छत्तीसगढ़

पैरा -दान पुण्य कार्य में किसान-मितान बने भागीदार- पोषण चंद्राकर

पैरा -दान पुण्य कार्य में किसान-मितान बने भागीदार- पोषण चंद्राकर

बीजापुर- वर्तमान में खरीब का सीज़न समाप्त होने वाला है। वर्तमान परिवेश में किसान थ्रेसर एवं हार्वेस्टर के माध्यम से धान का मिसाई करके पैरा को खेतो में छोड़ देते है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत पोषण चंद्राकर ने किसानों से अपील की है कि पैरा को इधर -उधर छोड़ने की अपेक्षा एकत्रित करके गाँव में किसी सुरक्षित स्थान जैसे गौठान या किसी अन्य सुरक्षित स्थल में रखने से पशुओ को और अधिक समय तक चारा के रूप में उपलब्ध कराया जा सकता है। जो एक तरह से पुण्य का कार्य भी है। उन्होनें गाँव के सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, ग्राम पटेल, गांव के मुखिया, ग्राम के पुजारी, ग्राम के सम्मानीय व्यक्ति -बुजुर्ग आदि से भी अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के किसानो को इस पुनीत कार्य हेतु प्रेरित करें। हम सब मिलकर पैरा एकत्रित कर इसे एक महाअभियान बनाये। बीजापुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के गौठान में आजीविका गतिविधि का संचालन किया जा रहा है । इन गतिविधि में से प्रमुख गोबर के माध्यम से वर्मी खाद तैयार किया जाना भी है। जो कि ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका संवर्धन के साथ जैविक खेती की ओर एक सार्थक कदम भी है।

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