छत्तीसगढ़

सरकार की योजना को धूमिल करने में लगे हैं विभाग के अधिकारी राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में खाली पड़ी रह गई कुर्सियां, पूरे जिले से सिर्फ तीन लोक कला दल पहुंचे जिला स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने।

सरकार की योजना को धूमिल करने में लगे हैं विभाग के अधिकारी राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में खाली पड़ी रह गई कुर्सियां, पूरे जिले से सिर्फ तीन लोक कला दल पहुंचे जिला स्तरीय कार्यक्रम में हिस्सा लेने।

बलौदा बाजार में आज आदिवासी विकास विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन किया गया था। विभाग द्वारा समय से जानकारी ना देने के कारण पूरे कार्यक्रम में सभी कुर्सियां खाली दिखाई दी । योजना का प्रचार-प्रसार नहीं किया गया। कार्यक्रम में भाग लेने के लिए बलौदा बाजार जिले के छह विकास खंडों से सिर्फ तीन लोक कलाकारों के दल ही पहुंच पाए। जिसमें जय खैरों दाई सुआ भजन गोंडवाना पार्टी बिटकुली भाटापारा, जगमग ज्योत जले सुआ पार्टी चरौदा विकासखंड पलारी एवं जय बजदायी सुआ नृत्य पार्टी खरहा विकासखंड कसडोल से पहुंची थी। जबकि कसडोल बिलाईगढ़ बलौदा बाजार विकासखंड में ही सैकड़ों की संख्या में लोग कला दल एवं सुआ नृत्य करने वाली मंडलिया मौजूद हैं। किंतु विभाग द्वारा प्रचार प्रसार ना किए जाने के कारण लोगों को जानकारी नहीं मिल सकी। और इस आयोजन में ग्रामीण अंचल के प्रतिभागी हिस्सा नहीं ले सके। जिसके कारण सरकार की योजना को पलीता लगाने का काम आदिवासी विकास विभाग के आयुक्त द्वारा किया गया है। जबकि मुख्यमंत्री द्वारा 4 अक्टूबर को ही इस आयोजन की घोषणा कर दी गई थी। किंतु आयुक्त आदिवासी विकास विभाग द्वारा 13 अक्टूबर को कुछ लोगों को इस कार्यक्रम के बारे में खबर दी गई। जिसके कारण प्रतिभागी तैयार नहीं हो सके। आज के कार्यक्रम में पहुंचे सिर्फ तीन सुआ पार्टियों ने अपने कार्यक्रम का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों के चयन मंडल के पदाधिकारियों में डॉक्टर एल एस ध्रुव, राधा ध्रुव, थानू ध्रुव शामिल थे। जिनके द्वारा बिटकुली की पार्टी को प्रथम, पलारी विकासखंड से आए सुआ नृत्य दल को तीसरा स्थान एवं खरहा से पहुंचे सुआ नृत्य दल को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ । आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र ध्रुवंशी ने इस संबंध में बताया कि पूर्व से जानकारी ना होने के कारण बड़ी संख्या में लोग शामिल नहीं हो सके। ज्ञात हो की आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त द्वारा विभागीय योजना के प्रचार-प्रसार में गंभीर लापरवाही बरती गई है। सरकार की योजना को धूमिल करने में लगे हैं विभाग के अधिकारी, राज्य सरकार आदिवासी महोत्सव को विश्व में एक पहचान दिलाने के लिए पूरे छत्तीसगढ़ सरकार इस आयोजन में भाग लेने देश के समस्त राज्यों के सरकार को निमंत्रण देने खुद अपने मंत्री विधायक और अधिकारियों को भेज कर आमंत्रण दिए जिससे छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार अपनी छवि को आदिवासी यों के हितेषी एवं उसके संस्कृति हो महत्त्व देने वाली सरकार के रूप में पेश करना चाहती है मगर उनके विभाग के अधिकारी सरकार की इस योजना को असफल करने में लगे हुए हैं जिसका ताजा उदाहरण बलोदा बाजार जिला में जिला स्तरीय आदिवासी महोत्सव कार्यक्रम में आदिवासी समाज के मात्र तीन टोली का भाग लेना है इसके पीछे का मूल कारण शासन से मिलने वाली राशि का अधिकारी बंदरबांट कर इस योजना को कागजों में खानापूर्ति करने में लगे हुए हैं जिससे निश्चित रूप से सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं ऐसे में सरकार आदिवासी महोत्सव को कैसे देश विदेश में एक अलग पहचान दिला पाएंगे ।

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