जो भी मामला है उसको प्रशासन तुरन्त बैठक कराकर निर्णय ले क्योकि मजदूर बेकसूर है? तो उनके साथ बहुत बड़ा अन्याय हो रहा है।

Leave a comment