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 भारत की अहम कूटनीतिक जीत, एशिया प्रशांत समूह ने किया सुरक्षा परिषद की सदस्यता के लिए समर्थन

भारत की अहम कूटनीतिक जीत, एशिया प्रशांत समूह ने किया सुरक्षा परिषद की सदस्यता के लिए समर्थन

पंद्रह सदस्यीय परिषद में 2021-2022 के कार्यकाल के लिए पांच अस्थायी सदस्यों का चुनाव जून 2020 के आस-पास में होना है।
संयुक्त राष्ट्र। एशिया-प्रशांत समूह (Asia Pacific Group ) ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दो साल की अस्थायी सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी का समर्थन किया है। यह भारत के लिए महत्वपूर्ण कूटनीतिक जीत है 15 सदस्यीय परिषद में 2021-2022 के कार्यकाल के लिए पांच अस्थायी सदस्यों का चुनाव जून 2020 में होना है।

भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने वाले 55 देशों में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, जापान, कुवैत, किर्गिस्तान, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, सीरिया, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और वियतनाम शामिल हैं।

इन सदस्यों का कार्यकाल जनवरी 2021 से शुरू होगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने मंगलवार को ट्वीट किया, 'सर्वसम्मति से लिया गया फैसला। सभी 55 सदस्यों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद।'

महासभा दो साल के कार्यकाल के लिए यूएनएससी के पांच अस्थायी सदस्यों का चुनाव करती है। यूएनएससी के पांच स्थायी सदस्य हैं चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका। अफ्रीका और एशिया के हिस्से में पांच जबकि पूर्वी यूरोप के हिस्से में एक, लातिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों के हिस्से में दो, पश्चिमी यूरोप के हिस्से में दो सीटें हैं।

पहले भी रह चुका है भारत अस्थायी सदस्य

इससे पहले भारत 1950-51, 1967-68, 1972-73, 1977-78, 1984-85, 1991-92 और हाल ही में 2011-12 में यूएनएससी का अस्थायी सदस्य रह चुका है।
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