छत्तीसगढ़

मूलभूत सुविधाओं को लेकर नगर वासियों ने की यहाँ के कार्यलय में  तालाबंदी पढ़े पूरी खबर

मूलभूत सुविधाओं को लेकर नगर वासियों ने की यहाँ के कार्यलय में तालाबंदी पढ़े पूरी खबर

अजीत मिश्रा@BBN24 : नेता और अधिकारी जब दोनों को आम जन मानस से कोई सरोकार ना हो तो वहाँ का हाल क्या होगा ये तो आप समझ सकते है जब आम जन मानस इनके खिलाफ मोर्चा खोल दे तो क्या होगा ऐसा ही एक मामला बिलासपुर  शहर से लगे हुए नगर पंचायत सिरगिट्टी के लोगों में सोमवार को उस वक्त खासा आक्रोश देखने को मिला, जब लगातार अपनी मूलभूत सुविधाओं को मांगने पर नगर पंचायत अधिकारी जनप्रतिनिधियों द्वारा पूरी नहीं करने पर आक्रोशित नागरिकों ने नगर पंचायत कार्यालय में तालाबंदी कर जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे।और जनता उस वक्त ज्यादा आक्रोशित हो गये, जब नगर पंचायत की CMO मैडम सुबह 11 बजे से 3 बजे तक ऑफिस में नही पहुंची। वही मौके पर जनप्रतिनिधि अध्यक्ष,पार्षद रहते हुए मिडिया के सामने आने से बचते रहें। घंटो अपने ऑफिस में दुबके नजर आयें। बता दे की सिरगिट्टी नगर पंचायत के लोगों का आरोप है। की भूमिहीन,जरूरतमंद लोगों को नगर पंचायत आवास व पट्टे नहीं दे रही है।और पानी बिजली खंबे नाली जैसे मुलभुत सुविधाओं की मांग के लिए बार बार पंचायत और जनप्रतिनिधि के पास चक्कर लगाने मजबूर हो गये है।आरोप है की पंचायत के अधिकारी जनप्रतिनिधियों की मिली भगत से संपन्न लोगों को और अपने चहेतो को यह सब सुविधा दे रही है चेहरा देखकर पट्टा एलाट किया जा रहा है। यह सब प्रशासनिक लापरवाही एवं नगर पंचायत प्रतिनिधियों की मनमानी के चलते हो रहा है।और गरीबों को इससे वंचित किया जा रहा है। वही नगर पंचायत ऑफिस में अध्यक्ष श्रीमती केशरी इन्गोले के पति सुन्दर सिंह द्वारा पंचायत के हर कार्य में हस्तक्षेप आम लोगों से हुज्जत बाजी व अध्यक्ष जैसे सम्माननीय पद के रहते हुए उनके कुर्सी पर आकर बैठने को लेकर मजिस्ट्रेट ने कार्यवाही करने की बात कही  तमाम मांगो को लेकर नगर पंचायत ऑफिस में नागरिकों ने उग्र आन्दोलन करते हुए तालाबंदी कर दिया गया। मामला बढ़ते देख आला अधिकारियों में हडकंप मच गया।वही आनन फानन में तुरंत पुलिस बल उसके बाद सीटी मजिस्ट्रेट तुरंत मौके पर पहुँचे। जिन्होंने सभी की शिकायत मिलने व सुनने के बाद जाँच कर उचित कार्यवाही की आश्वासन दिया। वही सिटी मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद भी आक्रोशित नागरिकों का गुस्सा कम नही हुआ।तब सिटी मजिस्ट्रेट ने खुद बंद कमरे में आम जनता और नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों सहित कर्मचारियों से चर्चा की।जिसके बाद उन्होंने समस्याओं की गम्भीरता को लेकर,नगरपंचायत की अधिकारियो को जमकर फटकार लागई और सभी समस्याओं पर जल्द से जल्द निराकरण करने का निर्देश दिया।उनके द्वारा अल्टीमेटम देते हुए पानी और रोड़ नाली को दुरुस्त करने का 1 हप्ते का निर्देश दिया।और 17 तारीख को फिर से मोनेटरिंग करने की बात कही की। करीब लगभग दो घन्टे बंद कमरे मे चली इस चर्चा में मीडिया को दूर रखा गया, और वही जनता की सभी समस्याओं के समाधान को लेकर निर्णय लेने की बात कह कर मामले को रफादफा कर आश्वासन तक ही सिमित रखा। ऐसे में यह देखना होगा कि सालो से पुराने ढर्रे पर मनमानी तौर से चल रहे नगर पंचायत कार्यालय की कार्यप्रणाली पर और आज के   इस आन्दोलन व तालाबंदी का कितना असर होता है।

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