छत्तीसगढ़

संकुल कार्यालय भवन में एक साल से ताला

संकुल कार्यालय भवन में एक साल से ताला

भाटापारा ग्रामीण:- गुर्रा संकुल समन्वयक पिछले पांच माह से परेषान हैं।उनका संकुल कार्यालय भवन अब तक खाली नही हो सका है। ऐसे में वे गांव की ही एक प्राथमिक ष्षाला से अपना कार्यालयीन कार्य कर रहे हैं। इधर संकुल कार्यालय का जो हाल है उसे देखकर यही लग रहा है कि स्वच्छता अभियान देषभर में भले ही जोर-षोर स ेचल रहा हो लेकिन यह अभियान यहां आकर पूरी तरह फेल हो चुका है। 
षिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिषा मे इन दिनों खंड षिक्षा मुख्यालय जी-तोड प्रयाास कर रहा है लेकिन उसकी नजर कुछ किलोमीटर दूर अपने ही कार्यक्षेत्र मे आने वाले गुर्रा संकुल केन्द्र पर नही है। इस संकुल के अंतर्गत आठ स्कूलें आती हैं। व्यवस्था बनी रहे इसलिए इसे ध्यान में रखा जाकर यहा एक संकुल समन्वयक की तैनाती की गई है। उसके लिए अलग से सुविधायुक्त कार्यालय भवन भी बनवाया गया है।व्यवस्था कुछ दिन ठीक रही गांव की हाई स्कूल का नया भवन बनना ष्षुरू हुआ तो निर्माण सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए जगह की दिक्कत सामने आता देख इस भवन मे यह सामग्री रखवा दी गई। निर्माण कार्य अपनी गति से चलता रहा और पूरा भी हो गया। कोई चार माह पहले हाई स्कूल का नया भवन बनकर तैयार हो गया लेकिन संकुल समन्वयक कार्यालय भवन वापस नही लौटाया गया। हालांकि संकुल समन्वयक ओम प्रकाष वैष्णव ने स्थिति की जानकारी खंड षिक्षा अधिकारी कार्यालय को दे दी है लेकिन अब तक इस मामले में कोई प्रगति नही हो सकी है। ऐसे में संकुल समन्वयक अपना भवन होने के बावजूद पडोस की प्राथमिक ष्षाला में बैठ कर काम करने को मजबूर है।
बाक्स:- यह हाल है भवन का 
सर्व सुविधायुक्त संकुल केन्द्र के अंतर्गत पांच प्राथमिक दो पूर्व माध्यमिक और एक हाई स्कूल ष्षामिल है। गांव बडा है और स्कूलें भी बडी है।जाहिर है छात्र-छात्राओं की संख्या भी अच्छी-खासी है। यही देखकर यह भवन बनाया गया जो इस वक्त चारों ओर से कचरों से पूरी तरह घिर चुका है। साफ-सफाई की बात करना बेकार होगी क्योकि इस वक्त महिनों से ताला लगा हुआ है। कब खुलेगा यह ताला ? यह बताने वाला तो फिलहाल कोई नही है। 
वर्जनः- इतने दिन बीत जाने के बाद भी संकुल केन्द्र क्यो नही खुला इसकी जांच मै खुद करेंगा। 
ए एस धृतलहरे, बीईओ भाटापारा
कर्यभार संभालते ही मैने इसकी सूचना लिखित में बीईओ और बी आर सी सी को दे दी थी।जिसकी पावती भी मेरे पास है। 
ओम प्रकाष वैष्णव, संकुल समन्वयक ग्राम गुर्रा  

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