छत्तीसगढ़

नगरनार इस्पात संयंत्र में उत्पादन का लक्ष्य 2017 से : डॉ. रमन सिंह

नगरनार इस्पात संयंत्र में उत्पादन का लक्ष्य 2017 से : डॉ. रमन सिंह

रायपुर, (एजेंसी )। नक्सल हिंसा पीडि़त बस्तर अंचल की तस्वीर अब तेजी से बदल रही है। यहां के आदिवासी समाज के जीवन में तरक्की और खुशहाली लाने के लिए राज्य सरकार के प्रयास अब रंग लाने लगे हैं। बस्तर अंचल का सामाजिक-आर्थिक विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह बात आज जगदलपुर में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने की।
मुख्यमंत्री आज संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे के अंतर्गत आयोजित पारंपरिक मुरिया दरबार में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों (मांझी-मुखियों, चालकियों, पुजारियों, मेम्बर-मेम्बरिनों, कोटवारों, नाईक, पाईक आदि) को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. सिंह ने कहा-केन्द्र के सार्वजनिक उपक्रम राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एन.एम.डी.सी.) द्वारा बस्तर जिले के नगरनार में तीन मिलियन टन क्षमता के विशाल इस्पात संयंत्र का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इसमें उत्पादन वर्ष 2017 में करने का लक्ष्य है। बस्तर में रेल नेटवर्क का दायरा बढ़ाया जा रहा है और बहुत जल्द यह अंचल विमान सेवाओं से भी जुड़ जाएगा।
बस्तर संभाग को संचार क्रांति के जरिए देश और दुनिया से जोडऩे के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी का दायरा बढ़ाया जा रहा है और इसके लिए 40 करोड़ रूपए की लागत से बस्तर नेट परियोजना शुरू की गई है। अगले दो साल में इस इलाके के शत-प्रतिशत मजरो-टोलों में बिजली पहुंचा दी जाएगी। इसके लिए सौर ऊर्जा प्रणाली का भी उपयोग किया जाएगा। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर अबूझमाड़ क्षेत्र के 40 बड़े गांवों में एक-एक लाख रूपए की लागत से देवगुड़ी निर्माण के लिए 40 लाख रूपए तत्काल मंजूर करने की घोषणा की। उन्होंने कहा- राज्य सरकार की यह मंशा है कि बस्तर अंचल के दूर-दराज गांवों में रहने वाले आदिवासी परिवारों के बेटे-बेटियां भी डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बनें। इस दिशा में प्रयास आवासीय विद्यालयों के जरिए उन्हें तैयार किया जा रहा है। वह दिन अब दूर नहीं, जब बस्तर रेल और विमान सेवाओं से भी जुड जाएगा। सम्पूर्ण बस्तर संभाग में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित सभी जरूरी सुविधाओं का तेजी से विकास और विस्तार हो रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके जरिए छत्तीसगढ़ के 25 लाख गरीब परिवारों को उनके घरों की महिलाओं के नाम पर नि:शुल्क रसोई गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इससे हमारी माताओं और बहनों को रसोई घरों के लकड़ी के चूल्हे के धुएं से मुक्ति मिलेगी। लगभग 12 करोड़ पेड़ कटने से बचेंगे और पर्यावरण की भी रक्षा होगी। मुख्यमंत्री ने सभी लोगों को बस्तर दशहरे की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुरिया दरबार को लोकसभा सांसद और बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष दिनेश कश्यप और समिति के उपाध्यक्ष लच्छू राम कश्यप ने भी सम्बोधित किया। आयोजन में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष कमलचंद्र भंजदेव, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष संतोष बाफना, विधायकगण दीपक बैज, भोजराज नाग और मोहन मरकाम, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जबिता मंडावी, नगर निगम जगदलपुर के महापौर जतिन जायसवाल, कमिश्नर बस्तर दिलीप वासनीकर, मुख्य पोस्टमास्टर जनरल छत्तीसगढ़ श्रीमती सरिता सिंह, कलेक्टर बस्तर अमित कटारिया, पुलिस महानिरीक्षक एस.आर.पी. कल्लूरी और अन्य संबंधित अधिकारी तथा बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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