छत्तीसगढ़

कोरोना काल में किसान परेशान, खेत में खराब हो रही सब्जियों की फसल बर्बाद

कोरोना काल में किसान परेशान, खेत में खराब हो रही सब्जियों की फसल बर्बाद


कोरिया - कोरिया जिले में कई किसान फसल खराब होने के कारण परेशान हैं. दरअसल कोरोना और लॉकडाउन के कारण सब्जी की सप्लाई ठप है. इस साल बंपर पैदावार हुई है.लेकिन यह खेतों और स्टोरेज से सब्जी मंडी तक नहीं पहुंच पा रही है. किसान पर कर्ज भी है. किसानों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है ।
 जिले 6 मई तक लॉक डाउन लगा है  भरतपुर सोनहत विधानसभा के अंतर्गत ग्राम पंचायत मौसरा, घाघरा, शेरी के सब्जी किसान परेशान हैं. उनकी आर्थिक स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ रही है. किसान कोरोना संक्रमण काल के दौरान लागू किए गए लाकडाउन के कारण सब्जी बेच नहीं पा रहे हैं. उनका कहना है कि सप्लाई ठप है. इसके अलावा गाइडलाइन के नियम बेहद कठोर हैं.ऐसे में किसानों का रोजगार बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है. सब्जियों की खेती कर रहे किसानों का कहना है कि खेती से मुनाफा तो दूर लागत का खर्च तक नहीं निकल पा रहा है।कोरोना काल में किसान परेशान बड़े किसानों के लिए लॉकडाउन आफत स्थानीय स्तर पर छोटे किसानों से सब्जी विक्रेता सब्जियां खरीद रहे हैं. लेकिन वहीं बड़े किसानों की हालात बिगड़ रही है. लॉकडाउन के कारण सब्जी की सप्लाई ठप हो गई है. कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती किया है. तो कई किसानों ने लीज पर जमीन लेकर खेती की है सब्जी की खेती कर रहे हैं किसानों की चिंता लॉकडाउन के साथ और गहराते जा रहा है.किसान व्यापारियों से खाद बीज दवाइयां उधार पर लेकर खेती करते हैं. फसल तैयार होने के बाद फसल बेचकर कर्ज उतार दिया जाता है किसान पर भरोसा कर व्यापारी उधार में सामान देता है. लेकिन अब फसल खेतों में खराब हो रही है. किसान को कर्ज की चिंता भी सता रही है किसानों का कहना है लोग सब्जियों के लिए और किसान सब्जी बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं टमाटर की खेती बर्बाद हो रही है इस बार सब्जी खेतों में  जोरदार पैदावार है लेकिन मंडी बंद है. किसान आसपास भी कहीं सब्जी नहीं खपा पा रहे हैं. खेतों में सब्जी के ढेर लगे हुए हैं. रोज सब्जी खराब होती जा रही है. जिसे देख अब किसान हताश होने लगे हैं.कर्ज में हैं किसान इन गांवों में सैकड़ों किसानों ने इस साल अच्छा मुनाफा कमाने का सपना सजोया था. पैदावार इस बार अच्छी हुई है, लेकिन कोरोना वायरस और लॉकडाउन के कारण उनका सब कुछ खत्म होने लगा है. खेतों में लगे सब्जियों के ढेर और खराब होती सब्जियों की पैदावार के चलते किसानों के आंखों से आंसू बहने लगे हैं.कोरिया में सब्जी की खेती करने वाले किसान लॉकडाउन से परेशान सब्जियां हो रही है .

मोहन यादव ने बताया कि उसने अपने खेतों में सब्जी की खेती की है. जिसमें टमाटर, बैगन, लौकी, करेला लगाई है. लेकिन लॉकडाउन के कारण सब्जी नहीं बिक रही है.वही महिला किसान रामवती बताया कि  खेत में सब्जियां खराब हो रही इसीलिए हम पशु को खिला रहे हैं

 किसान माधुरी ने बताया कि उसने खेत में टमाटर लगवाई थी. लॉकडाउन के चक्कर में टमाटर खराब हो गए. खेत से तोड़कर टमाटर को बाजार तक नहीं पहुंचाया जा सका क्योंकि लॉकडाउन में बाजार बंद है. मजदूरों को मजदूरी देने लायक कमाई भी नहीं हुई है. 

 राजकुमारी ने बताया कि भरतपुर ब्लॉक में किसानों ने सब्जी उगाई है. सारी सब्जियां खराब हो रही है. जिससे आर्थिक स्थिति खराब हुई है.किसानों ने सरकार से गुहार लगाई है कि सब्जी को खेतों से लोगों के घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था करें. सब्जी में तमाम पोषण हैं जो कोरोना काल में लोगों को स्वस्थ्य रखने और बीमारी से लड़ने में मदद करेगा. साथ ही किसानों पर पड़ रहा आर्थिक बोझ कम होगा ।

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