छत्तीसगढ़

पुलिस अधीक्षक का स्थानांतरण आदेश रद्दी की टोकरी में, कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं थानेदार, 1 सप्ताह बाद भी पद पर जमे

पुलिस अधीक्षक का स्थानांतरण आदेश रद्दी की टोकरी में, कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं थानेदार, 1 सप्ताह बाद भी पद पर जमे

बलौदाबाजार:-बलौदाबाजार जिले में पुलिस अधीक्षक आई के एलेसेला ने 13 सितंबर को थाना प्रभारियों से लेकर हवलदार आरक्षकों के 104 स्थानांतरण आदेश जारी किए थे। इनमें से कई प्रभावशाली थानेदार अभी भी अपनी कुर्सी पर जमे हुए हैं। और उन्होंने एसपी के आदेश को नकारते हुए अपने स्थानांतरण को 1 सप्ताह बाद भी स्वीकार नहीं किया है। जिससे प्रश्न यह उठता है कि थाना प्रभारी यस पी के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं, या फिर यह सारा कार्य एसपी के संरक्षण में उनके दिशा निर्देशन में हो रहा है। इनमें दो थाना प्रभारी बहुचर्चित हैं । यातायात थाना प्रभारी प्रमोद सिंह को हटाए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉ सनम जांगड़े ने धरना प्रदर्शन और आंदोलन किया था। इसी तरह सिटी कोतवाली थाना प्रभारी महेश ध्रुव को हटाने के लिए विधायक प्रमोद शर्मा ने चक्का जाम हड़ताल धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन किया था। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने बड़े पैमाने पर विभाग में फेरबदल किया था। किंतु इस फेरबदल का असर अभी तक जिला मुख्यालय में दिखाई नहीं दे रहा है। कई थाना प्रभारी 8 दिन बीतने के बाद भी अभी तक अपनी कुर्सी पर जमे हुए हैं, एवं कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। स्थानांतरण होने के बावजूद उनका पद ना छोड़ना या तो उच्चाधिकारियों के संरक्षण को दर्शाता है, या फिर उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना। बहरहाल दोनों में से कोई भी कारण हो, सवालिया निशान पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर उठा रहे हैं। इस संबंध में विधायक प्रमोद शर्मा ने कहा कि दिखावा के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा स्थानांतरण किया गया है, किंतु यदि उन्हें नहीं हटाया जाता है तो हम बहुत जल्द उग्र आंदोलन फिर से करेंगे। इसी तरह डॉक्टर सनम जांगड़े ने इस मामले को भूपेश बघेल सरकार के संरक्षण में अराजकता असामाजिक तत्वों और अवैध वसूली को बढ़ावा देने का परिणाम बताया। डॉक्टर सनम जांगड़े ने कहा कि यह सारा खेल भूपेश बघेल की सरकार जानबूझकर करवा रही है। और सिर्फ अवैध उगाही का काम कर रही हैं। पुलिस अधीक्षक को मालूम था कि निरीक्षक सोनसाय मौर्य का प्रमोशन होने वाला हैं। उसके बावजूद जानबूझकर उनका स्थानांतरण यातायात थाने में किया गया, जो कि सरासर गलत है। और प्रमोशन होने के बाद उनके स्थान पर अन्य किसी निरीक्षक का अभी तक यातायात में स्थानांतरण न करना असामाजिक तत्व और अवैध वसूली कर्ताओं को बढ़ावा देने वाली मानसिकता को दर्शाता है।

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